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	<title>HarpalSinghCheema &#8211; Trends Topic</title>
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	<title>HarpalSinghCheema &#8211; Trends Topic</title>
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		<title>पंजाब ट्रेडर्स कमीशन ने बुधवार को व्यापारियों की समस्याएं सुनने के लिए की 9 जिलों में बैठकें, ज़्यादातर मुद्दों का मौके पर ही किया निपटारा</title>
		<link>https://trendstopic.in/punjab-traders-commission-held-meetings-in-9-districts-on-wednesday-to-listen-to-the-problems-of-traders-most-of-the-issues-were-resolved-on-the-spot/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 Feb 2026 06:05:03 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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					<description><![CDATA[<p data-start="0" data-end="296"><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Punjab Traders Commission</span></span> पूरे राज्य में जिला स्तर पर बैठकें आयोजित कर व्यापारियों, दुकानदारों और छोटे कारोबारियों की समस्याओं को सीधे सुन रहा है। इन बैठकों का उद्देश्य संबंधित विभागों के साथ तालमेल बनाकर मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि व्यापारियों को त्वरित राहत मिल सके।</p>
<p data-start="298" data-end="851">बुधवार को <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Sri Muktsar Sahib</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Hoshiarpur</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Jalandhar</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Kapurthala</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Shaheed Bhagat Singh Nagar</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Amritsar</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Gurdaspur</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Pathankot</span></span> और <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Tarn Taran</span></span> में बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में ट्रेडर्स कमीशन के सदस्य, स्थानीय विधायक और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जिससे जवाबदेही और बेहतर समन्वय के साथ मुद्दों का समाधान किया जा सके।</p>
<p data-start="853" data-end="1281">पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Harpal Singh Cheema</span></span> ने कहा कि पंजाब ट्रेडर्स कमीशन केवल औपचारिक बैठकें नहीं कर रहा, बल्कि एक व्यावहारिक मंच की तरह कार्य कर रहा है। यहां व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जा रहा है और अधिकांश मामलों में मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। जिन मामलों का तुरंत निपटारा संभव नहीं होता, उन्हें उचित फॉलो-अप के लिए संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है।</p>
<p data-start="1283" data-end="1522">उन्होंने स्पष्ट किया कि छोटे दुकानदारों और व्यापारियों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाकर अपना कामकाजी समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। जिला स्तर की ये बैठकें उनके समय, श्रम और अनावश्यक भागदौड़ को बचाने का माध्यम बन रही हैं।</p>
<p data-start="1524" data-end="1759">वित्त मंत्री ने कहा कि यह मान सरकार का शासन मॉडल है—लोगों की बात सुनना, समस्याओं का त्वरित समाधान करना और यह सुनिश्चित करना कि जहां विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता हो, वहां व्यापारी को भटकना न पड़े, बल्कि संबंधित अधिकारी स्वयं पहल करें।</p>
<p data-start="1761" data-end="1930">उन्होंने कहा कि पंजाब का व्यापारी वर्ग राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और वह ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था का हकदार है जो उसके समय का सम्मान करे तथा उसके कार्य में सहयोग दे।</p>
<p data-start="1932" data-end="2186" data-is-last-node="" data-is-only-node="">आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी यह सलाह-मशविरा जारी रहेगा। पंजाब ट्रेडर्स कमीशन व्यापारी वर्ग और सरकार के बीच एक मजबूत एवं प्रभावशाली सेतु के रूप में कार्य कर रहा है और राज्य के हर बड़े और छोटे बाजार को कवर करने की दिशा में बैठकें आयोजित करता रहेगा।</p>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p data-start="0" data-end="296"><span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Punjab Traders Commission</span></span> पूरे राज्य में जिला स्तर पर बैठकें आयोजित कर व्यापारियों, दुकानदारों और छोटे कारोबारियों की समस्याओं को सीधे सुन रहा है। इन बैठकों का उद्देश्य संबंधित विभागों के साथ तालमेल बनाकर मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि व्यापारियों को त्वरित राहत मिल सके।</p>
<p data-start="298" data-end="851">बुधवार को <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Sri Muktsar Sahib</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Hoshiarpur</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Jalandhar</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Kapurthala</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Shaheed Bhagat Singh Nagar</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Amritsar</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Gurdaspur</span></span>, <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Pathankot</span></span> और <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Tarn Taran</span></span> में बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में ट्रेडर्स कमीशन के सदस्य, स्थानीय विधायक और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जिससे जवाबदेही और बेहतर समन्वय के साथ मुद्दों का समाधान किया जा सके।</p>
<p data-start="853" data-end="1281">पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">Harpal Singh Cheema</span></span> ने कहा कि पंजाब ट्रेडर्स कमीशन केवल औपचारिक बैठकें नहीं कर रहा, बल्कि एक व्यावहारिक मंच की तरह कार्य कर रहा है। यहां व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जा रहा है और अधिकांश मामलों में मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। जिन मामलों का तुरंत निपटारा संभव नहीं होता, उन्हें उचित फॉलो-अप के लिए संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है।</p>
<p data-start="1283" data-end="1522">उन्होंने स्पष्ट किया कि छोटे दुकानदारों और व्यापारियों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाकर अपना कामकाजी समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। जिला स्तर की ये बैठकें उनके समय, श्रम और अनावश्यक भागदौड़ को बचाने का माध्यम बन रही हैं।</p>
<p data-start="1524" data-end="1759">वित्त मंत्री ने कहा कि यह मान सरकार का शासन मॉडल है—लोगों की बात सुनना, समस्याओं का त्वरित समाधान करना और यह सुनिश्चित करना कि जहां विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता हो, वहां व्यापारी को भटकना न पड़े, बल्कि संबंधित अधिकारी स्वयं पहल करें।</p>
<p data-start="1761" data-end="1930">उन्होंने कहा कि पंजाब का व्यापारी वर्ग राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और वह ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था का हकदार है जो उसके समय का सम्मान करे तथा उसके कार्य में सहयोग दे।</p>
<p data-start="1932" data-end="2186" data-is-last-node="" data-is-only-node="">आने वाले दिनों में अन्य जिलों में भी यह सलाह-मशविरा जारी रहेगा। पंजाब ट्रेडर्स कमीशन व्यापारी वर्ग और सरकार के बीच एक मजबूत एवं प्रभावशाली सेतु के रूप में कार्य कर रहा है और राज्य के हर बड़े और छोटे बाजार को कवर करने की दिशा में बैठकें आयोजित करता रहेगा।</p>]]></content:encoded>
					
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		<title>BJP की अमरीका-भारत डील पंजाब के किसानों को बर्बाद करने और भारत की कृषि को अमेरिका को बेचने की साज़िश है: हरपाल सिंह चीमा</title>
		<link>https://trendstopic.in/bjps-us-india-deal-is-a-conspiracy-to-ruin-the-farmers-of-punjab-and-sell-indias-agriculture-to-america-harpal-singh-cheema/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 05:17:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[HarpalSinghCheema]]></category>
		<category><![CDATA[news]]></category>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने गुरुवार को पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की और कहा कि उसने पंजाब के किसानों को बर्बाद करने और तथाकथित अमेरिका-भारत समझौते के माध्यम से भारत की कृषि उपज को अमेरिका को बेचने की एक बड़ी योजना और साजिश रची है।

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पंजाब के किसानों को बर्बाद करने और इस तथाकथित अमेरिका-भारत समझौते के माध्यम से भारत की कृषि उपज को अमेरिका को बेचने की एक बड़ी योजना और साजिश रची है।"

वित्त मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि सस्ते अमेरिकी दूध पाउडर, पनीर, अनाज और अन्य कृषि उत्पाद कम कीमतों पर भारत में आने लगे, तो इसका सीधा असर पंजाब के किसानों और पूरे देश के किसानों पर पड़ेगा। उन्होंने एक गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, “पंजाब के किसान कहां जाएंगे? देश के किसान कहां जाएंगे?”

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के किसान दशकों से देश को भोजन उपलब्ध करा रहे हैं और लगभग 50 वर्षों से गेहूं और धान की खेती के माध्यम से भारत के राष्ट्रीय खाद्य भंडार में पंजाब का व्यापक योगदान रहा है, जो आज भी जारी है। उन्होंने आगे कहा, “यह शर्मनाक है कि जिस अन्नदाता ने देश में व्यापक खाद्य क्रांति लाई, अब उसे एक गहरी राजनीतिक और आर्थिक साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है।”

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा, जो खुद को राष्ट्रवादी पार्टी कहती है और स्वदेशी भारत की बात करती है, आज पूरी तरह से अमेरिका को बिक चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है और अब भारत को एक बार फिर से उस पर निर्भर बनाने की कोशिश कर रही है।

अमेरिकी कृषि सचिव ब्रूक रोलिंस के एक ट्वीट का हवाला देते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सच्चाई अब पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट है। उन्होंने कहा, “अमेरिकी कृषि सचिव ने सार्वजनिक रूप से राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया और इस समझौते का खुलेआम जश्न मनाते हुए कहा कि इससे भारत के विशाल बाजार में अमेरिकी कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ेगा, अमेरिकी कीमतों में वृद्धि होगी, ग्रामीण अमेरिका में पैसा आएगा और अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। यह स्पष्ट प्रमाण है कि यह समझौता भारतीय किसानों के लिए नहीं, बल्कि अमेरिकी किसानों के लिए किया जा रहा है।”

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सवाल उठाया कि पंजाब में भाजपा नेता यह दावा करके जनता को गुमराह क्यों कर रहे हैं कि इस समझौते से पंजाब को फायदा होगा। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सुनील जाखड़ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा कर रहे हैं कि पंजाब को लाभ होगा, लेकिन भाजपा में अमेरिकी कृषि सचिव के ट्वीट का जवाब देने का साहस नहीं है। मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पूछा, "क्या आपमें इस बयान को उद्धृत करते हुए अमेरिका को जवाब देने का साहस है?"

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मांग की कि सुनील जाखड़, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा और भाजपा सांसद रवनीत बिट्टू इस समझौते के दस्तावेजों को पंजाब की जनता, भारत के किसानों और देश के आम नागरिकों के सामने तुरंत सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा, “दस्तावेज दिखाइए। इन्हें सार्वजनिक कीजिए। इन्हीं दस्तावेजों के जरिए आप देश को बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं।”

शुल्क और कर संबंधी मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पहले जब भारतीय उत्पाद अमेरिका जाते थे, तो उन पर लगभग 50 प्रतिशत शुल्क लगता था, लेकिन अब इसे घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा, “दूसरी ओर, भारत द्वारा आयात किए जाने वाले उत्पादों पर शुल्क शून्य कर दिया गया है। इससे स्पष्ट रूप से पता चलता है कि भाजपा, जो बड़े कॉरपोरेट घरानों के लिए काम करती है और बड़े कॉरपोरेट परिवारों द्वारा संचालित है, अब भारत के किसानों को पूंजीपतियों को बेचने की कोशिश कर रही है, और वह भी अमेरिका के माध्यम से।”

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा किसानों की दुश्मन है और आम नागरिकों की दुश्मन है, और यह पार्टी मुट्ठी भर परिवारों और कॉरपोरेट घरानों के समर्थन से देश पर शासन कर रही है, जबकि देश को बेचने का प्रयास कर रही है।

पंजाब के मंत्री ने आगे कहा कि भाजपा भारत की स्वतंत्रता का महत्व नहीं समझती क्योंकि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान तो भारत का अस्तित्व ही नहीं था। उन्होंने कहा, “मौजूदा नेताओं का ही नहीं, बल्कि उनके पूर्व नेतृत्व का भी देश को आजादी दिलाने के संघर्ष में कोई योगदान नहीं था। पंजाब और कई अन्य राज्यों के लोगों ने, जिनमें बंगाली और विभिन्न क्षेत्रों के नागरिक शामिल थे, ब्रिटिश शासन को कुचलकर अंग्रेजों को देश से बाहर निकाला और भारत को आजादी दिलाई।”

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज कहा कि भाजपा देश को अमेरिका के हवाले करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने एक सीधा राजनीतिक चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा का कोई भी नेता, चाहे वह पंजाब इकाई का हो या राष्ट्रीय इकाई का, इस मुद्दे पर बहस के लिए आगे आ सकता है। उन्होंने आगे कहा, “आप यह खुलासा करेंगी कि भाजपा ने पंजाब और भारत के किसानों को किस तरह बेचा है।”

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब की जनता देश के अन्नदाताओं की गरिमा और भविष्य पर किसी भी तरह के हमले को बर्दाश्त नहीं करेगी और सच्चाई को हर गांव और हर घर तक पहुंचाया जाएगा।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने गुरुवार को पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की और कहा कि उसने पंजाब के किसानों को बर्बाद करने और तथाकथित अमेरिका-भारत समझौते के माध्यम से भारत की कृषि उपज को अमेरिका को बेचने की एक बड़ी योजना और साजिश रची है।

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पंजाब के किसानों को बर्बाद करने और इस तथाकथित अमेरिका-भारत समझौते के माध्यम से भारत की कृषि उपज को अमेरिका को बेचने की एक बड़ी योजना और साजिश रची है।"

वित्त मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि सस्ते अमेरिकी दूध पाउडर, पनीर, अनाज और अन्य कृषि उत्पाद कम कीमतों पर भारत में आने लगे, तो इसका सीधा असर पंजाब के किसानों और पूरे देश के किसानों पर पड़ेगा। उन्होंने एक गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, “पंजाब के किसान कहां जाएंगे? देश के किसान कहां जाएंगे?”

