पंजाब के स्कूलों में अब बच्चों की पढ़ाई अब उनकी सीखने की क्षमता के अनुसार कराई जाएगी। साथ ही, छात्रों की उपस्थिति से जुड़ी हर जानकारी उनके अभिभावकों के मोबाइल फोन पर SMS के माध्यम से भेजी जाएगी। इतना ही नहीं, यदि कोई शिक्षक छुट्टी पर रहता है या गैर-हाजिर होता है, तो उसकी जानकारी भी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के पास उपलब्ध रहेगी।
इन पहलों को लागू करने के लिए राज्य सरकार मिशन समर्थ के अगले चरण की आज से शुरुआत करने जा रही है। इस अवसर पर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और कार्यक्रम के प्रभारी मनीष सिसोदिया भी उपस्थित रहेंगे।
शिक्षा क्षेत्र में नंबर एक पर
शिक्षा विभाग का दावा है कि PARAKH 2024 सर्वे में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश में नंबर एक स्थान पर रहा है। पिछले तीन वर्षों की उपलब्धियों के बाद अब मिशन समर्थ के अगले चरण का शुभारंभ किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, चार वर्षों के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुए हैं और स्कूलों में कई नई पहल शुरू की गई हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
शिक्षा विभाग ने यह काम भी किया

पंजाब का शिक्षा बजट बढ़कर 19,279 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। राज्य सरकार ने ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ जैसी महत्वाकांक्षी योजना के तहत 118 आधुनिक स्कूल स्थापित किए हैं। इसके अलावा, प्रिंसिपलों और शिक्षकों को सिंगापुर, फिनलैंड तथा IIM अहमदाबाद में अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग दी गई है। सरकार ने 14,500 से अधिक नए शिक्षकों की नियुक्ति भी की है। NAS 2024 की रैंकिंग में पंजाब देश में शीर्ष स्थान पर रहा, जबकि सरकारी स्कूलों के रिकॉर्ड संख्या में छात्रों ने JEE Main जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की।
Top Tags