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	<title>Peace &#8211; Trends Topic</title>
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	<title>Peace &#8211; Trends Topic</title>
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	<item>
		<title>Arvind Kejriwal और Bhagwant Mann ने श्री गुरु तेग़ बहादर जी के 350 th  शहादत दिवस पर हुए Kirtan Darbar में किया नमन</title>
		<link>https://trendstopic.in/arvind-kejriwal-and-bhagwant-mann-pay-tribute-at-kirtan-darbar-held-on-the-350th-martyrdom-anniversary-of-shri-guru-tegh-bahadur-ji/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 27 Oct 2025 06:09:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चंडीगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[350thMartyrdomDay]]></category>
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		<category><![CDATA[Unity]]></category>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक <strong>अरविंद केजरीवाल</strong> और <strong>पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</strong> ने आज श्री गुरु तेग़ बहादर जी के <strong>350</strong><strong>वें शहादत दिवस</strong> के अवसर पर आयोजित <strong>कीर्तन दरबार</strong> में शामिल होकर गुरु साहिब को नमन किया। यह कार्यक्रम <strong>गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब</strong> (नई दिल्ली) में पंजाब सरकार की ओर से आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम में शामिल होकर दोनों नेताओं ने कहा कि <strong>गुरु तेग़ बहादर जी का जीवन</strong><strong>, </strong><strong>उनके विचार और उनकी शहादत पूरी मानवता के लिए एक प्रकाशस्तंभ हैं</strong>, जो हमें सिखाते हैं कि सच्चाई और धर्म के लिए खड़ा होना ही सबसे बड़ा साहस है।

<strong>अरविंद केजरीवाल बोले </strong><strong>— </strong><strong>गुरु तेग़ बहादर जी का बलिदान मानवता के लिए मिसाल</strong>

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार के लिए यह गर्व की बात है कि उसे गुरु तेग़ बहादर जी जैसे महान संत और शहीद को समर्पित यह स्मृति समारोह आयोजित करने का अवसर मिला।

उन्होंने बताया कि जब मुगल शासकों ने हिंदुओं को जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया, तब <strong>कश्मीरी पंडित</strong> अपने धर्म की रक्षा के लिए गुरु तेग़ बहादर जी के पास पहुंचे। गुरु जी ने अत्याचार के आगे झुकने से इनकार किया और <strong>धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी</strong>।

केजरीवाल ने कहा कि <strong>1675 </strong><strong>में दिल्ली में गुरु जी को शहीद किया गया</strong>, और उन्हें आज पूरी दुनिया में ऐसे पहले शहीद के रूप में जाना जाता है जिन्होंने मानवाधिकारों की रक्षा के लिए बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि गुरु जी की शहादत ने सिखों में <strong>निडरता</strong><strong>, </strong><strong>आत्म-सम्मान और न्याय के लिए खड़े होने की भावना</strong> को और मजबूत किया।

उन्होंने गुरु जी के साथ शहीद हुए <strong>भाई मति दास</strong><strong>, </strong><strong>भाई सती दास और भाई दियाला जी</strong> के बलिदान का भी उल्लेख किया —

भाई मति दास जी को जिंदा आरे से काटा गया,
भाई सती दास जी को कपड़े में लपेटकर जला दिया गया,
और भाई दियाला जी को पानी में उबालकर शहीद किया गया।

केजरीवाल ने <strong>भाई जैता जी</strong> और <strong>भाई लखी शाह वणजारा जी</strong> को भी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने गुरु साहिब के पार्थिव शरीर और सिर को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली।

उन्होंने कहा, “सिख इतिहास शहादतों से भरा हुआ है। सिख कभी अन्याय या अत्याचार के सामने नहीं झुके। उन्होंने अपने प्राण तो दे दिए लेकिन अपने सिद्धांत नहीं छोड़े।”

<strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान बोले </strong><strong>— </strong><strong>शहादत की भावना हमारे खून में है</strong>

मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> ने कहा कि गुरु तेग़ बहादर जी और उनके परिवार का बलिदान सिर्फ एक धर्म के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता और सच्चाई के लिए था। उन्होंने कहा कि <strong>गुरु जी की शहादत के </strong><strong>24 </strong><strong>साल बाद </strong><strong>1699 </strong><strong>में श्री आनंदपुर साहिब की धरती पर खालसा पंथ की स्थापना हुई</strong>, जिसने दुनिया को एकता, साहस और मानवता का संदेश दिया।

मान ने कहा, “पंजाबी लोगों को अत्याचार के खिलाफ खड़े होने की भावना हमारे गुरुओं से मिली है। बलिदान हमारी रगों में है और हम अपनी इस महान विरासत पर गर्व महसूस करते हैं।”

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गुरु जी के दर्शन और शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए देशभर में कार्यक्रम करवा रही है।

