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	<title>TrendingNews &#8211; Trends Topic</title>
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	<title>TrendingNews &#8211; Trends Topic</title>
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		<title>West Indies series के लिए भारत की वनडे और T20 टीम का ऐलान, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर संभालेंगे कप्तानी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 17 Sep 2026 12:31:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे और टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने तीन वनडे और पांच टी-20 मैचों के लिए खिलाड़ियों का चयन किया है। वनडे सीरीज की शुरुआत 27 सितंबर से तिरुवनंतपुरम में होगी, जबकि पांच मैचों की टी-20 सीरीज 6 अक्टूबर से लखनऊ में शुरू होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">वनडे टीम की कप्तानी एक बार फिर <strong>शुभमन गिल</strong> को सौंपी गई है। वहीं अनुभवी बल्लेबाज <strong>रोहित शर्मा और विराट कोहली</strong> भी वनडे टीम में शामिल हैं और लंबे समय बाद दोनों को एक साथ मैदान पर देखने का मौका मिलेगा। केएल राहुल को वनडे टीम का उप-कप्तान बनाया गया है और वह विकेटकीपर की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">वनडे टीम में <strong>श्रेयस अय्यर</strong> को शामिल नहीं किया गया है। उनकी जगह रुतुराज गायकवाड़ को टीम में जगह मिली है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को एक बार फिर सीमित ओवरों की टीम में जगह नहीं मिली। वहीं ध्रुव जुरेल को दूसरे विकेटकीपर के तौर पर चुना गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्टार ऑलराउंडर <strong>हार्दिक पंड्या</strong> भी इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। हार्दिक ने IPL 2026 में लगी चोट के बाद अभी तक कोई प्रतिस्पर्धी मुकाबला नहीं खेला है। बताया जा रहा है कि उनकी फिटनेस का आकलन किया जाएगा और गेंदबाजी फिटनेस साबित करने के बाद ही आगे राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी पर फैसला हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अनुभवी ऑलराउंडर <strong>रविंद्र जडेजा</strong> की वनडे टीम में वापसी हुई है। उन्होंने आखिरी बार जनवरी 2026 में भारत के लिए वनडे मुकाबला खेला था। वहीं यशस्वी जायसवाल को भी वनडे टीम में वापस बुलाया गया है। चयनकर्ताओं ने आकीब नबी और नमन धीर को भी वनडे टीम में जगह दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अब बात करें टी-20 टीम की तो इसकी कप्तानी <strong>श्रेयस अय्यर</strong> को सौंपी गई है। टीम में अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, संजू सैमसन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। तिलक वर्मा को उप-कप्तान बनाया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">टी-20 टीम में स्पिनर <strong>कुलदीप यादव</strong> और तेज गेंदबाज <strong>मयंक यादव</strong> की भी वापसी हुई है। मयंक ने हाल में चोटों के कारण टीम से बाहर रहने के बाद वापसी की है। वहीं नितीश कुमार रेड्डी को भी टी-20 टीम में शामिल किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">एशियन गेम्स से जुड़े चयन में भी बदलाव देखने को मिला है। वरुण चक्रवर्ती को साइड स्ट्रेन के कारण जापान में होने वाले एशियन गेम्स से बाहर किया गया है। उनकी जगह विप्राज निगम को शामिल किया गया है। वहीं मयंक यादव और प्रिंस यादव को भी टीम में जगह मिली है।</p>
वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली इन दोनों सीरीज पर भारतीय क्रिकेट फैंस की नजरें रहेंगी। वनडे में रोहित शर्मा और विराट कोहली की मौजूदगी के साथ युवा खिलाड़ियों को भी मौका दिया गया है, जबकि टी-20 टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण देखने को मिलेगा।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे और टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने तीन वनडे और पांच टी-20 मैचों के लिए खिलाड़ियों का चयन किया है। वनडे सीरीज की शुरुआत 27 सितंबर से तिरुवनंतपुरम में होगी, जबकि पांच मैचों की टी-20 सीरीज 6 अक्टूबर से लखनऊ में शुरू होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">वनडे टीम की कप्तानी एक बार फिर <strong>शुभमन गिल</strong> को सौंपी गई है। वहीं अनुभवी बल्लेबाज <strong>रोहित शर्मा और विराट कोहली</strong> भी वनडे टीम में शामिल हैं और लंबे समय बाद दोनों को एक साथ मैदान पर देखने का मौका मिलेगा। केएल राहुल को वनडे टीम का उप-कप्तान बनाया गया है और वह विकेटकीपर की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।</p>
<p class="isSelectedEnd">वनडे टीम में <strong>श्रेयस अय्यर</strong> को शामिल नहीं किया गया है। उनकी जगह रुतुराज गायकवाड़ को टीम में जगह मिली है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को एक बार फिर सीमित ओवरों की टीम में जगह नहीं मिली। वहीं ध्रुव जुरेल को दूसरे विकेटकीपर के तौर पर चुना गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">स्टार ऑलराउंडर <strong>हार्दिक पंड्या</strong> भी इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। हार्दिक ने IPL 2026 में लगी चोट के बाद अभी तक कोई प्रतिस्पर्धी मुकाबला नहीं खेला है। बताया जा रहा है कि उनकी फिटनेस का आकलन किया जाएगा और गेंदबाजी फिटनेस साबित करने के बाद ही आगे राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी पर फैसला हो सकता है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अनुभवी ऑलराउंडर <strong>रविंद्र जडेजा</strong> की वनडे टीम में वापसी हुई है। उन्होंने आखिरी बार जनवरी 2026 में भारत के लिए वनडे मुकाबला खेला था। वहीं यशस्वी जायसवाल को भी वनडे टीम में वापस बुलाया गया है। चयनकर्ताओं ने आकीब नबी और नमन धीर को भी वनडे टीम में जगह दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">अब बात करें टी-20 टीम की तो इसकी कप्तानी <strong>श्रेयस अय्यर</strong> को सौंपी गई है। टीम में अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, संजू सैमसन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। तिलक वर्मा को उप-कप्तान बनाया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">टी-20 टीम में स्पिनर <strong>कुलदीप यादव</strong> और तेज गेंदबाज <strong>मयंक यादव</strong> की भी वापसी हुई है। मयंक ने हाल में चोटों के कारण टीम से बाहर रहने के बाद वापसी की है। वहीं नितीश कुमार रेड्डी को भी टी-20 टीम में शामिल किया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">एशियन गेम्स से जुड़े चयन में भी बदलाव देखने को मिला है। वरुण चक्रवर्ती को साइड स्ट्रेन के कारण जापान में होने वाले एशियन गेम्स से बाहर किया गया है। उनकी जगह विप्राज निगम को शामिल किया गया है। वहीं मयंक यादव और प्रिंस यादव को भी टीम में जगह मिली है।</p>
वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली इन दोनों सीरीज पर भारतीय क्रिकेट फैंस की नजरें रहेंगी। वनडे में रोहित शर्मा और विराट कोहली की मौजूदगी के साथ युवा खिलाड़ियों को भी मौका दिया गया है, जबकि टी-20 टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण देखने को मिलेगा।]]></content:encoded>
					
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		<title>कनाडा में विदेशी वर्कर्स को बड़ी राहत, Work Permit के नियमों में अहम बदलाव</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 31 Aug 2026 06:48:42 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<div class="flex max-w-full flex-col gap-4 grow">
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<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-start="80" data-end="390">कनाडा में पहले से रह रहे विदेशी कामगारों के लिए राहत की खबर सामने आई है। कनाडा सरकार ने <strong data-start="168" data-end="193">Work Permit Extension</strong> से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया है। नए नियम 21 अगस्त 2026 से लागू किए गए हैं, जिसके तहत पात्र विदेशी वर्कर्स को अपने परमिट से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने के लिए पहले के मुकाबले ज्यादा समय मिलेगा।</p>
<p data-start="392" data-end="769">नई व्यवस्था के तहत, जिन विदेशी कामगारों के नियोक्ता की आवेदन प्रक्रिया अभी जारी है, उनके लिए <strong data-start="485" data-end="528">Grace Period को 60 दिन से बढ़ाकर 90 दिन</strong> कर दिया गया है। यानी अब इमिग्रेशन अधिकारी Work Permit आवेदन पर अंतिम फैसला लेने से पहले 90 दिनों तक इंतजार कर सकेंगे। इससे विदेशी कामगारों को अपने नियोक्ता की ओर से जरूरी सकारात्मक आवेदन जमा करवाने के लिए अतिरिक्त 30 दिनों का समय मिल सकेगा।</p>
<p data-start="771" data-end="976">हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। कामगार का कनाडा में मौजूद होना जरूरी है और उसके मौजूदा Work Permit की अवधि खत्म होने में <strong data-start="932" data-end="960">दो सप्ताह या उससे कम समय</strong> बचा होना चाहिए।</p>
<p data-start="978" data-end="1173">इसके अलावा, संबंधित कामगार के नियोक्ता की ओर से <strong data-start="1026" data-end="1034">ESDC</strong> के पास पूरी आवेदन प्रक्रिया पहले से शुरू की गई होनी चाहिए। इन शर्तों को पूरा करने वाले योग्य वर्कर्स को नए नियमों के तहत राहत मिल सकती है।</p>
<p data-start="1175" data-end="1479">बताया जा रहा है कि इस बदलाव से उन विदेशी कामगारों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जिनका Work Permit खत्म होने वाला होता है और उन्हें नई मंजूरी का इंतजार करना पड़ता है। नए नियमों से पात्र लोगों को अपना मौजूदा इमिग्रेशन स्टेटस बनाए रखते हुए कनाडा में कानूनी रूप से काम जारी रखने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है।</p>
<p data-start="1481" data-end="1749" data-is-last-node="" data-is-only-node="">यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब कई देशों में विदेशी कामगारों और प्रवासियों से जुड़े नियमों को लेकर सख्ती देखने को मिल रही है। कनाडा में पहले से मौजूद पात्र विदेशी वर्कर्स के लिए यह बदलाव Work Permit Extension की प्रक्रिया में कुछ अतिरिक्त राहत देने वाला माना जा रहा है।</p>

