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	<title>AgricultureLoss &#8211; Trends Topic</title>
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	<title>AgricultureLoss &#8211; Trends Topic</title>
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	<item>
		<title>Haryana में बारिश और बाढ़ से हाहाकार: Ghaggar Drain में 50 Foot दरार, 5754 गांव जलमग्न, लाखों किसान परेशान</title>
		<link>https://trendstopic.in/chaos-in-haryana-due-to-heavy-rain-and-floods-50-foot-breach-in-ghaggar-drain-5754-villages-submerged-lakhs-of-farmers-affected/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 11 Sep 2025 05:01:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[AgricultureLoss]]></category>
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					<description><![CDATA[हरियाणा में बारिश और बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। लगातार हुई बारिश और नदियों-ड्रेनों में बढ़ते पानी के कारण कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। बुधवार देर रात <strong>सिरसा और फतेहाबाद जिलों</strong> के बीच स्थित <strong>घग्गर मल्टीपरपज ड्रेन</strong> में अचानक <strong>50 </strong><strong>फीट चौड़ी दरार</strong> आ गई। इस दरार से पानी तेजी से खेतों में घुस गया और <strong>300 </strong><strong>एकड़ से ज्यादा खड़ी फसल जलमग्न</strong> हो गई।

गांव <strong>चाहरवाला</strong><strong>, </strong><strong>शाहपुरिया (सिरसा)</strong> और <strong>जांडवाला बागड़ (फतेहाबाद)</strong> के पास ये दरार आई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पानी के बहाव को रोकने की कोशिश की, लेकिन अंधेरा होने की वजह से कामयाबी नहीं मिली। गुरुवार सुबह होते ही ग्रामीण <strong>मिट्टी और रेत से भरे कट्टों</strong> के साथ ड्रेन की दरार को बंद करने में जुट गए। उनकी मदद के लिए नजदीकी <strong>डेरे के सेवादार</strong> भी पहुंच गए। अभी भी बांधने का काम जारी है और प्रशासन की ओर से भी लगातार निगरानी की जा रही है।

<strong>लाखों किसान प्रभावित</strong><strong>, 5754 </strong><strong>गांवों में तबाही</strong>

इस बार हरियाणा में सामान्य से <strong>45% </strong><strong>ज्यादा बारिश</strong> हुई है, जिसकी वजह से कई जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए।
<ul>
 	<li>अब तक <strong>5754 </strong><strong>गांव प्रभावित</strong> हुए हैं।</li>
 	<li>करीब <strong>3 </strong><strong>लाख किसान</strong> इस आपदा की चपेट में आए हैं।</li>
 	<li>लगभग <strong>18.66 </strong><strong>लाख एकड़ फसल</strong> को भारी नुकसान पहुंचा है।</li>
</ul>
किसानों की मदद के लिए राज्य सरकार ने <strong>ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल</strong> शुरू किया है। इस पोर्टल के जरिए किसान अपनी फसल का नुकसान दर्ज करवा सकते हैं और मुआवजे के लिए दावा कर सकते हैं।

<strong>मौसम का हाल: </strong><strong>5 </strong><strong>जिलों में हल्की बारिश का अलर्ट</strong>

मौसम विभाग चंडीगढ़ के अनुसार, <strong>पंचकूला</strong><strong>, </strong><strong>अंबाला</strong><strong>, </strong><strong>यमुनानगर</strong><strong>, </strong><strong>कुरुक्षेत्र और करनाल</strong> में आज बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना है।
वहीं, <strong>सिरसा</strong><strong>, </strong><strong>फतेहाबाद</strong><strong>, </strong><strong>हिसार</strong><strong>, </strong><strong>जींद</strong><strong>, </strong><strong>कैथल</strong><strong>, </strong><strong>भिवानी</strong><strong>, </strong><strong>चरखी दादरी</strong><strong>, </strong><strong>रोहतक</strong><strong>, </strong><strong>पानीपत</strong><strong>, </strong><strong>सोनीपत</strong><strong>, </strong><strong>झज्जर</strong><strong>, </strong><strong>महेंद्रगढ़</strong><strong>, </strong><strong>रेवाड़ी</strong><strong>, </strong><strong>गुरुग्राम</strong><strong>, </strong><strong>फरीदाबाद</strong><strong>, </strong><strong>मेवात और पलवल</strong> में मौसम साफ रहेगा।

विभाग का कहना है कि <strong>14 </strong><strong>सितंबर तक मौसम ऐसा ही रहने</strong> की संभावना है और भारी बारिश की संभावना बहुत कम है।

<strong>अब तक की बारिश का रिकॉर्ड</strong>

इस सीजन में हरियाणा में <strong>564.4 </strong><strong>मिमी बारिश</strong> दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत <strong>388.4 </strong><strong>मिमी</strong> होना चाहिए। यानी इस बार <strong>45% </strong><strong>ज्यादा बारिश</strong> हुई है।
<ul>
 	<li><strong>सबसे ज्यादा बारिश:</strong>
<ul>
 	<li>यमुनानगर – <strong>1080.4 </strong><strong>मिमी</strong></li>
 	<li>महेंद्रगढ़ – <strong>818.0 </strong><strong>मिमी</strong></li>
</ul>
</li>
 	<li><strong>सबसे कम बारिश:</strong>
<ul>
 	<li>सिरसा – <strong>346.6 </strong><strong>मिमी</strong></li>
 	<li>भिवानी – <strong>369.4 </strong><strong>मिमी</strong></li>
</ul>
</li>
</ul>
<strong>विशेषज्ञ की राय: बारिश का पैटर्न बदला</strong>

हिसार स्थित <strong>हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय</strong> के मौसम विभाग प्रमुख <strong>डॉ. मदन खीचड़</strong> ने बताया कि <strong>2021 </strong><strong>के बाद इस साल सबसे ज्यादा बारिश</strong> हुई है।
<ul>
 	<li>2021 में जुलाई और अगस्त में बारिश कम हुई थी लेकिन सितंबर में तेज बारिश हुई थी।</li>
 	<li>इस साल जुलाई, अगस्त और सितंबर – तीनों महीनों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।</li>
</ul>
उन्होंने कहा कि अभी <strong>मानसून कमजोर</strong> पड़ता नजर आ रहा है। अगले चार दिनों में केवल हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन तेज बारिश की संभावना नहीं है।

<strong>सरकार और प्रशासन अलर्ट पर</strong>

बाढ़ और जलभराव की वजह से कई गांवों में पानी भरा हुआ है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज कर दिए हैं।
<ul>
 	<li>ड्रेन और नहरों की लगातार <strong>निगरानी</strong> की जा रही है।</li>
 	<li>जहां भी <strong>कटाव या दरार</strong> आ रही है, वहां ग्रामीणों और सेवादारों की मदद से तुरंत उसे बंद किया जा रहा है।</li>
 	<li>राहत कार्यों में <strong>स्थानीय संगठन और डेरे</strong> भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।</li>
</ul>
हरियाणा में इस समय हालात बेहद गंभीर हैं। किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं और कई इलाकों में लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। सरकार और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब राहत और पुनर्वास कार्य को तेजी से पूरा करने की है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[हरियाणा में बारिश और बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। लगातार हुई बारिश और नदियों-ड्रेनों में बढ़ते पानी के कारण कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। बुधवार देर रात <strong>सिरसा और फतेहाबाद जिलों</strong> के बीच स्थित <strong>घग्गर मल्टीपरपज ड्रेन</strong> में अचानक <strong>50 </strong><strong>फीट चौड़ी दरार</strong> आ गई। इस दरार से पानी तेजी से खेतों में घुस गया और <strong>300 </strong><strong>एकड़ से ज्यादा खड़ी फसल जलमग्न</strong> हो गई।

