पंजाब में फिर बिजली संकट का खतरा! कोयले की कमी के कारण कई थर्मल प्लांट आधी क्षमता पर

पंजाब में एक बार फिर बिजली संकट के हालात बनते नजर आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से राज्य में बिजली कटों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे घरेलू और इंडस्ट्री सेक्टर प्रभावित हो रहे हैं। इस बीच बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने वीडियो जारी कर बिजली संकट के कारणों के बारे में जानकारी दी है।

बिजली मंत्री के मुताबिक देशभर में कोयले की कमी के कारण पंजाब को घरेलू और इंडस्ट्री सेक्टर में बिजली कट लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि देश में 63 मेगावाट क्षमता वाले थर्मल प्लांट कोयले की कमी से प्रभावित हुए हैं। ज्यादातर निजी बिजली प्लांटों के पास करीब 4 दिन का कोयला स्टॉक बचा है, जिसके कारण वे अपनी क्षमता के लगभग आधे हिस्से पर चल रहे हैं।

तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि नाभा पावर लिमिटेड (राजपुरा) और तलवंडी साबो पावर प्लांट (मानसा) केंद्र सरकार की ओर से सप्लाई किए जाने वाले कोयले पर निर्भर हैं। केंद्र से कोयले की जरूरी सप्लाई नहीं मिलने के कारण दोनों प्लांट इस समय लगभग आधी क्षमता पर ही बिजली उत्पादन कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जिन थर्मल प्लांटों को पंजाब सरकार की ओर से खुद कोयला मुहैया करवाया जा रहा है, उनके पास इस समय करीब 10 दिन का कोयला स्टॉक मौजूद है।

बिजली मंत्री ने केंद्र सरकार से इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि केंद्र को पंजाब समेत देश के लोगों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि कोयले की कमी कब तक दूर होगी, ताकि आम लोगों और उद्योगों को बिना रुकावट बिजली सप्लाई मिल सके।

सौंद के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर पर कोयले की कमी के कारण पंजाब में बिजली उत्पादन में लगभग 1500 मेगावाट की कमी आई है। उन्होंने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए केंद्र सरकार से कोयले की कमी दूर करने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने की अपील की है।

बिजली मंत्री ने कहा कि कोयले की समस्या का जल्द समाधान होना जरूरी है, ताकि पंजाब में घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों को बिना रुकावट बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version