<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>HomeMinister &#8211; Trends Topic</title>
	<atom:link href="https://trendstopic.in/tag/homeminister/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://trendstopic.in</link>
	<description>to always keep you aware</description>
	<lastBuildDate>Mon, 17 Nov 2025 06:11:39 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.4.8</generator>

<image>
	<url>https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2024/03/cropped-TREND-TOPIC-1-32x32.png</url>
	<title>HomeMinister &#8211; Trends Topic</title>
	<link>https://trendstopic.in</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>Amit Shah की Haryana यात्रा: 17 November को Faridabad में होगी Northern Zonal Council की अहम Meeting; Internal Security पर चर्चा होगी</title>
		<link>https://trendstopic.in/amit-shahs-haryana-visit-key-northern-zonal-council-meeting-to-be-held-in-faridabad-on-november-17-internal-security-to-be-discussed/</link>
					<comments>https://trendstopic.in/amit-shahs-haryana-visit-key-northern-zonal-council-meeting-to-be-held-in-faridabad-on-november-17-internal-security-to-be-discussed/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Nov 2025 06:11:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[AmitShah]]></category>
		<category><![CDATA[Faridabad]]></category>
		<category><![CDATA[GovernmentMeeting]]></category>
		<category><![CDATA[haryana]]></category>
		<category><![CDATA[HomeMinister]]></category>
		<category><![CDATA[IndiaNews]]></category>
		<category><![CDATA[InternalSecurity]]></category>
		<category><![CDATA[NorthernZonalCouncil]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://trendstopic.in/?p=26785</guid>

					<description><![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्री <strong>अमित शाह</strong> सोमवार को हरियाणा के फरीदाबाद में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद (Northern Zonal Council) की <strong>32</strong><strong>वीं बैठक</strong> की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक का आयोजन गृह मंत्रालय के इंटर-स्टेट काउंसिल सचिवालय द्वारा किया जा रहा है और हरियाणा सरकार इसे मेजबान कर रही है।
<h3>बैठक में कौन-कौन शामिल होंगे</h3>
इस बैठक में कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उप-राज्यपाल, वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। परिषद में ये राज्य / प्रदेश हैं: हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़।
हरियाणा के मुख्यमंत्री इस साल इस परिषद के <strong>उपाध्यक्ष</strong> हैं क्योंकि यह पद साल दर साल घुमावदार होता है।
<h3>एजेंडा: क्या-क्या चर्चा होगी</h3>
बैठक में कई बड़े और संवेदनशील मुद्दों पर मंथन किया जाना है। इनमें प्रमुख हैं:
<ul>
 	<li><strong>यौन अपराधों की जांच</strong>: महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों की तेज़ और प्रभावी जांच पर ज़ोर।</li>
 	<li><strong>फास्ट-ट्रैक विशेष न्यायालय (FTSC)</strong>: यौन अपराधों के मामलों को जल्दी निपटाने के लिए विशेष अदालतों की स्थापना।</li>
 	<li><strong>आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (ERSS-112)</strong>: हरियाणा समेत अन्य राज्यों में आपातकालीन कॉल रिस्पॉन्स सिस्टम के बेहतर संचालन की योजना।</li>
 	<li><strong>ग्रामीण बैंकों की पहुंच</strong>: हर गांव में भौतिक बैंकिंग सुविधाएँ (brick-and-mortar बैंक) उपलब्ध कराने का प्रस्ताव, ताकि लोग बैंकिंग सेवाओं के करीब हों।</li>
 	<li><strong>क्षेत्रीय विकास</strong>: पोषण (nutrition), शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, शहरी नियोजन और सहकारी व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी, जो क्षेत्र के सामान्य हित में हैं।</li>
