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	<title>takhtsahib &#8211; Trends Topic</title>
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	<title>takhtsahib &#8211; Trends Topic</title>
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		<title>Punjab Vidhan sabha का बड़ा फैसला: तीन Takht Sahib वाले शहर हुए ‘pavitar sahar’ घोषित, शराब–मांस की बिक्री completely banned</title>
		<link>https://trendstopic.in/punjab-assembly-takes-major-decision-cities-with-three-takht-sahibs-declared-holy-cities-sale-of-alcohol-and-meat-completely-banned/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Nov 2025 03:45:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[Amritsar]]></category>
		<category><![CDATA[AnandpurSahib]]></category>
		<category><![CDATA[ArvindKejriwal]]></category>
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		<category><![CDATA[TalwandiSabo]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अमृतसर की वॉल्ड सिटी, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब—जहाँ सिखों के तीन प्रमुख तख्त साहिब स्थित हैं—को <strong>‘</strong><strong>पवित्र शहर</strong><strong>’ (Holy City)</strong> घोषित कर दिया है।

मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> और AAP के राष्ट्रीय संयोजक <strong>अरविंद केजरीवाल</strong> ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि लोगों की यह मांग कई दशकों से उठ रही थी, जिसे अब सरकार ने पूरा कर दिया है।

<strong>क्यों घोषित किए गए पवित्र शहर</strong><strong>?</strong>

मुख्यमंत्री ने बताया कि सिख धर्म के कुल पाँच तख्त साहिब हैं, जिनमें से तीन पंजाब में आते हैं—
<ul>
 	<li><strong>श्री अकाल तख्त साहिब</strong><strong>, </strong><strong>अमृतसर</strong></li>
 	<li><strong>तख्त श्री दमदमा साहिब</strong><strong>, </strong><strong>तलवंडी साबो (बठिंडा)</strong></li>
 	<li><strong>तख्त श्री केसगढ़ साहिब</strong><strong>, </strong><strong>श्री आनंदपुर साहिब</strong></li>
</ul>
ये शहर धार्मिक ही नहीं, बल्कि हमारी <strong>सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत</strong> के भी मजबूत प्रतीक हैं।

श्री आनंदपुर साहिब का इतिहास खास है। माना जाता है कि <strong>श्री गुरु तेग बहादुर जी</strong> ने खुद यह शहर बसाया था और यहां के लिए जमीन भी खरीदी थी। उनके पुत्र <strong>श्री गुरु गोबिंद सिंह जी</strong> करीब <strong>30 </strong><strong>साल तक</strong> इसी पवित्र धरती पर रहे।
यही पर <strong>खालसा पंथ की स्थापना</strong> भी की गई थी। गुरु गोबिंद सिंह जी के <strong>चार साहिबजादों में से तीन का जन्म</strong> यहीं हुआ था।

इन्हीं कारणों से लोग लंबे समय से इन जगहों को पवित्र शहर घोषित करने की मांग कर रहे थे।

<strong>अब क्या बदलेगा</strong><strong>?</strong>

सरकार ने इन पवित्र शहरों में <strong>मांस</strong><strong>, </strong><strong>शराब</strong><strong>, </strong><strong>तंबाकू और सभी नशे के सामान की बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध</strong> लगा दिया है।

सरकार का कहना है कि यह फैसला किसी एक पार्टी या समुदाय का नहीं, बल्कि पंजाब की <strong>धार्मिक पहचान और विरासत</strong> को सुरक्षित रखने के लिए लिया गया है।

<strong>विधानसभा में प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास</strong>

मुख्यमंत्री मान ने इस फैसले को पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव के रूप में प्रस्तुत किया, जिसे <strong>सभी विधायकों ने एकमत</strong> होकर मंज़ूर किया।
इसके अलावा, इन शहरों में एक <strong>सर्व</strong><strong>–</strong><strong>धर्म समिति</strong> बनाई जाएगी, जिसमें सभी धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि होंगे। यह समिति धार्मिक सौहार्द और शहरों के विकास से जुड़े मुद्दों पर काम करेगी।

