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	<title>CampusSafety &#8211; Trends Topic</title>
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	<title>CampusSafety &#8211; Trends Topic</title>
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	<item>
		<title>College Campus में खुद को आग लगाने वाली Odisha की छात्रा की मौत, बढ़ा Political बवाल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Jul 2025 05:46:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[News]]></category>
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		<category><![CDATA[WomensRights]]></category>
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					<description><![CDATA[ओडिशा के बालासोर ज़िले की एक 20 साल की छात्रा, जिसने कॉलेज कैंपस में खुद को आग लगा ली थी, अब जिंदगी की जंग हार गई। यह दर्दनाक घटना तब हुई जब उसने एक शिक्षक द्वारा कथित तौर पर लगातार की जा रही <em>harassment</em> की शिकायत की, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। छात्रा की हालत गंभीर थी और उसे AIIMS भुवनेश्वर में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार देर रात (14 जुलाई 2025) को उसकी मौत हो गई।

AIIMS भुवनेश्वर द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा गया, "सभी ज़रूरी इलाज और सपोर्टिव थैरेपी देने के बावजूद, उसे नहीं बचाया जा सका। उसे 14 जुलाई रात 11:46 बजे क्लिनिकली मृत घोषित किया गया।"

<strong>राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ने जताया दुख</strong>

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जो AIIMS भुवनेश्वर में एक कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं, ने भी छात्रा से ICU में मिलकर उसकी हालत की जानकारी ली थी। उनके साथ मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी थे।

छात्रा की मौत पर मुख्यमंत्री मोहन माझी ने गहरा दुख व्यक्त किया और कहा, "मैं इस खबर से बेहद दुखी हूं। सरकार और डॉक्टरों की पूरी कोशिशों के बावजूद हम उसकी जान नहीं बचा सके। मैं उसके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।"

उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। "मैंने खुद अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस केस में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो," CM ने कहा।

क्या हुआ था?

शनिवार (12 जुलाई) को छात्रा ने कॉलेज प्रिंसिपल के ऑफिस के बाहर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी। वह B.Ed कोर्स कर रही थी और कई बार एक शिक्षक की शिकायत कर चुकी थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जब <em>grievance redressal</em> नहीं हुआ, तो वह <em>protest</em> के दौरान यह खौफनाक कदम उठा बैठी।

<strong>मौत के बाद सियासी हंगामा</strong>

जैसे ही छात्रा की मौत की खबर आई, AIIMS भुवनेश्वर में <em>political uproar</em> शुरू हो गया। डिप्टी CM प्रवाती परिडा और BJP के कई विधायक हॉस्पिटल पहुंचे। उधर, BJD और कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के दौरान BJD और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शव को जल्दबाज़ी में बालासोर भेजने का विरोध किया और रास्ता जाम करने की कोशिश की।

हालात को देखते हुए पुलिस को रास्ते और भुवनेश्वर में सुरक्षा बढ़ानी पड़ी।

<strong>क्या कार्रवाई हुई</strong><strong>?</strong>

मुख्य आरोपी शिक्षक समीर साहू (FM ऑटोनोमस कॉलेज में शिक्षा विभाग प्रमुख) को पहले ही 12 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। अब कॉलेज के प्रिंसिपल दिलीप घोष को भी 14 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें पहले सस्पेंड किया गया था।

<strong>अब उठे बड़े सवाल</strong>

इस दर्दनाक घटना ने कॉलेजों में <em>Internal Complaint Committee (ICC)</em> की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘Sexual Harassment of Women at Workplace Act, 2013’ के तहत हर संस्थान में ऐसी कमेटी होनी चाहिए, लेकिन कई जगह ये नहीं बनी या ठीक से काम नहीं कर रही। सरकार ने सभी कॉलेजों को आदेश दिया है कि 24 घंटे के अंदर ICC का गठन करें।

छात्रा के परिवार का कहना है कि उसने हर स्तर पर शिकायत की, लेकिन उसे कभी ठोस आश्वासन नहीं मिला। आख़िरकार निराशा में आकर उसने ये कदम उठाया।

