फरवरी महीने के अंतिम दिनों में मौसम में अचानक और असामान्य बदलाव देखने को मिल रहा है। इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि देश के कई हिस्सों में तापमान में तेज़ी से वृद्धि हो रही है और कुछ क्षेत्रों में यह 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। इसके साथ ही कई राज्यों में बादल, बारिश और तेज हवाएँ आम जीवन को प्रभावित कर सकती हैं। मौसम विभाग ने विशेष रूप से किसानों, यात्रियों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया है।
उत्तर-पश्चिमी भारत के कई राज्यों में तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना है। इस गर्मी के चलते लोग होली से पहले ही अप्रैल जैसी गर्मी महसूस करेंगे। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव आने वाले गर्मी के मौसम का संकेत हो सकता है और इससे गर्मी की तीव्रता और अवधि पर असर पड़ सकता है। इस दौरान हवा की दिशा और गति में बदलाव होने से तापमान और उमस में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
वहीं, उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी भारत के कुछ राज्यों में बारिश जारी रहने की संभावना है। IMD ने 7 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे किसानों, यात्रियों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बारिश मौसम में अस्थिरता का संकेत है और कुछ क्षेत्रों में तूफानी हवाओं और ओलावृष्टि के मामले भी सामने आ सकते हैं। इस वजह से ज़मीन की नमी, फसल की सुरक्षा और यातायात की स्थिति पर असर पड़ सकता है।
इस समय दो कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं। इनका असर हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के रूप में देखा जाएगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ये प्रणालियाँ आने वाले दिनों में और बदलाव ला सकती हैं, जिससे न केवल तापमान में उतार-चढ़ाव होगा बल्कि बारिश और तूफान जैसी घटनाएँ भी हो सकती हैं। इस कारण सरकारी एजेंसियों ने भी स्थानीय प्रशासन से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और सतर्क रहने का निर्देश दिया है।
देशभर में चल रही तेज हवाएँ (20-25 किमी/घंटा) कुछ क्षेत्रों में राहत देने के साथ-साथ मुश्किलें भी पैदा कर सकती हैं। यह स्थिति खेती-बाड़ी, यात्रा और त्योहारों की तैयारियों पर असर डाल सकती है। विशेष रूप से होली के मौसम में सड़क पर सावधानी बरतना और बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है।
IMD ने चेतावनी दी है कि मौसम में यह तेज बदलाव जलवायु पैटर्न में बड़े बदलाव का संकेत हैं। अगले कुछ दिन मौसम की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को अपने दैनिक कार्यक्रम, कृषि कार्य और यात्रा योजनाओं में बदलाव करने और सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक सावधानियाँ बरतनी चाहिए। साथ ही, प्रशासन को आपातकालीन सेवाओं और राहत कार्यों को तैयार रखना चाहिए ताकि किसी भी आपदा या असामान्य मौसम की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।
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