</ul>
<h3></h3>
<img class="alignnone  wp-image-26787" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/11/ezgif-2e7943032926e51b_1763355619-300x169.jpg" alt="" width="636" height="358" />
<h3></h3>
<h3>क्षेत्रीय परिषद का महत्व</h3>
<ul>
 	<li>उत्तरी क्षेत्रीय परिषद पांच ज़ोनल काउंसिलों में से एक है, जिसे <em>States Reorganisation Act, 1956</em> (धारा 15-22) के तहत बनाया गया था।</li>
 	<li>यह परिषद अधिकतर एक <strong>सलाहकार (advisory)</strong> संस्था होती है, लेकिन यह राज्यों और केंद्र के बीच आपसी समझ और सहयोग को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच है।</li>
 	<li>हर परिषद के अंदर <strong>मुख्य सचिवों की एक स्थायी समिति</strong> होती है, जो पहले प्रस्तावों पर काम करती है, और फिर उन्हें पूरी परिषद की बैठक में आगे बढ़ाती है।</li>
 	<li>पिछले <strong>11 </strong><strong>सालों में</strong>, इस और अन्य क्षेत्रीय परिषदों की कुल <strong>63 </strong><strong>बैठकें</strong> और उनकी समितियों की बैठकें हो चुकी हैं।</li>
 	<li>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “<strong>Team Bharat</strong>” विज़न भी इसी तंत्र से जुड़ा हुआ है — क्योंकि मजबूत राज्य ही एक मजबूत राष्ट्र बनाते हैं, और क्षेत्रीय परिषदें इसी सहयोग की नींव हैं।</li>
</ul>
<h3>सुरक्षा और तैयारी</h3>
फरीदाबाद प्रशासन, स्थानीय पुलिस और सीएमओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) पहले से ही बैठक के लिए <strong>सुरक्षा-व्यवस्था</strong>, यातायात प्रबंध, आवास और आपातकालीन व्यवस्थाओं (एमरजेंसी सर्विस) पर कड़ी तैयारी कर रहे हैं।
<h3>“दिल्ली ब्लास्ट” वाली बात पर क्या कहना है</h3>
आपके सवाल में “दिल्ली ब्लास्ट की इन्वेस्टिगेशन” का ज़िक्र है, लेकिन <strong>मौजूदा रिपोर्ट्स</strong> में ऐसी कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल रही है कि यह बैठक खास तौर पर उस धमाके की जांच पर आधारित हो। ज्यादातर समाचार में कहा गया है कि एजेंडा में <em>यौन अपराध, </em><em>आपातकालीन प्रतिक्रिया, </em><em>क्षेत्रीय विकास</em> जैसे मुद्दे हैं — न कि सिर्फ़ दिल्ली धमाके की इन्वेस्टिगेशन।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्री <strong>अमित शाह</strong> सोमवार को हरियाणा के फरीदाबाद में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद (Northern Zonal Council) की <strong>32</strong><strong>वीं बैठक</strong> की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक का आयोजन गृह मंत्रालय के इंटर-स्टेट काउंसिल सचिवालय द्वारा किया जा रहा है और हरियाणा सरकार इसे मेजबान कर रही है।
<h3>बैठक में कौन-कौन शामिल होंगे</h3>
इस बैठक में कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उप-राज्यपाल, वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। परिषद में ये राज्य / प्रदेश हैं: हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़।
हरियाणा के मुख्यमंत्री इस साल इस परिषद के <strong>उपाध्यक्ष</strong> हैं क्योंकि यह पद साल दर साल घुमावदार होता है।
<h3>एजेंडा: क्या-क्या चर्चा होगी</h3>
बैठक में कई बड़े और संवेदनशील मुद्दों पर मंथन किया जाना है। इनमें प्रमुख हैं:
<ul>
 	<li><strong>यौन अपराधों की जांच</strong>: महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों की तेज़ और प्रभावी जांच पर ज़ोर।</li>
 	<li><strong>फास्ट-ट्रैक विशेष न्यायालय (FTSC)</strong>: यौन अपराधों के मामलों को जल्दी निपटाने के लिए विशेष अदालतों की स्थापना।</li>
 	<li><strong>आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (ERSS-112)</strong>: हरियाणा समेत अन्य राज्यों में आपातकालीन कॉल रिस्पॉन्स सिस्टम के बेहतर संचालन की योजना।</li>
