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	<title>Monsoon &#8211; Trends Topic</title>
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	<title>Monsoon &#8211; Trends Topic</title>
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	<item>
		<title>Chandigarh में लगातार बारिश से बढ़ा खतरा, Sukhna Lake का Water Level खतरे के निशान से ऊपर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 31 Aug 2025 11:24:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चंडीगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[chandigarh]]></category>
		<category><![CDATA[CityNews]]></category>
		<category><![CDATA[FloodAlert]]></category>
		<category><![CDATA[HeavyRain]]></category>
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		<category><![CDATA[SukhnaLake]]></category>
		<category><![CDATA[WeatherUpdate]]></category>
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					<description><![CDATA[पिछले कुछ दिनों से शहर और आसपास के इलाकों में हो रही लगातार बारिश अब लोगों के लिए परेशानी बन गई है। रविवार सुबह से ही <strong>रुक-रुक कर तेज़ बारिश</strong> हो रही है। इसकी वजह से <strong>सुखना लेक का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर</strong> पहुंच गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने <strong>फ्लड गेट खोलने का फैसला</strong> लिया है।
<h3>सुखना लेक से पानी छोड़ा गया</h3>
शुक्रवार को बारिश के बाद सुखना लेक का जलस्तर <strong>खतरे के निशान से करीब 1 </strong><strong>फुट ऊपर</strong> चला गया था। इसके बाद प्रशासन ने दोनों फ्लड गेट खोल दिए।
<ul>
 	<li>इससे पास के <strong>किशनपुरा गांव समेत कई इलाकों में पानी घुस गया।</strong></li>
 	<li>लोगों को घरों और खेतों में <strong>पानी भरने की समस्या</strong> झेलनी पड़ी।</li>
 	<li>करीब <strong>14 </strong><strong>घंटे बाद</strong> जलस्तर कम होने पर गेट बंद कर दिए गए थे।</li>
 	<li>पानी धीरे-धीरे उतरने लगा तो लोगों ने <strong>राहत की सांस</strong> ली।</li>
</ul>
लेकिन अब रविवार और सोमवार की बारिश ने फिर से हालात बिगाड़ दिए हैं। इस वजह से प्रशासन को <strong>फ्लड गेट दोबारा खोलने की तैयारी</strong> करनी पड़ रही है।
<h3>गांवों में अलर्ट</h3>
प्रशासन ने आसपास के गांवों को पहले ही <strong>अलर्ट पर रख दिया है</strong>। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे सतर्क रहें और अगर ज़रूरत हो तो <strong>सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट</strong> हो जाएं।
<h3>अगले 3 दिन का मौसम</h3>
मौसम विभाग के मुताबिक चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में अगले 3 दिन तक बारिश जारी रह सकती है।
<ul>
 	<li><strong>सोमवार</strong> → हल्की से मध्यम बारिश होगी, लेकिन उमस बनी रहेगी।</li>
 	<li><strong>मंगलवार</strong> → तेज़ बारिश की संभावना है, और तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है।</li>
 	<li><strong>बुधवार</strong> → आसमान में बादल छाए रहेंगे, बीच-बीच में बूंदाबांदी होगी।</li>
</ul>
<h3>चंडीगढ़ की तस्वीरें</h3>
&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25108" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/08/4-300x169.webp" alt="" width="801" height="451" />

&nbsp;
<ul>
 	<li>रविवार सुबह से लगातार हो रही बारिश की वजह से <strong>सड़कों पर पानी भर गया</strong>।</li>
</ul>
&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25109" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/08/1-300x169.webp" alt="" width="880" height="496" />

&nbsp;
<ul>
 	<li>कई इलाकों में <strong>ट्रैफिक स्लो</strong> हो गया।</li>
 	<li>लोग <strong>छतरी और रेनकोट</strong> के सहारे निकल रहे हैं।</li>
</ul>
&nbsp;

<img class="alignnone  wp-image-25110" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/08/WhatsApp-Image-2025-08-31-at-4.43.14-PM-300x169.webp" alt="" width="802" height="452" />

