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	<title>TarnTaranBypoll &#8211; Trends Topic</title>
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	<title>TarnTaranBypoll &#8211; Trends Topic</title>
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		<title>CM Bhagwant Mann ने अचानक बुलाई Cabinet Meeting: Tarn Taran Bypoll जीत के बाद बड़े फैसलों की तैयारी</title>
		<link>https://trendstopic.in/cm-bhagwant-mann-calls-an-emergency-cabinet-meeting-major-decisions-expected-after-tarn-taran-bypoll-victory/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 15 Nov 2025 09:05:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAP]]></category>
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		<category><![CDATA[PunjabPolitics]]></category>
		<category><![CDATA[TarnTaranBypoll]]></category>
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					<description><![CDATA[तरनतारन उप-चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) की जबरदस्त जीत के सिर्फ 24 घंटे बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने <strong>अचानक कैबिनेट मीटिंग</strong> बुला ली है। इस मीटिंग को राजनीतिक हलकों में बहुत अहम माना जा रहा है, क्योंकि माना जा रहा है कि सरकार अब आने वाले समय में कई बड़े और रणनीतिक फैसले ले सकती है।
<h3><strong>कैबिनेट मीटिंग क्यों अहम है</strong><strong>?</strong></h3>
हालांकि मीटिंग का आधिकारिक एजेंडा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन सरकार के करीबी सूत्र मान रहे हैं कि यह मीटिंग सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं है। तरनतारन में मिली भारी जीत ने मान सरकार का मनोबल काफी बढ़ाया है और इससे पार्टी का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

AAP के उम्मीदवार को मिली बड़ी जीत को लोग पंजाब में सरकार की "काम की राजनीति" का समर्थन भी बता रहे हैं। कई राजनीतिक विश्लेषक इस जीत को CM Bhagwant Mann के नेतृत्व की दोबारा पुष्टि मान रहे हैं।
<h3><strong>कहाँ और कब हो रही मीटिंग</strong><strong>?</strong></h3>
यह मीटिंग सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री की <strong>Official Residence</strong> पर शुरू हुई। अचानक बुलाई गई मीटिंग ने पूरे राजनीतिक माहौल में हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि आमतौर पर इस तरह की मीटिंग तभी बुलाई जाती है जब सरकार किसी बड़े ऐक्शन प्लान पर काम कर रही हो।
<h2><strong>क्या-क्या हो सकता है चर्चा में</strong><strong>?</strong></h2>
सियासी सूत्रों और एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस मीटिंग में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हो सकती है—जैसे:
<h3><strong>1. </strong><strong>प्रशासनिक फेरबदल (</strong><strong>Administrative Changes)</strong></h3>
<ul>
 	<li>सरकार कुछ प्रमुख विभागों या अफसरों में बदलाव कर सकती है।</li>
 	<li>नए चेहरों को जिम्मेदारी देने पर चर्चा हो सकती है।</li>
 	<li>कुछ मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव संभव है।</li>
</ul>
<h3><strong>2. </strong><strong>कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की योजना (</strong><strong>Law &amp; Order)</strong></h3>
<ul>
 	<li>पंजाब में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नए कदम उठाए जा सकते हैं।</li>
 	<li>पुलिस व्यवस्था, सुरक्षा और संगठित अपराध पर सख्त एक्शन प्लान भी चर्चा में आ सकता है।</li>
</ul>
<h3><strong>3. </strong><strong>विकास प्रोजेक्ट्स की रफ्तार बढ़ाना (</strong><strong>Development Projects)</strong></h3>
<ul>
 	<li>राज्य में चल रहे बड़े विकास कार्यों को तेज करने का फैसला लिया जा सकता है।</li>
 	<li>इन्फ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ, एजुकेशन और ग्रामीण विकास जैसी स्कीमें फास्ट-ट्रैक पर लाई जा सकती हैं।</li>
</ul>
<h3><strong>4. 2027 </strong><strong>विधानसभा चुनावों की तैयारी</strong></h3>
<ul>
 	<li>तरनतारन की जीत से उत्साहित सरकार अगली रणनीति बना सकती है।</li>
 	<li>2027 चुनावों के लिए नई पॉलिसी और प्राथमिकताएं तय हो सकती हैं।</li>
 	<li>सरकार अपना फ़ोकस एरिया बदल सकती है ताकि अगले चुनावों में भी बड़ी जीत हासिल की जा सके।</li>
</ul>
<h2><strong>धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर भी हो सकता है फैसला</strong></h2>
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, मीटिंग में <strong>Sri Guru Tegh Bahadur Ji </strong><strong>के </strong><strong>350</strong><strong>वें शहीदी दिवस</strong> से जुड़े महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों पर भी चर्चा हो सकती है। यह पंजाब में एक बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम माना जा रहा है।
<h2><strong>राजनीतिक महत्व क्यों बढ़ गया है</strong><strong>?</strong></h2>
<ul>
 	<li>तरनतारन उप-चुनाव में AAP की बड़ी जीत ने CM भगवंत मान की पोजीशन को पार्टी के अंदर और बाहर दोनों जगह और मजबूत कर दिया है।</li>
 	<li>यह जीत सरकार की नीतियों की जनता द्वारा मंजूरी माने जा रही है।</li>
 	<li>इसी वजह से अब माना जा रहा है कि सरकार बिना किसी दबाव के अगले कुछ महीनों में कई बड़े फैसले ले सकती है।</li>
</ul>
<h2><strong>आगे क्या उम्मीद</strong><strong>?</strong></h2>
कैबिनेट मीटिंग में होने वाले फैसलों का असर आने वाले महीनों में पंजाब की राजनीति, प्रशासन और विकास योजनाओं पर साफ दिखाई देगा।
सरकार की नीति दिशा अब 2027 के चुनावों को ध्यान में रखकर तय की जाएगी।

इस वजह से आज की मीटिंग को “गेम चेंजिंग मीटिंग” भी कहा जा रहा है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[तरनतारन उप-चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) की जबरदस्त जीत के सिर्फ 24 घंटे बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने <strong>अचानक कैबिनेट मीटिंग</strong> बुला ली है। इस मीटिंग को राजनीतिक हलकों में बहुत अहम माना जा रहा है, क्योंकि माना जा रहा है कि सरकार अब आने वाले समय में कई बड़े और रणनीतिक फैसले ले सकती है।
<h3><strong>कैबिनेट मीटिंग क्यों अहम है</strong><strong>?</strong></h3>
हालांकि मीटिंग का आधिकारिक एजेंडा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन सरकार के करीबी सूत्र मान रहे हैं कि यह मीटिंग सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं है। तरनतारन में मिली भारी जीत ने मान सरकार का मनोबल काफी बढ़ाया है और इससे पार्टी का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

AAP के उम्मीदवार को मिली बड़ी जीत को लोग पंजाब में सरकार की "काम की राजनीति" का समर्थन भी बता रहे हैं। कई राजनीतिक विश्लेषक इस जीत को CM Bhagwant Mann के नेतृत्व की दोबारा पुष्टि मान रहे हैं।
<h3><strong>कहाँ और कब हो रही मीटिंग</strong><strong>?</strong></h3>
यह मीटिंग सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री की <strong>Official Residence</strong> पर शुरू हुई। अचानक बुलाई गई मीटिंग ने पूरे राजनीतिक माहौल में हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि आमतौर पर इस तरह की मीटिंग तभी बुलाई जाती है जब सरकार किसी बड़े ऐक्शन प्लान पर काम कर रही हो।
<h2><strong>क्या-क्या हो सकता है चर्चा में</strong><strong>?</strong></h2>
सियासी सूत्रों और एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस मीटिंग में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हो सकती है—जैसे:
<h3><strong>1. </strong><strong>प्रशासनिक फेरबदल (</strong><strong>Administrative Changes)</strong></h3>
<ul>
 	<li>सरकार कुछ प्रमुख विभागों या अफसरों में बदलाव कर सकती है।</li>
 	<li>नए चेहरों को जिम्मेदारी देने पर चर्चा हो सकती है।</li>
 	<li>कुछ मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव संभव है।</li>
</ul>
<h3><strong>2. </strong><strong>कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की योजना (</strong><strong>Law &amp; Order)</strong></h3>
<ul>
 	<li>पंजाब में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नए कदम उठाए जा सकते हैं।</li>
 	<li>पुलिस व्यवस्था, सुरक्षा और संगठित अपराध पर सख्त एक्शन प्लान भी चर्चा में आ सकता है।</li>
</ul>
<h3><strong>3. </strong><strong>विकास प्रोजेक्ट्स की रफ्तार बढ़ाना (</strong><strong>Development Projects)</strong></h3>
<ul>
 	<li>राज्य में चल रहे बड़े विकास कार्यों को तेज करने का फैसला लिया जा सकता है।</li>
 	<li>इन्फ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ, एजुकेशन और ग्रामीण विकास जैसी स्कीमें फास्ट-ट्रैक पर लाई जा सकती हैं।</li>
</ul>
<h3><strong>4. 2027 </strong><strong>विधानसभा चुनावों की तैयारी</strong></h3>
<ul>
 	<li>तरनतारन की जीत से उत्साहित सरकार अगली रणनीति बना सकती है।</li>
 	<li>2027 चुनावों के लिए नई पॉलिसी और प्राथमिकताएं तय हो सकती हैं।</li>
 	<li>सरकार अपना फ़ोकस एरिया बदल सकती है ताकि अगले चुनावों में भी बड़ी जीत हासिल की जा सके।</li>
</ul>
<h2><strong>धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर भी हो सकता है फैसला</strong></h2>
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, मीटिंग में <strong>Sri Guru Tegh Bahadur Ji </strong><strong>के </strong><strong>350</strong><strong>वें शहीदी दिवस</strong> से जुड़े महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों पर भी चर्चा हो सकती है। यह पंजाब में एक बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम माना जा रहा है।
<h2><strong>राजनीतिक महत्व क्यों बढ़ गया है</strong><strong>?</strong></h2>
<ul>
 	<li>तरनतारन उप-चुनाव में AAP की बड़ी जीत ने CM भगवंत मान की पोजीशन को पार्टी के अंदर और बाहर दोनों जगह और मजबूत कर दिया है।</li>
 	<li>यह जीत सरकार की नीतियों की जनता द्वारा मंजूरी माने जा रही है।</li>
 	<li>इसी वजह से अब माना जा रहा है कि सरकार बिना किसी दबाव के अगले कुछ महीनों में कई बड़े फैसले ले सकती है।</li>
</ul>
<h2><strong>आगे क्या उम्मीद</strong><strong>?</strong></h2>
कैबिनेट मीटिंग में होने वाले फैसलों का असर आने वाले महीनों में पंजाब की राजनीति, प्रशासन और विकास योजनाओं पर साफ दिखाई देगा।
सरकार की नीति दिशा अब 2027 के चुनावों को ध्यान में रखकर तय की जाएगी।

इस वजह से आज की मीटिंग को “गेम चेंजिंग मीटिंग” भी कहा जा रहा है।]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>Tarn Taran Bypoll में AAP की बड़ी जीत: “Punjab ने फिर चुनी काम की राजनीति”- Arvind Kejriwal</title>
		<link>https://trendstopic.in/aaps-big-victory-in-the-tarn-taran-bypoll-punjab-has-once-again-chosen-the-politics-of-work-says-arvind-kejriwal/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 15 Nov 2025 05:50:59 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[AAP]]></category>
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		<category><![CDATA[TarnTaranBypoll]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब की तरनतारन विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने जोरदार और एकतरफा जीत हासिल की है। इस जीत ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि पंजाब के लोग <strong>काम-केंद्रित राजनीति</strong>, <strong>ईमानदार नेतृत्व</strong> और <strong>साफ-सुथरे शासन</strong> के साथ खड़े हैं। AAP उम्मीदवार <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> ने 12,091 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
<h2>सीट क्यों खाली हुई थी?</h2>
यह सीट AAP विधायक <strong>काश्मीर सिंह सोहल</strong> के निधन के बाद खाली हुई थी। इसी वजह से यहां उपचुनाव कराए गए।
<h2>मतदान और उम्मीदवार</h2>
तरनतारन में 11 नवंबर को वोटिंग हुई, जिसमें <strong>60.95% </strong><strong>लोगों ने मतदान</strong> किया। इस उपचुनाव में कुल <strong>15 </strong><strong>उम्मीदवार</strong> मैदान में उतरे थे।
<h1><strong>कौन कितना जीता-हारा</strong><strong>? (Result in Detail)</strong></h1>
<ul>
 	<li><strong>हरमीत सिंह संधू (</strong><strong>AAP): 42,649 </strong><strong>वोट</strong></li>
 	<li><strong>सुखविंदर कौर रंधावा (</strong><strong>SAD): 30,558 </strong><strong>वोट</strong></li>
 	<li>जीत का अंतर: <strong>12,091 </strong><strong>वोट</strong></li>
</ul>
अन्य उम्मीदवारों में—
<ul>
 	<li><strong>स्वतंत्र उम्मीदवार मनीप सिंह:</strong> ~19,620 वोट</li>
 	<li><strong>कांग्रेस के करनबीर सिंह बुर्ज़:</strong> ~15,078 वोट</li>
 	<li><strong>BJP </strong><strong>के हरजीत सिंह संधू:</strong> ~6,239 वोट</li>
</ul>
इस नतीजे ने दिखाया कि AAP ने न सिर्फ अपनी पकड़ मजबूत रखी, बल्कि विपक्ष की पारंपरिक जमीन पर भी बढ़त बनाई।
<h1><strong>नेताओं की प्रतिक्रिया: </strong><strong>‘</strong><strong>काम की राजनीति की जीत</strong><strong>’</strong></h1>
<h3><strong>अरविंद केजरीवाल (</strong><strong>AAP </strong><strong>राष्ट्रीय संयोजक)</strong></h3>
उन्होंने X (Twitter) पर लिखा कि यह जीत साबित करती है कि पंजाब <strong>काम की राजनीति</strong> चाहता है।
उन्होंने कहा:
<em>“</em><em>यह जीत पंजाब के लोगों की जीत है। यह मेहनती वालंटियर्स की जीत है। पंजाब ने एक बार फिर AAP </em><em>पर भरोसा जताया है।”</em>

