<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Putin &#8211; Trends Topic</title>
	<atom:link href="https://trendstopic.in/tag/putin/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://trendstopic.in</link>
	<description>to always keep you aware</description>
	<lastBuildDate>Mon, 27 Oct 2025 10:34:46 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.4.8</generator>

<image>
	<url>https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2024/03/cropped-TREND-TOPIC-1-32x32.png</url>
	<title>Putin &#8211; Trends Topic</title>
	<link>https://trendstopic.in</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>Russia ने बनाई दुनिया की पहली Nuclear-Powered Missile: Unlimited Range, किसी भी Defense System को दे सकती है चकमा</title>
		<link>https://trendstopic.in/russia-develops-the-worlds-first-nuclear-powered-missile-unlimited-range-can-evade-any-defense-system/</link>
					<comments>https://trendstopic.in/russia-develops-the-worlds-first-nuclear-powered-missile-unlimited-range-can-evade-any-defense-system/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 27 Oct 2025 10:34:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[World]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[Burevestnik]]></category>
		<category><![CDATA[Defense]]></category>
		<category><![CDATA[GlobalSecurity]]></category>
		<category><![CDATA[InternationalNews]]></category>
		<category><![CDATA[MilitaryTechnology]]></category>
		<category><![CDATA[MissileDefense]]></category>
		<category><![CDATA[NuclearMissile]]></category>
		<category><![CDATA[NuclearPower]]></category>
		<category><![CDATA[Putin]]></category>
		<category><![CDATA[Russia]]></category>
		<category><![CDATA[RussiaMissileTest]]></category>
		<category><![CDATA[WorldNews]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://trendstopic.in/?p=26133</guid>

					<description><![CDATA[रूस ने एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है। राष्ट्रपति <strong>व्लादिमीर पुतिन</strong> ने घोषणा की है कि देश ने <strong>दुनिया की पहली न्यूक्लियर पावर्ड (परमाणु ऊर्जा से चलने वाली) क्रूज मिसाइल</strong> का सफल परीक्षण किया है। इस मिसाइल का नाम है <strong>“</strong><strong>बुरेवस्तनिक-</strong><strong>9M730 (Burevestnik-9M730)”</strong>। रूस का दावा है कि यह मिसाइल <strong>अनलिमिटेड रेंज</strong> यानी <strong>असीमित दूरी तक उड़ान भर सकती है</strong> और इसे <strong>कोई भी एयर डिफेंस सिस्टम पकड़ नहीं सकता</strong>।

<strong>21 </strong><strong>अक्टूबर को हुआ टेस्ट</strong><strong>, 15 </strong><strong>घंटे तक उड़ान भरी</strong>

रूसी सेना के प्रमुख <strong>वैलेरी गेरेसिमोव</strong> के मुताबिक, मिसाइल का सफल <strong>टेस्ट </strong><strong>21 </strong><strong>अक्टूबर</strong> को किया गया। इस दौरान <strong>बुरेवस्तनिक मिसाइल ने करीब </strong><strong>15 </strong><strong>घंटे तक उड़ान भरी</strong> और लगभग <strong>14,000 </strong><strong>किलोमीटर</strong> की दूरी तय की।
गेरेसिमोव ने बताया कि यह इसकी <strong>अधिकतम रेंज नहीं है</strong>, बल्कि यह इससे भी ज्यादा दूरी तय करने में सक्षम है।

&nbsp;

<img class="alignnone wp-image-26134" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-27-at-3.14.14-PM-3-300x169.jpg" alt="" width="559" height="315" />

&nbsp;

<strong>कैसे काम करती है यह मिसाइल</strong>

आम क्रूज मिसाइलें <strong>फ्यूल इंजन</strong> से चलती हैं, लेकिन बुरेवस्तनिक में <strong>न्यूक्लियर रिएक्टर</strong> लगा है।
<ul>
 	<li>लॉन्च के वक्त इसे हवा में उठाने के लिए <strong>रॉकेट बूस्टर (</strong><strong>Solid Fuel Rocket Booster)</strong> का इस्तेमाल किया जाता है।</li>
 	<li>जब मिसाइल हवा में पहुंच जाती है, तो इसका <strong>न्यूक्लियर रिएक्टर एक्टिव</strong> हो जाता है और फिर यह <strong>परमाणु ऊर्जा से चलने लगती है</strong>।</li>
 	<li>इस तकनीक के कारण मिसाइल को बार-बार फ्यूल भरने की जरूरत नहीं पड़ती और यह <strong>लगभग अनलिमिटेड दूरी तक उड़ सकती है</strong>।</li>
</ul>
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मिसाइल को <strong>जमीन से लॉन्च</strong> किया जाता है और इसकी लॉन्च साइट मॉस्को से करीब <strong>475 </strong><strong>किलोमीटर उत्तर</strong> में है।
वहाँ पर <strong>9 </strong><strong>नए लॉन्च पैड</strong> तैयार किए जा रहे हैं।

