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	<title>SchoolOfEminence &#8211; Trends Topic</title>
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	<title>SchoolOfEminence &#8211; Trends Topic</title>
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	<item>
		<title>Mann सरकार ने पूरा किया बड़ा वादा! Phagwara को मिला करोड़ों की लागत का World-Class ‘School of Eminence’</title>
		<link>https://trendstopic.in/mann-government-fulfills-a-major-promise-phagwara-gets-a-world-class-school-of-eminence-built-at-a-cost-of-crores/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Dec 2025 04:13:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चंडीगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[Development]]></category>
		<category><![CDATA[Education]]></category>
		<category><![CDATA[EducationReform]]></category>
		<category><![CDATA[GovernmentSchools]]></category>
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		<category><![CDATA[MannGovernment]]></category>
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		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[SchoolOfEminence]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई कहानी लिखी जा रही है, और उसका सबसे बड़ा और चमकदार उदाहरण है—<strong>फगवाड़ा का सरकारी </strong><strong>‘</strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस</strong><strong>’</strong>। यह वही स्कूल है जो सालों तक टूटा-फूटा रहा, जिसे लोग अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते थे। लेकिन मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> के नेतृत्व में सरकार ने इसे पूरी तरह बदल दिया।
आज यही स्कूल करोड़ों रुपये की लागत से एक <strong>वर्ल्ड-क्लास मॉडर्न स्कूल</strong> बन चुका है।
<h3><strong>Old to Outstanding – </strong><strong>छात्रों ने खुद दिया नया नाम</strong></h3>
फगवाड़ा सरकारी स्कूल में हुए बदलाव इतने बड़े हैं कि छात्रों ने इसे खुद “<strong>Old to Outstanding</strong>” नाम दे दिया। पहले जहां बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ते थे, अब वे वही स्कूल छोड़कर इस सरकारी स्कूल में दाखिला ले रहे हैं।
उनका कहना है कि, <em>“</em><em>इतनी अच्छी सुविधाएँ हमें कहीं और नहीं मिल रहीं।”</em>

यह साबित करता है कि मान सरकार सिर्फ वादे नहीं कर रही, बल्कि जमीन पर काम कर रही है।
<h2><strong>फ्री में प्राइवेट जैसी शिक्षा </strong><strong>– </strong><strong>बड़ा कदम</strong></h2>
फगवाड़ा स्कूल ऑफ एमिनेंस में बच्चों के लिए अब वे सभी सुविधाएँ हैं जो पहले सिर्फ महंगे प्राइवेट स्कूलों में मिलती थीं—वो भी <strong>पूरी तरह मुफ्त</strong>।
सरकार का पूरा मकसद है कि गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को भी वही क्वालिटी मिले जो बड़े स्कूल देते हैं।
<h2><strong>स्कूल के अंदर की हाई-टेक सुविधाएँ</strong></h2>
यह स्कूल अब पूरी तरह मॉडर्न रूप में बदल चुका है। यहाँ मिल रही सुविधाएँ:
<ul>
 	<li>हाई-टेक स्मार्ट क्लासरूम</li>
 	<li>एडवांस साइंस लेबोरेटरी</li>
 	<li>साफ-सुथरी और आधुनिक लाइब्रेरी</li>
 	<li>स्टाफ रूम</li>
 	<li>बड़ा मल्टीपर्पज़ हॉल</li>
 	<li>सुरक्षित कैंपस में सिक्योरिटी गार्ड</li>
 	<li>लड़कियों और लड़कों के लिए अलग साफ टॉयलेट</li>
 	<li>दूर-दराज़ के बच्चों के लिए <strong>स्कूल बस सेवा</strong></li>
</ul>
यह बदलाव किसी क्रांति से कम नहीं।
<h2><strong>JEE </strong><strong>और </strong><strong>NEET </strong><strong>की मुफ्त कोचिंग</strong></h2>
इस स्कूल में सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए भी तैयारी होती है।
यहाँ <strong>JEE, NEET</strong> जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की <em>फ्री कोचिंग</em> दी जा रही है, जो प्राइवेट में बेहद महंगी होती है।

इससे गरीब परिवारों के बच्चे भी बड़े सपने पूरे कर सकते हैं।
<h2><strong>खेलों में भी नया इतिहास</strong></h2>
स्कूल में एक <strong>अत्याधुनिक एस्ट्रोटर्फ फुटबॉल ग्राउंड</strong> बनाया जा रहा है।
यहाँ के छात्रों ने खेलों में अपनी पहचान भी बनाई है—
राज्य स्तरीय <strong>बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मेडल</strong> जीतकर बच्चों ने साबित कर दिया कि उन्हें मौका मिले तो वे कुछ भी कर सकते हैं।
<h2><strong>पंजाब सरकार की ओर से </strong><strong>‘</strong><strong>सबसे अच्छा स्कूल</strong><strong>’ </strong><strong>का खिताब</strong></h2>
इन्फ्रास्ट्रक्चर, पढ़ाई और खेल—तीनों में बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से फगवाड़ा स्कूल ऑफ एमिनेंस को पंजाब सरकार ने <strong>स्टेट का बेस्ट स्कूल</strong> घोषित किया है।
<h2><strong>पूरे पंजाब में शिक्षा क्रांति </strong><strong>– 118 </strong><strong>स्कूल बदले</strong></h2>
फगवाड़ा की यह सफलता सिर्फ एक स्कूल तक सीमित नहीं है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने पूरे पंजाब में <strong>118 </strong><strong>सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को </strong><strong>‘</strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस</strong><strong>’</strong> में बदल दिया है।

इसका मतलब है कि पंजाब में सरकारी शिक्षा अब एक नए दौर में प्रवेश कर रही है।
<h2><strong>सोशल मीडिया पर वायरल</strong><strong>—</strong><strong>लोग कह रहे </strong><strong>“</strong><strong>ये है नया पंजाब</strong><strong>”</strong></h2>
फगवाड़ा स्कूल की नई तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं।
लोग इसे
<strong>“</strong><strong>बदलते पंजाब की असली तस्वीर</strong><strong>”</strong>
कहकर इसकी तारीफ कर रहे हैं।

यह सिर्फ एक स्कूल नहीं—यह एक संदेश है कि अगर सरकार ठान ले तो सरकारी स्कूल भी दुनिया के किसी भी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं हो सकते।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई कहानी लिखी जा रही है, और उसका सबसे बड़ा और चमकदार उदाहरण है—<strong>फगवाड़ा का सरकारी </strong><strong>‘</strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस</strong><strong>’</strong>। यह वही स्कूल है जो सालों तक टूटा-फूटा रहा, जिसे लोग अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते थे। लेकिन मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> के नेतृत्व में सरकार ने इसे पूरी तरह बदल दिया।
आज यही स्कूल करोड़ों रुपये की लागत से एक <strong>वर्ल्ड-क्लास मॉडर्न स्कूल</strong> बन चुका है।
<h3><strong>Old to Outstanding – </strong><strong>छात्रों ने खुद दिया नया नाम</strong></h3>
फगवाड़ा सरकारी स्कूल में हुए बदलाव इतने बड़े हैं कि छात्रों ने इसे खुद “<strong>Old to Outstanding</strong>” नाम दे दिया। पहले जहां बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ते थे, अब वे वही स्कूल छोड़कर इस सरकारी स्कूल में दाखिला ले रहे हैं।
उनका कहना है कि, <em>“</em><em>इतनी अच्छी सुविधाएँ हमें कहीं और नहीं मिल रहीं।”</em>