<strong>पंजाब सरकार की ओर से शहादत दिवस के विशेष कार्यक्रम</strong>

मुख्यमंत्री मान ने बताया कि गुरु तेग़ बहादर जी के जीवन और शिक्षाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए नवंबर महीने में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे —
<ul>
 	<li><strong>1 </strong><strong>से </strong><strong>18 </strong><strong>नवम्बर:</strong> पंजाब के सभी जिलों में <em>लाइट एंड साउंड शो</em> होंगे, जिनमें गुरु जी के जीवन और दर्शन को दिखाया जाएगा।</li>
 	<li><strong>18 </strong><strong>नवम्बर:</strong> श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) में भव्य <em>कीर्तन दरबार</em>।</li>
 	<li><strong>19 </strong><strong>नवम्बर:</strong> <em>नगर कीर्तन</em>, जिसमें सैकड़ों कश्मीरी पंडित शामिल होंगे।</li>
 	<li><strong>20 </strong><strong>नवम्बर:</strong> <em>तख्त श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो)</em>, <em>फरीदकोट</em>, और <em>गुरदासपुर</em> से तीन नगर कीर्तन शुरू होंगे।</li>
 	<li><strong>22 </strong><strong>नवम्बर:</strong> सभी नगर कीर्तन श्री आनंदपुर साहिब में संपन्न होंगे।</li>
 	<li><strong>23 </strong><strong>से </strong><strong>25 </strong><strong>नवम्बर:</strong> श्री आनंदपुर साहिब में बड़े स्तर पर कार्यक्रम, प्रदर्शनियाँ, <em>ड्रोन शो</em>, और <em>सर्वधर्म सम्मेलन</em> आयोजित किए जाएंगे।</li>
 	<li><strong>24 </strong><strong>नवम्बर:</strong> <em>पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र</em> श्री आनंदपुर साहिब में होगा, जहाँ गुरु जी के जीवन और शिक्षाओं पर चर्चा की जाएगी।</li>
</ul>
मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए <strong>“</strong><strong>चक्क नानकी</strong><strong>” </strong><strong>नाम की टेंट सिटी</strong> बनाई जाएगी, ताकि संगत को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

<strong>कार्यक्रम में शामिल रहे कई प्रमुख नेता</strong>

इस अवसर पर पंजाब सरकार के कई मंत्री और नेता मौजूद रहे, जिनमें —
<strong>अमन अरोड़ा</strong><strong>, </strong><strong>हरजोत सिंह बैंस</strong><strong>, </strong><strong>गुरमीत सिंह खुड्डियां</strong><strong>, </strong><strong>हरभजन सिंह (</strong><strong>E.T.O.), </strong><strong>तरुनप्रीत सिंह सौंद</strong><strong>, </strong><strong>लाल चंद कटारुचक्क</strong><strong>, </strong><strong>मोहिंदर भगत</strong><strong>, </strong><strong>बरिंदर गोयल</strong>,
<strong>लोकसभा सदस्य डॉ. राज कुमार चब्बेवाल</strong><strong>, </strong><strong>गुरमीत सिंह मीत हेयर और मालविंदर सिंह कंग</strong>,
<strong>राज्यसभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी</strong>,
<strong>पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली</strong>,
और <strong>मुख्य सचिव के. ए. पी. सिन्हा</strong> शामिल रहे।

यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि <strong>धर्म</strong><strong>, </strong><strong>मानवता और एकता का संदेश देने वाला ऐतिहासिक अवसर</strong> है।
गुरु तेग़ बहादर जी की शहादत ने हमें सिखाया कि <strong>सत्य और न्याय के लिए खड़ा होना ही सबसे बड़ा धर्म है।</strong>
उनका जीवन आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरणा देता है कि अत्याचार के आगे झुकने की बजाय, <strong>सच और इंसानियत की राह पर चलना ही सच्ची जीत है।</strong>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक <strong>अरविंद केजरीवाल</strong> और <strong>पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान</strong> ने आज श्री गुरु तेग़ बहादर जी के <strong>350</strong><strong>वें शहादत दिवस</strong> के अवसर पर आयोजित <strong>कीर्तन दरबार</strong> में शामिल होकर गुरु साहिब को नमन किया। यह कार्यक्रम <strong>गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब</strong> (नई दिल्ली) में पंजाब सरकार की ओर से आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम में शामिल होकर दोनों नेताओं ने कहा कि <strong>गुरु तेग़ बहादर जी का जीवन</strong><strong>, </strong><strong>उनके विचार और उनकी शहादत पूरी मानवता के लिए एक प्रकाशस्तंभ हैं</strong>, जो हमें सिखाते हैं कि सच्चाई और धर्म के लिए खड़ा होना ही सबसे बड़ा साहस है।

<strong>अरविंद केजरीवाल बोले </strong><strong>— </strong><strong>गुरु तेग़ बहादर जी का बलिदान मानवता के लिए मिसाल</strong>

