<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>NepalArmy &#8211; Trends Topic</title>
	<atom:link href="https://trendstopic.in/tag/nepalarmy/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://trendstopic.in</link>
	<description>to always keep you aware</description>
	<lastBuildDate>Wed, 10 Sep 2025 10:48:38 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.4.8</generator>

<image>
	<url>https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2024/03/cropped-TREND-TOPIC-1-32x32.png</url>
	<title>NepalArmy &#8211; Trends Topic</title>
	<link>https://trendstopic.in</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>Nepal में भड़का युवा आंदोलन: Kathmandu में हिंसा, PM KP Sharma Oli का इस्तीफ़ा, Army ने संभाला देश</title>
		<link>https://trendstopic.in/nepal-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%a8-kathmandu-%e0%a4%ae/</link>
					<comments>https://trendstopic.in/nepal-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%a8-kathmandu-%e0%a4%ae/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Sep 2025 10:48:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[GenZRevolt]]></category>
		<category><![CDATA[InternationalNews]]></category>
		<category><![CDATA[KathmanduViolence]]></category>
		<category><![CDATA[NepalArmy]]></category>
		<category><![CDATA[NepalCrisis]]></category>
		<category><![CDATA[NepalProtest]]></category>
		<category><![CDATA[PMOliResigns]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalInstability]]></category>
		<category><![CDATA[YouthUprising]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://trendstopic.in/?p=25257</guid>

					<description><![CDATA[नेपाल इन दिनों <strong>भारी राजनीतिक और सामाजिक संकट</strong> के दौर से गुजर रहा है। राजधानी <strong>काठमांडू</strong> समेत कई शहरों में हालात बेकाबू हो चुके हैं। जो आंदोलन कुछ महीने पहले <strong>सोशल मीडिया बैन</strong> और <strong>भ्रष्टाचार के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन</strong> के रूप में शुरू हुआ था, वह अब <strong>हिंसक बगावत</strong> में बदल गया है। इस पूरे घटनाक्रम में <strong>24 </strong><strong>लोगों की मौत</strong>, सैकड़ों लोग घायल और <strong>प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का इस्तीफ़ा</strong> हो गया है। सेना ने देश की बागडोर अपने हाथ में ले ली है और पूरे नेपाल में <strong>कर्फ्यू</strong> लगा दिया गया है।

<strong>आंदोलन की शुरुआत कैसे हुई</strong><strong>?</strong>

कुछ महीने पहले फेसबुक पेजेज़ जैसे <em>Next Generation Nepal</em> पर देश में फैले <strong>भ्रष्टाचार</strong> और सरकार की नाकामी के खिलाफ पोस्ट वायरल होने लगीं।
<ul>
 	<li>खासतौर पर <strong>युवा पीढ़ी (</strong><strong>Gen Z)</strong> ने इन मुद्दों को जोर-शोर से उठाया।</li>
 	<li>Gen Z यानी वे लोग जो 1996 से 2012 के बीच पैदा हुए हैं और आज नेपाल की आबादी का बड़ा हिस्सा हैं।</li>
</ul>
स्थिति तब और बिगड़ गई जब सरकार ने अचानक <strong>Facebook, Instagram, WhatsApp </strong><strong>जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन</strong> लगा दिया।
<ul>
 	<li>यह फैसला खासतौर पर उन परिवारों के लिए बेहद तकलीफ़देह था, जिनके सदस्य विदेशों में काम करते हैं और सोशल मीडिया के जरिए ही संपर्क में रहते हैं।</li>
 	<li>इस फैसले के बाद गुस्सा फूट पड़ा और आंदोलन <strong>Gen Z Protest</strong> के नाम से पूरे नेपाल में फैल गया।</li>
</ul>
<strong>काठमांडू में हिंसा और तबाही</strong>

