मोदी सरकार के दबाव में पेपर लीक और E-20 के खिलाफ उठ रही आवाज को दबा रहा मेटा- केजरीवाल

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मेटा इंडिया की ओर से उनके इंस्टाग्राम अकाउंट को भारत में सीमित करने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के दबाव में मेटा पेपर लीक और ई-20 पेट्रोल के खिलाफ उठ रही हर आवाज को दबा रहा है। मेरी तरह ही मोदी सरकार के खिलाफ बोलने वाले बहुत सारे लोगों के अकाउंट को सीमित कर दिया गया है। उन्होंने देश भर के लोगों से अपील करते हुए कहा कि जिनका अकाउंट सीमित किया गया है, वे मुझे डीएम करें या कमेंट में लिखकर भेजे, ताकि हम सब मिलकर मेटा और इंस्टाग्राम पर दबाव डाल सकें कि वह ऐसी बदमाशी न करें और मोदी जी के सामने इस तरह से घुटने न टेकें।

 

अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर एक वीडियो जारी कर कहा कि इंस्टाग्राम वालों ने मुझे नोटिस भेजा है कि मेरे अकाउंट को भारत में सप्रेस और सीमित कर दिया गया है। मैंने वहां फोन करके पता करने की कोशिश की कि ऐसा क्यों किया गया, लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया। मैंने पूछा कि इसे कैसे ठीक कराएं, लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया। मैंने ईमेल भेजा, लेकिन उसका भी कोई जवाब नहीं दिया गया।

 

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर ये लोग मेरे साथ ऐसा कर रहे हैं, तो आम लोगों के साथ पता नहीं क्या कर रहे होंगे। जैसे ही मैंने इस बात को उठाया, बहुत सारे लोगों के मैसेज और फोन आ रहे हैं कि उनका अकाउंट भी सप्रेस कर दिया गया है। पता चला है कि केंद्र सरकार मेटा और इंस्टाग्राम पर दबाव डाल रही है कि जो भी मोदी जी के खिलाफ कुछ बोले, जो एथेनॉल पर कुछ बोले या जो पेपर लीक पर कुछ बोले, उनके अकाउंट को सप्रेस कर दिया जाए।

 

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मेरी सब लोगों से गुजारिश है कि अगर किसी का अकाउंट भी इस तरह से सप्रेस किया जा रहा है या ऐसा लग रहा है, तो मुझे डीएम करके या कमेंट में लिखकर भेजें। मैं एक साथ मिलकर लोगों के मुद्दे को भी उठाऊंगा। सब एक साथ मिलकर मेटा और इंस्टाग्राम को फोर्स करेंगे कि वे इस तरह की बदमाशी न करें और मोदी जी के सामने इस तरह से घुटने न टेकें।

 

अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर मेटा और मेटा इंडिया को टैग करते हुए पूछा कि आपने मेरा अकाउंट क्यों रिस्ट्रिक्ट कर दिया है? भारत स्थित मेटा के दफ्तर में मौखिक पूछताछ से पता चला है कि मेरा अकाउंट भारत में रिस्ट्रिक्ट कर दिया गया है और भारत में उपलब्ध नहीं है। आखिर ऐसा क्यों किया गया है? मेटा के दफ्तर में कोई भी इसका कारण नहीं बता रहा है और न ही कोई यह बता रहा है कि यह रिस्ट्रिक्शन कैसे हटाया जा सकता है। भेजे गए सभी ईमेल का रूटीन एकनॉलेजमेंट के अलावा कोई जवाब नहीं मिला है। यह बहुत ही खराब सर्विस है। उन्होंने मेटा से कहा कि मेटा, हमारे प्रधानमंत्री के सामने इतना न झुके, वरना वे भारत में मेटा को केवल अपना ही अकाउंट चलाने की अनुमति देंगे।

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