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	<title>NaturalDisaster &#8211; Trends Topic</title>
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	<title>NaturalDisaster &#8211; Trends Topic</title>
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	<item>
		<title>Punjab की मुश्किल घड़ी: Flood Relief के नाम पर सिर्फ ₹1,600 Crore, जबकि Bihar को मिला ₹7,500 Crore</title>
		<link>https://trendstopic.in/punjab-in-a-difficult-time-flood-relief-of-only-%e2%82%b91600-crore-while-bihar-receives-%e2%82%b97500-crore/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Sep 2025 05:03:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[BiharRelief]]></category>
		<category><![CDATA[CentralGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[DisasterManagement]]></category>
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		<category><![CDATA[NaturalDisaster]]></category>
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		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[RanglaPunjabFund]]></category>
		<category><![CDATA[ReliefPackage]]></category>
		<category><![CDATA[SDRF]]></category>
		<category><![CDATA[StateVsCenter]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में आई भीषण बाढ़ ने राज्य के 2,305 गांवों को प्रभावित किया है। लगभग 20 लाख लोग बाढ़ से परेशान हैं और इस आपदा में 56 लोगों की मौत हो गई है। करीब 7 लाख लोग बेघर हुए हैं और 5 लाख एकड़ फसलें नष्ट हो गई हैं। इसके अलावा 3,200 सरकारी स्कूल, 19 कॉलेज, 1,400 क्लीनिक और अस्पताल, 8,500 किलोमीटर सड़कें और 2,500 पुल बाढ़ की चपेट में आ गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार कुल नुकसान लगभग ₹13,800 करोड़ है।

इस गंभीर संकट के बीच, केंद्र सरकार ने पंजाब के लिए केवल ₹1,600 करोड़ की राहत राशि का ऐलान किया, जबकि बिहार को ₹7,500 करोड़ की मदद मिली। मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> ने इसे असमान और बहुत कम राशि बताया। उनके अनुसार, ₹1,600 करोड़ पैकेज से प्रत्येक प्रभावित गांव को केवल ₹80 लाख ही मिलेंगे, जो पर्याप्त नहीं है।

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि बाढ़ का मुद्दा कुछ विपक्षी नेता केवल राजनीतिक लाभ के लिए उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समय एकजुट होने का है, लेकिन कुछ नेताओं ने सरकार के खिलाफ आलोचना कर मीडिया की सुर्खियां बटोरी। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि मतभेद भूलकर पंजाब और इसके लोगों को बाढ़ से बाहर निकालने में मदद करें।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों से मिलने की बजाय केवल अपने पसंदीदा नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने इसे जनता के प्रति असंवेदनशील रवैया बताया।

<strong>राज्य सरकार के प्रयास और योजनाएं</strong>
<ul>
 	<li>राज्य सरकार ने नालियों की सफाई और गाद निकालने का काम तेज किया है। पिछली सरकार ने 2066 किलोमीटर नालियों की सफाई की थी, जबकि भगवंत मान की सरकार ने तीन साल में 3,825 किलोमीटर नालियों की सफाई की।</li>
 	<li>भाखड़ा और पौंग बांध से गाद निकालने की मांग की जा रही है, लेकिन पिछले 70 सालों में ऐसा नहीं हुआ। इस साल घग्गर नदी में गाद निकालने के कारण बाढ़ की रिपोर्ट कम रही।</li>
 	<li>बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए 2 लाख क्विंटल मुफ्त गेहूं के बीज का वितरण किया गया, जिसका मूल्य ₹74 करोड़ है।</li>
 	<li>‘<strong>रंगला पंजाब फंड</strong>’ शुरू किया गया है, जिसमें प्रत्येक पैसे का उपयोग पारदर्शिता के साथ बाढ़ प्रभावित लोगों की भलाई के लिए किया जाएगा।</li>
 	<li>मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी, तो वह प्रधानमंत्री के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।</li>
</ul>
<strong>IMD </strong><strong>और बांधों पर टिप्पणी</strong>

मुख्यमंत्री ने <strong>IMD</strong> की भविष्यवाणियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कई पूर्वानुमान गलत थे और उदाहरण के तौर पर एक दिन 1961 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई।
पौंग बांध में 1988 की तुलना में 60.4 प्रतिशत अधिक पानी आया, जबकि रणजीत सागर बांध में 2023 के मुकाबले 65.3 प्रतिशत ज्यादा पानी आया।

<strong>राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप</strong>
<ul>
 	<li>मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ विपक्षी नेता बाढ़ का राजनीतिकरण कर रहे हैं और जनता को गुमराह कर रहे हैं।</li>
 	<li>अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर आरोप लगाया कि वे गलत तरीकों से कमाए पैसे लोगों में बांट रहे हैं और फंड को घुमाकर दिखा रहे हैं।</li>
 	<li>पूर्व उपमुख्यमंत्री और अकाली दल ने राज्य के व्यापक विकास का दावा किया, लेकिन मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या उन्होंने कोटकपुरा, बहिबल कलां और अन्य जगहों पर हुई बेगुनाहों की हत्या और धार्मिक बेअदबी के मामलों को नजरअंदाज किया।</li>
</ul>
<strong>मुख्यमंत्री का संदेश</strong>

&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25553" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-28-at-9.33.20-AM-300x232.jpeg" alt="" width="628" height="486" />

&nbsp;

भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने हमेशा देश के संकट में ढाल का काम किया है – चाहे अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना हो, सीमाओं की रक्षा करना हो या स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देना हो। उन्होंने पंजाबियों की बहादुरी के उदाहरण जैसे सरागढ़ी की लड़ाई और लोंगोवाल की लड़ाई का जिक्र किया।

मुख्यमंत्री ने सभी पंजाबियों और नेताओं से एकजुट होने की अपील की और कहा कि केंद्र सरकार से उचित राहत प्राप्त करने के लिए वे लड़ते रहेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार के प्रयास और समाजसेवी लोगों के समर्थन से पंजाब फिर से देश में अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब में आई भीषण बाढ़ ने राज्य के 2,305 गांवों को प्रभावित किया है। लगभग 20 लाख लोग बाढ़ से परेशान हैं और इस आपदा में 56 लोगों की मौत हो गई है। करीब 7 लाख लोग बेघर हुए हैं और 5 लाख एकड़ फसलें नष्ट हो गई हैं। इसके अलावा 3,200 सरकारी स्कूल, 19 कॉलेज, 1,400 क्लीनिक और अस्पताल, 8,500 किलोमीटर सड़कें और 2,500 पुल बाढ़ की चपेट में आ गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार कुल नुकसान लगभग ₹13,800 करोड़ है।

इस गंभीर संकट के बीच, केंद्र सरकार ने पंजाब के लिए केवल ₹1,600 करोड़ की राहत राशि का ऐलान किया, जबकि बिहार को ₹7,500 करोड़ की मदद मिली। मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> ने इसे असमान और बहुत कम राशि बताया। उनके अनुसार, ₹1,600 करोड़ पैकेज से प्रत्येक प्रभावित गांव को केवल ₹80 लाख ही मिलेंगे, जो पर्याप्त नहीं है।

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि बाढ़ का मुद्दा कुछ विपक्षी नेता केवल राजनीतिक लाभ के लिए उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समय एकजुट होने का है, लेकिन कुछ नेताओं ने सरकार के खिलाफ आलोचना कर मीडिया की सुर्खियां बटोरी। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि मतभेद भूलकर पंजाब और इसके लोगों को बाढ़ से बाहर निकालने में मदद करें।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों से मिलने की बजाय केवल अपने पसंदीदा नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने इसे जनता के प्रति असंवेदनशील रवैया बताया।

<strong>राज्य सरकार के प्रयास और योजनाएं</strong>
<ul>
 	<li>राज्य सरकार ने नालियों की सफाई और गाद निकालने का काम तेज किया है। पिछली सरकार ने 2066 किलोमीटर नालियों की सफाई की थी, जबकि भगवंत मान की सरकार ने तीन साल में 3,825 किलोमीटर नालियों की सफाई की।</li>
 	<li>भाखड़ा और पौंग बांध से गाद निकालने की मांग की जा रही है, लेकिन पिछले 70 सालों में ऐसा नहीं हुआ। इस साल घग्गर नदी में गाद निकालने के कारण बाढ़ की रिपोर्ट कम रही।</li>
 	<li>बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए 2 लाख क्विंटल मुफ्त गेहूं के बीज का वितरण किया गया, जिसका मूल्य ₹74 करोड़ है।</li>
 	<li>‘<strong>रंगला पंजाब फंड</strong>’ शुरू किया गया है, जिसमें प्रत्येक पैसे का उपयोग पारदर्शिता के साथ बाढ़ प्रभावित लोगों की भलाई के लिए किया जाएगा।</li>
 	<li>मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी, तो वह प्रधानमंत्री के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।</li>
</ul>
<strong>IMD </strong><strong>और बांधों पर टिप्पणी</strong>

मुख्यमंत्री ने <strong>IMD</strong> की भविष्यवाणियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कई पूर्वानुमान गलत थे और उदाहरण के तौर पर एक दिन 1961 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई।
पौंग बांध में 1988 की तुलना में 60.4 प्रतिशत अधिक पानी आया, जबकि रणजीत सागर बांध में 2023 के मुकाबले 65.3 प्रतिशत ज्यादा पानी आया।

<strong>राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप</strong>
<ul>
 	<li>मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ विपक्षी नेता बाढ़ का राजनीतिकरण कर रहे हैं और जनता को गुमराह कर रहे हैं।</li>
 	<li>अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर आरोप लगाया कि वे गलत तरीकों से कमाए पैसे लोगों में बांट रहे हैं और फंड को घुमाकर दिखा रहे हैं।</li>
 	<li>पूर्व उपमुख्यमंत्री और अकाली दल ने राज्य के व्यापक विकास का दावा किया, लेकिन मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या उन्होंने कोटकपुरा, बहिबल कलां और अन्य जगहों पर हुई बेगुनाहों की हत्या और धार्मिक बेअदबी के मामलों को नजरअंदाज किया।</li>
</ul>
<strong>मुख्यमंत्री का संदेश</strong>

&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25553" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-28-at-9.33.20-AM-300x232.jpeg" alt="" width="628" height="486" />

&nbsp;

भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने हमेशा देश के संकट में ढाल का काम किया है – चाहे अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना हो, सीमाओं की रक्षा करना हो या स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देना हो। उन्होंने पंजाबियों की बहादुरी के उदाहरण जैसे सरागढ़ी की लड़ाई और लोंगोवाल की लड़ाई का जिक्र किया।

मुख्यमंत्री ने सभी पंजाबियों और नेताओं से एकजुट होने की अपील की और कहा कि केंद्र सरकार से उचित राहत प्राप्त करने के लिए वे लड़ते रहेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार के प्रयास और समाजसेवी लोगों के समर्थन से पंजाब फिर से देश में अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Uttarakhand में Chamoli में Cloudburst, 7 लोग लापता, Mussoorie में 2500 Tourists फंसे; Himachal में 419 मौतें, देशभर में 8% ज्यादा बारिश</title>
		<link>https://trendstopic.in/cloudburst-in-chamoli-uttarakhand-7-missing-2500-tourists-stranded-in-mussoorie-419-deaths-in-himachal-8-excess-rainfall-across-the-country/</link>
					<comments>https://trendstopic.in/cloudburst-in-chamoli-uttarakhand-7-missing-2500-tourists-stranded-in-mussoorie-419-deaths-in-himachal-8-excess-rainfall-across-the-country/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Sep 2025 05:15:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मौसम]]></category>
		<category><![CDATA[Chamoli]]></category>
		<category><![CDATA[Cloudburst]]></category>
		<category><![CDATA[FloodAlert]]></category>
		<category><![CDATA[HeavyRainfall]]></category>
		<category><![CDATA[HimachalPradesh]]></category>
		<category><![CDATA[IMDAlert]]></category>
		<category><![CDATA[IndiaNews]]></category>
		<category><![CDATA[Monsoon2025]]></category>
		<category><![CDATA[Mussoorie]]></category>
		<category><![CDATA[NaturalDisaster]]></category>
		<category><![CDATA[RainUpdate]]></category>
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		<category><![CDATA[Uttarakhand]]></category>
		<category><![CDATA[WeatherUpdate]]></category>
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					<description><![CDATA[उत्तराखंड में लगातार बारिश और प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला थम नहीं रहा है। <strong>17 </strong><strong>सितंबर की रात चमोली जिले के नंदानगर घाट</strong> इलाके में बादल फटने की बड़ी घटना सामने आई है। इस हादसे में <strong>छह मकान मलबे में दब गए</strong>। जानकारी के मुताबिक <strong>7 </strong><strong>लोग लापता</strong> हैं, जबकि <strong>2 </strong><strong>लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाल लिया गया</strong> है।

यह <strong>दो दिन में दूसरी बार</strong> है जब उत्तराखंड में बादल फटने की घटना हुई है। इससे पहले <strong>16 </strong><strong>सितंबर</strong> को <strong>देहरादून जिले</strong> में बादल फटा था।
<h3><strong>मसूरी में 2500 </strong><strong>टूरिस्ट फंसे</strong></h3>
भारी बारिश और भूस्खलन (landslide) के कारण <strong>देहरादून से मसूरी जाने वाला 35 </strong><strong>किलोमीटर का रास्ता</strong> कई जगहों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
इसकी वजह से <strong>लगातार तीसरे दिन करीब 2500 </strong><strong>टूरिस्ट मसूरी में फंसे</strong> हुए हैं।
प्रशासन ने रास्ता खोलने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
<h3><strong>हिमाचल प्रदेश में भारी तबाही, 419 </strong><strong>लोगों की मौत</strong></h3>
हिमाचल प्रदेश इस साल मानसून की सबसे बड़ी मार झेल रहा है।
इस सीजन में <strong>बारिश, </strong><strong>बाढ़, </strong><strong>लैंडस्लाइड और अचानक आई बाढ़ (flash flood)</strong> से अब तक <strong>419 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है।
मौसम विभाग ने हिमाचल और उत्तराखंड दोनों राज्यों में <strong>अगले 48 </strong><strong>घंटे के लिए हाई अलर्ट</strong> जारी कर दिया है।
लोगों को पहाड़ी इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
<h3><strong>देशभर में मानसून की स्थिति</strong></h3>
<ul>
 	<li><strong>24 </strong><strong>मई</strong> को दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) सबसे पहले केरल पहुंचा था।</li>
 	<li><strong>17 </strong><strong>सितंबर तक देश में औसतन 8% </strong><strong>ज्यादा बारिश</strong> हो चुकी है।</li>
 	<li>मानसून की विदाई राजस्थान (पश्चिम), पंजाब और हरियाणा से शुरू हो गई है।</li>
 	<li>हालांकि, जाते-जाते मानसून <strong>देश के 7 </strong><strong>राज्यों में तेज बारिश</strong> दे सकता है।</li>
</ul>
<h3><strong>25-26 </strong><strong>सितंबर से फिर भारी बारिश का खतरा</strong></h3>
मौसम विभाग और <strong>ग्लोबल फोरकास्ट सिस्टम (GFS)</strong> के मुताबिक,
<ul>
 	<li><strong>25 </strong><strong>या 26 </strong><strong>सितंबर को बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया (Low Pressure Area)</strong> बनने की संभावना है।</li>
 	<li>इससे देश के कई राज्यों में <strong>2-3 </strong><strong>दिन तक भारी बारिश</strong> हो सकती है।</li>
</ul>
<strong>प्रभावित राज्य:</strong>
<ul>
 	<li>पश्चिम बंगाल</li>
 	<li>ओडिशा</li>
 	<li>झारखंड</li>
 	<li>छत्तीसगढ़</li>
 	<li>बिहार</li>
 	<li>पूर्वी उत्तर प्रदेश</li>
 	<li>मध्य प्रदेश के कई इलाके</li>
</ul>
कुछ जगहों पर <strong>3 </strong><strong>इंच तक बारिश</strong> होने की संभावना है, जिससे बाढ़ और जलभराव की स्थिति बन सकती है।
<h3><strong>अपडेट्स (18 </strong><strong>सितंबर 2025)</strong></h3>
<strong><em>उत्तराखंड (नंदानगर</em></strong><strong><em>, </em></strong><strong><em>चमोली)</em></strong>

&nbsp;

<img class="alignnone wp-image-25394" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-18-at-10.09.58-AM-300x169.jpg" alt="" width="770" height="434" />
<ul>
 	<li>बादल फटने के बाद <strong>पूरे नंदानगर घाट इलाके में मलबा भर गया</strong> है।</li>
</ul>
<img class="alignnone wp-image-25395" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-18-at-10.09.58-AM-3-300x169.jpg" alt="" width="770" height="434" />
<ul>
 	<li>6 मकान पूरी तरह से दब गए।</li>
 	<li><strong>7 </strong><strong>लोग अभी भी लापता</strong> हैं, जबकि 2 लोगों को बचा लिया गया है।</li>
</ul>
<img class="alignnone wp-image-25396" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-18-at-10.09.58-AM-1-300x169.jpg" alt="" width="770" height="434" />
<ul>
 	<li>इलाके में <strong>रास्ते टूट गए हैं</strong> और रेस्क्यू टीम मौके पर मौजूद है।</li>
</ul>
<strong><em>उत्तर प्रदेश (लखनऊ)</em></strong>