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<p data-start="392" data-end="769">नई व्यवस्था के तहत, जिन विदेशी कामगारों के नियोक्ता की आवेदन प्रक्रिया अभी जारी है, उनके लिए <strong data-start="485" data-end="528">Grace Period को 60 दिन से बढ़ाकर 90 दिन</strong> कर दिया गया है। यानी अब इमिग्रेशन अधिकारी Work Permit आवेदन पर अंतिम फैसला लेने से पहले 90 दिनों तक इंतजार कर सकेंगे। इससे विदेशी कामगारों को अपने नियोक्ता की ओर से जरूरी सकारात्मक आवेदन जमा करवाने के लिए अतिरिक्त 30 दिनों का समय मिल सकेगा।</p>
<p data-start="771" data-end="976">हालांकि, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। कामगार का कनाडा में मौजूद होना जरूरी है और उसके मौजूदा Work Permit की अवधि खत्म होने में <strong data-start="932" data-end="960">दो सप्ताह या उससे कम समय</strong> बचा होना चाहिए।</p>
<p data-start="978" data-end="1173">इसके अलावा, संबंधित कामगार के नियोक्ता की ओर से <strong data-start="1026" data-end="1034">ESDC</strong> के पास पूरी आवेदन प्रक्रिया पहले से शुरू की गई होनी चाहिए। इन शर्तों को पूरा करने वाले योग्य वर्कर्स को नए नियमों के तहत राहत मिल सकती है।</p>
<p data-start="1175" data-end="1479">बताया जा रहा है कि इस बदलाव से उन विदेशी कामगारों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जिनका Work Permit खत्म होने वाला होता है और उन्हें नई मंजूरी का इंतजार करना पड़ता है। नए नियमों से पात्र लोगों को अपना मौजूदा इमिग्रेशन स्टेटस बनाए रखते हुए कनाडा में कानूनी रूप से काम जारी रखने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है।</p>
<p data-start="1481" data-end="1749" data-is-last-node="" data-is-only-node="">यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब कई देशों में विदेशी कामगारों और प्रवासियों से जुड़े नियमों को लेकर सख्ती देखने को मिल रही है। कनाडा में पहले से मौजूद पात्र विदेशी वर्कर्स के लिए यह बदलाव Work Permit Extension की प्रक्रिया में कुछ अतिरिक्त राहत देने वाला माना जा रहा है।</p>

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		<title>यूक्रेनी ड्रोन हमलों का असर! रूस को अब भारत से मंगाना पड़ रहा पेट्रोल</title>
		<link>https://trendstopic.in/impact-of-ukrainian-drone-attacks-russia-now-having-to-import-petrol-from-india/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 30 Aug 2026 11:44:14 +0000</pubDate>
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<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-start="75" data-end="471">यूक्रेन की ओर से रूस की तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर किए जा रहे ड्रोन हमलों का असर अब रूस के घरेलू ईंधन बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। इन हमलों के कारण रूस की कई रिफाइनरियां प्रभावित हुई हैं, जिससे पेट्रोल का घरेलू उत्पादन कम हुआ है। हालात ऐसे बने हैं कि दुनिया के बड़े कच्चे तेल निर्यातकों में शामिल रूस को अपनी घरेलू जरूरतें पूरी करने के लिए विदेशों से पेट्रोल आयात करना पड़ रहा है।</p>
<p data-start="473" data-end="832">ऊर्जा बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में रूस का समुद्री रास्ते से पेट्रोल आयात बढ़कर करीब <strong data-start="567" data-end="593">1.25 लाख बैरल प्रतिदिन</strong> के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। पूरे अगस्त महीने में पेट्रोल आयात लगभग <strong data-start="663" data-end="678">4.70 लाख टन</strong> रहने का अनुमान लगाया गया है। रूस के लिए यह स्थिति इसलिए भी अहम है क्योंकि वह लंबे समय से दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल रहा है।</p>
<p data-start="834" data-end="1214">इस बीच <strong data-start="841" data-end="915">भारत रूस को पेट्रोल सप्लाई करने वाले प्रमुख देशों में शामिल हो गया है।</strong> रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय रिफाइनरियों ने पिछले दो महीनों में रूस को करीब <strong data-start="992" data-end="1015">10 लाख बैरल पेट्रोल</strong> भेजा है। इसमें गुजरात की <strong data-start="1041" data-end="1061">वाडीनार रिफाइनरी</strong> की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। यह रिफाइनरी नायरा एनर्जी द्वारा संचालित है, जिसमें रूस की सरकारी तेल कंपनी रोसनेफ्ट की करीब 50 फीसदी हिस्सेदारी है।</p>
<p data-start="1216" data-end="1538">दरअसल, साल 2022 से भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीद रहा है। रूसी क्रूड ऑयल को भारत की रिफाइनरियों में प्रोसेस करके पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन तैयार किए जाते हैं। जून और जुलाई के दौरान भारत ने रूस से रोजाना <strong data-start="1431" data-end="1466">26 लाख बैरल से ज्यादा कच्चा तेल</strong> खरीदा। यह फरवरी के करीब 10 लाख बैरल प्रतिदिन के मुकाबले काफी ज्यादा है।</p>
<p data-start="1540" data-end="1808">इसी वजह से यह संभावना भी जताई जा रही है कि रूस को भारत से भेजे गए कुछ पेट्रोल के उत्पादन में रूसी कच्चे तेल का इस्तेमाल हुआ हो सकता है। यानी एक तरफ रूस भारत को बड़ी मात्रा में कच्चा तेल बेच रहा है, वहीं दूसरी तरफ अब भारत से तैयार पेट्रोल खरीदने की स्थिति भी बन रही है।</p>
<p data-start="1810" data-end="2100">रूस के पेट्रोल उत्पादन पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों का बड़ा असर पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक समय घरेलू पेट्रोल उत्पादन में करीब <strong data-start="1937" data-end="1959">70 फीसदी तक की कमी</strong> आई थी। इसके चलते रूस के कुछ इलाकों में ईंधन की कमी की स्थिति पैदा हुई और सरकार को घरेलू बाजार में सप्लाई बनाए रखने के लिए कई कदम उठाने पड़े।</p>
<p data-start="2102" data-end="2333">घरेलू बाजार में पेट्रोल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए रूस ने पेट्रोल की बिक्री और निर्यात पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। पेट्रोल निर्यात पर लगी पाबंदी को <strong data-start="2249" data-end="2273">जनवरी 2027 के अंत तक</strong> बढ़ाया गया है, जबकि डीजल के निर्यात पर भी प्रतिबंध जारी है।</p>
<p data-start="2335" data-end="2599">भारत के अलावा <strong data-start="2349" data-end="2370">तुर्की और मोरक्को</strong> भी अगस्त में रूस को पेट्रोल सप्लाई करने वाले देशों में शामिल रहे। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि यूक्रेन-रूस युद्ध का असर अब सिर्फ युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक ऊर्जा और ईंधन व्यापार पर भी पड़ रहा है।</p>
<p data-start="2601" data-end="2907" data-is-last-node="" data-is-only-node="">रूस जैसे बड़े तेल निर्यातक देश का पेट्रोल आयात करने पर मजबूर होना वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में अगर रूसी रिफाइनरियों पर ड्रोन हमले जारी रहते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल और अन्य ईंधनों की सप्लाई तथा कीमतों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।</p>