यह साबित करता है कि मान सरकार सिर्फ वादे नहीं कर रही, बल्कि जमीन पर काम कर रही है।
<h2><strong>फ्री में प्राइवेट जैसी शिक्षा </strong><strong>– </strong><strong>बड़ा कदम</strong></h2>
फगवाड़ा स्कूल ऑफ एमिनेंस में बच्चों के लिए अब वे सभी सुविधाएँ हैं जो पहले सिर्फ महंगे प्राइवेट स्कूलों में मिलती थीं—वो भी <strong>पूरी तरह मुफ्त</strong>।
सरकार का पूरा मकसद है कि गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को भी वही क्वालिटी मिले जो बड़े स्कूल देते हैं।
<h2><strong>स्कूल के अंदर की हाई-टेक सुविधाएँ</strong></h2>
यह स्कूल अब पूरी तरह मॉडर्न रूप में बदल चुका है। यहाँ मिल रही सुविधाएँ:
<ul>
 	<li>हाई-टेक स्मार्ट क्लासरूम</li>
 	<li>एडवांस साइंस लेबोरेटरी</li>
 	<li>साफ-सुथरी और आधुनिक लाइब्रेरी</li>
 	<li>स्टाफ रूम</li>
 	<li>बड़ा मल्टीपर्पज़ हॉल</li>
 	<li>सुरक्षित कैंपस में सिक्योरिटी गार्ड</li>
 	<li>लड़कियों और लड़कों के लिए अलग साफ टॉयलेट</li>
 	<li>दूर-दराज़ के बच्चों के लिए <strong>स्कूल बस सेवा</strong></li>
</ul>
यह बदलाव किसी क्रांति से कम नहीं।
<h2><strong>JEE </strong><strong>और </strong><strong>NEET </strong><strong>की मुफ्त कोचिंग</strong></h2>
इस स्कूल में सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए भी तैयारी होती है।
यहाँ <strong>JEE, NEET</strong> जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की <em>फ्री कोचिंग</em> दी जा रही है, जो प्राइवेट में बेहद महंगी होती है।

इससे गरीब परिवारों के बच्चे भी बड़े सपने पूरे कर सकते हैं।
<h2><strong>खेलों में भी नया इतिहास</strong></h2>
स्कूल में एक <strong>अत्याधुनिक एस्ट्रोटर्फ फुटबॉल ग्राउंड</strong> बनाया जा रहा है।
यहाँ के छात्रों ने खेलों में अपनी पहचान भी बनाई है—
राज्य स्तरीय <strong>बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मेडल</strong> जीतकर बच्चों ने साबित कर दिया कि उन्हें मौका मिले तो वे कुछ भी कर सकते हैं।
<h2><strong>पंजाब सरकार की ओर से </strong><strong>‘</strong><strong>सबसे अच्छा स्कूल</strong><strong>’ </strong><strong>का खिताब</strong></h2>
इन्फ्रास्ट्रक्चर, पढ़ाई और खेल—तीनों में बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से फगवाड़ा स्कूल ऑफ एमिनेंस को पंजाब सरकार ने <strong>स्टेट का बेस्ट स्कूल</strong> घोषित किया है।
<h2><strong>पूरे पंजाब में शिक्षा क्रांति </strong><strong>– 118 </strong><strong>स्कूल बदले</strong></h2>
फगवाड़ा की यह सफलता सिर्फ एक स्कूल तक सीमित नहीं है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार ने पूरे पंजाब में <strong>118 </strong><strong>सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को </strong><strong>‘</strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस</strong><strong>’</strong> में बदल दिया है।

इसका मतलब है कि पंजाब में सरकारी शिक्षा अब एक नए दौर में प्रवेश कर रही है।
<h2><strong>सोशल मीडिया पर वायरल</strong><strong>—</strong><strong>लोग कह रहे </strong><strong>“</strong><strong>ये है नया पंजाब</strong><strong>”</strong></h2>
फगवाड़ा स्कूल की नई तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं।
लोग इसे
<strong>“</strong><strong>बदलते पंजाब की असली तस्वीर</strong><strong>”</strong>
कहकर इसकी तारीफ कर रहे हैं।

यह सिर्फ एक स्कूल नहीं—यह एक संदेश है कि अगर सरकार ठान ले तो सरकारी स्कूल भी दुनिया के किसी भी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं हो सकते।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>APP सरकार की Education Reforms का बड़ा असर: Government School के 1187 से ज़्यादा Students NEET/JEE में सफल: Harmeet Sandhu</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Nov 2025 10:29:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAPGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[EducationReform]]></category>
		<category><![CDATA[GovernmentSchools]]></category>
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		<category><![CDATA[SchoolOfEminence]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार द्वारा की गई शिक्षा सुधार की कोशिशें अब सीधे नतीजों में दिखाई देने लगी हैं। AAP उम्मीदवार <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> ने दावा किया है कि <strong>सरकारी स्कूलों के </strong><strong>1187 </strong><strong>से ज़्यादा विद्यार्थियों ने इस साल </strong><strong>NEET </strong><strong>और </strong><strong>JEE </strong><strong>जैसी बड़ी परीक्षाएँ पास की हैं</strong>। यह वही परीक्षाएँ हैं जिनको crack करने के लिए आमतौर पर लोग महंगी कोचिंग पर लाखों रुपये खर्च करते हैं।

हरमीत संधू ने कहा कि मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> की सरकार का मकसद सिर्फ़ डिग्रियाँ बांटना नहीं, बल्कि युवाओं को ऐसा योग्य बनाना है कि वे <strong>“</strong><strong>नौकरी मांगने वाले नहीं</strong><strong>, </strong><strong>नौकरी देने वाले</strong><strong>”</strong> बनें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ़ एक नारा नहीं है, बल्कि यह बदलाव अब ज़मीनी स्तर पर नज़र आने लगा है।

<strong>पिछली सरकारों पर आरोप: शिक्षा को कारोबार बना दिया गया</strong>

संधू ने बताया कि पिछली सरकारों — अकाली-भाजपा और कांग्रेस — ने सरकारी शिक्षा को <strong>नज़रअंदाज़ कर दिया</strong>।
सरकारी स्कूलों की हालत खराब हो गई और लोगों का भरोसा टूट गया।

उन्होंने कहा, <em>“</em><em>पहले शिक्षा को व्यापार बना दिया गया था। आम परिवारों के बच्चों के लिए अच्छी पढ़ाई एक सपने की तरह हो गई थी।</em><em>”</em>

<strong>‘School of Eminence’ </strong><strong>ने बदली तस्वीर</strong>

AAP सरकार ने इस स्थिति को सुधारने के लिए <strong>₹231.74 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> की बड़ी राशि खर्च करके <strong>School of Eminence</strong> की शुरुआत की। इन स्कूलों में:
<ul>
 	<li>आधुनिक क्लासरूम</li>
 	<li>NEET, JEE, CLAT, NIFT, रक्षा सेवाओं की <strong>स्पेशल कोचिंग</strong></li>
 	<li><strong>मुफ़्त वर्दी</strong></li>
 	<li><strong>मुफ़्त बस सुविधा</strong></li>
 	<li>खासकर <strong>लड़कियों को सुरक्षित और बराबर अवसर</strong></li>
</ul>
जैसी सुविधाएँ दी जा रही हैं।

इसका सीधा असर यह हुआ कि आज <strong>सरकारी स्कूलों के बच्चे भी प्रतियोगी परीक्षाओं में प्राइवेट स्कूलों का मुकाबला कर रहे हैं और बेहतर परिणाम ला रहे हैं।</strong>

<strong>सफलता के आंकड़े</strong>
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>परीक्षा</strong></td>
<td><strong>सफल विद्यार्थी (सरकारी स्कूल)</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>JEE Mains</strong></td>
<td>265 विद्यार्थी</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>JEE Advanced</strong></td>
<td>74 विद्यार्थी</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>NEET</strong></td>
<td>848 विद्यार्थी</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<em>(</em><em>कुल सफलता: </em><em>1187+ </em><em>विद्यार्थी)</em>

यह आँकड़े साबित करते हैं कि सरकारी स्कूलों में हुई सुधार सिर्फ़ कागज़ों पर नहीं, बल्कि बच्चों की उपलब्धियों में दिख रहा है।

<strong>'School Mentorship Program' </strong><strong>ने बदली सोच</strong>

संधू ने बताया कि राज्य के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ अब सीधे सरकारी स्कूलों के छात्रों को <strong>मार्गदर्शन (</strong><strong>Guidance)</strong> देते हैं।
इससे बच्चों में:
<ul>
 	<li>आत्मविश्वास बढ़ रहा है</li>
 	<li>करियर की सही दिशा मिल रही है</li>
 	<li>लीडरशिप और उद्यमिता (Entrepreneurship) की समझ विकसित हो रही है</li>
</ul>
उन्होंने कहा, <em>“</em><em>हम अपने बच्चों को सिर्फ नौकरी नहीं दिलवा रहे</em><em>, </em><em>बल्कि ऐसा माहौल बना रहे हैं जहां हमारे नौजवान खुद कंपनियाँ खोलकर दूसरे लोगों को रोजगार देंगे।</em><em>”</em>