&nbsp;
<ul>
 	<li>सुखना लेक के किनारे पानी का स्तर काफी ऊपर दिखाई दे रहा है।</li>
</ul>
कुल मिलाकर, चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में मौसम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है, लेकिन आने वाले दिनों में तेज़ बारिश की वजह से हालात और बिगड़ सकते हैं।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पिछले कुछ दिनों से शहर और आसपास के इलाकों में हो रही लगातार बारिश अब लोगों के लिए परेशानी बन गई है। रविवार सुबह से ही <strong>रुक-रुक कर तेज़ बारिश</strong> हो रही है। इसकी वजह से <strong>सुखना लेक का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर</strong> पहुंच गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने <strong>फ्लड गेट खोलने का फैसला</strong> लिया है।
<h3>सुखना लेक से पानी छोड़ा गया</h3>
शुक्रवार को बारिश के बाद सुखना लेक का जलस्तर <strong>खतरे के निशान से करीब 1 </strong><strong>फुट ऊपर</strong> चला गया था। इसके बाद प्रशासन ने दोनों फ्लड गेट खोल दिए।
<ul>
 	<li>इससे पास के <strong>किशनपुरा गांव समेत कई इलाकों में पानी घुस गया।</strong></li>
 	<li>लोगों को घरों और खेतों में <strong>पानी भरने की समस्या</strong> झेलनी पड़ी।</li>
 	<li>करीब <strong>14 </strong><strong>घंटे बाद</strong> जलस्तर कम होने पर गेट बंद कर दिए गए थे।</li>
 	<li>पानी धीरे-धीरे उतरने लगा तो लोगों ने <strong>राहत की सांस</strong> ली।</li>
</ul>
लेकिन अब रविवार और सोमवार की बारिश ने फिर से हालात बिगाड़ दिए हैं। इस वजह से प्रशासन को <strong>फ्लड गेट दोबारा खोलने की तैयारी</strong> करनी पड़ रही है।
<h3>गांवों में अलर्ट</h3>
प्रशासन ने आसपास के गांवों को पहले ही <strong>अलर्ट पर रख दिया है</strong>। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे सतर्क रहें और अगर ज़रूरत हो तो <strong>सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट</strong> हो जाएं।
<h3>अगले 3 दिन का मौसम</h3>
मौसम विभाग के मुताबिक चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में अगले 3 दिन तक बारिश जारी रह सकती है।
<ul>
 	<li><strong>सोमवार</strong> → हल्की से मध्यम बारिश होगी, लेकिन उमस बनी रहेगी।</li>
 	<li><strong>मंगलवार</strong> → तेज़ बारिश की संभावना है, और तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है।</li>
 	<li><strong>बुधवार</strong> → आसमान में बादल छाए रहेंगे, बीच-बीच में बूंदाबांदी होगी।</li>
</ul>
<h3>चंडीगढ़ की तस्वीरें</h3>
&nbsp;

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&nbsp;
<ul>
 	<li>रविवार सुबह से लगातार हो रही बारिश की वजह से <strong>सड़कों पर पानी भर गया</strong>।</li>
</ul>
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&nbsp;
<ul>
 	<li>कई इलाकों में <strong>ट्रैफिक स्लो</strong> हो गया।</li>
 	<li>लोग <strong>छतरी और रेनकोट</strong> के सहारे निकल रहे हैं।</li>
</ul>
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&nbsp;
<ul>
 	<li>सुखना लेक के किनारे पानी का स्तर काफी ऊपर दिखाई दे रहा है।</li>
</ul>
कुल मिलाकर, चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में मौसम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है, लेकिन आने वाले दिनों में तेज़ बारिश की वजह से हालात और बिगड़ सकते हैं।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Minister and MLA Reach Flood-Hit Villages with Relief Material, Appeal to People to Move to Safer Places</title>
		<link>https://trendstopic.in/minister-and-mla-reach-flood-hit-villages-with-relief-material-appeal-to-people-to-move-to-safer-places/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 Aug 2025 04:16:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[DrBaljitKaur]]></category>
		<category><![CDATA[FazilkaFlood]]></category>
		<category><![CDATA[FloodAlert]]></category>
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		<category><![CDATA[StaySafe]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में लगातार हो रही बरसात और पहाड़ों से आ रहा तेज़ पानी फ़ाज़िल्का ज़िले में खतरा बढ़ा रहा है। इसी बीच, पंजाब की कैबिनेट मंत्री <strong>डॉ. बलजीत कौर</strong> और फ़ाज़िल्का के विधायक <strong>नरिंदर पाल सिंह सवना</strong> रविवार को बाढ़ प्रभावित गाँव <strong>तेजा रुहेला और चक्क रुहेला</strong> पहुँचे। यहाँ उन्होंने लोगों को <strong>राशन किट और कैटल फीड (पशुओं का चारा)</strong> बाँटा और हालात का जायज़ा लिया।