&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-26721" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/11/64f205c0-c6a9-4029-8642-20d191b01962-300x169.jpg" alt="" width="838" height="472" />

&nbsp;
<h3><strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान</strong></h3>
CM मान ने भी X पर कहा कि तरनतारन की जीत दिखाती है कि जनता को <strong>काम वाली राजनीति</strong> पसंद है।
उन्होंने ऐलान किया:
<em>“</em><em>उपचुनाव के दौरान तरनतारन के लोगों से किए हर वादे को हम प्राथमिकता से पूरा करेंगे।”</em>
<h1><strong>जश्न और माहौल</strong></h1>
नतीजे आने के बाद AAP के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। तरनतारन से लेकर चंडीगढ़ तक <strong>जश्न</strong>, <strong>ढोल</strong>, और <strong>पटाखों</strong> का माहौल रहा। पार्टी ने इसे लोगों का साफ जनादेश बताया।
<h1><strong>राजनीतिक मायने (</strong><strong>Political Significance)</strong></h1>
<ul>
 	<li>यह जीत दिखाती है कि पंजाब में अभी भी AAP की पकड़ मजबूत है।</li>
 	<li>AAP ने लगातार <strong>छठा उपचुनाव</strong> जीता है, जो पार्टी के लिए बड़ा मनोबल है।</li>
 	<li>विश्लेषकों का मानना है कि SAD (अकाली दल) के लिए यह एक चेतावनी है कि उनकी पारंपरिक सीटों पर भी चुनौती बढ़ रही है।</li>
 	<li>यह चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।</li>
</ul>
<h1><strong>वोटर बिहेवियर</strong></h1>
हालांकि वोटिंग ~60.95% ही रही, लेकिन जो लोग घरों से बाहर आए, उन्होंने साफ संकेत दिया कि उन्हें <strong>काम</strong><strong>, </strong><strong>विकास और ईमानदार नेतृत्व</strong> का रास्ता ज्यादा पसंद है।

तरनतारन उपचुनाव ने साफ कर दिया है कि पंजाब के लोग अभी भी ऐसी सरकार और नेताओं को पसंद करते हैं जो काम करें, विकास करें और साफ नीयत से जनता की सेवा करें। AAP इसे 2027 के बड़े चुनाव से पहले जनसमर्थन की मजबूत शुरुआत मान रही है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब की तरनतारन विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने जोरदार और एकतरफा जीत हासिल की है। इस जीत ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि पंजाब के लोग <strong>काम-केंद्रित राजनीति</strong>, <strong>ईमानदार नेतृत्व</strong> और <strong>साफ-सुथरे शासन</strong> के साथ खड़े हैं। AAP उम्मीदवार <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> ने 12,091 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
<h2>सीट क्यों खाली हुई थी?</h2>
यह सीट AAP विधायक <strong>काश्मीर सिंह सोहल</strong> के निधन के बाद खाली हुई थी। इसी वजह से यहां उपचुनाव कराए गए।
<h2>मतदान और उम्मीदवार</h2>
तरनतारन में 11 नवंबर को वोटिंग हुई, जिसमें <strong>60.95% </strong><strong>लोगों ने मतदान</strong> किया। इस उपचुनाव में कुल <strong>15 </strong><strong>उम्मीदवार</strong> मैदान में उतरे थे।
<h1><strong>कौन कितना जीता-हारा</strong><strong>? (Result in Detail)</strong></h1>
<ul>
 	<li><strong>हरमीत सिंह संधू (</strong><strong>AAP): 42,649 </strong><strong>वोट</strong></li>
 	<li><strong>सुखविंदर कौर रंधावा (</strong><strong>SAD): 30,558 </strong><strong>वोट</strong></li>
 	<li>जीत का अंतर: <strong>12,091 </strong><strong>वोट</strong></li>
</ul>
अन्य उम्मीदवारों में—
<ul>
 	<li><strong>स्वतंत्र उम्मीदवार मनीप सिंह:</strong> ~19,620 वोट</li>
 	<li><strong>कांग्रेस के करनबीर सिंह बुर्ज़:</strong> ~15,078 वोट</li>
 	<li><strong>BJP </strong><strong>के हरजीत सिंह संधू:</strong> ~6,239 वोट</li>
</ul>
इस नतीजे ने दिखाया कि AAP ने न सिर्फ अपनी पकड़ मजबूत रखी, बल्कि विपक्ष की पारंपरिक जमीन पर भी बढ़त बनाई।
<h1><strong>नेताओं की प्रतिक्रिया: </strong><strong>‘</strong><strong>काम की राजनीति की जीत</strong><strong>’</strong></h1>
<h3><strong>अरविंद केजरीवाल (</strong><strong>AAP </strong><strong>राष्ट्रीय संयोजक)</strong></h3>
उन्होंने X (Twitter) पर लिखा कि यह जीत साबित करती है कि पंजाब <strong>काम की राजनीति</strong> चाहता है।
उन्होंने कहा:
<em>“</em><em>यह जीत पंजाब के लोगों की जीत है। यह मेहनती वालंटियर्स की जीत है। पंजाब ने एक बार फिर AAP </em><em>पर भरोसा जताया है।”</em>

&nbsp;

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<h3><strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान</strong></h3>
CM मान ने भी X पर कहा कि तरनतारन की जीत दिखाती है कि जनता को <strong>काम वाली राजनीति</strong> पसंद है।
उन्होंने ऐलान किया:
<em>“</em><em>उपचुनाव के दौरान तरनतारन के लोगों से किए हर वादे को हम प्राथमिकता से पूरा करेंगे।”</em>
<h1><strong>जश्न और माहौल</strong></h1>
नतीजे आने के बाद AAP के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। तरनतारन से लेकर चंडीगढ़ तक <strong>जश्न</strong>, <strong>ढोल</strong>, और <strong>पटाखों</strong> का माहौल रहा। पार्टी ने इसे लोगों का साफ जनादेश बताया।
<h1><strong>राजनीतिक मायने (</strong><strong>Political Significance)</strong></h1>
<ul>
 	<li>यह जीत दिखाती है कि पंजाब में अभी भी AAP की पकड़ मजबूत है।</li>
 	<li>AAP ने लगातार <strong>छठा उपचुनाव</strong> जीता है, जो पार्टी के लिए बड़ा मनोबल है।</li>
 	<li>विश्लेषकों का मानना है कि SAD (अकाली दल) के लिए यह एक चेतावनी है कि उनकी पारंपरिक सीटों पर भी चुनौती बढ़ रही है।</li>
 	<li>यह चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।</li>
</ul>
<h1><strong>वोटर बिहेवियर</strong></h1>
हालांकि वोटिंग ~60.95% ही रही, लेकिन जो लोग घरों से बाहर आए, उन्होंने साफ संकेत दिया कि उन्हें <strong>काम</strong><strong>, </strong><strong>विकास और ईमानदार नेतृत्व</strong> का रास्ता ज्यादा पसंद है।