9 सितंबर को काठमांडू में हालात अचानक बिगड़ गए।
<ul>
 	<li><strong>19 </strong><strong>प्रदर्शनकारियों की मौत</strong> हुई जब पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए फायरिंग की।</li>
 	<li>गुस्साई भीड़ ने <strong>संसद</strong><strong>, </strong><strong>सुप्रीम कोर्ट</strong><strong>, </strong><strong>एंटी-करप्शन ऑफिस (</strong><strong>CIAA)</strong> समेत कई सरकारी इमारतों में आग लगा दी।</li>
</ul>
&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25259" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/G0ZN_rubgAAAD-U-300x169.jpg" alt="" width="874" height="492" />

&nbsp;
<ul>
 	<li><strong>पूर्व प्रधानमंत्रियों और मंत्रियों के घरों पर हमले</strong> हुए।</li>
 	<li><strong>3 </strong><strong>पुलिसकर्मियों को भीड़ ने बेरहमी से मार डाला</strong>, जबकि उन्होंने सरेंडर कर दिया था।</li>
 	<li>कपिलवस्तु जिले की जेल पर हमला कर <strong>459 </strong><strong>कैदियों को छुड़ा लिया गया</strong>।</li>
</ul>
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि <strong>सैन्य हेलीकॉप्टरों को मंत्रियों और नेताओं को बचाने के लिए भेजना पड़ा</strong>।

<strong>प्रधानमंत्री का इस्तीफ़ा और राजनीतिक हलचल</strong>

रात होते-होते राजनीतिक घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया।
<ul>
 	<li><strong>प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफ़ा दे दिया</strong> और काठमांडू छोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले गए।</li>
</ul>
<img class="alignnone  wp-image-25260" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/nepal-pm-resigns-300x169.jpg" alt="" width="653" height="368" />

&nbsp;
<ul>
 	<li>राष्ट्रपति <strong>राम चंद्र पौडेल छुप गए</strong> और सेना की सुरक्षा में हैं।</li>
 	<li><strong>सैन्य नेतृत्व ने देश की कमान संभालते हुए कर्फ्यू का ऐलान कर दिया</strong>।</li>
 	<li>नेपाल की सीमाओं को <strong>भारत समेत सभी पड़ोसी देशों के साथ सील कर दिया गया</strong>।</li>
</ul>
भारत ने भी अपनी ओर से सुरक्षा बढ़ा दी है और सीमा क्षेत्रों में सेना तैनात कर दी गई है।

<strong>मौतें और तबाही का आंकड़ा</strong>
<ul>
 	<li>अब तक <strong>24 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> की पुष्टि हुई है, जिनमें 22 काठमांडू और 2 इतहरी में मारे गए।</li>
 	<li><strong>सरकारी इमारतें</strong><strong>, </strong><strong>बैंक</strong><strong>, </strong><strong>होटल और गाड़ियों में आग</strong> लगा दी गई।</li>
 	<li><strong>सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और फाइलें जलकर खाक हो गईं।</strong></li>
 	<li>पूर्व पीएम <strong>झलनाथ खनाल की पत्नी की मौत हो गई</strong>, जब उनके घर में आग लगाई गई।</li>
 	<li><strong>विदेश मंत्री अर्जुना राणा देउबा और पूर्व पीएम शेर बहादुर देउबा</strong> भी हमले में घायल हो गए।</li>
</ul>
<strong>भारत का अलर्ट और ट्रैवल एडवाइजरी</strong>

नेपाल में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत ने <strong>ट्रैवल एडवाइजरी</strong> जारी की है।
<ul>
 	<li>भारतीय नागरिकों को <strong>फिलहाल नेपाल यात्रा न करने</strong> की सलाह दी गई है।</li>
 	<li>जो लोग नेपाल में हैं, उन्हें <strong>घरों से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थान पर रहने</strong> के निर्देश दिए गए हैं।</li>
 	<li><strong>इंडो-नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई</strong> है।</li>
</ul>
भारत सरकार ने मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं:
<ul>
 	<li><strong>+977 9808602881 (WhatsApp)</strong></li>
 	<li><strong>+977 9810326134 (WhatsApp)</strong></li>
</ul>
<strong>फ्लाइट्स और ट्रांसपोर्ट पर असर</strong>