संधू ने कहा कि यह बदलाव पंजाब के भविष्य को मजबूत कर रहा है।
<em>“</em><em>शिक्षा ही असली सशक्तिकरण है। और आज पंजाब का बच्चा यह साबित कर रहा है कि अगर सही अवसर मिले तो वह किसी भी मंच पर चमक सकता है।</em><em>”</em>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार द्वारा की गई शिक्षा सुधार की कोशिशें अब सीधे नतीजों में दिखाई देने लगी हैं। AAP उम्मीदवार <strong>हरमीत सिंह संधू</strong> ने दावा किया है कि <strong>सरकारी स्कूलों के </strong><strong>1187 </strong><strong>से ज़्यादा विद्यार्थियों ने इस साल </strong><strong>NEET </strong><strong>और </strong><strong>JEE </strong><strong>जैसी बड़ी परीक्षाएँ पास की हैं</strong>। यह वही परीक्षाएँ हैं जिनको crack करने के लिए आमतौर पर लोग महंगी कोचिंग पर लाखों रुपये खर्च करते हैं।

हरमीत संधू ने कहा कि मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> की सरकार का मकसद सिर्फ़ डिग्रियाँ बांटना नहीं, बल्कि युवाओं को ऐसा योग्य बनाना है कि वे <strong>“</strong><strong>नौकरी मांगने वाले नहीं</strong><strong>, </strong><strong>नौकरी देने वाले</strong><strong>”</strong> बनें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ़ एक नारा नहीं है, बल्कि यह बदलाव अब ज़मीनी स्तर पर नज़र आने लगा है।

<strong>पिछली सरकारों पर आरोप: शिक्षा को कारोबार बना दिया गया</strong>

संधू ने बताया कि पिछली सरकारों — अकाली-भाजपा और कांग्रेस — ने सरकारी शिक्षा को <strong>नज़रअंदाज़ कर दिया</strong>।
सरकारी स्कूलों की हालत खराब हो गई और लोगों का भरोसा टूट गया।

उन्होंने कहा, <em>“</em><em>पहले शिक्षा को व्यापार बना दिया गया था। आम परिवारों के बच्चों के लिए अच्छी पढ़ाई एक सपने की तरह हो गई थी।</em><em>”</em>

<strong>‘School of Eminence’ </strong><strong>ने बदली तस्वीर</strong>

AAP सरकार ने इस स्थिति को सुधारने के लिए <strong>₹231.74 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> की बड़ी राशि खर्च करके <strong>School of Eminence</strong> की शुरुआत की। इन स्कूलों में:
<ul>
 	<li>आधुनिक क्लासरूम</li>
 	<li>NEET, JEE, CLAT, NIFT, रक्षा सेवाओं की <strong>स्पेशल कोचिंग</strong></li>
 	<li><strong>मुफ़्त वर्दी</strong></li>
 	<li><strong>मुफ़्त बस सुविधा</strong></li>
 	<li>खासकर <strong>लड़कियों को सुरक्षित और बराबर अवसर</strong></li>
</ul>
जैसी सुविधाएँ दी जा रही हैं।

इसका सीधा असर यह हुआ कि आज <strong>सरकारी स्कूलों के बच्चे भी प्रतियोगी परीक्षाओं में प्राइवेट स्कूलों का मुकाबला कर रहे हैं और बेहतर परिणाम ला रहे हैं।</strong>

<strong>सफलता के आंकड़े</strong>
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>परीक्षा</strong></td>
<td><strong>सफल विद्यार्थी (सरकारी स्कूल)</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>JEE Mains</strong></td>
<td>265 विद्यार्थी</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>JEE Advanced</strong></td>
<td>74 विद्यार्थी</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>NEET</strong></td>
<td>848 विद्यार्थी</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<em>(</em><em>कुल सफलता: </em><em>1187+ </em><em>विद्यार्थी)</em>

यह आँकड़े साबित करते हैं कि सरकारी स्कूलों में हुई सुधार सिर्फ़ कागज़ों पर नहीं, बल्कि बच्चों की उपलब्धियों में दिख रहा है।

<strong>'School Mentorship Program' </strong><strong>ने बदली सोच</strong>

संधू ने बताया कि राज्य के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ अब सीधे सरकारी स्कूलों के छात्रों को <strong>मार्गदर्शन (</strong><strong>Guidance)</strong> देते हैं।
इससे बच्चों में:
<ul>
 	<li>आत्मविश्वास बढ़ रहा है</li>
 	<li>करियर की सही दिशा मिल रही है</li>
 	<li>लीडरशिप और उद्यमिता (Entrepreneurship) की समझ विकसित हो रही है</li>
</ul>
उन्होंने कहा, <em>“</em><em>हम अपने बच्चों को सिर्फ नौकरी नहीं दिलवा रहे</em><em>, </em><em>बल्कि ऐसा माहौल बना रहे हैं जहां हमारे नौजवान खुद कंपनियाँ खोलकर दूसरे लोगों को रोजगार देंगे।</em><em>”</em>

संधू ने कहा कि यह बदलाव पंजाब के भविष्य को मजबूत कर रहा है।
<em>“</em><em>शिक्षा ही असली सशक्तिकरण है। और आज पंजाब का बच्चा यह साबित कर रहा है कि अगर सही अवसर मिले तो वह किसी भी मंच पर चमक सकता है।</em><em>”</em>]]></content:encoded>
					
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		<title>हर बच्चे का ‘Runway of Dreams’ बने ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’: CM Bhagwant Mann का शिक्षा में Revolutionary कदम</title>
		<link>https://trendstopic.in/every-childs-runway-of-dreams-cm-bhagwant-manns-revolutionary-step-in-education/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Oct 2025 04:49:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चंडीगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
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		<category><![CDATA[SmartPunjab]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में अब सरकारी स्कूलों का चेहरा और भविष्य दोनों बदल रहा है। मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> की सोच है साफ — <em>“</em><em>हर बच्चे को अच्छा स्कूल</em><em>, </em><em>बेहतर सुविधा और बड़ा सपना मिलना चाहिए</em><em>, </em><em>चाहे वो किसी भी घर से क्यों न आता हो।</em><em>”</em>
इसी सोच ने जन्म दिया है <strong>‘School of Eminence’ (</strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस)</strong> जैसी ऐतिहासिक योजना को, जिसने पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में नई क्रांति ला दी है।

<strong>सरकारी स्कूलों में आया बड़ा बदलाव</strong>

पहले जहाँ सरकारी स्कूलों को लेकर लोगों में निराशा थी, वहीं अब वही स्कूल आधुनिक सुविधाओं से लैस हो चुके हैं। पंजाब सरकार ने अब तक <strong>₹231.74 </strong><strong>करोड़</strong> खर्च कर <strong>118 </strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस</strong> तैयार किए हैं।
इन स्कूलों में न सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दिया जा रहा है, बल्कि बच्चों को हर उस मौके से जोड़ा जा रहा है, जो अब तक केवल महंगे प्राइवेट स्कूलों तक सीमित थे।

<strong>लड़कियों के लिए फ्री बस और यूनिफॉर्म की सुविधा</strong>

मुख्यमंत्री मान की सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा, खासकर बेटियाँ, पैसों या दूरी की वजह से पढ़ाई से वंचित न रहें।
सभी विद्यार्थियों को <strong>मुफ्त यूनिफॉर्म</strong> दी जा रही है।
<strong>लड़कियों के लिए फ्री बस सर्विस</strong> शुरू की गई है, ताकि वो बिना किसी डर या परेशानी के स्कूल पहुँच सकें।

<strong>NEET, JEE </strong><strong>और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग</strong>

अब सरकारी स्कूलों के बच्चे भी <strong>NEET, JEE</strong> और <strong>आर्मी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं</strong> की तैयारी मुफ्त में कर रहे हैं।
पहले जिन कोचिंग क्लासेस की फीस लाखों रुपये होती थी, वो अब सरकार बच्चों तक बिना किसी खर्च के पहुँचा रही है।