गांव <strong>चाहरवाला</strong><strong>, </strong><strong>शाहपुरिया (सिरसा)</strong> और <strong>जांडवाला बागड़ (फतेहाबाद)</strong> के पास ये दरार आई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पानी के बहाव को रोकने की कोशिश की, लेकिन अंधेरा होने की वजह से कामयाबी नहीं मिली। गुरुवार सुबह होते ही ग्रामीण <strong>मिट्टी और रेत से भरे कट्टों</strong> के साथ ड्रेन की दरार को बंद करने में जुट गए। उनकी मदद के लिए नजदीकी <strong>डेरे के सेवादार</strong> भी पहुंच गए। अभी भी बांधने का काम जारी है और प्रशासन की ओर से भी लगातार निगरानी की जा रही है।

<strong>लाखों किसान प्रभावित</strong><strong>, 5754 </strong><strong>गांवों में तबाही</strong>

इस बार हरियाणा में सामान्य से <strong>45% </strong><strong>ज्यादा बारिश</strong> हुई है, जिसकी वजह से कई जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए।
<ul>
 	<li>अब तक <strong>5754 </strong><strong>गांव प्रभावित</strong> हुए हैं।</li>
 	<li>करीब <strong>3 </strong><strong>लाख किसान</strong> इस आपदा की चपेट में आए हैं।</li>
 	<li>लगभग <strong>18.66 </strong><strong>लाख एकड़ फसल</strong> को भारी नुकसान पहुंचा है।</li>
</ul>
किसानों की मदद के लिए राज्य सरकार ने <strong>ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल</strong> शुरू किया है। इस पोर्टल के जरिए किसान अपनी फसल का नुकसान दर्ज करवा सकते हैं और मुआवजे के लिए दावा कर सकते हैं।

<strong>मौसम का हाल: </strong><strong>5 </strong><strong>जिलों में हल्की बारिश का अलर्ट</strong>

मौसम विभाग चंडीगढ़ के अनुसार, <strong>पंचकूला</strong><strong>, </strong><strong>अंबाला</strong><strong>, </strong><strong>यमुनानगर</strong><strong>, </strong><strong>कुरुक्षेत्र और करनाल</strong> में आज बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना है।
वहीं, <strong>सिरसा</strong><strong>, </strong><strong>फतेहाबाद</strong><strong>, </strong><strong>हिसार</strong><strong>, </strong><strong>जींद</strong><strong>, </strong><strong>कैथल</strong><strong>, </strong><strong>भिवानी</strong><strong>, </strong><strong>चरखी दादरी</strong><strong>, </strong><strong>रोहतक</strong><strong>, </strong><strong>पानीपत</strong><strong>, </strong><strong>सोनीपत</strong><strong>, </strong><strong>झज्जर</strong><strong>, </strong><strong>महेंद्रगढ़</strong><strong>, </strong><strong>रेवाड़ी</strong><strong>, </strong><strong>गुरुग्राम</strong><strong>, </strong><strong>फरीदाबाद</strong><strong>, </strong><strong>मेवात और पलवल</strong> में मौसम साफ रहेगा।

विभाग का कहना है कि <strong>14 </strong><strong>सितंबर तक मौसम ऐसा ही रहने</strong> की संभावना है और भारी बारिश की संभावना बहुत कम है।

<strong>अब तक की बारिश का रिकॉर्ड</strong>

इस सीजन में हरियाणा में <strong>564.4 </strong><strong>मिमी बारिश</strong> दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत <strong>388.4 </strong><strong>मिमी</strong> होना चाहिए। यानी इस बार <strong>45% </strong><strong>ज्यादा बारिश</strong> हुई है।
<ul>
 	<li><strong>सबसे ज्यादा बारिश:</strong>
<ul>
 	<li>यमुनानगर – <strong>1080.4 </strong><strong>मिमी</strong></li>
 	<li>महेंद्रगढ़ – <strong>818.0 </strong><strong>मिमी</strong></li>
</ul>
</li>
 	<li><strong>सबसे कम बारिश:</strong>
<ul>
 	<li>सिरसा – <strong>346.6 </strong><strong>मिमी</strong></li>
 	<li>भिवानी – <strong>369.4 </strong><strong>मिमी</strong></li>
</ul>
</li>
</ul>
<strong>विशेषज्ञ की राय: बारिश का पैटर्न बदला</strong>

हिसार स्थित <strong>हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय</strong> के मौसम विभाग प्रमुख <strong>डॉ. मदन खीचड़</strong> ने बताया कि <strong>2021 </strong><strong>के बाद इस साल सबसे ज्यादा बारिश</strong> हुई है।
<ul>
 	<li>2021 में जुलाई और अगस्त में बारिश कम हुई थी लेकिन सितंबर में तेज बारिश हुई थी।</li>
 	<li>इस साल जुलाई, अगस्त और सितंबर – तीनों महीनों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।</li>
</ul>
उन्होंने कहा कि अभी <strong>मानसून कमजोर</strong> पड़ता नजर आ रहा है। अगले चार दिनों में केवल हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन तेज बारिश की संभावना नहीं है।

<strong>सरकार और प्रशासन अलर्ट पर</strong>

बाढ़ और जलभराव की वजह से कई गांवों में पानी भरा हुआ है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज कर दिए हैं।
<ul>
 	<li>ड्रेन और नहरों की लगातार <strong>निगरानी</strong> की जा रही है।</li>
 	<li>जहां भी <strong>कटाव या दरार</strong> आ रही है, वहां ग्रामीणों और सेवादारों की मदद से तुरंत उसे बंद किया जा रहा है।</li>
 	<li>राहत कार्यों में <strong>स्थानीय संगठन और डेरे</strong> भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।</li>
</ul>
हरियाणा में इस समय हालात बेहद गंभीर हैं। किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं और कई इलाकों में लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। सरकार और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब राहत और पुनर्वास कार्य को तेजी से पूरा करने की है।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>“राहत नहीं, अपमान”: Aman Arora का Modi Government पर हमला, 1600 Crore का Package बताया पंजाबियों के जख्मों पर नमक</title>
		<link>https://trendstopic.in/not-relief-but-insult-aman-arora-slams-modi-government-calls-%e2%82%b91600-crore-package-salt-on-punjabs-wounds/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Sep 2025 07:15:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चंडीगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[AAP]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में हाल ही में आई <strong>भयंकर बाढ़</strong> ने लाखों लोगों की जिंदगी को हिला कर रख दिया। हजारों गांव पानी में डूब गए, फसलें बर्बाद हो गईं और कई लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। इस तबाही से <strong>20,000 </strong><strong>करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान</strong> हुआ है।

ऐसे मुश्किल समय में प्रधानमंत्री <strong>नरेंद्र मोदी</strong> सोमवार को पंजाब के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का <strong>हवाई सर्वेक्षण (</strong><strong>aerial survey)</strong> किया और हालात का जायजा लिया। इसके बाद केंद्र सरकार ने <strong>1600 </strong><strong>करोड़ रुपए का राहत पैकेज</strong> घोषित किया।