तरनतारन उपचुनाव ने साफ कर दिया है कि पंजाब के लोग अभी भी ऐसी सरकार और नेताओं को पसंद करते हैं जो काम करें, विकास करें और साफ नीयत से जनता की सेवा करें। AAP इसे 2027 के बड़े चुनाव से पहले जनसमर्थन की मजबूत शुरुआत मान रही है।]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>Tarn Taran ByPoll 2025: AAP ने 12,000 Votes से जीती Tarn Taran Seat; Akali Dal दूसरे नंबर पर</title>
		<link>https://trendstopic.in/tarn-taran-bypoll-2025-aap-wins-tarn-taran-seat-by-12000-votes-akali-dal-secures-second-place/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 Nov 2025 10:12:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAPVictory]]></category>
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		<category><![CDATA[TarnTaranBypoll]]></category>
		<category><![CDATA[VoteCounting]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब की तरनतारन विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में <strong>आम आदमी पार्टी (</strong><strong>AAP)</strong> ने शानदार जीत दर्ज की है। AAP उम्मीदवार <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> ने <strong>12,091 </strong><strong>वोटों</strong> से जीत हासिल की। उन्हें कुल <strong>42,649 </strong><strong>वोट</strong> मिले। इसी के साथ वह <strong>चौथी बार</strong> तरनतारन से विधायक बने हैं। जीत का आधिकारिक ऐलान थोड़ी देर बाद किया जाएगा, लेकिन काउंटिंग के नतीजों ने तस्वीर साफ कर दी है।
<h2><strong>किसे मिले कितने वोट</strong><strong>?</strong></h2>
<ul>
 	<li><strong>AAP – </strong><strong>हरमीत सिंह संधू:</strong> 42,649 वोट</li>
 	<li><strong>शिअद </strong><strong>– </strong><strong>सुखविंदर कौर रंधावा:</strong> 30,558 वोट</li>
 	<li><strong>अकाली दल</strong><strong>–</strong><strong>वारिस पंजाब दे </strong><strong>– </strong><strong>मनदीप सिंह खालसा:</strong> 19,420 वोट</li>
 	<li><strong>कांग्रेस </strong><strong>– </strong><strong>कर्णबीर सिंह बुर्ज:</strong> 15,078 वोट</li>
 	<li><strong>BJP – </strong><strong>हरजीत सिंह संधू:</strong> 6,239 वोट</li>
</ul>
स्पष्ट है कि इस चुनाव में जनता ने AAP को सबसे ज्यादा सपोर्ट दिया, जबकि कांग्रेस और BJP को बड़ा नुकसान हुआ।
<h2><strong>उपचुनाव क्यों हुआ</strong><strong>?</strong></h2>
2022 के विधानसभा चुनाव में यह सीट AAP नेता <strong>कश्मीर सिंह सोहल</strong> ने जीती थी। उनके निधन के बाद यह सीट खाली हुई और उपचुनाव कराया गया। उपचुनाव में इस बार <strong>60.95% </strong><strong>मतदान</strong> हुआ, जो पिछले चुनाव के 65.81% से थोड़ा कम है।
<h1><strong>राउंड दर राउंड </strong><strong>– </strong><strong>कैसे बढ़ी </strong><strong>AAP </strong><strong>की बढ़त</strong><strong>?</strong></h1>
काउंटिंग की शुरुआत में तस्वीर पूरी तरह अलग थी।
<h3><strong>शुरूआती बढ़त अकाली दल के पास</strong></h3>
<ul>
 	<li>पहले राउंड में अकाली दल की सुखविंदर रंधावा <strong>610 </strong><strong>वोट</strong> से आगे थीं।</li>
 	<li>दूसरे राउंड में उनकी लीड बढ़कर <strong>1480 </strong><strong>वोट</strong> तक पहुंच गई।</li>
 	<li>तीसरे राउंड में लीड घटकर <strong>374 </strong><strong>वोट</strong> रह गई।</li>
</ul>
<h3><strong>चौथे राउंड से खेल बदला</strong></h3>
<ul>
 	<li>4th राउंड में AAP ने पहली बार <strong>179 </strong><strong>वोटों</strong> की लीड ले ली।</li>
 	<li>इसके बाद हर राउंड में AAP की बढ़त बढ़ती गई—</li>
</ul>
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>राउंड</strong></td>
<td><strong>AAP </strong><strong>लीड</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>5वां</td>
<td>187</td>
</tr>
<tr>
<td>6वां</td>
<td>892</td>
</tr>
<tr>
<td>7वां</td>
<td>1836</td>
</tr>
<tr>
<td>8वां</td>
<td>3668</td>
</tr>
<tr>
<td>9वां</td>
<td>5510</td>
</tr>
<tr>
<td>10वां</td>
<td>7294</td>
</tr>
<tr>
<td>11वां</td>
<td>9142</td>
</tr>
<tr>
<td>12वां</td>
<td>10,236</td>
</tr>
<tr>
<td>13वां</td>
<td>11,594</td>
</tr>
<tr>
<td>14वां</td>
<td>11,117</td>
</tr>
<tr>
<td>15वां</td>
<td>11,317</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>16</strong><strong>वां (अंतिम)</strong></td>
<td><strong>12,091 (</strong><strong>जीत)</strong></td>
</tr>
</tbody>
</table>
तेज रफ्तार बढ़त से साफ दिखा कि शहर से लेकर गांव तक AAP का जनाधार मजबूत है।
<h2><strong>मतगणना केंद्रों पर माहौल</strong></h2>
<ul>
 	<li>हर राउंड के बाद AAP समर्थकों ने ढोल, डांस और पटाखों के साथ जश्न मनाया।</li>
 	<li>कई जगहों पर वर्करों ने मिठाइयाँ बांटनी शुरू कर दीं।</li>
 	<li>मतगणना केंद्र के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम रहे और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई।</li>
</ul>
<h1><strong>कौन क्या बोला</strong><strong>? – </strong><strong>नेताओं की प्रतिक्रियाएँ</strong></h1>
<h3><strong>अरविंद केजरीवाल</strong></h3>
“पंजाब ने काम की राजनीति को चुना।”
<h3><strong>मनीष सिसोदिया</strong></h3>
“पंजाब की जनता ने कांग्रेस, BJP और अकाली दल – तीनों को नकार दिया है। लोगों ने AAP की सरकार के काम पर मुहर लगाई है।”
<h3><strong>AAP </strong><strong>नेता कुलदीप धालीवाल</strong></h3>
“यह जीत हमारे कामों की जीत है। हमने सड़कों, बिजली, शिक्षा और नौकरियों पर काम किया है। जनता ने भरोसा दिखाया।”
<h2><strong>वारिस पंजाब दे का प्रदर्शन</strong></h2>
अमृतपाल सिंह की पार्टी <strong>अकाली दल</strong><strong>–</strong><strong>वारिस पंजाब दे</strong> तीसरे स्थान पर रही।
उम्मीदवार मनदीप सिंह ने कहा कि पंथक दलों को एकजुट होकर चुनाव लड़ना चाहिए ताकि आने वाले चुनावों में बेहतर परिणाम मिल सकें।
<h1><strong>कांग्रेस और </strong><strong>BJP </strong><strong>का कमजोर प्रदर्शन</strong></h1>
<ul>
 	<li>कांग्रेस चौथे नंबर पर रही।</li>
 	<li>BJP उम्मीदवार 10 हजार वोट भी नहीं छू पाए और <strong>5</strong><strong>वें स्थान</strong> पर रहे।
यह दोनों पार्टियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।</li>
</ul>
तरनतारन उपचुनाव में AAP की जीत यह साफ दिखाती है कि इलाके में पार्टी की पकड़ मजबूत है।
शुरुआती राउंड में पीछे रहने के बावजूद AAP ने जोरदार वापसी की और लगातार बढ़त लेते हुए बड़ी जीत दर्ज की।
जनता ने एक बार फिर “काम की राजनीति” पर भरोसा जताया है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब की तरनतारन विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में <strong>आम आदमी पार्टी (</strong><strong>AAP)</strong> ने शानदार जीत दर्ज की है। AAP उम्मीदवार <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> ने <strong>12,091 </strong><strong>वोटों</strong> से जीत हासिल की। उन्हें कुल <strong>42,649 </strong><strong>वोट</strong> मिले। इसी के साथ वह <strong>चौथी बार</strong> तरनतारन से विधायक बने हैं। जीत का आधिकारिक ऐलान थोड़ी देर बाद किया जाएगा, लेकिन काउंटिंग के नतीजों ने तस्वीर साफ कर दी है।
<h2><strong>किसे मिले कितने वोट</strong><strong>?</strong></h2>
<ul>
 	<li><strong>AAP – </strong><strong>हरमीत सिंह संधू:</strong> 42,649 वोट</li>
 	<li><strong>शिअद </strong><strong>– </strong><strong>सुखविंदर कौर रंधावा:</strong> 30,558 वोट</li>
 	<li><strong>अकाली दल</strong><strong>–</strong><strong>वारिस पंजाब दे </strong><strong>– </strong><strong>मनदीप सिंह खालसा:</strong> 19,420 वोट</li>
 	<li><strong>कांग्रेस </strong><strong>– </strong><strong>कर्णबीर सिंह बुर्ज:</strong> 15,078 वोट</li>
 	<li><strong>BJP – </strong><strong>हरजीत सिंह संधू:</strong> 6,239 वोट</li>
</ul>
स्पष्ट है कि इस चुनाव में जनता ने AAP को सबसे ज्यादा सपोर्ट दिया, जबकि कांग्रेस और BJP को बड़ा नुकसान हुआ।
<h2><strong>उपचुनाव क्यों हुआ</strong><strong>?</strong></h2>
2022 के विधानसभा चुनाव में यह सीट AAP नेता <strong>कश्मीर सिंह सोहल</strong> ने जीती थी। उनके निधन के बाद यह सीट खाली हुई और उपचुनाव कराया गया। उपचुनाव में इस बार <strong>60.95% </strong><strong>मतदान</strong> हुआ, जो पिछले चुनाव के 65.81% से थोड़ा कम है।
<h1><strong>राउंड दर राउंड </strong><strong>– </strong><strong>कैसे बढ़ी </strong><strong>AAP </strong><strong>की बढ़त</strong><strong>?</strong></h1>
काउंटिंग की शुरुआत में तस्वीर पूरी तरह अलग थी।
<h3><strong>शुरूआती बढ़त अकाली दल के पास</strong></h3>
<ul>
 	<li>पहले राउंड में अकाली दल की सुखविंदर रंधावा <strong>610 </strong><strong>वोट</strong> से आगे थीं।</li>
 	<li>दूसरे राउंड में उनकी लीड बढ़कर <strong>1480 </strong><strong>वोट</strong> तक पहुंच गई।</li>
 	<li>तीसरे राउंड में लीड घटकर <strong>374 </strong><strong>वोट</strong> रह गई।</li>
</ul>
<h3><strong>चौथे राउंड से खेल बदला</strong></h3>
<ul>
 	<li>4th राउंड में AAP ने पहली बार <strong>179 </strong><strong>वोटों</strong> की लीड ले ली।</li>
 	<li>इसके बाद हर राउंड में AAP की बढ़त बढ़ती गई—</li>
</ul>
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>राउंड</strong></td>
<td><strong>AAP </strong><strong>लीड</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>5वां</td>
<td>187</td>
</tr>
<tr>
<td>6वां</td>
<td>892</td>
</tr>
<tr>
<td>7वां</td>
<td>1836</td>
</tr>
<tr>
<td>8वां</td>
<td>3668</td>
</tr>
<tr>
<td>9वां</td>
<td>5510</td>
</tr>
<tr>
<td>10वां</td>
<td>7294</td>
</tr>
<tr>
<td>11वां</td>
<td>9142</td>
</tr>
<tr>
<td>12वां</td>
<td>10,236</td>
</tr>
<tr>
<td>13वां</td>
<td>11,594</td>
</tr>
<tr>
<td>14वां</td>
<td>11,117</td>
</tr>
<tr>
<td>15वां</td>
<td>11,317</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>16</strong><strong>वां (अंतिम)</strong></td>
<td><strong>12,091 (</strong><strong>जीत)</strong></td>
</tr>
</tbody>
</table>
तेज रफ्तार बढ़त से साफ दिखा कि शहर से लेकर गांव तक AAP का जनाधार मजबूत है।
<h2><strong>मतगणना केंद्रों पर माहौल</strong></h2>
<ul>
 	<li>हर राउंड के बाद AAP समर्थकों ने ढोल, डांस और पटाखों के साथ जश्न मनाया।</li>
 	<li>कई जगहों पर वर्करों ने मिठाइयाँ बांटनी शुरू कर दीं।</li>
 	<li>मतगणना केंद्र के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम रहे और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई।</li>
</ul>
<h1><strong>कौन क्या बोला</strong><strong>? – </strong><strong>नेताओं की प्रतिक्रियाएँ</strong></h1>
<h3><strong>अरविंद केजरीवाल</strong></h3>
“पंजाब ने काम की राजनीति को चुना।”
<h3><strong>मनीष सिसोदिया</strong></h3>
“पंजाब की जनता ने कांग्रेस, BJP और अकाली दल – तीनों को नकार दिया है। लोगों ने AAP की सरकार के काम पर मुहर लगाई है।”
<h3><strong>AAP </strong><strong>नेता कुलदीप धालीवाल</strong></h3>
“यह जीत हमारे कामों की जीत है। हमने सड़कों, बिजली, शिक्षा और नौकरियों पर काम किया है। जनता ने भरोसा दिखाया।”
<h2><strong>वारिस पंजाब दे का प्रदर्शन</strong></h2>
अमृतपाल सिंह की पार्टी <strong>अकाली दल</strong><strong>–</strong><strong>वारिस पंजाब दे</strong> तीसरे स्थान पर रही।
उम्मीदवार मनदीप सिंह ने कहा कि पंथक दलों को एकजुट होकर चुनाव लड़ना चाहिए ताकि आने वाले चुनावों में बेहतर परिणाम मिल सकें।
<h1><strong>कांग्रेस और </strong><strong>BJP </strong><strong>का कमजोर प्रदर्शन</strong></h1>
<ul>
 	<li>कांग्रेस चौथे नंबर पर रही।</li>
 	<li>BJP उम्मीदवार 10 हजार वोट भी नहीं छू पाए और <strong>5</strong><strong>वें स्थान</strong> पर रहे।
यह दोनों पार्टियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।</li>
</ul>
तरनतारन उपचुनाव में AAP की जीत यह साफ दिखाती है कि इलाके में पार्टी की पकड़ मजबूत है।
शुरुआती राउंड में पीछे रहने के बावजूद AAP ने जोरदार वापसी की और लगातार बढ़त लेते हुए बड़ी जीत दर्ज की।
जनता ने एक बार फिर “काम की राजनीति” पर भरोसा जताया है।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Tarn Taran Bypoll: 40 साल में सबसे कम मतदान, अब परिणाम तय करेंगे 2027 की Preparation कितनी</title>
		<link>https://trendstopic.in/tarn-taran-bypoll-lowest-voter-turnout-in-40-years-results-to-decide-how-prepared-parties-are-for-2027/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Nov 2025 05:54:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAP]]></category>
		<category><![CDATA[BJP]]></category>
		<category><![CDATA[ByElection2025]]></category>
		<category><![CDATA[congress]]></category>
		<category><![CDATA[ElectionNews]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabElections]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
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		<category><![CDATA[SAD]]></category>
		<category><![CDATA[TarnTaran]]></category>
		<category><![CDATA[TarnTaranBypoll]]></category>
		<category><![CDATA[VoterTurnout]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://trendstopic.in/?p=26662</guid>

					<description><![CDATA[तरनतारन विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों का अब सबको बेसब्री से इंतज़ार है। यह सिर्फ एक उपचुनाव नहीं, बल्कि पंजाब की सियासत के लिए आने वाले <strong>2027 </strong><strong>विधानसभा चुनाव</strong> की तैयारी का टेस्ट माना जा रहा है। सभी बड़ी पार्टियां — <strong>आप</strong><strong>, </strong><strong>अकाली दल</strong><strong>, </strong><strong>कांग्रेस और भाजपा</strong> — इस नतीजे को अपने भविष्य की दिशा तय करने वाला इम्तिहान मान रही हैं।