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<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-start="75" data-end="471">यूक्रेन की ओर से रूस की तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर किए जा रहे ड्रोन हमलों का असर अब रूस के घरेलू ईंधन बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। इन हमलों के कारण रूस की कई रिफाइनरियां प्रभावित हुई हैं, जिससे पेट्रोल का घरेलू उत्पादन कम हुआ है। हालात ऐसे बने हैं कि दुनिया के बड़े कच्चे तेल निर्यातकों में शामिल रूस को अपनी घरेलू जरूरतें पूरी करने के लिए विदेशों से पेट्रोल आयात करना पड़ रहा है।</p>
<p data-start="473" data-end="832">ऊर्जा बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में रूस का समुद्री रास्ते से पेट्रोल आयात बढ़कर करीब <strong data-start="567" data-end="593">1.25 लाख बैरल प्रतिदिन</strong> के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। पूरे अगस्त महीने में पेट्रोल आयात लगभग <strong data-start="663" data-end="678">4.70 लाख टन</strong> रहने का अनुमान लगाया गया है। रूस के लिए यह स्थिति इसलिए भी अहम है क्योंकि वह लंबे समय से दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल रहा है।</p>
<p data-start="834" data-end="1214">इस बीच <strong data-start="841" data-end="915">भारत रूस को पेट्रोल सप्लाई करने वाले प्रमुख देशों में शामिल हो गया है।</strong> रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय रिफाइनरियों ने पिछले दो महीनों में रूस को करीब <strong data-start="992" data-end="1015">10 लाख बैरल पेट्रोल</strong> भेजा है। इसमें गुजरात की <strong data-start="1041" data-end="1061">वाडीनार रिफाइनरी</strong> की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। यह रिफाइनरी नायरा एनर्जी द्वारा संचालित है, जिसमें रूस की सरकारी तेल कंपनी रोसनेफ्ट की करीब 50 फीसदी हिस्सेदारी है।</p>
<p data-start="1216" data-end="1538">दरअसल, साल 2022 से भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीद रहा है। रूसी क्रूड ऑयल को भारत की रिफाइनरियों में प्रोसेस करके पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन तैयार किए जाते हैं। जून और जुलाई के दौरान भारत ने रूस से रोजाना <strong data-start="1431" data-end="1466">26 लाख बैरल से ज्यादा कच्चा तेल</strong> खरीदा। यह फरवरी के करीब 10 लाख बैरल प्रतिदिन के मुकाबले काफी ज्यादा है।</p>
<p data-start="1540" data-end="1808">इसी वजह से यह संभावना भी जताई जा रही है कि रूस को भारत से भेजे गए कुछ पेट्रोल के उत्पादन में रूसी कच्चे तेल का इस्तेमाल हुआ हो सकता है। यानी एक तरफ रूस भारत को बड़ी मात्रा में कच्चा तेल बेच रहा है, वहीं दूसरी तरफ अब भारत से तैयार पेट्रोल खरीदने की स्थिति भी बन रही है।</p>
<p data-start="1810" data-end="2100">रूस के पेट्रोल उत्पादन पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों का बड़ा असर पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक समय घरेलू पेट्रोल उत्पादन में करीब <strong data-start="1937" data-end="1959">70 फीसदी तक की कमी</strong> आई थी। इसके चलते रूस के कुछ इलाकों में ईंधन की कमी की स्थिति पैदा हुई और सरकार को घरेलू बाजार में सप्लाई बनाए रखने के लिए कई कदम उठाने पड़े।</p>
<p data-start="2102" data-end="2333">घरेलू बाजार में पेट्रोल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए रूस ने पेट्रोल की बिक्री और निर्यात पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। पेट्रोल निर्यात पर लगी पाबंदी को <strong data-start="2249" data-end="2273">जनवरी 2027 के अंत तक</strong> बढ़ाया गया है, जबकि डीजल के निर्यात पर भी प्रतिबंध जारी है।</p>
<p data-start="2335" data-end="2599">भारत के अलावा <strong data-start="2349" data-end="2370">तुर्की और मोरक्को</strong> भी अगस्त में रूस को पेट्रोल सप्लाई करने वाले देशों में शामिल रहे। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि यूक्रेन-रूस युद्ध का असर अब सिर्फ युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक ऊर्जा और ईंधन व्यापार पर भी पड़ रहा है।</p>
<p data-start="2601" data-end="2907" data-is-last-node="" data-is-only-node="">रूस जैसे बड़े तेल निर्यातक देश का पेट्रोल आयात करने पर मजबूर होना वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में अगर रूसी रिफाइनरियों पर ड्रोन हमले जारी रहते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल और अन्य ईंधनों की सप्लाई तथा कीमतों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।</p>

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		<title>भगवंत मान सरकार द्वारा पंजाब में सभी गारबेज वल्नरेबल प्वाइंट्स खत्म करने के लिए 10 दिवसीय विशेष सफाई अभियान शुरू किया जाएगा: हरजोत सिंह बैंस</title>
		<link>https://trendstopic.in/bhagwant-mann-government-to-launch-10-day-special-cleaning-campaign-to-eliminate-all-garbage-vulnerable-points-in-punjab-harjot-singh-bains/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 28 Aug 2026 06:10:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAPPunjab]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[TrendingNews]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब को कूड़ा-कचरा मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए स्थानीय निकाय मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने आज राज्यभर में सभी गारबेज वल्नरेबल प्वाइंट्स (जी.वी.पी.) को खत्म करने के लिए 29 अगस्त से 7 सितंबर तक 10 दिनों का विशेष सफाई अभियान चलाने की घोषणा की है।

&nbsp;

आज यहां पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए स. हरजोत बैंस ने कहा कि यह 10 दिवसीय अभियान मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की ‘मिशन क्लीन पंजाब’ पहल को और गति प्रदान करेगा। इसके तहत वरिष्ठ अधिकारी पहले से ही प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 8 बजे तक जमीनी स्तर पर निरीक्षण कर रहे हैं।

स. बैंस ने कहा, “पंजाब हमारे गुरुओं और संतों की पवित्र धरती है और इसके कण-कण में आध्यात्मिकता समाई हुई है। इसे स्वच्छ, सुंदर और साफ-सुथरा बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अभियान में सभी विधायक, डिप्टी कमिश्नर, नगर निगम कमिश्नर, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर, ई.ओ. और गैर-सरकारी संगठन हिस्सा लेंगे।”

&nbsp;

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की ‘एम-सेवा’ ऐप के माध्यम से नागरिक भी अपने क्षेत्रों में जी.वी.पी. की तस्वीरें अपलोड करके इस अभियान में सहभागी बन सकते हैं। प्रत्येक शिकायत के लिए एक अलग आई.डी. तैयार होगी, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायत को ट्रैक कर सकेंगे और संबंधित स्थान की सफाई सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

&nbsp;

स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रत्येक शहर और कस्बे में कूड़ा-कचरा जमा होने वाले स्थानों की पूर्ण सफाई पर केंद्रित होगा। उन्होंने बताया कि अमृतसर जैसे बड़े शहरों में 600 और पटियाला में लगभग 450 जी.वी.पी. की पहचान की गई है। स. बैंस ने कहा, “अगले 10 दिनों के दौरान सभी विधायक और अधिकारी जी.वी.पी. खत्म करने के लिए हर दिन सुबह जमीनी स्तर पर निरीक्षण करेंगे। मैं स्वयं भी फील्ड में मौजूद रहूंगा।”

&nbsp;

स. हरजोत बैंस ने नागरिकों को इस मिशन से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि यह महज सरकारी अभियान नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन है। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के सम्मान पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है कि हमारे गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण उनके प्रयास व्यर्थ न जाएं।

&nbsp;

उन्होंने अमृतसर में सफाई अभियान के दौरान देर रात किए गए निरीक्षण का उल्लेख करते हुए सफाई सेवकों के सम्मान पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सफाई सेवक किसी क्षेत्र को पूरी तरह साफ कर देते हैं, लेकिन कुछ समय बाद वहां फिर से कूड़ा फेंक दिया जाता है। स. बैंस ने कहा, “हमें अपने सफाई सेवकों का समर्थन करना चाहिए। यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है कि हमारे गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण उनके प्रयास व्यर्थ न जाएं।”

&nbsp;

मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने लोगों से एम-सेवा ऐप डाउनलोड करने, अपने क्षेत्रों में गारबेज वल्नरेबल प्वाइंट्स की तस्वीरें अपलोड करने तथा सफाई अभियान की निगरानी के लिए प्रत्येक शिकायत के लिए तैयार की गई विशिष्ट आई.डी. का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने नागरिकों से अपने आसपास के क्षेत्रों और मोहल्लों में सफाई गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने तथा इस अभियान को जन आंदोलन बनाने का भी आह्वान किया।

