राज्य में डेंगू, मलेरिया और अन्य मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और स्थानीय निकाय मंत्री संजीव अरोड़ा ने राज्य भर के नगर निगम कमिश्नरों और अतिरिक्त उपायुक्तों (जनरल व शहरी विकास) को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने क्षेत्रों में समय पर और व्यापक स्तर पर फॉगिंग अभियान सुनिश्चित किया जाए।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां, जो मच्छरों के जरिए फैलती हैं, सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं। यदि समय रहते इन पर नियंत्रण नहीं किया गया तो यह जानलेवा साबित हो सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अधिकारियों को तुरंत फॉगिंग अभियान शुरू करने के निर्देश दिए।
अरोड़ा ने कहा कि फॉगिंग केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि इसे नियमित और प्रभावी ढंग से चलाया जाए। उन्होंने खास तौर पर यह सुनिश्चित करने को कहा कि यह अभियान पीक सीजन से पहले ही पूरी तरह सक्रिय हो जाए और अक्टूबर तक लगातार जारी रहे, ताकि मच्छरों के प्रजनन और बीमारियों के फैलाव पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
अधिकारियों को स्थिति पर कड़ी नजर रखने के आरोप
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति पर कड़ी नजर रखें और फील्ड स्तर पर चल रही गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग करें। इसके साथ ही सभी संबंधित अधिकारी जल्द से जल्द अपने-अपने क्षेत्रों में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट उनके कार्यालय को सौंपें, ताकि जवाबदेही तय की जा सके और काम में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
सरकार के इस कदम को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हर साल मानसून से पहले और उसके दौरान डेंगू-मलेरिया के मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है, ऐसे में समय रहते फॉगिंग और रोकथाम के उपाय लागू करना बेहद जरूरी होता है।
मंत्री के निर्देशों के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है और विभिन्न शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में फॉगिंग अभियान को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस बार पहले से बेहतर रणनीति और सख्ती के साथ इन बीमारियों पर काबू पाया जा सकेगा।