<strong>40 </strong><strong>साल बाद सबसे कम मतदान</strong>

इस बार तरनतारन में 40 साल बाद सबसे कम मतदान हुआ है।
<strong>शाम </strong><strong>6 </strong><strong>बजे तक कुल </strong><strong>60.95% </strong><strong>वोटिंग</strong> हुई।
अगर पिछले आंकड़ों पर नज़र डालें, तो 1985 में सिर्फ 57.5% मतदान हुआ था। उसके बाद हर चुनाव में वोटिंग इससे ज़्यादा रही। यानी इस बार मतदाताओं का उत्साह औसत ही रहा।
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>साल</strong></td>
<td><strong>मतदान प्रतिशत</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>1977</td>
<td>66.2%</td>
</tr>
<tr>
<td>1980</td>
<td>67.4%</td>
</tr>
<tr>
<td>1985</td>
<td>57.5%</td>
</tr>
<tr>
<td>1992</td>
<td>निर्विरोध विधायक घोषित</td>
</tr>
<tr>
<td>1997</td>
<td>63.8%</td>
</tr>
<tr>
<td>2002</td>
<td>62.9%</td>
</tr>
<tr>
<td>2007</td>
<td>65.7%</td>
</tr>
<tr>
<td>2012</td>
<td>77.1%</td>
</tr>
<tr>
<td>2017</td>
<td>72.2%</td>
</tr>
<tr>
<td>2022</td>
<td>66.0%</td>
</tr>
<tr>
<td>2025</td>
<td>60.95%</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<strong>क्यों अहम है यह चुनाव</strong>

इस उपचुनाव की जीत सभी दलों के लिए बहुत मायने रखती है।
राजनीतिक पार्टियां इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले <strong>अपने परफॉर्मेंस टेस्ट</strong> के रूप में देख रही हैं।
इस नतीजे से साफ होगा कि पिछले साढ़े तीन साल में किस दल ने अपनी ज़मीनी पकड़ मजबूत की है।

<strong>AAP </strong><strong>की सबसे बड़ी परीक्षा</strong>

सत्तारूढ़ <strong>आम आदमी पार्टी (</strong><strong>AAP)</strong> के लिए यह चुनाव <strong>प्रतिष्ठा का सवाल</strong> है।
पार्टी इस जीत से यह संदेश देना चाहती है कि पंजाब में अभी भी “आप” के खिलाफ कोई बड़ी लहर नहीं है।

आप ने इस बार भी अपना पुराना <strong>“</strong><strong>विकास + पंथक</strong><strong>” </strong><strong>फार्मूला</strong> अपनाया।
इस रणनीति को मजबूती उस वक्त मिली जब <strong>पूर्व अकाली विधायक हरमीत सिंह संधू</strong> आप में शामिल हो गए।
संधू पंथक राजनीति में जाना-पहचाना चेहरा हैं — वे 2002, 2007 और 2012 में लगातार विधायक रहे।
2017 और 2022 में वे दूसरे नंबर पर रहे थे। पिछली बार उन्हें आप के दिवंगत विधायक <strong>कश्मीर सिंह सोहल</strong> ने हराया था।
इस बार संधू आप के प्रत्याशी हैं और पार्टी ने उन्हें “विकास का चेहरा” बताकर मैदान में उतारा है।

<strong>शिअद का जवाब </strong><strong>— </strong><strong>सुखविंदर कौर रंधावा</strong>

हरमीत संधू की आप में एंट्री से <strong>शिरोमणि अकाली दल (</strong><strong>SAD)</strong> को झटका लगा, लेकिन पार्टी ने तुरंत पलटवार करते हुए <strong>सुखविंदर कौर रंधावा</strong> को टिकट दिया।
वह एक <strong>धर्मी फौजी की पत्नी</strong> हैं और इलाके में उनका अच्छा जनसंपर्क है।
गांवों के कई <strong>सरपंचों और पार्षदों ने खुलकर उनका समर्थन</strong> किया है।
अकाली दल इस सीट पर पंथक वोटों को अपने पक्ष में बनाए रखने की पूरी कोशिश में है।

<strong>BJP </strong><strong>की भूमिका</strong>

भाजपा के लिए तरनतारन में <strong>खोने को कुछ नहीं</strong>, लेकिन अगर वह अच्छा प्रदर्शन करती है तो <strong>उसका सीधा असर आप के पक्ष में</strong> जा सकता है।
क्योंकि इस सीट पर पंथक वोट कई हिस्सों में बंट रहे हैं — <strong>अकाली दल</strong>, <strong>आप</strong>, <strong>वारिस पंजाब दे समर्थित उम्मीदवार मनदीप सिंह खालसा</strong> और अन्य छोटे अकाली दलों के बीच।
इस वोट बंटवारे से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

<strong>कांग्रेस की वापसी की कोशिश</strong>

कांग्रेस भी इस उपचुनाव में <strong>अपनी खोई हुई ज़मीन दोबारा पाने</strong> की कोशिश कर रही है।
2017 में <strong>कांग्रेस के धर्मबीर अग्निहोत्री</strong> ने यह सीट जीती थी, लेकिन 2022 में पार्टी तीसरे स्थान पर आ गई थी।
अब कांग्रेस चाहती है कि इस नतीजे से वह फिर से मजबूती दिखा सके और 2027 की तैयारी को नई दिशा दे सके।

<strong>विकास बनाम पंथक एजेंडा</strong>

पहले इस इलाके में पंथक राजनीति हावी रहती थी, लेकिन अब लोग <strong>विकास को भी प्राथमिकता</strong> देने लगे हैं।
आप नेताओं ने अपने <strong>साढ़े तीन साल के विकास रिपोर्ट कार्ड</strong> को घर-घर पहुंचाने की कोशिश की।
वहीं, अकाली दल और कांग्रेस ने <strong>धार्मिक और सामाजिक मुद्दों</strong> पर जोर दिया।
यानी इस बार तरनतारन में मुकाबला सिर्फ पंथक नहीं, बल्कि <strong>विकास बनाम पंथक एजेंडे</strong> का भी है।

<strong>अब नतीजों का इंतज़ार</strong>

तरनतारन उपचुनाव की <strong>मतगणना </strong><strong>14 </strong><strong>नवंबर</strong> को होगी।
सभी उम्मीदवारों और समर्थकों की निगाहें अब इसी दिन पर टिकी हैं।
इसका नतीजा न सिर्फ एक सीट का फैसला करेगा, बल्कि यह भी बताएगा कि <strong>पंजाब की जनता </strong><strong>2027 </strong><strong>में किस दिशा में सोच रही है</strong>।

तरनतारन उपचुनाव भले ही एक सीट का चुनाव हो,
लेकिन इसके नतीजे पूरे पंजाब की राजनीति को प्रभावित करेंगे।
यह तय करेगा कि साढ़े तीन साल बाद <strong>कौन सी पार्टी मैदान में कितनी तैयार है</strong>,
किसके पास जनता का भरोसा है,
और किसके लिए अब रणनीति बदलने का वक्त आ गया है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[तरनतारन विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों का अब सबको बेसब्री से इंतज़ार है। यह सिर्फ एक उपचुनाव नहीं, बल्कि पंजाब की सियासत के लिए आने वाले <strong>2027 </strong><strong>विधानसभा चुनाव</strong> की तैयारी का टेस्ट माना जा रहा है। सभी बड़ी पार्टियां — <strong>आप</strong><strong>, </strong><strong>अकाली दल</strong><strong>, </strong><strong>कांग्रेस और भाजपा</strong> — इस नतीजे को अपने भविष्य की दिशा तय करने वाला इम्तिहान मान रही हैं।

<strong>40 </strong><strong>साल बाद सबसे कम मतदान</strong>

इस बार तरनतारन में 40 साल बाद सबसे कम मतदान हुआ है।
<strong>शाम </strong><strong>6 </strong><strong>बजे तक कुल </strong><strong>60.95% </strong><strong>वोटिंग</strong> हुई।
अगर पिछले आंकड़ों पर नज़र डालें, तो 1985 में सिर्फ 57.5% मतदान हुआ था। उसके बाद हर चुनाव में वोटिंग इससे ज़्यादा रही। यानी इस बार मतदाताओं का उत्साह औसत ही रहा।
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>साल</strong></td>
<td><strong>मतदान प्रतिशत</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>1977</td>
<td>66.2%</td>
</tr>
<tr>
<td>1980</td>
<td>67.4%</td>
</tr>
<tr>
<td>1985</td>
<td>57.5%</td>
</tr>
<tr>
<td>1992</td>
<td>निर्विरोध विधायक घोषित</td>
</tr>
<tr>
<td>1997</td>
<td>63.8%</td>
</tr>
<tr>
<td>2002</td>
<td>62.9%</td>
</tr>
<tr>
<td>2007</td>
<td>65.7%</td>
</tr>
<tr>
<td>2012</td>
<td>77.1%</td>
</tr>
<tr>
<td>2017</td>
<td>72.2%</td>
</tr>
<tr>
<td>2022</td>
<td>66.0%</td>
</tr>
<tr>
<td>2025</td>
<td>60.95%</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<strong>क्यों अहम है यह चुनाव</strong>

इस उपचुनाव की जीत सभी दलों के लिए बहुत मायने रखती है।
राजनीतिक पार्टियां इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले <strong>अपने परफॉर्मेंस टेस्ट</strong> के रूप में देख रही हैं।
इस नतीजे से साफ होगा कि पिछले साढ़े तीन साल में किस दल ने अपनी ज़मीनी पकड़ मजबूत की है।

<strong>AAP </strong><strong>की सबसे बड़ी परीक्षा</strong>

सत्तारूढ़ <strong>आम आदमी पार्टी (</strong><strong>AAP)</strong> के लिए यह चुनाव <strong>प्रतिष्ठा का सवाल</strong> है।
पार्टी इस जीत से यह संदेश देना चाहती है कि पंजाब में अभी भी “आप” के खिलाफ कोई बड़ी लहर नहीं है।

आप ने इस बार भी अपना पुराना <strong>“</strong><strong>विकास + पंथक</strong><strong>” </strong><strong>फार्मूला</strong> अपनाया।
इस रणनीति को मजबूती उस वक्त मिली जब <strong>पूर्व अकाली विधायक हरमीत सिंह संधू</strong> आप में शामिल हो गए।
संधू पंथक राजनीति में जाना-पहचाना चेहरा हैं — वे 2002, 2007 और 2012 में लगातार विधायक रहे।
2017 और 2022 में वे दूसरे नंबर पर रहे थे। पिछली बार उन्हें आप के दिवंगत विधायक <strong>कश्मीर सिंह सोहल</strong> ने हराया था।
इस बार संधू आप के प्रत्याशी हैं और पार्टी ने उन्हें “विकास का चेहरा” बताकर मैदान में उतारा है।

<strong>शिअद का जवाब </strong><strong>— </strong><strong>सुखविंदर कौर रंधावा</strong>

हरमीत संधू की आप में एंट्री से <strong>शिरोमणि अकाली दल (</strong><strong>SAD)</strong> को झटका लगा, लेकिन पार्टी ने तुरंत पलटवार करते हुए <strong>सुखविंदर कौर रंधावा</strong> को टिकट दिया।
वह एक <strong>धर्मी फौजी की पत्नी</strong> हैं और इलाके में उनका अच्छा जनसंपर्क है।
गांवों के कई <strong>सरपंचों और पार्षदों ने खुलकर उनका समर्थन</strong> किया है।
अकाली दल इस सीट पर पंथक वोटों को अपने पक्ष में बनाए रखने की पूरी कोशिश में है।

<strong>BJP </strong><strong>की भूमिका</strong>

भाजपा के लिए तरनतारन में <strong>खोने को कुछ नहीं</strong>, लेकिन अगर वह अच्छा प्रदर्शन करती है तो <strong>उसका सीधा असर आप के पक्ष में</strong> जा सकता है।
क्योंकि इस सीट पर पंथक वोट कई हिस्सों में बंट रहे हैं — <strong>अकाली दल</strong>, <strong>आप</strong>, <strong>वारिस पंजाब दे समर्थित उम्मीदवार मनदीप सिंह खालसा</strong> और अन्य छोटे अकाली दलों के बीच।
इस वोट बंटवारे से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

<strong>कांग्रेस की वापसी की कोशिश</strong>

कांग्रेस भी इस उपचुनाव में <strong>अपनी खोई हुई ज़मीन दोबारा पाने</strong> की कोशिश कर रही है।
2017 में <strong>कांग्रेस के धर्मबीर अग्निहोत्री</strong> ने यह सीट जीती थी, लेकिन 2022 में पार्टी तीसरे स्थान पर आ गई थी।
अब कांग्रेस चाहती है कि इस नतीजे से वह फिर से मजबूती दिखा सके और 2027 की तैयारी को नई दिशा दे सके।