लेकिन यह राहत पैकेज पंजाब के लोगों को बिल्कुल भी राहत देने वाला साबित नहीं हुआ। पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे <strong>बहुत कम (निगूना)</strong> बताते हुए केंद्र सरकार पर <strong>कड़ा हमला बोला</strong> है।

<strong>अमन अरोड़ा का गुस्सा फूटा</strong>

पंजाब के कैबिनेट मंत्री और AAP के प्रदेश अध्यक्ष <strong>अमन अरोड़ा</strong> ने इस पैकेज को <strong>"</strong><strong>क्रूर मज़ाक"</strong> और <strong>"</strong><strong>भद्दा तमाशा"</strong> करार दिया। उन्होंने कहा,

<em>"</em><em>जब पूरा पंजाब बाढ़ की तबाही से जूझ रहा है</em><em>, </em><em>हजारों परिवार बर्बाद हो गए हैं</em><em>, </em><em>किसान कंगाल हो गए हैं</em><em>, </em><em>ऐसे समय में सिर्फ </em><em>1600 </em><em>करोड़ देना उनके घावों पर नमक छिड़कने जैसा है। यह हर उस व्यक्ति के मुँह पर थप्पड़ है</em><em>, </em><em>जिसने बाढ़ में सब कुछ खो दिया है।"</em>

अरोड़ा ने कहा कि यह रकम पंजाब की जरूरतों के मुकाबले <strong>बहुत ही कम</strong> है और यह पंजाबियों के साथ <strong>अपमान</strong> है। उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि,

<em>"</em><em>मोदी जी ने पंजाब के दर्द से मुँह मोड़ लिया।"</em>

<strong>पंजाब का नुकसान </strong><strong>– </strong><strong>आंकड़ों में तबाही</strong>

अमन अरोड़ा ने पंजाब में हुए नुकसान के चौंकाने वाले आंकड़े भी पेश किए।
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>नुकसान का पहलू</strong></td>
<td><strong>आंकड़ा</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>कुल नुकसान की कीमत</td>
<td>20,000 करोड़ रुपए से अधिक</td>
</tr>
<tr>
<td>केंद्र का घोषित राहत पैकेज</td>
<td>1600 करोड़ रुपए</td>
</tr>
<tr>
<td>प्रभावित कृषि भूमि</td>
<td>4.80 लाख एकड़</td>
</tr>
<tr>
<td>झोने (धान) की प्रभावित भूमि</td>
<td>3.71 लाख एकड़</td>
</tr>
<tr>
<td>बाढ़ में मौतें</td>
<td>52 लोग</td>
</tr>
<tr>
<td>प्रभावित गांव</td>
<td>2000 से ज्यादा</td>
</tr>
<tr>
<td>सीधे प्रभावित लोग</td>
<td>4 लाख से ज्यादा</td>
</tr>
</tbody>
</table>
अरोड़ा ने कहा कि किसानों की <strong>फसलें कटाई से सिर्फ </strong><strong>15-20 </strong><strong>दिन पहले ही बर्बाद हो गईं</strong>, जिससे उनका पूरा सीजन का मेहनताना खत्म हो गया। अब किसानों के पास <strong>दुबारा बुआई का कोई मौका नहीं</strong> है।

<em>"</em><em>हमारे किसानों ने जिन फसलों को अपने बच्चों की तरह पाल रखा था</em><em>, </em><em>वे सब कुछ पानी में बह गईं।"</em>

<strong>मान सरकार की मांग</strong>

पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> लगातार केंद्र सरकार से यह मांग कर रहे हैं कि:
<ul>
 	<li><strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपए</strong> के रोके हुए फंड तुरंत जारी किए जाएं।</li>
 	<li>पंजाब को <strong>20,000 </strong><strong>करोड़ रुपए का विशेष राहत पैकेज</strong> दिया जाए।</li>
</ul>
लेकिन अब तक केंद्र सरकार की तरफ से सिर्फ 1600 करोड़ रुपए दिए गए हैं। अरोड़ा ने इसे पंजाब के प्रति <strong>स्पष्ट अनदेखी (</strong><strong>clear ignorance)</strong> बताया।

<strong>ऐतिहासिक योगदान पर सवाल</strong>

अरोड़ा ने याद दिलाया कि पंजाब ने हमेशा देश के लिए सबसे आगे रहकर योगदान दिया है:
<ul>
 	<li><strong>आज़ादी की लड़ाई</strong> में पंजाबियों का बड़ा योगदान रहा।</li>
 	<li>पंजाब <strong>देश का अन्न भंडार</strong> भरता रहा है।</li>
 	<li>पंजाब के <strong>जवान देश की सरहदों की रक्षा</strong> करते रहे हैं।</li>
</ul>
उन्होंने कहा,

<em>"</em><em>जब हमारी जमीन बाढ़ में डूबी हुई है</em><em>, </em><em>हमारे लोग दर्द और तकलीफ में हैं</em><em>, </em><em>तब केंद्र सरकार का रवैया बहुत निराशाजनक है। पंजाब की मांगों को नजरअंदाज करना</em><em>, </em><em>हमारे योगदान के प्रति कृतघ्नता (</em><em>ungratefulness) </em><em>को दर्शाता है।"</em>

<strong>पुनर्वास की सख्त जरूरत</strong>

अरोड़ा ने कहा कि यह <strong>1988 </strong><strong>के बाद की सबसे भयानक बाढ़</strong> है।
<ul>
 	<li>अब तक <strong>52 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है।</li>
 	<li>लाखों लोग बेघर हो गए हैं।</li>
 	<li>हजारों घर, सड़कें और पुल तबाह हो गए हैं।</li>
</ul>
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी तबाही के बाद <strong>वृहद राहत पैकेज (</strong><strong>large relief package)</strong> की तुरंत जरूरत है ताकि लोगों को फिर से बसाया जा सके और उनकी जिंदगी पटरी पर लौट सके।

<em>"</em><em>केंद्र सरकार को तुरंत नुकसान का सही मूल्यांकन करना चाहिए और पंजाब के लिए एक बड़ा और व्यावहारिक पैकेज जारी करना चाहिए</em><em>,"</em>
अरोड़ा ने यह अपील की।

पंजाब आज बाढ़ के कारण एक <strong>मानव त्रासदी (</strong><strong>human tragedy)</strong> का सामना कर रहा है।
जहां किसानों की मेहनत पानी में बह गई, घर तबाह हो गए और हजारों लोग बेसहारा हो गए हैं।
ऐसे समय में केंद्र सरकार का सिर्फ <strong>1600 </strong><strong>करोड़ रुपए का पैकेज</strong> पंजाब की जनता के जख्मों को और गहरा कर रहा है।

अमन अरोड़ा और पंजाब सरकार ने केंद्र से <strong>तुरंत बड़ा राहत पैकेज जारी करने</strong> की मांग की है और कहा है कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो यह देश के अन्नदाता के साथ <strong>सबसे बड़ा अन्याय</strong> होगा।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब में हाल ही में आई <strong>भयंकर बाढ़</strong> ने लाखों लोगों की जिंदगी को हिला कर रख दिया। हजारों गांव पानी में डूब गए, फसलें बर्बाद हो गईं और कई लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। इस तबाही से <strong>20,000 </strong><strong>करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान</strong> हुआ है।

