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	<title>MissionChardiKala &#8211; Trends Topic</title>
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	<title>MissionChardiKala &#8211; Trends Topic</title>
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	<item>
		<title>‘Mission Chardikala’ को मिला जनता का अपार समर्थन: CM Mann बोले – “Punjab बढ़ेगा आगे, हर हाल में”</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Nov 2025 04:52:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[chandigarh]]></category>
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		<category><![CDATA[RanglaPunjab]]></category>
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					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री भगवंत मान का सपना है – पंजाब को फिर से खुशहाल, सुरक्षित और ‘रंगला पंजाब’ बनाना। इसी सपने को साकार करने के लिए उन्होंने शुरू किया <strong>‘मिशन चढ़दीकला’</strong>, जो आज एक जन आंदोलन बन चुका है। इस मिशन को न सिर्फ पंजाब के लोगों का, बल्कि दुनिया भर में बसे पंजाबी भाई-बहनों का भी जबरदस्त समर्थन मिल रहा है।

यह मिशन सिर्फ सरकार की कोई योजना नहीं, बल्कि पंजाब की <strong>एकता</strong><strong>, हिम्मत और भरोसे की पहचान</strong> बन गया है। इसमें हर वर्ग के लोग – किसान, व्यापारी, नौजवान, महिलाएं और NRI पंजाबी – खुलकर हिस्सा ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि लोगों से मिल रहे इस आर्थिक सहयोग और प्यार के लिए वे दिल से शुक्रगुज़ार हैं। उन्होंने कहा – “यह दान सिर्फ पैसे नहीं हैं, यह पंजाब के उज्जवल भविष्य पर लोगों का विश्वास है। मुझे यकीन है कि हम सब मिलकर पंजाब को देश का नंबर वन राज्य बनाएंगे।”
<h3>लोगों का बड़ा योगदान</h3>
‘मिशन चढ़दीकला’ के लिए जनता की तरफ से मिल रहे दान ने सबको हैरान कर दिया है। हर इलाके से लोग अपने हिसाब से योगदान दे रहे हैं। हाल ही में कई मंत्रियों ने जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं से जुटाई गई बड़ी राशि मुख्यमंत्री को सौंपी –
<ul>
 	<li><strong>कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा</strong> ने ₹5,652,759 (पचपन लाख बासठ हजार सात सौ उनसठ रुपये) दिए।</li>
 	<li><strong>कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर</strong> ने हलका पट्टी के लोगों की ओर से ₹2,881,123 (अट्ठाईस लाख इक्यासी हजार एक सौ तेईस रुपये) की राशि दी।</li>
 	<li><strong>कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह</strong> ने राहत कार्यों के लिए ₹1,248,257 (बारह लाख अड़तालीस हजार दो सौ सत्तावन रुपये) का योगदान दिया।</li>
</ul>
इन योगदानों से यह साफ दिखता है कि पंजाब के लोग अपने राज्य के विकास के लिए एकजुट हैं और सरकार पर उन्हें पूरा भरोसा है।
<h3>बाढ़ प्रभावित इलाकों का जज़्बा</h3>
हाल ही में बाढ़ से जूझ रहे इलाकों के लोग भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने अपनी तकलीफों के बावजूद राहत कोष में हिस्सा डाला। मुख्यमंत्री मान ने उनके इस हौसले को पंजाब की असली पहचान बताया और कहा कि यही “ਚੜ੍ਹਦੀਕਲਾ की भावना” है — मुश्किल वक्त में भी हिम्मत और उम्मीद बनाए रखना।
<h3>पारदर्शिता और ईमानदारी का भरोसा</h3>
मुख्यमंत्री ने जनता को आश्वासन दिया है कि ‘मिशन ਚੜ੍ਹदीਕਲਾ’ के तहत मिली हर एक पाई का इस्तेमाल पूरी <strong>पारदर्शिता (</strong><strong>transparency)</strong> और <strong>ईमानदारी (</strong><strong>honesty)</strong> के साथ किया जाएगा। यह पैसा विकास और राहत कार्यों में लगेगा — ताकि कोई भी व्यक्ति, परिवार या इलाका पीछे न रह जाए।

उन्होंने कहा कि इस मिशन की सारी जानकारी और रिपोर्ट्स जनता <strong><a href="https://rangla.punjab.gov.in/">https://rangla.punjab.gov.in/</a></strong> वेबसाइट पर देख सकती है।
<h3>जनता और सरकार का नया रिश्ता</h3>
‘मिशन चढ़दीकला ने पंजाब सरकार और जनता के बीच एक नया, मजबूत रिश्ता बना दिया है — <strong>भरोसे और सहयोग का रिश्ता।</strong> यह सिर्फ एक राहत कोष नहीं, बल्कि पंजाब की एकजुटता और गर्व की कहानी है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है –

“जब जनता और सरकार एक दिशा में कदम बढ़ाते हैं, तो कोई ताकत पंजाब को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। पंजाब बढ़ेगा आगे, हर हाल में!”

‘मिशन चढ़दीकलाअब पंजाब में उम्मीद, हिम्मत और बदलाव का प्रतीक बन चुका है। जनता का सहयोग और सरकार की ईमानदार कोशिशें मिलकर जल्द ही “<strong>रंगला पंजाब</strong>” का सपना सच करेंगी।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[मुख्यमंत्री भगवंत मान का सपना है – पंजाब को फिर से खुशहाल, सुरक्षित और ‘रंगला पंजाब’ बनाना। इसी सपने को साकार करने के लिए उन्होंने शुरू किया <strong>‘मिशन चढ़दीकला’</strong>, जो आज एक जन आंदोलन बन चुका है। इस मिशन को न सिर्फ पंजाब के लोगों का, बल्कि दुनिया भर में बसे पंजाबी भाई-बहनों का भी जबरदस्त समर्थन मिल रहा है।