<strong>1.7 </strong><strong>लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया</strong>

डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के कारण <strong>हरीके हेडवर्क्स से करीब </strong><strong>1.7 </strong><strong>लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।</strong>
यह पानी सतलुज क्रीक से गुज़रते हुए कल तक फ़ाज़िल्का पहुँच सकता है, जिससे पानी का स्तर और बढ़ जाएगा। उन्होंने गाँव वालों से अपील की कि महिलाएँ, बच्चे और बुज़ुर्ग समय रहते <strong>सुरक्षित स्थानों पर चले जाएँ।</strong>

<strong>सरकार के राहत कैंप और टीमें एक्टिव</strong>

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> के निर्देशों पर बाढ़ प्रभावित इलाकों में <strong>राहत कैंप</strong> बनाए गए हैं।
<ul>
 	<li>स्वास्थ्य विभाग,</li>
 	<li>पशुपालन विभाग,</li>
 	<li>जल आपूर्ति व स्वच्छता विभाग,</li>
 	<li>राजस्व विभाग</li>
</ul>
की टीमें लगातार गाँवों में जाकर लोगों की मदद कर रही हैं। उन्होंने बताया कि <strong>गर्भवती महिलाओं और बच्चों</strong> को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है और उन्हें ज़रूरी फ़ीड और दवाइयाँ तुरंत उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

<strong>विधायक का बयान </strong><strong>– </strong><strong>हर संभव मदद जारी</strong>

विधायक <strong>नरिंदर पाल सिंह सवना</strong> ने कहा कि सरकार गाँव-गाँव जाकर बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रही है।
<ul>
 	<li>लोगों को <strong>राशन किट</strong> दी जा रही है,</li>
 	<li><strong>कैटल फीड और हरा चारा</strong> भी उपलब्ध कराया जा रहा है।</li>
</ul>
उन्होंने बताया कि ज़िले में <strong>फ़्लड कंट्रोल रूम</strong> एक्टिव कर दिया गया है। कोई भी व्यक्ति मदद के लिए <strong>01638-262153</strong> नंबर पर कॉल कर सकता है।

<strong>अधिकारी भी मौजूद रहे</strong>

राहत कार्यों के दौरान कई बड़े अधिकारी भी साथ थे, जिनमें
<ul>
 	<li><strong>अतिरिक्त उपायुक्त (</strong><strong>ADC) </strong><strong>डॉ. मनदीप कौर</strong>,</li>
 	<li><strong>SDM </strong><strong>वीरपाल कौर</strong>,</li>
 	<li><strong>DSP </strong><strong>अविनाश चंद्र</strong>,</li>
 	<li><strong>तहसीलदार जसप्रीत सिंह</strong> शामिल रहे।</li>
</ul>
<strong>प्रशासन की बैठक और तैयारियाँ</strong>

इससे पहले कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने <strong>ज़िला प्रशासनिक परिसर</strong> में अधिकारियों के साथ बैठक की।
उन्होंने बाढ़ राहत प्रबंधों की समीक्षा की और सभी विभागों को <strong>तत्परता से काम करने और किसी भी हालात का तुरंत सामना करने</strong> के निर्देश दिए।

कुल मिलाकर, फ़ाज़िल्का में बाढ़ का ख़तरा लगातार बढ़ रहा है। सरकार और प्रशासन गाँव-गाँव पहुँचकर राहत सामग्री बाँट रहे हैं और लोगों से अपील की जा रही है कि वे <strong>सुरक्षित स्थानों पर जाकर चढ़दी कला में रहें।</strong>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब में लगातार हो रही बरसात और पहाड़ों से आ रहा तेज़ पानी फ़ाज़िल्का ज़िले में खतरा बढ़ा रहा है। इसी बीच, पंजाब की कैबिनेट मंत्री <strong>डॉ. बलजीत कौर</strong> और फ़ाज़िल्का के विधायक <strong>नरिंदर पाल सिंह सवना</strong> रविवार को बाढ़ प्रभावित गाँव <strong>तेजा रुहेला और चक्क रुहेला</strong> पहुँचे। यहाँ उन्होंने लोगों को <strong>राशन किट और कैटल फीड (पशुओं का चारा)</strong> बाँटा और हालात का जायज़ा लिया।