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार के लिए यह गर्व की बात है कि उसे गुरु तेग़ बहादर जी जैसे महान संत और शहीद को समर्पित यह स्मृति समारोह आयोजित करने का अवसर मिला।

उन्होंने बताया कि जब मुगल शासकों ने हिंदुओं को जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया, तब <strong>कश्मीरी पंडित</strong> अपने धर्म की रक्षा के लिए गुरु तेग़ बहादर जी के पास पहुंचे। गुरु जी ने अत्याचार के आगे झुकने से इनकार किया और <strong>धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी</strong>।

केजरीवाल ने कहा कि <strong>1675 </strong><strong>में दिल्ली में गुरु जी को शहीद किया गया</strong>, और उन्हें आज पूरी दुनिया में ऐसे पहले शहीद के रूप में जाना जाता है जिन्होंने मानवाधिकारों की रक्षा के लिए बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि गुरु जी की शहादत ने सिखों में <strong>निडरता</strong><strong>, </strong><strong>आत्म-सम्मान और न्याय के लिए खड़े होने की भावना</strong> को और मजबूत किया।

उन्होंने गुरु जी के साथ शहीद हुए <strong>भाई मति दास</strong><strong>, </strong><strong>भाई सती दास और भाई दियाला जी</strong> के बलिदान का भी उल्लेख किया —

भाई मति दास जी को जिंदा आरे से काटा गया,
भाई सती दास जी को कपड़े में लपेटकर जला दिया गया,
और भाई दियाला जी को पानी में उबालकर शहीद किया गया।

केजरीवाल ने <strong>भाई जैता जी</strong> और <strong>भाई लखी शाह वणजारा जी</strong> को भी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने गुरु साहिब के पार्थिव शरीर और सिर को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली।

उन्होंने कहा, “सिख इतिहास शहादतों से भरा हुआ है। सिख कभी अन्याय या अत्याचार के सामने नहीं झुके। उन्होंने अपने प्राण तो दे दिए लेकिन अपने सिद्धांत नहीं छोड़े।”

<strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान बोले </strong><strong>— </strong><strong>शहादत की भावना हमारे खून में है</strong>

मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> ने कहा कि गुरु तेग़ बहादर जी और उनके परिवार का बलिदान सिर्फ एक धर्म के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता और सच्चाई के लिए था। उन्होंने कहा कि <strong>गुरु जी की शहादत के </strong><strong>24 </strong><strong>साल बाद </strong><strong>1699 </strong><strong>में श्री आनंदपुर साहिब की धरती पर खालसा पंथ की स्थापना हुई</strong>, जिसने दुनिया को एकता, साहस और मानवता का संदेश दिया।

मान ने कहा, “पंजाबी लोगों को अत्याचार के खिलाफ खड़े होने की भावना हमारे गुरुओं से मिली है। बलिदान हमारी रगों में है और हम अपनी इस महान विरासत पर गर्व महसूस करते हैं।”

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गुरु जी के दर्शन और शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए देशभर में कार्यक्रम करवा रही है।

<strong>पंजाब सरकार की ओर से शहादत दिवस के विशेष कार्यक्रम</strong>

मुख्यमंत्री मान ने बताया कि गुरु तेग़ बहादर जी के जीवन और शिक्षाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए नवंबर महीने में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे —
<ul>
 	<li><strong>1 </strong><strong>से </strong><strong>18 </strong><strong>नवम्बर:</strong> पंजाब के सभी जिलों में <em>लाइट एंड साउंड शो</em> होंगे, जिनमें गुरु जी के जीवन और दर्शन को दिखाया जाएगा।</li>
 	<li><strong>18 </strong><strong>नवम्बर:</strong> श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) में भव्य <em>कीर्तन दरबार</em>।</li>
 	<li><strong>19 </strong><strong>नवम्बर:</strong> <em>नगर कीर्तन</em>, जिसमें सैकड़ों कश्मीरी पंडित शामिल होंगे।</li>
 	<li><strong>20 </strong><strong>नवम्बर:</strong> <em>तख्त श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो)</em>, <em>फरीदकोट</em>, और <em>गुरदासपुर</em> से तीन नगर कीर्तन शुरू होंगे।</li>
 	<li><strong>22 </strong><strong>नवम्बर:</strong> सभी नगर कीर्तन श्री आनंदपुर साहिब में संपन्न होंगे।</li>
 	<li><strong>23 </strong><strong>से </strong><strong>25 </strong><strong>नवम्बर:</strong> श्री आनंदपुर साहिब में बड़े स्तर पर कार्यक्रम, प्रदर्शनियाँ, <em>ड्रोन शो</em>, और <em>सर्वधर्म सम्मेलन</em> आयोजित किए जाएंगे।</li>
 	<li><strong>24 </strong><strong>नवम्बर:</strong> <em>पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र</em> श्री आनंदपुर साहिब में होगा, जहाँ गुरु जी के जीवन और शिक्षाओं पर चर्चा की जाएगी।</li>
</ul>
मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए <strong>“</strong><strong>चक्क नानकी</strong><strong>” </strong><strong>नाम की टेंट सिटी</strong> बनाई जाएगी, ताकि संगत को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