यह मिशन सिर्फ सरकार की कोई योजना नहीं, बल्कि पंजाब की <strong>एकता</strong><strong>, हिम्मत और भरोसे की पहचान</strong> बन गया है। इसमें हर वर्ग के लोग – किसान, व्यापारी, नौजवान, महिलाएं और NRI पंजाबी – खुलकर हिस्सा ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि लोगों से मिल रहे इस आर्थिक सहयोग और प्यार के लिए वे दिल से शुक्रगुज़ार हैं। उन्होंने कहा – “यह दान सिर्फ पैसे नहीं हैं, यह पंजाब के उज्जवल भविष्य पर लोगों का विश्वास है। मुझे यकीन है कि हम सब मिलकर पंजाब को देश का नंबर वन राज्य बनाएंगे।”
<h3>लोगों का बड़ा योगदान</h3>
‘मिशन चढ़दीकला’ के लिए जनता की तरफ से मिल रहे दान ने सबको हैरान कर दिया है। हर इलाके से लोग अपने हिसाब से योगदान दे रहे हैं। हाल ही में कई मंत्रियों ने जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं से जुटाई गई बड़ी राशि मुख्यमंत्री को सौंपी –
<ul>
 	<li><strong>कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा</strong> ने ₹5,652,759 (पचपन लाख बासठ हजार सात सौ उनसठ रुपये) दिए।</li>
 	<li><strong>कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर</strong> ने हलका पट्टी के लोगों की ओर से ₹2,881,123 (अट्ठाईस लाख इक्यासी हजार एक सौ तेईस रुपये) की राशि दी।</li>
 	<li><strong>कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह</strong> ने राहत कार्यों के लिए ₹1,248,257 (बारह लाख अड़तालीस हजार दो सौ सत्तावन रुपये) का योगदान दिया।</li>
</ul>
इन योगदानों से यह साफ दिखता है कि पंजाब के लोग अपने राज्य के विकास के लिए एकजुट हैं और सरकार पर उन्हें पूरा भरोसा है।
<h3>बाढ़ प्रभावित इलाकों का जज़्बा</h3>
हाल ही में बाढ़ से जूझ रहे इलाकों के लोग भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने अपनी तकलीफों के बावजूद राहत कोष में हिस्सा डाला। मुख्यमंत्री मान ने उनके इस हौसले को पंजाब की असली पहचान बताया और कहा कि यही “ਚੜ੍ਹਦੀਕਲਾ की भावना” है — मुश्किल वक्त में भी हिम्मत और उम्मीद बनाए रखना।
<h3>पारदर्शिता और ईमानदारी का भरोसा</h3>
मुख्यमंत्री ने जनता को आश्वासन दिया है कि ‘मिशन ਚੜ੍ਹदीਕਲਾ’ के तहत मिली हर एक पाई का इस्तेमाल पूरी <strong>पारदर्शिता (</strong><strong>transparency)</strong> और <strong>ईमानदारी (</strong><strong>honesty)</strong> के साथ किया जाएगा। यह पैसा विकास और राहत कार्यों में लगेगा — ताकि कोई भी व्यक्ति, परिवार या इलाका पीछे न रह जाए।

उन्होंने कहा कि इस मिशन की सारी जानकारी और रिपोर्ट्स जनता <strong><a href="https://rangla.punjab.gov.in/">https://rangla.punjab.gov.in/</a></strong> वेबसाइट पर देख सकती है।
<h3>जनता और सरकार का नया रिश्ता</h3>
‘मिशन चढ़दीकला ने पंजाब सरकार और जनता के बीच एक नया, मजबूत रिश्ता बना दिया है — <strong>भरोसे और सहयोग का रिश्ता।</strong> यह सिर्फ एक राहत कोष नहीं, बल्कि पंजाब की एकजुटता और गर्व की कहानी है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है –

“जब जनता और सरकार एक दिशा में कदम बढ़ाते हैं, तो कोई ताकत पंजाब को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। पंजाब बढ़ेगा आगे, हर हाल में!”

‘मिशन चढ़दीकलाअब पंजाब में उम्मीद, हिम्मत और बदलाव का प्रतीक बन चुका है। जनता का सहयोग और सरकार की ईमानदार कोशिशें मिलकर जल्द ही “<strong>रंगला पंजाब</strong>” का सपना सच करेंगी।]]></content:encoded>
					
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		<title>IAS Officers’ Association द्वारा ‘Mission Chardi Kala’ में ₹5 lakh का contribution देने की घोषणा की</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Oct 2025 04:26:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चंडीगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[ChandigarhNews]]></category>
		<category><![CDATA[FloodReliefFund]]></category>
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		<category><![CDATA[punjabupdates]]></category>
		<category><![CDATA[SocialInitiative]]></category>
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					<description><![CDATA[पिछले कुछ महीनों में Punjab को बेहद भयंकर बाढ़ का सामना करना पड़ा है। राज्य के कई हिस्सों में नदी-नाले किनारे टूटे, बारिश ने तबाही मचाई और किसानों-परिवारों की ज़िंदगी अस्त-व्यस्त हो गई।
<ul>
 	<li>Bhagwant Mann ने 17 सितंबर 2025 को राज्य में Mission Chardi Kala नामक ग्लोबल रेज़लिंग अभियान शुरू किया, जिसमें बाढ़ प्रभावितों के लिए राहत और पुनर्निर्माण के लिए सहयोग जुटाया जाना है।</li>
 	<li>उन्होंने बताया कि अनुमानित नुकसान लगभग <strong>₹13,800 </strong><strong>करोड़</strong> है, लेकिन यह राशि और बढ़ भी सकती है।</li>
 	<li>प्रभावित आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं: लगभग <strong>2,300 </strong><strong>गाँव</strong> जलमग्न हुए, 7 लाख से अधिक लोग बेघर हुए, 5 लाख एकड़ फसलें नष्ट हुईं, 3,200 स्कूल, 19 कॉलेज, 8,500 किलोमीटर सड़कें तथा 2,500 पुल भी भारी क्षति झेल चुके हैं।</li>
 	<li>मुख्यमंत्री ने कहा कि अब “राहत” (relief) का दौर समाप्त हो रहा है, अब “पुनर्निर्माण” (rehabilitation) का कार्य शुरू करना है — किसानों को फिर से खेत में काम करना है, बच्चों को स्कूल जाना है, एवं परिवारों को अपने घर वापस बसाना है।</li>
</ul>
<strong>आईएएस अधिकारियों की पहल: </strong><strong>₹5 </strong><strong>लाख का योगदान</strong>

इस लड़ाई में अब प्रशासनिक अधिकारी भी सामने आ रहे हैं। Punjab State IAS Officers’ Association ने 21 अक्तूबर 2025 को एक महत्वपूर्ण घोषणा की है।
<ul>
 	<li>इस एसोसिएशन ने घोषणा की कि वे इस वर्ष दिवाली सादगी पूर्वक मनाएँगे और साथ ही ‘मिशन चढ़दी कला’ के लिए <strong>₹5 </strong><strong>लाख</strong> का योगदान देंगे।</li>
 	<li>इससे पहले भी उन्होंने बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए अपनी <strong>एक दिन की तनख़्वाह</strong> का योगदान देने का निर्णय लिया था।</li>
</ul>
यह कदम यह दर्शाता है कि प्रशासनिक वर्ग भी सिर्फ नियामक नहीं बल्कि समाज-सेवा में सहभागी बन रहा है।

<strong>क्या मायने रखता है यह योगदान</strong><strong>?</strong>

यह ₹5 लाख का योगदान सुनने में ज़्यादा नहीं लग सकता, पर इसके पीछे संदेश है: <strong>समानता</strong>, <strong>जिम्मेदारी</strong>, और <strong>सहयोग</strong>। जब अधिकारी खुद आगे आएँ, तो सार्वजनिक धारणा बनती है कि यह सिर्फ सरकार का काम नहीं, बल्कि “हम सब का” काम है।