<strong>विकास बनाम पंथक एजेंडा</strong>

पहले इस इलाके में पंथक राजनीति हावी रहती थी, लेकिन अब लोग <strong>विकास को भी प्राथमिकता</strong> देने लगे हैं।
आप नेताओं ने अपने <strong>साढ़े तीन साल के विकास रिपोर्ट कार्ड</strong> को घर-घर पहुंचाने की कोशिश की।
वहीं, अकाली दल और कांग्रेस ने <strong>धार्मिक और सामाजिक मुद्दों</strong> पर जोर दिया।
यानी इस बार तरनतारन में मुकाबला सिर्फ पंथक नहीं, बल्कि <strong>विकास बनाम पंथक एजेंडे</strong> का भी है।

<strong>अब नतीजों का इंतज़ार</strong>

तरनतारन उपचुनाव की <strong>मतगणना </strong><strong>14 </strong><strong>नवंबर</strong> को होगी।
सभी उम्मीदवारों और समर्थकों की निगाहें अब इसी दिन पर टिकी हैं।
इसका नतीजा न सिर्फ एक सीट का फैसला करेगा, बल्कि यह भी बताएगा कि <strong>पंजाब की जनता </strong><strong>2027 </strong><strong>में किस दिशा में सोच रही है</strong>।

तरनतारन उपचुनाव भले ही एक सीट का चुनाव हो,
लेकिन इसके नतीजे पूरे पंजाब की राजनीति को प्रभावित करेंगे।
यह तय करेगा कि साढ़े तीन साल बाद <strong>कौन सी पार्टी मैदान में कितनी तैयार है</strong>,
किसके पास जनता का भरोसा है,
और किसके लिए अब रणनीति बदलने का वक्त आ गया है।]]></content:encoded>
					
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		<title>AAP उम्मीदवार Harmeet Singh Sandhu ने Tarn Taran के Voters से की खास Appeal: विकास और भविष्य के लिए Vote करें</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Nov 2025 05:54:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAP]]></category>
		<category><![CDATA[Development]]></category>
		<category><![CDATA[Election2025]]></category>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> ने तरनतारन के सभी मतदाताओं से एक विशेष अपील की है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे <strong>11 </strong><strong>नवंबर को</strong> बड़े पैमाने पर मतदान करें और जिम्मेदारी के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

संधू ने कहा कि वोट सिर्फ किसी एक विधायक चुनने के लिए नहीं है, बल्कि यह <strong>तरनतारन की तरक्की और बच्चों व युवाओं के भविष्य</strong> का फैसला करने का अवसर है। उन्होंने कहा:

“कल का वोट सिर्फ एक विधायक चुनने के लिए नहीं है, बल्कि यह तरनतारन की तरक्की की दिशा तय करने का अवसर है। आपका हर एक वोट हमारे युवाओं, किसानों और परिवारों का भविष्य संवारने का काम करेगा।”

संधू ने मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> की सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि ईमानदार राजनीति से ही वास्तविक बदलाव संभव है। उन्होंने बताया कि सरकार ने बेहतर स्कूल, <strong>आम आदमी क्लीनिक</strong> जैसी स्वास्थ्य सुविधाएँ, रोजगार के नए अवसर और भ्रष्टाचार‑मुक्त प्रशासन लाकर जनता के लिए बदलाव दिखाया है।

उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे समाज को बांटने वाली राजनीति को नकारें और <strong>ईमानदारी और विकास की राजनीति</strong> का समर्थन करें। संधू ने युवाओं और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं से विशेष अनुरोध किया कि वे सुबह जल्दी उठकर मतदान करें और इस उपचुनाव में <strong>रिकॉर्ड भागीदारी</strong> दर्ज कराएं।

“आइए, हम सब मिलकर तरनतारन को लोगों के सहयोग से होने वाले विकास का एक मॉडल बनाएं।”
<h3><strong>ताज़ा अपडेट्स:</strong></h3>
<ul>
 	<li>इस उपचुनाव में <strong>1,92,838 </strong><strong>मतदाता</strong> हैं और <strong>222 </strong><strong>मतदान बूथ</strong> लगाए गए हैं।</li>
 	<li>इस सीट पर कुल <strong>15 </strong><strong>उम्मीदवार</strong> मैदान में हैं, जिसमें से पाँच को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।</li>
 	<li>मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी और माँ भी संधू के समर्थन में प्रचार कर रही हैं।</li>
</ul>
संधू ने कहा कि यह चुनाव सिर्फ व्यक्तिगत जीत का नहीं, बल्कि <strong>तरनतारन की तरक्की और विकास</strong> का चुनाव है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे अपने वोट से <strong>तरनतारन के उज्ज्वल भविष्य</strong> की दिशा तय करने में भाग लें।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> ने तरनतारन के सभी मतदाताओं से एक विशेष अपील की है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे <strong>11 </strong><strong>नवंबर को</strong> बड़े पैमाने पर मतदान करें और जिम्मेदारी के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

संधू ने कहा कि वोट सिर्फ किसी एक विधायक चुनने के लिए नहीं है, बल्कि यह <strong>तरनतारन की तरक्की और बच्चों व युवाओं के भविष्य</strong> का फैसला करने का अवसर है। उन्होंने कहा:

“कल का वोट सिर्फ एक विधायक चुनने के लिए नहीं है, बल्कि यह तरनतारन की तरक्की की दिशा तय करने का अवसर है। आपका हर एक वोट हमारे युवाओं, किसानों और परिवारों का भविष्य संवारने का काम करेगा।”

संधू ने मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> की सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि ईमानदार राजनीति से ही वास्तविक बदलाव संभव है। उन्होंने बताया कि सरकार ने बेहतर स्कूल, <strong>आम आदमी क्लीनिक</strong> जैसी स्वास्थ्य सुविधाएँ, रोजगार के नए अवसर और भ्रष्टाचार‑मुक्त प्रशासन लाकर जनता के लिए बदलाव दिखाया है।

उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे समाज को बांटने वाली राजनीति को नकारें और <strong>ईमानदारी और विकास की राजनीति</strong> का समर्थन करें। संधू ने युवाओं और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं से विशेष अनुरोध किया कि वे सुबह जल्दी उठकर मतदान करें और इस उपचुनाव में <strong>रिकॉर्ड भागीदारी</strong> दर्ज कराएं।

“आइए, हम सब मिलकर तरनतारन को लोगों के सहयोग से होने वाले विकास का एक मॉडल बनाएं।”
<h3><strong>ताज़ा अपडेट्स:</strong></h3>
<ul>
 	<li>इस उपचुनाव में <strong>1,92,838 </strong><strong>मतदाता</strong> हैं और <strong>222 </strong><strong>मतदान बूथ</strong> लगाए गए हैं।</li>
 	<li>इस सीट पर कुल <strong>15 </strong><strong>उम्मीदवार</strong> मैदान में हैं, जिसमें से पाँच को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।</li>
 	<li>मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी और माँ भी संधू के समर्थन में प्रचार कर रही हैं।</li>
</ul>
संधू ने कहा कि यह चुनाव सिर्फ व्यक्तिगत जीत का नहीं, बल्कि <strong>तरनतारन की तरक्की और विकास</strong> का चुनाव है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे अपने वोट से <strong>तरनतारन के उज्ज्वल भविष्य</strong> की दिशा तय करने में भाग लें।]]></content:encoded>
					
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		<title>BJP ने Punjab के किसानों को हर कदम पर किया अनदेखा : Harchand Singh Barsat</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 11 Nov 2025 03:32:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAP]]></category>
		<category><![CDATA[Agriculture]]></category>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रदेश महासचिव और पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन <strong>स. हरचंद सिंह बरसट</strong> ने तरनतारन विधानसभा उपचुनाव में प्रचार करते हुए <strong>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)</strong> पर किसानों के मुद्दों को लेकर <strong>कड़ा हमला</strong> बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने हमेशा से <strong>पंजाब के किसानों की अनदेखी</strong> की है और उनके साथ <strong>भेदभाव</strong> किया है।

बरसट ने कहा कि भाजपा सरकार ने पहले <strong>तीन कृषि कानून</strong> लाकर खेती को <strong>कॉरपोरेट कंपनियों के हाथों में सौंपने की कोशिश</strong> की थी। लेकिन पंजाब के किसानों के <strong>लंबे संघर्ष</strong> और जमीन पर डटे रहने की वजह से आखिरकार केंद्र सरकार को ये कानून वापस लेने पड़े।
उन्होंने कहा, <em>“</em><em>इस आंदोलन में सैकड़ों किसानों ने अपनी जानें गंवाईं। देश का किसान यह बात कभी नहीं भूलेगा और समय आने पर भाजपा को इसका जवाब जरूर देगा।</em><em>”</em>

<strong>पंजाब सरकार किसानों के साथ </strong><strong>– </strong><strong>बरसट</strong>

बरसट ने कहा कि दूसरी ओर पंजाब की <strong>आम आदमी पार्टी सरकार</strong> ने किसानों के हित में <strong>बड़े-बड़े फैसले</strong> लिए हैं।
उन्होंने बताया कि इस साल बाढ़ की वजह से पंजाब के कई इलाकों में <strong>फसलों को भारी नुकसान</strong> हुआ था। इसके बावजूद <strong>केंद्र सरकार ने कोई मदद नहीं दी</strong>, जबकि पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>स. भगवंत सिंह मान</strong> ने किसानों को <strong>20,000 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़</strong> मुआवजा देने का फैसला लिया।
यह मुआवजा <strong>पूरा देश में सबसे ज्यादा</strong> है।

<strong>मंडियों में खरीद का सुचारू प्रबंध</strong>

स. बरसट ने यह भी बताया कि पंजाब की सभी मंडियों में <strong>धान की खरीद आसानी से</strong> चल रही है। किसानों की फसल की खरीद के बाद <strong>भुगतान सीधे बैंक खाते में</strong> डाला जा रहा है।
मंडियों में किसानों, मजदूरों और आढ़तियों के लिए <strong>पानी</strong><strong>, </strong><strong>आराम</strong><strong>, </strong><strong>ढुलाई और लिफ्टिंग</strong> सहित सभी सुविधाओं का <strong>पुख्ता इंतज़ाम</strong> किया गया है।

<strong>तरनतारन के लोग देंगे जवाब</strong>

बरसट ने कहा कि तरनतारन के लोग भाजपा की <strong>किसान विरोधी नीतियों</strong> और <strong>लोक विरोधी फैसलों</strong> को जानते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि इस उपचुनाव में <strong>आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार स. हरमीत सिंह संधू को भारी मतों से विजयी</strong> बनाएं, ताकि तरनतारन क्षेत्र का विकास तेज़ी से आगे बढ़ सके।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रदेश महासचिव और पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन <strong>स. हरचंद सिंह बरसट</strong> ने तरनतारन विधानसभा उपचुनाव में प्रचार करते हुए <strong>भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)</strong> पर किसानों के मुद्दों को लेकर <strong>कड़ा हमला</strong> बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने हमेशा से <strong>पंजाब के किसानों की अनदेखी</strong> की है और उनके साथ <strong>भेदभाव</strong> किया है।

बरसट ने कहा कि भाजपा सरकार ने पहले <strong>तीन कृषि कानून</strong> लाकर खेती को <strong>कॉरपोरेट कंपनियों के हाथों में सौंपने की कोशिश</strong> की थी। लेकिन पंजाब के किसानों के <strong>लंबे संघर्ष</strong> और जमीन पर डटे रहने की वजह से आखिरकार केंद्र सरकार को ये कानून वापस लेने पड़े।
उन्होंने कहा, <em>“</em><em>इस आंदोलन में सैकड़ों किसानों ने अपनी जानें गंवाईं। देश का किसान यह बात कभी नहीं भूलेगा और समय आने पर भाजपा को इसका जवाब जरूर देगा।</em><em>”</em>

<strong>पंजाब सरकार किसानों के साथ </strong><strong>– </strong><strong>बरसट</strong>

बरसट ने कहा कि दूसरी ओर पंजाब की <strong>आम आदमी पार्टी सरकार</strong> ने किसानों के हित में <strong>बड़े-बड़े फैसले</strong> लिए हैं।
उन्होंने बताया कि इस साल बाढ़ की वजह से पंजाब के कई इलाकों में <strong>फसलों को भारी नुकसान</strong> हुआ था। इसके बावजूद <strong>केंद्र सरकार ने कोई मदद नहीं दी</strong>, जबकि पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>स. भगवंत सिंह मान</strong> ने किसानों को <strong>20,000 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़</strong> मुआवजा देने का फैसला लिया।
यह मुआवजा <strong>पूरा देश में सबसे ज्यादा</strong> है।

