Khalsa ने महाराजा रणजीत सिंह की गद्दी और कोहिनूर हीरे को भारत वापस न लेकर आने की सलह दी

अमृतसर पहुंचे फरीदकोट के सांसद सरबजीत सिंह Khalsa ने दोहराया कि पंजाब में एक नई सिख राजनीतिक पार्टी बनाई जाएगी, लेकिन यह राजनीतिक पार्टी सांसद अमृतपाल सिंह के जेल से बाहर आने के बाद ही बनेगी.

वह आज यहां श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने आये थे। दिवंगत अकाली नेता मोहन सिंह तूर की बरसी में शामिल होने पहुंचे सरबजीत सिंह खालसा ने कहा कि सांसद और अमृतपाल सिंह की रिहाई के बाद पंजाब में एक नई सिख राजनीतिक पार्टी का गठन किया जाएगा |शिरोमणि कमेटी चुनाव के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में 8 अगस्त को केंद्रीय मंत्री से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार शिरोमणि कमेटी का चुनाव लड़ा जाएगा।

जब पत्रकारों ने उनसे कोहिनूर हीरा और महाराजा रणजीत सिंह की कार को भारत लाने के बारे में सवाल किया तो उन्होंने कहा, ‘कोह-ए-नूर को अभी भारत नहीं आना चाहिए।’ खालसा ने महाराजा रणजीत सिंह की गद्दी और कोहिनूर हीरे को भारत वापस न लाने की सलाह दी है |

उन्होंने कहा कि अगर ये चीजें वापस भी आ गईं तो किसके साथ रहेंगी? अंत में उन्होंने कहा कि ‘या तो शिरोमणि कमेटी इन चीजों को वापस लाए| ‘

आपको बता दें कि भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार में बताया गया है कि, ”महाराजा रणजीत सिंह दिवाली, दशहरा और प्रमुख त्योहारों के मौके पर कोहिनूर को अपनी बांह में बांध कर रखते थे. जब भी कोई ब्रिटिश अधिकारी उनके दरबार में आता था तो उसे विशेष रूप से यह हीरा दिखाया जाता था। जब भी वह मुल्तान, पेशावर या अन्य शहरों के दौरे पर जाते थे, कोहिनूर उनके साथ जाते थे।”

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