<strong>1.7 </strong><strong>लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया</strong>

डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के कारण <strong>हरीके हेडवर्क्स से करीब </strong><strong>1.7 </strong><strong>लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।</strong>
यह पानी सतलुज क्रीक से गुज़रते हुए कल तक फ़ाज़िल्का पहुँच सकता है, जिससे पानी का स्तर और बढ़ जाएगा। उन्होंने गाँव वालों से अपील की कि महिलाएँ, बच्चे और बुज़ुर्ग समय रहते <strong>सुरक्षित स्थानों पर चले जाएँ।</strong>

<strong>सरकार के राहत कैंप और टीमें एक्टिव</strong>

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> के निर्देशों पर बाढ़ प्रभावित इलाकों में <strong>राहत कैंप</strong> बनाए गए हैं।
<ul>
 	<li>स्वास्थ्य विभाग,</li>
 	<li>पशुपालन विभाग,</li>
 	<li>जल आपूर्ति व स्वच्छता विभाग,</li>
 	<li>राजस्व विभाग</li>
</ul>
की टीमें लगातार गाँवों में जाकर लोगों की मदद कर रही हैं। उन्होंने बताया कि <strong>गर्भवती महिलाओं और बच्चों</strong> को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है और उन्हें ज़रूरी फ़ीड और दवाइयाँ तुरंत उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

<strong>विधायक का बयान </strong><strong>– </strong><strong>हर संभव मदद जारी</strong>

विधायक <strong>नरिंदर पाल सिंह सवना</strong> ने कहा कि सरकार गाँव-गाँव जाकर बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रही है।
<ul>
 	<li>लोगों को <strong>राशन किट</strong> दी जा रही है,</li>
 	<li><strong>कैटल फीड और हरा चारा</strong> भी उपलब्ध कराया जा रहा है।</li>
</ul>
उन्होंने बताया कि ज़िले में <strong>फ़्लड कंट्रोल रूम</strong> एक्टिव कर दिया गया है। कोई भी व्यक्ति मदद के लिए <strong>01638-262153</strong> नंबर पर कॉल कर सकता है।

<strong>अधिकारी भी मौजूद रहे</strong>

राहत कार्यों के दौरान कई बड़े अधिकारी भी साथ थे, जिनमें
<ul>
 	<li><strong>अतिरिक्त उपायुक्त (</strong><strong>ADC) </strong><strong>डॉ. मनदीप कौर</strong>,</li>
 	<li><strong>SDM </strong><strong>वीरपाल कौर</strong>,</li>
 	<li><strong>DSP </strong><strong>अविनाश चंद्र</strong>,</li>
 	<li><strong>तहसीलदार जसप्रीत सिंह</strong> शामिल रहे।</li>
</ul>
<strong>प्रशासन की बैठक और तैयारियाँ</strong>

इससे पहले कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने <strong>ज़िला प्रशासनिक परिसर</strong> में अधिकारियों के साथ बैठक की।
उन्होंने बाढ़ राहत प्रबंधों की समीक्षा की और सभी विभागों को <strong>तत्परता से काम करने और किसी भी हालात का तुरंत सामना करने</strong> के निर्देश दिए।