ऐसे मुश्किल समय में प्रधानमंत्री <strong>नरेंद्र मोदी</strong> सोमवार को पंजाब के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का <strong>हवाई सर्वेक्षण (</strong><strong>aerial survey)</strong> किया और हालात का जायजा लिया। इसके बाद केंद्र सरकार ने <strong>1600 </strong><strong>करोड़ रुपए का राहत पैकेज</strong> घोषित किया।

लेकिन यह राहत पैकेज पंजाब के लोगों को बिल्कुल भी राहत देने वाला साबित नहीं हुआ। पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे <strong>बहुत कम (निगूना)</strong> बताते हुए केंद्र सरकार पर <strong>कड़ा हमला बोला</strong> है।

<strong>अमन अरोड़ा का गुस्सा फूटा</strong>

पंजाब के कैबिनेट मंत्री और AAP के प्रदेश अध्यक्ष <strong>अमन अरोड़ा</strong> ने इस पैकेज को <strong>"</strong><strong>क्रूर मज़ाक"</strong> और <strong>"</strong><strong>भद्दा तमाशा"</strong> करार दिया। उन्होंने कहा,

<em>"</em><em>जब पूरा पंजाब बाढ़ की तबाही से जूझ रहा है</em><em>, </em><em>हजारों परिवार बर्बाद हो गए हैं</em><em>, </em><em>किसान कंगाल हो गए हैं</em><em>, </em><em>ऐसे समय में सिर्फ </em><em>1600 </em><em>करोड़ देना उनके घावों पर नमक छिड़कने जैसा है। यह हर उस व्यक्ति के मुँह पर थप्पड़ है</em><em>, </em><em>जिसने बाढ़ में सब कुछ खो दिया है।"</em>

अरोड़ा ने कहा कि यह रकम पंजाब की जरूरतों के मुकाबले <strong>बहुत ही कम</strong> है और यह पंजाबियों के साथ <strong>अपमान</strong> है। उन्होंने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि,

<em>"</em><em>मोदी जी ने पंजाब के दर्द से मुँह मोड़ लिया।"</em>

<strong>पंजाब का नुकसान </strong><strong>– </strong><strong>आंकड़ों में तबाही</strong>

अमन अरोड़ा ने पंजाब में हुए नुकसान के चौंकाने वाले आंकड़े भी पेश किए।
<table>
<thead>
<tr>
<td><strong>नुकसान का पहलू</strong></td>
<td><strong>आंकड़ा</strong></td>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>कुल नुकसान की कीमत</td>
<td>20,000 करोड़ रुपए से अधिक</td>
</tr>
<tr>
<td>केंद्र का घोषित राहत पैकेज</td>
<td>1600 करोड़ रुपए</td>
</tr>
<tr>
<td>प्रभावित कृषि भूमि</td>
<td>4.80 लाख एकड़</td>
</tr>
<tr>
<td>झोने (धान) की प्रभावित भूमि</td>
<td>3.71 लाख एकड़</td>
</tr>
<tr>
<td>बाढ़ में मौतें</td>
<td>52 लोग</td>
</tr>
<tr>
<td>प्रभावित गांव</td>
<td>2000 से ज्यादा</td>
</tr>
<tr>
<td>सीधे प्रभावित लोग</td>
<td>4 लाख से ज्यादा</td>
</tr>
</tbody>
</table>
अरोड़ा ने कहा कि किसानों की <strong>फसलें कटाई से सिर्फ </strong><strong>15-20 </strong><strong>दिन पहले ही बर्बाद हो गईं</strong>, जिससे उनका पूरा सीजन का मेहनताना खत्म हो गया। अब किसानों के पास <strong>दुबारा बुआई का कोई मौका नहीं</strong> है।

<em>"</em><em>हमारे किसानों ने जिन फसलों को अपने बच्चों की तरह पाल रखा था</em><em>, </em><em>वे सब कुछ पानी में बह गईं।"</em>

<strong>मान सरकार की मांग</strong>

पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> लगातार केंद्र सरकार से यह मांग कर रहे हैं कि:
<ul>
 	<li><strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपए</strong> के रोके हुए फंड तुरंत जारी किए जाएं।</li>
 	<li>पंजाब को <strong>20,000 </strong><strong>करोड़ रुपए का विशेष राहत पैकेज</strong> दिया जाए।</li>
</ul>
लेकिन अब तक केंद्र सरकार की तरफ से सिर्फ 1600 करोड़ रुपए दिए गए हैं। अरोड़ा ने इसे पंजाब के प्रति <strong>स्पष्ट अनदेखी (</strong><strong>clear ignorance)</strong> बताया।

<strong>ऐतिहासिक योगदान पर सवाल</strong>

अरोड़ा ने याद दिलाया कि पंजाब ने हमेशा देश के लिए सबसे आगे रहकर योगदान दिया है:
<ul>
 	<li><strong>आज़ादी की लड़ाई</strong> में पंजाबियों का बड़ा योगदान रहा।</li>
 	<li>पंजाब <strong>देश का अन्न भंडार</strong> भरता रहा है।</li>
 	<li>पंजाब के <strong>जवान देश की सरहदों की रक्षा</strong> करते रहे हैं।</li>
</ul>
उन्होंने कहा,

<em>"</em><em>जब हमारी जमीन बाढ़ में डूबी हुई है</em><em>, </em><em>हमारे लोग दर्द और तकलीफ में हैं</em><em>, </em><em>तब केंद्र सरकार का रवैया बहुत निराशाजनक है। पंजाब की मांगों को नजरअंदाज करना</em><em>, </em><em>हमारे योगदान के प्रति कृतघ्नता (</em><em>ungratefulness) </em><em>को दर्शाता है।"</em>

<strong>पुनर्वास की सख्त जरूरत</strong>

अरोड़ा ने कहा कि यह <strong>1988 </strong><strong>के बाद की सबसे भयानक बाढ़</strong> है।
<ul>
 	<li>अब तक <strong>52 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है।</li>
 	<li>लाखों लोग बेघर हो गए हैं।</li>
 	<li>हजारों घर, सड़कें और पुल तबाह हो गए हैं।</li>
</ul>
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी तबाही के बाद <strong>वृहद राहत पैकेज (</strong><strong>large relief package)</strong> की तुरंत जरूरत है ताकि लोगों को फिर से बसाया जा सके और उनकी जिंदगी पटरी पर लौट सके।

<em>"</em><em>केंद्र सरकार को तुरंत नुकसान का सही मूल्यांकन करना चाहिए और पंजाब के लिए एक बड़ा और व्यावहारिक पैकेज जारी करना चाहिए</em><em>,"</em>
अरोड़ा ने यह अपील की।

पंजाब आज बाढ़ के कारण एक <strong>मानव त्रासदी (</strong><strong>human tragedy)</strong> का सामना कर रहा है।
जहां किसानों की मेहनत पानी में बह गई, घर तबाह हो गए और हजारों लोग बेसहारा हो गए हैं।
ऐसे समय में केंद्र सरकार का सिर्फ <strong>1600 </strong><strong>करोड़ रुपए का पैकेज</strong> पंजाब की जनता के जख्मों को और गहरा कर रहा है।