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के किसान दशकों से देश को भोजन उपलब्ध करा रहे हैं और लगभग 50 वर्षों से गेहूं और धान की खेती के माध्यम से भारत के राष्ट्रीय खाद्य भंडार में पंजाब का व्यापक योगदान रहा है, जो आज भी जारी है। उन्होंने आगे कहा, “यह शर्मनाक है कि जिस अन्नदाता ने देश में व्यापक खाद्य क्रांति लाई, अब उसे एक गहरी राजनीतिक और आर्थिक साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है।”

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा, जो खुद को राष्ट्रवादी पार्टी कहती है और स्वदेशी भारत की बात करती है, आज पूरी तरह से अमेरिका को बिक चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है और अब भारत को एक बार फिर से उस पर निर्भर बनाने की कोशिश कर रही है।

अमेरिकी कृषि सचिव ब्रूक रोलिंस के एक ट्वीट का हवाला देते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सच्चाई अब पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट है। उन्होंने कहा, “अमेरिकी कृषि सचिव ने सार्वजनिक रूप से राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया और इस समझौते का खुलेआम जश्न मनाते हुए कहा कि इससे भारत के विशाल बाजार में अमेरिकी कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ेगा, अमेरिकी कीमतों में वृद्धि होगी, ग्रामीण अमेरिका में पैसा आएगा और अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। यह स्पष्ट प्रमाण है कि यह समझौता भारतीय किसानों के लिए नहीं, बल्कि अमेरिकी किसानों के लिए किया जा रहा है।”

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सवाल उठाया कि पंजाब में भाजपा नेता यह दावा करके जनता को गुमराह क्यों कर रहे हैं कि इस समझौते से पंजाब को फायदा होगा। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सुनील जाखड़ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा कर रहे हैं कि पंजाब को लाभ होगा, लेकिन भाजपा में अमेरिकी कृषि सचिव के ट्वीट का जवाब देने का साहस नहीं है। मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पूछा, "क्या आपमें इस बयान को उद्धृत करते हुए अमेरिका को जवाब देने का साहस है?"

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मांग की कि सुनील जाखड़, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा और भाजपा सांसद रवनीत बिट्टू इस समझौते के दस्तावेजों को पंजाब की जनता, भारत के किसानों और देश के आम नागरिकों के सामने तुरंत सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा, “दस्तावेज दिखाइए। इन्हें सार्वजनिक कीजिए। इन्हीं दस्तावेजों के जरिए आप देश को बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं।”

शुल्क और कर संबंधी मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पहले जब भारतीय उत्पाद अमेरिका जाते थे, तो उन पर लगभग 50 प्रतिशत शुल्क लगता था, लेकिन अब इसे घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा, “दूसरी ओर, भारत द्वारा आयात किए जाने वाले उत्पादों पर शुल्क शून्य कर दिया गया है। इससे स्पष्ट रूप से पता चलता है कि भाजपा, जो बड़े कॉरपोरेट घरानों के लिए काम करती है और बड़े कॉरपोरेट परिवारों द्वारा संचालित है, अब भारत के किसानों को पूंजीपतियों को बेचने की कोशिश कर रही है, और वह भी अमेरिका के माध्यम से।”

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा किसानों की दुश्मन है और आम नागरिकों की दुश्मन है, और यह पार्टी मुट्ठी भर परिवारों और कॉरपोरेट घरानों के समर्थन से देश पर शासन कर रही है, जबकि देश को बेचने का प्रयास कर रही है।

पंजाब के मंत्री ने आगे कहा कि भाजपा भारत की स्वतंत्रता का महत्व नहीं समझती क्योंकि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान तो भारत का अस्तित्व ही नहीं था। उन्होंने कहा, “मौजूदा नेताओं का ही नहीं, बल्कि उनके पूर्व नेतृत्व का भी देश को आजादी दिलाने के संघर्ष में कोई योगदान नहीं था। पंजाब और कई अन्य राज्यों के लोगों ने, जिनमें बंगाली और विभिन्न क्षेत्रों के नागरिक शामिल थे, ब्रिटिश शासन को कुचलकर अंग्रेजों को देश से बाहर निकाला और भारत को आजादी दिलाई।”

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज कहा कि भाजपा देश को अमेरिका के हवाले करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने एक सीधा राजनीतिक चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा का कोई भी नेता, चाहे वह पंजाब इकाई का हो या राष्ट्रीय इकाई का, इस मुद्दे पर बहस के लिए आगे आ सकता है। उन्होंने आगे कहा, “आप यह खुलासा करेंगी कि भाजपा ने पंजाब और भारत के किसानों को किस तरह बेचा है।”

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब की जनता देश के अन्नदाताओं की गरिमा और भविष्य पर किसी भी तरह के हमले को बर्दाश्त नहीं करेगी और सच्चाई को हर गांव और हर घर तक पहुंचाया जाएगा।]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>केंद्रीय बजट ने पंजाब और हरियाणा के किसानों के साथ फिर किया धोखा: Harpal Cheema</title>
		<link>https://trendstopic.in/union-budget-again-cheated-the-farmers-of-punjab-and-haryana-harpal-cheema/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 05:07:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[HarpalSinghCheema]]></category>
		<category><![CDATA[news]]></category>
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		<category><![CDATA[PunjabPolitics]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने केंद्रीय बजट 2026 पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि केंद्र सरकार ने एक बार फिर पंजाब और हरियाणा के किसानों की जायज़ चिंताओं को पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया है। उन्होंने कहा कि इससे केंद्र के किसान-हितैषी होने के खोखले दावों की सच्चाई सामने आ गई है।

वित्त मंत्री ने बताया कि बजट में <strong>कृषि आधारभूत ढांचा फंड</strong> में कोई वृद्धि नहीं की गई है और न ही <strong>मंडी आधारभूत ढांचे</strong> को मज़बूत करने के लिए कोई ठोस सहायता दी गई है। इससे कृषि प्रधान राज्यों को अपने भरोसे छोड़ दिया गया है।
<h3>अनाज उत्पादक राज्यों की लगातार उपेक्षा</h3>
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब का किसान देश का पेट भरता है, लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार उन व्यवस्थाओं में निवेश से लगातार मुंह मोड़ रही है जो देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं। उन्होंने उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने के लिए अपनाए गए चयनात्मक दृष्टिकोण की आलोचना करते हुए कहा कि बजट में नारियल, काजू, चंदन और ड्राई फ्रूट्स जैसी फसलों का ज़िक्र तो है, लेकिन उत्तरी भारत के किसानों के लिए कुछ भी नहीं है, जो अपनी कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल फसलों पर निर्भर हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बजट केंद्र के पक्षपात और अनाज उत्पादक राज्यों, विशेषकर पंजाब के किसानों के प्रति उसकी निरंतर उदासीनता को दर्शाता है। ये किसान खोखले नारों के नहीं, बल्कि सम्मान, सहयोग और उचित निवेश के हकदार हैं।
<h3>कृषि, सब्सिडी और टैक्स नीति पर सवाल</h3>
वित्त मंत्री ने कहा कि इस केंद्रीय बजट में पंजाब और हरियाणा के किसानों के लिए न तो कृषि आधारभूत ढांचे को लेकर कोई ठोस घोषणा है और न ही मंडियों को मज़बूत करने की कोई योजना। उन्होंने कहा कि राज्यों को अपने ही सीमित संसाधनों से विकास करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि <strong>यूरिया सब्सिडी</strong> को पिछले वर्ष के 1,26,475 करोड़ रुपये से घटाकर 1,16,805 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही आम आदमी को टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई है। उल्टा <strong>सिक्योरिटीज़ ट्रांजेक्शन टैक्स (STT)</strong> बढ़ा दिया गया है, जिससे आम निवेशक पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। लंबी अवधि के पूंजी लाभ पर भी कोई राहत नहीं दी गई है।
<h3>रक्षा बजट और विश्वकर्मा योजना पर निराशा</h3>
रक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भारत-पाक तनाव के हालात को देखते हुए उन्हें रक्षा बजट में ठोस और अर्थपूर्ण वृद्धि की उम्मीद थी, लेकिन केंद्रीय वित्त मंत्री के पूरे भाषण में रक्षा का ज़िक्र मात्र चार बार किया गया।

प्रधानमंत्री-विश्वकर्मा योजना को लेकर उन्होंने कहा कि यह योजना पारंपरिक कारीगरों और दस्तकारों के लिए शुरू की गई थी, लेकिन इसका बजट 5,100 करोड़ रुपये से घटाकर 3,861 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार विरासती उद्योगों और युवा शक्ति को बढ़ावा देने की बात कर रही है, तो फिर इस योजना के बजट में कटौती क्यों की गई।
<h3>16वां वित्त आयोग और राज्यों की अनदेखी</h3>
वित्त मंत्री ने 16वें वित्त आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि <strong>वर्टिकल डिवोल्यूशन</strong> 41 प्रतिशत पर ही स्थिर रखा गया है और राज्यों की बिगड़ती वित्तीय स्थिति के बावजूद इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि 16वें वित्त आयोग में पंजाब के लिए न तो मालिया घाटा अनुदान है और न ही आपदा प्रबंधन के लिए एसडीआरएफ की शर्तों में कोई राहत।

उन्होंने कहा कि बजट भाषण में पंजाब या पंजाबियों का कोई उल्लेख तक नहीं है, जो केंद्र सरकार की मानसिकता को दर्शाता है।
<h3>शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण योजनाओं में कटौती</h3>
शिक्षा के क्षेत्र को लेकर उन्होंने कहा कि बजट में केवल लगभग 8 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जो बेहद निराशाजनक है। पीएम-श्री योजना के लिए भी पिछले वर्ष जैसा ही 7,500 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में <strong>आयुष्मान भारत योजना</strong> का बजट 9,500 करोड़ रुपये पर यथावत रखा गया है। वहीं <strong>स्वच्छ भारत मिशन</strong> का बजट 5,000 करोड़ रुपये से घटाकर 2,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है। मनरेगा के तहत बजट में वृद्धि जरूर हुई है, लेकिन सीमा आधारभूत ढांचा और प्रबंधन योजना का बजट घटा दिया गया है।
<h3>पंजाब और उत्तरी भारत को पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया गया</h3>
अंत में हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस बजट में दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी भारत पर अधिक ध्यान दिया गया है, जबकि पंजाब और पूरे उत्तरी भारत को पूरी तरह भुला दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस केंद्रीय बजट में किसानों, युवाओं और रोज़गार के लिए कोई ठोस विज़न नहीं है और यह बजट आम आदमी की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरने में नाकाम रहा है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने केंद्रीय बजट 2026 पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि केंद्र सरकार ने एक बार फिर पंजाब और हरियाणा के किसानों की जायज़ चिंताओं को पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया है। उन्होंने कहा कि इससे केंद्र के किसान-हितैषी होने के खोखले दावों की सच्चाई सामने आ गई है।

