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	<title>GirlEducation &#8211; Trends Topic</title>
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	<title>GirlEducation &#8211; Trends Topic</title>
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	<item>
		<title>पंजाब सरकार का बड़ा कदम, 2026 तक बेटियों का लिंग अनुपात बढ़ाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का लक्ष्य</title>
		<link>https://trendstopic.in/a-major-step-by-the-punjab-government-target-set-to-improve-the-female-child-sex-ratio-and-ensure-the-safety-of-daughters-by-2026/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Dec 2025 06:44:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AAPPunjab]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[GirlEducation]]></category>
		<category><![CDATA[punjab]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में कन्या भ्रूण हत्या जैसे बुरे काम को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि अब पंजाब सिर्फ बदलाव नहीं चाहता, बल्कि सबसे अच्छा बनना चाहता है। सरकार का लक्ष्य है कि 2026 तक पंजाब का लिंग अनुपात देश के औसत से भी बेहतर हो।
<h2 class="wp-block-heading"><strong>लिंग जांच या कन्या भ्रूण हत्या की कोशिश न होने पाए</strong></h2>
मान सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मचारियों को सख्त आदेश दिए हैं कि गर्भधारण से लेकर बच्चे के जन्म तक हर बात पर नजर रखी जाए। इसका मकसद है कि कहीं भी लिंग जांच या कन्या भ्रूण हत्या की कोशिश न होने पाए। यह कदम दिखाता है कि सरकार महिलाओं के सम्मान और बराबरी को बहुत महत्वपूर्ण मानती है।

चंडीगढ़ में हुई एक कार्यशाला में डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि लड़की के जन्म को रोकना समाज के लिए सबसे बड़ा दोष है। उन्होंने साफ कहा कि अब पंजाब में इस अपराध के लिए “बिल्कुल बर्दाश्त नहीं” की नीति लागू होगी। यह संदेश स्वास्थ्य कर्मचारियों और पूरे समाज के लिए है कि कन्या भ्रूण हत्या किसी भी हालत में स्वीकार नहीं है।

इस मिशन के लिए राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। सिविल सर्जन, स्वास्थ्य अधिकारी, नर्सें और खासकर ASHA वर्कर हर गर्भवती महिला पर निगरानी रखेंगे, ताकि उसकी सही देखभाल हो सके और कोई गलत काम न हो सके। यह निगरानी न केवल अपराध रोकने में मदद करेगी, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा भी बढ़ाएगी।
<h2 class="wp-block-heading"><strong>यह कानून इसलिए बनाया गया था कि कोई भी व्यक्ति मशीनों का गलत इस्तेमाल करके लिंग जांच न कर सके</strong></h2>
मंत्री ने पीसी-पीएनडीटी कानून (1994) की अहमियत भी समझाई। यह कानून इसलिए बनाया गया था कि कोई भी व्यक्ति मशीनों का गलत इस्तेमाल करके लिंग जांच न कर सके। उन्होंने कहा कि कानून तभी काम करता है जब सरकार और समाज दोनों मिलकर इसे लागू करें—और मान सरकार यही कर रही है।

सरकार सिर्फ सख्ती ही नहीं कर रही, बल्कि लोगों को जागरूक भी कर रही है। पूरे राज्य में ऐसे कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिनसे लोगों में बेटियों के प्रति सम्मान बढ़े और सभी समझें कि लड़की और लड़का दोनों बराबर हैं। यह केवल सरकारी काम नहीं, बल्कि समाज को बदलने का अभियान है।

पंजाब सरकार का यह कदम आने वाले समय में राज्य की पहचान को और ऊँचा करेगा—एक ऐसा पंजाब, जहाँ बेटी का जन्म खुशी की बात होगा, जहाँ महिलाओं को बराबर मौके मिलेंगे और जहाँ सरकार एक सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य बनाएगी। यह अभियान दूसरे राज्यों के लिए भी एक अच्छी मिसाल बनेगा।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब में कन्या भ्रूण हत्या जैसे बुरे काम को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि अब पंजाब सिर्फ बदलाव नहीं चाहता, बल्कि सबसे अच्छा बनना चाहता है। सरकार का लक्ष्य है कि 2026 तक पंजाब का लिंग अनुपात देश के औसत से भी बेहतर हो।
<h2 class="wp-block-heading"><strong>लिंग जांच या कन्या भ्रूण हत्या की कोशिश न होने पाए</strong></h2>
मान सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मचारियों को सख्त आदेश दिए हैं कि गर्भधारण से लेकर बच्चे के जन्म तक हर बात पर नजर रखी जाए। इसका मकसद है कि कहीं भी लिंग जांच या कन्या भ्रूण हत्या की कोशिश न होने पाए। यह कदम दिखाता है कि सरकार महिलाओं के सम्मान और बराबरी को बहुत महत्वपूर्ण मानती है।