<strong>जांच और प्रतिक्रिया</strong>

पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि छात्रा को हर स्तर पर न्याय नहीं मिला। BJD और कांग्रेस ने <em>judicial inquiry</em> की मांग की है। <em>National Human Rights Commission</em> और <em>National Commission for Women</em> ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। वहीं, ओडिशा पुलिस की क्राइम ब्रांच की महिला एवं बाल अपराध शाखा अलग से जांच कर रही है।

यह घटना सिर्फ एक लड़की की मौत नहीं है, यह समाज और सिस्टम पर एक बड़ा सवाल है — क्या हमारी संस्थाएं वाकई महिलाओं की सुरक्षा और न्याय की गारंटी दे पा रही हैं?]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[ओडिशा के बालासोर ज़िले की एक 20 साल की छात्रा, जिसने कॉलेज कैंपस में खुद को आग लगा ली थी, अब जिंदगी की जंग हार गई। यह दर्दनाक घटना तब हुई जब उसने एक शिक्षक द्वारा कथित तौर पर लगातार की जा रही <em>harassment</em> की शिकायत की, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। छात्रा की हालत गंभीर थी और उसे AIIMS भुवनेश्वर में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार देर रात (14 जुलाई 2025) को उसकी मौत हो गई।

AIIMS भुवनेश्वर द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन में कहा गया, "सभी ज़रूरी इलाज और सपोर्टिव थैरेपी देने के बावजूद, उसे नहीं बचाया जा सका। उसे 14 जुलाई रात 11:46 बजे क्लिनिकली मृत घोषित किया गया।"

<strong>राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ने जताया दुख</strong>

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जो AIIMS भुवनेश्वर में एक कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं, ने भी छात्रा से ICU में मिलकर उसकी हालत की जानकारी ली थी। उनके साथ मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी थे।

छात्रा की मौत पर मुख्यमंत्री मोहन माझी ने गहरा दुख व्यक्त किया और कहा, "मैं इस खबर से बेहद दुखी हूं। सरकार और डॉक्टरों की पूरी कोशिशों के बावजूद हम उसकी जान नहीं बचा सके। मैं उसके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।"

उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। "मैंने खुद अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस केस में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो," CM ने कहा।

क्या हुआ था?

शनिवार (12 जुलाई) को छात्रा ने कॉलेज प्रिंसिपल के ऑफिस के बाहर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी। वह B.Ed कोर्स कर रही थी और कई बार एक शिक्षक की शिकायत कर चुकी थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जब <em>grievance redressal</em> नहीं हुआ, तो वह <em>protest</em> के दौरान यह खौफनाक कदम उठा बैठी।

<strong>मौत के बाद सियासी हंगामा</strong>

जैसे ही छात्रा की मौत की खबर आई, AIIMS भुवनेश्वर में <em>political uproar</em> शुरू हो गया। डिप्टी CM प्रवाती परिडा और BJP के कई विधायक हॉस्पिटल पहुंचे। उधर, BJD और कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के दौरान BJD और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शव को जल्दबाज़ी में बालासोर भेजने का विरोध किया और रास्ता जाम करने की कोशिश की।

हालात को देखते हुए पुलिस को रास्ते और भुवनेश्वर में सुरक्षा बढ़ानी पड़ी।

<strong>क्या कार्रवाई हुई</strong><strong>?</strong>

मुख्य आरोपी शिक्षक समीर साहू (FM ऑटोनोमस कॉलेज में शिक्षा विभाग प्रमुख) को पहले ही 12 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। अब कॉलेज के प्रिंसिपल दिलीप घोष को भी 14 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें पहले सस्पेंड किया गया था।

<strong>अब उठे बड़े सवाल</strong>

इस दर्दनाक घटना ने कॉलेजों में <em>Internal Complaint Committee (ICC)</em> की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘Sexual Harassment of Women at Workplace Act, 2013’ के तहत हर संस्थान में ऐसी कमेटी होनी चाहिए, लेकिन कई जगह ये नहीं बनी या ठीक से काम नहीं कर रही। सरकार ने सभी कॉलेजों को आदेश दिया है कि 24 घंटे के अंदर ICC का गठन करें।