इसके अलावा:
<ul>
 	<li>यह “मिशन चढ़दी कला” को बल देता है — कि मदद सिर्फ राहत तक सीमित नहीं होगी, बल्कि पुनर्निर्माण तक जाएगी।</li>
 	<li>यह आम नागरिक, उद्योग समूहों, एनजीओ-सभी को प्रेरित कर सकता है कि वे भी योगदान दें।</li>
 	<li>सामाजिक तनाव को कम करने में मदद करेगा — जब लोग देखेंगे कि हर स्तर पर लोग काम कर रहे हैं।</li>
</ul>
<strong>आगे क्या होगा</strong><strong>?</strong>
<ul>
 	<li>अब यह जरूरी है कि इस अभियान के ज़रिए जुटाई गई राशि <strong>पारदर्शी</strong> तरीके से इस्तेमाल हो। मुख्यमंत्री ने भी यह वादा किया है कि हर पैसा सही जगह जाएगा।</li>
 	<li>बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत शिविर, पुनर्बहीकरण स्थल, स्कूल-हॉस्पिटल की मरम्मत, फसलों की बहाली आदि कार्य तेजी से आगे बढ़ाएँ जाएँ।</li>
 	<li>समाज के अन्य वर्ग — व्यापारियों, एनआरआई, धर्म-समाज — को भी इस अभियान में शामिल करना होगा ताकि कुल मिलाकर एक बड़ा सामूहिक प्रयास बने।</li>
</ul>
पंजाब आज इस दौर से गुज़र रहा है जहाँ सिर्फ “बाढ़” नहीं आई, बल्कि लाखों लोगों-परिवारों की उम्मीदों में दरार आई है। ऐसी स्थिति में ‘मिशन चढ़दी कला’ सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि <strong>उम्मीद</strong>, <strong>हौसला</strong>, और <strong>साथ-मिलकर चलने का पैगाम</strong> बन गया है।
जब प्रशासनिक अधिकारी अपनी तनख्वाह का हिस्सा देते हैं और राज्य-नागरिक एक साथ खड़े होते हैं, तो यही असली “चढ़दी कला” है — ऊँचा उठने की कला, मुश्किल में भी मुस्कुराने की कला।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पिछले कुछ महीनों में Punjab को बेहद भयंकर बाढ़ का सामना करना पड़ा है। राज्य के कई हिस्सों में नदी-नाले किनारे टूटे, बारिश ने तबाही मचाई और किसानों-परिवारों की ज़िंदगी अस्त-व्यस्त हो गई।
<ul>
 	<li>Bhagwant Mann ने 17 सितंबर 2025 को राज्य में Mission Chardi Kala नामक ग्लोबल रेज़लिंग अभियान शुरू किया, जिसमें बाढ़ प्रभावितों के लिए राहत और पुनर्निर्माण के लिए सहयोग जुटाया जाना है।</li>
 	<li>उन्होंने बताया कि अनुमानित नुकसान लगभग <strong>₹13,800 </strong><strong>करोड़</strong> है, लेकिन यह राशि और बढ़ भी सकती है।</li>
 	<li>प्रभावित आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं: लगभग <strong>2,300 </strong><strong>गाँव</strong> जलमग्न हुए, 7 लाख से अधिक लोग बेघर हुए, 5 लाख एकड़ फसलें नष्ट हुईं, 3,200 स्कूल, 19 कॉलेज, 8,500 किलोमीटर सड़कें तथा 2,500 पुल भी भारी क्षति झेल चुके हैं।</li>
 	<li>मुख्यमंत्री ने कहा कि अब “राहत” (relief) का दौर समाप्त हो रहा है, अब “पुनर्निर्माण” (rehabilitation) का कार्य शुरू करना है — किसानों को फिर से खेत में काम करना है, बच्चों को स्कूल जाना है, एवं परिवारों को अपने घर वापस बसाना है।</li>
</ul>
<strong>आईएएस अधिकारियों की पहल: </strong><strong>₹5 </strong><strong>लाख का योगदान</strong>

इस लड़ाई में अब प्रशासनिक अधिकारी भी सामने आ रहे हैं। Punjab State IAS Officers’ Association ने 21 अक्तूबर 2025 को एक महत्वपूर्ण घोषणा की है।
<ul>
 	<li>इस एसोसिएशन ने घोषणा की कि वे इस वर्ष दिवाली सादगी पूर्वक मनाएँगे और साथ ही ‘मिशन चढ़दी कला’ के लिए <strong>₹5 </strong><strong>लाख</strong> का योगदान देंगे।</li>
 	<li>इससे पहले भी उन्होंने बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए अपनी <strong>एक दिन की तनख़्वाह</strong> का योगदान देने का निर्णय लिया था।</li>
</ul>
यह कदम यह दर्शाता है कि प्रशासनिक वर्ग भी सिर्फ नियामक नहीं बल्कि समाज-सेवा में सहभागी बन रहा है।

<strong>क्या मायने रखता है यह योगदान</strong><strong>?</strong>

यह ₹5 लाख का योगदान सुनने में ज़्यादा नहीं लग सकता, पर इसके पीछे संदेश है: <strong>समानता</strong>, <strong>जिम्मेदारी</strong>, और <strong>सहयोग</strong>। जब अधिकारी खुद आगे आएँ, तो सार्वजनिक धारणा बनती है कि यह सिर्फ सरकार का काम नहीं, बल्कि “हम सब का” काम है।

इसके अलावा:
<ul>
 	<li>यह “मिशन चढ़दी कला” को बल देता है — कि मदद सिर्फ राहत तक सीमित नहीं होगी, बल्कि पुनर्निर्माण तक जाएगी।</li>
 	<li>यह आम नागरिक, उद्योग समूहों, एनजीओ-सभी को प्रेरित कर सकता है कि वे भी योगदान दें।</li>
 	<li>सामाजिक तनाव को कम करने में मदद करेगा — जब लोग देखेंगे कि हर स्तर पर लोग काम कर रहे हैं।</li>
</ul>
<strong>आगे क्या होगा</strong><strong>?</strong>
<ul>
 	<li>अब यह जरूरी है कि इस अभियान के ज़रिए जुटाई गई राशि <strong>पारदर्शी</strong> तरीके से इस्तेमाल हो। मुख्यमंत्री ने भी यह वादा किया है कि हर पैसा सही जगह जाएगा।</li>
 	<li>बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत शिविर, पुनर्बहीकरण स्थल, स्कूल-हॉस्पिटल की मरम्मत, फसलों की बहाली आदि कार्य तेजी से आगे बढ़ाएँ जाएँ।</li>
 	<li>समाज के अन्य वर्ग — व्यापारियों, एनआरआई, धर्म-समाज — को भी इस अभियान में शामिल करना होगा ताकि कुल मिलाकर एक बड़ा सामूहिक प्रयास बने।</li>
</ul>
पंजाब आज इस दौर से गुज़र रहा है जहाँ सिर्फ “बाढ़” नहीं आई, बल्कि लाखों लोगों-परिवारों की उम्मीदों में दरार आई है। ऐसी स्थिति में ‘मिशन चढ़दी कला’ सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि <strong>उम्मीद</strong>, <strong>हौसला</strong>, और <strong>साथ-मिलकर चलने का पैगाम</strong> बन गया है।
जब प्रशासनिक अधिकारी अपनी तनख्वाह का हिस्सा देते हैं और राज्य-नागरिक एक साथ खड़े होते हैं, तो यही असली “चढ़दी कला” है — ऊँचा उठने की कला, मुश्किल में भी मुस्कुराने की कला।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Punjab में बाढ़ का कहर: 7 Lakh लोग बेघर, &#8216;Mission Chardikala&#8217; से Government देगी नई उम्मीद</title>
		<link>https://trendstopic.in/flood-havoc-in-punjab-7-lakh-people-homeless-government-brings-new-hope-with-mission-chardikala/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 22 Sep 2025 10:36:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[Chardikala]]></category>
		<category><![CDATA[DisasterRelief]]></category>
		<category><![CDATA[Flood2025]]></category>
		<category><![CDATA[FloodRelief]]></category>
		<category><![CDATA[HelpPunjab]]></category>
		<category><![CDATA[Humanity]]></category>
		<category><![CDATA[MissionChardiKala]]></category>
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		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[SupportPunjab]]></category>
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					<description><![CDATA[कल्पना कीजिए कि एक रात में आपका घर, आपकी मेहनत और आपके सपने सबकुछ पानी में बह जाएं। यही दर्दनाक हालात आज पंजाब के लाखों लोग झेल रहे हैं। इस बार की बाढ़ ने पंजाब में तबाही मचाकर रख दी है।