<strong>डिफेंस सिस्टम के लिए चुनौती</strong>

बुरेवस्तनिक बहुत नीचे की ऊंचाई (करीब <strong>50 </strong><strong>से </strong><strong>100 </strong><strong>मीटर</strong>) पर उड़ती है।
यह लगातार <strong>अपना रास्ता बदलती रहती है</strong>, जिससे इसे <strong>रडार या एंटी-मिसाइल सिस्टम</strong> पकड़ नहीं पाते।
रूस का दावा है कि यह मिसाइल <strong>किसी भी देश की सुरक्षा प्रणाली को धोखा देने में सक्षम</strong> है।

<strong>अमेरिकी वायुसेना</strong> की रिपोर्ट कहती है कि इस मिसाइल के सर्विस में आने के बाद रूस के पास <strong>इंटरकॉन्टिनेंटल रेंज (</strong><strong>10,000 </strong><strong>से </strong><strong>20,000 </strong><strong>किमी)</strong> तक हमला करने की क्षमता होगी।
इसका मतलब यह है कि रूस अपने देश के किसी भी हिस्से से <strong>अमेरिका या किसी भी अन्य महाद्वीप</strong> पर हमला कर सकता है।

<strong>खतरा भी बड़ा है </strong><strong>— “</strong><strong>उड़ता हुआ चेरनोबिल</strong><strong>”</strong>

कई <strong>एक्सपर्ट्स</strong> इस मिसाइल को खतरनाक बताते हैं।
<strong>मिसाइल विशेषज्ञ जेफरी लुईस</strong> ने इसे “<strong>Flying Chernobyl (</strong><strong>उड़ता हुआ चेरनोबिल)</strong>” कहा है।
उनका कहना है कि अगर इसमें कोई <strong>टेक्निकल फेलियर</strong> हुआ, तो यह <strong>भारी रेडिएशन लीकेज</strong> का कारण बन सकता है, जैसा <strong>1986 </strong><strong>के चेरनोबिल हादसे</strong> में हुआ था।

दरअसल, <strong>चेरनोबिल</strong> यूक्रेन का वो शहर है जहाँ सोवियत दौर में दुनिया का सबसे बड़ा <strong>न्यूक्लियर हादसा</strong> हुआ था।
जेफरी लुईस के मुताबिक, बुरेवस्तनिक जैसी मिसाइलें “<strong>साइंस-फिक्शन फिल्मों के हथियारों जैसी हैं</strong>”, जो <strong>दुनिया में अस्थिरता बढ़ा सकती हैं</strong>।

<strong>पिछले हादसे और तकनीकी दिक्कतें</strong>

इस मिसाइल के विकास में रूस को कई <strong>तकनीकी चुनौतियों</strong> का सामना करना पड़ा है।
<ul>
 	<li><strong>2016 </strong><strong>से अब तक</strong> इसके <strong>कई टेस्ट असफल</strong> रहे।</li>
 	<li><strong>2019 </strong><strong>में नेनोक्षा</strong> (Nyonoksa) इलाके में एक टेस्ट के दौरान <strong>7 </strong><strong>वैज्ञानिकों की मौत</strong> हो गई थी और आसपास के शहर <strong>सेवरोदविंस्क</strong> में <strong>रेडिएशन स्तर बढ़ गया</strong> था।</li>
 	<li>बाद में रूस ने माना कि हादसा <strong>परमाणु-संचालित मिसाइल</strong> के परीक्षण के दौरान हुआ था।</li>
</ul>
<strong>IISS (</strong><strong>अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक अध्ययन संस्थान)</strong> की रिपोर्ट के अनुसार, रूस को अब भी इस मिसाइल के <strong>न्यूक्लियर इंजन को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने</strong> की बड़ी चुनौती झेलनी पड़ रही है।

<strong>पुतिन का बयान</strong>

राष्ट्रपति <strong>व्लादिमीर पुतिन</strong> ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा —

“बुरेवस्तनिक मिसाइल के सभी टेस्ट पूरे हो चुके हैं। यह एक ऐसी तकनीक है, जो दुनिया के किसी भी देश के पास नहीं है। पहले लोग इसे नामुमकिन मानते थे, लेकिन अब यह हकीकत है।”

&nbsp;

<img class="alignnone wp-image-26136" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-27-at-3.14.14-PM-1-300x169.jpg" alt="" width="608" height="342" />

&nbsp;