छात्रा के परिवार का कहना है कि उसने हर स्तर पर शिकायत की, लेकिन उसे कभी ठोस आश्वासन नहीं मिला। आख़िरकार निराशा में आकर उसने ये कदम उठाया।

<strong>जांच और प्रतिक्रिया</strong>

पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि छात्रा को हर स्तर पर न्याय नहीं मिला। BJD और कांग्रेस ने <em>judicial inquiry</em> की मांग की है। <em>National Human Rights Commission</em> और <em>National Commission for Women</em> ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। वहीं, ओडिशा पुलिस की क्राइम ब्रांच की महिला एवं बाल अपराध शाखा अलग से जांच कर रही है।

यह घटना सिर्फ एक लड़की की मौत नहीं है, यह समाज और सिस्टम पर एक बड़ा सवाल है — क्या हमारी संस्थाएं वाकई महिलाओं की सुरक्षा और न्याय की गारंटी दे पा रही हैं?]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>Kolkata की Law Student से College में Gang-Rape: &#8216;मैंने उसके पैर छुए, फिर भी नहीं छोड़ा&#8217; – Survivor ने सुनाई दर्दनाक कहानी</title>
		<link>https://trendstopic.in/kolkata-law-student-gang-raped-inside-college-i-touched-his-feet-but-he-still-didnt-let-me-go-survivor-recounts-horrific-ordeal/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Jun 2025 09:01:21 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[CampusSafety]]></category>
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		<category><![CDATA[KolkataNews]]></category>
		<category><![CDATA[KolkataRapeCase]]></category>
		<category><![CDATA[LawStudentAssault]]></category>
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		<category><![CDATA[WomensSafety]]></category>
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					<description><![CDATA[पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज की एक 24 वर्षीय छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसे कॉलेज परिसर के अंदर गैंगरेप का शिकार बनाया गया। इस वारदात में तीन छात्र और एक सिक्योरिटी गार्ड शामिल थे। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला सामने आने के बाद राज्य में बवाल मच गया है।

<strong>क्या हुआ उस दिन</strong><strong>?</strong>

यह घटना <strong>25 </strong><strong>जून की शाम</strong> की है। पीड़िता एक <strong>पहले साल की कानून छात्रा</strong> है। उसे कॉलेज बुलाकर <strong>छात्र यूनियन में पोस्ट दिलाने का झांसा</strong> दिया गया। वहां पहले से ही तीन आरोपी – <strong>मनोजीत मिश्रा (31), </strong><strong>जैब अहमद (19) </strong><strong>और प्रमित मुखर्जी (20)</strong> – मौजूद थे। मनोजीत कॉलेज का <strong>पुराना छात्र और टीएमसीपी (Trinamool Congress Chhatra Parishad) </strong><strong>से जुड़ा पूर्व नेता</strong> है, जो फिलहाल कॉलेज में <strong>अस्थायी स्टाफ</strong> के तौर पर काम कर रहा था।

लड़की को कॉलेज के <strong>गार्ड रूम</strong> में ले जाया गया, जहां पहले तो उस पर दबाव बनाया गया, फिर जब उसने मना किया तो उसे मारा-पीटा गया। FIR के मुताबिक, पीड़िता ने बहुत मिन्नतें कीं, यहां तक कि उसने मनोजीत के <strong>पैर भी छुए</strong>, लेकिन उसने नहीं छोड़ा।

<strong>वीडियो बनाकर दी धमकी</strong>

रेप की पूरी घटना का <strong>वीडियो भी बनाया गया</strong>, और धमकी दी गई कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल कर दिया जाएगा। साथ ही कहा गया कि अगर उसने विरोध किया तो <strong>उसके बॉयफ्रेंड और परिवार को भी फंसाया जाएगा</strong>।

उसके शरीर पर <strong>नाखूनों के निशान, </strong><strong>काटने के जख्म और खरोंच के निशान</strong> पाए गए हैं। पीड़िता का कहना है कि जब उसने विरोध किया तो उसे <strong>हॉकी स्टिक दिखाकर धमकाया गया</strong>। किसी तरह वह रात में वहां से निकली और सीधे <strong>कसबा पुलिस स्टेशन</strong> पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