नेपाल में हालात बिगड़ने के चलते
<ul>
 	<li><strong>काठमांडू एयरपोर्ट बंद कर दिया गया</strong>।</li>
 	<li>Air India और IndiGo ने अपनी <strong>फ्लाइट्स कैंसिल कर दीं</strong>।</li>
 	<li>सड़क मार्ग से यात्रा भी लगभग ठप हो गई है।</li>
</ul>
<strong>सेना का संदेश और कार्रवाई</strong>

नेपाल की सेना ने टीवी पर बयान जारी करते हुए कहा:

“हमारी प्राथमिकता देश में शांति और सुरक्षा बहाल करना है। हिंसा किसी समस्या का हल नहीं है। हम संवाद से ही समाधान चाहते हैं।”

&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25261" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/Nepal-Army-Chief-300x192.jpg" alt="" width="744" height="476" />

&nbsp;
<ul>
 	<li>सेना ने अब तक <strong>26 </strong><strong>लोगों को गिरफ्तार</strong> किया है जो लूटपाट और आगजनी में शामिल थे।</li>
 	<li>कई इलाकों में सेना का फ्लैग मार्च जारी है।</li>
</ul>
<strong>कौन संभालेगा नेपाल की कमान</strong><strong>?</strong>

प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े के बाद राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई है।
<ul>
 	<li><strong>बालेन शाह</strong>, काठमांडू के मेयर और युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय चेहरा।</li>
 	<li><strong>रवि लामिछाने</strong>, जिन्हें हाल ही में प्रदर्शनकारियों ने जेल से छुड़ाया।</li>
</ul>
बालेन शाह ने आंदोलनकारियों से अपील की:

“नेपाल का भविष्य आपके हाथों में है। कृपया घर लौटें और हिंसा रोकें।”

<strong>आगे क्या</strong><strong>?</strong>

नेपाल का यह आंदोलन सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि <strong>युवा पीढ़ी का विद्रोह</strong> है।
<ul>
 	<li>वर्षों से चले आ रहे <strong>भ्रष्टाचार</strong><strong>, </strong><strong>बेरोज़गारी और राजनीतिक अस्थिरता</strong> के खिलाफ यह सबसे बड़ा जनआंदोलन बन चुका है।</li>
 	<li>सोशल मीडिया बैन ने आग में घी डालने का काम किया।</li>
</ul>
अभी के हालात में <strong>काठमांडू कर्फ्यू के साए में है</strong>, सेना की गाड़ियां सड़कों पर गश्त कर रही हैं और नेपाल के लोग नए नेतृत्व का इंतज़ार कर रहे हैं।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[नेपाल इन दिनों <strong>भारी राजनीतिक और सामाजिक संकट</strong> के दौर से गुजर रहा है। राजधानी <strong>काठमांडू</strong> समेत कई शहरों में हालात बेकाबू हो चुके हैं। जो आंदोलन कुछ महीने पहले <strong>सोशल मीडिया बैन</strong> और <strong>भ्रष्टाचार के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन</strong> के रूप में शुरू हुआ था, वह अब <strong>हिंसक बगावत</strong> में बदल गया है। इस पूरे घटनाक्रम में <strong>24 </strong><strong>लोगों की मौत</strong>, सैकड़ों लोग घायल और <strong>प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का इस्तीफ़ा</strong> हो गया है। सेना ने देश की बागडोर अपने हाथ में ले ली है और पूरे नेपाल में <strong>कर्फ्यू</strong> लगा दिया गया है।