<strong>रिकॉर्ड तोड़ सफलता</strong>

इन सभी प्रयासों का असर अब नतीजों में दिख रहा है —
<ul>
 	<li><strong>265 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>JEE Mains </strong><strong>क्वालीफाई</strong> किया है</li>
 	<li><strong>44 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>JEE Advanced </strong><strong>पास</strong> किया</li>
 	<li>और <strong>848 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>NEET</strong> जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की</li>
</ul>
यह आंकड़े बताते हैं कि सरकारी स्कूलों के बच्चे किसी से कम नहीं हैं, बस उन्हें सही मौका और सही दिशा चाहिए।

<strong>माता-पिता की भागीदारी भी बढ़ी</strong>

सरकार ने शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया है।
<strong>Parent-Teacher Meetings (PTM)</strong> में अब तक <strong>25 </strong><strong>लाख से ज्यादा माता-पिता</strong> शामिल हो चुके हैं।
इसके अलावा <strong>‘School Mentorship Program’</strong> के तहत वरिष्ठ अधिकारी खुद स्कूलों का दौरा करते हैं और बच्चों का मार्गदर्शन करते हैं।

<strong>‘</strong><strong>आधुनिक युग के मंदिर</strong><strong>’ </strong><strong>कहे जाने वाले स्कूल</strong>

सीएम मान इन स्कूलों को <strong>“</strong><strong>आधुनिक युग के मंदिर</strong><strong>”</strong> कहते हैं।
उनका मानना है —

“जिस तरह हवाई जहाज को उड़ान के लिए रनवे की जरूरत होती है, उसी तरह हमारे बच्चों को ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ जैसा रनवे चाहिए, जहाँ से वो अपने सपनों को आसमान तक पहुँचा सकें।”

<strong>लक्ष्य: हर बच्चे तक पहुँचे बेहतर शिक्षा</strong>

‘School of Eminence’ योजना का मकसद है कि पंजाब का कोई भी बच्चा, चाहे वह गरीब परिवार से हो या अमीर से, शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।
इन स्कूलों ने सरकारी शिक्षा पर लोगों का भरोसा वापस लाया है।
अब हालात यह हैं कि <strong>निजी स्कूलों के बच्चे भी </strong><strong>‘</strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस</strong><strong>’ </strong><strong>में एडमिशन लेने के लिए आवेदन कर रहे हैं।</strong>

<strong>नया पंजाब</strong><strong>, </strong><strong>नई सोच</strong>

सीएम भगवंत मान का सपना है कि पंजाब का हर बच्चा <em>“</em><em>नौकरी ढूँढने वाला नहीं</em><em>, </em><em>बल्कि रोजगार देने वाला बने।</em><em>”</em>
‘School of Eminence’ उसी सपने की शुरुआत है — एक ऐसा पंजाब जहाँ शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार बने और हर बच्चा अपने सपनों की उड़ान भर सके।

<strong>पंजाब की धरती पर अब नई कहानी लिखी जा रही है </strong><strong>— </strong><strong>जहाँ सरकारी स्कूल ही बच्चों के सपनों का असली रनवे बन रहे हैं।</strong>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब में अब सरकारी स्कूलों का चेहरा और भविष्य दोनों बदल रहा है। मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> की सोच है साफ — <em>“</em><em>हर बच्चे को अच्छा स्कूल</em><em>, </em><em>बेहतर सुविधा और बड़ा सपना मिलना चाहिए</em><em>, </em><em>चाहे वो किसी भी घर से क्यों न आता हो।</em><em>”</em>
इसी सोच ने जन्म दिया है <strong>‘School of Eminence’ (</strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस)</strong> जैसी ऐतिहासिक योजना को, जिसने पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में नई क्रांति ला दी है।

<strong>सरकारी स्कूलों में आया बड़ा बदलाव</strong>

पहले जहाँ सरकारी स्कूलों को लेकर लोगों में निराशा थी, वहीं अब वही स्कूल आधुनिक सुविधाओं से लैस हो चुके हैं। पंजाब सरकार ने अब तक <strong>₹231.74 </strong><strong>करोड़</strong> खर्च कर <strong>118 </strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस</strong> तैयार किए हैं।
इन स्कूलों में न सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दिया जा रहा है, बल्कि बच्चों को हर उस मौके से जोड़ा जा रहा है, जो अब तक केवल महंगे प्राइवेट स्कूलों तक सीमित थे।

<strong>लड़कियों के लिए फ्री बस और यूनिफॉर्म की सुविधा</strong>

मुख्यमंत्री मान की सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा, खासकर बेटियाँ, पैसों या दूरी की वजह से पढ़ाई से वंचित न रहें।
सभी विद्यार्थियों को <strong>मुफ्त यूनिफॉर्म</strong> दी जा रही है।
<strong>लड़कियों के लिए फ्री बस सर्विस</strong> शुरू की गई है, ताकि वो बिना किसी डर या परेशानी के स्कूल पहुँच सकें।

<strong>NEET, JEE </strong><strong>और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग</strong>

अब सरकारी स्कूलों के बच्चे भी <strong>NEET, JEE</strong> और <strong>आर्मी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं</strong> की तैयारी मुफ्त में कर रहे हैं।
पहले जिन कोचिंग क्लासेस की फीस लाखों रुपये होती थी, वो अब सरकार बच्चों तक बिना किसी खर्च के पहुँचा रही है।

<strong>रिकॉर्ड तोड़ सफलता</strong>

इन सभी प्रयासों का असर अब नतीजों में दिख रहा है —
<ul>
 	<li><strong>265 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>JEE Mains </strong><strong>क्वालीफाई</strong> किया है</li>
 	<li><strong>44 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>JEE Advanced </strong><strong>पास</strong> किया</li>
 	<li>और <strong>848 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>NEET</strong> जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की</li>
</ul>
यह आंकड़े बताते हैं कि सरकारी स्कूलों के बच्चे किसी से कम नहीं हैं, बस उन्हें सही मौका और सही दिशा चाहिए।

<strong>माता-पिता की भागीदारी भी बढ़ी</strong>

सरकार ने शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया है।
<strong>Parent-Teacher Meetings (PTM)</strong> में अब तक <strong>25 </strong><strong>लाख से ज्यादा माता-पिता</strong> शामिल हो चुके हैं।
इसके अलावा <strong>‘School Mentorship Program’</strong> के तहत वरिष्ठ अधिकारी खुद स्कूलों का दौरा करते हैं और बच्चों का मार्गदर्शन करते हैं।

<strong>‘</strong><strong>आधुनिक युग के मंदिर</strong><strong>’ </strong><strong>कहे जाने वाले स्कूल</strong>

सीएम मान इन स्कूलों को <strong>“</strong><strong>आधुनिक युग के मंदिर</strong><strong>”</strong> कहते हैं।
उनका मानना है —

“जिस तरह हवाई जहाज को उड़ान के लिए रनवे की जरूरत होती है, उसी तरह हमारे बच्चों को ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ जैसा रनवे चाहिए, जहाँ से वो अपने सपनों को आसमान तक पहुँचा सकें।”

<strong>लक्ष्य: हर बच्चे तक पहुँचे बेहतर शिक्षा</strong>

‘School of Eminence’ योजना का मकसद है कि पंजाब का कोई भी बच्चा, चाहे वह गरीब परिवार से हो या अमीर से, शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।
इन स्कूलों ने सरकारी शिक्षा पर लोगों का भरोसा वापस लाया है।
अब हालात यह हैं कि <strong>निजी स्कूलों के बच्चे भी </strong><strong>‘</strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस</strong><strong>’ </strong><strong>में एडमिशन लेने के लिए आवेदन कर रहे हैं।</strong>

<strong>नया पंजाब</strong><strong>, </strong><strong>नई सोच</strong>

सीएम भगवंत मान का सपना है कि पंजाब का हर बच्चा <em>“</em><em>नौकरी ढूँढने वाला नहीं</em><em>, </em><em>बल्कि रोजगार देने वाला बने।</em><em>”</em>
‘School of Eminence’ उसी सपने की शुरुआत है — एक ऐसा पंजाब जहाँ शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार बने और हर बच्चा अपने सपनों की उड़ान भर सके।