अमन अरोड़ा और पंजाब सरकार ने केंद्र से <strong>तुरंत बड़ा राहत पैकेज जारी करने</strong> की मांग की है और कहा है कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो यह देश के अन्नदाता के साथ <strong>सबसे बड़ा अन्याय</strong> होगा।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Punjab में तबाही मचाने वाली बाढ़ पर Government का त्वरित एक्शन, Centre से मदद की गुहार: Finance Minister Harpal Singh Cheema</title>
		<link>https://trendstopic.in/punjab-government-takes-swift-action-amid-devastating-floods-urges-centre-for-immediate-assistance-finance-minister-harpal-singh-cheema/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Sep 2025 04:04:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[AgricultureLoss]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[DisasterManagement]]></category>
		<category><![CDATA[EmergencyResponse]]></category>
		<category><![CDATA[FloodCrisis]]></category>
		<category><![CDATA[FloodRelief]]></category>
		<category><![CDATA[GovernmentAction]]></category>
		<category><![CDATA[HarpalSinghCheema]]></category>
		<category><![CDATA[HelpPunjab]]></category>
		<category><![CDATA[LatestUpdate]]></category>
		<category><![CDATA[NaturalDisaster]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabFloods]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabGovernment]]></category>
		<category><![CDATA[ReliefEfforts]]></category>
		<category><![CDATA[ReliefOperations]]></category>
		<category><![CDATA[SupportPunjab]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में आई भयावह बाढ़ ने राज्य में चारों तरफ तबाही मचा दी है। लगातार हो रही भारी बारिश और पड़ोसी पहाड़ी राज्यों से पानी आने के कारण हालात और बिगड़ गए हैं। पंजाब के वित्त मंत्री <strong>एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा</strong> ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि यह बाढ़ पिछले <strong>50 </strong><strong>सालों में सबसे भयानक</strong> है। उन्होंने बताया कि अब तक <strong>2,000 </strong><strong>गांव</strong> पूरी तरह प्रभावित हुए हैं और <strong>4 </strong><strong>लाख से ज्यादा लोग</strong> इसकी चपेट में आए हैं।

बाढ़ की वजह से <strong>14 </strong><strong>जिलों</strong> में अब तक <strong>43 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है। वहीं, राज्य की रीढ़ माने जाने वाले <strong>कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान</strong> हुआ है। <strong>18 </strong><strong>जिलों में करीब </strong><strong>1.72 </strong><strong>लाख हेक्टेयर कृषि भूमि</strong> पानी में डूब गई है। इसके अलावा, हजारों <strong>घर</strong>, <strong>पशु</strong>, और <strong>सार्वजनिक ढांचा (</strong><strong>public infrastructure)</strong> जैसे सड़कें और पुल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। <strong>घग्गर नदी</strong> का जल स्तर <strong>750 </strong><strong>फीट</strong> के खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे कई इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं।

<strong>बाढ़ राहत में पंजाब सरकार की त्वरित कार्रवाई</strong>

हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब सरकार ने <strong>तुरंत और सहानुभूति के साथ</strong> बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए कदम उठाए हैं।
<ul>
 	<li>अब तक <strong>22,000 </strong><strong>से अधिक लोगों</strong> को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।</li>
 	<li>राज्यभर में <strong>200 </strong><strong>राहत शिविर</strong> बनाए गए हैं, जहां <strong>7,000 </strong><strong>से ज्यादा लोग</strong> रह रहे हैं और उन्हें भोजन व चिकित्सा सुविधा दी जा रही है।</li>
 	<li><strong>24 </strong><strong>एनडीआरएफ (</strong><strong>NDRF)</strong> और <strong>2 </strong><strong>एसडीआरएफ (</strong><strong>SDRF)</strong> टीमें बचाव कार्यों में लगी हुई हैं।</li>
 	<li>राहत कार्यों के लिए <strong>144 </strong><strong>नावें</strong> और <strong>1 </strong><strong>सरकारी हेलीकॉप्टर</strong> तैनात किया गया है।</li>
</ul>
उन्होंने कहा कि <strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान</strong>, कैबिनेट मंत्री, आम आदमी पार्टी के सांसद, विधायक और वरिष्ठ कार्यकर्ता <strong>जमीनी स्तर पर खुद राहत कार्यों में जुटे हुए हैं</strong>। सरकारी विभाग, ग्राम पंचायतें और <strong>NGOs</strong> मिलकर प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं।

<strong>राहत के लिए फंड और योगदान</strong>
<ul>
 	<li><strong>राजस्व विभाग</strong> ने राहत कार्यों के लिए <strong>71 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> जारी किए हैं।</li>
 	<li><strong>मुख्यमंत्री राहत कोष</strong> में <strong>पूरी कैबिनेट और सभी विधायकों ने एक महीने का वेतन</strong> दान किया है।</li>
 	<li>पंजाब के <strong>लोकसभा और राज्यसभा सांसद</strong> अपने सांसद निधि (MP Fund) से अधिकतम राशि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दे रहे हैं।</li>
 	<li><strong>आबकारी और कराधान विभाग</strong> ने भी <strong>50 </strong><strong>लाख रुपये</strong> का योगदान किया है।</li>
</ul>
<strong>केंद्र सरकार से </strong><strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपये की मांग</strong>

चीमा ने कहा कि राज्य सरकार ने बाढ़ के मद्देनजर केंद्र सरकार से तुरंत मदद की गुहार लगाई है।
<ul>
 	<li><strong>31 </strong><strong>अगस्त</strong> को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पंजाब के <strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपये बकाया</strong> तुरंत जारी करने की मांग की थी।</li>
 	<li>यह राशि <strong>GST </strong><strong>मुआवजा</strong>, <strong>RDF </strong><strong>और </strong><strong>MDF </strong><strong>फंड</strong>, और <strong>प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (</strong><strong>PMGSY)</strong> से जुड़ी है।</li>
 	<li>मुख्यमंत्री ने <strong>SDRF </strong><strong>और </strong><strong>NDRF </strong><strong>के नियमों में संशोधन</strong> करने की भी मांग की, ताकि बाढ़ पीड़ितों को <strong>उचित मुआवजा</strong> मिल सके।</li>
</ul>
<strong>केंद्र सरकार पर आरोप और आलोचना</strong>

हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई और कई गंभीर आरोप लगाए:
<ul>
 	<li><strong>प्रधानमंत्री की चुप्पी:</strong>
<ul>
 	<li>मुख्यमंत्री के पत्र को <strong>25 </strong><strong>दिन बीत जाने के बाद भी</strong> कोई जवाब नहीं मिला है।</li>
 	<li>इसे <strong>बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और संवेदनहीन</strong> करार दिया।</li>
</ul>
</li>
 	<li><strong>अफगानिस्तान को मदद</strong><strong>, </strong><strong>पंजाब को नहीं:</strong>
<ul>
 	<li>चीमा ने सवाल उठाया कि <strong>तालिबान-शासित अफगानिस्तान</strong> को भूकंप राहत के लिए सहायता भेजी जा सकती है,
लेकिन अपने ही देश के पंजाब को <strong>उसी संवेदना के साथ मदद क्यों नहीं दी जा रही</strong>।</li>
</ul>
</li>
 	<li><strong>फोटो खिंचवाने के दौरे:</strong>
<ul>
 	<li>केंद्रीय मंत्री और टीमें पंजाब आती हैं, <strong>फोटो खिंचवाती हैं</strong>,
लेकिन <strong>कोई राहत पैकेज या आर्थिक सहायता घोषित नहीं करतीं</strong>।</li>
</ul>
</li>
 	<li><strong>अवैध खनन का मुद्दा:</strong>
<ul>
 	<li>केंद्र सरकार का यह दावा <strong>ग़लत और राजनीति से प्रेरित</strong> है कि पंजाब में बाढ़ <strong>अवैध खनन</strong> की वजह से आई।</li>
 	<li>चीमा ने कहा कि अगर ऐसा है, तो फिर केंद्र अन्य राज्यों में आई बाढ़ के कारण क्यों नहीं बताता।</li>
</ul>
</li>
</ul>
<strong>केंद्र पर संकीर्ण राजनीति का आरोप</strong>

