Navjot Kaur Sidhu ने बनाई नई पार्टी, पंजाब की राजनीति में नया मोड़, अगले साल है चुनाव

पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस के पूर्व पंजाब अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है. उन्होंने सोमवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी के गठन की औपचारिक घोषणा कर दी. डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने पोस्ट के साथ एक फोटो भी साझा की, जिसमें नई पार्टी का नाम साफ तौर पर लिखा नजर आ रहा है. उन्होंने इसे बहुप्रतीक्षित घोषणा बताते हुए लिखा कि यह पार्टी देश को एक नया और बेहतर विकल्प देने के उद्देश्य से बनाई गई है.
अपने संदेश में डॉ. नवजोत कौर ने कहा कि हमारी टीम ने मौजूदा राजनीतिक नेताओं के प्रदर्शन का गहराई से अध्ययन और मूल्यांकन किया है. हमारा एकमात्र लक्ष्य देश की सेवा करना है और जनता को वही देना है, जिसकी उन्हें उम्मीद और अधिकार है. यह घोषणा पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रहे आंतरिक कलह और डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के कांग्रेस से अलग होने के बाद आई है. कुछ महीने पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का ऐलान किया था और पार्टी के पंजाब इकाई प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वरिंग पर गंभीर आरोप लगाए थे. उसके बाद कांग्रेस ने उन्हें निलंबित कर दिया और बाद में पार्टी से बाहर कर दिया.

राजनीतिक हलकों में हलचल

 

नई पार्टी की घोषणा के साथ ही राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है. कई नेता और विश्लेषक इसे 2027 में पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले सिद्धू परिवार की नई रणनीति के रूप में देख रहे हैं. खास बात यह रही कि घोषणा के समय उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू उनके साथ नजर नहीं आए. इससे राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. कुछ का मानना है कि नवजोत सिंह सिद्धू फिलहाल सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखना चाहते हैं, जबकि कुछ अन्य इसे रणनीतिक कदम मान रहे हैं. डॉ. नवजोत कौर सिद्धू पेशे से डॉक्टर हैं और 2012 में अमृतसर पूर्व सीट से कांग्रेस विधायक चुनी गई थीं. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में सेवा देते हुए राजनीति में कदम रखा था. सिद्धू दंपति पंजाब की राजनीति में अपनी अलग पहचान रखते हैं.
नवजोत सिंह सिद्धू अपनी तेज बोलचाल और क्रिकेट बैकग्राउंड के कारण हमेशा सुर्खियों में रहते हैं, जबकि उनकी पत्नी डॉ. नवजोत कौर पार्टी संगठन और महिला मुद्दों पर सक्रिय रहीं हैं. भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी का गठन पंजाब में कांग्रेस की मौजूदा कमजोरी, आम आदमी पार्टी की सरकार और भाजपा की बढ़ती सक्रियता के बीच हुआ है. पार्टी का फोकस राष्ट्रवाद और जनता की उम्मीदों पर बताया जा रहा है, लेकिन अभी तक इसके विस्तृत घोषणा-पत्र या संगठनात्मक ढांचे की जानकारी नहीं मिली है. राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि नई पार्टी पंजाब की बहुलता वाली राजनीति में कितना असर डाल पाएगी, यह देखना दिलचस्प होगा.

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