<strong>धार्मिक पर्यटन और विकास पर ज़ोर</strong>

सरकार ने कहा कि—
<ul>
 	<li>पवित्र शहरों में <strong>धार्मिक पर्यटन (</strong><strong>religious tourism)</strong> बढ़ाया जाएगा</li>
 	<li><strong>साफ</strong><strong>–</strong><strong>सफाई</strong>, <strong>सुरक्षा</strong>, <strong>फुटपाथ</strong>, <strong>लाइटिंग</strong>, <strong>सड़कें</strong>, और ज़रूरी सुविधाएँ बेहतर की जाएँगी</li>
 	<li>इसके लिए राज्य सरकार <strong>अलग बजट</strong> देगी</li>
 	<li>केंद्र सरकार से भी फंड मांगे जाएंगे</li>
</ul>
सरकार का कहना है कि इन शहरों की विरासत को सांभालना आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद ज़रूरी है।

<strong>गुरु तेग बहादुर जी के </strong><strong>350</strong><strong>वें शहीदी दिवस को समर्पित विशेष सत्र</strong>

यह फैसला ऐसे समय आया है जब पूरे पंजाब में <strong>श्री गुरु तेग बहादुर जी के </strong><strong>350</strong><strong>वें शहीदी दिवस</strong> के उपलक्ष्य में बड़े समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।
आज जो विधानसभा सत्र हुआ, वह भी इसी शहीदी दिवस को समर्पित था।

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत विश्व इतिहास में <strong>अद्वितीय</strong> है, क्योंकि उन्होंने <strong>दूसरों के धर्म की रक्षा</strong> के लिए अपना बलिदान दिया। गुरु साहिब <strong>मानव अधिकार</strong>, <strong>धार्मिक स्वतंत्रता</strong>, <strong>मानवता</strong>, और <strong>भाईचारे</strong> के प्रतीक थे।

<strong>आने वाले समय में हर साल मनाया जाएगा शहीदी दिवस</strong>

मुख्यमंत्री ने बताया कि ये समारोह आगे भी जारी रहेंगे और गुरु साहिब के शहीदी दिवस को हर साल बड़े स्तर पर मनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी पवित्र स्थलों पर <strong>व्यापक इंतज़ाम</strong> किए हैं ताकि लोग बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकें।

<strong>सरकार का संदेश</strong>

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे गुरु साहिब के दिखाए रास्ते—
<strong>मानवता</strong><strong>, </strong><strong>सेवा</strong><strong>, </strong><strong>न्याय और सच्चाई</strong>—पर चलें।
उन्होंने कहा कि इन पवित्र शहरों को विकसित करना सरकार की ही नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अमृतसर की वॉल्ड सिटी, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब—जहाँ सिखों के तीन प्रमुख तख्त साहिब स्थित हैं—को <strong>‘</strong><strong>पवित्र शहर</strong><strong>’ (Holy City)</strong> घोषित कर दिया है।

मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> और AAP के राष्ट्रीय संयोजक <strong>अरविंद केजरीवाल</strong> ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि लोगों की यह मांग कई दशकों से उठ रही थी, जिसे अब सरकार ने पूरा कर दिया है।

<strong>क्यों घोषित किए गए पवित्र शहर</strong><strong>?</strong>

मुख्यमंत्री ने बताया कि सिख धर्म के कुल पाँच तख्त साहिब हैं, जिनमें से तीन पंजाब में आते हैं—
<ul>
 	<li><strong>श्री अकाल तख्त साहिब</strong><strong>, </strong><strong>अमृतसर</strong></li>
 	<li><strong>तख्त श्री दमदमा साहिब</strong><strong>, </strong><strong>तलवंडी साबो (बठिंडा)</strong></li>
 	<li><strong>तख्त श्री केसगढ़ साहिब</strong><strong>, </strong><strong>श्री आनंदपुर साहिब</strong></li>
</ul>
ये शहर धार्मिक ही नहीं, बल्कि हमारी <strong>सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत</strong> के भी मजबूत प्रतीक हैं।