उन्होंने कहा, “पूरे अभियान की एक समर्पित व्यवस्था के माध्यम से निगरानी की जाएगी। प्रत्येक नगर निगम और नगर परिषद में विशेष टीमों का गठन किया जाएगा, ताकि चिन्हित किए गए प्वाइंट्स का प्रभावी और समयबद्ध तरीके से निपटारा सुनिश्चित किया जा सके।”]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब को कूड़ा-कचरा मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए स्थानीय निकाय मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने आज राज्यभर में सभी गारबेज वल्नरेबल प्वाइंट्स (जी.वी.पी.) को खत्म करने के लिए 29 अगस्त से 7 सितंबर तक 10 दिनों का विशेष सफाई अभियान चलाने की घोषणा की है।

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आज यहां पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए स. हरजोत बैंस ने कहा कि यह 10 दिवसीय अभियान मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की ‘मिशन क्लीन पंजाब’ पहल को और गति प्रदान करेगा। इसके तहत वरिष्ठ अधिकारी पहले से ही प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 8 बजे तक जमीनी स्तर पर निरीक्षण कर रहे हैं।

स. बैंस ने कहा, “पंजाब हमारे गुरुओं और संतों की पवित्र धरती है और इसके कण-कण में आध्यात्मिकता समाई हुई है। इसे स्वच्छ, सुंदर और साफ-सुथरा बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अभियान में सभी विधायक, डिप्टी कमिश्नर, नगर निगम कमिश्नर, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर, ई.ओ. और गैर-सरकारी संगठन हिस्सा लेंगे।”

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उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की ‘एम-सेवा’ ऐप के माध्यम से नागरिक भी अपने क्षेत्रों में जी.वी.पी. की तस्वीरें अपलोड करके इस अभियान में सहभागी बन सकते हैं। प्रत्येक शिकायत के लिए एक अलग आई.डी. तैयार होगी, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायत को ट्रैक कर सकेंगे और संबंधित स्थान की सफाई सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

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स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रत्येक शहर और कस्बे में कूड़ा-कचरा जमा होने वाले स्थानों की पूर्ण सफाई पर केंद्रित होगा। उन्होंने बताया कि अमृतसर जैसे बड़े शहरों में 600 और पटियाला में लगभग 450 जी.वी.पी. की पहचान की गई है। स. बैंस ने कहा, “अगले 10 दिनों के दौरान सभी विधायक और अधिकारी जी.वी.पी. खत्म करने के लिए हर दिन सुबह जमीनी स्तर पर निरीक्षण करेंगे। मैं स्वयं भी फील्ड में मौजूद रहूंगा।”

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स. हरजोत बैंस ने नागरिकों को इस मिशन से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि यह महज सरकारी अभियान नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन है। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के सम्मान पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है कि हमारे गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण उनके प्रयास व्यर्थ न जाएं।

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उन्होंने अमृतसर में सफाई अभियान के दौरान देर रात किए गए निरीक्षण का उल्लेख करते हुए सफाई सेवकों के सम्मान पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सफाई सेवक किसी क्षेत्र को पूरी तरह साफ कर देते हैं, लेकिन कुछ समय बाद वहां फिर से कूड़ा फेंक दिया जाता है। स. बैंस ने कहा, “हमें अपने सफाई सेवकों का समर्थन करना चाहिए। यह सुनिश्चित करना हमारा कर्तव्य है कि हमारे गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण उनके प्रयास व्यर्थ न जाएं।”

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मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने लोगों से एम-सेवा ऐप डाउनलोड करने, अपने क्षेत्रों में गारबेज वल्नरेबल प्वाइंट्स की तस्वीरें अपलोड करने तथा सफाई अभियान की निगरानी के लिए प्रत्येक शिकायत के लिए तैयार की गई विशिष्ट आई.डी. का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने नागरिकों से अपने आसपास के क्षेत्रों और मोहल्लों में सफाई गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने तथा इस अभियान को जन आंदोलन बनाने का भी आह्वान किया।

उन्होंने कहा, “पूरे अभियान की एक समर्पित व्यवस्था के माध्यम से निगरानी की जाएगी। प्रत्येक नगर निगम और नगर परिषद में विशेष टीमों का गठन किया जाएगा, ताकि चिन्हित किए गए प्वाइंट्स का प्रभावी और समयबद्ध तरीके से निपटारा सुनिश्चित किया जा सके।”]]></content:encoded>
					
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		<title>तीज के मेले से भी बड़ा होगा 2027 में भगवंत मान के पक्ष में महिलाओं का जनसमर्थन।</title>
		<link>https://trendstopic.in/womens-public-support-for-bhagwant-mann-in-2027-will-be-bigger-than-the-teej-festival/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Aug 2026 05:35:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAP Government]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[TrendingNews]]></category>
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					<description><![CDATA[<span lang="HI">पटियाला में तीज के त्योहार के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने मुख्यमंत्री स. भगवंत मान की धर्मपत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान तथा पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन श्रीमती राज लाली गिल का पटियाला ग्रामीण में पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया। समारोह में बड़ी संख्या में महिलाओं और क्षेत्रवासियों ने शिरकत कर तीज मेले की रौनक बढ़ाई।</span>

&nbsp;

<span lang="HI">डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने संबोधित करते हुए कहा कि तीज का त्योहार पंजाबी महिलाओं के लिए खुशी</span><span lang="EN-US">, </span><span lang="HI">मिलन</span><span lang="EN-US">, </span><span lang="HI">आपसी भाईचारे और प्रेम का संदेश लेकर आता है। यह पंजाबी संस्कृति और पारंपरिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है</span><span lang="EN-US">, </span><span lang="HI">जो नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार द्वारा गांव-गांव और शहर-शहर तीज के मेले आयोजित किए जा रहे हैं</span><span lang="EN-US">, </span><span lang="HI">ताकि पंजाबी विरासत की परंपराओं को और मजबूत किया जा सके।</span>

&nbsp;

<span lang="HI">उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने लोगों से किए वादों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना</span><span lang="EN-US">, </span><span lang="HI">मोहल्ला क्लीनिक और मावां-धियां सत्कार योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं को लोगों की ओर से भरपूर समर्थन मिल रहा है।</span>

&nbsp;

<span lang="HI">डॉ. मान ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि इतने बड़े जनसमूह को सुचारू रूप से संभालना सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि समारोह में पहुंचने वाली माताओं और बेटियों की सुविधाओं एवं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है।</span>

&nbsp;

<span lang="HI">इस अवसर पर भारी जनसमूह को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा</span><span lang="EN-US">, “</span><span lang="HI">यही है मान सरकार के रंगले पंजाब की तस्वीर—पंजाबी विरासत के रंग</span><span lang="EN-US">, </span><span lang="HI">बेटियों-बहनों का सम्मान और लोगों की खुशी।” उन्होंने कहा कि ऐसे समारोह पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने और युवा पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण हैं।</span>

&nbsp;

<span lang="HI">समारोह के दौरान तीज के पारंपरिक रंग</span><span lang="EN-US">, </span><span lang="HI">सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने माहौल को खुशनुमा बना दिया। इस अवसर पर महिलाओं को पंजाबी संस्कृति की प्रतीक फुलकारियां भी वितरित की गईं</span><span lang="EN-US">, </span><span lang="HI">जिससे महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।</span>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<span lang="HI">पटियाला में तीज के त्योहार के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने मुख्यमंत्री स. भगवंत मान की धर्मपत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान तथा पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन श्रीमती राज लाली गिल का पटियाला ग्रामीण में पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया। समारोह में बड़ी संख्या में महिलाओं और क्षेत्रवासियों ने शिरकत कर तीज मेले की रौनक बढ़ाई।</span>

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<span lang="HI">डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने संबोधित करते हुए कहा कि तीज का त्योहार पंजाबी महिलाओं के लिए खुशी</span><span lang="EN-US">, </span><span lang="HI">मिलन</span><span lang="EN-US">, </span><span lang="HI">आपसी भाईचारे और प्रेम का संदेश लेकर आता है। यह पंजाबी संस्कृति और पारंपरिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है</span><span lang="EN-US">, </span><span lang="HI">जो नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार द्वारा गांव-गांव और शहर-शहर तीज के मेले आयोजित किए जा रहे हैं</span><span lang="EN-US">, </span><span lang="HI">ताकि पंजाबी विरासत की परंपराओं को और मजबूत किया जा सके।</span>

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<span lang="HI">उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने लोगों से किए वादों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना</span><span lang="EN-US">, </span><span lang="HI">मोहल्ला क्लीनिक और मावां-धियां सत्कार योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं को लोगों की ओर से भरपूर समर्थन मिल रहा है।</span>