चंडीगढ़ में हुई एक कार्यशाला में डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि लड़की के जन्म को रोकना समाज के लिए सबसे बड़ा दोष है। उन्होंने साफ कहा कि अब पंजाब में इस अपराध के लिए “बिल्कुल बर्दाश्त नहीं” की नीति लागू होगी। यह संदेश स्वास्थ्य कर्मचारियों और पूरे समाज के लिए है कि कन्या भ्रूण हत्या किसी भी हालत में स्वीकार नहीं है।

इस मिशन के लिए राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। सिविल सर्जन, स्वास्थ्य अधिकारी, नर्सें और खासकर ASHA वर्कर हर गर्भवती महिला पर निगरानी रखेंगे, ताकि उसकी सही देखभाल हो सके और कोई गलत काम न हो सके। यह निगरानी न केवल अपराध रोकने में मदद करेगी, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा भी बढ़ाएगी।
<h2 class="wp-block-heading"><strong>यह कानून इसलिए बनाया गया था कि कोई भी व्यक्ति मशीनों का गलत इस्तेमाल करके लिंग जांच न कर सके</strong></h2>
मंत्री ने पीसी-पीएनडीटी कानून (1994) की अहमियत भी समझाई। यह कानून इसलिए बनाया गया था कि कोई भी व्यक्ति मशीनों का गलत इस्तेमाल करके लिंग जांच न कर सके। उन्होंने कहा कि कानून तभी काम करता है जब सरकार और समाज दोनों मिलकर इसे लागू करें—और मान सरकार यही कर रही है।

सरकार सिर्फ सख्ती ही नहीं कर रही, बल्कि लोगों को जागरूक भी कर रही है। पूरे राज्य में ऐसे कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिनसे लोगों में बेटियों के प्रति सम्मान बढ़े और सभी समझें कि लड़की और लड़का दोनों बराबर हैं। यह केवल सरकारी काम नहीं, बल्कि समाज को बदलने का अभियान है।

पंजाब सरकार का यह कदम आने वाले समय में राज्य की पहचान को और ऊँचा करेगा—एक ऐसा पंजाब, जहाँ बेटी का जन्म खुशी की बात होगा, जहाँ महिलाओं को बराबर मौके मिलेंगे और जहाँ सरकार एक सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य बनाएगी। यह अभियान दूसरे राज्यों के लिए भी एक अच्छी मिसाल बनेगा।]]></content:encoded>
					
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		<title>हर बच्चे का ‘Runway of Dreams’ बने ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’: CM Bhagwant Mann का शिक्षा में Revolutionary कदम</title>
		<link>https://trendstopic.in/every-childs-runway-of-dreams-cm-bhagwant-manns-revolutionary-step-in-education/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Oct 2025 04:49:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चंडीगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[EducationForAll]]></category>
		<category><![CDATA[EducationRevolution]]></category>
		<category><![CDATA[FreeCoaching]]></category>
		<category><![CDATA[FutureReadyStudents]]></category>
		<category><![CDATA[GirlEducation]]></category>
		<category><![CDATA[GovernmentSchools]]></category>
		<category><![CDATA[JEE]]></category>
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		<category><![CDATA[NEET]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabEducation]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabModel]]></category>
		<category><![CDATA[SchoolOfEminence]]></category>
		<category><![CDATA[SmartPunjab]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में अब सरकारी स्कूलों का चेहरा और भविष्य दोनों बदल रहा है। मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> की सोच है साफ — <em>“</em><em>हर बच्चे को अच्छा स्कूल</em><em>, </em><em>बेहतर सुविधा और बड़ा सपना मिलना चाहिए</em><em>, </em><em>चाहे वो किसी भी घर से क्यों न आता हो।</em><em>”</em>
इसी सोच ने जन्म दिया है <strong>‘School of Eminence’ (</strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस)</strong> जैसी ऐतिहासिक योजना को, जिसने पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में नई क्रांति ला दी है।

<strong>सरकारी स्कूलों में आया बड़ा बदलाव</strong>

पहले जहाँ सरकारी स्कूलों को लेकर लोगों में निराशा थी, वहीं अब वही स्कूल आधुनिक सुविधाओं से लैस हो चुके हैं। पंजाब सरकार ने अब तक <strong>₹231.74 </strong><strong>करोड़</strong> खर्च कर <strong>118 </strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस</strong> तैयार किए हैं।
इन स्कूलों में न सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दिया जा रहा है, बल्कि बच्चों को हर उस मौके से जोड़ा जा रहा है, जो अब तक केवल महंगे प्राइवेट स्कूलों तक सीमित थे।