श्री आनंदपुर साहिब का इतिहास खास है। माना जाता है कि <strong>श्री गुरु तेग बहादुर जी</strong> ने खुद यह शहर बसाया था और यहां के लिए जमीन भी खरीदी थी। उनके पुत्र <strong>श्री गुरु गोबिंद सिंह जी</strong> करीब <strong>30 </strong><strong>साल तक</strong> इसी पवित्र धरती पर रहे।
यही पर <strong>खालसा पंथ की स्थापना</strong> भी की गई थी। गुरु गोबिंद सिंह जी के <strong>चार साहिबजादों में से तीन का जन्म</strong> यहीं हुआ था।

इन्हीं कारणों से लोग लंबे समय से इन जगहों को पवित्र शहर घोषित करने की मांग कर रहे थे।

<strong>अब क्या बदलेगा</strong><strong>?</strong>

सरकार ने इन पवित्र शहरों में <strong>मांस</strong><strong>, </strong><strong>शराब</strong><strong>, </strong><strong>तंबाकू और सभी नशे के सामान की बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध</strong> लगा दिया है।

सरकार का कहना है कि यह फैसला किसी एक पार्टी या समुदाय का नहीं, बल्कि पंजाब की <strong>धार्मिक पहचान और विरासत</strong> को सुरक्षित रखने के लिए लिया गया है।

<strong>विधानसभा में प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास</strong>

मुख्यमंत्री मान ने इस फैसले को पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव के रूप में प्रस्तुत किया, जिसे <strong>सभी विधायकों ने एकमत</strong> होकर मंज़ूर किया।
इसके अलावा, इन शहरों में एक <strong>सर्व</strong><strong>–</strong><strong>धर्म समिति</strong> बनाई जाएगी, जिसमें सभी धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि होंगे। यह समिति धार्मिक सौहार्द और शहरों के विकास से जुड़े मुद्दों पर काम करेगी।

<strong>धार्मिक पर्यटन और विकास पर ज़ोर</strong>

सरकार ने कहा कि—
<ul>
 	<li>पवित्र शहरों में <strong>धार्मिक पर्यटन (</strong><strong>religious tourism)</strong> बढ़ाया जाएगा</li>
 	<li><strong>साफ</strong><strong>–</strong><strong>सफाई</strong>, <strong>सुरक्षा</strong>, <strong>फुटपाथ</strong>, <strong>लाइटिंग</strong>, <strong>सड़कें</strong>, और ज़रूरी सुविधाएँ बेहतर की जाएँगी</li>
 	<li>इसके लिए राज्य सरकार <strong>अलग बजट</strong> देगी</li>
 	<li>केंद्र सरकार से भी फंड मांगे जाएंगे</li>
</ul>
सरकार का कहना है कि इन शहरों की विरासत को सांभालना आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद ज़रूरी है।

<strong>गुरु तेग बहादुर जी के </strong><strong>350</strong><strong>वें शहीदी दिवस को समर्पित विशेष सत्र</strong>

यह फैसला ऐसे समय आया है जब पूरे पंजाब में <strong>श्री गुरु तेग बहादुर जी के </strong><strong>350</strong><strong>वें शहीदी दिवस</strong> के उपलक्ष्य में बड़े समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।
आज जो विधानसभा सत्र हुआ, वह भी इसी शहीदी दिवस को समर्पित था।

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत विश्व इतिहास में <strong>अद्वितीय</strong> है, क्योंकि उन्होंने <strong>दूसरों के धर्म की रक्षा</strong> के लिए अपना बलिदान दिया। गुरु साहिब <strong>मानव अधिकार</strong>, <strong>धार्मिक स्वतंत्रता</strong>, <strong>मानवता</strong>, और <strong>भाईचारे</strong> के प्रतीक थे।

<strong>आने वाले समय में हर साल मनाया जाएगा शहीदी दिवस</strong>

मुख्यमंत्री ने बताया कि ये समारोह आगे भी जारी रहेंगे और गुरु साहिब के शहीदी दिवस को हर साल बड़े स्तर पर मनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी पवित्र स्थलों पर <strong>व्यापक इंतज़ाम</strong> किए हैं ताकि लोग बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकें।