पंजाब के करीब <strong>2,300 </strong><strong>गांव</strong> बाढ़ की चपेट में आए हैं। <strong>20 </strong><strong>लाख से ज्यादा लोग</strong> प्रभावित हुए हैं, जिनमें से <strong>7 </strong><strong>लाख लोग बेघर</strong> हो चुके हैं। अब तक <strong>56 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है। लाखों लोग अपने घर-बार छोड़कर राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। यह बाढ़ पिछले <strong>चार दशकों (40 </strong><strong>साल)</strong> में पंजाब की सबसे भयानक बाढ़ मानी जा रही है।

<strong>फसल और स्कूलों को भारी नुकसान</strong>

इस बाढ़ ने न सिर्फ घर उजाड़े बल्कि किसानों की मेहनत भी मिट्टी में मिला दी।
<ul>
 	<li><strong>5 </strong><strong>लाख एकड़ फसल</strong> पूरी तरह बर्बाद हो गई है।</li>
 	<li><strong>3,200 </strong><strong>सरकारी स्कूल</strong> नुकसान की चपेट में आए हैं।</li>
 	<li>शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक अब तक करीब <strong>13,800 </strong><strong>करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान</strong> हुआ है।</li>
</ul>
लेकिन असल दर्द इन आंकड़ों से कहीं ज्यादा गहरा है। ये सिर्फ़ नंबर नहीं हैं, ये उन असली ज़िंदगियों की कहानियां हैं जिनके सपने पानी में बह गए।

<strong>वीरो बाई की कहानी</strong>

फाज़िल्का ज़िले के <strong>गुड्डर भैणी गांव</strong> की 45 वर्षीय <strong>वीरो बाई</strong> इस तबाही की गवाह हैं। 26 अगस्त को जब सतलुज नदी का पानी उनके घर में घुसा, तो लगभग तीन फुट पानी भर गया। मजबूर होकर उन्होंने अपना सबकुछ छोड़कर परिवार के साथ गांव छोड़ दिया। तब से वह एक राहत शिविर में रह रही हैं।
वीरो बाई कहती हैं,
<em>"</em><em>हमने अपनी छोटी-बड़ी सभी चीजें पीछे छोड़ दीं। बस जान बचाकर भागे। अब सिर्फ इंतज़ार है कि कब घर वापस लौट पाएंगे।"</em>

वीरो बाई जैसी <strong>हजारों कहानियां</strong> पंजाब के अलग-अलग राहत शिविरों में मौजूद हैं।

<strong>सरकार की त्वरित कार्रवाई</strong>

इस संकट के समय पंजाब सरकार ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए।
<ul>
 	<li><strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान</strong> की अगुवाई में सरकारी टीमें दिन-रात काम कर रही हैं।</li>
 	<li>हज़ारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया।</li>
 	<li><strong>राहत शिविर, </strong><strong>खाना, </strong><strong>पीने का पानी, </strong><strong>दवाइयों</strong> की व्यवस्था की गई।</li>
 	<li>अधिकारी और कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बिना बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रहे हैं।</li>
</ul>
सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया ने यह साबित किया कि मुश्किल वक्त में पंजाब सरकार जनता के साथ खड़ी है।

<strong>मिशन चढ़दी कला: पंजाब को फिर से खड़ा करने का संकल्प</strong>

अब जब बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतर रहा है, असली चुनौती शुरू हुई है — <strong>पुनर्निर्माण की चुनौती</strong>।
इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने <strong>'</strong><strong>मिशन चढ़दी कला'</strong> की शुरुआत की है।

ये सिर्फ़ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि पंजाब के पुनर्निर्माण का संकल्प है।
इस मिशन का मकसद है:
<ul>
 	<li>बेघर हुए लोगों के लिए नए घर बनाना।</li>
 	<li>किसानों को दोबारा खेती शुरू करने में मदद करना।</li>
 	<li>स्कूलों को फिर से तैयार करना।</li>
 	<li>बच्चों को पढ़ाई के लिए स्कूल भेजना।</li>
 	<li>बाढ़ पीड़ितों के जीवन को पटरी पर लाना।</li>
</ul>
मुख्यमंत्री ने कहा,
<em>"</em><em>बाढ़ सिर्फ़ पानी नहीं लेकर आई, </em><em>यह लाखों सपनों को बहा ले गई। लेकिन हम सब मिलकर इन सपनों को दोबारा जगा सकते हैं।"</em>

<strong>जनता से सहयोग की अपील</strong>

सरकार अकेले यह काम नहीं कर सकती। इसके लिए जनता का सहयोग जरूरी है।
मिशन चढ़दी कला के तहत लोग <strong>डोनेशन (दान)</strong> कर सकते हैं।
<ul>
 	<li>चाहे आप <strong>₹100</strong> दें या <strong>₹10,000</strong>, हर योगदान मायने रखता है।</li>
 	<li>आपका छोटा सा योगदान किसी बच्चे को स्कूल वापिस भेज सकता है।</li>
 	<li>किसी मां को दोबारा रसोई जमाने में मदद कर सकता है।</li>
 	<li>या किसी बुज़ुर्ग को दवा दिला सकता है।</li>
</ul>
सरकार ने साफ कहा है कि <strong>हर दान की गई राशि का पारदर्शी तरीके से इस्तेमाल किया जाएगा</strong>।

<strong>क्यों जरूरी है यह मदद</strong>

आज भी <strong>7 </strong><strong>लाख लोग बेघर</strong> हैं।
उनके पास न रहने को घर है, न खाने को पर्याप्त साधन।
आपका योगदान उनके लिए उम्मीद की किरण बन सकता है।
यह सिर्फ़ पैसा नहीं, बल्कि <strong>मानवता और भाईचारे का संदेश</strong> होगा।

जैसा कि कहा जाता है,
<em>"</em><em>प्रकृति की मार से भले ही इमारतें गिर जाएं, </em><em>लेकिन इंसानियत और भाईचारा कभी नहीं गिरता।"</em>

मिशन चढ़दी कला पंजाब के लिए सिर्फ़ पुनर्निर्माण का रास्ता नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि पंजाबियत का असली मतलब क्या है — <strong>मुश्किल वक्त में एक-दूसरे का साथ देना।</strong>

आइए, सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हों और अपने छोटे-से कदम से किसी की पूरी ज़िंदगी बदल दें।
पंजाब को फिर से खड़ा करें, उसकी शान लौटाएं और दुनिया को दिखाएं कि <strong>चढ़दी कला</strong> की भावना आज भी जिंदा है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[कल्पना कीजिए कि एक रात में आपका घर, आपकी मेहनत और आपके सपने सबकुछ पानी में बह जाएं। यही दर्दनाक हालात आज पंजाब के लाखों लोग झेल रहे हैं। इस बार की बाढ़ ने पंजाब में तबाही मचाकर रख दी है।