 	<li><strong>ग्रामीण बैंकों की पहुंच</strong>: हर गांव में भौतिक बैंकिंग सुविधाएँ (brick-and-mortar बैंक) उपलब्ध कराने का प्रस्ताव, ताकि लोग बैंकिंग सेवाओं के करीब हों।</li>
 	<li><strong>क्षेत्रीय विकास</strong>: पोषण (nutrition), शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, शहरी नियोजन और सहकारी व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी, जो क्षेत्र के सामान्य हित में हैं।</li>
</ul>
<h3></h3>
<img class="alignnone  wp-image-26787" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/11/ezgif-2e7943032926e51b_1763355619-300x169.jpg" alt="" width="636" height="358" />
<h3></h3>
<h3>क्षेत्रीय परिषद का महत्व</h3>
<ul>
 	<li>उत्तरी क्षेत्रीय परिषद पांच ज़ोनल काउंसिलों में से एक है, जिसे <em>States Reorganisation Act, 1956</em> (धारा 15-22) के तहत बनाया गया था।</li>
 	<li>यह परिषद अधिकतर एक <strong>सलाहकार (advisory)</strong> संस्था होती है, लेकिन यह राज्यों और केंद्र के बीच आपसी समझ और सहयोग को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच है।</li>
 	<li>हर परिषद के अंदर <strong>मुख्य सचिवों की एक स्थायी समिति</strong> होती है, जो पहले प्रस्तावों पर काम करती है, और फिर उन्हें पूरी परिषद की बैठक में आगे बढ़ाती है।</li>
 	<li>पिछले <strong>11 </strong><strong>सालों में</strong>, इस और अन्य क्षेत्रीय परिषदों की कुल <strong>63 </strong><strong>बैठकें</strong> और उनकी समितियों की बैठकें हो चुकी हैं।</li>
 	<li>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “<strong>Team Bharat</strong>” विज़न भी इसी तंत्र से जुड़ा हुआ है — क्योंकि मजबूत राज्य ही एक मजबूत राष्ट्र बनाते हैं, और क्षेत्रीय परिषदें इसी सहयोग की नींव हैं।</li>
</ul>
<h3>सुरक्षा और तैयारी</h3>
फरीदाबाद प्रशासन, स्थानीय पुलिस और सीएमओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) पहले से ही बैठक के लिए <strong>सुरक्षा-व्यवस्था</strong>, यातायात प्रबंध, आवास और आपातकालीन व्यवस्थाओं (एमरजेंसी सर्विस) पर कड़ी तैयारी कर रहे हैं।
<h3>“दिल्ली ब्लास्ट” वाली बात पर क्या कहना है</h3>
आपके सवाल में “दिल्ली ब्लास्ट की इन्वेस्टिगेशन” का ज़िक्र है, लेकिन <strong>मौजूदा रिपोर्ट्स</strong> में ऐसी कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल रही है कि यह बैठक खास तौर पर उस धमाके की जांच पर आधारित हो। ज्यादातर समाचार में कहा गया है कि एजेंडा में <em>यौन अपराध, </em><em>आपातकालीन प्रतिक्रिया, </em><em>क्षेत्रीय विकास</em> जैसे मुद्दे हैं — न कि सिर्फ़ दिल्ली धमाके की इन्वेस्टिगेशन।]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://trendstopic.in/amit-shahs-haryana-visit-key-northern-zonal-council-meeting-to-be-held-in-faridabad-on-november-17-internal-security-to-be-discussed/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
		<enclosure url="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/11/1280x720_2540482-amit-shah.jpg" length="97030" type="image/jpeg" />
	</item>
		<item>
		<title>Amit Shah का सख्त statement: “infiltrators का पता लगाएंगे और country से निकालेंगे”, voting rights सिर्फ Indian को</title>
		<link>https://trendstopic.in/amit-shahs-stern-statement-we-will-identify-infiltrators-and-remove-them-from-the-country-voting-rights-belong-only-to-indian-citizens/</link>
					<comments>https://trendstopic.in/amit-shahs-stern-statement-we-will-identify-infiltrators-and-remove-them-from-the-country-voting-rights-belong-only-to-indian-citizens/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Oct 2025 04:44:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[AmitShah]]></category>
		<category><![CDATA[bharat]]></category>
		<category><![CDATA[BiharNews]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[Citizenship]]></category>