<strong>सरकार का संदेश</strong>

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे गुरु साहिब के दिखाए रास्ते—
<strong>मानवता</strong><strong>, </strong><strong>सेवा</strong><strong>, </strong><strong>न्याय और सच्चाई</strong>—पर चलें।
उन्होंने कहा कि इन पवित्र शहरों को विकसित करना सरकार की ही नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>CM Mann सरकार ने पूरा किया वादा: 55 साल बाद बनेगा तख़्त श्री केसगढ़ साहिब के सामने &#8216;विरासती मार्ग&#8217;</title>
		<link>https://trendstopic.in/cm-bhagwant-manns-big-announcement-after-55-years-a-heritage-route-will-be-built-in-front-of-takht-sri-kesgarh-sahib/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Oct 2025 06:22:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[AAPGovernment]]></category>
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					<description><![CDATA[<p data-start="222" data-end="693">पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए तख़्त श्री केसगढ़ साहिब गुरुद्वारे के सामने विरासती मार्ग (Heritage Street) बनाने की घोषणा की है। यह वही सड़क परियोजना है जिसकी नींव 1970 में रखी गई थी, लेकिन पिछले 55 वर्षों में किसी भी सरकार ने इसे प्राथमिकता नहीं दी। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने अब इस अधूरी परियोजना को पूरा करने का बीड़ा उठाया है, जिससे न सिर्फ सिख धर्म के इस पवित्र स्थल का सम्मान बढ़ेगा बल्कि श्रद्धालुओं को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।</p>
<p data-start="695" data-end="1210">तख़्त श्री केसगढ़ साहिब सिख धर्म के पांच पवित्र तख्तों में से एक है, जहां 1699 में गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। इस ऐतिहासिक स्थल के सामने से गुजरने वाली सड़क की दशकों से अनदेखी होती रही है। 1970 में जब इस परियोजना की नींव रखी गई थी, तब यह उम्मीद की गई थी कि जल्द ही यह मार्ग तैयार होगा। लेकिन आज़ादी के बाद सत्ता में आई विभिन्न सरकारों—चाहे अकाली-भाजपा गठबंधन हो या कांग्रेस—किसी ने भी इस ओर गंभीरता नहीं दिखाई। धार्मिक स्थलों के नाम पर घोषणाएं और वादे तो खूब हुए, लेकिन ज़मीनी हकीकत नहीं बदली।</p>
<p data-start="1212" data-end="1675">श्रद्धालुओं को हर साल विशेषकर वैसाखी और होला मोहल्ला जैसे बड़े पर्वों पर तख़्त साहिब पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। टूटी हुई सड़कें, अव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने इस पवित्र स्थल की गरिमा को भी प्रभावित किया है। पिछली सरकारों ने धार्मिक स्थलों के विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे किए, लेकिन असल में जनता को कुछ नहीं मिला। अब आम आदमी पार्टी की सरकार ने यह दिखा दिया है कि वह केवल घोषणा नहीं, काम करने में विश्वास रखती है।</p>
<p data-start="1677" data-end="2073">मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया है कि जनता का पैसा अब जनता के काम में लगेगा, न कि भ्रष्टाचार में। विरासती मार्ग परियोजना को पूरा करने का निर्णय इसी सोच का उदाहरण है। इस मार्ग के बनने से न सिर्फ तख़्त साहिब आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी, बल्कि आनंदपुर साहिब के पूरे क्षेत्र को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी।</p>
<img class="alignnone wp-image-25766" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/10/256eec7b-ad36-4213-9665-609d4342b4a1-1-300x169.jpg" alt="" width="987" height="556" />
<p data-start="2075" data-end="2488">यह परियोजना भगवंत मान सरकार की उस विकासशील सोच का प्रतीक है, जिसमें धार्मिक और सांस्कृतिक विरासतों को संरक्षित करते हुए भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। जहां पुरानी सरकारें सिर्फ चुनावों के समय धार्मिक स्थलों को याद करती थीं, वहीं आप सरकार ने जमीन पर काम शुरू कर दिया है। यह फैसला न सिर्फ एक अधूरी परियोजना को पूरा करने का प्रयास है, बल्कि यह पंजाब की संस्कृति और श्रद्धा को सम्मान देने का भी उदाहरण है।</p>