<strong>मंडियों में खरीद का सुचारू प्रबंध</strong>

स. बरसट ने यह भी बताया कि पंजाब की सभी मंडियों में <strong>धान की खरीद आसानी से</strong> चल रही है। किसानों की फसल की खरीद के बाद <strong>भुगतान सीधे बैंक खाते में</strong> डाला जा रहा है।
मंडियों में किसानों, मजदूरों और आढ़तियों के लिए <strong>पानी</strong><strong>, </strong><strong>आराम</strong><strong>, </strong><strong>ढुलाई और लिफ्टिंग</strong> सहित सभी सुविधाओं का <strong>पुख्ता इंतज़ाम</strong> किया गया है।

<strong>तरनतारन के लोग देंगे जवाब</strong>

बरसट ने कहा कि तरनतारन के लोग भाजपा की <strong>किसान विरोधी नीतियों</strong> और <strong>लोक विरोधी फैसलों</strong> को जानते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि इस उपचुनाव में <strong>आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार स. हरमीत सिंह संधू को भारी मतों से विजयी</strong> बनाएं, ताकि तरनतारन क्षेत्र का विकास तेज़ी से आगे बढ़ सके।]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>Tarn Taran Bypoll: All India Terrorism Victims Association ने किया APP का समर्थन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 09 Nov 2025 07:30:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[AamAadmiParty]]></category>
		<category><![CDATA[AAP]]></category>
		<category><![CDATA[ByElection]]></category>
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		<category><![CDATA[TerrorismVictimsAssociation]]></category>
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					<description><![CDATA[तरनतारन विधानसभा उपचुनाव में आम आदमी पार्टी को एक बड़ी मजबूती उस समय मिली, जब ऑल इंडिया आतंकवाद पीड़ित एसोसिएशन ने ‘आप’ उम्मीदवार <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> के समर्थन का ऐलान किया। इस फैसले को उपचुनाव की राजनीति में एक अहम बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि तरनतारन और आसपास के इलाकों में आतंकवाद पीड़ित परिवारों की संख्या काफी अधिक है और उनका वोट चुनाव में बड़ा असर डालता है।

एसोसिएशन के प्रमुख <strong>डॉ. बोध राज हस्तीर</strong> ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की। इस दौरान पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री <strong>हरदीप सिंह मुंडियां</strong>, वरिष्ठ नेता <strong>बरिंदर गोयल</strong> और पंजाब सरकार के डायरेक्टर <strong>रविंदर हंस</strong> भी मौजूद थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ी संख्या में आतंकवाद पीड़ित परिवारों के सदस्य भी पहुंचे।

डॉ. हस्तीर ने कहा कि आतंकवाद के दौर में हजारों परिवारों ने अपने अपने परिजन खोए, लेकिन लंबे समय तक उन्हें सही न्याय और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने पीड़ित परिवारों की बात सुनी है और उनके लिए ठोस कदम उठाने की इच्छा रखती है।

<strong>डॉ. हस्तीर ने कहा:</strong>

“हम ऐसे उम्मीदवार को विधानसभा भेजना चाहते हैं जो हमारे दर्द को समझे और हमारे हकों के लिए आवाज उठाए। हमें भरोसा है कि हरमीत संधू ये जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएंगे। पीड़ित परिवार एकजुट होकर उन्हें भारी बहुमत से जिताएंगे।”

इस मौके पर <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> ने भी सभी परिवारों का धन्यवाद किया और कहा कि वे पंजाब में आतंकवाद के दौर में पीड़ित हुए परिवारों की समस्याओं को गंभीरता से विधानसभा में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की इज़्ज़त, आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक अधिकार उनकी प्राथमिकता में रहेंगे।

कैबिनेट मंत्री <strong>हरदीप सिंह मुंडियां</strong> ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी द्वारा यह उपचुनाव पंजाब में ईमानदार राजनीति और लोगों की भलाई के मुद्दों पर लड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों का भरोसा दिखाता है कि तरनतारन के नागरिक बदलाव चाहते हैं।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, आतंकवाद पीड़ित एसोसिएशन का यह समर्थन उपचुनाव में बड़ा फैक्टर साबित हो सकता है। स्थानीय मतदान में इनके वोटों की संख्या प्रभावी मानी जाती है और यह फैसला चुनाव के नतीजों को सीधा प्रभावित कर सकता है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[तरनतारन विधानसभा उपचुनाव में आम आदमी पार्टी को एक बड़ी मजबूती उस समय मिली, जब ऑल इंडिया आतंकवाद पीड़ित एसोसिएशन ने ‘आप’ उम्मीदवार <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> के समर्थन का ऐलान किया। इस फैसले को उपचुनाव की राजनीति में एक अहम बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि तरनतारन और आसपास के इलाकों में आतंकवाद पीड़ित परिवारों की संख्या काफी अधिक है और उनका वोट चुनाव में बड़ा असर डालता है।

एसोसिएशन के प्रमुख <strong>डॉ. बोध राज हस्तीर</strong> ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की। इस दौरान पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री <strong>हरदीप सिंह मुंडियां</strong>, वरिष्ठ नेता <strong>बरिंदर गोयल</strong> और पंजाब सरकार के डायरेक्टर <strong>रविंदर हंस</strong> भी मौजूद थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ी संख्या में आतंकवाद पीड़ित परिवारों के सदस्य भी पहुंचे।

डॉ. हस्तीर ने कहा कि आतंकवाद के दौर में हजारों परिवारों ने अपने अपने परिजन खोए, लेकिन लंबे समय तक उन्हें सही न्याय और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने पीड़ित परिवारों की बात सुनी है और उनके लिए ठोस कदम उठाने की इच्छा रखती है।

<strong>डॉ. हस्तीर ने कहा:</strong>

“हम ऐसे उम्मीदवार को विधानसभा भेजना चाहते हैं जो हमारे दर्द को समझे और हमारे हकों के लिए आवाज उठाए। हमें भरोसा है कि हरमीत संधू ये जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएंगे। पीड़ित परिवार एकजुट होकर उन्हें भारी बहुमत से जिताएंगे।”

इस मौके पर <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> ने भी सभी परिवारों का धन्यवाद किया और कहा कि वे पंजाब में आतंकवाद के दौर में पीड़ित हुए परिवारों की समस्याओं को गंभीरता से विधानसभा में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की इज़्ज़त, आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक अधिकार उनकी प्राथमिकता में रहेंगे।

कैबिनेट मंत्री <strong>हरदीप सिंह मुंडियां</strong> ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी द्वारा यह उपचुनाव पंजाब में ईमानदार राजनीति और लोगों की भलाई के मुद्दों पर लड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों का भरोसा दिखाता है कि तरनतारन के नागरिक बदलाव चाहते हैं।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, आतंकवाद पीड़ित एसोसिएशन का यह समर्थन उपचुनाव में बड़ा फैक्टर साबित हो सकता है। स्थानीय मतदान में इनके वोटों की संख्या प्रभावी मानी जाती है और यह फैसला चुनाव के नतीजों को सीधा प्रभावित कर सकता है।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Harmeet Sandhu के अभियान को मिली बड़ी मजबूती, Akali Dal Trade Wing के अध्यक्ष Mukhtar Sandhu दर्जनों साथियों सहित APP में शामिल</title>
		<link>https://trendstopic.in/harmeet-sandhus-campaign-gets-a-major-boost-akali-dal-trade-wing-president-mukhtar-sandhu-joins-aap-along-with-dozens-of-supporters/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Nov 2025 06:23:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AamAadmiParty]]></category>
		<category><![CDATA[AAP]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[ElectionCampaign]]></category>
		<category><![CDATA[HarmeetSandhu]]></category>
		<category><![CDATA[MukhtarSandhu]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalNews]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabPolitics]]></category>
		<category><![CDATA[TarnTaranBypoll]]></category>
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					<description><![CDATA[तरनतारन विधानसभा उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> के चुनाव अभियान को आज बड़ी ताक़त मिली। <strong>अकाली दल ट्रेड विंग के अध्यक्ष मुख्तार सिंह संधू</strong> ने अपने दर्जनों समर्थकों और साथियों के साथ <strong>आम आदमी पार्टी</strong> का दामन थाम लिया।

यह शामिल होना तरनतारन की राजनीति में एक <strong>बड़ा बदलाव</strong> माना जा रहा है, क्योंकि मुख्तार संधू पहले अकाली दल में एक सक्रिय और प्रभावशाली चेहरा माने जाते थे। उन्होंने कहा कि <strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान</strong> की सरकार ने <strong>सिफारिश और रिश्वत वाली राजनीति</strong> को खत्म कर <strong>योग्यता और मेहनत</strong> को आगे रखा है, इसी वजह से उन्होंने और उनके साथियों ने ‘आप’ चुनने का फैसला लिया।

शामिल होने का यह कार्यक्रम <strong>तरनतारन में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस</strong> के दौरान आयोजित किया गया। इस मौके पर ‘आप’ पंजाब के <strong>कार्यकारी अध्यक्ष शैरी कलसी</strong>, <strong>कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर</strong>, <strong>सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर</strong>, <strong>कैबिनेट मंत्री वरिंदर गोयल</strong>, और <strong>हरचंद सिंह बरसट</strong> मौजूद रहे। सभी नेताओं ने नए सदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

इस दौरान <strong>अंजू वर्मा और कुलविंदर कौर</strong> की प्रेरणा से <strong>वार्ड नंबर </strong><strong>10</strong>, <strong>गांव मुरादपुरा कलां</strong> और आसपास के इलाकों से भी कई लोग ‘आप’ में शामिल हुए। इनमें <strong>रमन संधू</strong><strong>, </strong><strong>जज सिंह</strong><strong>, </strong><strong>रमनदीप कौर</strong><strong>, </strong><strong>हर्ष कपूर</strong><strong>, </strong><strong>शिव सिंह और नरेश गिल</strong> जैसे नाम विशेष रूप से शामिल हैं।

<strong>“</strong><strong>मेहनत की कद्र सिर्फ </strong><strong>‘</strong><strong>आप</strong><strong>’ </strong><strong>में है</strong><strong>” – </strong><strong>मंत्री भुल्लर</strong>

कैबिनेट मंत्री <strong>लालजीत सिंह भुल्लर</strong> ने कहा कि बहुत से नौजवान और नेता पारंपरिक पार्टियों में <strong>मेहनत करने के बावजूद अनदेखे</strong> रह जाते थे। लेकिन AAP में <strong>जिसकी मेहनत</strong><strong>, </strong><strong>उसे ही सम्मान और मौका</strong> मिलता है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मान की सरकार ने:
<ul>
 	<li><strong>56,000 </strong><strong>से अधिक सरकारी नौकरियां</strong> बिना रिश्वत और बिना सिफारिश के दीं।</li>
 	<li>पंजाब के <strong>90% </strong><strong>घरों के बिजली बिल शून्य (</strong><strong>Zero Bill)</strong> कर दिए।</li>
 	<li><strong>10 </strong><strong>लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड</strong> (insurance health scheme) शुरू किया।</li>
</ul>
उन्होंने कहा कि यह फैसले सिर्फ बात नहीं, बल्कि <strong>जमीन पर दिखने वाला काम</strong> हैं, इसी कारण लोग खुद AAP को चुन रहे हैं।

<strong>“</strong><strong>नौकरी अब पैसे से नहीं</strong><strong>, </strong><strong>योग्यता से मिल रही है</strong><strong>” – </strong><strong>मंत्री गोयल</strong>

कैबिनेट मंत्री <strong>वरिंदर गोयल</strong> ने कहा कि AAP सरकार ने पंजाब में यह सोच बदल दी है कि नौकरी सिर्फ <strong>पैसे या सिफ़ारिश</strong> से मिलती है। अब नौकरी <strong>योग्यता के आधार</strong> पर मिल रही है।

उन्होंने कहा कि इसी बदलाव की वजह से <strong>युवाओं का विदेश जाने का रुझान भी कम हुआ है</strong>, क्योंकि अब उन्हें <strong>अपने राज्य में ही अवसर</strong> मिल रहे हैं।

<strong>हरमीत संधू को मजबूत समर्थन</strong>

‘आप’ नेताओं ने कहा कि <strong>तरनतारन के लोग अब सिर्फ काम को वोट देंगे</strong>। उन्होंने दावा किया कि <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है और वे <strong>बड़े अंतर से जीत</strong> दर्ज करेंगे।