<strong>कार्यक्रम में शामिल रहे कई प्रमुख नेता</strong>

इस अवसर पर पंजाब सरकार के कई मंत्री और नेता मौजूद रहे, जिनमें —
<strong>अमन अरोड़ा</strong><strong>, </strong><strong>हरजोत सिंह बैंस</strong><strong>, </strong><strong>गुरमीत सिंह खुड्डियां</strong><strong>, </strong><strong>हरभजन सिंह (</strong><strong>E.T.O.), </strong><strong>तरुनप्रीत सिंह सौंद</strong><strong>, </strong><strong>लाल चंद कटारुचक्क</strong><strong>, </strong><strong>मोहिंदर भगत</strong><strong>, </strong><strong>बरिंदर गोयल</strong>,
<strong>लोकसभा सदस्य डॉ. राज कुमार चब्बेवाल</strong><strong>, </strong><strong>गुरमीत सिंह मीत हेयर और मालविंदर सिंह कंग</strong>,
<strong>राज्यसभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी</strong>,
<strong>पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली</strong>,
और <strong>मुख्य सचिव के. ए. पी. सिन्हा</strong> शामिल रहे।

यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि <strong>धर्म</strong><strong>, </strong><strong>मानवता और एकता का संदेश देने वाला ऐतिहासिक अवसर</strong> है।
गुरु तेग़ बहादर जी की शहादत ने हमें सिखाया कि <strong>सत्य और न्याय के लिए खड़ा होना ही सबसे बड़ा धर्म है।</strong>
उनका जीवन आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरणा देता है कि अत्याचार के आगे झुकने की बजाय, <strong>सच और इंसानियत की राह पर चलना ही सच्ची जीत है।</strong>]]></content:encoded>
					
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		<title>CM Nayab Singh Saini ने Gurdwara Shri Nada Sahib में माथा टेका, प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए की अरदास</title>
		<link>https://trendstopic.in/cm-nayab-singh-saini-pays-obeisance-at-gurdwara-shri-nada-sahib-prays-for-prosperity-and-well-being-of-the-people/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Sep 2025 05:06:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[Blessings]]></category>
		<category><![CDATA[ChiefMinister]]></category>
		<category><![CDATA[Devotion]]></category>
		<category><![CDATA[Faith]]></category>
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		<category><![CDATA[WaheguruJi]]></category>
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					<description><![CDATA[हरियाणा के मुख्यमंत्री <strong>नायब सिंह सैनी</strong> ने पंचकूला स्थित <strong>गुरुद्वारा श्री नाड़ा साहिब</strong> में पहुंचकर श्रद्धा और आदर भाव से माथा टेका। इस दौरान उन्होंने संगत के साथ मिलकर पवित्र <strong>अरदास</strong> की और प्रदेश तथा देशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुद्वारा श्री नाड़ा साहिब के दर्शन हमेशा ही अलौकिक अनुभव कराते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा –

<em>“</em><em>श्रद्धा एवं आदर भाव के साथ गुरुद्वारा श्री नाड़ा साहिब जी के दर्शन सदैव अलौकिक होते हैं। आज पंचकूला स्थित इस ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में संगत के साथ माथा टेका एवं पवित्र दिव्यता का अनुभव किया। सच्चे पातशाह वाहेगुरु जी की कृपा समस्त देश-प्रदेशवासियों पर बनी रहे एवं सभी का भला हो ऐसी अरदास की।</em><em>”</em>

इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से मुख्यमंत्री को <strong>सरोपा</strong> भेंट किया गया। इसे स्वीकार करते हुए सैनी ने कहा कि यह उनके लिए अत्यंत <strong>पावन और ऊर्जादायी</strong> है।

<strong>धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व</strong>

गुरुद्वारा श्री नाड़ा साहिब, पंचकूला का एक प्रमुख <strong>धार्मिक स्थल</strong> है, जहां बड़ी संख्या में संगत माथा टेकने पहुंचती है। माना जाता है कि यह स्थान <strong>गुरु गोबिंद सिंह जी</strong> की तपस्या और आशीर्वाद से जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि यह गुरुद्वारा सिख श्रद्धालुओं के साथ-साथ पूरे प्रदेश के लोगों के लिए आस्था का केंद्र है।

मुख्यमंत्री के इस दौरे का उद्देश्य न केवल धार्मिक श्रद्धा प्रकट करना था, बल्कि प्रदेश में <strong>भाईचारे और सद्भावना</strong> का संदेश देना भी रहा।