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<span lang="HI">डॉ. मान ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि इतने बड़े जनसमूह को सुचारू रूप से संभालना सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि समारोह में पहुंचने वाली माताओं और बेटियों की सुविधाओं एवं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है।</span>

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<span lang="HI">इस अवसर पर भारी जनसमूह को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा</span><span lang="EN-US">, “</span><span lang="HI">यही है मान सरकार के रंगले पंजाब की तस्वीर—पंजाबी विरासत के रंग</span><span lang="EN-US">, </span><span lang="HI">बेटियों-बहनों का सम्मान और लोगों की खुशी।” उन्होंने कहा कि ऐसे समारोह पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोने और युवा पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण हैं।</span>

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<span lang="HI">समारोह के दौरान तीज के पारंपरिक रंग</span><span lang="EN-US">, </span><span lang="HI">सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने माहौल को खुशनुमा बना दिया। इस अवसर पर महिलाओं को पंजाबी संस्कृति की प्रतीक फुलकारियां भी वितरित की गईं</span><span lang="EN-US">, </span><span lang="HI">जिससे महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।</span>]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>शहरी सहकारी बैंकों को अमित शाह की बड़ी अपील, तकनीक और पारदर्शिता पर दिया जोर</title>
		<link>https://trendstopic.in/amit-shahs-major-appeal-to-urban-cooperative-banks-emphasizes-technology-and-transparency/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 08 Aug 2026 12:09:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[Trending]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[news]]></category>
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					<description><![CDATA[<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-start="81" data-end="561">केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देश के शहरी सहकारी बैंकों से बदलते समय के साथ कदम मिलाकर चलने और आधुनिक तकनीक को अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बैंकों के लिए तकनीकी रूप से मजबूत होना, अपने कामकाज में पारदर्शिता लाना और ग्राहकों को आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच शहरी सहकारी बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव लाना होगा, ताकि वे प्रतिस्पर्धा के दौर में मजबूती से आगे बढ़ सकें।</p>
<p data-start="563" data-end="948">मुंबई में नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी <strong data-start="640" data-end="650">NUCFDC</strong> के नए कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर अमित शाह ने कहा कि बैंकों को केवल अपने विकास पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि अपने ग्राहकों की आर्थिक तरक्की को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब बैंक से जुड़े ग्राहक आर्थिक रूप से मजबूत और खुशहाल होंगे, तो इसका सीधा फायदा बैंक के विकास को भी मिलेगा।</p>
<p data-start="950" data-end="1309">अमित शाह ने देश के सभी शहरी सहकारी बैंकों से <strong data-start="995" data-end="1030">एक साल के भीतर NUCFDC से जुड़ने</strong> की अपील की। उन्होंने बताया कि NUCFDC देश के शहरी सहकारी बैंकों के लिए शीर्ष संस्था और स्व-नियामक संगठन के रूप में काम करती है। RBI से मंजूरी प्राप्त यह संस्था सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए पूंजी, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और तरलता सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराती है।</p>
<p data-start="1311" data-end="1585">केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में करीब <strong data-start="1352" data-end="1378">1,400 शहरी सहकारी बैंक</strong> हैं, जिनमें से लगभग 690 बैंक पहले ही NUCFDC के सदस्य बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि बाकी बैंकों को भी अगले एक साल के भीतर इस संस्था से जुड़ना चाहिए, ताकि शहरी सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।</p>
<p data-start="1587" data-end="1931">अमित शाह ने कहा कि भारत को आर्थिक रूप से मजबूत और समृद्ध बनाने के लिए देश के आम लोगों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य केवल पूंजी बाजार के सहारे हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए स्वरोजगार और आर्थिक अवसरों की एक मजबूत व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है और इसमें शहरी सहकारी बैंक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।</p>
<p data-start="1933" data-end="2268">उन्होंने <strong data-start="1942" data-end="1964">‘सहकार से समृद्धि’</strong> के विचार पर जोर देते हुए कहा कि सहकारी बैंकिंग का उद्देश्य केवल बैंकों को आर्थिक रूप से मजबूत करना नहीं होना चाहिए। इसके साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बैंक से जुड़े ग्राहकों और आम लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो। उन्होंने कहा कि ग्राहकों की प्रगति से ही बैंकों के विकास को भी मजबूती मिलेगी।</p>
<p data-start="2270" data-end="2606">RBI और शहरी सहकारी बैंकों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर देते हुए अमित शाह ने कहा कि दोनों के बीच मौजूद धारणा के अंतर को दूर करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक और सहकारी बैंकों को एक-दूसरे की भूमिका, जरूरतों और चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझना होगा। इससे बैंकिंग क्षेत्र में विश्वास और सहयोग को और मजबूत किया जा सकता है।</p>
<p data-start="2608" data-end="2929">सहकारिता मंत्री के रूप में अपने पांच साल के अनुभव का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि जब भी सहकारी क्षेत्र ने भरोसे के साथ RBI के सामने अपनी समस्याएं और जरूरतें रखी हैं, तब केंद्रीय बैंक की ओर से सक्रिय सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी बेहतर समन्वय के जरिए सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को और मजबूत किया जा सकता है।</p>
<p data-start="2931" data-end="3241">अमित शाह ने शहरी सहकारी बैंकों से कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग देने, बैंकिंग सेवाओं को डिजिटल और सुविधाजनक बनाने तथा अपने कामकाज में अधिक पारदर्शिता लाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को बेहतर और आधुनिक सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली में भी लगातार सुधार करना होगा।</p>
<p data-start="3243" data-end="3523" data-is-last-node="" data-is-only-node="">कुल मिलाकर, अमित शाह का संदेश साफ है कि <strong data-start="3283" data-end="3325">तकनीक, पारदर्शिता और बेहतर ग्राहक सेवा</strong> आने वाले समय में शहरी सहकारी बैंकों की मजबूती के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगी। सरकार का जोर सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को आधुनिक बनाने के साथ-साथ इसे आम लोगों की आर्थिक तरक्की का मजबूत माध्यम बनाने पर है।</p>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-start="81" data-end="561">केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देश के शहरी सहकारी बैंकों से बदलते समय के साथ कदम मिलाकर चलने और आधुनिक तकनीक को अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बैंकों के लिए तकनीकी रूप से मजबूत होना, अपने कामकाज में पारदर्शिता लाना और ग्राहकों को आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच शहरी सहकारी बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव लाना होगा, ताकि वे प्रतिस्पर्धा के दौर में मजबूती से आगे बढ़ सकें।</p>
<p data-start="563" data-end="948">मुंबई में नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी <strong data-start="640" data-end="650">NUCFDC</strong> के नए कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर अमित शाह ने कहा कि बैंकों को केवल अपने विकास पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि अपने ग्राहकों की आर्थिक तरक्की को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब बैंक से जुड़े ग्राहक आर्थिक रूप से मजबूत और खुशहाल होंगे, तो इसका सीधा फायदा बैंक के विकास को भी मिलेगा।</p>
<p data-start="950" data-end="1309">अमित शाह ने देश के सभी शहरी सहकारी बैंकों से <strong data-start="995" data-end="1030">एक साल के भीतर NUCFDC से जुड़ने</strong> की अपील की। उन्होंने बताया कि NUCFDC देश के शहरी सहकारी बैंकों के लिए शीर्ष संस्था और स्व-नियामक संगठन के रूप में काम करती है। RBI से मंजूरी प्राप्त यह संस्था सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए पूंजी, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और तरलता सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराती है।</p>
<p data-start="1311" data-end="1585">केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में करीब <strong data-start="1352" data-end="1378">1,400 शहरी सहकारी बैंक</strong> हैं, जिनमें से लगभग 690 बैंक पहले ही NUCFDC के सदस्य बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि बाकी बैंकों को भी अगले एक साल के भीतर इस संस्था से जुड़ना चाहिए, ताकि शहरी सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।</p>
<p data-start="1587" data-end="1931">अमित शाह ने कहा कि भारत को आर्थिक रूप से मजबूत और समृद्ध बनाने के लिए देश के आम लोगों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य केवल पूंजी बाजार के सहारे हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए स्वरोजगार और आर्थिक अवसरों की एक मजबूत व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है और इसमें शहरी सहकारी बैंक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।</p>
<p data-start="1933" data-end="2268">उन्होंने <strong data-start="1942" data-end="1964">‘सहकार से समृद्धि’</strong> के विचार पर जोर देते हुए कहा कि सहकारी बैंकिंग का उद्देश्य केवल बैंकों को आर्थिक रूप से मजबूत करना नहीं होना चाहिए। इसके साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि बैंक से जुड़े ग्राहकों और आम लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो। उन्होंने कहा कि ग्राहकों की प्रगति से ही बैंकों के विकास को भी मजबूती मिलेगी।</p>
<p data-start="2270" data-end="2606">RBI और शहरी सहकारी बैंकों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर देते हुए अमित शाह ने कहा कि दोनों के बीच मौजूद धारणा के अंतर को दूर करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक और सहकारी बैंकों को एक-दूसरे की भूमिका, जरूरतों और चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझना होगा। इससे बैंकिंग क्षेत्र में विश्वास और सहयोग को और मजबूत किया जा सकता है।</p>
<p data-start="2608" data-end="2929">सहकारिता मंत्री के रूप में अपने पांच साल के अनुभव का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि जब भी सहकारी क्षेत्र ने भरोसे के साथ RBI के सामने अपनी समस्याएं और जरूरतें रखी हैं, तब केंद्रीय बैंक की ओर से सक्रिय सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी बेहतर समन्वय के जरिए सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को और मजबूत किया जा सकता है।</p>
<p data-start="2931" data-end="3241">अमित शाह ने शहरी सहकारी बैंकों से कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग देने, बैंकिंग सेवाओं को डिजिटल और सुविधाजनक बनाने तथा अपने कामकाज में अधिक पारदर्शिता लाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को बेहतर और आधुनिक सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली में भी लगातार सुधार करना होगा।</p>
<p data-start="3243" data-end="3523" data-is-last-node="" data-is-only-node="">कुल मिलाकर, अमित शाह का संदेश साफ है कि <strong data-start="3283" data-end="3325">तकनीक, पारदर्शिता और बेहतर ग्राहक सेवा</strong> आने वाले समय में शहरी सहकारी बैंकों की मजबूती के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगी। सरकार का जोर सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को आधुनिक बनाने के साथ-साथ इसे आम लोगों की आर्थिक तरक्की का मजबूत माध्यम बनाने पर है।</p>]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>मान कैबिनेट के बड़े फैसले, डिजिटल यूनिवर्सिटी से लेकर प्राइवेट स्कूल फीस तक कई प्रस्तावों को मंजूरी</title>
		<link>https://trendstopic.in/big-decisions-of-the-mann-cabinet-approval-of-many-proposals-from-digital-universities-to-private-school-fees/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Aug 2026 11:53:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[HarpalSinghCheema]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[TrendingNews]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://trendstopic.in/?p=33643</guid>