पंजाब के करीब <strong>2,300 </strong><strong>गांव</strong> बाढ़ की चपेट में आए हैं। <strong>20 </strong><strong>लाख से ज्यादा लोग</strong> प्रभावित हुए हैं, जिनमें से <strong>7 </strong><strong>लाख लोग बेघर</strong> हो चुके हैं। अब तक <strong>56 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है। लाखों लोग अपने घर-बार छोड़कर राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। यह बाढ़ पिछले <strong>चार दशकों (40 </strong><strong>साल)</strong> में पंजाब की सबसे भयानक बाढ़ मानी जा रही है।

<strong>फसल और स्कूलों को भारी नुकसान</strong>

इस बाढ़ ने न सिर्फ घर उजाड़े बल्कि किसानों की मेहनत भी मिट्टी में मिला दी।
<ul>
 	<li><strong>5 </strong><strong>लाख एकड़ फसल</strong> पूरी तरह बर्बाद हो गई है।</li>
 	<li><strong>3,200 </strong><strong>सरकारी स्कूल</strong> नुकसान की चपेट में आए हैं।</li>
 	<li>शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक अब तक करीब <strong>13,800 </strong><strong>करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान</strong> हुआ है।</li>
</ul>
लेकिन असल दर्द इन आंकड़ों से कहीं ज्यादा गहरा है। ये सिर्फ़ नंबर नहीं हैं, ये उन असली ज़िंदगियों की कहानियां हैं जिनके सपने पानी में बह गए।

<strong>वीरो बाई की कहानी</strong>

फाज़िल्का ज़िले के <strong>गुड्डर भैणी गांव</strong> की 45 वर्षीय <strong>वीरो बाई</strong> इस तबाही की गवाह हैं। 26 अगस्त को जब सतलुज नदी का पानी उनके घर में घुसा, तो लगभग तीन फुट पानी भर गया। मजबूर होकर उन्होंने अपना सबकुछ छोड़कर परिवार के साथ गांव छोड़ दिया। तब से वह एक राहत शिविर में रह रही हैं।
वीरो बाई कहती हैं,
<em>"</em><em>हमने अपनी छोटी-बड़ी सभी चीजें पीछे छोड़ दीं। बस जान बचाकर भागे। अब सिर्फ इंतज़ार है कि कब घर वापस लौट पाएंगे।"</em>

वीरो बाई जैसी <strong>हजारों कहानियां</strong> पंजाब के अलग-अलग राहत शिविरों में मौजूद हैं।

<strong>सरकार की त्वरित कार्रवाई</strong>

इस संकट के समय पंजाब सरकार ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए।
<ul>
 	<li><strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान</strong> की अगुवाई में सरकारी टीमें दिन-रात काम कर रही हैं।</li>
 	<li>हज़ारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया।</li>
 	<li><strong>राहत शिविर, </strong><strong>खाना, </strong><strong>पीने का पानी, </strong><strong>दवाइयों</strong> की व्यवस्था की गई।</li>
 	<li>अधिकारी और कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बिना बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रहे हैं।</li>
</ul>
सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया ने यह साबित किया कि मुश्किल वक्त में पंजाब सरकार जनता के साथ खड़ी है।

<strong>मिशन चढ़दी कला: पंजाब को फिर से खड़ा करने का संकल्प</strong>

अब जब बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतर रहा है, असली चुनौती शुरू हुई है — <strong>पुनर्निर्माण की चुनौती</strong>।
इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने <strong>'</strong><strong>मिशन चढ़दी कला'</strong> की शुरुआत की है।

ये सिर्फ़ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि पंजाब के पुनर्निर्माण का संकल्प है।
इस मिशन का मकसद है:
<ul>
 	<li>बेघर हुए लोगों के लिए नए घर बनाना।</li>
 	<li>किसानों को दोबारा खेती शुरू करने में मदद करना।</li>
 	<li>स्कूलों को फिर से तैयार करना।</li>
 	<li>बच्चों को पढ़ाई के लिए स्कूल भेजना।</li>
 	<li>बाढ़ पीड़ितों के जीवन को पटरी पर लाना।</li>
</ul>
मुख्यमंत्री ने कहा,
<em>"</em><em>बाढ़ सिर्फ़ पानी नहीं लेकर आई, </em><em>यह लाखों सपनों को बहा ले गई। लेकिन हम सब मिलकर इन सपनों को दोबारा जगा सकते हैं।"</em>

<strong>जनता से सहयोग की अपील</strong>

सरकार अकेले यह काम नहीं कर सकती। इसके लिए जनता का सहयोग जरूरी है।
मिशन चढ़दी कला के तहत लोग <strong>डोनेशन (दान)</strong> कर सकते हैं।
<ul>
 	<li>चाहे आप <strong>₹100</strong> दें या <strong>₹10,000</strong>, हर योगदान मायने रखता है।</li>
 	<li>आपका छोटा सा योगदान किसी बच्चे को स्कूल वापिस भेज सकता है।</li>
 	<li>किसी मां को दोबारा रसोई जमाने में मदद कर सकता है।</li>
 	<li>या किसी बुज़ुर्ग को दवा दिला सकता है।</li>
</ul>
सरकार ने साफ कहा है कि <strong>हर दान की गई राशि का पारदर्शी तरीके से इस्तेमाल किया जाएगा</strong>।

<strong>क्यों जरूरी है यह मदद</strong>

आज भी <strong>7 </strong><strong>लाख लोग बेघर</strong> हैं।
उनके पास न रहने को घर है, न खाने को पर्याप्त साधन।
आपका योगदान उनके लिए उम्मीद की किरण बन सकता है।
यह सिर्फ़ पैसा नहीं, बल्कि <strong>मानवता और भाईचारे का संदेश</strong> होगा।

जैसा कि कहा जाता है,
<em>"</em><em>प्रकृति की मार से भले ही इमारतें गिर जाएं, </em><em>लेकिन इंसानियत और भाईचारा कभी नहीं गिरता।"</em>

मिशन चढ़दी कला पंजाब के लिए सिर्फ़ पुनर्निर्माण का रास्ता नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि पंजाबियत का असली मतलब क्या है — <strong>मुश्किल वक्त में एक-दूसरे का साथ देना।</strong>

आइए, सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हों और अपने छोटे-से कदम से किसी की पूरी ज़िंदगी बदल दें।
पंजाब को फिर से खड़ा करें, उसकी शान लौटाएं और दुनिया को दिखाएं कि <strong>चढ़दी कला</strong> की भावना आज भी जिंदा है।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>आपकी पाई-पाई का पूरा हिसाब! &#8216;Mission Chardikala&#8217; के साथ Mann Government ने रखी Transparency की नई नींव</title>
		<link>https://trendstopic.in/complete-account-of-every-penny-with-mission-chardikala-mann-government-lays-the-foundation-of-transparency/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 20 Sep 2025 04:53:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
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		<category><![CDATA[CSR]]></category>
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		<category><![CDATA[PunjabReconstruction]]></category>
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		<category><![CDATA[RanglaPunjabFund]]></category>
		<category><![CDATA[ReliefFund]]></category>
		<category><![CDATA[Transparency]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब इस समय भयंकर बाढ़ की मार झेल रहा है। फसलों से लेकर घरों तक, हर जगह नुकसान हुआ है और लोगों की ज़िंदगी प्रभावित हुई है। ऐसे मुश्किल समय में <strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान</strong> की अगुवाई में पंजाब सरकार ने एक नया अभियान शुरू किया है – <strong>‘</strong><strong>मिशन चढ़दीकला</strong><strong>’</strong>।