<strong>पहले भी कर चुके हैं माथा टेक</strong>

इससे पहले <strong>6 </strong><strong>जनवरी </strong><strong>2025</strong> को गुरु गोबिंद सिंह जी की <strong>358</strong><strong>वीं जयंती (प्रकाशोत्सव)</strong> पर भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गुरुद्वारा श्री नाड़ा साहिब पहुंचे थे। उस समय भी उन्होंने माथा टेका था और उन्हें संगत की ओर से सरोपा भेंट किया गया था। उन्होंने उस मौके पर कहा था कि सिख गुरुओं के उपदेश समाज को <strong>समानता</strong><strong>, </strong><strong>भाईचारे और न्याय</strong> की राह दिखाते हैं।

<strong>मुख्यमंत्री का संदेश</strong>

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उनकी सरकार, जिसे उन्होंने <strong>डबल-इंजन सरकार</strong> बताया (केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त प्रयास), सिख गुरुओं की शिक्षाओं और आदर्शों से प्रेरणा लेती है। उनका मानना है कि यही प्रेरणा हरियाणा को विकास की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद करेगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी धर्मों के लोगों का सम्मान करना और उनके धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखना सरकार की <strong>पहली प्राथमिकता</strong> है।

मुख्यमंत्री का यह दौरा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने प्रदेश में <strong>धार्मिक सौहार्द</strong><strong>, </strong><strong>शांति और एकजुटता</strong> का संदेश भी दिया। गुरुद्वारा श्री नाड़ा साहिब में संगत के साथ की गई अरदास और वाहेगुरु जी से प्रदेशवासियों की खुशहाली की प्रार्थना ने इस मौके को और भी खास बना दिया।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[हरियाणा के मुख्यमंत्री <strong>नायब सिंह सैनी</strong> ने पंचकूला स्थित <strong>गुरुद्वारा श्री नाड़ा साहिब</strong> में पहुंचकर श्रद्धा और आदर भाव से माथा टेका। इस दौरान उन्होंने संगत के साथ मिलकर पवित्र <strong>अरदास</strong> की और प्रदेश तथा देशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुद्वारा श्री नाड़ा साहिब के दर्शन हमेशा ही अलौकिक अनुभव कराते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा –

<em>“</em><em>श्रद्धा एवं आदर भाव के साथ गुरुद्वारा श्री नाड़ा साहिब जी के दर्शन सदैव अलौकिक होते हैं। आज पंचकूला स्थित इस ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में संगत के साथ माथा टेका एवं पवित्र दिव्यता का अनुभव किया। सच्चे पातशाह वाहेगुरु जी की कृपा समस्त देश-प्रदेशवासियों पर बनी रहे एवं सभी का भला हो ऐसी अरदास की।</em><em>”</em>

इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से मुख्यमंत्री को <strong>सरोपा</strong> भेंट किया गया। इसे स्वीकार करते हुए सैनी ने कहा कि यह उनके लिए अत्यंत <strong>पावन और ऊर्जादायी</strong> है।

<strong>धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व</strong>

गुरुद्वारा श्री नाड़ा साहिब, पंचकूला का एक प्रमुख <strong>धार्मिक स्थल</strong> है, जहां बड़ी संख्या में संगत माथा टेकने पहुंचती है। माना जाता है कि यह स्थान <strong>गुरु गोबिंद सिंह जी</strong> की तपस्या और आशीर्वाद से जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि यह गुरुद्वारा सिख श्रद्धालुओं के साथ-साथ पूरे प्रदेश के लोगों के लिए आस्था का केंद्र है।

मुख्यमंत्री के इस दौरे का उद्देश्य न केवल धार्मिक श्रद्धा प्रकट करना था, बल्कि प्रदेश में <strong>भाईचारे और सद्भावना</strong> का संदेश देना भी रहा।

<strong>पहले भी कर चुके हैं माथा टेक</strong>

इससे पहले <strong>6 </strong><strong>जनवरी </strong><strong>2025</strong> को गुरु गोबिंद सिंह जी की <strong>358</strong><strong>वीं जयंती (प्रकाशोत्सव)</strong> पर भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गुरुद्वारा श्री नाड़ा साहिब पहुंचे थे। उस समय भी उन्होंने माथा टेका था और उन्हें संगत की ओर से सरोपा भेंट किया गया था। उन्होंने उस मौके पर कहा था कि सिख गुरुओं के उपदेश समाज को <strong>समानता</strong><strong>, </strong><strong>भाईचारे और न्याय</strong> की राह दिखाते हैं।

<strong>मुख्यमंत्री का संदेश</strong>

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उनकी सरकार, जिसे उन्होंने <strong>डबल-इंजन सरकार</strong> बताया (केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त प्रयास), सिख गुरुओं की शिक्षाओं और आदर्शों से प्रेरणा लेती है। उनका मानना है कि यही प्रेरणा हरियाणा को विकास की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद करेगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी धर्मों के लोगों का सम्मान करना और उनके धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखना सरकार की <strong>पहली प्राथमिकता</strong> है।