<strong>लड़कियों के लिए फ्री बस और यूनिफॉर्म की सुविधा</strong>

मुख्यमंत्री मान की सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा, खासकर बेटियाँ, पैसों या दूरी की वजह से पढ़ाई से वंचित न रहें।
सभी विद्यार्थियों को <strong>मुफ्त यूनिफॉर्म</strong> दी जा रही है।
<strong>लड़कियों के लिए फ्री बस सर्विस</strong> शुरू की गई है, ताकि वो बिना किसी डर या परेशानी के स्कूल पहुँच सकें।

<strong>NEET, JEE </strong><strong>और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग</strong>

अब सरकारी स्कूलों के बच्चे भी <strong>NEET, JEE</strong> और <strong>आर्मी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं</strong> की तैयारी मुफ्त में कर रहे हैं।
पहले जिन कोचिंग क्लासेस की फीस लाखों रुपये होती थी, वो अब सरकार बच्चों तक बिना किसी खर्च के पहुँचा रही है।

<strong>रिकॉर्ड तोड़ सफलता</strong>

इन सभी प्रयासों का असर अब नतीजों में दिख रहा है —
<ul>
 	<li><strong>265 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>JEE Mains </strong><strong>क्वालीफाई</strong> किया है</li>
 	<li><strong>44 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>JEE Advanced </strong><strong>पास</strong> किया</li>
 	<li>और <strong>848 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>NEET</strong> जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की</li>
</ul>
यह आंकड़े बताते हैं कि सरकारी स्कूलों के बच्चे किसी से कम नहीं हैं, बस उन्हें सही मौका और सही दिशा चाहिए।

<strong>माता-पिता की भागीदारी भी बढ़ी</strong>

सरकार ने शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया है।
<strong>Parent-Teacher Meetings (PTM)</strong> में अब तक <strong>25 </strong><strong>लाख से ज्यादा माता-पिता</strong> शामिल हो चुके हैं।
इसके अलावा <strong>‘School Mentorship Program’</strong> के तहत वरिष्ठ अधिकारी खुद स्कूलों का दौरा करते हैं और बच्चों का मार्गदर्शन करते हैं।

<strong>‘</strong><strong>आधुनिक युग के मंदिर</strong><strong>’ </strong><strong>कहे जाने वाले स्कूल</strong>

सीएम मान इन स्कूलों को <strong>“</strong><strong>आधुनिक युग के मंदिर</strong><strong>”</strong> कहते हैं।
उनका मानना है —

“जिस तरह हवाई जहाज को उड़ान के लिए रनवे की जरूरत होती है, उसी तरह हमारे बच्चों को ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ जैसा रनवे चाहिए, जहाँ से वो अपने सपनों को आसमान तक पहुँचा सकें।”

<strong>लक्ष्य: हर बच्चे तक पहुँचे बेहतर शिक्षा</strong>

‘School of Eminence’ योजना का मकसद है कि पंजाब का कोई भी बच्चा, चाहे वह गरीब परिवार से हो या अमीर से, शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।
इन स्कूलों ने सरकारी शिक्षा पर लोगों का भरोसा वापस लाया है।
अब हालात यह हैं कि <strong>निजी स्कूलों के बच्चे भी </strong><strong>‘</strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस</strong><strong>’ </strong><strong>में एडमिशन लेने के लिए आवेदन कर रहे हैं।</strong>

<strong>नया पंजाब</strong><strong>, </strong><strong>नई सोच</strong>

सीएम भगवंत मान का सपना है कि पंजाब का हर बच्चा <em>“</em><em>नौकरी ढूँढने वाला नहीं</em><em>, </em><em>बल्कि रोजगार देने वाला बने।</em><em>”</em>
‘School of Eminence’ उसी सपने की शुरुआत है — एक ऐसा पंजाब जहाँ शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार बने और हर बच्चा अपने सपनों की उड़ान भर सके।

<strong>पंजाब की धरती पर अब नई कहानी लिखी जा रही है </strong><strong>— </strong><strong>जहाँ सरकारी स्कूल ही बच्चों के सपनों का असली रनवे बन रहे हैं।</strong>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब में अब सरकारी स्कूलों का चेहरा और भविष्य दोनों बदल रहा है। मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> की सोच है साफ — <em>“</em><em>हर बच्चे को अच्छा स्कूल</em><em>, </em><em>बेहतर सुविधा और बड़ा सपना मिलना चाहिए</em><em>, </em><em>चाहे वो किसी भी घर से क्यों न आता हो।</em><em>”</em>
इसी सोच ने जन्म दिया है <strong>‘School of Eminence’ (</strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस)</strong> जैसी ऐतिहासिक योजना को, जिसने पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में नई क्रांति ला दी है।