यह मिशन सिर्फ राहत देने तक सीमित नहीं है, बल्कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के <strong>पुनर्वास</strong><strong>, </strong><strong>पुनर्निर्माण और विकास</strong> को तेजी से आगे बढ़ाने का प्रयास है। इसका मकसद राज्य के लोगों और विदेश में बसे <strong>पंजाबी समुदाय (</strong><strong>NRI)</strong> को एकजुट करना है ताकि वे अपने योगदान से पंजाब को फिर से मजबूत, सुरक्षित और खुशहाल बना सकें।

<strong>कैसे काम करता है मिशन चढ़दीकला</strong>

इस मिशन के तहत जो भी योगदान आता है, वह सीधे <strong>‘</strong><strong>रंगला पंजाब विकास फंड</strong><strong>’</strong> में जमा होता है। इस फंड को किसी भी सरकारी बजट की मदद नहीं मिलेगी और यह पूरी तरह <strong>स्वैच्छिक योगदान</strong> पर आधारित होगा।

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए <strong>मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक मॉनिटरिंग कमिटी</strong> बनाई गई है, जिसमें वित्त और योजना विभाग के सदस्य भी शामिल हैं। फंड में जमा हर पैसे का पूरा हिसाब समय-समय पर <strong>सोसाइटी की वेबसाइट</strong> पर उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके अलावा, एनआरआई का योगदान <strong>FCRA </strong><strong>से छूट</strong> के तहत आएगा और कॉर्पोरेट योगदान <strong>CSR </strong><strong>खर्च</strong> माना जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस अभियान में शामिल हो सकें।

<strong>शुरुआत में ही जबरदस्त समर्थन</strong>

मिशन की शुरुआत के <strong>पहले </strong><strong>24 </strong><strong>घंटों में ही </strong><strong>1000 </strong><strong>से ज्यादा लोगों ने योगदान दिया</strong>, जिसमें कई NRI भी शामिल हैं।

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद <strong>डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी</strong> ने ₹1 करोड़ का बड़ा योगदान दिया। राहत और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए <strong>50 </strong><strong>ट्रैक्टर और </strong><strong>10 JCB </strong><strong>मशीनें</strong> भी उपलब्ध कराई गई हैं।

मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> ने पहले 1000 दानियों का धन्यवाद किया और पंजाबियों व NRI समुदाय से अपील की कि वे इस पुण्य कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा,
<em>"</em><em>बाढ़ की मार से प्रभावित पंजाब को मजबूत और सुरक्षित बनाने में आपका योगदान बहुत अहम है।"</em>

<strong>मिशन चढ़दीकला का महत्व</strong>

‘मिशन चढ़दीकला’ केवल एक राहत अभियान नहीं है। यह <strong>पंजाब की मेहनत</strong><strong>, </strong><strong>हिम्मत और एकजुटता</strong> का प्रतीक बन गया है। संकट के समय भी यह दिखाता है कि <strong>मान सरकार जनता के साथ खड़ी है</strong> और हर कदम पर पंजाब को फिर से मजबूत बनाने का संकल्प रखती है।

इस पहल के जरिए सरकार ने यह भी संदेश दिया है कि <strong>संकट में मिलकर काम करना और पारदर्शिता रखना</strong> सबसे बड़ा क़दम है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब इस समय भयंकर बाढ़ की मार झेल रहा है। फसलों से लेकर घरों तक, हर जगह नुकसान हुआ है और लोगों की ज़िंदगी प्रभावित हुई है। ऐसे मुश्किल समय में <strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान</strong> की अगुवाई में पंजाब सरकार ने एक नया अभियान शुरू किया है – <strong>‘</strong><strong>मिशन चढ़दीकला</strong><strong>’</strong>।

यह मिशन सिर्फ राहत देने तक सीमित नहीं है, बल्कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के <strong>पुनर्वास</strong><strong>, </strong><strong>पुनर्निर्माण और विकास</strong> को तेजी से आगे बढ़ाने का प्रयास है। इसका मकसद राज्य के लोगों और विदेश में बसे <strong>पंजाबी समुदाय (</strong><strong>NRI)</strong> को एकजुट करना है ताकि वे अपने योगदान से पंजाब को फिर से मजबूत, सुरक्षित और खुशहाल बना सकें।

<strong>कैसे काम करता है मिशन चढ़दीकला</strong>

इस मिशन के तहत जो भी योगदान आता है, वह सीधे <strong>‘</strong><strong>रंगला पंजाब विकास फंड</strong><strong>’</strong> में जमा होता है। इस फंड को किसी भी सरकारी बजट की मदद नहीं मिलेगी और यह पूरी तरह <strong>स्वैच्छिक योगदान</strong> पर आधारित होगा।

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए <strong>मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक मॉनिटरिंग कमिटी</strong> बनाई गई है, जिसमें वित्त और योजना विभाग के सदस्य भी शामिल हैं। फंड में जमा हर पैसे का पूरा हिसाब समय-समय पर <strong>सोसाइटी की वेबसाइट</strong> पर उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके अलावा, एनआरआई का योगदान <strong>FCRA </strong><strong>से छूट</strong> के तहत आएगा और कॉर्पोरेट योगदान <strong>CSR </strong><strong>खर्च</strong> माना जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस अभियान में शामिल हो सकें।

<strong>शुरुआत में ही जबरदस्त समर्थन</strong>

मिशन की शुरुआत के <strong>पहले </strong><strong>24 </strong><strong>घंटों में ही </strong><strong>1000 </strong><strong>से ज्यादा लोगों ने योगदान दिया</strong>, जिसमें कई NRI भी शामिल हैं।

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद <strong>डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी</strong> ने ₹1 करोड़ का बड़ा योगदान दिया। राहत और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए <strong>50 </strong><strong>ट्रैक्टर और </strong><strong>10 JCB </strong><strong>मशीनें</strong> भी उपलब्ध कराई गई हैं।

मुख्यमंत्री <strong>भगवंत मान</strong> ने पहले 1000 दानियों का धन्यवाद किया और पंजाबियों व NRI समुदाय से अपील की कि वे इस पुण्य कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा,
<em>"</em><em>बाढ़ की मार से प्रभावित पंजाब को मजबूत और सुरक्षित बनाने में आपका योगदान बहुत अहम है।"</em>

<strong>मिशन चढ़दीकला का महत्व</strong>

‘मिशन चढ़दीकला’ केवल एक राहत अभियान नहीं है। यह <strong>पंजाब की मेहनत</strong><strong>, </strong><strong>हिम्मत और एकजुटता</strong> का प्रतीक बन गया है। संकट के समय भी यह दिखाता है कि <strong>मान सरकार जनता के साथ खड़ी है</strong> और हर कदम पर पंजाब को फिर से मजबूत बनाने का संकल्प रखती है।