मुख्यमंत्री का यह दौरा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने प्रदेश में <strong>धार्मिक सौहार्द</strong><strong>, </strong><strong>शांति और एकजुटता</strong> का संदेश भी दिया। गुरुद्वारा श्री नाड़ा साहिब में संगत के साथ की गई अरदास और वाहेगुरु जी से प्रदेशवासियों की खुशहाली की प्रार्थना ने इस मौके को और भी खास बना दिया।]]></content:encoded>
					
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		<title>Dragon और Elephant को साथ आना होगा: PM Modi और Xi Jinping की अहम Meeting</title>
		<link>https://trendstopic.in/dragon-and-elephant-must-come-together-pm-modi-and-xi-jinpings-key-meeting/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 Aug 2025 11:44:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Asia]]></category>
		<category><![CDATA[Diplomacy]]></category>
		<category><![CDATA[DragonAndElephant]]></category>
		<category><![CDATA[GlobalSouth]]></category>
		<category><![CDATA[IndiaChina]]></category>
		<category><![CDATA[InternationalRelations]]></category>
		<category><![CDATA[Peace]]></category>
		<category><![CDATA[PMModi]]></category>
		<category><![CDATA[SCO]]></category>
		<category><![CDATA[XiJinping]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 साल बाद चीन पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (<strong>SCO Summit</strong>) में हिस्सा लिया और चीनी राष्ट्रपति <strong>शी जिनपिंग</strong> से द्विपक्षीय वार्ता की। यह मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि लंबे समय से सीमा विवाद और तनाव के कारण रिश्तों में ठंडापन आ गया था।

<strong>शी जिनपिंग का बयान: "ड्रैगन और हाथी को साथ नाचना होगा"</strong>

पीएम मोदी से मुलाकात के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि <strong>ड्रैगन और हाथी को एकजुट होना होगा।</strong>
<ul>
 	<li>उन्होंने कहा कि भारत और चीन, दोनों प्राचीन सभ्यताएं हैं और दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश हैं।</li>
 	<li>ये दोनों देश <strong>ग्लोबल साउथ (</strong><strong>Global South)</strong> के अहम सदस्य हैं और मिलकर पूरे एशिया की शांति और स्थिरता में बड़ा योगदान दे सकते हैं।</li>
 	<li>शी जिनपिंग ने कहा, <em>"</em><em>अच्छे पड़ोसी बनकर हम एक-दूसरे की ताकत बन सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि ड्रैगन और हाथी साथ में नाचें।"</em></li>
</ul>
<strong>पिछली मुलाकात का जिक्र</strong>

शी जिनपिंग ने याद दिलाया कि पिछले साल कजान (कजाख़िस्तान) में उनकी और पीएम मोदी की सफल मुलाकात हुई थी, जिसके बाद भारत-चीन रिश्तों की एक <strong>नई शुरुआत</strong> हुई थी।
उन्होंने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां काफी बदल रही हैं और चुनौतीपूर्ण हो रही हैं। ऐसे में भारत और चीन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे शांति और स्थिरता का रास्ता चुनें।

<strong>पीएम मोदी का जवाब: "</strong><strong>75 </strong><strong>साल का रिश्ता</strong><strong>, </strong><strong>अब नई दिशा"</strong>

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुलाकात में कहा कि भारत-चीन के रिश्तों को <strong>75 </strong><strong>साल पूरे हो चुके हैं।</strong>
<ul>
 	<li>सीमा पर विवाद के बाद दोनों देशों ने शांति का रास्ता चुना और समझौते तक पहुंचे।</li>
 	<li>कैलाश मानसरोवर यात्रा को दोबारा शुरू कर दिया गया है।</li>
 	<li>भारत और चीन के बीच <strong>सीधी फ्लाइट्स</strong> फिर से शुरू हो गई हैं।</li>
 	<li>पीएम मोदी ने कहा कि इस साझेदारी का सीधा फायदा <strong>करीब </strong><strong>2.8 </strong><strong>अरब लोगों</strong> को होगा।</li>
</ul>
<strong>क्यों है यह मुलाकात अहम</strong><strong>?</strong>
<ul>
 	<li>भारत और चीन एशिया की दो सबसे बड़ी ताकतें हैं।</li>
 	<li>दोनों के बीच सीमा विवाद, डोकलाम और गलवान जैसी घटनाओं के बाद रिश्ते कड़वे हो गए थे।</li>
 	<li>अब यह मुलाकात दोनों देशों के बीच <strong>नए भरोसे और सहयोग की दिशा</strong> में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।</li>
 	<li>SCO जैसे मंच पर भारत-चीन की दोस्ती न सिर्फ एशिया बल्कि पूरी दुनिया के लिए अहम है।</li>
</ul>
साफ़ तौर पर, इस मुलाकात का संदेश यही है कि भारत और चीन अब टकराव की बजाय सहयोग और साझेदारी की ओर बढ़ रहे हैं। आने वाले वक्त में "ड्रैगन और हाथी" की यह नई दोस्ती एशिया की राजनीति और दुनिया की शांति पर बड़ा असर डाल सकती है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 साल बाद चीन पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (<strong>SCO Summit</strong>) में हिस्सा लिया और चीनी राष्ट्रपति <strong>शी जिनपिंग</strong> से द्विपक्षीय वार्ता की। यह मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि लंबे समय से सीमा विवाद और तनाव के कारण रिश्तों में ठंडापन आ गया था।