					<description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।</p>
<p class="isSelectedEnd">हरपाल चीमा ने बताया कि कैबिनेट ने <strong>'द पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी पॉलिसी'</strong> को मंजूरी दे दी है। इसके तहत राज्य में तीन नई डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएंगी। इनमें एक होशियारपुर और दो पटियाला में बनाई जाएंगी। पटियाला के गांव फतेहपुर में एक यूनिवर्सिटी स्थापित होगी, जबकि विश्व प्रसिद्ध एजुकेशन ब्रांड <strong>फिजिक्स वाला</strong> पटियाला के गांव आनंदपुर केशव में डिजिटल यूनिवर्सिटी खोलेगा। वहीं, होशियारपुर में क्लाउड यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी, जहां आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे सरकार के अधीन कॉन्ट्रैक्ट पर लाने के लिए सरकार एक विशेष मनी बिल ला रही है। इस बिल को राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद इसे विधानसभा में पेश कर पारित कराया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि निजी स्कूलों में मनमाने फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाने के लिए लाए गए अध्यादेश को विधेयक में बदलने की मंजूरी दे दी गई है। विधानसभा और राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा। इसके तहत कोई भी निजी स्कूल 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। यदि कोई स्कूल इससे अधिक फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसे नियामक (रेगुलेटरी) संस्था से अनुमति लेनी होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">कैबिनेट ने <strong>'पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज़ बिल'</strong> को भी मंजूरी दी है। इस कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति एक पेड़ काटता है तो उसे 10 नए पेड़ लगाने होंगे। ऐसा नहीं करने पर पहली बार प्रति पेड़ 10 हजार रुपये, दूसरी बार 35 हजार रुपये और तीसरी बार 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।</p>
इसके अलावा कैबिनेट ने पंजाब लोक निर्माण विभाग (PWD) में सिविल पदों पर सीधी भर्ती को भी मंजूरी दे दी है, जिससे विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने का रास्ता साफ हो गया है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।</p>
<p class="isSelectedEnd">हरपाल चीमा ने बताया कि कैबिनेट ने <strong>'द पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी पॉलिसी'</strong> को मंजूरी दे दी है। इसके तहत राज्य में तीन नई डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएंगी। इनमें एक होशियारपुर और दो पटियाला में बनाई जाएंगी। पटियाला के गांव फतेहपुर में एक यूनिवर्सिटी स्थापित होगी, जबकि विश्व प्रसिद्ध एजुकेशन ब्रांड <strong>फिजिक्स वाला</strong> पटियाला के गांव आनंदपुर केशव में डिजिटल यूनिवर्सिटी खोलेगा। वहीं, होशियारपुर में क्लाउड यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी, जहां आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे सरकार के अधीन कॉन्ट्रैक्ट पर लाने के लिए सरकार एक विशेष मनी बिल ला रही है। इस बिल को राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद इसे विधानसभा में पेश कर पारित कराया जाएगा।</p>
<p class="isSelectedEnd">वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि निजी स्कूलों में मनमाने फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाने के लिए लाए गए अध्यादेश को विधेयक में बदलने की मंजूरी दे दी गई है। विधानसभा और राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा। इसके तहत कोई भी निजी स्कूल 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। यदि कोई स्कूल इससे अधिक फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसे नियामक (रेगुलेटरी) संस्था से अनुमति लेनी होगी।</p>
<p class="isSelectedEnd">कैबिनेट ने <strong>'पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज़ बिल'</strong> को भी मंजूरी दी है। इस कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति एक पेड़ काटता है तो उसे 10 नए पेड़ लगाने होंगे। ऐसा नहीं करने पर पहली बार प्रति पेड़ 10 हजार रुपये, दूसरी बार 35 हजार रुपये और तीसरी बार 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।</p>
इसके अलावा कैबिनेट ने पंजाब लोक निर्माण विभाग (PWD) में सिविल पदों पर सीधी भर्ती को भी मंजूरी दे दी है, जिससे विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने का रास्ता साफ हो गया है।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>पंजाब विधानसभा में रोजगार और औद्योगिक निवेश पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित</title>
		<link>https://trendstopic.in/punjab-vidhan-sabha-passes-vote-of-thanks-on-employment-and-industrial-investment/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Aug 2026 09:52:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[punjabvidhansabha]]></category>
		<category><![CDATA[TrendingNews]]></category>
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					<description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन ने रोजगार सृजन और औद्योगिक निवेश को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया। इस दौरान सरकार की रोजगार नीतियों, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और राज्य में आए बड़े औद्योगिक निवेश की सराहना की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रस्ताव पेश करते हुए विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि 1 अप्रैल 2022 से अब तक योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर <strong>68,228 सरकारी नौकरियां</strong> दी गई हैं। उन्होंने बताया कि 16 मार्च 2022 से 31 जुलाई 2026 तक पंजाब को <strong>1,83,837 करोड़ रुपये</strong> के <strong>9,899 औद्योगिक निवेश प्रस्ताव</strong> प्राप्त हुए हैं, जिनके जरिए राज्य में <strong>6,16,436 नए रोजगार के अवसर</strong> पैदा होने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में <strong>16,316</strong>, गृह विभाग में <strong>14,723</strong>, बिजली विभाग में <strong>8,706</strong>, स्थानीय निकाय विभाग में <strong>5,681</strong> और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में <strong>4,758</strong> नियुक्तियां की गई हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">धालीवाल ने कहा कि पहले पंजाब में सरकारी नौकरियां सिफारिश, राजनीतिक हस्तक्षेप और भ्रष्टाचार का शिकार थीं, जिससे योग्य युवाओं का भरोसा व्यवस्था से उठ चुका था। लेकिन मौजूदा सरकार ने पारदर्शी परीक्षाओं और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया के जरिए इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है।</p>
उन्होंने कहा कि अब युवाओं को सरकारी नौकरी के लिए किसी सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि उन्हें उनकी योग्यता और मेहनत के आधार पर अवसर मिल रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि केवल सरकारी नौकरियों से बेरोजगारी की समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसलिए राज्य सरकार ने 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और नीतिगत स्थिरता के माध्यम से औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने पर भी विशेष ध्यान दिया है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन ने रोजगार सृजन और औद्योगिक निवेश को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया। इस दौरान सरकार की रोजगार नीतियों, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और राज्य में आए बड़े औद्योगिक निवेश की सराहना की गई।</p>
<p class="isSelectedEnd">प्रस्ताव पेश करते हुए विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि 1 अप्रैल 2022 से अब तक योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर <strong>68,228 सरकारी नौकरियां</strong> दी गई हैं। उन्होंने बताया कि 16 मार्च 2022 से 31 जुलाई 2026 तक पंजाब को <strong>1,83,837 करोड़ रुपये</strong> के <strong>9,899 औद्योगिक निवेश प्रस्ताव</strong> प्राप्त हुए हैं, जिनके जरिए राज्य में <strong>6,16,436 नए रोजगार के अवसर</strong> पैदा होने की संभावना है।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में <strong>16,316</strong>, गृह विभाग में <strong>14,723</strong>, बिजली विभाग में <strong>8,706</strong>, स्थानीय निकाय विभाग में <strong>5,681</strong> और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में <strong>4,758</strong> नियुक्तियां की गई हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">धालीवाल ने कहा कि पहले पंजाब में सरकारी नौकरियां सिफारिश, राजनीतिक हस्तक्षेप और भ्रष्टाचार का शिकार थीं, जिससे योग्य युवाओं का भरोसा व्यवस्था से उठ चुका था। लेकिन मौजूदा सरकार ने पारदर्शी परीक्षाओं और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया के जरिए इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है।</p>
उन्होंने कहा कि अब युवाओं को सरकारी नौकरी के लिए किसी सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि उन्हें उनकी योग्यता और मेहनत के आधार पर अवसर मिल रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि केवल सरकारी नौकरियों से बेरोजगारी की समस्या का समाधान संभव नहीं है। इसलिए राज्य सरकार ने 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और नीतिगत स्थिरता के माध्यम से औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने पर भी विशेष ध्यान दिया है।]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>स्वास्थ्य योजना की सफलता तभी है, जब ज़रूरत के समय लोगों तक उपचार पहुँच सके : डॉ. बलबीर सिंह</title>
		<link>https://trendstopic.in/the-real-success-of-a-health-scheme-is-only-when-treatment-reaches-people-at-the-time-of-need-dr-balbir-singh/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Aug 2026 07:52:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAPPunjab]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[TrendingNews]]></category>
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					<description><![CDATA[किसी भी स्वास्थ्य योजना की वास्तविक सफलता केवल इस बात से नहीं आँकी जा सकती कि उस पर कितना ख़र्च हुआ या कितने मामलों का निपटारा हुआ, बल्कि इस बात से तय होती है कि ज़रूरत के समय लोगों को समय पर उपचार मिल पाया या नहीं। भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) के तहत 8 जनवरी 2026 से अब तक 2,91,417 लाभार्थियों को उपचार का लाभ मिल चुका है, जो कि एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।