		<category><![CDATA[CurrentAffairs]]></category>
		<category><![CDATA[HomeMinister]]></category>
		<category><![CDATA[IllegalImmigration]]></category>
		<category><![CDATA[IndianCitizens]]></category>
		<category><![CDATA[IndiaNews]]></category>
		<category><![CDATA[Infiltrators]]></category>
		<category><![CDATA[ModiGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[SIR]]></category>
		<category><![CDATA[VotingRights]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://trendstopic.in/?p=25823</guid>

					<description><![CDATA[केंद्रीय गृहमंत्री <strong>अमित शाह</strong> ने देश में अवैध घुसपैठ (infiltration) और मतदाता सूची (voter list) संशोधन को लेकर कड़ा रुख पेश किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को भी बिना रोक-टोक भारत में आने दिया गया तो हमारा देश “धर्मशाला” (guesthouse) बन जाएगा, इसलिए घुसपैठ को राजनीतिक रक्षा नहीं मिलनी चाहिए — उन्हें पहचानो, वोटर लिस्ट से हटाओ और देश से निकास करो (detect, delete and deport)।
<h2>कहाँ और कब कहा?</h2>
शाह के ये बयान दो अलग-अलग मौकों पर आए:
<ol>
 	<li><strong>एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम</strong> में उन्होंने घुसपैठ और SIR (Special Intensive Revision) पर बात की।</li>
 	<li><strong>8 </strong><strong>अगस्त 2025</strong> को बिहार के सीतामढ़ी (Punaura Dham) में माता जानकी/जापनी मंदिर के भूमि-पूजन के दौरान भी उन्होंने वही बातें दोहराईं और कहा कि जो भारत में पैदा नहीं हुए, उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं होना चाहिए। इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री <strong>नीतीश कुमार</strong> और डिप्टी CM <strong>सम्राट चौधरी</strong> भी मौजूद थे।</li>
</ol>
<h2>शाह ने क्या कहा — आसान भाषा में (मुख्य बिंदु)</h2>
<ul>
 	<li><strong>घुसपैठियों</strong> और <strong>शरणार्थियों</strong> (refugees) में फर्क बताया: जिन लोगों पर धार्मिक उत्पीड़न हुआ और वे शरण के लिए आए, वे अलग हैं; पर जो आर्थिक वजह या अन्य कारणों से <strong>अवैध तरीके से</strong> भारत में आते हैं, वे घुसपैठिये हैं।</li>
 	<li>सरकार और चुनाव आयोग <strong>SIR (Special Intensive Revision)</strong> कर रहे हैं — यह मतदाता सूची साफ करने की प्रक्रिया है। शाह ने कहा कि SIR को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए क्योंकि यह चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है।</li>
 	<li><strong>वोट देने का अधिकार सिर्फ भारतीय नागरिकों को</strong> होना चाहिए — जो विदेश में पैदा हुए या अवैध तरीके से आए लोग हैं, उन्हें वोट नहीं देना चाहिए। शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे घुसपैठियों की रक्षा कर रहे हैं क्योंकि वे उनका “vote bank” हैं।</li>
 	<li>भाजपा की नीति के रूप में <strong>“Detect, Delete and Deport”</strong> की बात दोहराई गई — यानी पहचान, मतदाता सूची से हटाना और देश से निष्कासन।</li>
</ul>
<h2>शाह ने किसका नाम लिया?</h2>
शाह ने सीधे तौर पर विपक्षी नेताओं को आड़े हाथों लिया — उन्होंने <strong>लालू प्रसाद यादव</strong> और <strong>राहुल गांधी</strong> का नाम लेते हुए कहा कि ये नेता घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं क्योंकि वे उनका वोट बैंक हैं। इस बात को उन्होंने सीतामढ़ी के कार्यक्रम में दुहराया।
<h2>सरकार का स्टैंड और सरकारी प्रेस नोट</h2>
गृह मंत्रालय/सरकारी प्रेस (PIB) में भी शाह ने ‘Infiltration, Demographic Change and Democracy’ जैसे विषयों पर भाषण दिया और कहा कि अवैध घुसपैठ देश की सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान के लिए खतरा है। साथ ही उन्होंने CAA (Citizenship Amendment Act) का जिक्र करते हुए कहा कि किसी-किसी समुदाय के शरणार्थियों के अधिकारों का अलग से ध्यान रखा गया है।