चीमा ने कहा कि पंजाब ने देश के <strong>विकास और सुरक्षा</strong> के लिए हमेशा बलिदान दिया है, लेकिन
आज जब राज्य <strong>तबाही की घड़ी में खड़ा है</strong>, केंद्र मदद करने के बजाय
<strong>राजनीतिक खेल खेल रहा है</strong>।

उन्होंने साफ कहा कि यह समय राजनीति का नहीं बल्कि <strong>मिलकर काम करने का है</strong>,
ताकि बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाई जा सके।

<strong>जल्द होगी अंतिम रिपोर्ट</strong>
<ul>
 	<li>उन्होंने बताया कि अब तक केंद्र सरकार ने राज्य से <strong>कोई डेटा नहीं मांगा</strong> है।</li>
 	<li>राज्य सरकार पूरी तरह तैयार है, लेकिन
<strong>अंतिम नुकसान का आकलन</strong> तब ही हो पाएगा <strong>जब पानी पूरी तरह घट जाएगा</strong>।</li>
</ul>
<strong>वित्त मंत्री की अपील</strong>

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार से
<strong>तुरंत कदम उठाने की अपील</strong> की।

उन्होंने कहा कि केंद्र को चाहिए कि वह:
<ol>
 	<li>पंजाब के <strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपये बकाया</strong> तुरंत जारी करे।</li>
 	<li>बाढ़ राहत कार्यों के लिए <strong>राहत सामग्री और वित्तीय सहायता</strong> तुरंत भेजे।</li>
 	<li>पंजाब के लोगों को इस <strong>संवेदनशील समय में निराश न करे</strong>।</li>
</ol>
यह बाढ़ न केवल पंजाब के लिए बल्कि देश के लिए भी <strong>चिंता का विषय</strong> है।
राज्य सरकार ने राहत कार्यों में पूरी ताकत झोंक दी है, लेकिन
<strong>केंद्र की सक्रिय भागीदारी और सहयोग के बिना</strong> इस संकट से
पूरी तरह बाहर निकलना मुश्किल होगा।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब में आई भयावह बाढ़ ने राज्य में चारों तरफ तबाही मचा दी है। लगातार हो रही भारी बारिश और पड़ोसी पहाड़ी राज्यों से पानी आने के कारण हालात और बिगड़ गए हैं। पंजाब के वित्त मंत्री <strong>एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा</strong> ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि यह बाढ़ पिछले <strong>50 </strong><strong>सालों में सबसे भयानक</strong> है। उन्होंने बताया कि अब तक <strong>2,000 </strong><strong>गांव</strong> पूरी तरह प्रभावित हुए हैं और <strong>4 </strong><strong>लाख से ज्यादा लोग</strong> इसकी चपेट में आए हैं।

बाढ़ की वजह से <strong>14 </strong><strong>जिलों</strong> में अब तक <strong>43 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है। वहीं, राज्य की रीढ़ माने जाने वाले <strong>कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान</strong> हुआ है। <strong>18 </strong><strong>जिलों में करीब </strong><strong>1.72 </strong><strong>लाख हेक्टेयर कृषि भूमि</strong> पानी में डूब गई है। इसके अलावा, हजारों <strong>घर</strong>, <strong>पशु</strong>, और <strong>सार्वजनिक ढांचा (</strong><strong>public infrastructure)</strong> जैसे सड़कें और पुल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। <strong>घग्गर नदी</strong> का जल स्तर <strong>750 </strong><strong>फीट</strong> के खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे कई इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं।

<strong>बाढ़ राहत में पंजाब सरकार की त्वरित कार्रवाई</strong>

हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब सरकार ने <strong>तुरंत और सहानुभूति के साथ</strong> बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए कदम उठाए हैं।
<ul>
 	<li>अब तक <strong>22,000 </strong><strong>से अधिक लोगों</strong> को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।</li>
 	<li>राज्यभर में <strong>200 </strong><strong>राहत शिविर</strong> बनाए गए हैं, जहां <strong>7,000 </strong><strong>से ज्यादा लोग</strong> रह रहे हैं और उन्हें भोजन व चिकित्सा सुविधा दी जा रही है।</li>
 	<li><strong>24 </strong><strong>एनडीआरएफ (</strong><strong>NDRF)</strong> और <strong>2 </strong><strong>एसडीआरएफ (</strong><strong>SDRF)</strong> टीमें बचाव कार्यों में लगी हुई हैं।</li>
 	<li>राहत कार्यों के लिए <strong>144 </strong><strong>नावें</strong> और <strong>1 </strong><strong>सरकारी हेलीकॉप्टर</strong> तैनात किया गया है।</li>
</ul>
उन्होंने कहा कि <strong>मुख्यमंत्री भगवंत मान</strong>, कैबिनेट मंत्री, आम आदमी पार्टी के सांसद, विधायक और वरिष्ठ कार्यकर्ता <strong>जमीनी स्तर पर खुद राहत कार्यों में जुटे हुए हैं</strong>। सरकारी विभाग, ग्राम पंचायतें और <strong>NGOs</strong> मिलकर प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं।

<strong>राहत के लिए फंड और योगदान</strong>
<ul>
 	<li><strong>राजस्व विभाग</strong> ने राहत कार्यों के लिए <strong>71 </strong><strong>करोड़ रुपये</strong> जारी किए हैं।</li>
 	<li><strong>मुख्यमंत्री राहत कोष</strong> में <strong>पूरी कैबिनेट और सभी विधायकों ने एक महीने का वेतन</strong> दान किया है।</li>
 	<li>पंजाब के <strong>लोकसभा और राज्यसभा सांसद</strong> अपने सांसद निधि (MP Fund) से अधिकतम राशि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दे रहे हैं।</li>
 	<li><strong>आबकारी और कराधान विभाग</strong> ने भी <strong>50 </strong><strong>लाख रुपये</strong> का योगदान किया है।</li>
</ul>
<strong>केंद्र सरकार से </strong><strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपये की मांग</strong>

चीमा ने कहा कि राज्य सरकार ने बाढ़ के मद्देनजर केंद्र सरकार से तुरंत मदद की गुहार लगाई है।
<ul>
 	<li><strong>31 </strong><strong>अगस्त</strong> को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पंजाब के <strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपये बकाया</strong> तुरंत जारी करने की मांग की थी।</li>
 	<li>यह राशि <strong>GST </strong><strong>मुआवजा</strong>, <strong>RDF </strong><strong>और </strong><strong>MDF </strong><strong>फंड</strong>, और <strong>प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (</strong><strong>PMGSY)</strong> से जुड़ी है।</li>
 	<li>मुख्यमंत्री ने <strong>SDRF </strong><strong>और </strong><strong>NDRF </strong><strong>के नियमों में संशोधन</strong> करने की भी मांग की, ताकि बाढ़ पीड़ितों को <strong>उचित मुआवजा</strong> मिल सके।</li>
</ul>
<strong>केंद्र सरकार पर आरोप और आलोचना</strong>

हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई और कई गंभीर आरोप लगाए:
<ul>
 	<li><strong>प्रधानमंत्री की चुप्पी:</strong>
<ul>
 	<li>मुख्यमंत्री के पत्र को <strong>25 </strong><strong>दिन बीत जाने के बाद भी</strong> कोई जवाब नहीं मिला है।</li>
 	<li>इसे <strong>बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और संवेदनहीन</strong> करार दिया।</li>
</ul>
</li>
 	<li><strong>अफगानिस्तान को मदद</strong><strong>, </strong><strong>पंजाब को नहीं:</strong>
<ul>
 	<li>चीमा ने सवाल उठाया कि <strong>तालिबान-शासित अफगानिस्तान</strong> को भूकंप राहत के लिए सहायता भेजी जा सकती है,
लेकिन अपने ही देश के पंजाब को <strong>उसी संवेदना के साथ मदद क्यों नहीं दी जा रही</strong>।</li>
</ul>
</li>
 	<li><strong>फोटो खिंचवाने के दौरे:</strong>
<ul>
 	<li>केंद्रीय मंत्री और टीमें पंजाब आती हैं, <strong>फोटो खिंचवाती हैं</strong>,
लेकिन <strong>कोई राहत पैकेज या आर्थिक सहायता घोषित नहीं करतीं</strong>।</li>
</ul>
</li>
 	<li><strong>अवैध खनन का मुद्दा:</strong>
<ul>
 	<li>केंद्र सरकार का यह दावा <strong>ग़लत और राजनीति से प्रेरित</strong> है कि पंजाब में बाढ़ <strong>अवैध खनन</strong> की वजह से आई।</li>
 	<li>चीमा ने कहा कि अगर ऐसा है, तो फिर केंद्र अन्य राज्यों में आई बाढ़ के कारण क्यों नहीं बताता।</li>
</ul>
</li>
</ul>
<strong>केंद्र पर संकीर्ण राजनीति का आरोप</strong>

चीमा ने कहा कि पंजाब ने देश के <strong>विकास और सुरक्षा</strong> के लिए हमेशा बलिदान दिया है, लेकिन
आज जब राज्य <strong>तबाही की घड़ी में खड़ा है</strong>, केंद्र मदद करने के बजाय
<strong>राजनीतिक खेल खेल रहा है</strong>।

उन्होंने साफ कहा कि यह समय राजनीति का नहीं बल्कि <strong>मिलकर काम करने का है</strong>,
ताकि बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाई जा सके।

<strong>जल्द होगी अंतिम रिपोर्ट</strong>
<ul>
 	<li>उन्होंने बताया कि अब तक केंद्र सरकार ने राज्य से <strong>कोई डेटा नहीं मांगा</strong> है।</li>
 	<li>राज्य सरकार पूरी तरह तैयार है, लेकिन
<strong>अंतिम नुकसान का आकलन</strong> तब ही हो पाएगा <strong>जब पानी पूरी तरह घट जाएगा</strong>।</li>
</ul>
<strong>वित्त मंत्री की अपील</strong>

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार से
<strong>तुरंत कदम उठाने की अपील</strong> की।

उन्होंने कहा कि केंद्र को चाहिए कि वह:
<ol>
 	<li>पंजाब के <strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपये बकाया</strong> तुरंत जारी करे।</li>
 	<li>बाढ़ राहत कार्यों के लिए <strong>राहत सामग्री और वित्तीय सहायता</strong> तुरंत भेजे।</li>
 	<li>पंजाब के लोगों को इस <strong>संवेदनशील समय में निराश न करे</strong>।</li>
</ol>
यह बाढ़ न केवल पंजाब के लिए बल्कि देश के लिए भी <strong>चिंता का विषय</strong> है।
राज्य सरकार ने राहत कार्यों में पूरी ताकत झोंक दी है, लेकिन
<strong>केंद्र की सक्रिय भागीदारी और सहयोग के बिना</strong> इस संकट से
पूरी तरह बाहर निकलना मुश्किल होगा।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>केंद्र सरकार से पंजाब के 60,000 करोड़ रुपये जारी करने की अपील – CM भगवंत मान</title>
		<link>https://trendstopic.in/cm-bhagwant-mann-urges-centre-to-release-punjabs-%e2%82%b960000-crore-pending-funds/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 01 Sep 2025 04:26:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चंडीगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[AgricultureLoss]]></category>
		<category><![CDATA[BhagwantMann]]></category>
		<category><![CDATA[DisasterRelief]]></category>
		<category><![CDATA[FarmersCompensation]]></category>
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		<category><![CDATA[GovernmentFunds]]></category>
		<category><![CDATA[PrimeMinisterModi]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabCrisis]]></category>
		<category><![CDATA[PunjabFloods]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://trendstopic.in/?p=25121</guid>