&nbsp;

स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए), पंजाब के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत अब तक लगभग ₹1,044 करोड़ मूल्य की कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जा चुकी हैं। इन आंकड़ों के पीछे हज़ारों ऐसे परिवार हैं, जिन्हें चिकित्सा आपात स्थिति के दौरान इलाज के ख़र्च की चिंता किए बिना अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला।

&nbsp;

इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “किसी भी स्वास्थ्य योजना की सफलता तभी मानी जाती है, जब वह ज़रूरत के समय लोगों तक पहुँचे। मुख्यमंत्री सेहत योजना केवल आंकड़ों की योजना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का माध्यम है कि किसी भी मरीज़ को इलाज और आर्थिक बोझ के बीच चुनाव न करना पड़े। प्रत्येक लाभार्थी उस परिवार का प्रतिनिधित्व करता है, जिसे कठिन समय में इस योजना का सहारा मिला।”

&nbsp;

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने आगे कहा, “हम जानते हैं कि स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताएँ लगातार बदल रही हैं और हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम स्वास्थ्य व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाते रहें। मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से हम कैशलेस उपचार को अधिक सुलभ बना रहे हैं, स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत कर रहे हैं तथा यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रत्येक पात्र नागरिक तक इस योजना का लाभ पहुँचे।”

&nbsp;

मुख्यमंत्री सेहत योजना से लाभान्वित अनेक लोगों ने इस योजना के प्रति संतोष और प्रसन्नता व्यक्त की है। सुरेशपाल कौर ने बताया कि कठिन गर्भावस्था के दौरान मुख्यमंत्री सेहत योजना उनके परिवार के लिए संबल बनी। उन्होंने कहा, “गर्भावस्था के दौरान मुझे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो गई थी और सीज़ेरियन डिलीवरी करवाने की ज़रूरत थी। ऐसे समय में सेहत कार्ड हमारे लिए बहुत बड़ी मदद साबित हुआ। जन्म के बाद मेरे बच्चे को विशेष नवजात चिकित्सा (नीओनेटल केयर) की आवश्यकता थी, जिसका पूरा उपचार भी मुख्यमंत्री सेहत योजना के पैकेज के तहत उपलब्ध करवाया गया। इस योजना ने कठिन समय में हमारा साथ दिया और मेरे बच्चे को जीवन की स्वस्थ शुरुआत मिली।”

&nbsp;

सुनाम की रूपिंदर कौर ने बताया कि कई वर्षों से घुटनों के असहनीय दर्द के कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो गया था। उन्होंने कहा, “मैं लंबे समय से घुटनों के गंभीर दर्द से पीड़ित थी, लेकिन ख़र्च की चिंता के कारण ऑपरेशन के बारे में सोच पाना भी मुश्किल था। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत मेरा घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) नि:शुल्क हुआ। इस उपचार ने मुझे फिर से सामान्य और बेहतर जीवन जीने का अवसर दिया है।”

&nbsp;

इसी प्रकार तरनतारन के बीर सिंह को हृदय संबंधी बीमारी का पता चलने पर मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत समय पर उपचार मिला। उनका एंजियोग्राफी के साथ पीटीसीए (परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी) किया गया।

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बीर सिंह ने कहा, “डॉक्टरों ने बताया कि हृदय रोग के उपचार में देरी नहीं की जा सकती और इसका ख़र्च परिवार के लिए बहुत बड़ा बोझ बन सकता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के कारण मुझे समय पर आवश्यक उपचार मिल गया।”

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मुख्यमंत्री सेहत योजना का प्रभाव अब पूरे पंजाब में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। राज्य के प्रत्येक ज़िले के लाभार्थी इस योजना के तहत उपचार प्राप्त कर रहे हैं। स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए), पंजाब के ज़िला-वार आंकड़ों के अनुसार अब तक 2,91,417 लोगों को योजना का लाभ मिल चुका है। ज़िलों में पटियाला 27,892 लाभार्थियों के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद बठिंडा में 22,584 तथा लुधियाना में 21,729 लाभार्थियों ने योजना का लाभ प्राप्त किया है। यह दर्शाता है कि सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब में इसकी व्यापक माँग है।

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योजना के अंतर्गत जालंधर (19,312), होशियारपुर (19,075), अमृतसर (16,550), संगरूर (16,549), श्री मुक्तसर साहिब (14,800), फिरोज़पुर (13,344) तथा गुरदासपुर (12,037) में भी बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त मोगा (11,669), फाज़िल्का (11,516), मानसा (10,539), फरीदकोट (10,309), बरनाला (8,773), तरनतारन (8,714), रूपनगर (8,574), एस.ए.एस. नगर (8,085), फतेहगढ़ साहिब (7,933), शहीद भगत सिंह नगर (6,999), कपूरथला (5,928), पठानकोट (5,844) तथा मालेरकोटला (2,472) के लाभार्थियों ने भी कैशलेस उपचार प्राप्त किया है। यह व्यापक पहुँच इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री सेहत योजना केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों सहित प्रदेश के सभी ज़िलों में परिवारों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुँचा रही है।

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मुख्यमंत्री सेहत योजना का लगातार बढ़ता दायरा स्वास्थ्य सेवाओं में एक सरल लेकिन महत्त्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है। अब लोगों को उपचार शुरू करवाने से पहले यह चिंता नहीं सताती कि वे इसका ख़र्च कैसे उठाएँगे। योजना का विस्तार लगातार जारी है और इसका उद्देश्य स्पष्ट है—पंजाब के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करवाना।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[किसी भी स्वास्थ्य योजना की वास्तविक सफलता केवल इस बात से नहीं आँकी जा सकती कि उस पर कितना ख़र्च हुआ या कितने मामलों का निपटारा हुआ, बल्कि इस बात से तय होती है कि ज़रूरत के समय लोगों को समय पर उपचार मिल पाया या नहीं। भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) के तहत 8 जनवरी 2026 से अब तक 2,91,417 लाभार्थियों को उपचार का लाभ मिल चुका है, जो कि एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है।