<strong>गिरफ्तारी और जांच</strong>

घटना सामने आने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीनों मुख्य आरोपियों को <strong>27 </strong><strong>जून को गिरफ्तार</strong> कर लिया। इसके बाद <strong>कॉलेज के 55 </strong><strong>साल के सिक्योरिटी गार्ड पिनाकी बनर्जी</strong> को भी गिरफ्तार किया गया, जिसने इस वारदात में आरोपियों का साथ दिया था।

चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड में लिया गया है। पुलिस ने उनके <strong>मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं</strong>, जिससे वीडियो और अन्य सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।

<strong>कॉलेज और राजनीति का एंगल</strong>

यह मामला राजनीतिक रंग भी पकड़ रहा है क्योंकि मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा टीएमसीपी से जुड़ा रहा है। हालाँकि, <strong>टीएमसी ने बयान जारी कर कहा</strong> कि मनोजीत अब उनके संगठन से कोई संबंध नहीं रखता। वहीं विपक्षी दल बीजेपी ने <strong>टीएमसी सरकार पर आरोप लगाया</strong> है कि वह इस तरह के अपराधों पर चुप रहती है और अपराधियों को बचाने का काम करती है।

छात्र संगठनों जैसे <strong>SFI </strong><strong>और DYFI</strong> ने इस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया और कॉलेज परिसर की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए।

<strong>केस की मौजूदा स्थिति</strong>
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>तथ्य</strong></td>
<td><strong>जानकारी</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>तारीख</td>
<td>25 जून 2025</td>
</tr>
<tr>
<td>स्थान</td>
<td>साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज, गार्ड रूम</td>
</tr>
<tr>
<td>पीड़िता</td>
<td>24 साल की कानून छात्रा</td>
</tr>
<tr>
<td>आरोपी</td>
<td>मनोजीत मिश्रा, जैब अहमद, प्रमित मुखर्जी, पिनाकी बनर्जी</td>
</tr>
<tr>
<td>आरोप</td>
<td>गैंगरेप, ब्लैकमेलिंग, वीडियो बनाना, धमकी देना</td>
</tr>
<tr>
<td>गिरफ्तारी</td>
<td>सभी आरोपी पुलिस हिरासत में</td>
</tr>
</tbody>
</table>
यह घटना सिर्फ एक छात्रा पर हमला नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र और महिला सुरक्षा पर सवाल है। कॉलेज जैसी जगह, जहां छात्र खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं, अब वहां भी ऐसी घटनाएं होना बेहद चिंताजनक है। अब देखना होगा कि <strong>पुलिस कितनी तेजी और मजबूती से इस केस को आगे बढ़ाती है</strong> और दोषियों को सजा दिलवाती है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज की एक 24 वर्षीय छात्रा ने आरोप लगाया है कि उसे कॉलेज परिसर के अंदर गैंगरेप का शिकार बनाया गया। इस वारदात में तीन छात्र और एक सिक्योरिटी गार्ड शामिल थे। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला सामने आने के बाद राज्य में बवाल मच गया है।

<strong>क्या हुआ उस दिन</strong><strong>?</strong>

यह घटना <strong>25 </strong><strong>जून की शाम</strong> की है। पीड़िता एक <strong>पहले साल की कानून छात्रा</strong> है। उसे कॉलेज बुलाकर <strong>छात्र यूनियन में पोस्ट दिलाने का झांसा</strong> दिया गया। वहां पहले से ही तीन आरोपी – <strong>मनोजीत मिश्रा (31), </strong><strong>जैब अहमद (19) </strong><strong>और प्रमित मुखर्जी (20)</strong> – मौजूद थे। मनोजीत कॉलेज का <strong>पुराना छात्र और टीएमसीपी (Trinamool Congress Chhatra Parishad) </strong><strong>से जुड़ा पूर्व नेता</strong> है, जो फिलहाल कॉलेज में <strong>अस्थायी स्टाफ</strong> के तौर पर काम कर रहा था।