पुतिन ने यह भी कहा कि यह मिसाइल <strong>किसी भी डिफेंस सिस्टम से बचने में सक्षम</strong> है और रूस की <strong>रक्षा क्षमता को कई गुना बढ़ा देगी।</strong>

<strong>ट्रम्प ने जताई चिंता</strong><strong>, </strong><strong>कहा </strong><strong>– </strong><strong>जंग रोको</strong>

अमेरिकी राष्ट्रपति <strong>डोनाल्ड ट्रम्प</strong> ने पुतिन से अपील की है कि वह <strong>मिसाइल टेस्ट रोकें</strong> और “<strong>जंग खत्म करने पर ध्यान दें</strong>।”
ट्रम्प ने कहा —

“जो जंग एक हफ्ते में खत्म हो जानी चाहिए थी, उसे चार साल हो गए हैं।”

उन्होंने कहा कि अमेरिका <strong>“</strong><strong>गोल्डन डोम मिसाइल सिस्टम</strong><strong>”</strong> तैयार कर रहा है, जो भविष्य में <strong>ऐसी मिसाइलों से बचाव</strong> के लिए काम करेगा।

<strong>रूस-अमेरिका तनाव बढ़ने की आशंका</strong>

23 अक्टूबर को पुतिन ने एक और बयान में कहा था —
अगर <strong>अमेरिकी टॉमहॉक मिसाइलों से रूस पर हमला हुआ</strong>, तो <strong>रूस कड़ा जवाब देगा</strong>।
यह बयान उस वक्त आया जब अमेरिका ने <strong>दो रूसी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध</strong> लगाए थे।
पुतिन ने इसे “<strong>दुश्मनी भरा कदम</strong>” बताया था और कहा था कि इससे <strong>रूस-अमेरिका संबंध और बिगड़ सकते हैं।</strong>

रूस की “<strong>बुरेवस्तनिक मिसाइल</strong>” सैन्य तकनीक के इतिहास में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
लेकिन इसके साथ ही यह दुनिया के लिए एक <strong>नया खतरा</strong> भी है।
एक तरफ यह रूस को <strong>सुपर-पावर</strong> के रूप में और मजबूत बनाती है,
वहीं दूसरी तरफ यह <strong>परमाणु सुरक्षा और पर्यावरण</strong> के लिए <strong>गंभीर चिंता</strong> का विषय है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[रूस ने एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है। राष्ट्रपति <strong>व्लादिमीर पुतिन</strong> ने घोषणा की है कि देश ने <strong>दुनिया की पहली न्यूक्लियर पावर्ड (परमाणु ऊर्जा से चलने वाली) क्रूज मिसाइल</strong> का सफल परीक्षण किया है। इस मिसाइल का नाम है <strong>“</strong><strong>बुरेवस्तनिक-</strong><strong>9M730 (Burevestnik-9M730)”</strong>। रूस का दावा है कि यह मिसाइल <strong>अनलिमिटेड रेंज</strong> यानी <strong>असीमित दूरी तक उड़ान भर सकती है</strong> और इसे <strong>कोई भी एयर डिफेंस सिस्टम पकड़ नहीं सकता</strong>।

<strong>21 </strong><strong>अक्टूबर को हुआ टेस्ट</strong><strong>, 15 </strong><strong>घंटे तक उड़ान भरी</strong>

रूसी सेना के प्रमुख <strong>वैलेरी गेरेसिमोव</strong> के मुताबिक, मिसाइल का सफल <strong>टेस्ट </strong><strong>21 </strong><strong>अक्टूबर</strong> को किया गया। इस दौरान <strong>बुरेवस्तनिक मिसाइल ने करीब </strong><strong>15 </strong><strong>घंटे तक उड़ान भरी</strong> और लगभग <strong>14,000 </strong><strong>किलोमीटर</strong> की दूरी तय की।
गेरेसिमोव ने बताया कि यह इसकी <strong>अधिकतम रेंज नहीं है</strong>, बल्कि यह इससे भी ज्यादा दूरी तय करने में सक्षम है।

&nbsp;

<img class="alignnone wp-image-26134" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-27-at-3.14.14-PM-3-300x169.jpg" alt="" width="559" height="315" />

&nbsp;