<strong>शी जिनपिंग का बयान: "ड्रैगन और हाथी को साथ नाचना होगा"</strong>

पीएम मोदी से मुलाकात के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि <strong>ड्रैगन और हाथी को एकजुट होना होगा।</strong>
<ul>
 	<li>उन्होंने कहा कि भारत और चीन, दोनों प्राचीन सभ्यताएं हैं और दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश हैं।</li>
 	<li>ये दोनों देश <strong>ग्लोबल साउथ (</strong><strong>Global South)</strong> के अहम सदस्य हैं और मिलकर पूरे एशिया की शांति और स्थिरता में बड़ा योगदान दे सकते हैं।</li>
 	<li>शी जिनपिंग ने कहा, <em>"</em><em>अच्छे पड़ोसी बनकर हम एक-दूसरे की ताकत बन सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि ड्रैगन और हाथी साथ में नाचें।"</em></li>
</ul>
<strong>पिछली मुलाकात का जिक्र</strong>

शी जिनपिंग ने याद दिलाया कि पिछले साल कजान (कजाख़िस्तान) में उनकी और पीएम मोदी की सफल मुलाकात हुई थी, जिसके बाद भारत-चीन रिश्तों की एक <strong>नई शुरुआत</strong> हुई थी।
उन्होंने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां काफी बदल रही हैं और चुनौतीपूर्ण हो रही हैं। ऐसे में भारत और चीन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे शांति और स्थिरता का रास्ता चुनें।

<strong>पीएम मोदी का जवाब: "</strong><strong>75 </strong><strong>साल का रिश्ता</strong><strong>, </strong><strong>अब नई दिशा"</strong>

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुलाकात में कहा कि भारत-चीन के रिश्तों को <strong>75 </strong><strong>साल पूरे हो चुके हैं।</strong>
<ul>
 	<li>सीमा पर विवाद के बाद दोनों देशों ने शांति का रास्ता चुना और समझौते तक पहुंचे।</li>
 	<li>कैलाश मानसरोवर यात्रा को दोबारा शुरू कर दिया गया है।</li>
 	<li>भारत और चीन के बीच <strong>सीधी फ्लाइट्स</strong> फिर से शुरू हो गई हैं।</li>
 	<li>पीएम मोदी ने कहा कि इस साझेदारी का सीधा फायदा <strong>करीब </strong><strong>2.8 </strong><strong>अरब लोगों</strong> को होगा।</li>
</ul>
<strong>क्यों है यह मुलाकात अहम</strong><strong>?</strong>
<ul>
 	<li>भारत और चीन एशिया की दो सबसे बड़ी ताकतें हैं।</li>
 	<li>दोनों के बीच सीमा विवाद, डोकलाम और गलवान जैसी घटनाओं के बाद रिश्ते कड़वे हो गए थे।</li>
 	<li>अब यह मुलाकात दोनों देशों के बीच <strong>नए भरोसे और सहयोग की दिशा</strong> में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।</li>
 	<li>SCO जैसे मंच पर भारत-चीन की दोस्ती न सिर्फ एशिया बल्कि पूरी दुनिया के लिए अहम है।</li>
</ul>
साफ़ तौर पर, इस मुलाकात का संदेश यही है कि भारत और चीन अब टकराव की बजाय सहयोग और साझेदारी की ओर बढ़ रहे हैं। आने वाले वक्त में "ड्रैगन और हाथी" की यह नई दोस्ती एशिया की राजनीति और दुनिया की शांति पर बड़ा असर डाल सकती है।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Faridkot: Chief Minister Bhagwant Mann ने परिवार सहित Tilla Baba Farid Gurdwara में नतमस्तक होकर की Punjab और Humanity की भलाई की अरदास</title>
		<link>https://trendstopic.in/faridkot-chief-minister-bhagwant-mann-offers-prayers-at-tilla-baba-farid-gurdwara-with-family-seeks-welfare-of-punjab-and-humanity/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 Aug 2025 12:32:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BabaFarid]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[Chardikala]]></category>
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		<category><![CDATA[SpiritualJourney]]></category>
		<category><![CDATA[TillaBabaFarid]]></category>
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					<description><![CDATA[फ़रीदकोट के ऐतिहासिक नगर में स्थित पवित्र <strong>गुरुद्वारा टिल्ला बाबा फरीद जी</strong> में आज स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक खास दृश्य देखने को मिला। पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> यहां अपने परिवार के साथ पहुंचे और महान सूफ़ी संत बाबा शेख़ फरीद जी के पवित्र स्थल पर नतमस्तक हुए।