&nbsp;

&nbsp;
<ul>
 	<li>लखनऊ में <strong>7 </strong><strong>साल का बच्चा नाले में गिर गया और बह गया</strong>, खोजबीन जारी है।</li>
 	<li><strong>41 </strong><strong>जिलों में बारिश का अलर्ट</strong> जारी किया गया है।</li>
 	<li>पिछले 24 घंटे में <strong>71% </strong><strong>ज्यादा बारिश</strong> दर्ज की गई।</li>
</ul>
<strong><em>हरियाणा</em></strong>

&nbsp;

<img class="alignnone wp-image-25397" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/ezgif-4e076366b576b517581032711758129955_1758160635-300x169.jpg" alt="" width="774" height="436" />
<ul>
 	<li>इस सीजन में अब तक <strong>39% </strong><strong>ज्यादा बारिश</strong> हुई है।</li>
 	<li><strong>यमुनानगर में सबसे ज्यादा 1mm </strong><strong>बारिश</strong>,
जबकि <strong>सिरसा में सबसे कम 346.6mm </strong><strong>बारिश</strong> हुई।</li>
 	<li>आज <strong>15 </strong><strong>जिलों में बारिश का अलर्ट</strong>।</li>
 	<li>अब तक <strong>21 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है।</li>
</ul>
<strong><em>मध्य प्रदेश</em></strong>

&nbsp;

<img class="alignnone wp-image-25399" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-18-at-10.09.58-AM-8-300x169.jpg" alt="" width="772" height="435" />
<ul>
 	<li>मानसून सीजन में <strong>7% </strong><strong>ज्यादा बारिश</strong> दर्ज की गई।</li>
 	<li>अब तक औसतन <strong>58mm </strong><strong>बारिश</strong> हो चुकी है।</li>
 	<li>अगले 24 घंटे में नया सिस्टम एक्टिव होगा और फिर से बारिश शुरू होगी।</li>
</ul>
<strong><em>छत्तीसगढ़</em></strong>

&nbsp;

<img class="alignnone wp-image-25400" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-18-at-10.09.58-AM-9-300x169.jpg" alt="" width="770" height="434" />
<ul>
 	<li>8 जिलों में <strong>यलो अलर्ट</strong>।</li>
 	<li>इनमें शामिल जिले: गौरेला पेंड्रा मरवाही, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, सरगुजा, कोरबा, जशपुर और रायगढ़।</li>
 	<li>अब तक प्रदेश में <strong>8mm </strong><strong>बारिश</strong> दर्ज की गई है।</li>
</ul>
<strong><em>बिहार</em></strong>
<ul>
 	<li>आज <strong>37 </strong><strong>जिलों में बारिश का यलो अलर्ट</strong> जारी।</li>
 	<li>उत्तर बिहार के जिले सबसे ज्यादा प्रभावित।</li>
 	<li>तापमान <strong>2°C-3°C </strong><strong>तक गिर सकता है</strong>।</li>
</ul>
<strong><em>कर्नाटक (यादगिर)</em></strong>
<ul>
 	<li>भारी बारिश से <strong>किसानों की फसलें खराब</strong> हो गई हैं।</li>
</ul>
<strong><em>हिमाचल प्रदेश (शिमला)</em></strong>
<ul>
 	<li>शिमला के <strong>रिज मैदान पर घना कोहरा (fog)</strong> छाया रहा।</li>
</ul>
<strong><em>उत्तर प्रदेश (झांसी)</em></strong>
<ul>
 	<li><strong>महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के OT </strong><strong>ब्लॉक में 7 </strong><strong>फीट लंबा सांप</strong> घुस गया।</li>
 	<li>सपेरे ने 45 मिनट की मशक्कत के बाद पकड़ा।</li>
</ul>
<h3><strong>सारांश</strong></h3>
<ul>
 	<li><strong>उत्तराखंड:</strong> चमोली में बादल फटने से 7 लोग लापता, मसूरी में 2500 टूरिस्ट फंसे।</li>
 	<li><strong>हिमाचल:</strong> 419 मौतें, 48 घंटे का हाई अलर्ट।</li>
 	<li><strong>देशभर में मानसून:</strong> 8% ज्यादा बारिश, विदाई शुरू लेकिन अभी भी भारी बारिश का खतरा।</li>
 	<li><strong>आने वाले दिन:</strong> 25-26 सितंबर से बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम के कारण 7 राज्यों में तेज बारिश।</li>
</ul>
इस समय पहाड़ी राज्यों और बारिश प्रभावित इलाकों में <strong>प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है</strong>।
जहां-जहां अलर्ट जारी है, वहां लोग अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[उत्तराखंड में लगातार बारिश और प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला थम नहीं रहा है। <strong>17 </strong><strong>सितंबर की रात चमोली जिले के नंदानगर घाट</strong> इलाके में बादल फटने की बड़ी घटना सामने आई है। इस हादसे में <strong>छह मकान मलबे में दब गए</strong>। जानकारी के मुताबिक <strong>7 </strong><strong>लोग लापता</strong> हैं, जबकि <strong>2 </strong><strong>लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाल लिया गया</strong> है।

यह <strong>दो दिन में दूसरी बार</strong> है जब उत्तराखंड में बादल फटने की घटना हुई है। इससे पहले <strong>16 </strong><strong>सितंबर</strong> को <strong>देहरादून जिले</strong> में बादल फटा था।
<h3><strong>मसूरी में 2500 </strong><strong>टूरिस्ट फंसे</strong></h3>
भारी बारिश और भूस्खलन (landslide) के कारण <strong>देहरादून से मसूरी जाने वाला 35 </strong><strong>किलोमीटर का रास्ता</strong> कई जगहों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
इसकी वजह से <strong>लगातार तीसरे दिन करीब 2500 </strong><strong>टूरिस्ट मसूरी में फंसे</strong> हुए हैं।
प्रशासन ने रास्ता खोलने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
<h3><strong>हिमाचल प्रदेश में भारी तबाही, 419 </strong><strong>लोगों की मौत</strong></h3>
हिमाचल प्रदेश इस साल मानसून की सबसे बड़ी मार झेल रहा है।
इस सीजन में <strong>बारिश, </strong><strong>बाढ़, </strong><strong>लैंडस्लाइड और अचानक आई बाढ़ (flash flood)</strong> से अब तक <strong>419 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है।
मौसम विभाग ने हिमाचल और उत्तराखंड दोनों राज्यों में <strong>अगले 48 </strong><strong>घंटे के लिए हाई अलर्ट</strong> जारी कर दिया है।
लोगों को पहाड़ी इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
<h3><strong>देशभर में मानसून की स्थिति</strong></h3>
<ul>
 	<li><strong>24 </strong><strong>मई</strong> को दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) सबसे पहले केरल पहुंचा था।</li>
 	<li><strong>17 </strong><strong>सितंबर तक देश में औसतन 8% </strong><strong>ज्यादा बारिश</strong> हो चुकी है।</li>
 	<li>मानसून की विदाई राजस्थान (पश्चिम), पंजाब और हरियाणा से शुरू हो गई है।</li>
 	<li>हालांकि, जाते-जाते मानसून <strong>देश के 7 </strong><strong>राज्यों में तेज बारिश</strong> दे सकता है।</li>
</ul>
<h3><strong>25-26 </strong><strong>सितंबर से फिर भारी बारिश का खतरा</strong></h3>
मौसम विभाग और <strong>ग्लोबल फोरकास्ट सिस्टम (GFS)</strong> के मुताबिक,
<ul>
 	<li><strong>25 </strong><strong>या 26 </strong><strong>सितंबर को बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया (Low Pressure Area)</strong> बनने की संभावना है।</li>
 	<li>इससे देश के कई राज्यों में <strong>2-3 </strong><strong>दिन तक भारी बारिश</strong> हो सकती है।</li>
</ul>
<strong>प्रभावित राज्य:</strong>
<ul>
 	<li>पश्चिम बंगाल</li>
 	<li>ओडिशा</li>
 	<li>झारखंड</li>
 	<li>छत्तीसगढ़</li>
 	<li>बिहार</li>
 	<li>पूर्वी उत्तर प्रदेश</li>
 	<li>मध्य प्रदेश के कई इलाके</li>
</ul>
कुछ जगहों पर <strong>3 </strong><strong>इंच तक बारिश</strong> होने की संभावना है, जिससे बाढ़ और जलभराव की स्थिति बन सकती है।
<h3><strong>अपडेट्स (18 </strong><strong>सितंबर 2025)</strong></h3>
<strong><em>उत्तराखंड (नंदानगर</em></strong><strong><em>, </em></strong><strong><em>चमोली)</em></strong>

&nbsp;

<img class="alignnone wp-image-25394" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-18-at-10.09.58-AM-300x169.jpg" alt="" width="770" height="434" />
<ul>
 	<li>बादल फटने के बाद <strong>पूरे नंदानगर घाट इलाके में मलबा भर गया</strong> है।</li>
</ul>
<img class="alignnone wp-image-25395" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-18-at-10.09.58-AM-3-300x169.jpg" alt="" width="770" height="434" />
<ul>
 	<li>6 मकान पूरी तरह से दब गए।</li>
 	<li><strong>7 </strong><strong>लोग अभी भी लापता</strong> हैं, जबकि 2 लोगों को बचा लिया गया है।</li>
</ul>
<img class="alignnone wp-image-25396" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-18-at-10.09.58-AM-1-300x169.jpg" alt="" width="770" height="434" />
<ul>
 	<li>इलाके में <strong>रास्ते टूट गए हैं</strong> और रेस्क्यू टीम मौके पर मौजूद है।</li>
</ul>
<strong><em>उत्तर प्रदेश (लखनऊ)</em></strong>

&nbsp;

&nbsp;
<ul>
 	<li>लखनऊ में <strong>7 </strong><strong>साल का बच्चा नाले में गिर गया और बह गया</strong>, खोजबीन जारी है।</li>
 	<li><strong>41 </strong><strong>जिलों में बारिश का अलर्ट</strong> जारी किया गया है।</li>
 	<li>पिछले 24 घंटे में <strong>71% </strong><strong>ज्यादा बारिश</strong> दर्ज की गई।</li>
</ul>
<strong><em>हरियाणा</em></strong>

&nbsp;

<img class="alignnone wp-image-25397" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/ezgif-4e076366b576b517581032711758129955_1758160635-300x169.jpg" alt="" width="774" height="436" />
<ul>
 	<li>इस सीजन में अब तक <strong>39% </strong><strong>ज्यादा बारिश</strong> हुई है।</li>
 	<li><strong>यमुनानगर में सबसे ज्यादा 1mm </strong><strong>बारिश</strong>,
जबकि <strong>सिरसा में सबसे कम 346.6mm </strong><strong>बारिश</strong> हुई।</li>
 	<li>आज <strong>15 </strong><strong>जिलों में बारिश का अलर्ट</strong>।</li>
 	<li>अब तक <strong>21 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है।</li>
</ul>
<strong><em>मध्य प्रदेश</em></strong>

&nbsp;

<img class="alignnone wp-image-25399" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-18-at-10.09.58-AM-8-300x169.jpg" alt="" width="772" height="435" />
<ul>
 	<li>मानसून सीजन में <strong>7% </strong><strong>ज्यादा बारिश</strong> दर्ज की गई।</li>
 	<li>अब तक औसतन <strong>58mm </strong><strong>बारिश</strong> हो चुकी है।</li>
 	<li>अगले 24 घंटे में नया सिस्टम एक्टिव होगा और फिर से बारिश शुरू होगी।</li>
</ul>
<strong><em>छत्तीसगढ़</em></strong>

&nbsp;

<img class="alignnone wp-image-25400" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/WhatsApp-Image-2025-09-18-at-10.09.58-AM-9-300x169.jpg" alt="" width="770" height="434" />
<ul>
 	<li>8 जिलों में <strong>यलो अलर्ट</strong>।</li>
 	<li>इनमें शामिल जिले: गौरेला पेंड्रा मरवाही, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, सरगुजा, कोरबा, जशपुर और रायगढ़।</li>
 	<li>अब तक प्रदेश में <strong>8mm </strong><strong>बारिश</strong> दर्ज की गई है।</li>
</ul>
<strong><em>बिहार</em></strong>
<ul>
 	<li>आज <strong>37 </strong><strong>जिलों में बारिश का यलो अलर्ट</strong> जारी।</li>
 	<li>उत्तर बिहार के जिले सबसे ज्यादा प्रभावित।</li>
 	<li>तापमान <strong>2°C-3°C </strong><strong>तक गिर सकता है</strong>।</li>
</ul>
<strong><em>कर्नाटक (यादगिर)</em></strong>
<ul>
 	<li>भारी बारिश से <strong>किसानों की फसलें खराब</strong> हो गई हैं।</li>
</ul>
<strong><em>हिमाचल प्रदेश (शिमला)</em></strong>
<ul>
 	<li>शिमला के <strong>रिज मैदान पर घना कोहरा (fog)</strong> छाया रहा।</li>
</ul>
<strong><em>उत्तर प्रदेश (झांसी)</em></strong>
<ul>
 	<li><strong>महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के OT </strong><strong>ब्लॉक में 7 </strong><strong>फीट लंबा सांप</strong> घुस गया।</li>
 	<li>सपेरे ने 45 मिनट की मशक्कत के बाद पकड़ा।</li>
</ul>
<h3><strong>सारांश</strong></h3>
<ul>
 	<li><strong>उत्तराखंड:</strong> चमोली में बादल फटने से 7 लोग लापता, मसूरी में 2500 टूरिस्ट फंसे।</li>
 	<li><strong>हिमाचल:</strong> 419 मौतें, 48 घंटे का हाई अलर्ट।</li>
 	<li><strong>देशभर में मानसून:</strong> 8% ज्यादा बारिश, विदाई शुरू लेकिन अभी भी भारी बारिश का खतरा।</li>
 	<li><strong>आने वाले दिन:</strong> 25-26 सितंबर से बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम के कारण 7 राज्यों में तेज बारिश।</li>
</ul>
इस समय पहाड़ी राज्यों और बारिश प्रभावित इलाकों में <strong>प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है</strong>।
जहां-जहां अलर्ट जारी है, वहां लोग अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Haryana में बारिश और बाढ़ से हाहाकार: Ghaggar Drain में 50 Foot दरार, 5754 गांव जलमग्न, लाखों किसान परेशान</title>
		<link>https://trendstopic.in/chaos-in-haryana-due-to-heavy-rain-and-floods-50-foot-breach-in-ghaggar-drain-5754-villages-submerged-lakhs-of-farmers-affected/</link>
					<comments>https://trendstopic.in/chaos-in-haryana-due-to-heavy-rain-and-floods-50-foot-breach-in-ghaggar-drain-5754-villages-submerged-lakhs-of-farmers-affected/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Sep 2025 05:01:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[AgricultureLoss]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[CropDamage]]></category>
		<category><![CDATA[FarmersCrisis]]></category>
		<category><![CDATA[FloodRelief]]></category>
		<category><![CDATA[GhaggarDrainBreach]]></category>
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		<category><![CDATA[HaryanaNews]]></category>
		<category><![CDATA[HaryanaRainAlert]]></category>
		<category><![CDATA[HaryanaWeatherUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[HeavyRainfall]]></category>
		<category><![CDATA[Monsoon2025]]></category>
		<category><![CDATA[NaturalDisaster]]></category>
		<category><![CDATA[ReliefWork]]></category>
		<category><![CDATA[RuralHaryana]]></category>
		<category><![CDATA[WaterLogging]]></category>
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					<description><![CDATA[हरियाणा में बारिश और बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। लगातार हुई बारिश और नदियों-ड्रेनों में बढ़ते पानी के कारण कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। बुधवार देर रात <strong>सिरसा और फतेहाबाद जिलों</strong> के बीच स्थित <strong>घग्गर मल्टीपरपज ड्रेन</strong> में अचानक <strong>50 </strong><strong>फीट चौड़ी दरार</strong> आ गई। इस दरार से पानी तेजी से खेतों में घुस गया और <strong>300 </strong><strong>एकड़ से ज्यादा खड़ी फसल जलमग्न</strong> हो गई।

गांव <strong>चाहरवाला</strong><strong>, </strong><strong>शाहपुरिया (सिरसा)</strong> और <strong>जांडवाला बागड़ (फतेहाबाद)</strong> के पास ये दरार आई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पानी के बहाव को रोकने की कोशिश की, लेकिन अंधेरा होने की वजह से कामयाबी नहीं मिली। गुरुवार सुबह होते ही ग्रामीण <strong>मिट्टी और रेत से भरे कट्टों</strong> के साथ ड्रेन की दरार को बंद करने में जुट गए। उनकी मदद के लिए नजदीकी <strong>डेरे के सेवादार</strong> भी पहुंच गए। अभी भी बांधने का काम जारी है और प्रशासन की ओर से भी लगातार निगरानी की जा रही है।

<strong>लाखों किसान प्रभावित</strong><strong>, 5754 </strong><strong>गांवों में तबाही</strong>