<strong>कैसे काम करती है यह मिसाइल</strong>

आम क्रूज मिसाइलें <strong>फ्यूल इंजन</strong> से चलती हैं, लेकिन बुरेवस्तनिक में <strong>न्यूक्लियर रिएक्टर</strong> लगा है।
<ul>
 	<li>लॉन्च के वक्त इसे हवा में उठाने के लिए <strong>रॉकेट बूस्टर (</strong><strong>Solid Fuel Rocket Booster)</strong> का इस्तेमाल किया जाता है।</li>
 	<li>जब मिसाइल हवा में पहुंच जाती है, तो इसका <strong>न्यूक्लियर रिएक्टर एक्टिव</strong> हो जाता है और फिर यह <strong>परमाणु ऊर्जा से चलने लगती है</strong>।</li>
 	<li>इस तकनीक के कारण मिसाइल को बार-बार फ्यूल भरने की जरूरत नहीं पड़ती और यह <strong>लगभग अनलिमिटेड दूरी तक उड़ सकती है</strong>।</li>
</ul>
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मिसाइल को <strong>जमीन से लॉन्च</strong> किया जाता है और इसकी लॉन्च साइट मॉस्को से करीब <strong>475 </strong><strong>किलोमीटर उत्तर</strong> में है।
वहाँ पर <strong>9 </strong><strong>नए लॉन्च पैड</strong> तैयार किए जा रहे हैं।

<strong>डिफेंस सिस्टम के लिए चुनौती</strong>

बुरेवस्तनिक बहुत नीचे की ऊंचाई (करीब <strong>50 </strong><strong>से </strong><strong>100 </strong><strong>मीटर</strong>) पर उड़ती है।
यह लगातार <strong>अपना रास्ता बदलती रहती है</strong>, जिससे इसे <strong>रडार या एंटी-मिसाइल सिस्टम</strong> पकड़ नहीं पाते।
रूस का दावा है कि यह मिसाइल <strong>किसी भी देश की सुरक्षा प्रणाली को धोखा देने में सक्षम</strong> है।

<strong>अमेरिकी वायुसेना</strong> की रिपोर्ट कहती है कि इस मिसाइल के सर्विस में आने के बाद रूस के पास <strong>इंटरकॉन्टिनेंटल रेंज (</strong><strong>10,000 </strong><strong>से </strong><strong>20,000 </strong><strong>किमी)</strong> तक हमला करने की क्षमता होगी।
इसका मतलब यह है कि रूस अपने देश के किसी भी हिस्से से <strong>अमेरिका या किसी भी अन्य महाद्वीप</strong> पर हमला कर सकता है।

<strong>खतरा भी बड़ा है </strong><strong>— “</strong><strong>उड़ता हुआ चेरनोबिल</strong><strong>”</strong>

कई <strong>एक्सपर्ट्स</strong> इस मिसाइल को खतरनाक बताते हैं।
<strong>मिसाइल विशेषज्ञ जेफरी लुईस</strong> ने इसे “<strong>Flying Chernobyl (</strong><strong>उड़ता हुआ चेरनोबिल)</strong>” कहा है।
उनका कहना है कि अगर इसमें कोई <strong>टेक्निकल फेलियर</strong> हुआ, तो यह <strong>भारी रेडिएशन लीकेज</strong> का कारण बन सकता है, जैसा <strong>1986 </strong><strong>के चेरनोबिल हादसे</strong> में हुआ था।

दरअसल, <strong>चेरनोबिल</strong> यूक्रेन का वो शहर है जहाँ सोवियत दौर में दुनिया का सबसे बड़ा <strong>न्यूक्लियर हादसा</strong> हुआ था।
जेफरी लुईस के मुताबिक, बुरेवस्तनिक जैसी मिसाइलें “<strong>साइंस-फिक्शन फिल्मों के हथियारों जैसी हैं</strong>”, जो <strong>दुनिया में अस्थिरता बढ़ा सकती हैं</strong>।

<strong>पिछले हादसे और तकनीकी दिक्कतें</strong>

इस मिसाइल के विकास में रूस को कई <strong>तकनीकी चुनौतियों</strong> का सामना करना पड़ा है।
<ul>
 	<li><strong>2016 </strong><strong>से अब तक</strong> इसके <strong>कई टेस्ट असफल</strong> रहे।</li>
 	<li><strong>2019 </strong><strong>में नेनोक्षा</strong> (Nyonoksa) इलाके में एक टेस्ट के दौरान <strong>7 </strong><strong>वैज्ञानिकों की मौत</strong> हो गई थी और आसपास के शहर <strong>सेवरोदविंस्क</strong> में <strong>रेडिएशन स्तर बढ़ गया</strong> था।</li>
 	<li>बाद में रूस ने माना कि हादसा <strong>परमाणु-संचालित मिसाइल</strong> के परीक्षण के दौरान हुआ था।</li>
</ul>
<strong>IISS (</strong><strong>अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक अध्ययन संस्थान)</strong> की रिपोर्ट के अनुसार, रूस को अब भी इस मिसाइल के <strong>न्यूक्लियर इंजन को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने</strong> की बड़ी चुनौती झेलनी पड़ रही है।

<strong>पुतिन का बयान</strong>

राष्ट्रपति <strong>व्लादिमीर पुतिन</strong> ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा —

“बुरेवस्तनिक मिसाइल के सभी टेस्ट पूरे हो चुके हैं। यह एक ऐसी तकनीक है, जो दुनिया के किसी भी देश के पास नहीं है। पहले लोग इसे नामुमकिन मानते थे, लेकिन अब यह हकीकत है।”

&nbsp;

<img class="alignnone wp-image-26136" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-27-at-3.14.14-PM-1-300x169.jpg" alt="" width="608" height="342" />

&nbsp;

पुतिन ने यह भी कहा कि यह मिसाइल <strong>किसी भी डिफेंस सिस्टम से बचने में सक्षम</strong> है और रूस की <strong>रक्षा क्षमता को कई गुना बढ़ा देगी।</strong>

<strong>ट्रम्प ने जताई चिंता</strong><strong>, </strong><strong>कहा </strong><strong>– </strong><strong>जंग रोको</strong>

अमेरिकी राष्ट्रपति <strong>डोनाल्ड ट्रम्प</strong> ने पुतिन से अपील की है कि वह <strong>मिसाइल टेस्ट रोकें</strong> और “<strong>जंग खत्म करने पर ध्यान दें</strong>।”
ट्रम्प ने कहा —

“जो जंग एक हफ्ते में खत्म हो जानी चाहिए थी, उसे चार साल हो गए हैं।”

उन्होंने कहा कि अमेरिका <strong>“</strong><strong>गोल्डन डोम मिसाइल सिस्टम</strong><strong>”</strong> तैयार कर रहा है, जो भविष्य में <strong>ऐसी मिसाइलों से बचाव</strong> के लिए काम करेगा।

<strong>रूस-अमेरिका तनाव बढ़ने की आशंका</strong>

23 अक्टूबर को पुतिन ने एक और बयान में कहा था —
अगर <strong>अमेरिकी टॉमहॉक मिसाइलों से रूस पर हमला हुआ</strong>, तो <strong>रूस कड़ा जवाब देगा</strong>।
यह बयान उस वक्त आया जब अमेरिका ने <strong>दो रूसी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध</strong> लगाए थे।
पुतिन ने इसे “<strong>दुश्मनी भरा कदम</strong>” बताया था और कहा था कि इससे <strong>रूस-अमेरिका संबंध और बिगड़ सकते हैं।</strong>

रूस की “<strong>बुरेवस्तनिक मिसाइल</strong>” सैन्य तकनीक के इतिहास में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
लेकिन इसके साथ ही यह दुनिया के लिए एक <strong>नया खतरा</strong> भी है।
एक तरफ यह रूस को <strong>सुपर-पावर</strong> के रूप में और मजबूत बनाती है,
वहीं दूसरी तरफ यह <strong>परमाणु सुरक्षा और पर्यावरण</strong> के लिए <strong>गंभीर चिंता</strong> का विषय है।]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://trendstopic.in/russia-develops-the-worlds-first-nuclear-powered-missile-unlimited-range-can-evade-any-defense-system/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
		<enclosure url="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/10/WhatsApp-Image-2025-10-27-at-3.14.14-PM-2-1.jpg" length="69081" type="image/jpeg" />
	</item>
		<item>
		<title>Trump– Putin Summit: 3 घंटे Meeting, 12 Minute Press Conference और बिना किसी Deal के खत्म हुई मुलाकात</title>
		<link>https://trendstopic.in/trump-putin-summit-3-%e0%a4%98%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%87-meeting-12-minute-press-conference-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%80-dea/</link>
					<comments>https://trendstopic.in/trump-putin-summit-3-%e0%a4%98%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%87-meeting-12-minute-press-conference-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%80-dea/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 Aug 2025 04:45:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विदेश]]></category>
		<category><![CDATA[AlaskaMeeting]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[Diplomacy]]></category>
		<category><![CDATA[Geopolitics]]></category>
		<category><![CDATA[GlobalNews]]></category>
		<category><![CDATA[InternationalRelations]]></category>
		<category><![CDATA[LeadersMeeting]]></category>
		<category><![CDATA[PeaceTalks]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[Putin]]></category>
		<category><![CDATA[Trump]]></category>
		<category><![CDATA[TrumpPutinSummit]]></category>
		<category><![CDATA[UkraineWar]]></category>
		<category><![CDATA[USRussiaRelations]]></category>
		<category><![CDATA[WorldPolitics]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://trendstopic.in/?p=24913</guid>

					<description><![CDATA[अलास्का में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई हाई-प्रोफाइल मुलाकात दुनिया भर की सुर्खियों में है। यह मुलाकात करीब <strong>3 </strong><strong>घंटे</strong> चली और इसके बाद दोनों नेताओं ने केवल <strong>12 </strong><strong>मिनट</strong> की प्रेस कॉन्फ्रेंस की। खास बात यह रही कि इस दौरान किसी पत्रकार के सवाल का जवाब नहीं दिया गया और दोनों नेता मंच से सीधे निकल गए।