मुख्यमंत्री ने गुरु चरणों में माथा टेककर <strong>पंजाब और पंजाबियों की चढ़दीकला</strong>, खुशहाली और <strong>संपूर्ण मानवता की भलाई</strong> के लिए अरदास की। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की कृपा से पंजाब में अमन-शांति और भाईचारा हमेशा कायम रहे।

यह दौरा स्वतंत्रता दिवस 2025 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का भी हिस्सा था। सुबह उन्होंने फ़रीदकोट के <strong>नेहरू स्टेडियम</strong> में राष्ट्रीय ध्वज फहराया, परेड की सलामी ली और फिर गुरुद्वारे में जाकर श्रद्धा अर्पित की।

इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ कई मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। गुरुद्वारे के भीतर उन्होंने परिवार के साथ अरदास में हिस्सा लिया और <strong>सरबत दा भला</strong> की कामना की। गुरुद्वारे के प्रबंधकों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें बाबा फरीद जी का आशीर्वाद स्वरूप सिरोपा भेंट किया।

गुरुद्वारा टिल्ला बाबा फरीद जी, फ़रीदकोट में, न सिर्फ़ पंजाब बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। बाबा फरीद जी की शिक्षाएं आज भी लोगों को इंसानियत, प्रेम और सादगी की राह पर चलने की प्रेरणा देती हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा न केवल एक धार्मिक श्रद्धांजलि था बल्कि पंजाब के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति सम्मान का संदेश भी देता है।

<strong>मुख्य बातें:</strong>
<ul>
 	<li>मुख्यमंत्री भगवंत मान परिवार सहित टिल्ला बाबा फरीद गुरुद्वारे पहुंचे</li>
 	<li>गुरु चरणों में माथा टेककर पंजाब और मानवता की भलाई की अरदास की</li>
 	<li>स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में फ़रीदकोट में झंडारोहण और परेड की सलामी ली</li>
 	<li>गुरुद्वारे में सिरोपा और आशीर्वाद प्राप्त किया</li>
 	<li>बाबा फरीद जी की शिक्षाओं पर अमल का संदेश दिया</li>
</ul>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[फ़रीदकोट के ऐतिहासिक नगर में स्थित पवित्र <strong>गुरुद्वारा टिल्ला बाबा फरीद जी</strong> में आज स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक खास दृश्य देखने को मिला। पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> यहां अपने परिवार के साथ पहुंचे और महान सूफ़ी संत बाबा शेख़ फरीद जी के पवित्र स्थल पर नतमस्तक हुए।

मुख्यमंत्री ने गुरु चरणों में माथा टेककर <strong>पंजाब और पंजाबियों की चढ़दीकला</strong>, खुशहाली और <strong>संपूर्ण मानवता की भलाई</strong> के लिए अरदास की। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की कृपा से पंजाब में अमन-शांति और भाईचारा हमेशा कायम रहे।

यह दौरा स्वतंत्रता दिवस 2025 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का भी हिस्सा था। सुबह उन्होंने फ़रीदकोट के <strong>नेहरू स्टेडियम</strong> में राष्ट्रीय ध्वज फहराया, परेड की सलामी ली और फिर गुरुद्वारे में जाकर श्रद्धा अर्पित की।

इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ कई मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। गुरुद्वारे के भीतर उन्होंने परिवार के साथ अरदास में हिस्सा लिया और <strong>सरबत दा भला</strong> की कामना की। गुरुद्वारे के प्रबंधकों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें बाबा फरीद जी का आशीर्वाद स्वरूप सिरोपा भेंट किया।

गुरुद्वारा टिल्ला बाबा फरीद जी, फ़रीदकोट में, न सिर्फ़ पंजाब बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। बाबा फरीद जी की शिक्षाएं आज भी लोगों को इंसानियत, प्रेम और सादगी की राह पर चलने की प्रेरणा देती हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा न केवल एक धार्मिक श्रद्धांजलि था बल्कि पंजाब के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति सम्मान का संदेश भी देता है।

<strong>मुख्य बातें:</strong>
<ul>
 	<li>मुख्यमंत्री भगवंत मान परिवार सहित टिल्ला बाबा फरीद गुरुद्वारे पहुंचे</li>
 	<li>गुरु चरणों में माथा टेककर पंजाब और मानवता की भलाई की अरदास की</li>
 	<li>स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में फ़रीदकोट में झंडारोहण और परेड की सलामी ली</li>
 	<li>गुरुद्वारे में सिरोपा और आशीर्वाद प्राप्त किया</li>
 	<li>बाबा फरीद जी की शिक्षाओं पर अमल का संदेश दिया</li>
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