इस शामिल होने से AAP के चुनाव अभियान में नई जान आ गई है। तरनतारन की चुनावी हवा अब और भी दिलचस्प हो चुकी है, और आने वाले दिनों में यह मुकाबला <strong>काफी चर्चा का विषय</strong> रहेगा।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[तरनतारन विधानसभा उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> के चुनाव अभियान को आज बड़ी ताक़त मिली। <strong>अकाली दल ट्रेड विंग के अध्यक्ष मुख्तार सिंह संधू</strong> ने अपने दर्जनों समर्थकों और साथियों के साथ <strong>आम आदमी पार्टी</strong> का दामन थाम लिया।

यह शामिल होना तरनतारन की राजनीति में एक <strong>बड़ा बदलाव</strong> माना जा रहा है, क्योंकि मुख्तार संधू पहले अकाली दल में एक सक्रिय और प्रभावशाली चेहरा माने जाते थे। उन्होंने कहा कि <strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान</strong> की सरकार ने <strong>सिफारिश और रिश्वत वाली राजनीति</strong> को खत्म कर <strong>योग्यता और मेहनत</strong> को आगे रखा है, इसी वजह से उन्होंने और उनके साथियों ने ‘आप’ चुनने का फैसला लिया।

शामिल होने का यह कार्यक्रम <strong>तरनतारन में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस</strong> के दौरान आयोजित किया गया। इस मौके पर ‘आप’ पंजाब के <strong>कार्यकारी अध्यक्ष शैरी कलसी</strong>, <strong>कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर</strong>, <strong>सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर</strong>, <strong>कैबिनेट मंत्री वरिंदर गोयल</strong>, और <strong>हरचंद सिंह बरसट</strong> मौजूद रहे। सभी नेताओं ने नए सदस्यों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

इस दौरान <strong>अंजू वर्मा और कुलविंदर कौर</strong> की प्रेरणा से <strong>वार्ड नंबर </strong><strong>10</strong>, <strong>गांव मुरादपुरा कलां</strong> और आसपास के इलाकों से भी कई लोग ‘आप’ में शामिल हुए। इनमें <strong>रमन संधू</strong><strong>, </strong><strong>जज सिंह</strong><strong>, </strong><strong>रमनदीप कौर</strong><strong>, </strong><strong>हर्ष कपूर</strong><strong>, </strong><strong>शिव सिंह और नरेश गिल</strong> जैसे नाम विशेष रूप से शामिल हैं।

<strong>“</strong><strong>मेहनत की कद्र सिर्फ </strong><strong>‘</strong><strong>आप</strong><strong>’ </strong><strong>में है</strong><strong>” – </strong><strong>मंत्री भुल्लर</strong>

कैबिनेट मंत्री <strong>लालजीत सिंह भुल्लर</strong> ने कहा कि बहुत से नौजवान और नेता पारंपरिक पार्टियों में <strong>मेहनत करने के बावजूद अनदेखे</strong> रह जाते थे। लेकिन AAP में <strong>जिसकी मेहनत</strong><strong>, </strong><strong>उसे ही सम्मान और मौका</strong> मिलता है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मान की सरकार ने:
<ul>
 	<li><strong>56,000 </strong><strong>से अधिक सरकारी नौकरियां</strong> बिना रिश्वत और बिना सिफारिश के दीं।</li>
 	<li>पंजाब के <strong>90% </strong><strong>घरों के बिजली बिल शून्य (</strong><strong>Zero Bill)</strong> कर दिए।</li>
 	<li><strong>10 </strong><strong>लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड</strong> (insurance health scheme) शुरू किया।</li>
</ul>
उन्होंने कहा कि यह फैसले सिर्फ बात नहीं, बल्कि <strong>जमीन पर दिखने वाला काम</strong> हैं, इसी कारण लोग खुद AAP को चुन रहे हैं।

<strong>“</strong><strong>नौकरी अब पैसे से नहीं</strong><strong>, </strong><strong>योग्यता से मिल रही है</strong><strong>” – </strong><strong>मंत्री गोयल</strong>

कैबिनेट मंत्री <strong>वरिंदर गोयल</strong> ने कहा कि AAP सरकार ने पंजाब में यह सोच बदल दी है कि नौकरी सिर्फ <strong>पैसे या सिफ़ारिश</strong> से मिलती है। अब नौकरी <strong>योग्यता के आधार</strong> पर मिल रही है।

उन्होंने कहा कि इसी बदलाव की वजह से <strong>युवाओं का विदेश जाने का रुझान भी कम हुआ है</strong>, क्योंकि अब उन्हें <strong>अपने राज्य में ही अवसर</strong> मिल रहे हैं।

<strong>हरमीत संधू को मजबूत समर्थन</strong>

‘आप’ नेताओं ने कहा कि <strong>तरनतारन के लोग अब सिर्फ काम को वोट देंगे</strong>। उन्होंने दावा किया कि <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है और वे <strong>बड़े अंतर से जीत</strong> दर्ज करेंगे।

इस शामिल होने से AAP के चुनाव अभियान में नई जान आ गई है। तरनतारन की चुनावी हवा अब और भी दिलचस्प हो चुकी है, और आने वाले दिनों में यह मुकाबला <strong>काफी चर्चा का विषय</strong> रहेगा।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Raja Warring की कथित जातिवादी टिप्पणी पर Controversy तेज़, AAP नेता Harmeet Singh Sandhu का Congress पर बड़ा हमला</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Nov 2025 05:46:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAP]]></category>
		<category><![CDATA[BootaSingh]]></category>
		<category><![CDATA[congress]]></category>
		<category><![CDATA[DalitRights]]></category>
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		<category><![CDATA[PunjabPolitics]]></category>
		<category><![CDATA[RajaWarring]]></category>
		<category><![CDATA[TarnTaranBypoll]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब की राजनीति में इन दिनों एक बयान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि <strong>पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग</strong> ने <strong>दिवंगत वरिष्ठ दलित नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सरदार बूटा सिंह</strong> के खिलाफ जातिगत और अपमानजनक टिप्पणी की। इस मुद्दे पर <strong>आम आदमी पार्टी (</strong><strong>AAP)</strong> ने कांग्रेस को घेरा है और <strong>वड़िंग को पार्टी से बाहर निकालने</strong> की मांग की है।

<strong>AAP </strong><strong>नेता और तरनतारन उपचुनाव के उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू</strong> ने कहा कि वड़िंग का बयान सिर्फ “ज़ुबान फिसलना” नहीं, बल्कि <strong>पूरे दलित समुदाय का अपमान</strong> है। संधू का कहना है कि वड़िंग की माफ़ी असली पछतावा नहीं है, बल्कि सिर्फ अपनी <strong>इमेज और राजनीतिक कुर्सी बचाने की कोशिश</strong> है।

<strong>संधू ने क्या कहा</strong><strong>?</strong>

संधू ने बताया कि सरदार बूटा सिंह कोई आम नेता नहीं थे। वे <strong>देश के बड़े दलित चेहरों में से एक</strong>, पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और सम्मानित राष्ट्रीय नेता थे। अगर कोई नेता <strong>इतनी बड़ी शख्सियत</strong> को जाति के आधार पर नीचा दिखा सकता है, तो सोचिए <strong>आम दलित नागरिक के लिए उनकी सोच कैसी होगी</strong>।

उन्होंने कहा:

“पंजाब गुरुओं और समानता की धरती है। यहाँ जाति का घमंड या भेदभाव की कोई जगह नहीं है। राजा वड़िंग जैसे नेताओं को राजनीति में रहने का <strong>कोई नैतिक अधिकार नहीं</strong> है। कांग्रेस को उन्हें अध्यक्ष बनाने की जगह पार्टी से <strong>निकाल देना चाहिए</strong>।”

<strong>कांग्रेस पर दलित-विरोधी सोच का आरोप</strong>

संधू ने कहा कि यह घटना कोई पहली बार नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस में <strong>दलितों को लेकर भेदभाव की सोच</strong> पहले से चली आ रही है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इसके पहले भी <strong>प्रताप बाजवा और सुनील जाखड़</strong> जैसे कांग्रेस नेताओं द्वारा ऐसी टिप्पणियाँ की जा चुकी हैं।

संधू के अनुसार, कांग्रेस <strong>डॉ. अंबेडकर का सम्मान सिर्फ दिखावे में करती है</strong>, जबकि व्यवहार में दलित नेताओं को नीचा दिखाया जाता है।

<strong>क्या मांग रखी गई</strong><strong>?</strong>
<ul>
 	<li><strong>राजा वड़िंग को तुरंत कांग्रेस से बाहर निकाला जाए</strong></li>
 	<li>कांग्रेस पार्टी को <strong>दलित समाज से सार्वजनिक माफ़ी</strong> मांगनी चाहिए</li>
 	<li>ऐसी मानसिकता को <strong>कानूनी और राजनीतिक सज़ा</strong> मिलनी चाहिए</li>
</ul>
<strong>मामला क्यों गरमाया</strong><strong>?</strong>

सोशल मीडिया पर वड़िंग के बयान का वीडियो वायरल हुआ।
इसके बाद कांग्रेस की ओर से सफ़ाई और माफ़ी आई, लेकिन राजनीतिक दलों ने इसे <strong>डैमेज कंट्रोल</strong> बताते हुए खारिज कर दिया।

इस विवाद के बीच <strong>तरनतारन उपचुनाव</strong> भी है, जहाँ संधू AAP की ओर से उम्मीदवार हैं, इसलिए इस मुद्दे ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है।

यह मामला सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं रह गया है।
यह <strong>दलित सम्मान</strong><strong>, </strong><strong>राजनीतिक संस्कार</strong><strong>, </strong><strong>और पंजाब की सामाजिक सोच</strong> के सवाल से जुड़ गया है।
अब देखना यह होगा कि <strong>कांग्रेस पार्टी राजा वड़िंग पर क्या कार्रवाई करती है</strong> और यह विवाद आने वाले दिनों में <strong>पंजाब की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है</strong>।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब की राजनीति में इन दिनों एक बयान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि <strong>पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग</strong> ने <strong>दिवंगत वरिष्ठ दलित नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सरदार बूटा सिंह</strong> के खिलाफ जातिगत और अपमानजनक टिप्पणी की। इस मुद्दे पर <strong>आम आदमी पार्टी (</strong><strong>AAP)</strong> ने कांग्रेस को घेरा है और <strong>वड़िंग को पार्टी से बाहर निकालने</strong> की मांग की है।

<strong>AAP </strong><strong>नेता और तरनतारन उपचुनाव के उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू</strong> ने कहा कि वड़िंग का बयान सिर्फ “ज़ुबान फिसलना” नहीं, बल्कि <strong>पूरे दलित समुदाय का अपमान</strong> है। संधू का कहना है कि वड़िंग की माफ़ी असली पछतावा नहीं है, बल्कि सिर्फ अपनी <strong>इमेज और राजनीतिक कुर्सी बचाने की कोशिश</strong> है।

<strong>संधू ने क्या कहा</strong><strong>?</strong>

संधू ने बताया कि सरदार बूटा सिंह कोई आम नेता नहीं थे। वे <strong>देश के बड़े दलित चेहरों में से एक</strong>, पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और सम्मानित राष्ट्रीय नेता थे। अगर कोई नेता <strong>इतनी बड़ी शख्सियत</strong> को जाति के आधार पर नीचा दिखा सकता है, तो सोचिए <strong>आम दलित नागरिक के लिए उनकी सोच कैसी होगी</strong>।

उन्होंने कहा:

“पंजाब गुरुओं और समानता की धरती है। यहाँ जाति का घमंड या भेदभाव की कोई जगह नहीं है। राजा वड़िंग जैसे नेताओं को राजनीति में रहने का <strong>कोई नैतिक अधिकार नहीं</strong> है। कांग्रेस को उन्हें अध्यक्ष बनाने की जगह पार्टी से <strong>निकाल देना चाहिए</strong>।”

<strong>कांग्रेस पर दलित-विरोधी सोच का आरोप</strong>

संधू ने कहा कि यह घटना कोई पहली बार नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस में <strong>दलितों को लेकर भेदभाव की सोच</strong> पहले से चली आ रही है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इसके पहले भी <strong>प्रताप बाजवा और सुनील जाखड़</strong> जैसे कांग्रेस नेताओं द्वारा ऐसी टिप्पणियाँ की जा चुकी हैं।

संधू के अनुसार, कांग्रेस <strong>डॉ. अंबेडकर का सम्मान सिर्फ दिखावे में करती है</strong>, जबकि व्यवहार में दलित नेताओं को नीचा दिखाया जाता है।