इस पहल के जरिए सरकार ने यह भी संदेश दिया है कि <strong>संकट में मिलकर काम करना और पारदर्शिता रखना</strong> सबसे बड़ा क़दम है।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>CM ने शुरू किया ‘Mission Chardi Kala’, Punjab Government का बड़ा कदम – Flood Victims’ के Rehabilitation के लिए Internationally स्तर पर Funds जुटाने की अपील</title>
		<link>https://trendstopic.in/cm-launches-mission-chardi-kala-punjab-governments-major-step-to-raise-funds-internationally-for-flood-victims-rehabilitation/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Sep 2025 03:57:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चंडीगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[DisasterRelief]]></category>
		<category><![CDATA[FloodRelief]]></category>
		<category><![CDATA[Fundraising]]></category>
		<category><![CDATA[MissionChardiKala]]></category>
		<category><![CDATA[punjab]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabFloods]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
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		<category><![CDATA[ReliefWork]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने लाखों लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। इस तबाही के बाद अब राज्य सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के जीवन को फिर से पटरी पर लाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> ने आज <strong>‘</strong><strong>मिशन चढ़दी कला</strong><strong>’</strong> की शुरुआत की। इस मिशन का उद्देश्य <strong>अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फंड इकट्ठा करना</strong> और बाढ़ से प्रभावित लोगों के <strong>राहत और पुनर्वास</strong> के लिए उस पैसे का इस्तेमाल करना है।

मुख्यमंत्री ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि यह बाढ़ पंजाब के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक है। उन्होंने कहा कि बाढ़ ने न सिर्फ लोगों के घर और फसलें उजाड़ी हैं, बल्कि लाखों सपनों को भी बहा दिया है।

<strong>बाढ़ से हुए बड़े नुकसान</strong>

सीएम मान ने बताया कि इस बाढ़ ने पंजाब को गहरा जख्म दिया है:
<ul>
 	<li><strong>2300 </strong><strong>गांव</strong> पूरी तरह डूब गए।</li>
 	<li><strong>20 </strong><strong>लाख लोग</strong> प्रभावित हुए।</li>
 	<li><strong>7 </strong><strong>लाख लोग बेघर</strong> हो गए।</li>
 	<li><strong>5 </strong><strong>लाख एकड़ फसल</strong> पूरी तरह नष्ट हो गई।</li>
 	<li>अब तक <strong>56 </strong><strong>लोगों की जान</strong> जा चुकी है।</li>
 	<li><strong>3200 </strong><strong>स्कूल</strong>, <strong>19 </strong><strong>कॉलेज</strong> और <strong>1400 </strong><strong>क्लीनिक व अस्पताल</strong> तबाह हो गए।</li>
 	<li><strong>8500 </strong><strong>किलोमीटर सड़कें</strong> बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।</li>
 	<li><strong>2500 </strong><strong>पुल</strong> ढह गए।</li>
 	<li>शुरुआती अनुमान के मुताबिक <strong>13,800 </strong><strong>करोड़ रुपये का नुकसान</strong> हुआ है, लेकिन असली नुकसान इससे कहीं ज्यादा हो सकता है।</li>
</ul>
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं है, बल्कि पंजाब के लिए <strong>सबसे बड़ी चुनौती</strong> भी है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि पंजाबियों ने कभी हार नहीं मानी और हर संकट में एकजुट होकर खड़े हुए हैं।

<strong>पंजाबियों की एकजुटता </strong><strong>– </strong><strong>बाढ़ के दौरान मानवता की मिसाल</strong>

सीएम मान ने बाढ़ के समय पंजाबियों की एकजुटता को सलाम किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान कई <strong>युवा अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाते रहे</strong>।
<ul>
 	<li>गुरुद्वारों, मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों ने <strong>अपने दरवाजे खोल दिए और लंगर चलाए</strong>।</li>
 	<li>पूरा पंजाब <strong>एक परिवार की तरह खड़ा हुआ</strong>, और सबने मिलकर मदद की।</li>
</ul>
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंजाब की सबसे बड़ी ताकत है – <strong>चढ़दी कला की भावना</strong>, यानी मुश्किल वक्त में भी हिम्मत और उम्मीद बनाए रखना।

<strong>अब राहत से आगे बढ़कर पुनर्वास की जरूरत</strong>

मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत कार्य जरूरी हैं, लेकिन अब हमें आगे बढ़कर <strong>पुनर्वास और पुनर्निर्माण</strong> पर ध्यान देना होगा।
<ul>
 	<li>किसानों को <strong>फिर से खेतों में काम शुरू करना होगा</strong>।</li>
 	<li>बच्चों को <strong>स्कूल लौटना होगा</strong>।</li>
 	<li>परिवारों को <strong>अपने घर दोबारा बसाने होंगे</strong>।</li>
</ul>
इसी सोच के साथ ‘मिशन चढ़दी कला’ की शुरुआत की गई है। इस मिशन का मकसद है कि बाढ़ पीड़ित परिवार फिर से सामान्य जीवन जी सकें।

<strong>फंड जुटाने के लिए अपील</strong>

मुख्यमंत्री ने पंजाब, भारत और पूरी दुनिया में बसे पंजाबियों, उद्योगपतियों, कलाकारों और चैरिटेबल ट्रस्टों से <strong>दिल से अपील</strong> की है कि वे खुले दिल से इस मिशन में सहयोग करें।
<ul>
 	<li><strong>दान ऑनलाइन किया जा सकता है:</strong> इसके लिए सरकार ने <strong><a href="http://www.rangla.punjab.gov.in/">www.rangla.punjab.gov.in</a></strong> वेबसाइट शुरू की है।</li>
 	<li>मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि <strong>हर एक पैसा पूरी पारदर्शिता</strong> के साथ सिर्फ बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास और निर्माण कार्यों पर ही खर्च किया जाएगा।</li>
</ul>
उन्होंने कहा कि अब वक्त है कि हम सब मिलकर यह साबित करें कि <strong>"</strong><strong>पंजाब कभी हार नहीं मानता"</strong> और हमेशा <strong>चढ़दी कला</strong> में रहता है।

<strong>निगरानी के लिए वार रूम</strong>

सीएम मान ने बताया कि उनके कार्यालय में <strong>एक वार रूम</strong> बनाया गया है।
<ul>
 	<li>यह वार रूम ‘मिशन चढ़दी कला’ से जुड़ी <strong>हर गतिविधि की सीधी निगरानी</strong> करेगा।</li>
 	<li>मुख्यमंत्री खुद <strong>रोजाना इसकी समीक्षा</strong> करेंगे।</li>
</ul>
<strong>प्रशासन को दिए गए निर्देश</strong>

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के <strong>डिप्टी कमिश्नरों</strong> के साथ बैठक की।
<ul>
 	<li>उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि <strong>बाढ़ राहत कैंपों और प्रभावित इलाकों का रोजाना दौरा</strong> करें।</li>
 	<li>सुनिश्चित करें कि किसी भी व्यक्ति को <strong>मदद पाने में कोई परेशानी न हो</strong>।</li>
 	<li>हर दान की राशि और खर्च का <strong>रिकॉर्ड पूरी तरह पारदर्शी</strong> रखा जाए।</li>
</ul>
<strong>बैठक में मौजूद अधिकारी</strong>

इस बैठक में <strong>वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा</strong>, <strong>मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा</strong> और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

‘मिशन चढ़दी कला’ सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह पंजाब को फिर से खड़ा करने का एक <strong>सामूहिक प्रयास</strong> है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने साफ किया कि सरकार, आम जनता और दुनिया भर में बसे पंजाबी एक साथ मिलकर ही इस चुनौती को पार कर सकते हैं।