वित्त मंत्री ने बताया कि बजट में <strong>कृषि आधारभूत ढांचा फंड</strong> में कोई वृद्धि नहीं की गई है और न ही <strong>मंडी आधारभूत ढांचे</strong> को मज़बूत करने के लिए कोई ठोस सहायता दी गई है। इससे कृषि प्रधान राज्यों को अपने भरोसे छोड़ दिया गया है।
<h3>अनाज उत्पादक राज्यों की लगातार उपेक्षा</h3>
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब का किसान देश का पेट भरता है, लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार उन व्यवस्थाओं में निवेश से लगातार मुंह मोड़ रही है जो देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं। उन्होंने उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने के लिए अपनाए गए चयनात्मक दृष्टिकोण की आलोचना करते हुए कहा कि बजट में नारियल, काजू, चंदन और ड्राई फ्रूट्स जैसी फसलों का ज़िक्र तो है, लेकिन उत्तरी भारत के किसानों के लिए कुछ भी नहीं है, जो अपनी कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल फसलों पर निर्भर हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बजट केंद्र के पक्षपात और अनाज उत्पादक राज्यों, विशेषकर पंजाब के किसानों के प्रति उसकी निरंतर उदासीनता को दर्शाता है। ये किसान खोखले नारों के नहीं, बल्कि सम्मान, सहयोग और उचित निवेश के हकदार हैं।
<h3>कृषि, सब्सिडी और टैक्स नीति पर सवाल</h3>
वित्त मंत्री ने कहा कि इस केंद्रीय बजट में पंजाब और हरियाणा के किसानों के लिए न तो कृषि आधारभूत ढांचे को लेकर कोई ठोस घोषणा है और न ही मंडियों को मज़बूत करने की कोई योजना। उन्होंने कहा कि राज्यों को अपने ही सीमित संसाधनों से विकास करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि <strong>यूरिया सब्सिडी</strong> को पिछले वर्ष के 1,26,475 करोड़ रुपये से घटाकर 1,16,805 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही आम आदमी को टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई है। उल्टा <strong>सिक्योरिटीज़ ट्रांजेक्शन टैक्स (STT)</strong> बढ़ा दिया गया है, जिससे आम निवेशक पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। लंबी अवधि के पूंजी लाभ पर भी कोई राहत नहीं दी गई है।
<h3>रक्षा बजट और विश्वकर्मा योजना पर निराशा</h3>
रक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भारत-पाक तनाव के हालात को देखते हुए उन्हें रक्षा बजट में ठोस और अर्थपूर्ण वृद्धि की उम्मीद थी, लेकिन केंद्रीय वित्त मंत्री के पूरे भाषण में रक्षा का ज़िक्र मात्र चार बार किया गया।

प्रधानमंत्री-विश्वकर्मा योजना को लेकर उन्होंने कहा कि यह योजना पारंपरिक कारीगरों और दस्तकारों के लिए शुरू की गई थी, लेकिन इसका बजट 5,100 करोड़ रुपये से घटाकर 3,861 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार विरासती उद्योगों और युवा शक्ति को बढ़ावा देने की बात कर रही है, तो फिर इस योजना के बजट में कटौती क्यों की गई।
<h3>16वां वित्त आयोग और राज्यों की अनदेखी</h3>
वित्त मंत्री ने 16वें वित्त आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि <strong>वर्टिकल डिवोल्यूशन</strong> 41 प्रतिशत पर ही स्थिर रखा गया है और राज्यों की बिगड़ती वित्तीय स्थिति के बावजूद इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि 16वें वित्त आयोग में पंजाब के लिए न तो मालिया घाटा अनुदान है और न ही आपदा प्रबंधन के लिए एसडीआरएफ की शर्तों में कोई राहत।

उन्होंने कहा कि बजट भाषण में पंजाब या पंजाबियों का कोई उल्लेख तक नहीं है, जो केंद्र सरकार की मानसिकता को दर्शाता है।
<h3>शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण योजनाओं में कटौती</h3>
शिक्षा के क्षेत्र को लेकर उन्होंने कहा कि बजट में केवल लगभग 8 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जो बेहद निराशाजनक है। पीएम-श्री योजना के लिए भी पिछले वर्ष जैसा ही 7,500 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में <strong>आयुष्मान भारत योजना</strong> का बजट 9,500 करोड़ रुपये पर यथावत रखा गया है। वहीं <strong>स्वच्छ भारत मिशन</strong> का बजट 5,000 करोड़ रुपये से घटाकर 2,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है। मनरेगा के तहत बजट में वृद्धि जरूर हुई है, लेकिन सीमा आधारभूत ढांचा और प्रबंधन योजना का बजट घटा दिया गया है।
<h3>पंजाब और उत्तरी भारत को पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया गया</h3>
अंत में हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस बजट में दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी भारत पर अधिक ध्यान दिया गया है, जबकि पंजाब और पूरे उत्तरी भारत को पूरी तरह भुला दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस केंद्रीय बजट में किसानों, युवाओं और रोज़गार के लिए कोई ठोस विज़न नहीं है और यह बजट आम आदमी की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरने में नाकाम रहा है।]]></content:encoded>
					
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		<title>&#8216;BJP के एजेंडे के खिलाफ मजदूरों के साथ खड़ा है पंजाब&#8217;, हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 01 Jan 2026 05:57:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAPPunjab]]></category>
		<category><![CDATA[HarpalSinghCheema]]></category>
		<category><![CDATA[punjab]]></category>
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					<description><![CDATA[भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर सीधा हमला करते हुए, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार जानबूझकर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में सुधारों के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि 23,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया भाजपा के सुधारों के दावों की असलियत को बेनकाब करता है।

पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तीय बोझ का 40 परसेंट हिस्सा राज्यों पर डालकर और स्कीम के अधिकार-आधारित ढांचे को खोखला करके , भाजपा ने असल में रोजगार गारंटी को खत्म कर दिया है और भारत के संघीय ढांचे को कमज़ोर किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा इन कदमों के विरुद्ध मजदूरों के साथ मजबूती से खड़ी है, वहीं कांग्रेस शासित राज्यों ने चुप रहना चुना है।

बुधवार को पार्टी ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, वित्तीय मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा लीडरशिप अपनी कार्रवाईयों को जायज ठहराने के लिए ग्रामीण विकास और पंचायती राज' बारे स्थाई कमेटी 2024-25' का गलत देने के लिए निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सप्तगिरी शंकर उलाका की प्रधानगी वाली कमिटी ने कभी भी धर्म के आधार पर रखने यां बदलाव करने की सिफारिश नहीं की थी; इसके बजाय, कमेटी ने पेंडिंग फंड को तुरंत जारी करने की अपील की थी।

वित्तीय मंत्री ने भाजपा द्वारा गुमराह करने वाले दावों का इस्तेमाल करके जानबूझ कर की गई साजिश को छुपे की निंदा की, जिस का उद्देश्य गरीबों, दलितों और छोटे किसानों को उनके रोजी-रोटी के बुनियादी अधिकार से वंचित करना है।

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने खुलासा किया कि जब भाजपा ‘सुधार’ का नैरेटिव बना रही है, वहीं केंद्र सरकार 23,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के बड़े बकाए पर बैठी है। इसमें मज़दूरों की 12,219 करोड़ रुपये की अवैतनिक मज़दूरी और ग्रामीण विकास प्रोजेक्ट्स के लिए पंचायतों के 11,227 करोड़ रुपये के मटीरियल खर्च के शामिल हैं।

वित्तीय मंत्री ने कहा कि स्कीम में सुधार के भाजपा के दावों के बावजूद, 2025-26 के लिए रखे गए बजट का लगभग 27 प्रतिशत जारी नहीं किया गया है, जिससे लाखों परिवार भूखमरी और निराशा की ओर धकेले जा रहे हैं।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मनरेगा को एक नए फ्रेमवर्क से बदलकर, जो वित्तीय बोझ का 40 परसेंट राज्य सरकारों पर डालता है और प्रोजेक्ट प्रस्तावों के लिए केंद्र से पहले मंज़ूरी की मांग करता है, भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने रोज़गार गारंटी को प्रभावशाली ढंग से खत्म कर दिया है। उन्होंने तर्क दिया कि ये कदम भारत के संघीय ढांचे पर सीधा हमला हैं।

इसके अलावा, उन्होंने मोबाइल-लोकेशन-आधारित हाजिरी जैसी पाबंदीशुदा शर्तें लागू करने की भी आलोचना की और कहा कि ये उन मजदूरों को बाहर करने के लिए बनाई गई हैं जिनके पास उच्च तकनीकी साधन नहीं हैं।

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस पार्टी की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार इन दमनकारी नीतियों के विरुद्ध विधानसभा में औपचारिक प्रस्ताव पास करने वाली भारत की पहली सरकार बन गई है, जबकि कांग्रेस शासित राज्य चुप हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब विधानसभा का प्रस्ताव मजदूरों और दलित समुदाय के प्रति आम आदमी पार्टी की प्रतिबद्धता का सबूत है, जबकि विधानसभा में कांग्रेसी नेता द्वारा नई स्कीम के लिए 800 करोड़ रुपये रखने के बारे में उठाए गए सवाल ने भाजपा के एजेंडे के लिए उनकी पार्टी के अंदरूनी समर्थन को उजागर कर दिया है।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने देश के देश के गरीबों की मान सम्मान और जीवन को सुनिश्चित करने के लिए मनरेगा को उसके असली अधिकार-आधारित रूप में तुरंत बहाल करने और सारी बकाया राशि जारी करने की मांग की।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर सीधा हमला करते हुए, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार जानबूझकर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में सुधारों के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि 23,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया भाजपा के सुधारों के दावों की असलियत को बेनकाब करता है।

पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तीय बोझ का 40 परसेंट हिस्सा राज्यों पर डालकर और स्कीम के अधिकार-आधारित ढांचे को खोखला करके , भाजपा ने असल में रोजगार गारंटी को खत्म कर दिया है और भारत के संघीय ढांचे को कमज़ोर किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा इन कदमों के विरुद्ध मजदूरों के साथ मजबूती से खड़ी है, वहीं कांग्रेस शासित राज्यों ने चुप रहना चुना है।

बुधवार को पार्टी ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, वित्तीय मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा लीडरशिप अपनी कार्रवाईयों को जायज ठहराने के लिए ग्रामीण विकास और पंचायती राज' बारे स्थाई कमेटी 2024-25' का गलत देने के लिए निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सप्तगिरी शंकर उलाका की प्रधानगी वाली कमिटी ने कभी भी धर्म के आधार पर रखने यां बदलाव करने की सिफारिश नहीं की थी; इसके बजाय, कमेटी ने पेंडिंग फंड को तुरंत जारी करने की अपील की थी।

वित्तीय मंत्री ने भाजपा द्वारा गुमराह करने वाले दावों का इस्तेमाल करके जानबूझ कर की गई साजिश को छुपे की निंदा की, जिस का उद्देश्य गरीबों, दलितों और छोटे किसानों को उनके रोजी-रोटी के बुनियादी अधिकार से वंचित करना है।