इस बार हरियाणा में सामान्य से <strong>45% </strong><strong>ज्यादा बारिश</strong> हुई है, जिसकी वजह से कई जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए।
<ul>
 	<li>अब तक <strong>5754 </strong><strong>गांव प्रभावित</strong> हुए हैं।</li>
 	<li>करीब <strong>3 </strong><strong>लाख किसान</strong> इस आपदा की चपेट में आए हैं।</li>
 	<li>लगभग <strong>18.66 </strong><strong>लाख एकड़ फसल</strong> को भारी नुकसान पहुंचा है।</li>
</ul>
किसानों की मदद के लिए राज्य सरकार ने <strong>ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल</strong> शुरू किया है। इस पोर्टल के जरिए किसान अपनी फसल का नुकसान दर्ज करवा सकते हैं और मुआवजे के लिए दावा कर सकते हैं।

<strong>मौसम का हाल: </strong><strong>5 </strong><strong>जिलों में हल्की बारिश का अलर्ट</strong>

मौसम विभाग चंडीगढ़ के अनुसार, <strong>पंचकूला</strong><strong>, </strong><strong>अंबाला</strong><strong>, </strong><strong>यमुनानगर</strong><strong>, </strong><strong>कुरुक्षेत्र और करनाल</strong> में आज बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना है।
वहीं, <strong>सिरसा</strong><strong>, </strong><strong>फतेहाबाद</strong><strong>, </strong><strong>हिसार</strong><strong>, </strong><strong>जींद</strong><strong>, </strong><strong>कैथल</strong><strong>, </strong><strong>भिवानी</strong><strong>, </strong><strong>चरखी दादरी</strong><strong>, </strong><strong>रोहतक</strong><strong>, </strong><strong>पानीपत</strong><strong>, </strong><strong>सोनीपत</strong><strong>, </strong><strong>झज्जर</strong><strong>, </strong><strong>महेंद्रगढ़</strong><strong>, </strong><strong>रेवाड़ी</strong><strong>, </strong><strong>गुरुग्राम</strong><strong>, </strong><strong>फरीदाबाद</strong><strong>, </strong><strong>मेवात और पलवल</strong> में मौसम साफ रहेगा।

विभाग का कहना है कि <strong>14 </strong><strong>सितंबर तक मौसम ऐसा ही रहने</strong> की संभावना है और भारी बारिश की संभावना बहुत कम है।

<strong>अब तक की बारिश का रिकॉर्ड</strong>

इस सीजन में हरियाणा में <strong>564.4 </strong><strong>मिमी बारिश</strong> दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत <strong>388.4 </strong><strong>मिमी</strong> होना चाहिए। यानी इस बार <strong>45% </strong><strong>ज्यादा बारिश</strong> हुई है।
<ul>
 	<li><strong>सबसे ज्यादा बारिश:</strong>
<ul>
 	<li>यमुनानगर – <strong>1080.4 </strong><strong>मिमी</strong></li>
 	<li>महेंद्रगढ़ – <strong>818.0 </strong><strong>मिमी</strong></li>
</ul>
</li>
 	<li><strong>सबसे कम बारिश:</strong>
<ul>
 	<li>सिरसा – <strong>346.6 </strong><strong>मिमी</strong></li>
 	<li>भिवानी – <strong>369.4 </strong><strong>मिमी</strong></li>
</ul>
</li>
</ul>
<strong>विशेषज्ञ की राय: बारिश का पैटर्न बदला</strong>

हिसार स्थित <strong>हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय</strong> के मौसम विभाग प्रमुख <strong>डॉ. मदन खीचड़</strong> ने बताया कि <strong>2021 </strong><strong>के बाद इस साल सबसे ज्यादा बारिश</strong> हुई है।
<ul>
 	<li>2021 में जुलाई और अगस्त में बारिश कम हुई थी लेकिन सितंबर में तेज बारिश हुई थी।</li>
 	<li>इस साल जुलाई, अगस्त और सितंबर – तीनों महीनों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।</li>
</ul>
उन्होंने कहा कि अभी <strong>मानसून कमजोर</strong> पड़ता नजर आ रहा है। अगले चार दिनों में केवल हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन तेज बारिश की संभावना नहीं है।

<strong>सरकार और प्रशासन अलर्ट पर</strong>

बाढ़ और जलभराव की वजह से कई गांवों में पानी भरा हुआ है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज कर दिए हैं।
<ul>
 	<li>ड्रेन और नहरों की लगातार <strong>निगरानी</strong> की जा रही है।</li>
 	<li>जहां भी <strong>कटाव या दरार</strong> आ रही है, वहां ग्रामीणों और सेवादारों की मदद से तुरंत उसे बंद किया जा रहा है।</li>
 	<li>राहत कार्यों में <strong>स्थानीय संगठन और डेरे</strong> भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।</li>
</ul>
हरियाणा में इस समय हालात बेहद गंभीर हैं। किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं और कई इलाकों में लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। सरकार और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब राहत और पुनर्वास कार्य को तेजी से पूरा करने की है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[हरियाणा में बारिश और बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। लगातार हुई बारिश और नदियों-ड्रेनों में बढ़ते पानी के कारण कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। बुधवार देर रात <strong>सिरसा और फतेहाबाद जिलों</strong> के बीच स्थित <strong>घग्गर मल्टीपरपज ड्रेन</strong> में अचानक <strong>50 </strong><strong>फीट चौड़ी दरार</strong> आ गई। इस दरार से पानी तेजी से खेतों में घुस गया और <strong>300 </strong><strong>एकड़ से ज्यादा खड़ी फसल जलमग्न</strong> हो गई।

गांव <strong>चाहरवाला</strong><strong>, </strong><strong>शाहपुरिया (सिरसा)</strong> और <strong>जांडवाला बागड़ (फतेहाबाद)</strong> के पास ये दरार आई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पानी के बहाव को रोकने की कोशिश की, लेकिन अंधेरा होने की वजह से कामयाबी नहीं मिली। गुरुवार सुबह होते ही ग्रामीण <strong>मिट्टी और रेत से भरे कट्टों</strong> के साथ ड्रेन की दरार को बंद करने में जुट गए। उनकी मदद के लिए नजदीकी <strong>डेरे के सेवादार</strong> भी पहुंच गए। अभी भी बांधने का काम जारी है और प्रशासन की ओर से भी लगातार निगरानी की जा रही है।

<strong>लाखों किसान प्रभावित</strong><strong>, 5754 </strong><strong>गांवों में तबाही</strong>

इस बार हरियाणा में सामान्य से <strong>45% </strong><strong>ज्यादा बारिश</strong> हुई है, जिसकी वजह से कई जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए।
<ul>
 	<li>अब तक <strong>5754 </strong><strong>गांव प्रभावित</strong> हुए हैं।</li>
 	<li>करीब <strong>3 </strong><strong>लाख किसान</strong> इस आपदा की चपेट में आए हैं।</li>
 	<li>लगभग <strong>18.66 </strong><strong>लाख एकड़ फसल</strong> को भारी नुकसान पहुंचा है।</li>
</ul>
किसानों की मदद के लिए राज्य सरकार ने <strong>ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल</strong> शुरू किया है। इस पोर्टल के जरिए किसान अपनी फसल का नुकसान दर्ज करवा सकते हैं और मुआवजे के लिए दावा कर सकते हैं।

<strong>मौसम का हाल: </strong><strong>5 </strong><strong>जिलों में हल्की बारिश का अलर्ट</strong>

मौसम विभाग चंडीगढ़ के अनुसार, <strong>पंचकूला</strong><strong>, </strong><strong>अंबाला</strong><strong>, </strong><strong>यमुनानगर</strong><strong>, </strong><strong>कुरुक्षेत्र और करनाल</strong> में आज बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना है।
वहीं, <strong>सिरसा</strong><strong>, </strong><strong>फतेहाबाद</strong><strong>, </strong><strong>हिसार</strong><strong>, </strong><strong>जींद</strong><strong>, </strong><strong>कैथल</strong><strong>, </strong><strong>भिवानी</strong><strong>, </strong><strong>चरखी दादरी</strong><strong>, </strong><strong>रोहतक</strong><strong>, </strong><strong>पानीपत</strong><strong>, </strong><strong>सोनीपत</strong><strong>, </strong><strong>झज्जर</strong><strong>, </strong><strong>महेंद्रगढ़</strong><strong>, </strong><strong>रेवाड़ी</strong><strong>, </strong><strong>गुरुग्राम</strong><strong>, </strong><strong>फरीदाबाद</strong><strong>, </strong><strong>मेवात और पलवल</strong> में मौसम साफ रहेगा।

विभाग का कहना है कि <strong>14 </strong><strong>सितंबर तक मौसम ऐसा ही रहने</strong> की संभावना है और भारी बारिश की संभावना बहुत कम है।

<strong>अब तक की बारिश का रिकॉर्ड</strong>

इस सीजन में हरियाणा में <strong>564.4 </strong><strong>मिमी बारिश</strong> दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत <strong>388.4 </strong><strong>मिमी</strong> होना चाहिए। यानी इस बार <strong>45% </strong><strong>ज्यादा बारिश</strong> हुई है।
<ul>
 	<li><strong>सबसे ज्यादा बारिश:</strong>
<ul>
 	<li>यमुनानगर – <strong>1080.4 </strong><strong>मिमी</strong></li>
 	<li>महेंद्रगढ़ – <strong>818.0 </strong><strong>मिमी</strong></li>
</ul>
</li>
 	<li><strong>सबसे कम बारिश:</strong>
<ul>
 	<li>सिरसा – <strong>346.6 </strong><strong>मिमी</strong></li>
 	<li>भिवानी – <strong>369.4 </strong><strong>मिमी</strong></li>
</ul>
</li>
</ul>
<strong>विशेषज्ञ की राय: बारिश का पैटर्न बदला</strong>

हिसार स्थित <strong>हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय</strong> के मौसम विभाग प्रमुख <strong>डॉ. मदन खीचड़</strong> ने बताया कि <strong>2021 </strong><strong>के बाद इस साल सबसे ज्यादा बारिश</strong> हुई है।
<ul>
 	<li>2021 में जुलाई और अगस्त में बारिश कम हुई थी लेकिन सितंबर में तेज बारिश हुई थी।</li>
 	<li>इस साल जुलाई, अगस्त और सितंबर – तीनों महीनों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।</li>
</ul>
उन्होंने कहा कि अभी <strong>मानसून कमजोर</strong> पड़ता नजर आ रहा है। अगले चार दिनों में केवल हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन तेज बारिश की संभावना नहीं है।

<strong>सरकार और प्रशासन अलर्ट पर</strong>

बाढ़ और जलभराव की वजह से कई गांवों में पानी भरा हुआ है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज कर दिए हैं।
<ul>
 	<li>ड्रेन और नहरों की लगातार <strong>निगरानी</strong> की जा रही है।</li>
 	<li>जहां भी <strong>कटाव या दरार</strong> आ रही है, वहां ग्रामीणों और सेवादारों की मदद से तुरंत उसे बंद किया जा रहा है।</li>
 	<li>राहत कार्यों में <strong>स्थानीय संगठन और डेरे</strong> भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।</li>
</ul>
हरियाणा में इस समय हालात बेहद गंभीर हैं। किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं और कई इलाकों में लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। सरकार और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब राहत और पुनर्वास कार्य को तेजी से पूरा करने की है।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>“राहत नहीं, अपमान”: Aman Arora का Modi Government पर हमला, 1600 Crore का Package बताया पंजाबियों के जख्मों पर नमक</title>
		<link>https://trendstopic.in/not-relief-but-insult-aman-arora-slams-modi-government-calls-%e2%82%b91600-crore-package-salt-on-punjabs-wounds/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Sep 2025 07:15:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चंडीगढ़]]></category>
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		<guid isPermaLink="false">https://trendstopic.in/?p=25254</guid>

					<description><![CDATA[पंजाब में हाल ही में आई <strong>भयंकर बाढ़</strong> ने लाखों लोगों की जिंदगी को हिला कर रख दिया। हजारों गांव पानी में डूब गए, फसलें बर्बाद हो गईं और कई लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। इस तबाही से <strong>20,000 </strong><strong>करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान</strong> हुआ है।

ऐसे मुश्किल समय में प्रधानमंत्री <strong>नरेंद्र मोदी</strong> सोमवार को पंजाब के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का <strong>हवाई सर्वेक्षण (</strong><strong>aerial survey)</strong> किया और हालात का जायजा लिया। इसके बाद केंद्र सरकार ने <strong>1600 </strong><strong>करोड़ रुपए का राहत पैकेज</strong> घोषित किया।

लेकिन यह राहत पैकेज पंजाब के लोगों को बिल्कुल भी राहत देने वाला साबित नहीं हुआ। पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे <strong>बहुत कम (निगूना)</strong> बताते हुए केंद्र सरकार पर <strong>कड़ा हमला बोला</strong> है।

<strong>अमन अरोड़ा का गुस्सा फूटा</strong>

पंजाब के कैबिनेट मंत्री और AAP के प्रदेश अध्यक्ष <strong>अमन अरोड़ा</strong> ने इस पैकेज को <strong>"</strong><strong>क्रूर मज़ाक"</strong> और <strong>"</strong><strong>भद्दा तमाशा"</strong> करार दिया। उन्होंने कहा,

<em>"</em><em>जब पूरा पंजाब बाढ़ की तबाही से जूझ रहा है</em><em>, </em><em>हजारों परिवार बर्बाद हो गए हैं</em><em>, </em><em>किसान कंगाल हो गए हैं</em><em>, </em><em>ऐसे समय में सिर्फ </em><em>1600 </em><em>करोड़ देना उनके घावों पर नमक छिड़कने जैसा है। यह हर उस व्यक्ति के मुँह पर थप्पड़ है</em><em>, </em><em>जिसने बाढ़ में सब कुछ खो दिया है।"</em>

अरोड़ा ने कहा कि यह रकम पंजाब की जरूरतों के मुकाबले <strong>बहुत ही कम</strong> है और यह पंजाबियों के साथ <strong>अपमान</strong> है। उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि,

<em>"</em><em>मोदी जी ने पंजाब के दर्द से मुँह मोड़ लिया।"</em>

<strong>पंजाब का नुकसान </strong><strong>– </strong><strong>आंकड़ों में तबाही</strong>

अमन अरोड़ा ने पंजाब में हुए नुकसान के चौंकाने वाले आंकड़े भी पेश किए।
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>नुकसान का पहलू</strong></td>
<td><strong>आंकड़ा</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>कुल नुकसान की कीमत</td>
<td>20,000 करोड़ रुपए से अधिक</td>
</tr>
<tr>
<td>केंद्र का घोषित राहत पैकेज</td>
<td>1600 करोड़ रुपए</td>
</tr>
<tr>
<td>प्रभावित कृषि भूमि</td>
<td>4.80 लाख एकड़</td>
</tr>
<tr>
<td>झोने (धान) की प्रभावित भूमि</td>
<td>3.71 लाख एकड़</td>
</tr>
<tr>
<td>बाढ़ में मौतें</td>
<td>52 लोग</td>
</tr>
<tr>
<td>प्रभावित गांव</td>
<td>2000 से ज्यादा</td>
</tr>
<tr>
<td>सीधे प्रभावित लोग</td>
<td>4 लाख से ज्यादा</td>
</tr>
</tbody>
</table>
अरोड़ा ने कहा कि किसानों की <strong>फसलें कटाई से सिर्फ </strong><strong>15-20 </strong><strong>दिन पहले ही बर्बाद हो गईं</strong>, जिससे उनका पूरा सीजन का मेहनताना खत्म हो गया। अब किसानों के पास <strong>दुबारा बुआई का कोई मौका नहीं</strong> है।

<em>"</em><em>हमारे किसानों ने जिन फसलों को अपने बच्चों की तरह पाल रखा था</em><em>, </em><em>वे सब कुछ पानी में बह गईं।"</em>

<strong>मान सरकार की मांग</strong>

पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> लगातार केंद्र सरकार से यह मांग कर रहे हैं कि:
<ul>
 	<li><strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपए</strong> के रोके हुए फंड तुरंत जारी किए जाएं।</li>
 	<li>पंजाब को <strong>20,000 </strong><strong>करोड़ रुपए का विशेष राहत पैकेज</strong> दिया जाए।</li>
</ul>
लेकिन अब तक केंद्र सरकार की तरफ से सिर्फ 1600 करोड़ रुपए दिए गए हैं। अरोड़ा ने इसे पंजाब के प्रति <strong>स्पष्ट अनदेखी (</strong><strong>clear ignorance)</strong> बताया।

<strong>ऐतिहासिक योगदान पर सवाल</strong>

अरोड़ा ने याद दिलाया कि पंजाब ने हमेशा देश के लिए सबसे आगे रहकर योगदान दिया है:
<ul>
 	<li><strong>आज़ादी की लड़ाई</strong> में पंजाबियों का बड़ा योगदान रहा।</li>
 	<li>पंजाब <strong>देश का अन्न भंडार</strong> भरता रहा है।</li>
 	<li>पंजाब के <strong>जवान देश की सरहदों की रक्षा</strong> करते रहे हैं।</li>
</ul>
उन्होंने कहा,

<em>"</em><em>जब हमारी जमीन बाढ़ में डूबी हुई है</em><em>, </em><em>हमारे लोग दर्द और तकलीफ में हैं</em><em>, </em><em>तब केंद्र सरकार का रवैया बहुत निराशाजनक है। पंजाब की मांगों को नजरअंदाज करना</em><em>, </em><em>हमारे योगदान के प्रति कृतघ्नता (</em><em>ungratefulness) </em><em>को दर्शाता है।"</em>

