पंजाब के मोहाली में राज्य के सबसे बड़े वर्किंग वूमेन हॉस्टल का शिलान्यास किया गया। पंजाब की कैबिनेट मंत्री Baljit Kaur ने एक समारोह के दौरान इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि इस हॉस्टल में कामकाजी महिलाएं अपने बच्चों के साथ भी रह सकेंगी, जिससे उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध होगा।
मंत्री ने बताया कि यह हॉस्टल लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा और इसे नौ महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा एक अन्य महिला हॉस्टल भी अगले दो महीनों में तैयार होकर शुरू हो जाएगा।
बलजीत कौर ने कहा कि जिन शहरों में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल की आवश्यकता है, वहां सरकार जरूरत पड़ने पर इमारतें किराये पर लेकर भी यह सुविधा उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को सुरक्षित, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
गौरतलब है कि पंजाब और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में महिलाएं शिक्षा और रोजगार के लिए मोहाली आती हैं। क्षेत्र में कई प्रमुख कंपनियां और संस्थान होने के कारण यहां लंबे समय से वर्किंग वूमेन हॉस्टल की मांग की जा रही थी। निजी पीजी और किराये के कमरों की ऊंची लागत के कारण कई कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकारी हॉस्टल उन्हें सुरक्षित और किफायती आवास का विकल्प उपलब्ध कराएंगे।
मोहाली के इस बड़े महिला हॉस्टल में 350 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी। वहीं, सेक्टर-79 में बनने वाले एक अन्य महिला हॉस्टल प्रोजेक्ट पर 12.57 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना के लिए 60 प्रतिशत धनराशि केंद्र सरकार के निर्भया फंड से और शेष 40 प्रतिशत राशि पंजाब सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
Top Tags