<strong>पंजाब की धरती पर अब नई कहानी लिखी जा रही है </strong><strong>— </strong><strong>जहाँ सरकारी स्कूल ही बच्चों के सपनों का असली रनवे बन रहे हैं।</strong>]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Mann Sarkar का Education में Revolutionary Contribution: Teachers का सम्मान और युवाओं के उज्जवल भविष्य की नई शुरुआत</title>
		<link>https://trendstopic.in/mann-governments-revolutionary-contribution-to-education-a-new-beginning-for-teachers-honor-and-the-bright-future-of-youth/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Oct 2025 10:51:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[EducationNews]]></category>
		<category><![CDATA[EducationReform]]></category>
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		<category><![CDATA[TeachersDay]]></category>
		<category><![CDATA[TeachersHonour]]></category>
		<category><![CDATA[YouthEmpowerment]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://trendstopic.in/?p=25735</guid>

					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में जो बड़े और सकारात्मक बदलाव किए हैं, उन्होंने पूरे देश में एक नई मिसाल पेश की है।
<strong>विश्व शिक्षक दिवस (</strong><strong>World Teachers’ Day)</strong> के मौके पर श्री आनंदपुर साहिब में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को सम्मानित करते हुए उन्हें “<strong>राष्ट्र निर्माता (</strong><strong>Nation Builder)</strong>” बताया।

<strong>शिक्षक: पेशा नहीं</strong><strong>, </strong><strong>एक पवित्र मिशन</strong>

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि <strong>शिक्षण सिर्फ एक नौकरी नहीं</strong><strong>, </strong><strong>बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का एक पवित्र मिशन है।</strong>
उन्होंने भावुक होकर बताया कि वे खुद एक <strong>शिक्षक के बेटे</strong> हैं, इसलिए वे जानते हैं कि एक अध्यापक कितनी मेहनत और निष्ठा से बच्चों का भविष्य बनाता है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों को पंजाब की <strong>गौरवशाली विरासत</strong><strong>, </strong><strong>इतिहास और संस्कृति</strong> से जोड़ें ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे और आधुनिकता के साथ अपने संस्कार भी बनाए रखे।

<strong>विरासत से जुड़ा नया कदम</strong>

मुख्यमंत्री ने बताया कि <strong>55 </strong><strong>साल बाद</strong>, राज्य सरकार ने <strong>श्री आनंदपुर साहिब में तख्त श्री केसगढ़ साहिब तक </strong><strong>“</strong><strong>विरासत मार्ग</strong><strong>” (Heritage Path)</strong> के निर्माण का काम शुरू किया है।
यह पहल पंजाब की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर को नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रतीक है।

<strong>बाढ़ आपदा में शिक्षकों की मिसाल</strong>

मुख्यमंत्री ने हाल ही में आई <strong>बाढ़ आपदा</strong> के दौरान शिक्षकों और जनता की सेवा भावना की तारीफ की।
उन्होंने बताया कि इस बाढ़ में:
<ul>
 	<li><strong>3,200 </strong><strong>सरकारी स्कूल</strong>,</li>
 	<li><strong>19 </strong><strong>कॉलेज</strong>,</li>
 	<li><strong>8,500 </strong><strong>किलोमीटर सड़कें</strong>,</li>
 	<li>और <strong>2,500 </strong><strong>पुल</strong> क्षतिग्रस्त हुए।
फिर भी पंजाब के शिक्षकों ने <strong>साहस और जिम्मेदारी</strong> की मिसाल पेश की।
मुख्यमंत्री ने कहा, “ऐसे उदाहरण विश्व इतिहास में बहुत कम मिलते हैं — पंजाब के शिक्षक सिर्फ अध्यापक नहीं, बल्कि समाज के सच्चे मार्गदर्शक हैं।”</li>
</ul>
<strong>71 </strong><strong>शिक्षकों को मिला सम्मान</strong>

कार्यक्रम में <strong>71 </strong><strong>उत्कृष्ट शिक्षकों</strong> को <strong>राज्य शिक्षक पुरस्कार (</strong><strong>State Teacher Award)</strong> से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “<strong>गुरु</strong>” शब्द संस्कृत के “<strong>गु</strong>” (अंधकार) और “<strong>रु</strong>” (हटाने वाला) से मिलकर बना है — यानी “जो अंधकार को दूर करे।”
उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज में ज्ञान, जागरूकता और रोशनी फैलाने का काम करते हैं और सरकार उनके इस योगदान को नमन करती है।

<strong>शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण</strong>

पंजाब सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता को <strong>इंटरनेशनल लेवल</strong> तक पहुँचाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं:
<ul>
 	<li><strong>234 </strong><strong>प्रिंसिपल्स और शिक्षा अधिकारी</strong> → <strong>सिंगापुर</strong> में ट्रेनिंग</li>
 	<li><strong>152 </strong><strong>मुख्य शिक्षक</strong> → <strong>IIM </strong><strong>अहमदाबाद</strong> में एडवांस कोचिंग</li>
 	<li><strong>144 </strong><strong>प्राथमिक शिक्षक</strong> → <strong>फिनलैंड की </strong><strong>Turku University</strong> में विशेष ट्रेनिंग</li>
 	<li><strong>1,920 </strong><strong>कैंपस मैनेजरों की नियुक्ति</strong> की गई है ताकि शिक्षक प्रशासनिक कामों से मुक्त होकर पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे सकें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि <strong>नवंबर में एक और बैच फिनलैंड</strong> जाएगा।</li>
</ul>
&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25737" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-07-at-3.58.35-PM-300x169.jpg" alt="" width="714" height="402" />

&nbsp;

<strong>“</strong><strong>शिक्षा क्रांति</strong><strong>” </strong><strong>और स्कूल ऑफ एमीनेन्स</strong>

मुख्यमंत्री ने कहा कि साल <strong>2022 </strong><strong>में शुरू की गई </strong><strong>“</strong><strong>शिक्षा क्रांति</strong><strong>”</strong> के तहत शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार किए गए हैं।
<ul>
 	<li>अब तक <strong>118 School of Eminence</strong> बनाए जा चुके हैं।</li>
 	<li>इन पर सरकार ने <strong>₹231.74 </strong><strong>करोड़</strong> खर्च किए हैं।</li>
 	<li>इन स्कूलों में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चे <strong>विश्वस्तरीय शिक्षा (</strong><strong>World-Class Education)</strong> पा रहे हैं।</li>
 	<li>खास बात यह है कि अब <strong>Private Schools</strong> के बच्चे भी इन सरकारी स्कूलों में दाखिला ले रहे हैं — यह मान सरकार की नीति की सबसे बड़ी सफलता है।</li>
</ul>
इन स्कूलों के छात्रों ने <strong>राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं</strong> में शानदार प्रदर्शन किया:
<ul>
 	<li><strong>265 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>JEE Mains</strong>,</li>
 	<li><strong>44 </strong><strong>ने </strong><strong>JEE Advanced</strong>,</li>
 	<li>और <strong>848 </strong><strong>ने </strong><strong>NEET</strong> में सफलता पाई है।</li>
</ul>
<strong>स्कूल मेंटरशिप और अभिभावक-शिक्षक मीटिंग्स</strong>

सरकार ने <strong>School Mentorship Program</strong> भी शुरू किया है, जिसके तहत <strong>सिविल अधिकारी सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को गाइड</strong> कर रहे हैं।
साथ ही <strong>Parent-Teacher Meeting (PTM)</strong> को नई ऊर्जा मिली है —
अब तक <strong>25 </strong><strong>लाख से ज़्यादा अभिभावक</strong>
<strong>19,200 </strong><strong>सरकारी स्कूलों</strong> में आयोजित PTM में शामिल हो चुके हैं।

<strong>पंजाब का भविष्य शिक्षा से उज्जवल</strong>

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि,

“शिक्षकों का समर्पण, विद्यार्थियों की मेहनत और सरकार की दूरदर्शी नीतियाँ मिलकर पंजाब के भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँगी।”

कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री <strong>हरजोत सिंह बैंस</strong>, लोकसभा सदस्य <strong>मालविंदर सिंह कंग</strong>, और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
यह समारोह सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि “<strong>शिक्षा के ज़रिए समृद्ध पंजाब (</strong><strong>Educated and Prosperous Punjab)</strong>” की दिशा में एक प्रेरक कदम था।

