जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी, नई लैंड पूलिंग नीति को मंजूरी

मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में संशोधित भूमि पूलिंग नीति (तीसरा संस्करण) को मंजूरी दे दी गई है। सरकार के अनुसार यह नई नीति 1 जुलाई 2026 से पूरे राज्य में लागू होगी। नई नीति का उद्देश्य किसानों और भूमि मालिकों को पहले की तुलना में अधिक लाभ देना तथा योजनाबद्ध शहरी विकास को बढ़ावा देना है।

नई नीति के तहत अब भूमि देने वाले किसानों और भू-स्वामियों को पहले से बड़े आवासीय और व्यावसायिक प्लॉट दिए जाएंगे। साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि विकास कार्य गांवों के समानांतर किए जाएंगे ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

सरकार के अनुसार, मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड यूज़) और आवासीय परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित प्रत्येक एकड़ भूमि के बदले अब 210 वर्ग गज का व्यावसायिक प्लॉट मिलेगा, जबकि पहले यह 200 वर्ग गज था। इसके अलावा 1000 वर्ग गज का आवासीय प्लॉट देने का प्रावधान पहले की तरह बरकरार रखा गया है।

संशोधित नीति के दूसरे प्रावधान के तहत, आवासीय परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि पर अब 1600 वर्ग गज की जगह 1630 वर्ग गज का आवासीय प्लॉट मिलेगा। वहीं वाणिज्यिक परियोजनाओं के लिए भूमि देने वाले किसानों को अब 800 वर्ग गज की बजाय 840 वर्ग गज का व्यावसायिक प्लॉट दिया जाएगा। इन सभी लाभों के लिए भूमि का स्वामित्व कम से कम एक एकड़ होना आवश्यक होगा।

सरकार ने यह भी फैसला किया है कि योजना के तहत पात्र भूमि मालिकों को विशेष आशय पत्र (Letter of Intent) जारी किए जाएंगे। इसके अलावा विकसित प्लॉट के रजिस्ट्रेशन के समय मूल भू-स्वामियों से किसी प्रकार का स्टांप शुल्क नहीं लिया जाएगा, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक राहत मिलेगी।

नई नीति में सड़कों और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि के बदले भी प्लॉट देने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत एक एकड़ भूमि के बदले 200 वर्ग गज, एक से डेढ़ एकड़ तक 300 वर्ग गज और ढाई एकड़ या उससे अधिक भूमि के बदले 500 वर्ग गज का प्लॉट दिया जाएगा।

गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने 14 मई 2025 को भूमि पूलिंग नीति लागू की थी, जिसका कई किसान संगठनों ने विरोध किया था और मामला उच्च न्यायालय तक भी पहुंचा था। किसानों की आपत्तियों के बाद सरकार ने नीति में दो बार संशोधन किया और अब तीसरे संशोधित संस्करण को कैबिनेट की मंजूरी दी गई है।

सरकार का दावा है कि नई भूमि पूलिंग नीति से किसानों के हितों की बेहतर सुरक्षा होगी, उन्हें पहले से अधिक लाभ मिलेगा और राज्य में योजनाबद्ध शहरी विकास को नई गति मिलेगी।

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