<strong>क्या मांग रखी गई</strong><strong>?</strong>
<ul>
 	<li><strong>राजा वड़िंग को तुरंत कांग्रेस से बाहर निकाला जाए</strong></li>
 	<li>कांग्रेस पार्टी को <strong>दलित समाज से सार्वजनिक माफ़ी</strong> मांगनी चाहिए</li>
 	<li>ऐसी मानसिकता को <strong>कानूनी और राजनीतिक सज़ा</strong> मिलनी चाहिए</li>
</ul>
<strong>मामला क्यों गरमाया</strong><strong>?</strong>

सोशल मीडिया पर वड़िंग के बयान का वीडियो वायरल हुआ।
इसके बाद कांग्रेस की ओर से सफ़ाई और माफ़ी आई, लेकिन राजनीतिक दलों ने इसे <strong>डैमेज कंट्रोल</strong> बताते हुए खारिज कर दिया।

इस विवाद के बीच <strong>तरनतारन उपचुनाव</strong> भी है, जहाँ संधू AAP की ओर से उम्मीदवार हैं, इसलिए इस मुद्दे ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है।

यह मामला सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं रह गया है।
यह <strong>दलित सम्मान</strong><strong>, </strong><strong>राजनीतिक संस्कार</strong><strong>, </strong><strong>और पंजाब की सामाजिक सोच</strong> के सवाल से जुड़ गया है।
अब देखना यह होगा कि <strong>कांग्रेस पार्टी राजा वड़िंग पर क्या कार्रवाई करती है</strong> और यह विवाद आने वाले दिनों में <strong>पंजाब की राजनीति को किस दिशा में ले जाता है</strong>।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Tarn Taran Bypoll से पहले APP को बड़ा Political समर्थन, Jhabbal इलाके के सैकड़ों परिवार Party में हुए शामिल</title>
		<link>https://trendstopic.in/aam-aadmi-party-gets-major-political-boost-ahead-of-tarn-taran-bypoll-hundreds-of-families-from-jhabbal-area-join-the-party/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 02 Nov 2025 04:29:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AamAadmiParty]]></category>
		<category><![CDATA[AAPPunjab]]></category>
		<category><![CDATA[AAPSupport]]></category>
		<category><![CDATA[ByElection]]></category>
		<category><![CDATA[Jhabbal]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalNews]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabPolitics]]></category>
		<category><![CDATA[punjabupdates]]></category>
		<category><![CDATA[TarnTaranBypoll]]></category>
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					<description><![CDATA[<em>हरमीत संधू की जीत तय</em><em>, </em><em>लोग मान सरकार के कामों से प्रभावित होकर जुड़ रहे </em><em>‘</em><em>आप</em><em>’ </em><em>से: बरिंदर गोयल</em>

तरनतारन विधानसभा हलके के उपचुनाव से पहले <strong>आम आदमी पार्टी (</strong><strong>AAP)</strong> को बड़ा सियासी बल मिला है। झबाल पुख्ता और झबाल अड्डा इलाके के <strong>सैकड़ों परिवारों ने आम आदमी पार्टी में शामिल होने की घोषणा की</strong>। इस मौके पर <strong>कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल</strong> ने इन सभी परिवारों को <strong>औपचारिक तौर पर पार्टी में शामिल करवाया</strong>।

यह शमूलियत (joining) कार्यक्रम <strong>सरपंच मोनू चीमा</strong>, <strong>हलका पायल से विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा</strong>, और <strong>चेयरमैन रणजोध सिंह हडाणा</strong> के नेतृत्व में हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग, महिलाएं और नौजवान शामिल हुए।

मंच से लोगों को संबोधित करते हुए <strong>मंत्री बरिंदर गोयल</strong> ने कहा कि आज बड़ी संख्या में <strong>माताएं और बहनें आम आदमी पार्टी का हिस्सा बनी हैं</strong>, जिससे पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि यह सब <strong>स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की मेहनत</strong> का नतीजा है।

गोयल ने दावा किया कि अब झबाल क्षेत्र के परिवारों के साथ आने से <strong>‘</strong><strong>आप</strong><strong>’ </strong><strong>उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू की जीत पूरी तरह पक्की</strong> हो गई है। उन्होंने कहा कि हरमीत संधू न सिर्फ पार्टी के उम्मीदवार हैं, बल्कि वे एक ऐसे इंसान हैं जो <strong>लोगों की असली जरूरतों और समस्याओं को समझते हैं।</strong>

<strong>लोग </strong><strong>‘</strong><strong>आप</strong><strong>’ </strong><strong>से क्यों जुड़ रहे हैं</strong><strong>?</strong>

बरिंदर गोयल ने कहा कि लोग <strong>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</strong> और <strong>अरविंद केजरीवाल</strong> की नीतियों और सोच से प्रभावित होकर पार्टी से जुड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि <strong>मान सरकार ने पिछले पौने चार सालों में ऐसे काम किए हैं</strong><strong>, </strong><strong>जो पिछली सरकारें </strong><strong>70 </strong><strong>साल में नहीं कर सकीं।</strong>

मंत्री ने कहा कि मान सरकार ने <strong>शिक्षा</strong><strong>, </strong><strong>स्वास्थ्य</strong><strong>, </strong><strong>बिजली</strong><strong>, </strong><strong>और रोजगार</strong> जैसे मुद्दों पर जनता को राहत दी है।
उन्होंने बताया कि अब <strong>तरनतारन हलका पूरी तरह भगवंत मान के हक में एकजुट हो चुका है</strong>, और जनता विकास चाहती है, न कि झगड़े या आरोप-प्रत्यारोप।

<strong>विरोधी पार्टियों पर निशाना</strong>

गोयल ने विरोधी पार्टियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब उनके पास <strong>जनता को बताने के लिए कोई काम नहीं बचा है</strong>।
उन्होंने कहा कि “कुछ पार्टियां अब <strong>फौजियों के नाम पर</strong>, तो कुछ <strong>धर्म के नाम पर</strong> वोट मांग रही हैं। लेकिन जनता सब जानती है कि <strong>बेअदबियों के वक्त कौन सी सरकारें थीं</strong> और किसने पंजाब को पीछे किया।”

मंत्री ने कहा कि “<strong>पंजाब के असली वारिस हमारी माताएं और बहनें हैं</strong>, जो समझदारी से वोट डालकर राज्य का भविष्य तय करेंगी।”

<strong>जनता से अपील</strong>

बरिंदर गोयल ने लोगों से अपील की कि वे <strong>हरमीत सिंह संधू को बड़े अंतर से जिताएं</strong>, ताकि तरनतारन हलके में <strong>विकास कार्यों की रफ्तार और तेज</strong> हो सके।
उन्होंने कहा कि मान सरकार का मकसद है कि <strong>हर गांव और हर गली </strong><strong>‘</strong><strong>रंगला पंजाब</strong><strong>’ </strong><strong>का हिस्सा बने</strong>, जहां हर नागरिक को समान अवसर मिले और सुविधाएं पहुंचें।

<strong>कार्यक्रम का माहौल</strong>

कार्यक्रम के दौरान लोगों में जोश देखने लायक था। महिलाओं ने नारे लगाए – <em>“</em><em>इंकलाब ज़िंदाबाद</em><em>”</em> और <em>“AAP </em><em>सरकार जिंदाबाद</em><em>”</em>।
कई लोगों ने कहा कि वे <strong>मान सरकार के मुफ्त बिजली</strong><strong>, </strong><strong>अच्छे स्कूल और अस्पतालों की योजनाओं</strong> से खुश हैं और अब वे चाहते हैं कि तरनतारन में भी ‘आप’ का झंडा लहराए।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<em>हरमीत संधू की जीत तय</em><em>, </em><em>लोग मान सरकार के कामों से प्रभावित होकर जुड़ रहे </em><em>‘</em><em>आप</em><em>’ </em><em>से: बरिंदर गोयल</em>

तरनतारन विधानसभा हलके के उपचुनाव से पहले <strong>आम आदमी पार्टी (</strong><strong>AAP)</strong> को बड़ा सियासी बल मिला है। झबाल पुख्ता और झबाल अड्डा इलाके के <strong>सैकड़ों परिवारों ने आम आदमी पार्टी में शामिल होने की घोषणा की</strong>। इस मौके पर <strong>कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल</strong> ने इन सभी परिवारों को <strong>औपचारिक तौर पर पार्टी में शामिल करवाया</strong>।

यह शमूलियत (joining) कार्यक्रम <strong>सरपंच मोनू चीमा</strong>, <strong>हलका पायल से विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा</strong>, और <strong>चेयरमैन रणजोध सिंह हडाणा</strong> के नेतृत्व में हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग, महिलाएं और नौजवान शामिल हुए।

मंच से लोगों को संबोधित करते हुए <strong>मंत्री बरिंदर गोयल</strong> ने कहा कि आज बड़ी संख्या में <strong>माताएं और बहनें आम आदमी पार्टी का हिस्सा बनी हैं</strong>, जिससे पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि यह सब <strong>स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की मेहनत</strong> का नतीजा है।

गोयल ने दावा किया कि अब झबाल क्षेत्र के परिवारों के साथ आने से <strong>‘</strong><strong>आप</strong><strong>’ </strong><strong>उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू की जीत पूरी तरह पक्की</strong> हो गई है। उन्होंने कहा कि हरमीत संधू न सिर्फ पार्टी के उम्मीदवार हैं, बल्कि वे एक ऐसे इंसान हैं जो <strong>लोगों की असली जरूरतों और समस्याओं को समझते हैं।</strong>

<strong>लोग </strong><strong>‘</strong><strong>आप</strong><strong>’ </strong><strong>से क्यों जुड़ रहे हैं</strong><strong>?</strong>

बरिंदर गोयल ने कहा कि लोग <strong>मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</strong> और <strong>अरविंद केजरीवाल</strong> की नीतियों और सोच से प्रभावित होकर पार्टी से जुड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि <strong>मान सरकार ने पिछले पौने चार सालों में ऐसे काम किए हैं</strong><strong>, </strong><strong>जो पिछली सरकारें </strong><strong>70 </strong><strong>साल में नहीं कर सकीं।</strong>

मंत्री ने कहा कि मान सरकार ने <strong>शिक्षा</strong><strong>, </strong><strong>स्वास्थ्य</strong><strong>, </strong><strong>बिजली</strong><strong>, </strong><strong>और रोजगार</strong> जैसे मुद्दों पर जनता को राहत दी है।
उन्होंने बताया कि अब <strong>तरनतारन हलका पूरी तरह भगवंत मान के हक में एकजुट हो चुका है</strong>, और जनता विकास चाहती है, न कि झगड़े या आरोप-प्रत्यारोप।

<strong>विरोधी पार्टियों पर निशाना</strong>

गोयल ने विरोधी पार्टियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब उनके पास <strong>जनता को बताने के लिए कोई काम नहीं बचा है</strong>।
उन्होंने कहा कि “कुछ पार्टियां अब <strong>फौजियों के नाम पर</strong>, तो कुछ <strong>धर्म के नाम पर</strong> वोट मांग रही हैं। लेकिन जनता सब जानती है कि <strong>बेअदबियों के वक्त कौन सी सरकारें थीं</strong> और किसने पंजाब को पीछे किया।”

मंत्री ने कहा कि “<strong>पंजाब के असली वारिस हमारी माताएं और बहनें हैं</strong>, जो समझदारी से वोट डालकर राज्य का भविष्य तय करेंगी।”

<strong>जनता से अपील</strong>

बरिंदर गोयल ने लोगों से अपील की कि वे <strong>हरमीत सिंह संधू को बड़े अंतर से जिताएं</strong>, ताकि तरनतारन हलके में <strong>विकास कार्यों की रफ्तार और तेज</strong> हो सके।
उन्होंने कहा कि मान सरकार का मकसद है कि <strong>हर गांव और हर गली </strong><strong>‘</strong><strong>रंगला पंजाब</strong><strong>’ </strong><strong>का हिस्सा बने</strong>, जहां हर नागरिक को समान अवसर मिले और सुविधाएं पहुंचें।

<strong>कार्यक्रम का माहौल</strong>

कार्यक्रम के दौरान लोगों में जोश देखने लायक था। महिलाओं ने नारे लगाए – <em>“</em><em>इंकलाब ज़िंदाबाद</em><em>”</em> और <em>“AAP </em><em>सरकार जिंदाबाद</em><em>”</em>।
कई लोगों ने कहा कि वे <strong>मान सरकार के मुफ्त बिजली</strong><strong>, </strong><strong>अच्छे स्कूल और अस्पतालों की योजनाओं</strong> से खुश हैं और अब वे चाहते हैं कि तरनतारन में भी ‘आप’ का झंडा लहराए।]]></content:encoded>
					
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