<strong>मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट है:</strong>
<em>"</em><em>अपनों का पुनर्वास अपने ही करेंगे। आइए</em><em>, </em><em>इस मिशन का हिस्सा बनें और मिलकर पंजाब को फिर से मजबूती से खड़ा करें।"</em>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब में हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने लाखों लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। इस तबाही के बाद अब राज्य सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के जीवन को फिर से पटरी पर लाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> ने आज <strong>‘</strong><strong>मिशन चढ़दी कला</strong><strong>’</strong> की शुरुआत की। इस मिशन का उद्देश्य <strong>अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फंड इकट्ठा करना</strong> और बाढ़ से प्रभावित लोगों के <strong>राहत और पुनर्वास</strong> के लिए उस पैसे का इस्तेमाल करना है।

मुख्यमंत्री ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि यह बाढ़ पंजाब के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक है। उन्होंने कहा कि बाढ़ ने न सिर्फ लोगों के घर और फसलें उजाड़ी हैं, बल्कि लाखों सपनों को भी बहा दिया है।

<strong>बाढ़ से हुए बड़े नुकसान</strong>

सीएम मान ने बताया कि इस बाढ़ ने पंजाब को गहरा जख्म दिया है:
<ul>
 	<li><strong>2300 </strong><strong>गांव</strong> पूरी तरह डूब गए।</li>
 	<li><strong>20 </strong><strong>लाख लोग</strong> प्रभावित हुए।</li>
 	<li><strong>7 </strong><strong>लाख लोग बेघर</strong> हो गए।</li>
 	<li><strong>5 </strong><strong>लाख एकड़ फसल</strong> पूरी तरह नष्ट हो गई।</li>
 	<li>अब तक <strong>56 </strong><strong>लोगों की जान</strong> जा चुकी है।</li>
 	<li><strong>3200 </strong><strong>स्कूल</strong>, <strong>19 </strong><strong>कॉलेज</strong> और <strong>1400 </strong><strong>क्लीनिक व अस्पताल</strong> तबाह हो गए।</li>
 	<li><strong>8500 </strong><strong>किलोमीटर सड़कें</strong> बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।</li>
 	<li><strong>2500 </strong><strong>पुल</strong> ढह गए।</li>
 	<li>शुरुआती अनुमान के मुताबिक <strong>13,800 </strong><strong>करोड़ रुपये का नुकसान</strong> हुआ है, लेकिन असली नुकसान इससे कहीं ज्यादा हो सकता है।</li>
</ul>
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं है, बल्कि पंजाब के लिए <strong>सबसे बड़ी चुनौती</strong> भी है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि पंजाबियों ने कभी हार नहीं मानी और हर संकट में एकजुट होकर खड़े हुए हैं।

<strong>पंजाबियों की एकजुटता </strong><strong>– </strong><strong>बाढ़ के दौरान मानवता की मिसाल</strong>

सीएम मान ने बाढ़ के समय पंजाबियों की एकजुटता को सलाम किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान कई <strong>युवा अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाते रहे</strong>।
<ul>
 	<li>गुरुद्वारों, मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों ने <strong>अपने दरवाजे खोल दिए और लंगर चलाए</strong>।</li>
 	<li>पूरा पंजाब <strong>एक परिवार की तरह खड़ा हुआ</strong>, और सबने मिलकर मदद की।</li>
</ul>
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंजाब की सबसे बड़ी ताकत है – <strong>चढ़दी कला की भावना</strong>, यानी मुश्किल वक्त में भी हिम्मत और उम्मीद बनाए रखना।

<strong>अब राहत से आगे बढ़कर पुनर्वास की जरूरत</strong>

मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत कार्य जरूरी हैं, लेकिन अब हमें आगे बढ़कर <strong>पुनर्वास और पुनर्निर्माण</strong> पर ध्यान देना होगा।
<ul>
 	<li>किसानों को <strong>फिर से खेतों में काम शुरू करना होगा</strong>।</li>
 	<li>बच्चों को <strong>स्कूल लौटना होगा</strong>।</li>
 	<li>परिवारों को <strong>अपने घर दोबारा बसाने होंगे</strong>।</li>
</ul>
इसी सोच के साथ ‘मिशन चढ़दी कला’ की शुरुआत की गई है। इस मिशन का मकसद है कि बाढ़ पीड़ित परिवार फिर से सामान्य जीवन जी सकें।

<strong>फंड जुटाने के लिए अपील</strong>

मुख्यमंत्री ने पंजाब, भारत और पूरी दुनिया में बसे पंजाबियों, उद्योगपतियों, कलाकारों और चैरिटेबल ट्रस्टों से <strong>दिल से अपील</strong> की है कि वे खुले दिल से इस मिशन में सहयोग करें।
<ul>
 	<li><strong>दान ऑनलाइन किया जा सकता है:</strong> इसके लिए सरकार ने <strong><a href="http://www.rangla.punjab.gov.in/">www.rangla.punjab.gov.in</a></strong> वेबसाइट शुरू की है।</li>
 	<li>मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि <strong>हर एक पैसा पूरी पारदर्शिता</strong> के साथ सिर्फ बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास और निर्माण कार्यों पर ही खर्च किया जाएगा।</li>
</ul>
उन्होंने कहा कि अब वक्त है कि हम सब मिलकर यह साबित करें कि <strong>"</strong><strong>पंजाब कभी हार नहीं मानता"</strong> और हमेशा <strong>चढ़दी कला</strong> में रहता है।

<strong>निगरानी के लिए वार रूम</strong>

सीएम मान ने बताया कि उनके कार्यालय में <strong>एक वार रूम</strong> बनाया गया है।
<ul>
 	<li>यह वार रूम ‘मिशन चढ़दी कला’ से जुड़ी <strong>हर गतिविधि की सीधी निगरानी</strong> करेगा।</li>
 	<li>मुख्यमंत्री खुद <strong>रोजाना इसकी समीक्षा</strong> करेंगे।</li>
</ul>
<strong>प्रशासन को दिए गए निर्देश</strong>

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के <strong>डिप्टी कमिश्नरों</strong> के साथ बैठक की।
<ul>
 	<li>उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि <strong>बाढ़ राहत कैंपों और प्रभावित इलाकों का रोजाना दौरा</strong> करें।</li>
 	<li>सुनिश्चित करें कि किसी भी व्यक्ति को <strong>मदद पाने में कोई परेशानी न हो</strong>।</li>
 	<li>हर दान की राशि और खर्च का <strong>रिकॉर्ड पूरी तरह पारदर्शी</strong> रखा जाए।</li>
</ul>
<strong>बैठक में मौजूद अधिकारी</strong>

इस बैठक में <strong>वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा</strong>, <strong>मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा</strong> और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

‘मिशन चढ़दी कला’ सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह पंजाब को फिर से खड़ा करने का एक <strong>सामूहिक प्रयास</strong> है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने साफ किया कि सरकार, आम जनता और दुनिया भर में बसे पंजाबी एक साथ मिलकर ही इस चुनौती को पार कर सकते हैं।

<strong>मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट है:</strong>
<em>"</em><em>अपनों का पुनर्वास अपने ही करेंगे। आइए</em><em>, </em><em>इस मिशन का हिस्सा बनें और मिलकर पंजाब को फिर से मजबूती से खड़ा करें।"</em>]]></content:encoded>
					
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