अकाली दल “वारिस पंजाब दे” के वरिष्ठ नेता और दाखा से विधायक सरदार मनप्रीत सिंह इयाली ने नीट पेपर लीक मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत देश के युवाओं की एकता, हिम्मत और दृढ़ संकल्प की जीत है। उन्होंने कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही थी, वहीं दूसरी ओर छात्रों ने डटे रहकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने के लिए मजबूर कर दिया। इयाली ने कहा कि देश की सभी सत्ताधारी और विपक्षी पार्टियों को यह समझ लेना चाहिए कि देश का युवा अब सीमित सोच तक बंधा नहीं है।
सरदार मनप्रीत सिंह इयाली ने पेपर लीक मामले में संघर्ष कर रहे छात्रों की आड़ में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी द्वारा की जा रही राजनीति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दोनों ही पार्टियों के शासनकाल में भी पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं। छात्रों के भविष्य को राजनीतिक हथियार बनाना बेहद निंदनीय है और इसकी वे कड़े शब्दों में आलोचना करते हैं।
उन्होंने दिल्ली की समूची सिख संगत की भी सराहना की, जिसने कठिन परिस्थितियों में छात्रों का मजबूती से साथ दिया। अंत में इयाली ने मांग की कि पेपर लीक, भर्ती घोटालों और ऐसे अन्य मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा और त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष कानून बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी छात्र को ऐसी धोखाधड़ी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनके भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।