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने खुलासा किया कि जब भाजपा ‘सुधार’ का नैरेटिव बना रही है, वहीं केंद्र सरकार 23,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के बड़े बकाए पर बैठी है। इसमें मज़दूरों की 12,219 करोड़ रुपये की अवैतनिक मज़दूरी और ग्रामीण विकास प्रोजेक्ट्स के लिए पंचायतों के 11,227 करोड़ रुपये के मटीरियल खर्च के शामिल हैं।

वित्तीय मंत्री ने कहा कि स्कीम में सुधार के भाजपा के दावों के बावजूद, 2025-26 के लिए रखे गए बजट का लगभग 27 प्रतिशत जारी नहीं किया गया है, जिससे लाखों परिवार भूखमरी और निराशा की ओर धकेले जा रहे हैं।

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मनरेगा को एक नए फ्रेमवर्क से बदलकर, जो वित्तीय बोझ का 40 परसेंट राज्य सरकारों पर डालता है और प्रोजेक्ट प्रस्तावों के लिए केंद्र से पहले मंज़ूरी की मांग करता है, भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने रोज़गार गारंटी को प्रभावशाली ढंग से खत्म कर दिया है। उन्होंने तर्क दिया कि ये कदम भारत के संघीय ढांचे पर सीधा हमला हैं।

इसके अलावा, उन्होंने मोबाइल-लोकेशन-आधारित हाजिरी जैसी पाबंदीशुदा शर्तें लागू करने की भी आलोचना की और कहा कि ये उन मजदूरों को बाहर करने के लिए बनाई गई हैं जिनके पास उच्च तकनीकी साधन नहीं हैं।

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस पार्टी की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार इन दमनकारी नीतियों के विरुद्ध विधानसभा में औपचारिक प्रस्ताव पास करने वाली भारत की पहली सरकार बन गई है, जबकि कांग्रेस शासित राज्य चुप हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब विधानसभा का प्रस्ताव मजदूरों और दलित समुदाय के प्रति आम आदमी पार्टी की प्रतिबद्धता का सबूत है, जबकि विधानसभा में कांग्रेसी नेता द्वारा नई स्कीम के लिए 800 करोड़ रुपये रखने के बारे में उठाए गए सवाल ने भाजपा के एजेंडे के लिए उनकी पार्टी के अंदरूनी समर्थन को उजागर कर दिया है।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने देश के देश के गरीबों की मान सम्मान और जीवन को सुनिश्चित करने के लिए मनरेगा को उसके असली अधिकार-आधारित रूप में तुरंत बहाल करने और सारी बकाया राशि जारी करने की मांग की।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा N.H.M. के अंतर्गत A.N.M. एवं स्टाफ नर्सों की 1,568 रिक्त पदों पर भर्ती को मंजूरी</title>
		<link>https://trendstopic.in/n-h-m-by-finance-minister-harpal-singh-cheema-under-a-n-m-approval-for-recruitment-to-1568-vacant-posts-of-staff-nurses/</link>
					<comments>https://trendstopic.in/n-h-m-by-finance-minister-harpal-singh-cheema-under-a-n-m-approval-for-recruitment-to-1568-vacant-posts-of-staff-nurses/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 20 Dec 2025 12:55:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAPPunjab]]></category>
		<category><![CDATA[HarpalSinghCheema]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रदेश के स्वास्थ्य देखभाल ढांचे को मजबूत एवं बेहतर बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने घोषणा की कि वित्त विभाग ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम.) के अंतर्गत ए.एन.एम. एवं स्टाफ नर्सों के 1,568 रिक्त पदों को भरने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

भर्ती अभियान के बारे में अधिक जानकारी देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस मंजूरी के तहत ए.एन.एम. के कुल 2,000 स्वीकृत पदों में से 729 रिक्त पदों एवं स्टाफ नर्सों की 1896 स्वीकृत पदों में से 839 रिक्त पदों को भरा जाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि स्टाफ की कमी के कारण स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं में कोई रुकावट न आए और इसलिए इन ठेका-आधारित पदों को भरने को प्राथमिकता दी गई है।

इस पहल के प्रति मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की वित्तीय प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि इन भर्तियों से वार्षिक कुल 48.88 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रभाव पड़ने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ए.एन.एम. पदों के लिए वार्षिक 18.98 करोड़ रुपये एवं स्टाफ नर्स के लिए 29.90 करोड़ रुपये का खर्च वहन करेगी। उन्होंने बताया कि स्वीकृत वेतन संरचना के तहत ए.एन.एम. के लिए 21,700 रुपये एवं स्टाफ नर्सों के लिए 29,700 रुपये प्रति माह वेतन निर्धारित किया गया है।

वित्त मंत्री चीमा ने आगे बताया कि योग्यता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भर्ती प्रक्रिया बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, फरीदकोट द्वारा लिखित परीक्षा के माध्यम से करवाई जाने का प्रस्ताव है। उन्होंने आगे कहा कि वित्त विभाग ने यह मंजूरी इस शर्त पर दी है कि स्वास्थ्य विभाग इन नियुक्तियों के बारे में पर्सनल विभाग से आवश्यक सहमति सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की स्वास्थ्य देखभाल एवं शिक्षा को प्राथमिकता देने की दृढ़ प्रतिबद्धता को उजागर करते हुए वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस फैसले से प्रदेश सरकार अपने स्वास्थ्य देखभाल कार्यबल को मजबूत करेगी ताकि पंजाब के लोगों के लिए और बेहतर एवं मानक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि इन रिक्त पदों को भरने से निस्संदेह राज्य की प्रभावी एवं कुशल स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं प्रदान करने की क्षमता में वृद्धि होगी, जो वर्तमान प्रदेश सरकार की अपने नागरिकों की भलाई के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[प्रदेश के स्वास्थ्य देखभाल ढांचे को मजबूत एवं बेहतर बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने घोषणा की कि वित्त विभाग ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम.) के अंतर्गत ए.एन.एम. एवं स्टाफ नर्सों के 1,568 रिक्त पदों को भरने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

भर्ती अभियान के बारे में अधिक जानकारी देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस मंजूरी के तहत ए.एन.एम. के कुल 2,000 स्वीकृत पदों में से 729 रिक्त पदों एवं स्टाफ नर्सों की 1896 स्वीकृत पदों में से 839 रिक्त पदों को भरा जाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि स्टाफ की कमी के कारण स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं में कोई रुकावट न आए और इसलिए इन ठेका-आधारित पदों को भरने को प्राथमिकता दी गई है।

इस पहल के प्रति मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की वित्तीय प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि इन भर्तियों से वार्षिक कुल 48.88 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रभाव पड़ने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ए.एन.एम. पदों के लिए वार्षिक 18.98 करोड़ रुपये एवं स्टाफ नर्स के लिए 29.90 करोड़ रुपये का खर्च वहन करेगी। उन्होंने बताया कि स्वीकृत वेतन संरचना के तहत ए.एन.एम. के लिए 21,700 रुपये एवं स्टाफ नर्सों के लिए 29,700 रुपये प्रति माह वेतन निर्धारित किया गया है।

वित्त मंत्री चीमा ने आगे बताया कि योग्यता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भर्ती प्रक्रिया बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, फरीदकोट द्वारा लिखित परीक्षा के माध्यम से करवाई जाने का प्रस्ताव है। उन्होंने आगे कहा कि वित्त विभाग ने यह मंजूरी इस शर्त पर दी है कि स्वास्थ्य विभाग इन नियुक्तियों के बारे में पर्सनल विभाग से आवश्यक सहमति सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की स्वास्थ्य देखभाल एवं शिक्षा को प्राथमिकता देने की दृढ़ प्रतिबद्धता को उजागर करते हुए वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस फैसले से प्रदेश सरकार अपने स्वास्थ्य देखभाल कार्यबल को मजबूत करेगी ताकि पंजाब के लोगों के लिए और बेहतर एवं मानक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि इन रिक्त पदों को भरने से निस्संदेह राज्य की प्रभावी एवं कुशल स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं प्रदान करने की क्षमता में वृद्धि होगी, जो वर्तमान प्रदेश सरकार की अपने नागरिकों की भलाई के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>‘AAP’ ने Punjab में corruption के आरोपों पर Congress और BJP को घेरा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Dec 2025 05:33:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चंडीगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[AAP]]></category>
		<category><![CDATA[AntiCorruption]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantSinghMann]]></category>
		<category><![CDATA[BJP]]></category>
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		<category><![CDATA[CorruptionAllegations]]></category>
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		<category><![CDATA[PunjabPolitics]]></category>
		<category><![CDATA[Transparency]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता <strong>हरपाल सिंह चीमा</strong> ने आज कांग्रेस और भाजपा (BJP) पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर हमला बोला। उन्होंने दोनों पार्टियों के हाईकमान को चुनौती दी कि वे नवजोत कौर सिद्धू और सुनील जाखड़ द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों का <strong>24 </strong><strong>घंटे के अंदर जवाब दें</strong>।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री चीमा ने कहा, “आप चुप क्यों हैं? क्या आप इसलिए चुप हैं क्योंकि आप भी इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं? मैं कांग्रेस और भाजपा हाईकमान को जवाब देने की चुनौती देता हूँ।”

उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस और भाजपा में शामिल हुए नेताओं ने अपने पुराने कार्यकाल में भ्रष्टाचार क्यों छिपाया और अब क्यों बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब भाजपा के वर्तमान प्रधान, जो पहले कांग्रेस में थे, ने ऐसे दो मुख्यमंत्री देखे जिन पर गंभीर आरोप हैं—कप्तान अमरिंदर सिंह पर नवजोत कौर सिद्धू के अनुसार मुख्यमंत्री बनने के लिए कथित 500 करोड़ रुपये और चरणजीत सिंह चन्नी पर सुनील जाखड़ के अनुसार 350 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार।

<strong>भ्रष्टाचार के क्षेत्र:</strong>
मंत्री चीमा ने बताया कि पंजाब में रेत, शराब और ट्रांसपोर्ट माफिया, अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति घोटाले और नशा छुड़ाने वाले केंद्रों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने कहा कि यह सब कांग्रेस पार्टी की “लूट की सिस्टम” का नतीजा था, जिसने किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और सरकारी कर्मचारियों को लगातार शोषित किया।

<strong>AAP </strong><strong>की उपलब्धियाँ:</strong>
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग अब साफ समझ चुके हैं कि पिछली सरकारें कितनी भ्रष्ट थीं। मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> के नेतृत्व में AAP की ईमानदार सरकार बनने के बाद ही असली भ्रष्टाचार सामने आया।

उन्होंने बताया कि अब पंजाब में:
<ul>
 	<li>कोई ज़मीन घोटाला नहीं है</li>
 	<li>कोई ट्रांसपोर्ट घोटाला नहीं है</li>
 	<li>दलितों पर कोई अत्याचार नहीं</li>
</ul>
इसके साथ ही उन्होंने AAP सरकार की उपलब्धियों का भी ज़िक्र किया:
<ul>
 	<li>युवाओं के लिए नए रोजगार</li>
 	<li><strong>School of Eminence</strong> की स्थापना</li>
 	<li>3,000 खेल स्टेडियम</li>
 	<li>300 यूनिट मुफ्त बिजली</li>
 	<li>मजबूत और बेहतर सड़क नेटवर्क</li>
</ul>
मंत्री ने कहा, “लोगों ने साफ-सुथरी और ईमानदार सरकार को चुना है। पिछली सरकारों की ‘loot और koot’ वाली राजनीति अब खत्म हो चुकी है।”

