होर्मुज की खाड़ी से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान और अमेरिका के बीच आज खत्म हो रहे सीजफायर के बीच ईरान ने एक कार्गो जहाज पर हमला बोल दिया है। आज सुबह ईरान के ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने एक कंटेनर जहाज पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब कुछ ही घंटों पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर बढ़ाने का ऐलान किया था। मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है।
बिना चेतावनी दिए बोला हमला
ब्रिटिश सेना के United Kingdom Maritime Trade Operations (UKMTO) केंद्र के अनुसार, यह हमला बुधवार सुबह करीब 7:55 बजे हुआ। ईरानी बंदूकधारी नाव ने जहाज को रुकने या रेडियो पर कोई चेतावनी दिए बिना ही फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग की वजह से कंटेनर जहाज को नुकसान पहुंचा है, हालांकि राहत की बात यह है कि चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। हमले से किसी तरह के तेल रिसाव या पर्यावरणीय नुकसान की खबर नहीं है।
पिछले हमलों का लिया बदला?
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की यह कार्रवाई पिछले कुछ दिनों में अमेरिका द्वारा उठाए गए कदमों का नतीजा हो सकती है। आपको बता दें कि पिछले वीकेंड अमेरिका ने ईरान के एक कंटेनर जहाज को गोलीबारी के बाद जब्त कर लिया था। हिंद महासागर में ईरान के तेल व्यापार से जुड़े एक टैंकर पर भी अमेरिकी बलों ने कब्जा किया था।
इस्लामाबाद वार्ता पर संकट के बादल
पाकिस्तान की मध्यस्थता में जो शांति वार्ता होने वाली थी, वह अब और मुश्किल में पड़ती दिख रही है। ताजा हमले के बाद वार्ता की मेज पर ईरान और अमेरिका का आमने-सामने आना अब और भी अनिश्चित हो गया है। शिपिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि होर्मुज में इस तरह की ‘बिना चेतावनी’ वाली फायरिंग समुद्री व्यापार के लिए बहुत बड़ा खतरा है। कुल मिलाकर एक तरफ ट्रंप शांति प्रस्ताव का इंतजार कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान समंदर में अपनी ताकत दिखाकर यह संदेश दे रहा है कि वह नाकेबंदी को चुपचाप स्वीकार नहीं करेगा।
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