<strong>10 </strong><strong>साल बाद अमेरिका पहुंचे पुतिन</strong>

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन लगभग <strong>10 </strong><strong>साल बाद अमेरिका पहुंचे</strong>। अलास्का के एल्मेंडॉर्फ एयर बेस पर उनका रेड कार्पेट स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें रिसीव किया। दोनों नेता ट्रम्प की कार में बैठकर सीधे मीटिंग स्थल रवाना हो गए।
यहां का नज़ारा बेहद खास था—रेड कार्पेट के पास <strong>चार </strong><strong>F-22 </strong><strong>रैप्टर फाइटर जेट्स</strong> तैनात थे। सुरक्षा के लिए अमेरिकी सीक्रेट सर्विस और रूसी टीम ने मिलकर पुख्ता इंतजाम किए।

<strong>थ्री-ऑन-थ्री फॉर्मेट में बातचीत</strong>

मीटिंग “<strong>थ्री-ऑन-थ्री फॉर्मेट</strong>” में हुई।
रूस की तरफ से पुतिन के साथ विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव और वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव मौजूद थे।
अमेरिका की ओर से ट्रम्प के साथ विदेश मंत्री मार्को रुबियो, वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक और शांति वार्ता दूत स्टीव विटकॉफ मौजूद रहे।

<strong>प्रेस कॉन्फ्रेंस </strong><strong>– </strong><strong>सिर्फ </strong><strong>12 </strong><strong>मिनट</strong>

बैठक के बाद दोनों नेताओं ने जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। यह तय समय से आधा घंटा पहले शुरू हुई और केवल <strong>12 </strong><strong>मिनट</strong> तक चली। शुरुआत पुतिन ने की, जबकि परंपरा के अनुसार पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बोलते हैं।
पुतिन ने कहा कि –
<ul>
 	<li>यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए उसकी असली वजह खत्म करनी होगी।</li>
 	<li>अगर 2022 में ट्रम्प राष्ट्रपति होते तो यह जंग शुरू ही नहीं होती।</li>
 	<li>यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।</li>
 	<li>यूरोपीय नेताओं को शांति वार्ता में बाधा नहीं डालनी चाहिए।</li>
 	<li>अमेरिका और रूस पड़ोसी हैं, टकराव छोड़कर बातचीत आगे बढ़ानी चाहिए।</li>
</ul>
ट्रम्प ने कहा कि –
<ul>
 	<li>मीटिंग पॉजिटिव रही लेकिन अभी कोई फाइनल डील नहीं हुई।</li>
 	<li>सभी की सहमति के बिना समझौता संभव नहीं।</li>
 	<li>वे जेलेंस्की और नाटो सहयोगियों से बात करेंगे।</li>
 	<li>यूक्रेन में शांति जरूरी है, लेकिन यह अब जेलेंस्की पर निर्भर है।</li>
 	<li>पुतिन के साथ उनका रिश्ता हमेशा अच्छा रहा है।</li>
</ul>
&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-24915" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-9.43.04-AM-300x169.webp" alt="" width="833" height="469" />

&nbsp;

<strong>पुतिन का सुझाव </strong><strong>– </strong><strong>अगली मीटिंग मॉस्को में</strong>

पुतिन ने अगली मुलाकात मॉस्को में करने का सुझाव दिया। ट्रम्प ने कहा कि यह फैसला विवादित हो सकता है लेकिन उन्होंने इसे पूरी तरह नकारा भी नहीं।

<strong>पुतिन ने सैनिकों को दी श्रद्धांजलि</strong>

अलास्का से रवाना होने से पहले पुतिन ने फोर्ट रिचर्डसन मेमोरियल कब्रिस्तान जाकर <strong>द्वितीय विश्व युद्ध</strong> में मारे गए सोवियत सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

<strong>मीटिंग के बाद दोनों का रवाना होना</strong>

मीटिंग और प्रेस कॉन्फ्रेंस के एक घंटे बाद पुतिन का विमान मॉस्को के लिए उड़ गया। थोड़ी देर बाद ट्रम्प भी एयरफोर्स वन से वॉशिंगटन डीसी लौट गए।