					<description><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> ने प्रधानमंत्री <strong>नरेंद्र मोदी</strong> को पत्र लिखकर राज्य के सभी <strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपये के बकाया फंड</strong> तुरंत जारी करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पंजाब इस समय <strong>गंभीर बाढ़ संकट</strong> से जूझ रहा है और हालात हर दिन और बिगड़ते जा रहे हैं।
<h3>बाढ़ से पंजाब की स्थिति</h3>
सीएम मान ने पत्र में लिखा कि इस बार की बाढ़ को हाल के वर्षों की <strong>सबसे खतरनाक प्राकृतिक आपदा</strong> माना जा सकता है।
<ul>
 	<li>राज्य के लगभग <strong>1,000 </strong><strong>गांव बुरी तरह प्रभावित</strong> हुए हैं।</li>
 	<li>लाखों लोग इस बाढ़ से परेशान हैं।</li>
 	<li>करीब <strong>3 </strong><strong>लाख एकड़ कृषि भूमि</strong>, खासतौर पर धान की फसल, पानी में डूब चुकी है।</li>
 	<li>फसल कटाई से पहले ही किसानों का भारी नुकसान हो गया है।</li>
 	<li>पशुओं की मौत और नुकसान से <strong>डेयरी और पशुपालन करने वाले परिवारों</strong> की रोज़ी-रोटी भी खतरे में है।</li>
</ul>
<h3>प्रभावित जिले</h3>
सबसे ज्यादा नुकसान <strong>गुरदासपुर, </strong><strong>कपूरथला, </strong><strong>अमृतसर, </strong><strong>पठानकोट, </strong><strong>फिरोज़पुर, </strong><strong>फाजिल्का और होशियारपुर</strong> जिलों में हुआ है। इन इलाकों में भारी बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी की वजह से हालात गंभीर बने हुए हैं।
<h3>आर्थिक नुकसान और बकाया फंड</h3>
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को याद दिलाया कि –
<ul>
 	<li><strong>जीएसटी लागू होने</strong> के बाद पंजाब को <strong>49,727 </strong><strong>करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान</strong> हुआ, लेकिन अब तक केंद्र ने कोई मुआवज़ा नहीं दिया।</li>
 	<li><strong>ग्रामीण विकास फंड (RDF) </strong><strong>और मार्केट डेवलपमेंट फंड (MDF)</strong> में भी <strong>8,000 </strong><strong>करोड़ रुपये से अधिक</strong> की कमी हो चुकी है।</li>
 	<li>हाल ही में <strong>प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना</strong> के तहत <strong>828 </strong><strong>करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट रद्द</strong> कर दिए गए, जिससे ग्रामीण सड़कों पर बुरा असर पड़ा है।</li>
</ul>
<h3>मुआवज़े के नियमों में बदलाव की मांग</h3>
सीएम मान ने SDRF (State Disaster Response Fund) के मुआवज़े के नियमों पर सवाल उठाए।
<ul>
 	<li>मौजूदा नियमों के अनुसार, अगर फसल का नुकसान <strong>33% </strong><strong>से ज्यादा</strong> हो तो किसानों को सिर्फ <strong>17,000 </strong><strong>रुपये प्रति हेक्टेयर</strong> (यानी करीब <strong>6,800 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़</strong>) मुआवज़ा मिलता है।</li>
 	<li>मान ने इसे किसानों के साथ <strong>“</strong><strong>बेतुका मज़ाक”</strong> बताया।</li>
 	<li>उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार अपनी तरफ से <strong>8,200 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़ अतिरिक्त</strong> दे रही है, जिससे किसानों को कुल <strong>15,000 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़</strong> मिल रहे हैं।</li>
 	<li>लेकिन असली नुकसान को देखते हुए उन्होंने मांग की कि किसानों को कम से कम <strong>50,000 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़</strong> मुआवज़ा दिया जाए।</li>
</ul>
<h3>केंद्र सरकार से अपील</h3>
मुख्यमंत्री ने कहा कि –
<ul>
 	<li>पंजाब इस समय <strong>नाज़ुक हालात</strong> में है।</li>
 	<li>केंद्र को तुरंत राज्य का <strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपये का बकाया फंड</strong> जारी करना चाहिए।</li>
 	<li>SDRF के मुआवज़े के नियमों को <strong>जमीनी हकीकत</strong> के अनुसार संशोधित करना चाहिए।</li>
 	<li>राज्य सरकार आगे भी SDRF योजना के तहत अपना <strong>25% </strong><strong>योगदान</strong> देती रहेगी।</li>
</ul>
कुल मिलाकर, भगवंत मान ने साफ कहा है कि पंजाब अकेले इस संकट का सामना नहीं कर सकता। किसानों, पशुपालकों और आम लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार को तुरंत कदम उठाने होंगे।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब के मुख्यमंत्री <strong>भगवंत सिंह मान</strong> ने प्रधानमंत्री <strong>नरेंद्र मोदी</strong> को पत्र लिखकर राज्य के सभी <strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपये के बकाया फंड</strong> तुरंत जारी करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पंजाब इस समय <strong>गंभीर बाढ़ संकट</strong> से जूझ रहा है और हालात हर दिन और बिगड़ते जा रहे हैं।
<h3>बाढ़ से पंजाब की स्थिति</h3>
सीएम मान ने पत्र में लिखा कि इस बार की बाढ़ को हाल के वर्षों की <strong>सबसे खतरनाक प्राकृतिक आपदा</strong> माना जा सकता है।
<ul>
 	<li>राज्य के लगभग <strong>1,000 </strong><strong>गांव बुरी तरह प्रभावित</strong> हुए हैं।</li>
 	<li>लाखों लोग इस बाढ़ से परेशान हैं।</li>
 	<li>करीब <strong>3 </strong><strong>लाख एकड़ कृषि भूमि</strong>, खासतौर पर धान की फसल, पानी में डूब चुकी है।</li>
 	<li>फसल कटाई से पहले ही किसानों का भारी नुकसान हो गया है।</li>
 	<li>पशुओं की मौत और नुकसान से <strong>डेयरी और पशुपालन करने वाले परिवारों</strong> की रोज़ी-रोटी भी खतरे में है।</li>
</ul>
<h3>प्रभावित जिले</h3>
सबसे ज्यादा नुकसान <strong>गुरदासपुर, </strong><strong>कपूरथला, </strong><strong>अमृतसर, </strong><strong>पठानकोट, </strong><strong>फिरोज़पुर, </strong><strong>फाजिल्का और होशियारपुर</strong> जिलों में हुआ है। इन इलाकों में भारी बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी की वजह से हालात गंभीर बने हुए हैं।
<h3>आर्थिक नुकसान और बकाया फंड</h3>
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को याद दिलाया कि –
<ul>
 	<li><strong>जीएसटी लागू होने</strong> के बाद पंजाब को <strong>49,727 </strong><strong>करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान</strong> हुआ, लेकिन अब तक केंद्र ने कोई मुआवज़ा नहीं दिया।</li>
 	<li><strong>ग्रामीण विकास फंड (RDF) </strong><strong>और मार्केट डेवलपमेंट फंड (MDF)</strong> में भी <strong>8,000 </strong><strong>करोड़ रुपये से अधिक</strong> की कमी हो चुकी है।</li>
 	<li>हाल ही में <strong>प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना</strong> के तहत <strong>828 </strong><strong>करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट रद्द</strong> कर दिए गए, जिससे ग्रामीण सड़कों पर बुरा असर पड़ा है।</li>
</ul>
<h3>मुआवज़े के नियमों में बदलाव की मांग</h3>
सीएम मान ने SDRF (State Disaster Response Fund) के मुआवज़े के नियमों पर सवाल उठाए।
<ul>
 	<li>मौजूदा नियमों के अनुसार, अगर फसल का नुकसान <strong>33% </strong><strong>से ज्यादा</strong> हो तो किसानों को सिर्फ <strong>17,000 </strong><strong>रुपये प्रति हेक्टेयर</strong> (यानी करीब <strong>6,800 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़</strong>) मुआवज़ा मिलता है।</li>
 	<li>मान ने इसे किसानों के साथ <strong>“</strong><strong>बेतुका मज़ाक”</strong> बताया।</li>
 	<li>उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार अपनी तरफ से <strong>8,200 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़ अतिरिक्त</strong> दे रही है, जिससे किसानों को कुल <strong>15,000 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़</strong> मिल रहे हैं।</li>
 	<li>लेकिन असली नुकसान को देखते हुए उन्होंने मांग की कि किसानों को कम से कम <strong>50,000 </strong><strong>रुपये प्रति एकड़</strong> मुआवज़ा दिया जाए।</li>
</ul>
<h3>केंद्र सरकार से अपील</h3>
मुख्यमंत्री ने कहा कि –
<ul>
 	<li>पंजाब इस समय <strong>नाज़ुक हालात</strong> में है।</li>
 	<li>केंद्र को तुरंत राज्य का <strong>60,000 </strong><strong>करोड़ रुपये का बकाया फंड</strong> जारी करना चाहिए।</li>
 	<li>SDRF के मुआवज़े के नियमों को <strong>जमीनी हकीकत</strong> के अनुसार संशोधित करना चाहिए।</li>
 	<li>राज्य सरकार आगे भी SDRF योजना के तहत अपना <strong>25% </strong><strong>योगदान</strong> देती रहेगी।</li>
</ul>
कुल मिलाकर, भगवंत मान ने साफ कहा है कि पंजाब अकेले इस संकट का सामना नहीं कर सकता। किसानों, पशुपालकों और आम लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार को तुरंत कदम उठाने होंगे।]]></content:encoded>
					
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