हरपाल सिंह चीमा का यह बयान पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ AAP की <strong>प्रतिबद्धता</strong> और राज्य में पारदर्शिता बढ़ाने के प्रयासों को दर्शाता है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता <strong>हरपाल सिंह चीमा</strong> ने आज कांग्रेस और भाजपा (BJP) पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर हमला बोला। उन्होंने दोनों पार्टियों के हाईकमान को चुनौती दी कि वे नवजोत कौर सिद्धू और सुनील जाखड़ द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों का <strong>24 </strong><strong>घंटे के अंदर जवाब दें</strong>।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री चीमा ने कहा, “आप चुप क्यों हैं? क्या आप इसलिए चुप हैं क्योंकि आप भी इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं? मैं कांग्रेस और भाजपा हाईकमान को जवाब देने की चुनौती देता हूँ।”

उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस और भाजपा में शामिल हुए नेताओं ने अपने पुराने कार्यकाल में भ्रष्टाचार क्यों छिपाया और अब क्यों बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब भाजपा के वर्तमान प्रधान, जो पहले कांग्रेस में थे, ने ऐसे दो मुख्यमंत्री देखे जिन पर गंभीर आरोप हैं—कप्तान अमरिंदर सिंह पर नवजोत कौर सिद्धू के अनुसार मुख्यमंत्री बनने के लिए कथित 500 करोड़ रुपये और चरणजीत सिंह चन्नी पर सुनील जाखड़ के अनुसार 350 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार।

<strong>भ्रष्टाचार के क्षेत्र:</strong>
मंत्री चीमा ने बताया कि पंजाब में रेत, शराब और ट्रांसपोर्ट माफिया, अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति घोटाले और नशा छुड़ाने वाले केंद्रों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने कहा कि यह सब कांग्रेस पार्टी की “लूट की सिस्टम” का नतीजा था, जिसने किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और सरकारी कर्मचारियों को लगातार शोषित किया।

<strong>AAP </strong><strong>की उपलब्धियाँ:</strong>
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग अब साफ समझ चुके हैं कि पिछली सरकारें कितनी भ्रष्ट थीं। मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> के नेतृत्व में AAP की ईमानदार सरकार बनने के बाद ही असली भ्रष्टाचार सामने आया।

उन्होंने बताया कि अब पंजाब में:
<ul>
 	<li>कोई ज़मीन घोटाला नहीं है</li>
 	<li>कोई ट्रांसपोर्ट घोटाला नहीं है</li>
 	<li>दलितों पर कोई अत्याचार नहीं</li>
</ul>
इसके साथ ही उन्होंने AAP सरकार की उपलब्धियों का भी ज़िक्र किया:
<ul>
 	<li>युवाओं के लिए नए रोजगार</li>
 	<li><strong>School of Eminence</strong> की स्थापना</li>
 	<li>3,000 खेल स्टेडियम</li>
 	<li>300 यूनिट मुफ्त बिजली</li>
 	<li>मजबूत और बेहतर सड़क नेटवर्क</li>
</ul>
मंत्री ने कहा, “लोगों ने साफ-सुथरी और ईमानदार सरकार को चुना है। पिछली सरकारों की ‘loot और koot’ वाली राजनीति अब खत्म हो चुकी है।”

हरपाल सिंह चीमा का यह बयान पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ AAP की <strong>प्रतिबद्धता</strong> और राज्य में पारदर्शिता बढ़ाने के प्रयासों को दर्शाता है।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>‘Captain–Badal Gang’ की Punjab को लूटने के लिए 20 साल की ‘Match-Fixing’ Deal? Harpal Singh Cheema का बड़ा Allegation</title>
		<link>https://trendstopic.in/captain-badal-gang-and-their-20-year-match-fixing-deal-to-loot-punjab-a-major-allegation-by-harpal-singh-cheema/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 03 Dec 2025 04:40:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAP]]></category>
		<category><![CDATA[BadalFamily]]></category>
		<category><![CDATA[CaptainAmarinderSingh]]></category>
		<category><![CDATA[HarpalSinghCheema]]></category>
		<category><![CDATA[latestnews]]></category>
		<category><![CDATA[MatchFixingDeal]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalAllegations]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticalScam]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabPolitics]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता <strong>एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा</strong> ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मुख्यमंत्री <strong>कैप्टन अमरिंदर सिंह</strong>, उनके साढ़ू <strong>सिमरनजीत सिंह मान</strong>, और <strong>सुखबीर सिंह बादल</strong> पर बड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने पिछले <strong>20 </strong><strong>सालों से पंजाब की राजनीति को मैच-फिक्सिंग की तरह चलाया</strong> और बारी-बारी से सत्ता में रहकर राज्य के संसाधनों को लूटा।

<strong>20 </strong><strong>साल की </strong><strong>‘</strong><strong>डील</strong><strong>’ </strong><strong>से पंजाब को नुकसान: चीमा</strong>

चीमा ने कहा कि 2002 से 2022 तक कैप्टन और बादल परिवार ने सत्ता को अपने बीच बांटकर रखा।
उनका आरोप है कि दोनों परिवारों ने एक-दूसरे को <strong>कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए अंदरूनी समझौता (</strong><strong>hidden deal)</strong> किया हुआ था।

उन्होंने बताया कि:
<ul>
 	<li>2002–2007 में कैप्टन सरकार के समय बादल परिवार के खिलाफ <strong>4000 </strong><strong>करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति</strong> के केस दर्ज हुए।</li>
 	<li>लेकिन कैप्टन ने इन मामलों पर <strong>जानबूझकर कार्रवाई धीमी रखी</strong>।</li>
 	<li>2007 में जब अकाली–भाजपा सरकार आई, तो सारे केस <strong>तुरंत ख़ारिज कर दिए गए</strong>।</li>
</ul>
चीमा का कहना है—<strong>“</strong><strong>ये कोई इत्तेफ़ाक नहीं था</strong><strong>, </strong><strong>ये एक गहरी मैच-फिक्सिंग थी।</strong><strong>”</strong>

<strong>बेअदबी मामलों में दोनों सरकारें फेल</strong>

वित्त मंत्री ने बेअदबी की घटनाओं पर भी दोनों परिवारों को घेरा।

उन्होंने कहा:
<ul>
 	<li>बादल सरकार ने सत्ता के घमंड में ऐसी घटनाओं को रोकने में लापरवाही की।</li>
 	<li>कैप्टन अमरिंदर ने 2017 में <strong>गुटका साहिब हाथ में लेकर लोगों से वादा तो किया</strong>, लेकिन उन्होंने भी दोषियों पर कोई सख़्त कदम नहीं उठाया।</li>
 	<li>जस्टिस रंजीत सिंह और जोरा सिंह आयोग का इस्तेमाल केवल <strong>पंचायत चुनावों में फायदा उठाने</strong> के लिए किया गया।</li>
</ul>
<strong>कैप्टन पर राजनीतिक </strong><strong>“</strong><strong>दल-बदल</strong><strong>” </strong><strong>का आरोप</strong>

चीमा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह <strong>“</strong><strong>दल-बदलू राजनीति के मास्टर</strong><strong>”</strong> हैं।

उन्होंने याद दिलाया कि:
<ul>
 	<li>कैप्टन पहले अकाली दल में थे</li>
 	<li>फिर कांग्रेस में आए</li>
 	<li>फिर अपनी पार्टी बनाई</li>
 	<li>और आखिर में BJP में शामिल हो गए</li>
</ul>
AAP का दावा है कि 2017–2022 में कैप्टन ने <strong>कांग्रेस से ज़्यादा </strong><strong>BJP </strong><strong>की लाइन पर काम किया</strong>।

<strong>राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बड़ा दावा</strong>

चीमा ने यह भी आरोप लगाया कि कैप्टन के एक “दुश्मन देश की महिला” से रिश्तों के कारण <strong>राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता</strong> थी और इस वजह से वे केंद्र सरकार के दबाव में थे।
उन्होंने कहा कि <strong>“</strong><strong>ये किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए ठीक नहीं है।</strong><strong>”</strong>

<strong>AAP </strong><strong>सरकार की उपलब्धियाँ </strong><strong>— </strong><strong>चीमा ने गिनाईं</strong>

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि <strong>CM </strong><strong>भगवंत मान</strong> की सरकार आने के बाद पंजाब को कई बड़े फायदे हुए:
<ul>
 	<li>नशा, शराब और रेत माफिया पर एक्शन</li>
 	<li>अकाली–भाजपा के महंगे बिजली समझौते रद्द</li>
 	<li>एक निजी पावर प्लांट की री-परचेज</li>
 	<li>हर घर को <strong>600 </strong><strong>यूनिट फ्री बिजली</strong></li>
 	<li>युवाओं को <strong>50,000+ </strong><strong>सरकारी नौकरियाँ</strong></li>
</ul>
उन्होंने दावा किया कि <strong>“</strong><strong>पहली बार पंजाब के </strong><strong>3 </strong><strong>करोड़ लोगों को माफियाओं से राहत महसूस हो रही है।</strong><strong>”</strong>

<strong>जनता को चेतावनी और राजनीतिक परिवारों को मैसेज</strong>

अपने बयान के अंत में चीमा ने कहा:

<strong>“</strong><strong>इन परिवारों को लगता है कि पंजाब उनके झांसे भूल चुका है। लेकिन पंजाबी </strong><strong>20 </strong><strong>साल बाद भी बदला लेना नहीं भूलते।</strong><strong>”</strong>

उन्होंने कहा कि लोग यह नहीं भूलेंगे कि कैसे:
<ul>
 	<li>दोनों परिवार पर्दे के पीछे <strong>एकजुट होकर</strong> जनता को गुमराह करते रहे</li>
 	<li>राज्य की संपत्ति लूटी</li>
 	<li>और पंथक संस्थानों पर अपने पसंदीदा लोगों को बैठाया</li>
</ul>
AAP नेता ने कहा कि उनकी सरकार पंजाब के आम लोगों की प्रतिनिधि है और वह यह सुनिश्चित करेगी कि <strong>इन राजनीतिक परिवारों की कोई साजिश सफल न हो</strong>।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता <strong>एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा</strong> ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मुख्यमंत्री <strong>कैप्टन अमरिंदर सिंह</strong>, उनके साढ़ू <strong>सिमरनजीत सिंह मान</strong>, और <strong>सुखबीर सिंह बादल</strong> पर बड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने पिछले <strong>20 </strong><strong>सालों से पंजाब की राजनीति को मैच-फिक्सिंग की तरह चलाया</strong> और बारी-बारी से सत्ता में रहकर राज्य के संसाधनों को लूटा।

<strong>20 </strong><strong>साल की </strong><strong>‘</strong><strong>डील</strong><strong>’ </strong><strong>से पंजाब को नुकसान: चीमा</strong>

चीमा ने कहा कि 2002 से 2022 तक कैप्टन और बादल परिवार ने सत्ता को अपने बीच बांटकर रखा।
उनका आरोप है कि दोनों परिवारों ने एक-दूसरे को <strong>कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए अंदरूनी समझौता (</strong><strong>hidden deal)</strong> किया हुआ था।

उन्होंने बताया कि:
<ul>
 	<li>2002–2007 में कैप्टन सरकार के समय बादल परिवार के खिलाफ <strong>4000 </strong><strong>करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति</strong> के केस दर्ज हुए।</li>
 	<li>लेकिन कैप्टन ने इन मामलों पर <strong>जानबूझकर कार्रवाई धीमी रखी</strong>।</li>
 	<li>2007 में जब अकाली–भाजपा सरकार आई, तो सारे केस <strong>तुरंत ख़ारिज कर दिए गए</strong>।</li>
</ul>
चीमा का कहना है—<strong>“</strong><strong>ये कोई इत्तेफ़ाक नहीं था</strong><strong>, </strong><strong>ये एक गहरी मैच-फिक्सिंग थी।</strong><strong>”</strong>