<strong>सरकारी स्कूलों में आया बड़ा बदलाव</strong>

पहले जहाँ सरकारी स्कूलों को लेकर लोगों में निराशा थी, वहीं अब वही स्कूल आधुनिक सुविधाओं से लैस हो चुके हैं। पंजाब सरकार ने अब तक <strong>₹231.74 </strong><strong>करोड़</strong> खर्च कर <strong>118 </strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस</strong> तैयार किए हैं।
इन स्कूलों में न सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दिया जा रहा है, बल्कि बच्चों को हर उस मौके से जोड़ा जा रहा है, जो अब तक केवल महंगे प्राइवेट स्कूलों तक सीमित थे।

<strong>लड़कियों के लिए फ्री बस और यूनिफॉर्म की सुविधा</strong>

मुख्यमंत्री मान की सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा, खासकर बेटियाँ, पैसों या दूरी की वजह से पढ़ाई से वंचित न रहें।
सभी विद्यार्थियों को <strong>मुफ्त यूनिफॉर्म</strong> दी जा रही है।
<strong>लड़कियों के लिए फ्री बस सर्विस</strong> शुरू की गई है, ताकि वो बिना किसी डर या परेशानी के स्कूल पहुँच सकें।

<strong>NEET, JEE </strong><strong>और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग</strong>

अब सरकारी स्कूलों के बच्चे भी <strong>NEET, JEE</strong> और <strong>आर्मी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं</strong> की तैयारी मुफ्त में कर रहे हैं।
पहले जिन कोचिंग क्लासेस की फीस लाखों रुपये होती थी, वो अब सरकार बच्चों तक बिना किसी खर्च के पहुँचा रही है।

<strong>रिकॉर्ड तोड़ सफलता</strong>

इन सभी प्रयासों का असर अब नतीजों में दिख रहा है —
<ul>
 	<li><strong>265 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>JEE Mains </strong><strong>क्वालीफाई</strong> किया है</li>
 	<li><strong>44 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>JEE Advanced </strong><strong>पास</strong> किया</li>
 	<li>और <strong>848 </strong><strong>विद्यार्थियों ने </strong><strong>NEET</strong> जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की</li>
</ul>
यह आंकड़े बताते हैं कि सरकारी स्कूलों के बच्चे किसी से कम नहीं हैं, बस उन्हें सही मौका और सही दिशा चाहिए।

<strong>माता-पिता की भागीदारी भी बढ़ी</strong>

सरकार ने शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया है।
<strong>Parent-Teacher Meetings (PTM)</strong> में अब तक <strong>25 </strong><strong>लाख से ज्यादा माता-पिता</strong> शामिल हो चुके हैं।
इसके अलावा <strong>‘School Mentorship Program’</strong> के तहत वरिष्ठ अधिकारी खुद स्कूलों का दौरा करते हैं और बच्चों का मार्गदर्शन करते हैं।

<strong>‘</strong><strong>आधुनिक युग के मंदिर</strong><strong>’ </strong><strong>कहे जाने वाले स्कूल</strong>

सीएम मान इन स्कूलों को <strong>“</strong><strong>आधुनिक युग के मंदिर</strong><strong>”</strong> कहते हैं।
उनका मानना है —

“जिस तरह हवाई जहाज को उड़ान के लिए रनवे की जरूरत होती है, उसी तरह हमारे बच्चों को ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ जैसा रनवे चाहिए, जहाँ से वो अपने सपनों को आसमान तक पहुँचा सकें।”

<strong>लक्ष्य: हर बच्चे तक पहुँचे बेहतर शिक्षा</strong>

‘School of Eminence’ योजना का मकसद है कि पंजाब का कोई भी बच्चा, चाहे वह गरीब परिवार से हो या अमीर से, शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।
इन स्कूलों ने सरकारी शिक्षा पर लोगों का भरोसा वापस लाया है।
अब हालात यह हैं कि <strong>निजी स्कूलों के बच्चे भी </strong><strong>‘</strong><strong>स्कूल ऑफ एमिनेंस</strong><strong>’ </strong><strong>में एडमिशन लेने के लिए आवेदन कर रहे हैं।</strong>

<strong>नया पंजाब</strong><strong>, </strong><strong>नई सोच</strong>

सीएम भगवंत मान का सपना है कि पंजाब का हर बच्चा <em>“</em><em>नौकरी ढूँढने वाला नहीं</em><em>, </em><em>बल्कि रोजगार देने वाला बने।</em><em>”</em>
‘School of Eminence’ उसी सपने की शुरुआत है — एक ऐसा पंजाब जहाँ शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार बने और हर बच्चा अपने सपनों की उड़ान भर सके।

<strong>पंजाब की धरती पर अब नई कहानी लिखी जा रही है </strong><strong>— </strong><strong>जहाँ सरकारी स्कूल ही बच्चों के सपनों का असली रनवे बन रहे हैं।</strong>]]></content:encoded>
					
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