<strong>इंटरव्यू और रिएक्शन</strong>

अलास्का से लौटते समय ट्रम्प ने <strong>Fox News</strong> को इंटरव्यू दिया और कहा –
<ul>
 	<li>वे लोगों को मरते नहीं देखना चाहते।</li>
 	<li>यूक्रेन जंग खत्म कराना सोचा था आसान होगा, लेकिन यह सबसे मुश्किल है।</li>
 	<li>पुतिन और जेलेंस्की दोनों चाहते हैं कि वे शांति वार्ता का हिस्सा बनें।</li>
 	<li>मीटिंग को उन्होंने 10 में से 10 अंक दिए।</li>
</ul>
रूस की तरफ से क्रेमलिन ने कहा कि बातचीत बहुत अच्छी रही और सीजफायर की दिशा में प्रगति हुई।

<strong>मेलानिया का लेटर</strong>

इस मुलाकात के दौरान एक और खास पल तब आया जब ट्रम्प ने पुतिन को <strong>अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प</strong> का लिखा हुआ लेटर सौंपा। इसमें उन्होंने यूक्रेन और रूस में बच्चों की खराब हालत का जिक्र किया था।

<strong>मीडिया और एक्सपर्ट्स की राय</strong>
<ul>
 	<li><strong>वॉशिंगटन पोस्ट:</strong> ट्रम्प–पुतिन अलास्का समिट, युद्धविराम तक नहीं पहुंचे।</li>
 	<li><strong>न्यूयॉर्क टाइम्स:</strong> कोई ठोस समझौता नहीं।</li>
 	<li><strong>CNN:</strong> मीटिंग बिना रिजल्ट के खत्म।</li>
 	<li>अमेरिका के पूर्व NSA जॉन बोल्टन और पूर्व राजदूत डगलस ल्यूट ने कहा कि इस मीटिंग में पुतिन ने ज्यादा फायदा उठाया और ट्रम्प को कुछ खास हासिल नहीं हुआ।</li>
</ul>
लगभग <strong>3 </strong><strong>घंटे की बातचीत और </strong><strong>12 </strong><strong>मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस</strong> के बाद भी ट्रम्प–पुतिन समिट से कोई ठोस डील सामने नहीं आई। हांलाकि दोनों नेताओं ने इसे “पॉजिटिव शुरुआत” बताया और कहा कि आगे की मीटिंग्स में शांति समझौते की दिशा में कदम बढ़ेंगे।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[अलास्का में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई हाई-प्रोफाइल मुलाकात दुनिया भर की सुर्खियों में है। यह मुलाकात करीब <strong>3 </strong><strong>घंटे</strong> चली और इसके बाद दोनों नेताओं ने केवल <strong>12 </strong><strong>मिनट</strong> की प्रेस कॉन्फ्रेंस की। खास बात यह रही कि इस दौरान किसी पत्रकार के सवाल का जवाब नहीं दिया गया और दोनों नेता मंच से सीधे निकल गए।

<strong>10 </strong><strong>साल बाद अमेरिका पहुंचे पुतिन</strong>

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन लगभग <strong>10 </strong><strong>साल बाद अमेरिका पहुंचे</strong>। अलास्का के एल्मेंडॉर्फ एयर बेस पर उनका रेड कार्पेट स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें रिसीव किया। दोनों नेता ट्रम्प की कार में बैठकर सीधे मीटिंग स्थल रवाना हो गए।
यहां का नज़ारा बेहद खास था—रेड कार्पेट के पास <strong>चार </strong><strong>F-22 </strong><strong>रैप्टर फाइटर जेट्स</strong> तैनात थे। सुरक्षा के लिए अमेरिकी सीक्रेट सर्विस और रूसी टीम ने मिलकर पुख्ता इंतजाम किए।

<strong>थ्री-ऑन-थ्री फॉर्मेट में बातचीत</strong>

मीटिंग “<strong>थ्री-ऑन-थ्री फॉर्मेट</strong>” में हुई।
रूस की तरफ से पुतिन के साथ विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव और वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव मौजूद थे।
अमेरिका की ओर से ट्रम्प के साथ विदेश मंत्री मार्को रुबियो, वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक और शांति वार्ता दूत स्टीव विटकॉफ मौजूद रहे।

<strong>प्रेस कॉन्फ्रेंस </strong><strong>– </strong><strong>सिर्फ </strong><strong>12 </strong><strong>मिनट</strong>