कुल मिलाकर, फ़ाज़िल्का में बाढ़ का ख़तरा लगातार बढ़ रहा है। सरकार और प्रशासन गाँव-गाँव पहुँचकर राहत सामग्री बाँट रहे हैं और लोगों से अपील की जा रही है कि वे <strong>सुरक्षित स्थानों पर जाकर चढ़दी कला में रहें।</strong>]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Jammu &#038; Kashmir में मौसम का मिजाज बदलता-बदलता – 15 August तक बारिश और Humidity से रहेगी दोहरी परेशानी</title>
		<link>https://trendstopic.in/weather-fluctuations-continue-in-jammu-kashmir-rain-and-humidity-to-trouble-residents-till-august-15/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 Aug 2025 04:07:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Jammu & Kashmir]]></category>
		<category><![CDATA[FlashFlood]]></category>
		<category><![CDATA[HeavyRainAlert]]></category>
		<category><![CDATA[Humidity]]></category>
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		<category><![CDATA[WeatherUpdate]]></category>
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					<description><![CDATA[जम्मू-कश्मीर में इन दिनों मौसम का उतार-चढ़ाव लगातार जारी है। रविवार की सुबह हल्की बारिश ने लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी, लेकिन दिन चढ़ते ही उमस और गर्मी ने फिर से परेशान कर दिया। जम्मू में रविवार को अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से ज्यादा है।

<strong>आने वाले दिनों का हाल</strong>
मौसम विज्ञान केंद्र, श्रीनगर के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक जम्मू-कश्मीर का मौसम कभी गर्म और उमस भरा तो कभी बारिश वाला रहेगा।
<ul>
 	<li>सोमवार को जम्मू संभाग में ज्यादातर जगहों पर <strong>गर्म और उमस भरा मौसम</strong> रहेगा, हालांकि कुछ इलाकों में <strong>हल्की बारिश</strong> और कहीं-कहीं <strong>तेज बौछारें</strong> भी गिर सकती हैं।</li>
 	<li>12 से 15 अगस्त के बीच जम्मू संभाग के कई इलाकों में <strong>हल्की से मध्यम बारिश</strong> और <strong>गरज-चमक के साथ बरसात</strong> होने की संभावना है।</li>
 	<li>कुछ क्षेत्रों में <strong>भारी बारिश</strong> भी हो सकती है। वहीं, कश्मीर संभाग में भी देर रात या सुबह के समय कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।</li>
</ul>
<strong>चेतावनी और संभावित खतरे</strong>
मौसम विभाग ने 12 से 15 अगस्त तक जम्मू संभाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान
<ul>
 	<li>गरज-चमक के साथ बिजली गिरने,</li>
 	<li>तेज हवाएं चलने,</li>
 	<li>अचानक बाढ़ (Flash Flood),</li>
 	<li>भूस्खलन,</li>
 	<li>मिट्टी धसकने और पत्थर गिरने
जैसी घटनाओं का खतरा बना रहेगा, खासकर पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में।</li>
</ul>
<strong>लोगों के लिए सलाह</strong>
<ul>
 	<li>मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर उन इलाकों में जहां भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा ज्यादा रहता है।</li>
 	<li>यात्रा करने से पहले मौसम का अपडेट जरूर चेक करें।</li>
 	<li>तेज बारिश के दौरान नदियों, नालों और भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों से दूर रहें।</li>
</ul>
कुल मिलाकर, जम्मू-कश्मीर में 15 अगस्त तक लोगों को <strong>गर्मी और उमस</strong> के साथ-साथ <strong>बारिश और मौसम संबंधी खतरे</strong>—दोनों से जूझना पड़ सकता है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[जम्मू-कश्मीर में इन दिनों मौसम का उतार-चढ़ाव लगातार जारी है। रविवार की सुबह हल्की बारिश ने लोगों को थोड़ी राहत जरूर दी, लेकिन दिन चढ़ते ही उमस और गर्मी ने फिर से परेशान कर दिया। जम्मू में रविवार को अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से ज्यादा है।