<strong>आंदोलन की शुरुआत कैसे हुई</strong><strong>?</strong>

कुछ महीने पहले फेसबुक पेजेज़ जैसे <em>Next Generation Nepal</em> पर देश में फैले <strong>भ्रष्टाचार</strong> और सरकार की नाकामी के खिलाफ पोस्ट वायरल होने लगीं।
<ul>
 	<li>खासतौर पर <strong>युवा पीढ़ी (</strong><strong>Gen Z)</strong> ने इन मुद्दों को जोर-शोर से उठाया।</li>
 	<li>Gen Z यानी वे लोग जो 1996 से 2012 के बीच पैदा हुए हैं और आज नेपाल की आबादी का बड़ा हिस्सा हैं।</li>
</ul>
स्थिति तब और बिगड़ गई जब सरकार ने अचानक <strong>Facebook, Instagram, WhatsApp </strong><strong>जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन</strong> लगा दिया।
<ul>
 	<li>यह फैसला खासतौर पर उन परिवारों के लिए बेहद तकलीफ़देह था, जिनके सदस्य विदेशों में काम करते हैं और सोशल मीडिया के जरिए ही संपर्क में रहते हैं।</li>
 	<li>इस फैसले के बाद गुस्सा फूट पड़ा और आंदोलन <strong>Gen Z Protest</strong> के नाम से पूरे नेपाल में फैल गया।</li>
</ul>
<strong>काठमांडू में हिंसा और तबाही</strong>

9 सितंबर को काठमांडू में हालात अचानक बिगड़ गए।
<ul>
 	<li><strong>19 </strong><strong>प्रदर्शनकारियों की मौत</strong> हुई जब पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए फायरिंग की।</li>
 	<li>गुस्साई भीड़ ने <strong>संसद</strong><strong>, </strong><strong>सुप्रीम कोर्ट</strong><strong>, </strong><strong>एंटी-करप्शन ऑफिस (</strong><strong>CIAA)</strong> समेत कई सरकारी इमारतों में आग लगा दी।</li>
</ul>
&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25259" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/G0ZN_rubgAAAD-U-300x169.jpg" alt="" width="874" height="492" />

&nbsp;
<ul>
 	<li><strong>पूर्व प्रधानमंत्रियों और मंत्रियों के घरों पर हमले</strong> हुए।</li>
 	<li><strong>3 </strong><strong>पुलिसकर्मियों को भीड़ ने बेरहमी से मार डाला</strong>, जबकि उन्होंने सरेंडर कर दिया था।</li>
 	<li>कपिलवस्तु जिले की जेल पर हमला कर <strong>459 </strong><strong>कैदियों को छुड़ा लिया गया</strong>।</li>
</ul>
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि <strong>सैन्य हेलीकॉप्टरों को मंत्रियों और नेताओं को बचाने के लिए भेजना पड़ा</strong>।

<strong>प्रधानमंत्री का इस्तीफ़ा और राजनीतिक हलचल</strong>

रात होते-होते राजनीतिक घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया।
<ul>
 	<li><strong>प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफ़ा दे दिया</strong> और काठमांडू छोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले गए।</li>
</ul>
<img class="alignnone  wp-image-25260" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/nepal-pm-resigns-300x169.jpg" alt="" width="653" height="368" />

&nbsp;
<ul>
 	<li>राष्ट्रपति <strong>राम चंद्र पौडेल छुप गए</strong> और सेना की सुरक्षा में हैं।</li>
 	<li><strong>सैन्य नेतृत्व ने देश की कमान संभालते हुए कर्फ्यू का ऐलान कर दिया</strong>।</li>
 	<li>नेपाल की सीमाओं को <strong>भारत समेत सभी पड़ोसी देशों के साथ सील कर दिया गया</strong>।</li>
</ul>
भारत ने भी अपनी ओर से सुरक्षा बढ़ा दी है और सीमा क्षेत्रों में सेना तैनात कर दी गई है।

<strong>मौतें और तबाही का आंकड़ा</strong>
<ul>
 	<li>अब तक <strong>24 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> की पुष्टि हुई है, जिनमें 22 काठमांडू और 2 इतहरी में मारे गए।</li>
 	<li><strong>सरकारी इमारतें</strong><strong>, </strong><strong>बैंक</strong><strong>, </strong><strong>होटल और गाड़ियों में आग</strong> लगा दी गई।</li>
 	<li><strong>सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और फाइलें जलकर खाक हो गईं।</strong></li>
 	<li>पूर्व पीएम <strong>झलनाथ खनाल की पत्नी की मौत हो गई</strong>, जब उनके घर में आग लगाई गई।</li>
 	<li><strong>विदेश मंत्री अर्जुना राणा देउबा और पूर्व पीएम शेर बहादुर देउबा</strong> भी हमले में घायल हो गए।</li>
</ul>
<strong>भारत का अलर्ट और ट्रैवल एडवाइजरी</strong>

