भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप करने से चूक गई। न्यू चंडीगढ़ में खेले गए तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज ने भारत को 5 विकेट से हरा दिया। हालांकि भारत ने सीरीज पर 2-1 से कब्जा कर लिया। भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 351 रन बनाए थे, लेकिन वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप की शानदार नाबाद 162 रनों की पारी ने भारत से जीत छीन ली।
मैच के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टीम की हार के कारणों पर बात की। उन्होंने खराब फील्डिंग और डेथ ओवरों में गेंदबाजी को टीम के लिए बड़ी चिंता बताया। गिल के मुताबिक, पूरी सीरीज के दौरान भारतीय टीम ने करीब 6-7 कैच छोड़े, जो आने वाले विश्व कप से पहले चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि डेथ ओवरों में गेंदबाजी में भी सुधार करने की जरूरत है।
गिल ने कहा कि डेथ ओवरों के दौरान कई बार टीम इस बात को लेकर पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी कि उसे आक्रामक रणनीति अपनानी है या रक्षात्मक। उनके मुताबिक, जब विरोधी टीम की 5-6 विकेट गिर चुकी हों, तब फील्डिंग सेटिंग और गेंदबाजी की रणनीति को लेकर सही फैसला करना बेहद जरूरी होता है।
भारतीय कप्तान ने माना कि सीरीज में टीम ने कई अच्छी चीजें भी कीं, लेकिन अभी कुछ कमियों पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तीसरा वनडे एक समय भारत के नियंत्रण में था, लेकिन ओस के कारण टीम करीब 4 ओवर पीछे रह गई और वेस्टइंडीज ने आखिरी ओवरों में मैच अपने पक्ष में कर लिया।
इस मुकाबले में खुद सिर्फ 1 रन बनाकर आउट होने पर शुभमन गिल ने कहा कि जल्दी आउट होना हमेशा निराशाजनक होता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि जिस गेंद पर वह आउट हुए, उस पर उन्हें नहीं लगता कि वह इससे ज्यादा कुछ कर सकते थे।
तीसरे वनडे में हार के बावजूद भारत ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम की। अब भारतीय टीम का ध्यान आने वाले वनडे मुकाबलों और विश्व कप की तैयारियों पर रहेगा। फील्डिंग और डेथ ओवरों में गेंदबाजी जैसे पहलू टीम के लिए खास तौर पर अहम होंगे।