पंजाब में आतंकी मॉड्यूल बेनकाब, दो गिरफ्तार; 5 हैंड ग्रेनेड व दो IED मिले, टाइम बम बनाने की थी तैयारी

पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। अमृतसर ग्रामीण, गुरदासपुर और राज्य विशेष अभियान इकाई अमृतसर ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस नेटवर्क को बेनकाब किया। इस दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो एक विदेशी संचालक के इशारे पर काम कर रहे थे।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह मॉड्यूल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के समर्थन से सक्रिय था और इसका संबंध बब्बर खालसा से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। यह नेटवर्क प्रदेश में शांति और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने के उद्देश्य से बड़े हमलों की तैयारी कर रहा था।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि इस कार्रवाई में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान आकाश मसीह और जबलाउन निवासी गांव दूलानंगल, थाना घुम्मण कलां के रूप में हुई है। दोनों आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं।

जिला पुलिस प्रमुख आदित्य के अनुसार, विशेष जांच के दौरान टी प्वाइंट जोगोवाल बेदियां पर पुलिस टीम ने दो संदिग्ध युवकों को मोटरसाइकिल पर आते देखा। पुलिस को देखकर उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन तुरंत घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया।

जानें क्या-क्या मिला

बरामद सामान में पांच हैंड ग्रेनेड, दो विशेष प्रकार के डेटोनेटर (IED), समय नियंत्रित यंत्र, कोडिंग और डिकोडिंग उपकरण, नौ वोल्ट बैटरी, करीब एक किलोग्राम उच्च विस्फोटक सामग्री जिसमें कीलें भरी हुई थीं, तथा एक संचार उपकरण शामिल है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन सामग्रियों का उपयोग बड़े और प्रभावशाली हमले के लिए किया जाना था। स्पष्ट है कि इससे टाइम बम तैयार किया जाना था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों द्वारा तैयार किया जा रहा विस्फोटक उपकरण भी बरामद किया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि उनकी योजना किसी भी समय हमले को अंजाम देने की थी। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया गया है।

मामला दर्ज कर जांच शुरू

इस मामले में गुरदासपुर जिले के कलानौर थाना में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि उनके आगे और पीछे के संपर्कों का पता लगाया जा सके।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और उन्हें स्थानीय स्तर पर किस प्रकार का सहयोग मिल रहा था। साथ ही विदेशी संचालकों के साथ उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

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