<strong>पुनर्वास की सख्त जरूरत</strong>

अरोड़ा ने कहा कि यह <strong>1988 </strong><strong>के बाद की सबसे भयानक बाढ़</strong> है।
<ul>
 	<li>अब तक <strong>52 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है।</li>
 	<li>लाखों लोग बेघर हो गए हैं।</li>
 	<li>हजारों घर, सड़कें और पुल तबाह हो गए हैं।</li>
</ul>
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी तबाही के बाद <strong>वृहद राहत पैकेज (</strong><strong>large relief package)</strong> की तुरंत जरूरत है ताकि लोगों को फिर से बसाया जा सके और उनकी जिंदगी पटरी पर लौट सके।

<em>"</em><em>केंद्र सरकार को तुरंत नुकसान का सही मूल्यांकन करना चाहिए और पंजाब के लिए एक बड़ा और व्यावहारिक पैकेज जारी करना चाहिए</em><em>,"</em>
अरोड़ा ने यह अपील की।

पंजाब आज बाढ़ के कारण एक <strong>मानव त्रासदी (</strong><strong>human tragedy)</strong> का सामना कर रहा है।
जहां किसानों की मेहनत पानी में बह गई, घर तबाह हो गए और हजारों लोग बेसहारा हो गए हैं।
ऐसे समय में केंद्र सरकार का सिर्फ <strong>1600 </strong><strong>करोड़ रुपए का पैकेज</strong> पंजाब की जनता के जख्मों को और गहरा कर रहा है।

अमन अरोड़ा और पंजाब सरकार ने केंद्र से <strong>तुरंत बड़ा राहत पैकेज जारी करने</strong> की मांग की है और कहा है कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो यह देश के अन्नदाता के साथ <strong>सबसे बड़ा अन्याय</strong> होगा।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब में हाल ही में आई <strong>भयंकर बाढ़</strong> ने लाखों लोगों की जिंदगी को हिला कर रख दिया। हजारों गांव पानी में डूब गए, फसलें बर्बाद हो गईं और कई लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। इस तबाही से <strong>20,000 </strong><strong>करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान</strong> हुआ है।

ऐसे मुश्किल समय में प्रधानमंत्री <strong>नरेंद्र मोदी</strong> सोमवार को पंजाब के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का <strong>हवाई सर्वेक्षण (</strong><strong>aerial survey)</strong> किया और हालात का जायजा लिया। इसके बाद केंद्र सरकार ने <strong>1600 </strong><strong>करोड़ रुपए का राहत पैकेज</strong> घोषित किया।

लेकिन यह राहत पैकेज पंजाब के लोगों को बिल्कुल भी राहत देने वाला साबित नहीं हुआ। पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे <strong>बहुत कम (निगूना)</strong> बताते हुए केंद्र सरकार पर <strong>कड़ा हमला बोला</strong> है।

<strong>अमन अरोड़ा का गुस्सा फूटा</strong>

पंजाब के कैबिनेट मंत्री और AAP के प्रदेश अध्यक्ष <strong>अमन अरोड़ा</strong> ने इस पैकेज को <strong>"</strong><strong>क्रूर मज़ाक"</strong> और <strong>"</strong><strong>भद्दा तमाशा"</strong> करार दिया। उन्होंने कहा,

<em>"</em><em>जब पूरा पंजाब बाढ़ की तबाही से जूझ रहा है</em><em>, </em><em>हजारों परिवार बर्बाद हो गए हैं</em><em>, </em><em>किसान कंगाल हो गए हैं</em><em>, </em><em>ऐसे समय में सिर्फ </em><em>1600 </em><em>करोड़ देना उनके घावों पर नमक छिड़कने जैसा है। यह हर उस व्यक्ति के मुँह पर थप्पड़ है</em><em>, </em><em>जिसने बाढ़ में सब कुछ खो दिया है।"</em>

अरोड़ा ने कहा कि यह रकम पंजाब की जरूरतों के मुकाबले <strong>बहुत ही कम</strong> है और यह पंजाबियों के साथ <strong>अपमान</strong> है। उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि,

<em>"</em><em>मोदी जी ने पंजाब के दर्द से मुँह मोड़ लिया।"</em>

<strong>पंजाब का नुकसान </strong><strong>– </strong><strong>आंकड़ों में तबाही</strong>

अमन अरोड़ा ने पंजाब में हुए नुकसान के चौंकाने वाले आंकड़े भी पेश किए।
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>नुकसान का पहलू</strong></td>
<td><strong>आंकड़ा</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>कुल नुकसान की कीमत</td>
<td>20,000 करोड़ रुपए से अधिक</td>
</tr>
<tr>
<td>केंद्र का घोषित राहत पैकेज</td>
<td>1600 करोड़ रुपए</td>
</tr>
<tr>
<td>प्रभावित कृषि भूमि</td>
<td>4.80 लाख एकड़</td>
</tr>
<tr>
<td>झोने (धान) की प्रभावित भूमि</td>
<td>3.71 लाख एकड़</td>
</tr>
<tr>
<td>बाढ़ में मौतें</td>
<td>52 लोग</td>
</tr>
<tr>
<td>प्रभावित गांव</td>
<td>2000 से ज्यादा</td>
</tr>
<tr>
<td>सीधे प्रभावित लोग</td>
<td>4 लाख से ज्यादा</td>
</tr>
</tbody>
</table>
अरोड़ा ने कहा कि किसानों की <strong>फसलें कटाई से सिर्फ </strong><strong>15-20 </strong><strong>दिन पहले ही बर्बाद हो गईं</strong>, जिससे उनका पूरा सीजन का मेहनताना खत्म हो गया। अब किसानों के पास <strong>दुबारा बुआई का कोई मौका नहीं</strong> है।

<em>"</em><em>हमारे किसानों ने जिन फसलों को अपने बच्चों की तरह पाल रखा था</em><em>, </em><em>वे सब कुछ पानी में बह गईं।"</em>

<strong>मान सरकार की मांग</strong>

पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> लगातार केंद्र सरकार से यह मांग कर रहे हैं कि:
<ul>
 	<li><strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपए</strong> के रोके हुए फंड तुरंत जारी किए जाएं।</li>
 	<li>पंजाब को <strong>20,000 </strong><strong>करोड़ रुपए का विशेष राहत पैकेज</strong> दिया जाए।</li>
</ul>
लेकिन अब तक केंद्र सरकार की तरफ से सिर्फ 1600 करोड़ रुपए दिए गए हैं। अरोड़ा ने इसे पंजाब के प्रति <strong>स्पष्ट अनदेखी (</strong><strong>clear ignorance)</strong> बताया।

<strong>ऐतिहासिक योगदान पर सवाल</strong>

अरोड़ा ने याद दिलाया कि पंजाब ने हमेशा देश के लिए सबसे आगे रहकर योगदान दिया है:
<ul>
 	<li><strong>आज़ादी की लड़ाई</strong> में पंजाबियों का बड़ा योगदान रहा।</li>
 	<li>पंजाब <strong>देश का अन्न भंडार</strong> भरता रहा है।</li>
 	<li>पंजाब के <strong>जवान देश की सरहदों की रक्षा</strong> करते रहे हैं।</li>
</ul>
उन्होंने कहा,

<em>"</em><em>जब हमारी जमीन बाढ़ में डूबी हुई है</em><em>, </em><em>हमारे लोग दर्द और तकलीफ में हैं</em><em>, </em><em>तब केंद्र सरकार का रवैया बहुत निराशाजनक है। पंजाब की मांगों को नजरअंदाज करना</em><em>, </em><em>हमारे योगदान के प्रति कृतघ्नता (</em><em>ungratefulness) </em><em>को दर्शाता है।"</em>

<strong>पुनर्वास की सख्त जरूरत</strong>

अरोड़ा ने कहा कि यह <strong>1988 </strong><strong>के बाद की सबसे भयानक बाढ़</strong> है।
<ul>
 	<li>अब तक <strong>52 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है।</li>
 	<li>लाखों लोग बेघर हो गए हैं।</li>
 	<li>हजारों घर, सड़कें और पुल तबाह हो गए हैं।</li>
</ul>
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी तबाही के बाद <strong>वृहद राहत पैकेज (</strong><strong>large relief package)</strong> की तुरंत जरूरत है ताकि लोगों को फिर से बसाया जा सके और उनकी जिंदगी पटरी पर लौट सके।

<em>"</em><em>केंद्र सरकार को तुरंत नुकसान का सही मूल्यांकन करना चाहिए और पंजाब के लिए एक बड़ा और व्यावहारिक पैकेज जारी करना चाहिए</em><em>,"</em>
अरोड़ा ने यह अपील की।

पंजाब आज बाढ़ के कारण एक <strong>मानव त्रासदी (</strong><strong>human tragedy)</strong> का सामना कर रहा है।
जहां किसानों की मेहनत पानी में बह गई, घर तबाह हो गए और हजारों लोग बेसहारा हो गए हैं।
ऐसे समय में केंद्र सरकार का सिर्फ <strong>1600 </strong><strong>करोड़ रुपए का पैकेज</strong> पंजाब की जनता के जख्मों को और गहरा कर रहा है।

अमन अरोड़ा और पंजाब सरकार ने केंद्र से <strong>तुरंत बड़ा राहत पैकेज जारी करने</strong> की मांग की है और कहा है कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो यह देश के अन्नदाता के साथ <strong>सबसे बड़ा अन्याय</strong> होगा।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>देशभर में Monsoon का कहर: Himachal में 350+ मौतें, Punjab- Bihar-Uttarakhand में बाढ़ का संकट</title>
		<link>https://trendstopic.in/monsoon-havoc-across-india-350-dead-in-himachal-flood-crisis-in-punjab-bihar-and-uttarakhand/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Sep 2025 07:30:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मौसम]]></category>
		<category><![CDATA[BiharRain]]></category>
		<category><![CDATA[DisasterUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[EmergencyResponse]]></category>
		<category><![CDATA[FloodCrisis]]></category>
		<category><![CDATA[HeavyRain]]></category>
		<category><![CDATA[HimachalPradesh]]></category>
		<category><![CDATA[IndiaFloods]]></category>
		<category><![CDATA[Monsoon2025]]></category>
		<category><![CDATA[NaturalDisaster]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabFloods]]></category>
		<category><![CDATA[RainAlert]]></category>
		<category><![CDATA[UttarakhandFloods]]></category>
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					<description><![CDATA[देश के कई राज्यों में इस मानसून का मौसम बेहद गंभीर स्थिति बना रहा है। भारी बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
<h2><strong>हिमाचल प्रदेश में तबाही</strong></h2>
इस मानसून सीजन (24 जुलाई – 7 अगस्त) में हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और लैंडस्लाइड से अब तक <strong>366 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है। राज्य सरकार का अनुमान है कि संपत्ति और फसल का <strong>कुल नुकसान ₹4 </strong><strong>लाख करोड़</strong> से ज्यादा हुआ है।

&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25217" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/28e38f82-d186-409d-b1f2-1d14d244a01f1757209325778-_1757212246-300x169.jpg" alt="" width="698" height="393" />

&nbsp;
<ul>
 	<li>शिमला में 116% और कुल्लू में 113% बारिश हुई, जो सामान्य से दोगुनी है।</li>
 	<li>शिमला-ठियोग-रोहड़ू NH-705 पिछले दो दिनों से बंद है, करीब 400 वाहन फंसे हैं, जिनमें से कई सेब से लदे ट्रक हैं।</li>
 	<li>सिरमौर के नौहराधार में एक पूरा पहाड़ नदी में गिरा, हालांकि कोई बस्ती प्रभावित नहीं हुई।</li>
</ul>
<h2><strong>पंजाब में बाढ़ का असर</strong></h2>
&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25218" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/gif171757178592_1757207044-300x169.jpg" alt="" width="651" height="367" />

&nbsp;

पंजाब के <strong>23 </strong><strong>जिले बाढ़ से प्रभावित</strong> हैं। कुल 1996 गांवों में पानी भर गया है।
<ul>
 	<li>प्रभावित आबादी: <strong>3,87,013 </strong><strong>से ज्यादा लोग</strong>।</li>
 	<li>मौतें: अब तक <strong>46 </strong><strong>लोग</strong> बाढ़ की वजह से मरे।</li>
 	<li>सुरक्षित निकाले गए: <strong>21,854 </strong><strong>लोग</strong>।</li>
 	<li>राहत शिविर: 219 सक्रिय, 7,377 लोग रह रहे।</li>
 	<li>फसल प्रभावित: <strong>1,74,454 </strong><strong>हेक्टेयर</strong>, सबसे ज्यादा नुकसान गुरदासपुर में।</li>
 	<li>लुधियाना का ससराली बांध खतरे में है, रिंग बांध कटने लगा।</li>
 	<li>भाखड़ा का जलस्तर गिरा, अगले 3 दिन बारिश का कोई अलर्ट नहीं।</li>
</ul>
<h2><strong>उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में बारिश-बाढ़</strong></h2>
<ul>
 	<li>उत्तरकाशी के नौगांव में शनिवार को <strong>बादल फटा</strong>, सड़क और घरों में पानी और मलबा घुस गया। कई वाहन बह गए।</li>
 	<li>मथुरा में यमुना नदी शहर से 1 किमी दूर, आश्रमों में 5 फीट तक पानी भरा। वृंदावन परिक्रमा मार्ग भी डूबा।</li>
</ul>
<h2><strong>राजस्थान और गुजरात</strong></h2>
&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25219" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/comp-192_1757177474-300x169.jpg" alt="" width="561" height="316" />

&nbsp;
<ul>
 	<li>राजस्थान के राजसमंद में तेज बारिश के कारण NH-162 का आधा हिस्सा बह गया।</li>
 	<li>उदयपुर में सेना ने ड्रोन का इस्तेमाल कर बाढ़ में फंसे युवक को सुरक्षित निकाला।</li>
 	<li>चित्तौड़गढ़ में राणा प्रताप सागर बांध के 2 गेट खोलकर पानी छोड़ा।</li>
</ul>
&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25220" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/banaskantha_1757228039-300x169.jpg" alt="" width="731" height="412" />
<ul>
 	<li>गुजरात में 7 जिलों में <strong>रेड अलर्ट</strong>, 18 जिलों में <strong>ओरेंज अलर्ट</strong>।</li>
 	<li>NDRF और SDRF की टीमें अलर्ट पर। साबरकांठा में 9 लोगों को बचाया गया।</li>
</ul>
<h2><strong>हरियाणा और दिल्ली</strong></h2>
<img class="alignnone  wp-image-25221" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/11757165569_1757206932-300x169.jpg" alt="" width="710" height="400" />

&nbsp;
<ul>
 	<li>बहादुरगढ़ में 2 फीट पानी, गलियों में मछलियां तैर रही।</li>
 	<li>सिरसा में घग्गर का बांध टूट गया।</li>
 	<li>दिल्ली में यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही, कई निचले इलाके बाढ़ से प्रभावित। प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।</li>
</ul>
<h2><strong>मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़</strong></h2>
<ul>
 	<li>इंदौर में अब तक 4mm बारिश, जिले में औसत 38 इंच।</li>
</ul>
&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25222" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/ezgif-7bfdba4f3bd5a01757174171_1757222602-300x169.jpg" alt="" width="659" height="371" />

&nbsp;
<ul>
 	<li>पूरे मध्य प्रदेश में सामान्य से 111% बारिश हुई।</li>
 	<li>छत्तीसगढ़ में मानसून का 86% कोटा पूरा, अब तक 9mm बारिश।</li>
</ul>
<h2><strong>जम्मू-कश्मीर</strong></h2>
<ul>
 	<li>कटरा में वैष्णो देवी यात्रा लगातार 13वें दिन स्थगित।</li>
 	<li>अर्धकुवारी लैंडस्लाइड में 34 लोगों की मौत।</li>
 	<li>कटरा-संगलदान के बीच फ्लड स्पेशल ट्रेन सेवा 8–12 सितंबर तक।</li>
</ul>
<h3><strong>मौसम विभाग की चेतावनी</strong></h3>
<ul>
 	<li>महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में <strong>रेड अलर्ट</strong>, गोवा में <strong>ऑरेंज</strong>, 20 राज्यों में <strong>यलो अलर्ट</strong>।</li>
 	<li>NDRF और SDRF की टीमें पूरे देश में अलर्ट पर।</li>
</ul>
देशभर में मानसून का असर अब भी जारी है। हिमाचल और पंजाब सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बारिश और बाढ़ ने फसल, संपत्ति और लोगों की जिंदगी पर बड़ा असर डाला है। प्रशासन, NDRF, SDRF और सेना राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[देश के कई राज्यों में इस मानसून का मौसम बेहद गंभीर स्थिति बना रहा है। भारी बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
<h2><strong>हिमाचल प्रदेश में तबाही</strong></h2>
इस मानसून सीजन (24 जुलाई – 7 अगस्त) में हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और लैंडस्लाइड से अब तक <strong>366 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है। राज्य सरकार का अनुमान है कि संपत्ति और फसल का <strong>कुल नुकसान ₹4 </strong><strong>लाख करोड़</strong> से ज्यादा हुआ है।

&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25217" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/28e38f82-d186-409d-b1f2-1d14d244a01f1757209325778-_1757212246-300x169.jpg" alt="" width="698" height="393" />