मान सरकार की ये पहलें साबित करती हैं कि अगर नीयत और नीति दोनों साफ हों, तो सरकारी स्कूल भी बच्चों को विश्वस्तरीय शिक्षा दे सकते हैं।
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था आज बदलाव के दौर से गुजर रही है — जहाँ हर बच्चा <strong>शिक्षित</strong><strong>, </strong><strong>आत्मनिर्भर और अपनी विरासत पर गर्व करने वाला नागरिक</strong> बन सके।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में जो बड़े और सकारात्मक बदलाव किए हैं, उन्होंने पूरे देश में एक नई मिसाल पेश की है।
<strong>विश्व शिक्षक दिवस (</strong><strong>World Teachers’ Day)</strong> के मौके पर श्री आनंदपुर साहिब में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को सम्मानित करते हुए उन्हें “<strong>राष्ट्र निर्माता (</strong><strong>Nation Builder)</strong>” बताया।

<strong>शिक्षक: पेशा नहीं</strong><strong>, </strong><strong>एक पवित्र मिशन</strong>

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि <strong>शिक्षण सिर्फ एक नौकरी नहीं</strong><strong>, </strong><strong>बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का एक पवित्र मिशन है।</strong>
उन्होंने भावुक होकर बताया कि वे खुद एक <strong>शिक्षक के बेटे</strong> हैं, इसलिए वे जानते हैं कि एक अध्यापक कितनी मेहनत और निष्ठा से बच्चों का भविष्य बनाता है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों को पंजाब की <strong>गौरवशाली विरासत</strong><strong>, </strong><strong>इतिहास और संस्कृति</strong> से जोड़ें ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे और आधुनिकता के साथ अपने संस्कार भी बनाए रखे।

<strong>विरासत से जुड़ा नया कदम</strong>

मुख्यमंत्री ने बताया कि <strong>55 </strong><strong>साल बाद</strong>, राज्य सरकार ने <strong>श्री आनंदपुर साहिब में तख्त श्री केसगढ़ साहिब तक </strong><strong>“</strong><strong>विरासत मार्ग</strong><strong>” (Heritage Path)</strong> के निर्माण का काम शुरू किया है।
यह पहल पंजाब की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर को नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रतीक है।

<strong>बाढ़ आपदा में शिक्षकों की मिसाल</strong>

मुख्यमंत्री ने हाल ही में आई <strong>बाढ़ आपदा</strong> के दौरान शिक्षकों और जनता की सेवा भावना की तारीफ की।
उन्होंने बताया कि इस बाढ़ में:
<ul>
 	<li><strong>3,200 </strong><strong>सरकारी स्कूल</strong>,</li>
 	<li><strong>19 </strong><strong>कॉलेज</strong>,</li>
 	<li><strong>8,500 </strong><strong>किलोमीटर सड़कें</strong>,</li>
 	<li>और <strong>2,500 </strong><strong>पुल</strong> क्षतिग्रस्त हुए।
फिर भी पंजाब के शिक्षकों ने <strong>साहस और जिम्मेदारी</strong> की मिसाल पेश की।
मुख्यमंत्री ने कहा, “ऐसे उदाहरण विश्व इतिहास में बहुत कम मिलते हैं — पंजाब के शिक्षक सिर्फ अध्यापक नहीं, बल्कि समाज के सच्चे मार्गदर्शक हैं।”</li>
</ul>
<strong>71 </strong><strong>शिक्षकों को मिला सम्मान</strong>

कार्यक्रम में <strong>71 </strong><strong>उत्कृष्ट शिक्षकों</strong> को <strong>राज्य शिक्षक पुरस्कार (</strong><strong>State Teacher Award)</strong> से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “<strong>गुरु</strong>” शब्द संस्कृत के “<strong>गु</strong>” (अंधकार) और “<strong>रु</strong>” (हटाने वाला) से मिलकर बना है — यानी “जो अंधकार को दूर करे।”
उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज में ज्ञान, जागरूकता और रोशनी फैलाने का काम करते हैं और सरकार उनके इस योगदान को नमन करती है।

<strong>शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण</strong>

पंजाब सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता को <strong>इंटरनेशनल लेवल</strong> तक पहुँचाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं:
<ul>
 	<li><strong>234 </strong><strong>प्रिंसिपल्स और शिक्षा अधिकारी</strong> → <strong>सिंगापुर</strong> में ट्रेनिंग</li>
 	<li><strong>152 </strong><strong>मुख्य शिक्षक</strong> → <strong>IIM </strong><strong>अहमदाबाद</strong> में एडवांस कोचिंग</li>
 	<li><strong>144 </strong><strong>प्राथमिक शिक्षक</strong> → <strong>फिनलैंड की </strong><strong>Turku University</strong> में विशेष ट्रेनिंग</li>
 	<li><strong>1,920 </strong><strong>कैंपस मैनेजरों की नियुक्ति</strong> की गई है ताकि शिक्षक प्रशासनिक कामों से मुक्त होकर पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे सकें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि <strong>नवंबर में एक और बैच फिनलैंड</strong> जाएगा।</li>
</ul>
&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25737" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-07-at-3.58.35-PM-300x169.jpg" alt="" width="714" height="402" />

&nbsp;

<strong>“</strong><strong>शिक्षा क्रांति</strong><strong>” </strong><strong>और स्कूल ऑफ एमीनेन्स</strong>

मुख्यमंत्री ने कहा कि साल <strong>2022 </strong><strong>में शुरू की गई </strong><strong>“</strong><strong>शिक्षा क्रांति</strong><strong>”</strong> के तहत शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार किए गए हैं।
<ul>
 	<li>अब तक <strong>118 School of Eminence</strong> बनाए जा चुके हैं।</li>
 	<li>इन पर सरकार ने <strong>₹231.74 </strong><strong>करोड़</strong> खर्च किए हैं।</li>
 	<li>इन स्कूलों में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चे <strong>विश्वस्तरीय शिक्षा (</strong><strong>World-Class Education)</strong> पा रहे हैं।</li>
 	<li>खास बात यह है कि अब <strong>Private Schools</strong> के बच्चे भी इन सरकारी स्कूलों में दाखिला ले रहे हैं — यह मान सरकार की नीति की सबसे बड़ी सफलता है।</li>
</ul>
इन स्कूलों के छात्रों ने <strong>राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं</strong> में शानदार प्रदर्शन किया:
<ul>
 	<li><strong>265 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>JEE Mains</strong>,</li>
 	<li><strong>44 </strong><strong>ने </strong><strong>JEE Advanced</strong>,</li>
 	<li>और <strong>848 </strong><strong>ने </strong><strong>NEET</strong> में सफलता पाई है।</li>
</ul>
<strong>स्कूल मेंटरशिप और अभिभावक-शिक्षक मीटिंग्स</strong>

सरकार ने <strong>School Mentorship Program</strong> भी शुरू किया है, जिसके तहत <strong>सिविल अधिकारी सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को गाइड</strong> कर रहे हैं।
साथ ही <strong>Parent-Teacher Meeting (PTM)</strong> को नई ऊर्जा मिली है —
अब तक <strong>25 </strong><strong>लाख से ज़्यादा अभिभावक</strong>
<strong>19,200 </strong><strong>सरकारी स्कूलों</strong> में आयोजित PTM में शामिल हो चुके हैं।

<strong>पंजाब का भविष्य शिक्षा से उज्जवल</strong>

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि,

“शिक्षकों का समर्पण, विद्यार्थियों की मेहनत और सरकार की दूरदर्शी नीतियाँ मिलकर पंजाब के भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँगी।”

कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री <strong>हरजोत सिंह बैंस</strong>, लोकसभा सदस्य <strong>मालविंदर सिंह कंग</strong>, और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
यह समारोह सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि “<strong>शिक्षा के ज़रिए समृद्ध पंजाब (</strong><strong>Educated and Prosperous Punjab)</strong>” की दिशा में एक प्रेरक कदम था।