<strong>बेअदबी मामलों में दोनों सरकारें फेल</strong>

वित्त मंत्री ने बेअदबी की घटनाओं पर भी दोनों परिवारों को घेरा।

उन्होंने कहा:
<ul>
 	<li>बादल सरकार ने सत्ता के घमंड में ऐसी घटनाओं को रोकने में लापरवाही की।</li>
 	<li>कैप्टन अमरिंदर ने 2017 में <strong>गुटका साहिब हाथ में लेकर लोगों से वादा तो किया</strong>, लेकिन उन्होंने भी दोषियों पर कोई सख़्त कदम नहीं उठाया।</li>
 	<li>जस्टिस रंजीत सिंह और जोरा सिंह आयोग का इस्तेमाल केवल <strong>पंचायत चुनावों में फायदा उठाने</strong> के लिए किया गया।</li>
</ul>
<strong>कैप्टन पर राजनीतिक </strong><strong>“</strong><strong>दल-बदल</strong><strong>” </strong><strong>का आरोप</strong>

चीमा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह <strong>“</strong><strong>दल-बदलू राजनीति के मास्टर</strong><strong>”</strong> हैं।

उन्होंने याद दिलाया कि:
<ul>
 	<li>कैप्टन पहले अकाली दल में थे</li>
 	<li>फिर कांग्रेस में आए</li>
 	<li>फिर अपनी पार्टी बनाई</li>
 	<li>और आखिर में BJP में शामिल हो गए</li>
</ul>
AAP का दावा है कि 2017–2022 में कैप्टन ने <strong>कांग्रेस से ज़्यादा </strong><strong>BJP </strong><strong>की लाइन पर काम किया</strong>।

<strong>राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बड़ा दावा</strong>

चीमा ने यह भी आरोप लगाया कि कैप्टन के एक “दुश्मन देश की महिला” से रिश्तों के कारण <strong>राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता</strong> थी और इस वजह से वे केंद्र सरकार के दबाव में थे।
उन्होंने कहा कि <strong>“</strong><strong>ये किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए ठीक नहीं है।</strong><strong>”</strong>

<strong>AAP </strong><strong>सरकार की उपलब्धियाँ </strong><strong>— </strong><strong>चीमा ने गिनाईं</strong>

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि <strong>CM </strong><strong>भगवंत मान</strong> की सरकार आने के बाद पंजाब को कई बड़े फायदे हुए:
<ul>
 	<li>नशा, शराब और रेत माफिया पर एक्शन</li>
 	<li>अकाली–भाजपा के महंगे बिजली समझौते रद्द</li>
 	<li>एक निजी पावर प्लांट की री-परचेज</li>
 	<li>हर घर को <strong>600 </strong><strong>यूनिट फ्री बिजली</strong></li>
 	<li>युवाओं को <strong>50,000+ </strong><strong>सरकारी नौकरियाँ</strong></li>
</ul>
उन्होंने दावा किया कि <strong>“</strong><strong>पहली बार पंजाब के </strong><strong>3 </strong><strong>करोड़ लोगों को माफियाओं से राहत महसूस हो रही है।</strong><strong>”</strong>

<strong>जनता को चेतावनी और राजनीतिक परिवारों को मैसेज</strong>

अपने बयान के अंत में चीमा ने कहा:

<strong>“</strong><strong>इन परिवारों को लगता है कि पंजाब उनके झांसे भूल चुका है। लेकिन पंजाबी </strong><strong>20 </strong><strong>साल बाद भी बदला लेना नहीं भूलते।</strong><strong>”</strong>

उन्होंने कहा कि लोग यह नहीं भूलेंगे कि कैसे:
<ul>
 	<li>दोनों परिवार पर्दे के पीछे <strong>एकजुट होकर</strong> जनता को गुमराह करते रहे</li>
 	<li>राज्य की संपत्ति लूटी</li>
 	<li>और पंथक संस्थानों पर अपने पसंदीदा लोगों को बैठाया</li>
</ul>
AAP नेता ने कहा कि उनकी सरकार पंजाब के आम लोगों की प्रतिनिधि है और वह यह सुनिश्चित करेगी कि <strong>इन राजनीतिक परिवारों की कोई साजिश सफल न हो</strong>।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Punjab में गरमाया Chandigarh विवाद: Harpal Singh Cheema की BJP पर कड़ी निंदा, दो मोर्चों पर संघर्ष की तैयारी</title>
		<link>https://trendstopic.in/chandigarh-dispute-heats-up-in-punjab-harpal-singh-cheema-strongly-slams-bjp-announces-two-front-battle/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Nov 2025 05:42:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAP]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[BJP]]></category>
		<category><![CDATA[ChandigarhDispute]]></category>
		<category><![CDATA[ChandigarhIssue]]></category>
		<category><![CDATA[HarpalSinghCheema]]></category>
		<category><![CDATA[NewsUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[PoliticsNews]]></category>
		<category><![CDATA[punjab]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabPolitics]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के सीनियर नेता <strong>हरपाल सिंह चीमा</strong> ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वह <strong>चंडीगढ़</strong> को पंजाब से <strong>छीनने की साजिश</strong> रच रही है। उन्होंने यह दावा किया कि चंडीगढ़ सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि पंजाब की जमीन है, जिसे पहले पंजाब के 24 गाँवों को उजाड़कर बसाया गया था।

<strong>दो मोर्चों पर लड़ाई की रणनीति</strong>

चीमा ने स्पष्ट किया है कि AAP पंजाब सरकार इस जंग को <strong>दो मोर्चों</strong> पर लड़ेगी:
<ol>
 	<li><strong>कानूनी मोर्चा</strong> — मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार कोर्ट के रास्ते अपना हक वापस हासिल करने की पूरी तैयारी में है।</li>
 	<li><strong>जन संघर्ष मोर्चा</strong> — सिर्फ कोर्ट ही नहीं, आम आदमी पार्टी पूरे पंजाब के करीब <strong>3 </strong><strong>करोड़ लोगों</strong> को साथ लेकर <strong>सड़क से संसद तक</strong> प्रदर्शन करेगी। उनका कहना है कि जनता मिलकर अपनी आवाज बुलंद करेगी ताकि केंद्र सरकार की इस नापाक योजना को रुकाया जा सके।</li>
</ol>
<strong>बीजेपी पर तीखे आरोप</strong>
<ul>
 	<li>हरपाल चीमा ने भाजपा की कार्रवाइयों की निंदा करते हुए कहा कि वह <strong>“</strong><strong>हिटलर की सोच</strong><strong>”</strong> अपनाते हुए देश के लोकतांत्रिक और संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचा रही है।</li>
 	<li>उनका कहना है कि ये कदम सिर्फ राजनैतिक नहीं, भावना-आधारित भी हैं — क्योंकि जब देश गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी याद कर रहा है, तब ही भाजपा ऐसी साजिश रच रही है, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।</li>
</ul>
<strong>पंजाब-विरोधी एजेंडा </strong><strong>— </strong><strong>भाजपा की पुरानी लड़ाइयाँ</strong>

चीमा ने भाजपा पर पहले से ही पंजाब के खिलाफ जिंदगी भर चली आ रही नीति का आरोप लगाया है:
<ul>
 	<li>तीन कृषि कानून, जो पंजाब के किसानों के लिए हानिकारक माने जाते हैं।</li>
 	<li><strong>भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (</strong><strong>BBMB)</strong> के जरिए पंजाब के जल अधिकारों की अनदेखी।</li>
 	<li>पंजाब यूनिवर्सिटी की <strong>सीनेट पर कब्ज़ा</strong> करने की कोशिश, जिसका असर लगभग 200 कॉलेजों की पढ़ाई-लाइफ पर पड़ सकता था।</li>
 	<li>और अब ये नई “साजिश” — चंडीगढ़ को केन्द्र शासित प्रदेश में बदलने की योजना।</li>
</ul>
<strong>संविधान संशोधन पर चिंता</strong>

चीमा ने उस प्रस्तावित <strong>131</strong><strong>वें संविधान संशोधन बिल</strong> पर भी आपत्ति जताई है, जिसे दिल्ली की सरकार लाना चाहती है। यदि यह बिल पास हो गया, तो चंडीगढ़ को <strong>धारा </strong><strong>240</strong> के दायरे में लाया जाएगा। इसका मतलब यह होगा कि <strong>राष्ट्रपति को सीधे चंडीगढ़ के लिए कानून बनाने का अधिकार</strong> मिल जाएगा — और इससे पंजाब की वैधानिक और संवैधानिक शक्तियाँ कमजोर पड़ेंगी। चीमा इसे पंजाब के इतिहास और अधिकारों पर सीधा हमला मानते हैं।

<strong>पंजाब की जनता के नाम संदेश</strong>

हरपाल सिंह चीमा ने अपनी पार्टी और राज्य सरकार की तरफ से संदेश दिया है कि <strong>AAP </strong><strong>सरकार अकेले नहीं खड़ी है</strong>, बल्कि पंजाब की ज़ुबान बनेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने पहले भी भाजपा की चालों को नाकाम किया है और आगे भी करेगी। उन्होंने भरोसा व्यक्त किया कि जब जनता और सरकार साथ होंगी, तो किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

<strong>क्यों यह विवाद अहम है</strong><strong>?</strong>
<ul>
 	<li><strong>संघीयता का सवाल</strong>: अगर चंडीगढ़ को सीधा केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया, तो यह राज्य-केंद्र संबंधों में बड़ी मार है।</li>
 	<li><strong>संवैधानिक अधिकारों की रक्षा</strong>: पंजाब के लोगों का मानना है कि उनके संवैधानिक अधिकारों पर हमला हो रहा है।</li>
 	<li><strong>जनता समर्थन</strong>: AAP की योजना यह दिखाती है कि इस मुद्दे को सिर्फ कोर्ट तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि जनता को जमकर जोड़कर राजनीतिक दबाव भी बनाया जाएगा।</li>
</ul>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के सीनियर नेता <strong>हरपाल सिंह चीमा</strong> ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वह <strong>चंडीगढ़</strong> को पंजाब से <strong>छीनने की साजिश</strong> रच रही है। उन्होंने यह दावा किया कि चंडीगढ़ सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि पंजाब की जमीन है, जिसे पहले पंजाब के 24 गाँवों को उजाड़कर बसाया गया था।

<strong>दो मोर्चों पर लड़ाई की रणनीति</strong>

चीमा ने स्पष्ट किया है कि AAP पंजाब सरकार इस जंग को <strong>दो मोर्चों</strong> पर लड़ेगी:
<ol>
 	<li><strong>कानूनी मोर्चा</strong> — मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार कोर्ट के रास्ते अपना हक वापस हासिल करने की पूरी तैयारी में है।</li>
 	<li><strong>जन संघर्ष मोर्चा</strong> — सिर्फ कोर्ट ही नहीं, आम आदमी पार्टी पूरे पंजाब के करीब <strong>3 </strong><strong>करोड़ लोगों</strong> को साथ लेकर <strong>सड़क से संसद तक</strong> प्रदर्शन करेगी। उनका कहना है कि जनता मिलकर अपनी आवाज बुलंद करेगी ताकि केंद्र सरकार की इस नापाक योजना को रुकाया जा सके।</li>
</ol>
<strong>बीजेपी पर तीखे आरोप</strong>
<ul>
 	<li>हरपाल चीमा ने भाजपा की कार्रवाइयों की निंदा करते हुए कहा कि वह <strong>“</strong><strong>हिटलर की सोच</strong><strong>”</strong> अपनाते हुए देश के लोकतांत्रिक और संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचा रही है।</li>
 	<li>उनका कहना है कि ये कदम सिर्फ राजनैतिक नहीं, भावना-आधारित भी हैं — क्योंकि जब देश गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी याद कर रहा है, तब ही भाजपा ऐसी साजिश रच रही है, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।</li>
</ul>
<strong>पंजाब-विरोधी एजेंडा </strong><strong>— </strong><strong>भाजपा की पुरानी लड़ाइयाँ</strong>