बैठक के बाद दोनों नेताओं ने जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। यह तय समय से आधा घंटा पहले शुरू हुई और केवल <strong>12 </strong><strong>मिनट</strong> तक चली। शुरुआत पुतिन ने की, जबकि परंपरा के अनुसार पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बोलते हैं।
पुतिन ने कहा कि –
<ul>
 	<li>यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए उसकी असली वजह खत्म करनी होगी।</li>
 	<li>अगर 2022 में ट्रम्प राष्ट्रपति होते तो यह जंग शुरू ही नहीं होती।</li>
 	<li>यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।</li>
 	<li>यूरोपीय नेताओं को शांति वार्ता में बाधा नहीं डालनी चाहिए।</li>
 	<li>अमेरिका और रूस पड़ोसी हैं, टकराव छोड़कर बातचीत आगे बढ़ानी चाहिए।</li>
</ul>
ट्रम्प ने कहा कि –
<ul>
 	<li>मीटिंग पॉजिटिव रही लेकिन अभी कोई फाइनल डील नहीं हुई।</li>
 	<li>सभी की सहमति के बिना समझौता संभव नहीं।</li>
 	<li>वे जेलेंस्की और नाटो सहयोगियों से बात करेंगे।</li>
 	<li>यूक्रेन में शांति जरूरी है, लेकिन यह अब जेलेंस्की पर निर्भर है।</li>
 	<li>पुतिन के साथ उनका रिश्ता हमेशा अच्छा रहा है।</li>
</ul>
&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-24915" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-9.43.04-AM-300x169.webp" alt="" width="833" height="469" />

&nbsp;

<strong>पुतिन का सुझाव </strong><strong>– </strong><strong>अगली मीटिंग मॉस्को में</strong>

पुतिन ने अगली मुलाकात मॉस्को में करने का सुझाव दिया। ट्रम्प ने कहा कि यह फैसला विवादित हो सकता है लेकिन उन्होंने इसे पूरी तरह नकारा भी नहीं।

<strong>पुतिन ने सैनिकों को दी श्रद्धांजलि</strong>

अलास्का से रवाना होने से पहले पुतिन ने फोर्ट रिचर्डसन मेमोरियल कब्रिस्तान जाकर <strong>द्वितीय विश्व युद्ध</strong> में मारे गए सोवियत सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

<strong>मीटिंग के बाद दोनों का रवाना होना</strong>

मीटिंग और प्रेस कॉन्फ्रेंस के एक घंटे बाद पुतिन का विमान मॉस्को के लिए उड़ गया। थोड़ी देर बाद ट्रम्प भी एयरफोर्स वन से वॉशिंगटन डीसी लौट गए।

<strong>इंटरव्यू और रिएक्शन</strong>

अलास्का से लौटते समय ट्रम्प ने <strong>Fox News</strong> को इंटरव्यू दिया और कहा –
<ul>
 	<li>वे लोगों को मरते नहीं देखना चाहते।</li>
 	<li>यूक्रेन जंग खत्म कराना सोचा था आसान होगा, लेकिन यह सबसे मुश्किल है।</li>
 	<li>पुतिन और जेलेंस्की दोनों चाहते हैं कि वे शांति वार्ता का हिस्सा बनें।</li>
 	<li>मीटिंग को उन्होंने 10 में से 10 अंक दिए।</li>
</ul>
रूस की तरफ से क्रेमलिन ने कहा कि बातचीत बहुत अच्छी रही और सीजफायर की दिशा में प्रगति हुई।

<strong>मेलानिया का लेटर</strong>

इस मुलाकात के दौरान एक और खास पल तब आया जब ट्रम्प ने पुतिन को <strong>अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प</strong> का लिखा हुआ लेटर सौंपा। इसमें उन्होंने यूक्रेन और रूस में बच्चों की खराब हालत का जिक्र किया था।

<strong>मीडिया और एक्सपर्ट्स की राय</strong>
<ul>
 	<li><strong>वॉशिंगटन पोस्ट:</strong> ट्रम्प–पुतिन अलास्का समिट, युद्धविराम तक नहीं पहुंचे।</li>
 	<li><strong>न्यूयॉर्क टाइम्स:</strong> कोई ठोस समझौता नहीं।</li>
 	<li><strong>CNN:</strong> मीटिंग बिना रिजल्ट के खत्म।</li>
 	<li>अमेरिका के पूर्व NSA जॉन बोल्टन और पूर्व राजदूत डगलस ल्यूट ने कहा कि इस मीटिंग में पुतिन ने ज्यादा फायदा उठाया और ट्रम्प को कुछ खास हासिल नहीं हुआ।</li>
</ul>
लगभग <strong>3 </strong><strong>घंटे की बातचीत और </strong><strong>12 </strong><strong>मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस</strong> के बाद भी ट्रम्प–पुतिन समिट से कोई ठोस डील सामने नहीं आई। हांलाकि दोनों नेताओं ने इसे “पॉजिटिव शुरुआत” बताया और कहा कि आगे की मीटिंग्स में शांति समझौते की दिशा में कदम बढ़ेंगे।]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://trendstopic.in/trump-putin-summit-3-%e0%a4%98%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%87-meeting-12-minute-press-conference-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%80-dea/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
		<enclosure url="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-16-at-9.50.55-AM.webp" length="97308" type="image/webp" />
	</item>
	</channel>
</rss>