&nbsp;
<ul>
 	<li>शिमला में 116% और कुल्लू में 113% बारिश हुई, जो सामान्य से दोगुनी है।</li>
 	<li>शिमला-ठियोग-रोहड़ू NH-705 पिछले दो दिनों से बंद है, करीब 400 वाहन फंसे हैं, जिनमें से कई सेब से लदे ट्रक हैं।</li>
 	<li>सिरमौर के नौहराधार में एक पूरा पहाड़ नदी में गिरा, हालांकि कोई बस्ती प्रभावित नहीं हुई।</li>
</ul>
<h2><strong>पंजाब में बाढ़ का असर</strong></h2>
&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25218" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/gif171757178592_1757207044-300x169.jpg" alt="" width="651" height="367" />

&nbsp;

पंजाब के <strong>23 </strong><strong>जिले बाढ़ से प्रभावित</strong> हैं। कुल 1996 गांवों में पानी भर गया है।
<ul>
 	<li>प्रभावित आबादी: <strong>3,87,013 </strong><strong>से ज्यादा लोग</strong>।</li>
 	<li>मौतें: अब तक <strong>46 </strong><strong>लोग</strong> बाढ़ की वजह से मरे।</li>
 	<li>सुरक्षित निकाले गए: <strong>21,854 </strong><strong>लोग</strong>।</li>
 	<li>राहत शिविर: 219 सक्रिय, 7,377 लोग रह रहे।</li>
 	<li>फसल प्रभावित: <strong>1,74,454 </strong><strong>हेक्टेयर</strong>, सबसे ज्यादा नुकसान गुरदासपुर में।</li>
 	<li>लुधियाना का ससराली बांध खतरे में है, रिंग बांध कटने लगा।</li>
 	<li>भाखड़ा का जलस्तर गिरा, अगले 3 दिन बारिश का कोई अलर्ट नहीं।</li>
</ul>
<h2><strong>उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में बारिश-बाढ़</strong></h2>
<ul>
 	<li>उत्तरकाशी के नौगांव में शनिवार को <strong>बादल फटा</strong>, सड़क और घरों में पानी और मलबा घुस गया। कई वाहन बह गए।</li>
 	<li>मथुरा में यमुना नदी शहर से 1 किमी दूर, आश्रमों में 5 फीट तक पानी भरा। वृंदावन परिक्रमा मार्ग भी डूबा।</li>
</ul>
<h2><strong>राजस्थान और गुजरात</strong></h2>
&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25219" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/comp-192_1757177474-300x169.jpg" alt="" width="561" height="316" />

&nbsp;
<ul>
 	<li>राजस्थान के राजसमंद में तेज बारिश के कारण NH-162 का आधा हिस्सा बह गया।</li>
 	<li>उदयपुर में सेना ने ड्रोन का इस्तेमाल कर बाढ़ में फंसे युवक को सुरक्षित निकाला।</li>
 	<li>चित्तौड़गढ़ में राणा प्रताप सागर बांध के 2 गेट खोलकर पानी छोड़ा।</li>
</ul>
&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25220" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/banaskantha_1757228039-300x169.jpg" alt="" width="731" height="412" />
<ul>
 	<li>गुजरात में 7 जिलों में <strong>रेड अलर्ट</strong>, 18 जिलों में <strong>ओरेंज अलर्ट</strong>।</li>
 	<li>NDRF और SDRF की टीमें अलर्ट पर। साबरकांठा में 9 लोगों को बचाया गया।</li>
</ul>
<h2><strong>हरियाणा और दिल्ली</strong></h2>
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&nbsp;
<ul>
 	<li>बहादुरगढ़ में 2 फीट पानी, गलियों में मछलियां तैर रही।</li>
 	<li>सिरसा में घग्गर का बांध टूट गया।</li>
 	<li>दिल्ली में यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही, कई निचले इलाके बाढ़ से प्रभावित। प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।</li>
</ul>
<h2><strong>मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़</strong></h2>
<ul>
 	<li>इंदौर में अब तक 4mm बारिश, जिले में औसत 38 इंच।</li>
</ul>
&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25222" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/09/ezgif-7bfdba4f3bd5a01757174171_1757222602-300x169.jpg" alt="" width="659" height="371" />

&nbsp;
<ul>
 	<li>पूरे मध्य प्रदेश में सामान्य से 111% बारिश हुई।</li>
 	<li>छत्तीसगढ़ में मानसून का 86% कोटा पूरा, अब तक 9mm बारिश।</li>
</ul>
<h2><strong>जम्मू-कश्मीर</strong></h2>
<ul>
 	<li>कटरा में वैष्णो देवी यात्रा लगातार 13वें दिन स्थगित।</li>
 	<li>अर्धकुवारी लैंडस्लाइड में 34 लोगों की मौत।</li>
 	<li>कटरा-संगलदान के बीच फ्लड स्पेशल ट्रेन सेवा 8–12 सितंबर तक।</li>
</ul>
<h3><strong>मौसम विभाग की चेतावनी</strong></h3>
<ul>
 	<li>महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में <strong>रेड अलर्ट</strong>, गोवा में <strong>ऑरेंज</strong>, 20 राज्यों में <strong>यलो अलर्ट</strong>।</li>
 	<li>NDRF और SDRF की टीमें पूरे देश में अलर्ट पर।</li>
</ul>
देशभर में मानसून का असर अब भी जारी है। हिमाचल और पंजाब सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बारिश और बाढ़ ने फसल, संपत्ति और लोगों की जिंदगी पर बड़ा असर डाला है। प्रशासन, NDRF, SDRF और सेना राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Punjab में तबाही मचाने वाली बाढ़ पर Government का त्वरित एक्शन, Centre से मदद की गुहार: Finance Minister Harpal Singh Cheema</title>
		<link>https://trendstopic.in/punjab-government-takes-swift-action-amid-devastating-floods-urges-centre-for-immediate-assistance-finance-minister-harpal-singh-cheema/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Sep 2025 04:04:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AgricultureLoss]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[DisasterManagement]]></category>
		<category><![CDATA[EmergencyResponse]]></category>
		<category><![CDATA[FloodCrisis]]></category>
		<category><![CDATA[FloodRelief]]></category>
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		<category><![CDATA[HarpalSinghCheema]]></category>
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		<category><![CDATA[PunjabFloods]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[ReliefEfforts]]></category>
		<category><![CDATA[ReliefOperations]]></category>
		<category><![CDATA[SupportPunjab]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में आई भयावह बाढ़ ने राज्य में चारों तरफ तबाही मचा दी है। लगातार हो रही भारी बारिश और पड़ोसी पहाड़ी राज्यों से पानी आने के कारण हालात और बिगड़ गए हैं। पंजाब के वित्त मंत्री <strong>एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा</strong> ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि यह बाढ़ पिछले <strong>50 </strong><strong>सालों में सबसे भयानक</strong> है। उन्होंने बताया कि अब तक <strong>2,000 </strong><strong>गांव</strong> पूरी तरह प्रभावित हुए हैं और <strong>4 </strong><strong>लाख से ज्यादा लोग</strong> इसकी चपेट में आए हैं।

बाढ़ की वजह से <strong>14 </strong><strong>जिलों</strong> में अब तक <strong>43 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है। वहीं, राज्य की रीढ़ माने जाने वाले <strong>कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान</strong> हुआ है। <strong>18 </strong><strong>जिलों में करीब </strong><strong>1.72 </strong><strong>लाख हेक्टेयर कृषि भूमि</strong> पानी में डूब गई है। इसके अलावा, हजारों <strong>घर</strong>, <strong>पशु</strong>, और <strong>सार्वजनिक ढांचा (</strong><strong>public infrastructure)</strong> जैसे सड़कें और पुल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। <strong>घग्गर नदी</strong> का जल स्तर <strong>750 </strong><strong>फीट</strong> के खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे कई इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं।

<strong>बाढ़ राहत में पंजाब सरकार की त्वरित कार्रवाई</strong>

हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब सरकार ने <strong>तुरंत और सहानुभूति के साथ</strong> बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए कदम उठाए हैं।
<ul>
 	<li>अब तक <strong>22,000 </strong><strong>से अधिक लोगों</strong> को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।</li>
 	<li>राज्यभर में <strong>200 </strong><strong>राहत शिविर</strong> बनाए गए हैं, जहां <strong>7,000 </strong><strong>से ज्यादा लोग</strong> रह रहे हैं और उन्हें भोजन व चिकित्सा सुविधा दी जा रही है।</li>
 	<li><strong>24 </strong><strong>एनडीआरएफ (</strong><strong>NDRF)</strong> और <strong>2 </strong><strong>एसडीआरएफ (</strong><strong>SDRF)</strong> टीमें बचाव कार्यों में लगी हुई हैं।</li>
 	<li>राहत कार्यों के लिए <strong>144 </strong><strong>नावें</strong> और <strong>1 </strong><strong>सरकारी हेलीकॉप्टर</strong> तैनात किया गया है।</li>
</ul>
उन्होंने कहा कि <strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान</strong>, कैबिनेट मंत्री, आम आदमी पार्टी के सांसद, विधायक और वरिष्ठ कार्यकर्ता <strong>जमीनी स्तर पर खुद राहत कार्यों में जुटे हुए हैं</strong>। सरकारी विभाग, ग्राम पंचायतें और <strong>NGOs</strong> मिलकर प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं।

<strong>राहत के लिए फंड और योगदान</strong>
<ul>
 	<li><strong>राजस्व विभाग</strong> ने राहत कार्यों के लिए <strong>71 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> जारी किए हैं।</li>
 	<li><strong>मुख्यमंत्री राहत कोष</strong> में <strong>पूरी कैबिनेट और सभी विधायकों ने एक महीने का वेतन</strong> दान किया है।</li>
 	<li>पंजाब के <strong>लोकसभा और राज्यसभा सांसद</strong> अपने सांसद निधि (MP Fund) से अधिकतम राशि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दे रहे हैं।</li>
 	<li><strong>आबकारी और कराधान विभाग</strong> ने भी <strong>50 </strong><strong>लाख रुपये</strong> का योगदान किया है।</li>
</ul>
<strong>केंद्र सरकार से </strong><strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपये की मांग</strong>

चीमा ने कहा कि राज्य सरकार ने बाढ़ के मद्देनजर केंद्र सरकार से तुरंत मदद की गुहार लगाई है।
<ul>
 	<li><strong>31 </strong><strong>अगस्त</strong> को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पंजाब के <strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपये बकाया</strong> तुरंत जारी करने की मांग की थी।</li>
 	<li>यह राशि <strong>GST </strong><strong>मुआवजा</strong>, <strong>RDF </strong><strong>और </strong><strong>MDF </strong><strong>फंड</strong>, और <strong>प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (</strong><strong>PMGSY)</strong> से जुड़ी है।</li>
 	<li>मुख्यमंत्री ने <strong>SDRF </strong><strong>और </strong><strong>NDRF </strong><strong>के नियमों में संशोधन</strong> करने की भी मांग की, ताकि बाढ़ पीड़ितों को <strong>उचित मुआवजा</strong> मिल सके।</li>
</ul>
<strong>केंद्र सरकार पर आरोप और आलोचना</strong>

हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई और कई गंभीर आरोप लगाए:
<ul>
 	<li><strong>प्रधानमंत्री की चुप्पी:</strong>
<ul>
 	<li>मुख्यमंत्री के पत्र को <strong>25 </strong><strong>दिन बीत जाने के बाद भी</strong> कोई जवाब नहीं मिला है।</li>
 	<li>इसे <strong>बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और संवेदनहीन</strong> करार दिया।</li>
</ul>
</li>
 	<li><strong>अफगानिस्तान को मदद</strong><strong>, </strong><strong>पंजाब को नहीं:</strong>
<ul>
 	<li>चीमा ने सवाल उठाया कि <strong>तालिबान-शासित अफगानिस्तान</strong> को भूकंप राहत के लिए सहायता भेजी जा सकती है,
लेकिन अपने ही देश के पंजाब को <strong>उसी संवेदना के साथ मदद क्यों नहीं दी जा रही</strong>।</li>
</ul>
</li>
 	<li><strong>फोटो खिंचवाने के दौरे:</strong>
<ul>
 	<li>केंद्रीय मंत्री और टीमें पंजाब आती हैं, <strong>फोटो खिंचवाती हैं</strong>,
लेकिन <strong>कोई राहत पैकेज या आर्थिक सहायता घोषित नहीं करतीं</strong>।</li>
</ul>
</li>
 	<li><strong>अवैध खनन का मुद्दा:</strong>
<ul>
 	<li>केंद्र सरकार का यह दावा <strong>ग़लत और राजनीति से प्रेरित</strong> है कि पंजाब में बाढ़ <strong>अवैध खनन</strong> की वजह से आई।</li>
 	<li>चीमा ने कहा कि अगर ऐसा है, तो फिर केंद्र अन्य राज्यों में आई बाढ़ के कारण क्यों नहीं बताता।</li>
</ul>
</li>
</ul>
<strong>केंद्र पर संकीर्ण राजनीति का आरोप</strong>

चीमा ने कहा कि पंजाब ने देश के <strong>विकास और सुरक्षा</strong> के लिए हमेशा बलिदान दिया है, लेकिन
आज जब राज्य <strong>तबाही की घड़ी में खड़ा है</strong>, केंद्र मदद करने के बजाय
<strong>राजनीतिक खेल खेल रहा है</strong>।

उन्होंने साफ कहा कि यह समय राजनीति का नहीं बल्कि <strong>मिलकर काम करने का है</strong>,
ताकि बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाई जा सके।

<strong>जल्द होगी अंतिम रिपोर्ट</strong>
<ul>
 	<li>उन्होंने बताया कि अब तक केंद्र सरकार ने राज्य से <strong>कोई डेटा नहीं मांगा</strong> है।</li>
 	<li>राज्य सरकार पूरी तरह तैयार है, लेकिन
<strong>अंतिम नुकसान का आकलन</strong> तब ही हो पाएगा <strong>जब पानी पूरी तरह घट जाएगा</strong>।</li>
</ul>
<strong>वित्त मंत्री की अपील</strong>

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार से
<strong>तुरंत कदम उठाने की अपील</strong> की।

उन्होंने कहा कि केंद्र को चाहिए कि वह:
<ol>
 	<li>पंजाब के <strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपये बकाया</strong> तुरंत जारी करे।</li>
 	<li>बाढ़ राहत कार्यों के लिए <strong>राहत सामग्री और वित्तीय सहायता</strong> तुरंत भेजे।</li>
 	<li>पंजाब के लोगों को इस <strong>संवेदनशील समय में निराश न करे</strong>।</li>
</ol>
यह बाढ़ न केवल पंजाब के लिए बल्कि देश के लिए भी <strong>चिंता का विषय</strong> है।
राज्य सरकार ने राहत कार्यों में पूरी ताकत झोंक दी है, लेकिन
<strong>केंद्र की सक्रिय भागीदारी और सहयोग के बिना</strong> इस संकट से
पूरी तरह बाहर निकलना मुश्किल होगा।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब में आई भयावह बाढ़ ने राज्य में चारों तरफ तबाही मचा दी है। लगातार हो रही भारी बारिश और पड़ोसी पहाड़ी राज्यों से पानी आने के कारण हालात और बिगड़ गए हैं। पंजाब के वित्त मंत्री <strong>एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा</strong> ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि यह बाढ़ पिछले <strong>50 </strong><strong>सालों में सबसे भयानक</strong> है। उन्होंने बताया कि अब तक <strong>2,000 </strong><strong>गांव</strong> पूरी तरह प्रभावित हुए हैं और <strong>4 </strong><strong>लाख से ज्यादा लोग</strong> इसकी चपेट में आए हैं।

बाढ़ की वजह से <strong>14 </strong><strong>जिलों</strong> में अब तक <strong>43 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है। वहीं, राज्य की रीढ़ माने जाने वाले <strong>कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान</strong> हुआ है। <strong>18 </strong><strong>जिलों में करीब </strong><strong>1.72 </strong><strong>लाख हेक्टेयर कृषि भूमि</strong> पानी में डूब गई है। इसके अलावा, हजारों <strong>घर</strong>, <strong>पशु</strong>, और <strong>सार्वजनिक ढांचा (</strong><strong>public infrastructure)</strong> जैसे सड़कें और पुल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। <strong>घग्गर नदी</strong> का जल स्तर <strong>750 </strong><strong>फीट</strong> के खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे कई इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं।

<strong>बाढ़ राहत में पंजाब सरकार की त्वरित कार्रवाई</strong>

हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब सरकार ने <strong>तुरंत और सहानुभूति के साथ</strong> बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए कदम उठाए हैं।
<ul>
 	<li>अब तक <strong>22,000 </strong><strong>से अधिक लोगों</strong> को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।</li>
 	<li>राज्यभर में <strong>200 </strong><strong>राहत शिविर</strong> बनाए गए हैं, जहां <strong>7,000 </strong><strong>से ज्यादा लोग</strong> रह रहे हैं और उन्हें भोजन व चिकित्सा सुविधा दी जा रही है।</li>
 	<li><strong>24 </strong><strong>एनडीआरएफ (</strong><strong>NDRF)</strong> और <strong>2 </strong><strong>एसडीआरएफ (</strong><strong>SDRF)</strong> टीमें बचाव कार्यों में लगी हुई हैं।</li>
 	<li>राहत कार्यों के लिए <strong>144 </strong><strong>नावें</strong> और <strong>1 </strong><strong>सरकारी हेलीकॉप्टर</strong> तैनात किया गया है।</li>
</ul>
उन्होंने कहा कि <strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान</strong>, कैबिनेट मंत्री, आम आदमी पार्टी के सांसद, विधायक और वरिष्ठ कार्यकर्ता <strong>जमीनी स्तर पर खुद राहत कार्यों में जुटे हुए हैं</strong>। सरकारी विभाग, ग्राम पंचायतें और <strong>NGOs</strong> मिलकर प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं।