<strong>आने वाले दिनों का हाल</strong>
मौसम विज्ञान केंद्र, श्रीनगर के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक जम्मू-कश्मीर का मौसम कभी गर्म और उमस भरा तो कभी बारिश वाला रहेगा।
<ul>
 	<li>सोमवार को जम्मू संभाग में ज्यादातर जगहों पर <strong>गर्म और उमस भरा मौसम</strong> रहेगा, हालांकि कुछ इलाकों में <strong>हल्की बारिश</strong> और कहीं-कहीं <strong>तेज बौछारें</strong> भी गिर सकती हैं।</li>
 	<li>12 से 15 अगस्त के बीच जम्मू संभाग के कई इलाकों में <strong>हल्की से मध्यम बारिश</strong> और <strong>गरज-चमक के साथ बरसात</strong> होने की संभावना है।</li>
 	<li>कुछ क्षेत्रों में <strong>भारी बारिश</strong> भी हो सकती है। वहीं, कश्मीर संभाग में भी देर रात या सुबह के समय कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।</li>
</ul>
<strong>चेतावनी और संभावित खतरे</strong>
मौसम विभाग ने 12 से 15 अगस्त तक जम्मू संभाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान
<ul>
 	<li>गरज-चमक के साथ बिजली गिरने,</li>
 	<li>तेज हवाएं चलने,</li>
 	<li>अचानक बाढ़ (Flash Flood),</li>
 	<li>भूस्खलन,</li>
 	<li>मिट्टी धसकने और पत्थर गिरने
जैसी घटनाओं का खतरा बना रहेगा, खासकर पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में।</li>
</ul>
<strong>लोगों के लिए सलाह</strong>
<ul>
 	<li>मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर उन इलाकों में जहां भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा ज्यादा रहता है।</li>
 	<li>यात्रा करने से पहले मौसम का अपडेट जरूर चेक करें।</li>
 	<li>तेज बारिश के दौरान नदियों, नालों और भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों से दूर रहें।</li>
</ul>
कुल मिलाकर, जम्मू-कश्मीर में 15 अगस्त तक लोगों को <strong>गर्मी और उमस</strong> के साथ-साथ <strong>बारिश और मौसम संबंधी खतरे</strong>—दोनों से जूझना पड़ सकता है।]]></content:encoded>
					
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		<title>9 दिन पहले पूरी Country में पहुंचा Monsoon, Delhi-NCR सहित Northwest India में झमाझम बारिश की उम्मीद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 30 Jun 2025 05:47:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[DelhiNCRRain]]></category>
		<category><![CDATA[EarlyMonsoon]]></category>
		<category><![CDATA[HeavyRainAlert]]></category>
		<category><![CDATA[IMDUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[IndiaWeather]]></category>
		<category><![CDATA[Monsoon]]></category>
		<category><![CDATA[Monsoon2025]]></category>
		<category><![CDATA[NorthwestIndia]]></category>
		<category><![CDATA[RainySeason]]></category>
		<category><![CDATA[WeatherNews]]></category>
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					<description><![CDATA[भारत में इस बार मानसून ने समय से 9 दिन पहले ही पूरे देश को कवर कर लिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रविवार को जानकारी दी कि मानसून दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बाकी बचे हिस्सों में भी पहुंच गया है।

आमतौर पर मानसून पूरे देश में 8 जुलाई तक पहुंचता है, लेकिन इस बार यह 29 जून को ही हर कोने में छा गया। ये बीते 25 सालों में केवल चौथी बार हुआ है जब दिल्ली-एनसीआर और उत्तर-पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों में एक ही दिन मानसून पहुंचा हो। पिछली बार ऐसा 13 जुलाई 2021 को हुआ था, जबकि अब तक का सबसे जल्दी यह 16 जून 2013 को हुआ था—उसी दिन उत्तराखंड के केदारनाथ में बादल फटने और बाढ़ की भयानक घटना हुई थी।

इस साल मानसून ने 24 मई को केरल से शुरुआत की थी, जो कि सामान्य तारीख से 8 दिन पहले है। इसके बाद 37 दिनों में पूरे भारत को कवर कर लिया। आमतौर पर मानसून को पूरे देश में फैलने में करीब 38 दिन लगते हैं।

<strong>बारिश के आंकड़े और फसल पर असर</strong>

IMD के आंकड़ों के अनुसार, 29 जून तक देशभर में सामान्य से 8% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। खासकर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में यह बढ़ोतरी ज्यादा रही है—यहां क्रमश: 37% और 24% ज्यादा बारिश हुई है। इससे जून महीने में बोआई (sowing) के काम को बढ़ावा मिला है।

हालांकि पूर्वोत्तर भारत और दक्षिणी हिस्सों में 16.7% और 1.7% बारिश की कमी रही है, लेकिन इसका खेती के कुल रकबे (acreage) पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। कृषि मंत्रालय के अनुसार, 20 जून तक देशभर में खरीफ फसलों की बोआई 138 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई थी, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 10% ज्यादा है (तब यह 125 लाख हेक्टेयर था)।

<strong>अगले </strong><strong>7 </strong><strong>दिन भारी बारिश की संभावना</strong>