चीमा ने भाजपा पर पहले से ही पंजाब के खिलाफ जिंदगी भर चली आ रही नीति का आरोप लगाया है:
<ul>
 	<li>तीन कृषि कानून, जो पंजाब के किसानों के लिए हानिकारक माने जाते हैं।</li>
 	<li><strong>भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (</strong><strong>BBMB)</strong> के जरिए पंजाब के जल अधिकारों की अनदेखी।</li>
 	<li>पंजाब यूनिवर्सिटी की <strong>सीनेट पर कब्ज़ा</strong> करने की कोशिश, जिसका असर लगभग 200 कॉलेजों की पढ़ाई-लाइफ पर पड़ सकता था।</li>
 	<li>और अब ये नई “साजिश” — चंडीगढ़ को केन्द्र शासित प्रदेश में बदलने की योजना।</li>
</ul>
<strong>संविधान संशोधन पर चिंता</strong>

चीमा ने उस प्रस्तावित <strong>131</strong><strong>वें संविधान संशोधन बिल</strong> पर भी आपत्ति जताई है, जिसे दिल्ली की सरकार लाना चाहती है। यदि यह बिल पास हो गया, तो चंडीगढ़ को <strong>धारा </strong><strong>240</strong> के दायरे में लाया जाएगा। इसका मतलब यह होगा कि <strong>राष्ट्रपति को सीधे चंडीगढ़ के लिए कानून बनाने का अधिकार</strong> मिल जाएगा — और इससे पंजाब की वैधानिक और संवैधानिक शक्तियाँ कमजोर पड़ेंगी। चीमा इसे पंजाब के इतिहास और अधिकारों पर सीधा हमला मानते हैं।

<strong>पंजाब की जनता के नाम संदेश</strong>

हरपाल सिंह चीमा ने अपनी पार्टी और राज्य सरकार की तरफ से संदेश दिया है कि <strong>AAP </strong><strong>सरकार अकेले नहीं खड़ी है</strong>, बल्कि पंजाब की ज़ुबान बनेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने पहले भी भाजपा की चालों को नाकाम किया है और आगे भी करेगी। उन्होंने भरोसा व्यक्त किया कि जब जनता और सरकार साथ होंगी, तो किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

<strong>क्यों यह विवाद अहम है</strong><strong>?</strong>
<ul>
 	<li><strong>संघीयता का सवाल</strong>: अगर चंडीगढ़ को सीधा केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया, तो यह राज्य-केंद्र संबंधों में बड़ी मार है।</li>
 	<li><strong>संवैधानिक अधिकारों की रक्षा</strong>: पंजाब के लोगों का मानना है कि उनके संवैधानिक अधिकारों पर हमला हो रहा है।</li>
 	<li><strong>जनता समर्थन</strong>: AAP की योजना यह दिखाती है कि इस मुद्दे को सिर्फ कोर्ट तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि जनता को जमकर जोड़कर राजनीतिक दबाव भी बनाया जाएगा।</li>
</ul>]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Punjab Government ने Gangsterism और Drug Network पर कसी लगाम: Harpal Singh Cheema</title>
		<link>https://trendstopic.in/punjab-government-tightens-grip-on-gangsterism-and-drug-network-harpal-singh-cheema/</link>
					<comments>https://trendstopic.in/punjab-government-tightens-grip-on-gangsterism-and-drug-network-harpal-singh-cheema/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 23 Nov 2025 03:50:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चंडीगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[DrugNetwork]]></category>
		<category><![CDATA[Gangsterism]]></category>
		<category><![CDATA[HarpalSinghCheema]]></category>
		<category><![CDATA[LawAndOrder]]></category>
		<category><![CDATA[punjab]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabPolice]]></category>
		<category><![CDATA[WarAgainstDrugs]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में राज्य सरकार ने नशा तस्करी और गैंगस्टरवाद के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद पंजाब की शांति और तरक्की को बनाए रखना है, इसलिए आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

चीमा ने दावा किया कि पंजाब पुलिस द्वारा चलाई जा रही मुहिम <strong>‘</strong><strong>युद्ध नशों विरुद्ध</strong><strong>’ (War Against Drugs)</strong> ने सकारात्मक नतीजे दिए हैं। इसी वजह से विरोधी पार्टियाँ बौखलाकर अनावश्यक बयानबाज़ी कर रही हैं।

<strong>ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर काम कर रही पंजाब पुलिस</strong>

हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब पुलिस को नशों और गैंगस्टरवाद के मामले में <strong>Zero Tolerance</strong> की नीति अपनाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। पुलिस लगातार हाई-लेवल इंटेलिजेंस इनपुट्स पर काम कर रही है और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके अपराधियों पर शिकंजा कस रही है।

पुलिस की ताज़ा रणनीतियों में शामिल हैं:
<ul>
 	<li>Target-based operations</li>
 	<li>Punjab Police की अलग-अलग विंग्स के बीच बेहतर coordination</li>
 	<li>Technology-based policing</li>
 	<li>नशा छुड़ाने की पहल और जागरूकता अभियान</li>
</ul>
<strong>गैंगस्टरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: सरकारी आँकड़े सामने आए</strong>

चीमा ने बताया कि <strong>6 </strong><strong>अप्रैल </strong><strong>2022 </strong><strong>से </strong><strong>18 </strong><strong>नवंबर </strong><strong>2025</strong> के बीच पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों और अपराधी गिरोहों के खिलाफ अब तक:
<ul>
 	<li><strong>310 FIR </strong><strong>दर्ज कीं</strong></li>
 	<li><strong>300 </strong><strong>से अधिक गैंगस्टर मारे गए (</strong><strong>encountered)</strong></li>
 	<li><strong>30 </strong><strong>गैंगस्टर </strong><strong>neutralize</strong> किए गए</li>
 	<li>कार्रवाई के दौरान <strong>3 </strong><strong>पुलिस जवान शहीद</strong> हुए</li>
 	<li><strong>30 </strong><strong>पुलिसकर्मी घायल</strong></li>
 	<li><strong>511 </strong><strong>पिस्तौल</strong>, <strong>43 </strong><strong>राइफलें</strong> और कई दूसरी हथियार बरामद</li>
</ul>
इन आँकड़ों से साफ है कि पंजाब पुलिस लगातार और सख्ती से आपराधिक नेटवर्क को तोड़ने में लगी हुई है।

<strong>पिछली सरकारों पर गंभीर आरोप</strong>

कैबिनेट मंत्री चीमा ने कहा कि गैंगस्टरवाद की जड़ें <strong>अकाली-भाजपा सरकार</strong> के समय बढ़ीं, जबकि <strong>कांग्रेस सरकार</strong> ने भी अपने निजी हितों के लिए कुछ गैंगस्टरों को संरक्षण दिया।

चीमा ने उदाहरण देते हुए कहा:
<ul>
 	<li>कांग्रेस सरकार ने गैंगस्टर <strong>मुख्तार अंसारी</strong> को एक छोटे मामले में रोपड़ जेल में रखा और उसका राजनीतिक इस्तेमाल करने की कोशिश की।</li>
 	<li>दूसरी ओर, गैंगस्टर <strong>लॉरेंस बिश्नोई</strong> को लेकर उनका आरोप है कि वह भाजपा के इशारों पर राजनीतिक नेताओं और आम लोगों को धमकियाँ दे रहा है।</li>
</ul>
मंत्री चीमा ने कहा कि मौजूदा AAP सरकार ऐसे किसी भी नेटवर्क को बर्दाश्त नहीं करेगी और पंजाब की सुरक्षा किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दी जाएगी।

हरपाल सिंह चीमा ने साफ कहा कि चाहे ड्रग माफिया हो, गैंगस्टर हों या संगठित अपराध—पंजाब सरकार का लक्ष्य इन्हें जड़ से खत्म करना है। “ये लड़ाई पंजाब की शांति और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए है,” उन्होंने कहा।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में राज्य सरकार ने नशा तस्करी और गैंगस्टरवाद के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद पंजाब की शांति और तरक्की को बनाए रखना है, इसलिए आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

चीमा ने दावा किया कि पंजाब पुलिस द्वारा चलाई जा रही मुहिम <strong>‘</strong><strong>युद्ध नशों विरुद्ध</strong><strong>’ (War Against Drugs)</strong> ने सकारात्मक नतीजे दिए हैं। इसी वजह से विरोधी पार्टियाँ बौखलाकर अनावश्यक बयानबाज़ी कर रही हैं।

<strong>ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर काम कर रही पंजाब पुलिस</strong>

हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब पुलिस को नशों और गैंगस्टरवाद के मामले में <strong>Zero Tolerance</strong> की नीति अपनाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। पुलिस लगातार हाई-लेवल इंटेलिजेंस इनपुट्स पर काम कर रही है और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके अपराधियों पर शिकंजा कस रही है।

पुलिस की ताज़ा रणनीतियों में शामिल हैं:
<ul>
 	<li>Target-based operations</li>
 	<li>Punjab Police की अलग-अलग विंग्स के बीच बेहतर coordination</li>
 	<li>Technology-based policing</li>
 	<li>नशा छुड़ाने की पहल और जागरूकता अभियान</li>
</ul>
<strong>गैंगस्टरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: सरकारी आँकड़े सामने आए</strong>

चीमा ने बताया कि <strong>6 </strong><strong>अप्रैल </strong><strong>2022 </strong><strong>से </strong><strong>18 </strong><strong>नवंबर </strong><strong>2025</strong> के बीच पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों और अपराधी गिरोहों के खिलाफ अब तक:
<ul>
 	<li><strong>310 FIR </strong><strong>दर्ज कीं</strong></li>
 	<li><strong>300 </strong><strong>से अधिक गैंगस्टर मारे गए (</strong><strong>encountered)</strong></li>
 	<li><strong>30 </strong><strong>गैंगस्टर </strong><strong>neutralize</strong> किए गए</li>
 	<li>कार्रवाई के दौरान <strong>3 </strong><strong>पुलिस जवान शहीद</strong> हुए</li>
 	<li><strong>30 </strong><strong>पुलिसकर्मी घायल</strong></li>
 	<li><strong>511 </strong><strong>पिस्तौल</strong>, <strong>43 </strong><strong>राइफलें</strong> और कई दूसरी हथियार बरामद</li>
</ul>
इन आँकड़ों से साफ है कि पंजाब पुलिस लगातार और सख्ती से आपराधिक नेटवर्क को तोड़ने में लगी हुई है।

<strong>पिछली सरकारों पर गंभीर आरोप</strong>

कैबिनेट मंत्री चीमा ने कहा कि गैंगस्टरवाद की जड़ें <strong>अकाली-भाजपा सरकार</strong> के समय बढ़ीं, जबकि <strong>कांग्रेस सरकार</strong> ने भी अपने निजी हितों के लिए कुछ गैंगस्टरों को संरक्षण दिया।

चीमा ने उदाहरण देते हुए कहा:
<ul>
 	<li>कांग्रेस सरकार ने गैंगस्टर <strong>मुख्तार अंसारी</strong> को एक छोटे मामले में रोपड़ जेल में रखा और उसका राजनीतिक इस्तेमाल करने की कोशिश की।</li>
 	<li>दूसरी ओर, गैंगस्टर <strong>लॉरेंस बिश्नोई</strong> को लेकर उनका आरोप है कि वह भाजपा के इशारों पर राजनीतिक नेताओं और आम लोगों को धमकियाँ दे रहा है।</li>
</ul>
मंत्री चीमा ने कहा कि मौजूदा AAP सरकार ऐसे किसी भी नेटवर्क को बर्दाश्त नहीं करेगी और पंजाब की सुरक्षा किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दी जाएगी।