<strong>राहत के लिए फंड और योगदान</strong>
<ul>
 	<li><strong>राजस्व विभाग</strong> ने राहत कार्यों के लिए <strong>71 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> जारी किए हैं।</li>
 	<li><strong>मुख्यमंत्री राहत कोष</strong> में <strong>पूरी कैबिनेट और सभी विधायकों ने एक महीने का वेतन</strong> दान किया है।</li>
 	<li>पंजाब के <strong>लोकसभा और राज्यसभा सांसद</strong> अपने सांसद निधि (MP Fund) से अधिकतम राशि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दे रहे हैं।</li>
 	<li><strong>आबकारी और कराधान विभाग</strong> ने भी <strong>50 </strong><strong>लाख रुपये</strong> का योगदान किया है।</li>
</ul>
<strong>केंद्र सरकार से </strong><strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपये की मांग</strong>

चीमा ने कहा कि राज्य सरकार ने बाढ़ के मद्देनजर केंद्र सरकार से तुरंत मदद की गुहार लगाई है।
<ul>
 	<li><strong>31 </strong><strong>अगस्त</strong> को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पंजाब के <strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपये बकाया</strong> तुरंत जारी करने की मांग की थी।</li>
 	<li>यह राशि <strong>GST </strong><strong>मुआवजा</strong>, <strong>RDF </strong><strong>और </strong><strong>MDF </strong><strong>फंड</strong>, और <strong>प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (</strong><strong>PMGSY)</strong> से जुड़ी है।</li>
 	<li>मुख्यमंत्री ने <strong>SDRF </strong><strong>और </strong><strong>NDRF </strong><strong>के नियमों में संशोधन</strong> करने की भी मांग की, ताकि बाढ़ पीड़ितों को <strong>उचित मुआवजा</strong> मिल सके।</li>
</ul>
<strong>केंद्र सरकार पर आरोप और आलोचना</strong>

हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई और कई गंभीर आरोप लगाए:
<ul>
 	<li><strong>प्रधानमंत्री की चुप्पी:</strong>
<ul>
 	<li>मुख्यमंत्री के पत्र को <strong>25 </strong><strong>दिन बीत जाने के बाद भी</strong> कोई जवाब नहीं मिला है।</li>
 	<li>इसे <strong>बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और संवेदनहीन</strong> करार दिया।</li>
</ul>
</li>
 	<li><strong>अफगानिस्तान को मदद</strong><strong>, </strong><strong>पंजाब को नहीं:</strong>
<ul>
 	<li>चीमा ने सवाल उठाया कि <strong>तालिबान-शासित अफगानिस्तान</strong> को भूकंप राहत के लिए सहायता भेजी जा सकती है,
लेकिन अपने ही देश के पंजाब को <strong>उसी संवेदना के साथ मदद क्यों नहीं दी जा रही</strong>।</li>
</ul>
</li>
 	<li><strong>फोटो खिंचवाने के दौरे:</strong>
<ul>
 	<li>केंद्रीय मंत्री और टीमें पंजाब आती हैं, <strong>फोटो खिंचवाती हैं</strong>,
लेकिन <strong>कोई राहत पैकेज या आर्थिक सहायता घोषित नहीं करतीं</strong>।</li>
</ul>
</li>
 	<li><strong>अवैध खनन का मुद्दा:</strong>
<ul>
 	<li>केंद्र सरकार का यह दावा <strong>ग़लत और राजनीति से प्रेरित</strong> है कि पंजाब में बाढ़ <strong>अवैध खनन</strong> की वजह से आई।</li>
 	<li>चीमा ने कहा कि अगर ऐसा है, तो फिर केंद्र अन्य राज्यों में आई बाढ़ के कारण क्यों नहीं बताता।</li>
</ul>
</li>
</ul>
<strong>केंद्र पर संकीर्ण राजनीति का आरोप</strong>

चीमा ने कहा कि पंजाब ने देश के <strong>विकास और सुरक्षा</strong> के लिए हमेशा बलिदान दिया है, लेकिन
आज जब राज्य <strong>तबाही की घड़ी में खड़ा है</strong>, केंद्र मदद करने के बजाय
<strong>राजनीतिक खेल खेल रहा है</strong>।

उन्होंने साफ कहा कि यह समय राजनीति का नहीं बल्कि <strong>मिलकर काम करने का है</strong>,
ताकि बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाई जा सके।

<strong>जल्द होगी अंतिम रिपोर्ट</strong>
<ul>
 	<li>उन्होंने बताया कि अब तक केंद्र सरकार ने राज्य से <strong>कोई डेटा नहीं मांगा</strong> है।</li>
 	<li>राज्य सरकार पूरी तरह तैयार है, लेकिन
<strong>अंतिम नुकसान का आकलन</strong> तब ही हो पाएगा <strong>जब पानी पूरी तरह घट जाएगा</strong>।</li>
</ul>
<strong>वित्त मंत्री की अपील</strong>

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार से
<strong>तुरंत कदम उठाने की अपील</strong> की।

उन्होंने कहा कि केंद्र को चाहिए कि वह:
<ol>
 	<li>पंजाब के <strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपये बकाया</strong> तुरंत जारी करे।</li>
 	<li>बाढ़ राहत कार्यों के लिए <strong>राहत सामग्री और वित्तीय सहायता</strong> तुरंत भेजे।</li>
 	<li>पंजाब के लोगों को इस <strong>संवेदनशील समय में निराश न करे</strong>।</li>
</ol>
यह बाढ़ न केवल पंजाब के लिए बल्कि देश के लिए भी <strong>चिंता का विषय</strong> है।
राज्य सरकार ने राहत कार्यों में पूरी ताकत झोंक दी है, लेकिन
<strong>केंद्र की सक्रिय भागीदारी और सहयोग के बिना</strong> इस संकट से
पूरी तरह बाहर निकलना मुश्किल होगा।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Punjab की Agriculture संकट में: बाढ़ से 4 Lakh Acres जमीन डूबी, Agriculture Minister ने Centre से Financial मदद की मांग</title>
		<link>https://trendstopic.in/punjabs-agriculture-in-crisis-4-lakh-acres-submerged-due-to-floods-agriculture-minister-seeks-financial-aid-from-centre/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Sep 2025 04:45:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AgricultureCrisis]]></category>
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		<category><![CDATA[FarmersRelief]]></category>
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		<category><![CDATA[ReliefPackage]]></category>
		<category><![CDATA[RuralEconomy]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब इस समय एक बड़ी प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने न सिर्फ किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है, बल्कि पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, लगभग <strong>4 </strong><strong>लाख एकड़ कृषि भूमि</strong> पानी में डूब गई है। इस तबाही ने किसानों के साथ-साथ देश के <strong>अन्न भंडार</strong> को भी संकट में डाल दिया है।

राज्य के <strong>कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां</strong> ने आज केंद्रीय कृषि मंत्री <strong>शिवराज सिंह चौहान</strong> से मुलाकात कर बाढ़ से निपटने के लिए <strong>तत्काल वित्तीय राहत</strong> और एक <strong>विशेष आर्थिक पैकेज</strong> की मांग की। साथ ही, उन्होंने बाढ़ प्रभावित किसानों को दिए जाने वाले <strong>मुआवजे</strong> को बढ़ाने की भी अपील की।

<strong>अमृतसर</strong><strong>, </strong><strong>गुरदासपुर और कपूरथला का दौरा</strong>

गुरमीत सिंह खुड्डियां ने केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ मिलकर <strong>अमृतसर</strong><strong>, </strong><strong>गुरदासपुर और कपूरथला</strong> जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने प्रभावित किसानों से मुलाकात की और उनके हालात का जायजा लिया।
अमृतसर के <strong>श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे</strong> पर पहुंचने पर कृषि मंत्री ने शिवराज सिंह चौहान का स्वागत किया।

दौरे के दौरान खुड्डियां ने बाढ़ से हुई तबाही का विस्तार से ब्यौरा दिया और बताया कि फसल कटाई का सीजन आने ही वाला था, ऐसे में खासतौर पर <strong>धान की फसल</strong> को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और राज्य की <strong>कृषि अर्थव्यवस्था</strong> गहरे संकट में चली गई है।

<strong>पशुधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर</strong>

खड्डियां ने बताया कि बाढ़ ने सिर्फ खेतों को ही नहीं, बल्कि <strong>पशुधन</strong> को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में मवेशी बह गए या बीमार हो गए हैं। इसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ा है, जो पहले से ही कमजोर स्थिति में है।

उन्होंने कहा,

<em>"</em><em>पंजाब देश की खाद्य सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन इस बाढ़ ने न सिर्फ फसलों को तबाह किया है</em><em>, </em><em>बल्कि कृषि से जुड़ी बुनियादी ढांचे और ग्रामीण जीवन पर भी गहरा असर डाला है। ऐसे में राज्य को फिर से खड़ा करने के लिए केंद्र सरकार की मदद बेहद जरूरी है।"</em>

<strong>मुआवजे को </strong><strong>50,000 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़ करने की मांग</strong>

वर्तमान में किसानों को फसलों के नुकसान पर <strong>6,800 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़</strong> का मुआवजा दिया जा रहा है। लेकिन किसानों का कहना है कि यह राशि उनके असली नुकसान की तुलना में बेहद कम है।
इस पर खुड्डियां ने कहा कि यह मुआवजा <strong>कम से कम </strong><strong>50,000 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़</strong> किया जाना चाहिए ताकि किसान अपने खेतों को फिर से संभाल सकें और अगली फसल की तैयारी कर सकें।

<strong>ग्रामीण विकास और मार्केट विकास फंड की मांग</strong>

गुरमीत सिंह खुड्डियां ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब का <strong>ग्रामीण विकास फंड (</strong><strong>RDF)</strong> और <strong>मार्केट विकास फंड (</strong><strong>MDF)</strong> का लगभग <strong>8,000 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> रोक रखा है। उन्होंने मांग की कि इस राशि को तुरंत जारी किया जाए ताकि राज्य में राहत कार्य और पुनर्निर्माण का काम तेजी से हो सके।

<strong>पंजाब के लिए विशेष पैकेज की जरूरत</strong>

कृषि मंत्री ने कहा कि पंजाब की स्थिति बेहद गंभीर है और इसे सामान्य करने के लिए <strong>विशेष आर्थिक पैकेज</strong> की सख्त जरूरत है।
उन्होंने यह भी बताया कि यह पैकेज न केवल फसलों और किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए जरूरी है, बल्कि <strong>कृषि बुनियादी ढांचे</strong> को दोबारा खड़ा करने और <strong>ग्रामीण अर्थव्यवस्था</strong> को संभालने के लिए भी आवश्यक है।

<strong>देश का अन्न भंडार संकट में</strong>

पंजाब देश का प्रमुख <strong>अन्न उत्पादक राज्य</strong> है और केंद्र के <strong>फूड पूल</strong> में सबसे ज्यादा योगदान देता है। लेकिन बाढ़ के कारण धान और अन्य फसलों की बर्बादी से देश की <strong>खाद्य सुरक्षा</strong> पर भी असर पड़ सकता है।

खुड्डियां ने चेतावनी दी कि अगर स्थिति को जल्द नहीं संभाला गया तो पंजाब के किसान गहरे आर्थिक संकट में चले जाएंगे, जिससे पूरे देश की खाद्य आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
पंजाब में बाढ़ की तबाही से लाखों किसान बर्बाद हो चुके हैं। राज्य सरकार ने केंद्र से तत्काल मदद की मांग की है। अब यह देखना होगा कि केंद्र सरकार कितनी जल्दी और कितनी मदद देती है ताकि पंजाब के किसान फिर से अपने पैरों पर खड़े हो सकें।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब इस समय एक बड़ी प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने न सिर्फ किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है, बल्कि पूरे राज्य की अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, लगभग <strong>4 </strong><strong>लाख एकड़ कृषि भूमि</strong> पानी में डूब गई है। इस तबाही ने किसानों के साथ-साथ देश के <strong>अन्न भंडार</strong> को भी संकट में डाल दिया है।

राज्य के <strong>कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां</strong> ने आज केंद्रीय कृषि मंत्री <strong>शिवराज सिंह चौहान</strong> से मुलाकात कर बाढ़ से निपटने के लिए <strong>तत्काल वित्तीय राहत</strong> और एक <strong>विशेष आर्थिक पैकेज</strong> की मांग की। साथ ही, उन्होंने बाढ़ प्रभावित किसानों को दिए जाने वाले <strong>मुआवजे</strong> को बढ़ाने की भी अपील की।

<strong>अमृतसर</strong><strong>, </strong><strong>गुरदासपुर और कपूरथला का दौरा</strong>

गुरमीत सिंह खुड्डियां ने केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ मिलकर <strong>अमृतसर</strong><strong>, </strong><strong>गुरदासपुर और कपूरथला</strong> जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने प्रभावित किसानों से मुलाकात की और उनके हालात का जायजा लिया।
अमृतसर के <strong>श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे</strong> पर पहुंचने पर कृषि मंत्री ने शिवराज सिंह चौहान का स्वागत किया।

दौरे के दौरान खुड्डियां ने बाढ़ से हुई तबाही का विस्तार से ब्यौरा दिया और बताया कि फसल कटाई का सीजन आने ही वाला था, ऐसे में खासतौर पर <strong>धान की फसल</strong> को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और राज्य की <strong>कृषि अर्थव्यवस्था</strong> गहरे संकट में चली गई है।

<strong>पशुधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर</strong>

खड्डियां ने बताया कि बाढ़ ने सिर्फ खेतों को ही नहीं, बल्कि <strong>पशुधन</strong> को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में मवेशी बह गए या बीमार हो गए हैं। इसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ा है, जो पहले से ही कमजोर स्थिति में है।

उन्होंने कहा,

<em>"</em><em>पंजाब देश की खाद्य सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन इस बाढ़ ने न सिर्फ फसलों को तबाह किया है</em><em>, </em><em>बल्कि कृषि से जुड़ी बुनियादी ढांचे और ग्रामीण जीवन पर भी गहरा असर डाला है। ऐसे में राज्य को फिर से खड़ा करने के लिए केंद्र सरकार की मदद बेहद जरूरी है।"</em>

<strong>मुआवजे को </strong><strong>50,000 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़ करने की मांग</strong>

वर्तमान में किसानों को फसलों के नुकसान पर <strong>6,800 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़</strong> का मुआवजा दिया जा रहा है। लेकिन किसानों का कहना है कि यह राशि उनके असली नुकसान की तुलना में बेहद कम है।
इस पर खुड्डियां ने कहा कि यह मुआवजा <strong>कम से कम </strong><strong>50,000 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़</strong> किया जाना चाहिए ताकि किसान अपने खेतों को फिर से संभाल सकें और अगली फसल की तैयारी कर सकें।

<strong>ग्रामीण विकास और मार्केट विकास फंड की मांग</strong>

गुरमीत सिंह खुड्डियां ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब का <strong>ग्रामीण विकास फंड (</strong><strong>RDF)</strong> और <strong>मार्केट विकास फंड (</strong><strong>MDF)</strong> का लगभग <strong>8,000 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> रोक रखा है। उन्होंने मांग की कि इस राशि को तुरंत जारी किया जाए ताकि राज्य में राहत कार्य और पुनर्निर्माण का काम तेजी से हो सके।

<strong>पंजाब के लिए विशेष पैकेज की जरूरत</strong>

कृषि मंत्री ने कहा कि पंजाब की स्थिति बेहद गंभीर है और इसे सामान्य करने के लिए <strong>विशेष आर्थिक पैकेज</strong> की सख्त जरूरत है।
उन्होंने यह भी बताया कि यह पैकेज न केवल फसलों और किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए जरूरी है, बल्कि <strong>कृषि बुनियादी ढांचे</strong> को दोबारा खड़ा करने और <strong>ग्रामीण अर्थव्यवस्था</strong> को संभालने के लिए भी आवश्यक है।

<strong>देश का अन्न भंडार संकट में</strong>

पंजाब देश का प्रमुख <strong>अन्न उत्पादक राज्य</strong> है और केंद्र के <strong>फूड पूल</strong> में सबसे ज्यादा योगदान देता है। लेकिन बाढ़ के कारण धान और अन्य फसलों की बर्बादी से देश की <strong>खाद्य सुरक्षा</strong> पर भी असर पड़ सकता है।