नेपाल में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत ने <strong>ट्रैवल एडवाइजरी</strong> जारी की है।
<ul>
 	<li>भारतीय नागरिकों को <strong>फिलहाल नेपाल यात्रा न करने</strong> की सलाह दी गई है।</li>
 	<li>जो लोग नेपाल में हैं, उन्हें <strong>घरों से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थान पर रहने</strong> के निर्देश दिए गए हैं।</li>
 	<li><strong>इंडो-नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई</strong> है।</li>
</ul>
भारत सरकार ने मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं:
<ul>
 	<li><strong>+977 9808602881 (WhatsApp)</strong></li>
 	<li><strong>+977 9810326134 (WhatsApp)</strong></li>
</ul>
<strong>फ्लाइट्स और ट्रांसपोर्ट पर असर</strong>

नेपाल में हालात बिगड़ने के चलते
<ul>
 	<li><strong>काठमांडू एयरपोर्ट बंद कर दिया गया</strong>।</li>
 	<li>Air India और IndiGo ने अपनी <strong>फ्लाइट्स कैंसिल कर दीं</strong>।</li>
 	<li>सड़क मार्ग से यात्रा भी लगभग ठप हो गई है।</li>
</ul>
<strong>सेना का संदेश और कार्रवाई</strong>

नेपाल की सेना ने टीवी पर बयान जारी करते हुए कहा:

“हमारी प्राथमिकता देश में शांति और सुरक्षा बहाल करना है। हिंसा किसी समस्या का हल नहीं है। हम संवाद से ही समाधान चाहते हैं।”

&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25261" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/Nepal-Army-Chief-300x192.jpg" alt="" width="744" height="476" />

&nbsp;
<ul>
 	<li>सेना ने अब तक <strong>26 </strong><strong>लोगों को गिरफ्तार</strong> किया है जो लूटपाट और आगजनी में शामिल थे।</li>
 	<li>कई इलाकों में सेना का फ्लैग मार्च जारी है।</li>
</ul>
<strong>कौन संभालेगा नेपाल की कमान</strong><strong>?</strong>

प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े के बाद राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई है।
<ul>
 	<li><strong>बालेन शाह</strong>, काठमांडू के मेयर और युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय चेहरा।</li>
 	<li><strong>रवि लामिछाने</strong>, जिन्हें हाल ही में प्रदर्शनकारियों ने जेल से छुड़ाया।</li>
</ul>
बालेन शाह ने आंदोलनकारियों से अपील की:

“नेपाल का भविष्य आपके हाथों में है। कृपया घर लौटें और हिंसा रोकें।”

<strong>आगे क्या</strong><strong>?</strong>

नेपाल का यह आंदोलन सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि <strong>युवा पीढ़ी का विद्रोह</strong> है।
<ul>
 	<li>वर्षों से चले आ रहे <strong>भ्रष्टाचार</strong><strong>, </strong><strong>बेरोज़गारी और राजनीतिक अस्थिरता</strong> के खिलाफ यह सबसे बड़ा जनआंदोलन बन चुका है।</li>
 	<li>सोशल मीडिया बैन ने आग में घी डालने का काम किया।</li>
</ul>
अभी के हालात में <strong>काठमांडू कर्फ्यू के साए में है</strong>, सेना की गाड़ियां सड़कों पर गश्त कर रही हैं और नेपाल के लोग नए नेतृत्व का इंतज़ार कर रहे हैं।]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://trendstopic.in/nepal-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%a8-kathmandu-%e0%a4%ae/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
		<enclosure url="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/protests-news-nine.webp" length="168036" type="image/webp" />
	</item>
	</channel>
</rss>
