शादी और त्योहारों के सीजन में सोने-चांदी के गहने खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए सर्राफा बाजार से राहत की खबर सामने आई है। पिछले कुछ दिनों से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इस दौरान दोनों कीमती धातुओं के दाम में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, आज के कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं हुआ, लेकिन पिछले 10 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो दोनों धातुएं काफी सस्ती हो चुकी हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 10 दिनों में 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 5,840 रुपये तक गिर गई है। वहीं, आभूषण बनाने में इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने के दाम में भी प्रति 10 ग्राम 5,050 रुपये की कमी आई है। कीमतों में आई इस गिरावट से उन लोगों को राहत मिल सकती है, जो शादी-विवाह या त्योहारों के लिए सोने के गहने खरीदने की तैयारी कर रहे हैं।
चांदी की कीमत में भी भारी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी नरमी देखने को मिली है। पिछले 10 दिनों के दौरान एक किलो चांदी का भाव करीब 25,000 रुपये तक गिर चुका है। बाजार में औद्योगिक मांग की सुस्ती और निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली के लिए की गई बिकवाली को इस गिरावट के प्रमुख कारणों में शामिल माना जा रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, 23 अक्टूबर को चांदी की कीमत में 5,000 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद लगातार पांच दिनों तक कीमतें स्थिर रहीं। फिर 29 से 31 अक्टूबर के बीच महज तीन दिनों में चांदी का भाव 20,000 रुपये प्रति किलो और नीचे आ गया।
फिलहाल, दिल्ली के सर्राफा बाजार में एक किलो चांदी की कीमत 2,00,000 रुपये के स्तर पर बताई जा रही है। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे अन्य प्रमुख शहरों में भी चांदी का भाव इसी स्तर के आसपास बताया जा रहा है।
आखिर क्यों गिर रही हैं सोने-चांदी की कीमतें?
सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण बताए जा रहे हैं। भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का असर कीमती धातुओं के बाजार पर पड़ रहा है। इसके अलावा, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों और ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी को भी कीमतों में गिरावट की एक वजह माना जा रहा है।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने सितंबर महीने में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की थी। अक्टूबर की नीतिगत समीक्षा के दौरान दरों को स्थिर रखा गया, लेकिन भविष्य में बढ़ोतरी की संभावना के संकेत दिए गए। दूसरी ओर, भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से भी अक्टूबर की शुरुआत में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी किए जाने की जानकारी दी गई है।
आमतौर पर जब ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ती है, तो निवेशक सोने जैसी कीमती धातुओं के बजाय दूसरे निवेश विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं। इससे सोने की मांग पर दबाव पड़ता है और कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है।
खरीदारी करने वालों को मिली राहत
सोने और चांदी की कीमतों में आई नरमी से त्योहारों और शादी-विवाह के लिए खरीदारी करने वाले लोगों को राहत मिली है। हालांकि, बाजार में कीमतों का उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में खरीदारी करने से पहले स्थानीय सर्राफा बाजार में ताजा भाव की जानकारी लेना जरूरी है। सोने और चांदी की कीमतें शहर, बाजार और कारोबार के समय के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।