खुड्डियां ने चेतावनी दी कि अगर स्थिति को जल्द नहीं संभाला गया तो पंजाब के किसान गहरे आर्थिक संकट में चले जाएंगे, जिससे पूरे देश की खाद्य आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
पंजाब में बाढ़ की तबाही से लाखों किसान बर्बाद हो चुके हैं। राज्य सरकार ने केंद्र से तत्काल मदद की मांग की है। अब यह देखना होगा कि केंद्र सरकार कितनी जल्दी और कितनी मदद देती है ताकि पंजाब के किसान फिर से अपने पैरों पर खड़े हो सकें।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>इधर Punjab में बाढ़ से हाहाकार, उधर CM Bhagwant Mann की तबीयत बिगड़ी, Arvind Kejriwal पहुंचे हालचाल जानने</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Sep 2025 08:02:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[ArvindKejriwal]]></category>
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		<category><![CDATA[SupportPunjab]]></category>
		<category><![CDATA[update]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> की आज सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। लगातार कई दिनों से बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने और राहत कार्यों की निगरानी करने के कारण उनकी तबीयत खराब हो गई। जैसे ही ये खबर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री <strong>अरविंद केजरीवाल</strong> को मिली, वह तुरंत भगवंत मान के घर पहुंचे और उनका हालचाल जाना।
<h3><strong>लगातार बाढ़ राहत कार्यों में जुटे थे मुख्यमंत्री</strong></h3>
हाल ही में पंजाब के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। कई गांव पानी में डूब गए हैं, फसलें बर्बाद हो गई हैं और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।
<ul>
 	<li>मुख्यमंत्री भगवंत मान पिछले कई दिनों से लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे थे।</li>
 	<li>उन्होंने <strong>3 </strong><strong>सितंबर को फिरोजपुर जिले</strong> के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और वहां के लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।</li>
 	<li>सीएम खुद राहत कार्यों की निगरानी कर रहे थे और अधिकारियों को लगातार निर्देश दे रहे थे।</li>
 	<li>लगातार दौरे और मेहनत के कारण उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।</li>
</ul>
<h3><strong>सोशल मीडिया पर मदद की अपील</strong></h3>
मुख्यमंत्री मान ने <strong>3 </strong><strong>सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (</strong><strong>पहले ट्विटर)</strong> पर पोस्ट कर पंजाब की जनता और देशवासियों से मदद की अपील की।
उन्होंने लिखा:

<em>"</em><em>पंजाब हर मुश्किल घड़ी में हमेशा सबके साथ खड़ा रहा है। आज जब पंजाब इस प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है, </em><em>तब हम सबको मिलकर एक-दूसरे का सहारा बनना चाहिए।"</em>

उन्होंने लोगों से बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए <strong>मुख्यमंत्री राहत कोष (CM Relief Fund)</strong> में आर्थिक योगदान करने की अपील की।
<ul>
 	<li>इसके लिए उन्होंने <strong>QR </strong><strong>कोड</strong> और <strong>बैंक खाता नंबर</strong> भी शेयर किया।</li>
 	<li>उन्होंने कहा कि लोग अपने सामर्थ्य के अनुसार राशि भेजकर इस संकट की घड़ी में मदद करें।</li>
 	<li>भगवंत मान का कहना था कि यह समय कठिन जरूर है, लेकिन एक-दूसरे का साथ देकर इसे पार किया जा सकता है।</li>
</ul>
<h3><strong>इंटरव्यू में जताया भरोसा</strong></h3>
<strong>इंडिया टुडे</strong> को दिए गए एक इंटरव्यू में भगवंत मान ने पंजाब की जज़्बे और एकजुटता की तारीफ की। उन्होंने कहा:
<ul>
 	<li><em>"</em><em>पंजाब कई बार गिरा है, </em><em>लेकिन हर बार उठ खड़ा हुआ है। हर मुश्किल का सामना हमने मिलकर किया है और इस बार भी करेंगे।"</em></li>
 	<li>उन्होंने तुर्किए (Turkey) में आई प्राकृतिक आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी पंजाबी वहां जाकर <strong>लंगर चलाते</strong> थे और मदद करते थे।</li>
 	<li>उन्होंने बताया कि इस बार भी पंजाब के लोग ट्रॉली, राशन और जरूरी सामान लेकर बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।</li>
 	<li><em>"</em><em>पानी अभी भी काफी आ रहा है, </em><em>लेकिन लोग हिम्मत नहीं हार रहे। सब एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं,"</em> उन्होंने कहा।</li>
</ul>
<h3><strong>सरकार की ओर से लगातार राहत कार्य</strong></h3>
पंजाब सरकार ने बाढ़ राहत और पुनर्वास के लिए <strong>71 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> की राशि जारी की है।
<ul>
 	<li>पहले <strong>50 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> जारी किए गए थे।</li>
 	<li>इसके बाद 12 सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों के लिए अतिरिक्त <strong>50 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> को मंजूरी दी गई।</li>
 	<li>सरकार लगातार राहत कैंप चला रही है और अब तक <strong>20,000 </strong><strong>से ज्यादा लोगों</strong> को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है।</li>
 	<li><strong>174 </strong><strong>राहत कैंपों</strong> में करीब <strong>5,167 </strong><strong>लोग</strong> रह रहे हैं।</li>
</ul>
<h3><strong>केजरीवाल ने की मुलाकात, </strong><strong>दी आराम करने की सलाह</strong></h3>
सीएम भगवंत मान की तबीयत बिगड़ने की खबर सुनते ही अरविंद केजरीवाल तुरंत पंजाब पहुंचे। उन्होंने मान से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
<ul>
 	<li>केजरीवाल ने उन्हें आराम करने की सलाह दी।</li>
 	<li>साथ ही भरोसा दिलाया कि पार्टी और सरकार मिलकर पंजाब के लोगों की मदद के लिए पूरी ताकत झोंक देगी।</li>
</ul>
<h3><strong>फिलहाल स्वास्थ्य स्थिर</strong></h3>
डॉक्टरों के मुताबिक, मुख्यमंत्री भगवंत मान की तबीयत फिलहाल स्थिर है और चिंता की कोई बात नहीं है।
उन्हें फिलहाल <strong>आराम करने की सलाह</strong> दी गई है ताकि वह जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर दोबारा राहत कार्यों की निगरानी कर सकें।

इस वक्त पंजाब में राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं और सरकार प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> की आज सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। लगातार कई दिनों से बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने और राहत कार्यों की निगरानी करने के कारण उनकी तबीयत खराब हो गई। जैसे ही ये खबर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री <strong>अरविंद केजरीवाल</strong> को मिली, वह तुरंत भगवंत मान के घर पहुंचे और उनका हालचाल जाना।
<h3><strong>लगातार बाढ़ राहत कार्यों में जुटे थे मुख्यमंत्री</strong></h3>
हाल ही में पंजाब के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। कई गांव पानी में डूब गए हैं, फसलें बर्बाद हो गई हैं और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।
<ul>
 	<li>मुख्यमंत्री भगवंत मान पिछले कई दिनों से लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे थे।</li>
 	<li>उन्होंने <strong>3 </strong><strong>सितंबर को फिरोजपुर जिले</strong> के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और वहां के लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।</li>
 	<li>सीएम खुद राहत कार्यों की निगरानी कर रहे थे और अधिकारियों को लगातार निर्देश दे रहे थे।</li>
 	<li>लगातार दौरे और मेहनत के कारण उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।</li>
</ul>
<h3><strong>सोशल मीडिया पर मदद की अपील</strong></h3>
मुख्यमंत्री मान ने <strong>3 </strong><strong>सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (</strong><strong>पहले ट्विटर)</strong> पर पोस्ट कर पंजाब की जनता और देशवासियों से मदद की अपील की।
उन्होंने लिखा:

<em>"</em><em>पंजाब हर मुश्किल घड़ी में हमेशा सबके साथ खड़ा रहा है। आज जब पंजाब इस प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है, </em><em>तब हम सबको मिलकर एक-दूसरे का सहारा बनना चाहिए।"</em>

उन्होंने लोगों से बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए <strong>मुख्यमंत्री राहत कोष (CM Relief Fund)</strong> में आर्थिक योगदान करने की अपील की।
<ul>
 	<li>इसके लिए उन्होंने <strong>QR </strong><strong>कोड</strong> और <strong>बैंक खाता नंबर</strong> भी शेयर किया।</li>
 	<li>उन्होंने कहा कि लोग अपने सामर्थ्य के अनुसार राशि भेजकर इस संकट की घड़ी में मदद करें।</li>
 	<li>भगवंत मान का कहना था कि यह समय कठिन जरूर है, लेकिन एक-दूसरे का साथ देकर इसे पार किया जा सकता है।</li>
</ul>
<h3><strong>इंटरव्यू में जताया भरोसा</strong></h3>
<strong>इंडिया टुडे</strong> को दिए गए एक इंटरव्यू में भगवंत मान ने पंजाब की जज़्बे और एकजुटता की तारीफ की। उन्होंने कहा:
<ul>
 	<li><em>"</em><em>पंजाब कई बार गिरा है, </em><em>लेकिन हर बार उठ खड़ा हुआ है। हर मुश्किल का सामना हमने मिलकर किया है और इस बार भी करेंगे।"</em></li>
 	<li>उन्होंने तुर्किए (Turkey) में आई प्राकृतिक आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी पंजाबी वहां जाकर <strong>लंगर चलाते</strong> थे और मदद करते थे।</li>
 	<li>उन्होंने बताया कि इस बार भी पंजाब के लोग ट्रॉली, राशन और जरूरी सामान लेकर बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।</li>
 	<li><em>"</em><em>पानी अभी भी काफी आ रहा है, </em><em>लेकिन लोग हिम्मत नहीं हार रहे। सब एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं,"</em> उन्होंने कहा।</li>
</ul>
<h3><strong>सरकार की ओर से लगातार राहत कार्य</strong></h3>
पंजाब सरकार ने बाढ़ राहत और पुनर्वास के लिए <strong>71 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> की राशि जारी की है।
<ul>
 	<li>पहले <strong>50 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> जारी किए गए थे।</li>
 	<li>इसके बाद 12 सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों के लिए अतिरिक्त <strong>50 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> को मंजूरी दी गई।</li>
 	<li>सरकार लगातार राहत कैंप चला रही है और अब तक <strong>20,000 </strong><strong>से ज्यादा लोगों</strong> को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है।</li>
 	<li><strong>174 </strong><strong>राहत कैंपों</strong> में करीब <strong>5,167 </strong><strong>लोग</strong> रह रहे हैं।</li>
</ul>
<h3><strong>केजरीवाल ने की मुलाकात, </strong><strong>दी आराम करने की सलाह</strong></h3>
सीएम भगवंत मान की तबीयत बिगड़ने की खबर सुनते ही अरविंद केजरीवाल तुरंत पंजाब पहुंचे। उन्होंने मान से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
<ul>
 	<li>केजरीवाल ने उन्हें आराम करने की सलाह दी।</li>
 	<li>साथ ही भरोसा दिलाया कि पार्टी और सरकार मिलकर पंजाब के लोगों की मदद के लिए पूरी ताकत झोंक देगी।</li>
</ul>
<h3><strong>फिलहाल स्वास्थ्य स्थिर</strong></h3>
डॉक्टरों के मुताबिक, मुख्यमंत्री भगवंत मान की तबीयत फिलहाल स्थिर है और चिंता की कोई बात नहीं है।
उन्हें फिलहाल <strong>आराम करने की सलाह</strong> दी गई है ताकि वह जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर दोबारा राहत कार्यों की निगरानी कर सकें।

इस वक्त पंजाब में राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं और सरकार प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Haryana में Yamuna का कहर: लगातार बढ़ रहा Water Level, 5 Districts में Alert; Delhi तक खतरे का अंदेशा</title>
		<link>https://trendstopic.in/yamunas-fury-in-haryana-water-level-rising-continuously-alert-in-5-districts-threat-looms-over-delhi/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 Sep 2025 05:52:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
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		<category><![CDATA[yamunariver]]></category>
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					<description><![CDATA[हरियाणा में यमुना नदी एक बार फिर रौद्र रूप में नजर आ रही है। 1 सितंबर को हथिनीकुंड बैराज (यमुनानगर) पर यमुना का जलस्तर <strong>लगातार 7 </strong><strong>घंटे तक 3 </strong><strong>लाख क्यूसेक से ऊपर</strong> बना रहा। दिन के समय यह आंकड़ा बढ़कर <strong>3,39,313 </strong><strong>क्यूसेक</strong> तक पहुंच गया। हालांकि शाम तक पानी थोड़ा घटकर <strong>2,63,317 </strong><strong>क्यूसेक</strong> रह गया।

नदी के इस उफान से <strong>यमुनानगर, </strong><strong>करनाल, </strong><strong>पानीपत, </strong><strong>सोनीपत और फरीदाबाद</strong> जिलों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। वहीं, दिल्ली के लिए भी खतरे की घंटी बज चुकी है क्योंकि हथिनीकुंड से छोड़ा गया पानी मंगलवार शाम तक दिल्ली पहुंच सकता है।
<h2>यमुना का इतिहास और बाढ़ का खतरा</h2>
आज़ादी के बाद से अब तक 7 बार ऐसा हुआ है जब यमुना का जलस्तर <strong>5 </strong><strong>लाख क्यूसेक से ज्यादा</strong> दर्ज किया गया। चौंकाने वाली बात ये है कि इन 7 में से 6 बार यह सितंबर में हुआ। इस बार भी सितंबर में ही यमुना का जलस्तर बढ़ने से हालात बिगड़ते दिख रहे हैं।

<strong>3 </strong><strong>सितंबर 1978</strong> को यमुना में सबसे भीषण बाढ़ आई थी। उस दिन पानी का फ्लो <strong>7,09,239 </strong><strong>क्यूसेक</strong> दर्ज हुआ और अंग्रेजों के जमाने में बना <strong>ताजेवाला हेडवर्क्स डैमेज</strong> हो गया। इसके बाद ताजेवाला को रिटायर कर दिया गया और 1999 में नया <strong>हथिनीकुंड बैराज</strong> बनाया गया जिसकी क्षमता ज्यादा है।
<h2>क्यों सितंबर में ही आती है तबाही?</h2>
विशेषज्ञों के मुताबिक यमुना नदी के सितंबर में उफान पर आने की ये 4 बड़ी वजहें हैं –
<ol>
 	<li>जुलाई-अगस्त में बारिश का पानी जमीन सोख लेती है, लेकिन सितंबर तक जमीन की प्यास खत्म हो जाती है। इसके बाद सारा पानी सीधे नदी में जाता है।</li>
 	<li>पहाड़ों पर <strong>heavy rainfall</strong> आमतौर पर अगस्त मध्य से सितंबर मध्य तक होती है।</li>
 	<li>यमुना की सहायक नदियां <strong>टोंस और गिरी</strong> इस समय पूरे वेग से बहती हैं।</li>
 	<li>उत्तराखंड और हिमाचल की बरसाती नदियां भी पूरी भर जाती हैं, जिससे नदी का जलस्तर और बढ़ जाता है।</li>
</ol>
<h2>पांच जिलों की स्थिति</h2>
<h3>यमुनानगर</h3>
<ul>
 	<li>कई जगह <strong>भूमि कटाव</strong> शुरू हो चुका है।</li>
 	<li><strong>रुकाली गांव</strong> में नदी का पानी श्मशान घाट का शेड बहा ले गया।</li>
 	<li><strong>लापरा गांव</strong> की सड़क पर पानी भर गया।</li>
 	<li>कई जगह बाढ़ रोकने के लिए लगाए गए <strong>पत्थर स्टड बह गए</strong>।</li>
 	<li>लगभग <strong>100 </strong><strong>एकड़ फसलें डूब गईं।</strong></li>
</ul>
<h3>करनाल</h3>
<ul>
 	<li>यमुना किनारे के <strong>20 </strong><strong>गांवों में बेचैनी</strong> है।</li>
 	<li>लोगों को डर है कि नदी का पानी कभी भी गांवों में घुस सकता है।</li>
 	<li>जुलाई 2023 और 2018 में भी यहां बाढ़ जैसे हालात बने थे।</li>
</ul>
<h3>पानीपत</h3>
<ul>
 	<li>यमुना किनारे के <strong>7 </strong><strong>गांव खतरे में</strong>।</li>
 	<li><strong>तामशाबाद की फसलें</strong> जलमग्न हो गईं।</li>
 	<li>2023 में यहां तटबंध टूटा था और बड़ा इलाका डूब गया था।</li>
 	<li>आमतौर पर यमुनानगर से पानी को यहां तक पहुंचने में <strong>36–48 </strong><strong>घंटे</strong> लगते हैं।</li>
</ul>
<h3>सोनीपत</h3>
<ul>
 	<li>गन्नौर से लेकर दिल्ली बॉर्डर तक <strong>30 </strong><strong>गांव</strong> नदी के किनारे बसे हैं।</li>
 	<li>सोमवार शाम तक कई गांवों के खेतों में पानी घुस गया।</li>
 	<li>खतरे वाले गांव – <strong>गन्नौर का पपनेरा, </strong><strong>राई के भैंरा व दहिसरा, </strong><strong>मुरथल के बख्ततावरपुर, </strong><strong>गढ़ी, </strong><strong>मेहंदीपुर और जैनपुर।</strong></li>
</ul>
<h3>फरीदाबाद</h3>
<ul>
 	<li>यमुना यहां लगभग <strong>30 </strong><strong>किलोमीटर</strong> के एरिया से गुजरती है।</li>
 	<li>17 गांव प्रभावित, जिनमें से 14 गांवों में गंभीर खतरा।</li>
 	<li><strong>बसंतपुर गांव</strong> – आबादी वाले इलाके में पानी घुस गया और <strong>200 </strong><strong>घर खाली कराए गए</strong>।</li>
 	<li>कई गांवों की <strong>250 </strong><strong>एकड़ फसलें डूब चुकी हैं।</strong></li>
</ul>
<h2>दिल्ली पर खतरा</h2>
हथिनीकुंड से छोड़ा गया पानी इस बार लगभग <strong>50 </strong><strong>घंटे</strong> में दिल्ली पहुंचेगा। इसका सीधा असर <strong>राजघाट और निचले इलाकों</strong> पर पड़ेगा। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।