लड़की को कॉलेज के <strong>गार्ड रूम</strong> में ले जाया गया, जहां पहले तो उस पर दबाव बनाया गया, फिर जब उसने मना किया तो उसे मारा-पीटा गया। FIR के मुताबिक, पीड़िता ने बहुत मिन्नतें कीं, यहां तक कि उसने मनोजीत के <strong>पैर भी छुए</strong>, लेकिन उसने नहीं छोड़ा।

<strong>वीडियो बनाकर दी धमकी</strong>

रेप की पूरी घटना का <strong>वीडियो भी बनाया गया</strong>, और धमकी दी गई कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल कर दिया जाएगा। साथ ही कहा गया कि अगर उसने विरोध किया तो <strong>उसके बॉयफ्रेंड और परिवार को भी फंसाया जाएगा</strong>।

उसके शरीर पर <strong>नाखूनों के निशान, </strong><strong>काटने के जख्म और खरोंच के निशान</strong> पाए गए हैं। पीड़िता का कहना है कि जब उसने विरोध किया तो उसे <strong>हॉकी स्टिक दिखाकर धमकाया गया</strong>। किसी तरह वह रात में वहां से निकली और सीधे <strong>कसबा पुलिस स्टेशन</strong> पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

<strong>गिरफ्तारी और जांच</strong>

घटना सामने आने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीनों मुख्य आरोपियों को <strong>27 </strong><strong>जून को गिरफ्तार</strong> कर लिया। इसके बाद <strong>कॉलेज के 55 </strong><strong>साल के सिक्योरिटी गार्ड पिनाकी बनर्जी</strong> को भी गिरफ्तार किया गया, जिसने इस वारदात में आरोपियों का साथ दिया था।

चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड में लिया गया है। पुलिस ने उनके <strong>मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं</strong>, जिससे वीडियो और अन्य सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।

<strong>कॉलेज और राजनीति का एंगल</strong>

यह मामला राजनीतिक रंग भी पकड़ रहा है क्योंकि मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा टीएमसीपी से जुड़ा रहा है। हालाँकि, <strong>टीएमसी ने बयान जारी कर कहा</strong> कि मनोजीत अब उनके संगठन से कोई संबंध नहीं रखता। वहीं विपक्षी दल बीजेपी ने <strong>टीएमसी सरकार पर आरोप लगाया</strong> है कि वह इस तरह के अपराधों पर चुप रहती है और अपराधियों को बचाने का काम करती है।

छात्र संगठनों जैसे <strong>SFI </strong><strong>और DYFI</strong> ने इस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया और कॉलेज परिसर की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए।

<strong>केस की मौजूदा स्थिति</strong>
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<thead>
<tr>
<td><strong>तथ्य</strong></td>
<td><strong>जानकारी</strong></td>
</tr>
</thead>
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<tr>
<td>तारीख</td>
<td>25 जून 2025</td>
</tr>
<tr>
<td>स्थान</td>
<td>साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज, गार्ड रूम</td>
</tr>
<tr>
<td>पीड़िता</td>
<td>24 साल की कानून छात्रा</td>
</tr>
<tr>
<td>आरोपी</td>
<td>मनोजीत मिश्रा, जैब अहमद, प्रमित मुखर्जी, पिनाकी बनर्जी</td>
</tr>
<tr>
<td>आरोप</td>
<td>गैंगरेप, ब्लैकमेलिंग, वीडियो बनाना, धमकी देना</td>
</tr>
<tr>
<td>गिरफ्तारी</td>
<td>सभी आरोपी पुलिस हिरासत में</td>
</tr>
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यह घटना सिर्फ एक छात्रा पर हमला नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र और महिला सुरक्षा पर सवाल है। कॉलेज जैसी जगह, जहां छात्र खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं, अब वहां भी ऐसी घटनाएं होना बेहद चिंताजनक है। अब देखना होगा कि <strong>पुलिस कितनी तेजी और मजबूती से इस केस को आगे बढ़ाती है</strong> और दोषियों को सजा दिलवाती है।]]></content:encoded>
					
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