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स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए), पंजाब के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत अब तक लगभग ₹1,044 करोड़ मूल्य की कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जा चुकी हैं। इन आंकड़ों के पीछे हज़ारों ऐसे परिवार हैं, जिन्हें चिकित्सा आपात स्थिति के दौरान इलाज के ख़र्च की चिंता किए बिना अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला।

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इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “किसी भी स्वास्थ्य योजना की सफलता तभी मानी जाती है, जब वह ज़रूरत के समय लोगों तक पहुँचे। मुख्यमंत्री सेहत योजना केवल आंकड़ों की योजना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का माध्यम है कि किसी भी मरीज़ को इलाज और आर्थिक बोझ के बीच चुनाव न करना पड़े। प्रत्येक लाभार्थी उस परिवार का प्रतिनिधित्व करता है, जिसे कठिन समय में इस योजना का सहारा मिला।”

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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने आगे कहा, “हम जानते हैं कि स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताएँ लगातार बदल रही हैं और हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम स्वास्थ्य व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाते रहें। मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से हम कैशलेस उपचार को अधिक सुलभ बना रहे हैं, स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत कर रहे हैं तथा यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रत्येक पात्र नागरिक तक इस योजना का लाभ पहुँचे।”

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मुख्यमंत्री सेहत योजना से लाभान्वित अनेक लोगों ने इस योजना के प्रति संतोष और प्रसन्नता व्यक्त की है। सुरेशपाल कौर ने बताया कि कठिन गर्भावस्था के दौरान मुख्यमंत्री सेहत योजना उनके परिवार के लिए संबल बनी। उन्होंने कहा, “गर्भावस्था के दौरान मुझे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो गई थी और सीज़ेरियन डिलीवरी करवाने की ज़रूरत थी। ऐसे समय में सेहत कार्ड हमारे लिए बहुत बड़ी मदद साबित हुआ। जन्म के बाद मेरे बच्चे को विशेष नवजात चिकित्सा (नीओनेटल केयर) की आवश्यकता थी, जिसका पूरा उपचार भी मुख्यमंत्री सेहत योजना के पैकेज के तहत उपलब्ध करवाया गया। इस योजना ने कठिन समय में हमारा साथ दिया और मेरे बच्चे को जीवन की स्वस्थ शुरुआत मिली।”

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सुनाम की रूपिंदर कौर ने बताया कि कई वर्षों से घुटनों के असहनीय दर्द के कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो गया था। उन्होंने कहा, “मैं लंबे समय से घुटनों के गंभीर दर्द से पीड़ित थी, लेकिन ख़र्च की चिंता के कारण ऑपरेशन के बारे में सोच पाना भी मुश्किल था। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत मेरा घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) नि:शुल्क हुआ। इस उपचार ने मुझे फिर से सामान्य और बेहतर जीवन जीने का अवसर दिया है।”

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इसी प्रकार तरनतारन के बीर सिंह को हृदय संबंधी बीमारी का पता चलने पर मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत समय पर उपचार मिला। उनका एंजियोग्राफी के साथ पीटीसीए (परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी) किया गया।

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बीर सिंह ने कहा, “डॉक्टरों ने बताया कि हृदय रोग के उपचार में देरी नहीं की जा सकती और इसका ख़र्च परिवार के लिए बहुत बड़ा बोझ बन सकता है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के कारण मुझे समय पर आवश्यक उपचार मिल गया।”

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मुख्यमंत्री सेहत योजना का प्रभाव अब पूरे पंजाब में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। राज्य के प्रत्येक ज़िले के लाभार्थी इस योजना के तहत उपचार प्राप्त कर रहे हैं। स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए), पंजाब के ज़िला-वार आंकड़ों के अनुसार अब तक 2,91,417 लोगों को योजना का लाभ मिल चुका है। ज़िलों में पटियाला 27,892 लाभार्थियों के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद बठिंडा में 22,584 तथा लुधियाना में 21,729 लाभार्थियों ने योजना का लाभ प्राप्त किया है। यह दर्शाता है कि सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब में इसकी व्यापक माँग है।

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योजना के अंतर्गत जालंधर (19,312), होशियारपुर (19,075), अमृतसर (16,550), संगरूर (16,549), श्री मुक्तसर साहिब (14,800), फिरोज़पुर (13,344) तथा गुरदासपुर (12,037) में भी बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त मोगा (11,669), फाज़िल्का (11,516), मानसा (10,539), फरीदकोट (10,309), बरनाला (8,773), तरनतारन (8,714), रूपनगर (8,574), एस.ए.एस. नगर (8,085), फतेहगढ़ साहिब (7,933), शहीद भगत सिंह नगर (6,999), कपूरथला (5,928), पठानकोट (5,844) तथा मालेरकोटला (2,472) के लाभार्थियों ने भी कैशलेस उपचार प्राप्त किया है। यह व्यापक पहुँच इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री सेहत योजना केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों सहित प्रदेश के सभी ज़िलों में परिवारों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुँचा रही है।

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मुख्यमंत्री सेहत योजना का लगातार बढ़ता दायरा स्वास्थ्य सेवाओं में एक सरल लेकिन महत्त्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है। अब लोगों को उपचार शुरू करवाने से पहले यह चिंता नहीं सताती कि वे इसका ख़र्च कैसे उठाएँगे। योजना का विस्तार लगातार जारी है और इसका उद्देश्य स्पष्ट है—पंजाब के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करवाना।]]></content:encoded>
					
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		<title>RBI ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट 5.25% पर रखा, ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव</title>
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		<pubDate>Wed, 05 Aug 2026 07:03:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया। RBI के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा कीमतों में अनिश्चितता और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत अब भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग से आर्थिक विकास को सहारा मिल रहा है और अप्रैल-जून तिमाही का प्रदर्शन RBI के अनुमान से बेहतर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए गवर्नर ने कहा कि सेवा क्षेत्र की मजबूती से शहरी खपत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और अल नीनो से जुड़े जोखिम अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से प्रमुख व्यापारिक मार्ग भी प्रभावित हो रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">संजय मल्होत्रा ने कहा कि कच्चे तेल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई बढ़ सकती है। उनका अनुमान है कि तीसरी तिमाही में महंगाई अपने उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे कम होगी। उन्होंने कहा कि महंगाई पर सबसे अधिक असर खाद्य और ईंधन की कीमतों का है।</p>
<p class="isSelectedEnd">RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। वहीं, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">गवर्नर ने बताया कि जून से बैंकिंग प्रणाली में औसत तरलता (Liquidity) 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि मजबूत बनी हुई है और पर्याप्त तरलता उपलब्ध है।</p>
<p class="isSelectedEnd">RBI ने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक व्यापार में सुस्ती, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता भारत के चालू खाते के घाटे पर दबाव डाल सकती है।</p>
इस बीच रुपया भी लगातार दबाव में है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95 से 96 रुपये प्रति डॉलर के बीच कारोबार कर रहा है। महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेश की निकासी, बढ़ता व्यापार घाटा और मजबूत होता डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक रुपया करीब 7 फीसदी कमजोर हो चुका है, जबकि ईरान के साथ तनाव शुरू होने के बाद इसमें लगभग 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया। RBI के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा कीमतों में अनिश्चितता और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत अब भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग से आर्थिक विकास को सहारा मिल रहा है और अप्रैल-जून तिमाही का प्रदर्शन RBI के अनुमान से बेहतर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए गवर्नर ने कहा कि सेवा क्षेत्र की मजबूती से शहरी खपत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और अल नीनो से जुड़े जोखिम अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से प्रमुख व्यापारिक मार्ग भी प्रभावित हो रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">संजय मल्होत्रा ने कहा कि कच्चे तेल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई बढ़ सकती है। उनका अनुमान है कि तीसरी तिमाही में महंगाई अपने उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे कम होगी। उन्होंने कहा कि महंगाई पर सबसे अधिक असर खाद्य और ईंधन की कीमतों का है।</p>
<p class="isSelectedEnd">RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। वहीं, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">गवर्नर ने बताया कि जून से बैंकिंग प्रणाली में औसत तरलता (Liquidity) 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि मजबूत बनी हुई है और पर्याप्त तरलता उपलब्ध है।</p>
<p class="isSelectedEnd">RBI ने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक व्यापार में सुस्ती, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता भारत के चालू खाते के घाटे पर दबाव डाल सकती है।</p>
इस बीच रुपया भी लगातार दबाव में है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95 से 96 रुपये प्रति डॉलर के बीच कारोबार कर रहा है। महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेश की निकासी, बढ़ता व्यापार घाटा और मजबूत होता डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक रुपया करीब 7 फीसदी कमजोर हो चुका है, जबकि ईरान के साथ तनाव शुरू होने के बाद इसमें लगभग 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।]]></content:encoded>
					
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