मान सरकार की ये पहलें साबित करती हैं कि अगर नीयत और नीति दोनों साफ हों, तो सरकारी स्कूल भी बच्चों को विश्वस्तरीय शिक्षा दे सकते हैं।
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था आज बदलाव के दौर से गुजर रही है — जहाँ हर बच्चा <strong>शिक्षित</strong><strong>, </strong><strong>आत्मनिर्भर और अपनी विरासत पर गर्व करने वाला नागरिक</strong> बन सके।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Punjab के Government Schools में लगेंगे MiG-21 जेट, Students को मिलेगी ‘Patriotism और Technology’ की उड़ान</title>
		<link>https://trendstopic.in/mig-21-jets-to-be-installed-in-punjabs-government-schools-students-to-get-a-boost-of-patriotism-and-technology/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 Oct 2025 04:07:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चंडीगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[Aerospace]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[EducationNews]]></category>
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		<category><![CDATA[MiG21]]></category>
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		<category><![CDATA[punjab]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[SchoolOfEminence]]></category>
		<category><![CDATA[Students]]></category>
		<category><![CDATA[Technology]]></category>
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					<description><![CDATA[अब पंजाब के सरकारी स्कूल सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं रहेंगे, बल्कि वहाँ देशभक्ति और टेक्नोलॉजी की प्रेरणा भी मिलेगी। राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिसके तहत <strong>MiG-21 </strong><strong>लड़ाकू विमान (</strong><strong>fighter jet)</strong> को पंजाब के चुनिंदा <strong>“School of Eminence”</strong> में लगाया जाएगा।

इस पहल की शुरुआत <strong>शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस</strong> ने की है। उन्होंने भारतीय वायुसेना (IAF) के प्रमुख <strong>एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह</strong> को एक पत्र लिखकर निवेदन किया है कि <strong>रिटायर हो चुके </strong><strong>MiG-21 </strong><strong>जेट</strong> पंजाब के सरकारी स्कूलों में प्रदर्शनी के लिए दिए जाएँ।

<strong>कहाँ-कहाँ लगेंगे ये </strong><strong>MiG-21 </strong><strong>जेट</strong><strong>?</strong>

शिक्षा मंत्री के प्रस्ताव के अनुसार, पंजाब के पाँच जिलों के स्कूलों में ये विमान लगाए जाएंगे –
<ol>
 	<li>लुधियाना</li>
 	<li>अमृतसर</li>
 	<li>फिरोज़पुर</li>
 	<li>नंगल</li>
 	<li>खरड़</li>
</ol>
इन स्कूलों को चुना गया है ताकि राज्यभर के छात्र आकर इन्हें देख सकें और देश की रक्षा तकनीक को करीब से समझ सकें।

<strong>इस पहल का मकसद क्या है</strong><strong>?</strong>

सरदार हरजोत सिंह बैंस का कहना है कि इस कदम का मकसद छात्रों को <strong>देशभक्ति</strong>, <strong>अनुशासन</strong>, और <strong>साहस</strong> की प्रेरणा देना है। साथ ही उन्हें <strong>रक्षा</strong><strong>, </strong><strong>इंजीनियरिंग</strong><strong>, </strong><strong>और एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी</strong> जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए मोटिवेट करना है।

“हम सब मिलकर MiG-21 को एक ऐसी श्रद्धांजलि दे सकते हैं, जो हमेशा जीवित रहे और आने वाली पीढ़ियों में देशभक्ति और समर्पण की भावना जगाए,” — शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस।

<strong>MiG-21 </strong><strong>की कहानी </strong><strong>– </strong><strong>गर्व और वीरता का प्रतीक</strong>

MiG-21 भारतीय वायुसेना का एक ऐतिहासिक और शानदार लड़ाकू विमान रहा है।

&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25690" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-04-at-1.48.33-PM-1-300x169.jpg" alt="" width="836" height="471" />

&nbsp;
<ul>
 	<li>इसने <strong>1965 </strong><strong>की भारत-पाक जंग</strong>,</li>
 	<li><strong>1971 </strong><strong>की बांग्लादेश मुक्ति जंग</strong>,</li>
 	<li>और <strong>1999 </strong><strong>की कारगिल जंग</strong> में अहम भूमिका निभाई थी।</li>
</ul>
इसे भारत के <strong>रक्षा इतिहास का शेर (</strong><strong>symbol of courage and dedication)</strong> कहा जाता है। हाल ही में भारतीय वायुसेना ने इसे <strong>औपचारिक रूप से रिटायर</strong> किया है।

हरजोत सिंह बैंस ने इस मौके पर भारतीय वायुसेना को बधाई देते हुए कहा कि MiG-21 जैसे विमान <strong>साहस</strong><strong>, </strong><strong>अनुशासन और देश सेवा</strong> की पहचान हैं, और इन्हें स्कूलों में प्रदर्शित करना युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगा।

<strong>School of Eminence – </strong><strong>पंजाब की शिक्षा क्रांति</strong>

यह पहल पंजाब सरकार के <strong>“School of Eminence Mission”</strong> का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> के नेतृत्व में सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव ला रही है।
इस मिशन के तहत —
<ul>
 	<li>स्कूलों को आधुनिक तकनीक और इनोवेशन से जोड़ा जा रहा है,</li>
 	<li><strong>शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रेनिंग</strong> दी जा रही है,</li>
 	<li>और छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ <strong>लीडरशिप और प्रैक्टिकल नॉलेज</strong> की शिक्षा दी जा रही है।</li>
</ul>
अब MiG-21 को स्कूलों में लगाने का यह कदम इस मिशन को और आगे बढ़ाएगा, जिससे छात्रों को देश की रक्षा प्रणाली, विमानन और विज्ञान के प्रति रुचि पैदा होगी।

<strong>लोगों की प्रतिक्रिया</strong>

इस पहल की चर्चा अब पूरे राज्य में हो रही है। कई शिक्षकों और छात्रों ने कहा कि अगर स्कूल में असली लड़ाकू विमान होगा, तो बच्चों में देश के लिए कुछ बड़ा करने की भावना और भी मजबूत होगी।

“ये सिर्फ एक जेट नहीं, बल्कि एक सोच है — कि हमारे बच्चे भी कल के वैज्ञानिक, इंजीनियर या फौजी बन सकते हैं,” — एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने कहा।

<strong>अंत में...</strong>

पंजाब सरकार का यह कदम सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि <strong>नई सोच और नई शिक्षा नीति</strong> का प्रतीक है।
MiG-21 जैसे विमान जब स्कूलों में लगेंगे, तो हर बच्चा यह महसूस करेगा कि —

<strong>“</strong><strong>आसमान अब सीमा नहीं</strong><strong>, </strong><strong>बल्कि शुरुआत है।</strong><strong>”</strong>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[अब पंजाब के सरकारी स्कूल सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं रहेंगे, बल्कि वहाँ देशभक्ति और टेक्नोलॉजी की प्रेरणा भी मिलेगी। राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिसके तहत <strong>MiG-21 </strong><strong>लड़ाकू विमान (</strong><strong>fighter jet)</strong> को पंजाब के चुनिंदा <strong>“School of Eminence”</strong> में लगाया जाएगा।

इस पहल की शुरुआत <strong>शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस</strong> ने की है। उन्होंने भारतीय वायुसेना (IAF) के प्रमुख <strong>एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह</strong> को एक पत्र लिखकर निवेदन किया है कि <strong>रिटायर हो चुके </strong><strong>MiG-21 </strong><strong>जेट</strong> पंजाब के सरकारी स्कूलों में प्रदर्शनी के लिए दिए जाएँ।

<strong>कहाँ-कहाँ लगेंगे ये </strong><strong>MiG-21 </strong><strong>जेट</strong><strong>?</strong>

शिक्षा मंत्री के प्रस्ताव के अनुसार, पंजाब के पाँच जिलों के स्कूलों में ये विमान लगाए जाएंगे –
<ol>
 	<li>लुधियाना</li>
 	<li>अमृतसर</li>
 	<li>फिरोज़पुर</li>
 	<li>नंगल</li>
 	<li>खरड़</li>
</ol>
इन स्कूलों को चुना गया है ताकि राज्यभर के छात्र आकर इन्हें देख सकें और देश की रक्षा तकनीक को करीब से समझ सकें।

