पंजाब में फिर सक्रिय होगा मानसून, 17 सितंबर तक बारिश की संभावना, येलो अलर्ट जारी – Trends Topic

पंजाब में फिर सक्रिय होगा मानसून, 17 सितंबर तक बारिश की संभावना, येलो अलर्ट जारी

पंजाब में आज, 13 सितंबर से मानसून एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से अगले चार दिनों, यानी 17 सितंबर तक राज्य के कई इलाकों में बारिश होने की भविष्यवाणी की गई है। कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है। इसके मद्देनजर मौसम विभाग की ओर से येलो अलर्ट जारी किया गया है।

चंडीगढ़ में भी आज बादल छाए रहने के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान पंजाब के अधिकतम तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, तापमान अभी भी सामान्य से 1.8 डिग्री ज्यादा चल रहा है। भाखड़ा डैम में राज्य का सबसे अधिक तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि चंडीगढ़ में तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

इन जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक आज पंजाब के 16 जिलों में बारिश होने की संभावना है। पठानकोट में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, रोपड़ और मोहाली में हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है।

तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला के कुछ इलाकों में भी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

इससे पहले शनिवार को राज्य में 0.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से पंजाब के कई इलाकों में मानसून सीजन के दौरान रही बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है।

पश्चिमी विक्षोभ के कारण बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी पंजाब और इसके साथ लगते इलाकों में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके अलावा उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू क्षेत्र में मौजूद चक्रवाती परिसंचरण अब उत्तरी पंजाब और आसपास के इलाकों में करीब 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव के कारण पंजाब में बारिश की गतिविधियां बढ़ने और कई इलाकों में बादल छाए रहने की संभावना है।

गर्मी और उमस के कारण बिजली की मांग बढ़ी

इस दौरान पंजाब में गर्मी और उमस का असर भी देखने को मिल रहा है। इस कारण रविवार सुबह 6:30 बजे राज्य में बिजली की मांग 13,083 मेगावाट तक पहुंच गई।

जानकारी के मुताबिक पंजाब का अपना बिजली उत्पादन 4,339 मेगावाट रहा, जबकि ग्रिड से 8,746 मेगावाट बिजली ली जा रही थी। दिन चढ़ने के साथ बिजली की मांग में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।

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