IMD ने अगले 7 दिनों के लिए चेतावनी दी है कि उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। यह बारिश धान (paddy), गन्ना (sugarcane), कपास (cotton) जैसी खरीफ फसलों की अच्छी पैदावार में मददगार साबित हो सकती है।

<strong>जल्दी मानसून का मतलब ज्यादा बारिश नहीं होता</strong>

मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के जल्दी या देर से शुरू होने या पूरे देश में जल्दी या देर से पहुंचने से कुल बारिश की मात्रा या उसके वितरण (distribution) पर कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ता। लेकिन इसका असर फसलों की बोआई की टाइमिंग और सिंचाई के चक्र (irrigation cycle) पर जरूर पड़ता है। किसान मानसून की चाल देखकर ही फसलों के चुनाव और बोआई की प्लानिंग करते हैं।

जल्दी मानसून ने इस बार किसानों को राहत दी है और बोआई की प्रक्रिया समय से पहले शुरू हो गई है। हालांकि मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए सतर्कता जरूरी है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[भारत में इस बार मानसून ने समय से 9 दिन पहले ही पूरे देश को कवर कर लिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रविवार को जानकारी दी कि मानसून दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बाकी बचे हिस्सों में भी पहुंच गया है।

आमतौर पर मानसून पूरे देश में 8 जुलाई तक पहुंचता है, लेकिन इस बार यह 29 जून को ही हर कोने में छा गया। ये बीते 25 सालों में केवल चौथी बार हुआ है जब दिल्ली-एनसीआर और उत्तर-पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों में एक ही दिन मानसून पहुंचा हो। पिछली बार ऐसा 13 जुलाई 2021 को हुआ था, जबकि अब तक का सबसे जल्दी यह 16 जून 2013 को हुआ था—उसी दिन उत्तराखंड के केदारनाथ में बादल फटने और बाढ़ की भयानक घटना हुई थी।

इस साल मानसून ने 24 मई को केरल से शुरुआत की थी, जो कि सामान्य तारीख से 8 दिन पहले है। इसके बाद 37 दिनों में पूरे भारत को कवर कर लिया। आमतौर पर मानसून को पूरे देश में फैलने में करीब 38 दिन लगते हैं।

<strong>बारिश के आंकड़े और फसल पर असर</strong>

IMD के आंकड़ों के अनुसार, 29 जून तक देशभर में सामान्य से 8% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। खासकर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में यह बढ़ोतरी ज्यादा रही है—यहां क्रमश: 37% और 24% ज्यादा बारिश हुई है। इससे जून महीने में बोआई (sowing) के काम को बढ़ावा मिला है।

हालांकि पूर्वोत्तर भारत और दक्षिणी हिस्सों में 16.7% और 1.7% बारिश की कमी रही है, लेकिन इसका खेती के कुल रकबे (acreage) पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। कृषि मंत्रालय के अनुसार, 20 जून तक देशभर में खरीफ फसलों की बोआई 138 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई थी, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 10% ज्यादा है (तब यह 125 लाख हेक्टेयर था)।

<strong>अगले </strong><strong>7 </strong><strong>दिन भारी बारिश की संभावना</strong>

IMD ने अगले 7 दिनों के लिए चेतावनी दी है कि उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। यह बारिश धान (paddy), गन्ना (sugarcane), कपास (cotton) जैसी खरीफ फसलों की अच्छी पैदावार में मददगार साबित हो सकती है।

<strong>जल्दी मानसून का मतलब ज्यादा बारिश नहीं होता</strong>

मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के जल्दी या देर से शुरू होने या पूरे देश में जल्दी या देर से पहुंचने से कुल बारिश की मात्रा या उसके वितरण (distribution) पर कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ता। लेकिन इसका असर फसलों की बोआई की टाइमिंग और सिंचाई के चक्र (irrigation cycle) पर जरूर पड़ता है। किसान मानसून की चाल देखकर ही फसलों के चुनाव और बोआई की प्लानिंग करते हैं।

जल्दी मानसून ने इस बार किसानों को राहत दी है और बोआई की प्रक्रिया समय से पहले शुरू हो गई है। हालांकि मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए सतर्कता जरूरी है।]]></content:encoded>
					
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