<strong>इस पहल का मकसद क्या है</strong><strong>?</strong>

सरदार हरजोत सिंह बैंस का कहना है कि इस कदम का मकसद छात्रों को <strong>देशभक्ति</strong>, <strong>अनुशासन</strong>, और <strong>साहस</strong> की प्रेरणा देना है। साथ ही उन्हें <strong>रक्षा</strong><strong>, </strong><strong>इंजीनियरिंग</strong><strong>, </strong><strong>और एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी</strong> जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए मोटिवेट करना है।

“हम सब मिलकर MiG-21 को एक ऐसी श्रद्धांजलि दे सकते हैं, जो हमेशा जीवित रहे और आने वाली पीढ़ियों में देशभक्ति और समर्पण की भावना जगाए,” — शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस।

<strong>MiG-21 </strong><strong>की कहानी </strong><strong>– </strong><strong>गर्व और वीरता का प्रतीक</strong>

MiG-21 भारतीय वायुसेना का एक ऐतिहासिक और शानदार लड़ाकू विमान रहा है।

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<ul>
 	<li>इसने <strong>1965 </strong><strong>की भारत-पाक जंग</strong>,</li>
 	<li><strong>1971 </strong><strong>की बांग्लादेश मुक्ति जंग</strong>,</li>
 	<li>और <strong>1999 </strong><strong>की कारगिल जंग</strong> में अहम भूमिका निभाई थी।</li>
</ul>
इसे भारत के <strong>रक्षा इतिहास का शेर (</strong><strong>symbol of courage and dedication)</strong> कहा जाता है। हाल ही में भारतीय वायुसेना ने इसे <strong>औपचारिक रूप से रिटायर</strong> किया है।

हरजोत सिंह बैंस ने इस मौके पर भारतीय वायुसेना को बधाई देते हुए कहा कि MiG-21 जैसे विमान <strong>साहस</strong><strong>, </strong><strong>अनुशासन और देश सेवा</strong> की पहचान हैं, और इन्हें स्कूलों में प्रदर्शित करना युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगा।

<strong>School of Eminence – </strong><strong>पंजाब की शिक्षा क्रांति</strong>

यह पहल पंजाब सरकार के <strong>“School of Eminence Mission”</strong> का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> के नेतृत्व में सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव ला रही है।
इस मिशन के तहत —
<ul>
 	<li>स्कूलों को आधुनिक तकनीक और इनोवेशन से जोड़ा जा रहा है,</li>
 	<li><strong>शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रेनिंग</strong> दी जा रही है,</li>
 	<li>और छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ <strong>लीडरशिप और प्रैक्टिकल नॉलेज</strong> की शिक्षा दी जा रही है।</li>
</ul>
अब MiG-21 को स्कूलों में लगाने का यह कदम इस मिशन को और आगे बढ़ाएगा, जिससे छात्रों को देश की रक्षा प्रणाली, विमानन और विज्ञान के प्रति रुचि पैदा होगी।

<strong>लोगों की प्रतिक्रिया</strong>

इस पहल की चर्चा अब पूरे राज्य में हो रही है। कई शिक्षकों और छात्रों ने कहा कि अगर स्कूल में असली लड़ाकू विमान होगा, तो बच्चों में देश के लिए कुछ बड़ा करने की भावना और भी मजबूत होगी।

“ये सिर्फ एक जेट नहीं, बल्कि एक सोच है — कि हमारे बच्चे भी कल के वैज्ञानिक, इंजीनियर या फौजी बन सकते हैं,” — एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने कहा।

<strong>अंत में...</strong>

पंजाब सरकार का यह कदम सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि <strong>नई सोच और नई शिक्षा नीति</strong> का प्रतीक है।
MiG-21 जैसे विमान जब स्कूलों में लगेंगे, तो हर बच्चा यह महसूस करेगा कि —

<strong>“</strong><strong>आसमान अब सीमा नहीं</strong><strong>, </strong><strong>बल्कि शुरुआत है।</strong><strong>”</strong>]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>Sangrur को मिला Education का नया तोहफ़ा – CM Bhagwant Mann ने किया ‘School of Eminence’ का Inauguration</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 Aug 2025 05:14:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[Development]]></category>
		<category><![CDATA[Education]]></category>
		<category><![CDATA[ModernSchool]]></category>
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		<category><![CDATA[QualityEducation]]></category>
		<category><![CDATA[Sangrur]]></category>
		<category><![CDATA[SchoolOfEminence]]></category>
		<category><![CDATA[SmartEducation]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज (11 अगस्त, 2025) संगरूर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी <strong>जत्थेदार करतार सिंह दरवेश स्कूल ऑफ एमिनेंस</strong> का उद्घाटन किया। यह स्कूल पंजाब सरकार की <em>Education Revolution</em> का हिस्सा है, जिसे <strong>3.40 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> की लागत से अपग्रेड किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार का मकसद राज्य के हर बच्चे को बेहतरीन और आधुनिक शिक्षा देना है, ताकि वह देश-दुनिया में अपना नाम रोशन कर सके। उन्होंने बताया कि स्कूल ऑफ एमिनेंस सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को उड़ान देने का केंद्र होगा।

इस अपग्रेडेड स्कूल में अब <strong>मॉडर्न क्लासरूम</strong><strong>, </strong><strong>स्मार्ट बोर्ड</strong><strong>, </strong><strong>डिजिटल लैब</strong><strong>, </strong><strong>लाइब्रेरी</strong><strong>, </strong><strong>साइंस लैब और स्पोर्ट्स की बेहतर सुविधाएं</strong> दी गई हैं। साथ ही, विद्यार्थियों के लिए <em>career counselling</em> और <em>skill development programs</em> भी शुरू किए जाएंगे, ताकि उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज भी मिल सके।

सीएम मान ने यह भी कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार ही पंजाब के भविष्य को मजबूत करेगा। उन्होंने वादा किया कि आने वाले समय में और भी सरकारी स्कूलों को इसी तरह <em>School of Eminence</em> में बदलकर बच्चों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं दी जाएंगी।

स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि पहले सरकारी स्कूलों को लेकर जो धारणाएं थीं, अब वह बदल रही हैं। अब बच्चे प्राइवेट स्कूल जैसी सुविधाओं के साथ पढ़ाई कर पाएंगे, और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी <em>quality education</em> मिलेगी।

इस मौके पर शिक्षा विभाग के अधिकारी, स्कूल स्टाफ, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज (11 अगस्त, 2025) संगरूर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी <strong>जत्थेदार करतार सिंह दरवेश स्कूल ऑफ एमिनेंस</strong> का उद्घाटन किया। यह स्कूल पंजाब सरकार की <em>Education Revolution</em> का हिस्सा है, जिसे <strong>3.40 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> की लागत से अपग्रेड किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार का मकसद राज्य के हर बच्चे को बेहतरीन और आधुनिक शिक्षा देना है, ताकि वह देश-दुनिया में अपना नाम रोशन कर सके। उन्होंने बताया कि स्कूल ऑफ एमिनेंस सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को उड़ान देने का केंद्र होगा।

इस अपग्रेडेड स्कूल में अब <strong>मॉडर्न क्लासरूम</strong><strong>, </strong><strong>स्मार्ट बोर्ड</strong><strong>, </strong><strong>डिजिटल लैब</strong><strong>, </strong><strong>लाइब्रेरी</strong><strong>, </strong><strong>साइंस लैब और स्पोर्ट्स की बेहतर सुविधाएं</strong> दी गई हैं। साथ ही, विद्यार्थियों के लिए <em>career counselling</em> और <em>skill development programs</em> भी शुरू किए जाएंगे, ताकि उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज भी मिल सके।

सीएम मान ने यह भी कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार ही पंजाब के भविष्य को मजबूत करेगा। उन्होंने वादा किया कि आने वाले समय में और भी सरकारी स्कूलों को इसी तरह <em>School of Eminence</em> में बदलकर बच्चों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं दी जाएंगी।

स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि पहले सरकारी स्कूलों को लेकर जो धारणाएं थीं, अब वह बदल रही हैं। अब बच्चे प्राइवेट स्कूल जैसी सुविधाओं के साथ पढ़ाई कर पाएंगे, और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी <em>quality education</em> मिलेगी।

इस मौके पर शिक्षा विभाग के अधिकारी, स्कूल स्टाफ, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।]]></content:encoded>
					
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