<h2>विपक्ष की प्रतिक्रिया (सारांश)</h2>
विपक्षी दलों ने SIR और मतदाता सूची में बदलाव पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि ऐसे कदमों का राजनीतिक उद्देश्‍य भी हो सकता है। शाह का आरोप है कि विपक्ष ही SIR का विरोध इसलिए कर रहा है ताकि उनका वोट बैंक सुरक्षित रहे; वहीं विपक्ष का कहना है कि किसी भी नागरिक को गलत तरीके से हटाया न जाए। (बातचीत में कोर्ट जाने का विकल्प भी सुझाया गया)।
<h2>सन्दर्भ और प्रसंग</h2>
<ul>
 	<li>शाह ने यह मुद्दा बिहार चुनाव और वहां चल रहे SIR बहस के बीच उठाया — Sitamarhi में माता जानकी मंदिर के विकास के मौके पर यह बयान राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।</li>
 	<li>कई मीडिया रिपोर्ट्स और सरकारी नोटिसों में शाह के “detect, delete and deport” और SIR समर्थन वाले बयानों को कवर किया गया है — ये बयान हाल के सार्वजनिक कार्यक्रमों (अगस्त–अक्टूबर 2025) में आए।</li>
</ul>
<h2>क्या हुआ अब तक — एक नज़र में</h2>
<ul>
 	<li>गृह मंत्री ने SIR का खुलकर समर्थन किया और कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतंत्र की स्वच्छता का मुद्दा है।</li>
 	<li>शाह ने घुसपैठियों को पहचान कर मतदाता सूची से हटाने और निर्वासित करने की नीति पर जोर दिया।</li>
 	<li>सीतामढ़ी के कार्यक्रम में उन्होंनें कहा कि <strong>जो भारत में जन्मे नहीं</strong> उन्हें वोट का अधिकार नहीं होना चाहिए और कुछ लोग पड़ोसी देशों से आकर बिहार में नौकरियाँ ले रहे हैं — यह भी उनका आरोप रहा।</li>
</ul>
यह मुद्दा भारत के चुनावी और सामाजिक परिदृश्य में संवेदनशील है। शाह ने इसे ‘नेशनल सिक्योरिटी’ और ‘डेमोग्राफिक चेंज’ के नजरिए से रखा है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक एवं मानवाधिकार के रुख से देखता है। आगे क्या होगा — SIR की प्रक्रिया, कोर्ट-केसेज़ या चुनावी राजनीति — यह आगे के दिनों में स्पष्ट होगा। सरकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ शाह के बयान हालिया सार्वजनिक कार्यक्रमों में दर्ज हैं।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[केंद्रीय गृहमंत्री <strong>अमित शाह</strong> ने देश में अवैध घुसपैठ (infiltration) और मतदाता सूची (voter list) संशोधन को लेकर कड़ा रुख पेश किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को भी बिना रोक-टोक भारत में आने दिया गया तो हमारा देश “धर्मशाला” (guesthouse) बन जाएगा, इसलिए घुसपैठ को राजनीतिक रक्षा नहीं मिलनी चाहिए — उन्हें पहचानो, वोटर लिस्ट से हटाओ और देश से निकास करो (detect, delete and deport)।
<h2>कहाँ और कब कहा?</h2>
शाह के ये बयान दो अलग-अलग मौकों पर आए:
<ol>
 	<li><strong>एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम</strong> में उन्होंने घुसपैठ और SIR (Special Intensive Revision) पर बात की।</li>
 	<li><strong>8 </strong><strong>अगस्त 2025</strong> को बिहार के सीतामढ़ी (Punaura Dham) में माता जानकी/जापनी मंदिर के भूमि-पूजन के दौरान भी उन्होंने वही बातें दोहराईं और कहा कि जो भारत में पैदा नहीं हुए, उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं होना चाहिए। इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री <strong>नीतीश कुमार</strong> और डिप्टी CM <strong>सम्राट चौधरी</strong> भी मौजूद थे।</li>
</ol>
<h2>शाह ने क्या कहा — आसान भाषा में (मुख्य बिंदु)</h2>
<ul>
 	<li><strong>घुसपैठियों</strong> और <strong>शरणार्थियों</strong> (refugees) में फर्क बताया: जिन लोगों पर धार्मिक उत्पीड़न हुआ और वे शरण के लिए आए, वे अलग हैं; पर जो आर्थिक वजह या अन्य कारणों से <strong>अवैध तरीके से</strong> भारत में आते हैं, वे घुसपैठिये हैं।</li>
 	<li>सरकार और चुनाव आयोग <strong>SIR (Special Intensive Revision)</strong> कर रहे हैं — यह मतदाता सूची साफ करने की प्रक्रिया है। शाह ने कहा कि SIR को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए क्योंकि यह चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है।</li>