कुल मिलाकर, यमुना नदी इस वक्त हरियाणा से लेकर दिल्ली तक खतरा पैदा कर रही है। किसानों की फसलें डूब रही हैं, गांवों में कटाव हो रहा है और हजारों लोगों को अपना घर खाली करना पड़ रहा है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[हरियाणा में यमुना नदी एक बार फिर रौद्र रूप में नजर आ रही है। 1 सितंबर को हथिनीकुंड बैराज (यमुनानगर) पर यमुना का जलस्तर <strong>लगातार 7 </strong><strong>घंटे तक 3 </strong><strong>लाख क्यूसेक से ऊपर</strong> बना रहा। दिन के समय यह आंकड़ा बढ़कर <strong>3,39,313 </strong><strong>क्यूसेक</strong> तक पहुंच गया। हालांकि शाम तक पानी थोड़ा घटकर <strong>2,63,317 </strong><strong>क्यूसेक</strong> रह गया।

नदी के इस उफान से <strong>यमुनानगर, </strong><strong>करनाल, </strong><strong>पानीपत, </strong><strong>सोनीपत और फरीदाबाद</strong> जिलों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। वहीं, दिल्ली के लिए भी खतरे की घंटी बज चुकी है क्योंकि हथिनीकुंड से छोड़ा गया पानी मंगलवार शाम तक दिल्ली पहुंच सकता है।
<h2>यमुना का इतिहास और बाढ़ का खतरा</h2>
आज़ादी के बाद से अब तक 7 बार ऐसा हुआ है जब यमुना का जलस्तर <strong>5 </strong><strong>लाख क्यूसेक से ज्यादा</strong> दर्ज किया गया। चौंकाने वाली बात ये है कि इन 7 में से 6 बार यह सितंबर में हुआ। इस बार भी सितंबर में ही यमुना का जलस्तर बढ़ने से हालात बिगड़ते दिख रहे हैं।

<strong>3 </strong><strong>सितंबर 1978</strong> को यमुना में सबसे भीषण बाढ़ आई थी। उस दिन पानी का फ्लो <strong>7,09,239 </strong><strong>क्यूसेक</strong> दर्ज हुआ और अंग्रेजों के जमाने में बना <strong>ताजेवाला हेडवर्क्स डैमेज</strong> हो गया। इसके बाद ताजेवाला को रिटायर कर दिया गया और 1999 में नया <strong>हथिनीकुंड बैराज</strong> बनाया गया जिसकी क्षमता ज्यादा है।
<h2>क्यों सितंबर में ही आती है तबाही?</h2>
विशेषज्ञों के मुताबिक यमुना नदी के सितंबर में उफान पर आने की ये 4 बड़ी वजहें हैं –
<ol>
 	<li>जुलाई-अगस्त में बारिश का पानी जमीन सोख लेती है, लेकिन सितंबर तक जमीन की प्यास खत्म हो जाती है। इसके बाद सारा पानी सीधे नदी में जाता है।</li>
 	<li>पहाड़ों पर <strong>heavy rainfall</strong> आमतौर पर अगस्त मध्य से सितंबर मध्य तक होती है।</li>
 	<li>यमुना की सहायक नदियां <strong>टोंस और गिरी</strong> इस समय पूरे वेग से बहती हैं।</li>
 	<li>उत्तराखंड और हिमाचल की बरसाती नदियां भी पूरी भर जाती हैं, जिससे नदी का जलस्तर और बढ़ जाता है।</li>
</ol>
<h2>पांच जिलों की स्थिति</h2>
<h3>यमुनानगर</h3>
<ul>
 	<li>कई जगह <strong>भूमि कटाव</strong> शुरू हो चुका है।</li>
 	<li><strong>रुकाली गांव</strong> में नदी का पानी श्मशान घाट का शेड बहा ले गया।</li>
 	<li><strong>लापरा गांव</strong> की सड़क पर पानी भर गया।</li>
 	<li>कई जगह बाढ़ रोकने के लिए लगाए गए <strong>पत्थर स्टड बह गए</strong>।</li>
 	<li>लगभग <strong>100 </strong><strong>एकड़ फसलें डूब गईं।</strong></li>
</ul>
<h3>करनाल</h3>
<ul>
 	<li>यमुना किनारे के <strong>20 </strong><strong>गांवों में बेचैनी</strong> है।</li>
 	<li>लोगों को डर है कि नदी का पानी कभी भी गांवों में घुस सकता है।</li>
 	<li>जुलाई 2023 और 2018 में भी यहां बाढ़ जैसे हालात बने थे।</li>
</ul>
<h3>पानीपत</h3>
<ul>
 	<li>यमुना किनारे के <strong>7 </strong><strong>गांव खतरे में</strong>।</li>
 	<li><strong>तामशाबाद की फसलें</strong> जलमग्न हो गईं।</li>
 	<li>2023 में यहां तटबंध टूटा था और बड़ा इलाका डूब गया था।</li>
 	<li>आमतौर पर यमुनानगर से पानी को यहां तक पहुंचने में <strong>36–48 </strong><strong>घंटे</strong> लगते हैं।</li>
</ul>
<h3>सोनीपत</h3>
<ul>
 	<li>गन्नौर से लेकर दिल्ली बॉर्डर तक <strong>30 </strong><strong>गांव</strong> नदी के किनारे बसे हैं।</li>
 	<li>सोमवार शाम तक कई गांवों के खेतों में पानी घुस गया।</li>
 	<li>खतरे वाले गांव – <strong>गन्नौर का पपनेरा, </strong><strong>राई के भैंरा व दहिसरा, </strong><strong>मुरथल के बख्ततावरपुर, </strong><strong>गढ़ी, </strong><strong>मेहंदीपुर और जैनपुर।</strong></li>
</ul>
<h3>फरीदाबाद</h3>
<ul>
 	<li>यमुना यहां लगभग <strong>30 </strong><strong>किलोमीटर</strong> के एरिया से गुजरती है।</li>
 	<li>17 गांव प्रभावित, जिनमें से 14 गांवों में गंभीर खतरा।</li>
 	<li><strong>बसंतपुर गांव</strong> – आबादी वाले इलाके में पानी घुस गया और <strong>200 </strong><strong>घर खाली कराए गए</strong>।</li>
 	<li>कई गांवों की <strong>250 </strong><strong>एकड़ फसलें डूब चुकी हैं।</strong></li>
</ul>
<h2>दिल्ली पर खतरा</h2>
हथिनीकुंड से छोड़ा गया पानी इस बार लगभग <strong>50 </strong><strong>घंटे</strong> में दिल्ली पहुंचेगा। इसका सीधा असर <strong>राजघाट और निचले इलाकों</strong> पर पड़ेगा। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।

कुल मिलाकर, यमुना नदी इस वक्त हरियाणा से लेकर दिल्ली तक खतरा पैदा कर रही है। किसानों की फसलें डूब रही हैं, गांवों में कटाव हो रहा है और हजारों लोगों को अपना घर खाली करना पड़ रहा है।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Jammu-Kashmir में बारिश ने मचाई तबाही: Reasi में Landslide से 7 की मौत, Ramban में बादल फटने से 10 लोगों की जान गई</title>
		<link>https://trendstopic.in/jammu-and-kashmir-rain-havoc-7-dead-in-reasi-landslide-10-killed-in-ramban-cloudburst/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 30 Aug 2025 07:59:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jammu & Kashmir]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[Cloudburst]]></category>
		<category><![CDATA[FlashFlood]]></category>
		<category><![CDATA[FloodDisaster]]></category>
		<category><![CDATA[HeavyRain]]></category>
		<category><![CDATA[JammuKashmir]]></category>
		<category><![CDATA[Landslide]]></category>
		<category><![CDATA[NaturalDisaster]]></category>
		<category><![CDATA[RainHavoc]]></category>
		<category><![CDATA[RambanCloudburst]]></category>
		<category><![CDATA[ReasiLandslide]]></category>
		<category><![CDATA[TragicLoss]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://trendstopic.in/?p=25090</guid>

					<description><![CDATA[जम्मू-कश्मीर में इस वक्त भारी बारिश ने हाहाकार मचा रखा है। जगह-जगह भूस्खलन (landslide) और बादल फटने (cloudburst) की घटनाओं ने आम लोगों की जिंदगी मुश्किल बना दी है। अगस्त 2025 का महीना राज्य के लिए बेहद दर्दनाक साबित हो रहा है। पिछले एक हफ्ते में अलग-अलग घटनाओं में 36 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और कई परिवार बेघर हो गए हैं।

<strong>रियासी में भूस्खलन से एक ही परिवार खत्म</strong>

रियासी जिले के बदड़ माहौर इलाके में शनिवार को भारी बारिश के कारण पहाड़ दरक गया और उसका मलबा एक कच्चे मकान पर आ गिरा। इस हादसे में एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पति, पत्नी और उनके 5 मासूम बच्चे शामिल हैं।
मृतकों की पहचान इस तरह हुई है:
<ol>
 	<li>नजीर अहमद (38 वर्ष)</li>
 	<li>पत्नी वजीरा बेगम (35 वर्ष)</li>
 	<li>बेटा बिलाल (13 वर्ष)</li>
 	<li>बेटा मोहम्मद मुस्तफा (11 वर्ष)</li>
 	<li>बेटा मोहम्मद आदिल (8 वर्ष)</li>
 	<li>बेटा मोहम्मद मुबारक (6 वर्ष)</li>
 	<li>बेटा मोहम्मद वसीम (5 वर्ष)</li>
</ol>
यह घटना पूरे इलाके के लिए गहरी त्रासदी है क्योंकि एक ही परिवार के सातों लोग मलबे में दबकर मौत के शिकार हो गए।

<strong>रामबन में बादल फटा</strong><strong>, </strong><strong>कई घर बहे</strong>

रामबन जिले के राजगढ़ क्षेत्र में ऊपरी इलाकों में बादल फटने से अचानक बाढ़ (flash flood) आ गई। इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता हैं। कई घर पानी में बह गए और कुछ को गंभीर नुकसान पहुँचा है।

प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया है। लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार जुटी हैं। वहीं प्रभावित लोगों को अस्थायी राहत शिविरों में खाना, पानी और ठहरने की व्यवस्था दी जा रही है।

<strong>किश्तवाड़ में </strong><strong>60 </strong><strong>मौतें</strong>

इससे पहले 14 अगस्त को किश्तवाड़ जिले के चिशोटी गांव में भीषण क्लाउडबर्स्ट हुआ था। यह गांव माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर समुद्र तल से करीब 9,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। क्लाउडबर्स्ट की वजह से आए तेज बहाव ने श्रद्धालुओं के कैंप, घर और पुल बहा दिए। इस हादसे में करीब 60 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल और लापता हो गए।

<strong>अगस्त महीने में अब तक का हाल</strong>
<ul>
 	<li>रियासी और डोडा जिलों में 9 मौतें दर्ज की गईं।</li>
 	<li>जम्मू, सांबा, कठुआ, रियासी और डोडा जिलों में भारी नुकसान हुआ।</li>
 	<li>अकेले अगस्त महीने में 36 से ज्यादा लोगों की जान गई।</li>
 	<li>कई गांवों में भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है।</li>
</ul>
<strong>प्रशासन की अपील</strong>

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नदियों और नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और सतर्क रहें। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमें प्रभावित इलाकों में भेजी जाएंगी।

<strong>क्या है क्लाउडबर्स्ट</strong><strong>?</strong>

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, जब किसी 20–30 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में एक घंटे में 10 सेंटीमीटर या उससे ज्यादा बारिश होती है, तो उसे <strong>क्लाउडबर्स्ट</strong> कहा जाता है। यह घटना खासतौर पर पहाड़ी इलाकों में होती है और इसके कारण फ्लैश फ्लड और भूस्खलन जैसी तबाही मचती है।

<strong>जलवायु परिवर्तन का असर</strong>

विशेषज्ञों का मानना है कि <strong>climate change</strong> की वजह से क्लाउडबर्स्ट और लैंडस्लाइड की घटनाएं पहले से ज्यादा बार और ज्यादा खतरनाक तरीके से हो रही हैं। इसका असर सीधे तौर पर पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है।

कुल मिलाकर, जम्मू-कश्मीर में इस वक्त हालात बेहद गंभीर हैं। रियासी, रामबन और किश्तवाड़ जैसी घटनाएं इस बात की गवाही देती हैं कि पहाड़ी राज्यों में बारिश का मौसम अब और भी खतरनाक होता जा रहा है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[जम्मू-कश्मीर में इस वक्त भारी बारिश ने हाहाकार मचा रखा है। जगह-जगह भूस्खलन (landslide) और बादल फटने (cloudburst) की घटनाओं ने आम लोगों की जिंदगी मुश्किल बना दी है। अगस्त 2025 का महीना राज्य के लिए बेहद दर्दनाक साबित हो रहा है। पिछले एक हफ्ते में अलग-अलग घटनाओं में 36 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और कई परिवार बेघर हो गए हैं।

<strong>रियासी में भूस्खलन से एक ही परिवार खत्म</strong>

रियासी जिले के बदड़ माहौर इलाके में शनिवार को भारी बारिश के कारण पहाड़ दरक गया और उसका मलबा एक कच्चे मकान पर आ गिरा। इस हादसे में एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पति, पत्नी और उनके 5 मासूम बच्चे शामिल हैं।
मृतकों की पहचान इस तरह हुई है:
<ol>
 	<li>नजीर अहमद (38 वर्ष)</li>
 	<li>पत्नी वजीरा बेगम (35 वर्ष)</li>
 	<li>बेटा बिलाल (13 वर्ष)</li>
 	<li>बेटा मोहम्मद मुस्तफा (11 वर्ष)</li>
 	<li>बेटा मोहम्मद आदिल (8 वर्ष)</li>
 	<li>बेटा मोहम्मद मुबारक (6 वर्ष)</li>
 	<li>बेटा मोहम्मद वसीम (5 वर्ष)</li>
</ol>
यह घटना पूरे इलाके के लिए गहरी त्रासदी है क्योंकि एक ही परिवार के सातों लोग मलबे में दबकर मौत के शिकार हो गए।

<strong>रामबन में बादल फटा</strong><strong>, </strong><strong>कई घर बहे</strong>

रामबन जिले के राजगढ़ क्षेत्र में ऊपरी इलाकों में बादल फटने से अचानक बाढ़ (flash flood) आ गई। इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता हैं। कई घर पानी में बह गए और कुछ को गंभीर नुकसान पहुँचा है।

प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया है। लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार जुटी हैं। वहीं प्रभावित लोगों को अस्थायी राहत शिविरों में खाना, पानी और ठहरने की व्यवस्था दी जा रही है।

<strong>किश्तवाड़ में </strong><strong>60 </strong><strong>मौतें</strong>

इससे पहले 14 अगस्त को किश्तवाड़ जिले के चिशोटी गांव में भीषण क्लाउडबर्स्ट हुआ था। यह गांव माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर समुद्र तल से करीब 9,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। क्लाउडबर्स्ट की वजह से आए तेज बहाव ने श्रद्धालुओं के कैंप, घर और पुल बहा दिए। इस हादसे में करीब 60 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल और लापता हो गए।

<strong>अगस्त महीने में अब तक का हाल</strong>
<ul>
 	<li>रियासी और डोडा जिलों में 9 मौतें दर्ज की गईं।</li>
 	<li>जम्मू, सांबा, कठुआ, रियासी और डोडा जिलों में भारी नुकसान हुआ।</li>
 	<li>अकेले अगस्त महीने में 36 से ज्यादा लोगों की जान गई।</li>
 	<li>कई गांवों में भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है।</li>
</ul>
<strong>प्रशासन की अपील</strong>

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नदियों और नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और सतर्क रहें। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमें प्रभावित इलाकों में भेजी जाएंगी।

<strong>क्या है क्लाउडबर्स्ट</strong><strong>?</strong>

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, जब किसी 20–30 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में एक घंटे में 10 सेंटीमीटर या उससे ज्यादा बारिश होती है, तो उसे <strong>क्लाउडबर्स्ट</strong> कहा जाता है। यह घटना खासतौर पर पहाड़ी इलाकों में होती है और इसके कारण फ्लैश फ्लड और भूस्खलन जैसी तबाही मचती है।

<strong>जलवायु परिवर्तन का असर</strong>

विशेषज्ञों का मानना है कि <strong>climate change</strong> की वजह से क्लाउडबर्स्ट और लैंडस्लाइड की घटनाएं पहले से ज्यादा बार और ज्यादा खतरनाक तरीके से हो रही हैं। इसका असर सीधे तौर पर पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है।

कुल मिलाकर, जम्मू-कश्मीर में इस वक्त हालात बेहद गंभीर हैं। रियासी, रामबन और किश्तवाड़ जैसी घटनाएं इस बात की गवाही देती हैं कि पहाड़ी राज्यों में बारिश का मौसम अब और भी खतरनाक होता जा रहा है।]]></content:encoded>
					
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