<p data-start="2490" data-end="2871">आनंदपुर साहिब के लोग और सिख संगत इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जो काम 55 साल में नहीं हुआ, वह अब होने जा रहा है। भगवंत मान की सरकार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब नीयत साफ हो और इरादे मजबूत हों, तो वर्षों से लटके काम भी पूरे किए जा सकते हैं। यह निर्णय सरकार की संवेदनशीलता और ज़िम्मेदारी को दर्शाता है, जो पंजाब की भावनाओं के साथ जुड़कर काम कर रही है।</p>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p data-start="222" data-end="693">पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए तख़्त श्री केसगढ़ साहिब गुरुद्वारे के सामने विरासती मार्ग (Heritage Street) बनाने की घोषणा की है। यह वही सड़क परियोजना है जिसकी नींव 1970 में रखी गई थी, लेकिन पिछले 55 वर्षों में किसी भी सरकार ने इसे प्राथमिकता नहीं दी। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने अब इस अधूरी परियोजना को पूरा करने का बीड़ा उठाया है, जिससे न सिर्फ सिख धर्म के इस पवित्र स्थल का सम्मान बढ़ेगा बल्कि श्रद्धालुओं को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।</p>
<p data-start="695" data-end="1210">तख़्त श्री केसगढ़ साहिब सिख धर्म के पांच पवित्र तख्तों में से एक है, जहां 1699 में गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। इस ऐतिहासिक स्थल के सामने से गुजरने वाली सड़क की दशकों से अनदेखी होती रही है। 1970 में जब इस परियोजना की नींव रखी गई थी, तब यह उम्मीद की गई थी कि जल्द ही यह मार्ग तैयार होगा। लेकिन आज़ादी के बाद सत्ता में आई विभिन्न सरकारों—चाहे अकाली-भाजपा गठबंधन हो या कांग्रेस—किसी ने भी इस ओर गंभीरता नहीं दिखाई। धार्मिक स्थलों के नाम पर घोषणाएं और वादे तो खूब हुए, लेकिन ज़मीनी हकीकत नहीं बदली।</p>
<p data-start="1212" data-end="1675">श्रद्धालुओं को हर साल विशेषकर वैसाखी और होला मोहल्ला जैसे बड़े पर्वों पर तख़्त साहिब पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। टूटी हुई सड़कें, अव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की कमी ने इस पवित्र स्थल की गरिमा को भी प्रभावित किया है। पिछली सरकारों ने धार्मिक स्थलों के विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे किए, लेकिन असल में जनता को कुछ नहीं मिला। अब आम आदमी पार्टी की सरकार ने यह दिखा दिया है कि वह केवल घोषणा नहीं, काम करने में विश्वास रखती है।</p>
<p data-start="1677" data-end="2073">मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया है कि जनता का पैसा अब जनता के काम में लगेगा, न कि भ्रष्टाचार में। विरासती मार्ग परियोजना को पूरा करने का निर्णय इसी सोच का उदाहरण है। इस मार्ग के बनने से न सिर्फ तख़्त साहिब आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी, बल्कि आनंदपुर साहिब के पूरे क्षेत्र को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी।</p>
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<p data-start="2075" data-end="2488">यह परियोजना भगवंत मान सरकार की उस विकासशील सोच का प्रतीक है, जिसमें धार्मिक और सांस्कृतिक विरासतों को संरक्षित करते हुए भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। जहां पुरानी सरकारें सिर्फ चुनावों के समय धार्मिक स्थलों को याद करती थीं, वहीं आप सरकार ने जमीन पर काम शुरू कर दिया है। यह फैसला न सिर्फ एक अधूरी परियोजना को पूरा करने का प्रयास है, बल्कि यह पंजाब की संस्कृति और श्रद्धा को सम्मान देने का भी उदाहरण है।</p>
<p data-start="2490" data-end="2871">आनंदपुर साहिब के लोग और सिख संगत इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जो काम 55 साल में नहीं हुआ, वह अब होने जा रहा है। भगवंत मान की सरकार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब नीयत साफ हो और इरादे मजबूत हों, तो वर्षों से लटके काम भी पूरे किए जा सकते हैं। यह निर्णय सरकार की संवेदनशीलता और ज़िम्मेदारी को दर्शाता है, जो पंजाब की भावनाओं के साथ जुड़कर काम कर रही है।</p>]]></content:encoded>
					
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