 	<li><strong>वोट देने का अधिकार सिर्फ भारतीय नागरिकों को</strong> होना चाहिए — जो विदेश में पैदा हुए या अवैध तरीके से आए लोग हैं, उन्हें वोट नहीं देना चाहिए। शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे घुसपैठियों की रक्षा कर रहे हैं क्योंकि वे उनका “vote bank” हैं।</li>
 	<li>भाजपा की नीति के रूप में <strong>“Detect, Delete and Deport”</strong> की बात दोहराई गई — यानी पहचान, मतदाता सूची से हटाना और देश से निष्कासन।</li>
</ul>
<h2>शाह ने किसका नाम लिया?</h2>
शाह ने सीधे तौर पर विपक्षी नेताओं को आड़े हाथों लिया — उन्होंने <strong>लालू प्रसाद यादव</strong> और <strong>राहुल गांधी</strong> का नाम लेते हुए कहा कि ये नेता घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं क्योंकि वे उनका वोट बैंक हैं। इस बात को उन्होंने सीतामढ़ी के कार्यक्रम में दुहराया।
<h2>सरकार का स्टैंड और सरकारी प्रेस नोट</h2>
गृह मंत्रालय/सरकारी प्रेस (PIB) में भी शाह ने ‘Infiltration, Demographic Change and Democracy’ जैसे विषयों पर भाषण दिया और कहा कि अवैध घुसपैठ देश की सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान के लिए खतरा है। साथ ही उन्होंने CAA (Citizenship Amendment Act) का जिक्र करते हुए कहा कि किसी-किसी समुदाय के शरणार्थियों के अधिकारों का अलग से ध्यान रखा गया है।
<h2>विपक्ष की प्रतिक्रिया (सारांश)</h2>
विपक्षी दलों ने SIR और मतदाता सूची में बदलाव पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि ऐसे कदमों का राजनीतिक उद्देश्‍य भी हो सकता है। शाह का आरोप है कि विपक्ष ही SIR का विरोध इसलिए कर रहा है ताकि उनका वोट बैंक सुरक्षित रहे; वहीं विपक्ष का कहना है कि किसी भी नागरिक को गलत तरीके से हटाया न जाए। (बातचीत में कोर्ट जाने का विकल्प भी सुझाया गया)।
<h2>सन्दर्भ और प्रसंग</h2>
<ul>
 	<li>शाह ने यह मुद्दा बिहार चुनाव और वहां चल रहे SIR बहस के बीच उठाया — Sitamarhi में माता जानकी मंदिर के विकास के मौके पर यह बयान राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।</li>
 	<li>कई मीडिया रिपोर्ट्स और सरकारी नोटिसों में शाह के “detect, delete and deport” और SIR समर्थन वाले बयानों को कवर किया गया है — ये बयान हाल के सार्वजनिक कार्यक्रमों (अगस्त–अक्टूबर 2025) में आए।</li>
</ul>
<h2>क्या हुआ अब तक — एक नज़र में</h2>
<ul>
 	<li>गृह मंत्री ने SIR का खुलकर समर्थन किया और कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतंत्र की स्वच्छता का मुद्दा है।</li>
 	<li>शाह ने घुसपैठियों को पहचान कर मतदाता सूची से हटाने और निर्वासित करने की नीति पर जोर दिया।</li>
 	<li>सीतामढ़ी के कार्यक्रम में उन्होंनें कहा कि <strong>जो भारत में जन्मे नहीं</strong> उन्हें वोट का अधिकार नहीं होना चाहिए और कुछ लोग पड़ोसी देशों से आकर बिहार में नौकरियाँ ले रहे हैं — यह भी उनका आरोप रहा।</li>
</ul>
यह मुद्दा भारत के चुनावी और सामाजिक परिदृश्य में संवेदनशील है। शाह ने इसे ‘नेशनल सिक्योरिटी’ और ‘डेमोग्राफिक चेंज’ के नजरिए से रखा है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक एवं मानवाधिकार के रुख से देखता है। आगे क्या होगा — SIR की प्रक्रिया, कोर्ट-केसेज़ या चुनावी राजनीति — यह आगे के दिनों में स्पष्ट होगा। सरकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ शाह के बयान हालिया सार्वजनिक कार्यक्रमों में दर्ज हैं।]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://trendstopic.in/amit-shahs-stern-statement-we-will-identify-infiltrators-and-remove-them-from-the-country-voting-rights-belong-only-to-indian-citizens/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
		<enclosure url="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/10/982_1760105791.webp" length="60848" type="image/webp" />
	</item>
	</channel>
</rss>