हरपाल सिंह चीमा ने साफ कहा कि चाहे ड्रग माफिया हो, गैंगस्टर हों या संगठित अपराध—पंजाब सरकार का लक्ष्य इन्हें जड़ से खत्म करना है। “ये लड़ाई पंजाब की शांति और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा के लिए है,” उन्होंने कहा।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Punjab Government की बड़ी पहल: 13 से 15 November तक ‘Pensioner Seva Mela’, E-KYC और Digital Service की मिलेगी सुविधा</title>
		<link>https://trendstopic.in/punjab-governments-major-initiative-pensioner-seva-mela-to-be-held-from-november-13-to-15-pensioners-to-get-e-kyc-and-digital-service-facilities/</link>
					<comments>https://trendstopic.in/punjab-governments-major-initiative-pensioner-seva-mela-to-be-held-from-november-13-to-15-pensioners-to-get-e-kyc-and-digital-service-facilities/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 Nov 2025 05:17:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चंडीगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[DigitalServices]]></category>
		<category><![CDATA[eKYC]]></category>
		<category><![CDATA[GovernmentScheme]]></category>
		<category><![CDATA[HarpalSinghCheema]]></category>
		<category><![CDATA[PensionerSevaMela]]></category>
		<category><![CDATA[PensionPortal]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://trendstopic.in/?p=26687</guid>

					<description><![CDATA[पंजाब सरकार ने राज्य के पेंशनरों को बड़ी सौगात देते हुए 13 से 15 नवंबर 2025 तक पूरे पंजाब में <strong>‘</strong><strong>पेंशनर सेवा मेला’</strong> आयोजित करने का फैसला किया है। यह मेला राज्य के सभी <strong>जिला ख़जाना कार्यालयों</strong> में लगेगा, जहाँ पेंशनरों को उनकी <strong>ई-केवाईसी (E-KYC)</strong> और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में पूरी मदद दी जाएगी।

पंजाब के वित्त मंत्री <strong>एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा</strong> ने कहा कि हाल ही में सरकार ने 3 नवंबर 2025 को पेंशनरों के लिए एक <strong>वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म</strong> यानी <strong>‘</strong><strong>पेंशनर सेवा पोर्टल’</strong> लॉन्च किया है। इस पोर्टल का मकसद पेंशनरों को घर बैठे आसान और तेज़ डिजिटल सेवाएं उपलब्ध करवाना है।
<h2><strong>ई-केवाईसी अनिवार्य</strong><strong>, </strong><strong>पेंशनर पोर्टल पर </strong><strong>Registration </strong><strong>ज़रूरी</strong></h2>
वित्त मंत्री ने बताया कि इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए पेंशनरों को <strong>आधार आधारित ई-केवाईसी</strong> करानी आवश्यक है। यही कारण है कि तीन दिनों का यह विशेष मेला लगाया जा रहा है, ताकि सभी पेंशनर बिना किसी दिक्कत के अपना ई-केवाईसी और रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकें।

उन्होंने पेंशनरों से अपील की कि वे नजदीकी जिला ख़जाना कार्यालय में जाकर <strong>पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन</strong> करवाएँ और डिजिटल सेवाओं का लाभ उठाएँ।
<h2><strong>पोर्टल पर उपलब्ध </strong><strong>6 </strong><strong>मुख्य सुविधाएँ</strong></h2>
<a href="https://pensionersewa.punjab.gov.in/">https://pensionersewa.punjab.gov.in</a>
इस पोर्टल के माध्यम से शुरुआत में पेंशनरों को छह महत्वपूर्ण सेवाएँ मिलेंगी:
<ol>
 	<li><strong>डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट</strong> जमा करवाना
<ul>
 	<li>इसके लिए ‘<strong>जीवन प्रमाण (Jeevan Pramaan)</strong>’ मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा सकता है।</li>
</ul>
</li>
 	<li><strong>पेंशन को फैमिली पेंशन में बदलने का आवेदन</strong></li>
 	<li><strong>LTC (Leave Travel Concession)</strong> के लिए आवेदन</li>
 	<li><strong>पेंशन से जुड़ी शिकायतें</strong> ऑनलाइन दर्ज करवाना</li>
 	<li><strong>व्यक्तिगत विवरण (Personal Details) </strong><strong>अपडेट/संशोधित करना</strong></li>
 	<li>पेंशन से संबंधित आवश्यक अन्य डिजिटल सेवाएँ</li>
</ol>
<h2><strong>जीवन प्रमाण ऐप डाउनलोड लिंक</strong></h2>
<ul>
 	<li><strong>Android:</strong> <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.aadhaar.life">https://play.google.com/store/apps/details?id=com.aadhaar.life</a></li>
 	<li><strong>iOS:</strong> <a href="https://apps.apple.com/in/app/jeevanpramaan/id6736359405">https://apps.apple.com/in/app/jeevanpramaan/id6736359405</a></li>
</ul>
<h2><strong>पेंशनर कैसे ले सकेंगे ये सेवाएँ</strong><strong>?</strong></h2>
इन सेवाओं को पेंशनर कई तरीकों से प्राप्त कर सकते हैं:
<ul>
 	<li>अपने <strong>मोबाइल फोन</strong>, <strong>लैपटॉप</strong> या <strong>कंप्यूटर</strong> से घर बैठे</li>
 	<li>नजदीकी <strong>सेवा केंद्रों (Service Centres)</strong> पर जाकर</li>
 	<li><strong>Doorstep Service</strong> की रिक्वेस्ट देकर</li>
 	<li>संबंधित <strong>बैंक शाखा</strong> में जाकर</li>
 	<li>अपने <strong>जिला ख़जाना कार्यालय</strong> में जाकर</li>
</ul>
पेंशनरों को कहीं भी बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। एक बार पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन पूरा होते ही वे अपनी लॉगिन आईडी से घर बैठे डिजिटल सेवाएँ ले पाएँगे।
<h2><strong>शिकायतों के लिए </strong><strong>‘</strong><strong>वार रूम</strong><strong>’ </strong><strong>तैयार</strong></h2>
पोर्टल लॉन्च होने के बाद आने वाली सभी शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए <strong>डायरेक्टरेट ऑफ ट्रेज़रीज़ एंड अकाउंट्स, </strong><strong>पेंशन एंड न्यू पेंशन स्कीम</strong> में एक <strong>समर्पित वार रूम (War Room)</strong> बनाया गया है। यहाँ विशेषज्ञ टीम पेंशनरों की शिकायतों को तुरंत सुनकर समाधान करेगी।
<h2><strong>हेल्पलाइन नंबर (सुबह </strong><strong>9 </strong><strong>बजे से शाम </strong><strong>5 </strong><strong>बजे तक)</strong></h2>
पेंशनर किसी भी तरह की समस्या या जानकारी के लिए इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
<ul>
 	<li><strong>18001802148</strong></li>
 	<li><strong>0172-2996385</strong></li>
 	<li><strong>0172-2996386</strong></li>
</ul>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब सरकार ने राज्य के पेंशनरों को बड़ी सौगात देते हुए 13 से 15 नवंबर 2025 तक पूरे पंजाब में <strong>‘</strong><strong>पेंशनर सेवा मेला’</strong> आयोजित करने का फैसला किया है। यह मेला राज्य के सभी <strong>जिला ख़जाना कार्यालयों</strong> में लगेगा, जहाँ पेंशनरों को उनकी <strong>ई-केवाईसी (E-KYC)</strong> और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में पूरी मदद दी जाएगी।

पंजाब के वित्त मंत्री <strong>एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा</strong> ने कहा कि हाल ही में सरकार ने 3 नवंबर 2025 को पेंशनरों के लिए एक <strong>वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म</strong> यानी <strong>‘</strong><strong>पेंशनर सेवा पोर्टल’</strong> लॉन्च किया है। इस पोर्टल का मकसद पेंशनरों को घर बैठे आसान और तेज़ डिजिटल सेवाएं उपलब्ध करवाना है।
<h2><strong>ई-केवाईसी अनिवार्य</strong><strong>, </strong><strong>पेंशनर पोर्टल पर </strong><strong>Registration </strong><strong>ज़रूरी</strong></h2>
वित्त मंत्री ने बताया कि इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए पेंशनरों को <strong>आधार आधारित ई-केवाईसी</strong> करानी आवश्यक है। यही कारण है कि तीन दिनों का यह विशेष मेला लगाया जा रहा है, ताकि सभी पेंशनर बिना किसी दिक्कत के अपना ई-केवाईसी और रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकें।

उन्होंने पेंशनरों से अपील की कि वे नजदीकी जिला ख़जाना कार्यालय में जाकर <strong>पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन</strong> करवाएँ और डिजिटल सेवाओं का लाभ उठाएँ।
<h2><strong>पोर्टल पर उपलब्ध </strong><strong>6 </strong><strong>मुख्य सुविधाएँ</strong></h2>
<a href="https://pensionersewa.punjab.gov.in/">https://pensionersewa.punjab.gov.in</a>
इस पोर्टल के माध्यम से शुरुआत में पेंशनरों को छह महत्वपूर्ण सेवाएँ मिलेंगी:
<ol>
 	<li><strong>डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट</strong> जमा करवाना
<ul>
 	<li>इसके लिए ‘<strong>जीवन प्रमाण (Jeevan Pramaan)</strong>’ मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा सकता है।</li>
</ul>
</li>
 	<li><strong>पेंशन को फैमिली पेंशन में बदलने का आवेदन</strong></li>
 	<li><strong>LTC (Leave Travel Concession)</strong> के लिए आवेदन</li>
 	<li><strong>पेंशन से जुड़ी शिकायतें</strong> ऑनलाइन दर्ज करवाना</li>
 	<li><strong>व्यक्तिगत विवरण (Personal Details) </strong><strong>अपडेट/संशोधित करना</strong></li>
 	<li>पेंशन से संबंधित आवश्यक अन्य डिजिटल सेवाएँ</li>
</ol>
<h2><strong>जीवन प्रमाण ऐप डाउनलोड लिंक</strong></h2>
<ul>
 	<li><strong>Android:</strong> <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=com.aadhaar.life">https://play.google.com/store/apps/details?id=com.aadhaar.life</a></li>
 	<li><strong>iOS:</strong> <a href="https://apps.apple.com/in/app/jeevanpramaan/id6736359405">https://apps.apple.com/in/app/jeevanpramaan/id6736359405</a></li>
</ul>
<h2><strong>पेंशनर कैसे ले सकेंगे ये सेवाएँ</strong><strong>?</strong></h2>
इन सेवाओं को पेंशनर कई तरीकों से प्राप्त कर सकते हैं:
<ul>
 	<li>अपने <strong>मोबाइल फोन</strong>, <strong>लैपटॉप</strong> या <strong>कंप्यूटर</strong> से घर बैठे</li>
 	<li>नजदीकी <strong>सेवा केंद्रों (Service Centres)</strong> पर जाकर</li>
 	<li><strong>Doorstep Service</strong> की रिक्वेस्ट देकर</li>
 	<li>संबंधित <strong>बैंक शाखा</strong> में जाकर</li>
 	<li>अपने <strong>जिला ख़जाना कार्यालय</strong> में जाकर</li>
</ul>
पेंशनरों को कहीं भी बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। एक बार पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन पूरा होते ही वे अपनी लॉगिन आईडी से घर बैठे डिजिटल सेवाएँ ले पाएँगे।
<h2><strong>शिकायतों के लिए </strong><strong>‘</strong><strong>वार रूम</strong><strong>’ </strong><strong>तैयार</strong></h2>
पोर्टल लॉन्च होने के बाद आने वाली सभी शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए <strong>डायरेक्टरेट ऑफ ट्रेज़रीज़ एंड अकाउंट्स, </strong><strong>पेंशन एंड न्यू पेंशन स्कीम</strong> में एक <strong>समर्पित वार रूम (War Room)</strong> बनाया गया है। यहाँ विशेषज्ञ टीम पेंशनरों की शिकायतों को तुरंत सुनकर समाधान करेगी।
<h2><strong>हेल्पलाइन नंबर (सुबह </strong><strong>9 </strong><strong>बजे से शाम </strong><strong>5 </strong><strong>बजे तक)</strong></h2>
पेंशनर किसी भी तरह की समस्या या जानकारी के लिए इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
<ul>
 	<li><strong>18001802148</strong></li>
 	<li><strong>0172-2996385</strong></li>
 	<li><strong>0172-2996386</strong></li>
</ul>]]></content:encoded>
					
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	</channel>
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