चंडीगढ़ प्रशासन ने वित्तीय शक्तियों में कमी के बाद अब स्थिति साफ़ करने के लिए कदम उठाए हैं। यूटी के चीफ सेक्रेटरी एच. राजेश प्रसाद ने यूटी इंजीनियरिंग विभाग से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट में उन सभी परियोजनाओं, योजनाओं और कामों का पूरा विवरण शामिल होना है, जिन पर हाल ही में गृह मंत्रालय के फैसले का असर पड़ सकता है।
सूत्रों के अनुसार, चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में अगले बुधवार को एक बैठक बुलाई जा सकती है। इस बैठक में इंजीनियरिंग विभाग की रिपोर्ट पेश की जाएगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी।
रिपोर्ट तैयार करने का मुख्य मकसद यह जानना है कि वित्तीय शक्तियों में कमी से किसी परियोजना पर फंड की कमी या काम में देरी जैसी स्थिति तो नहीं बनेगी। इंजीनियरिंग विभाग इस समय उन सभी परियोजनाओं की सूची तैयार कर रहा है, जो पहले से चल रही हैं या जल्द शुरू होने वाली हैं।
इसके अलावा विभाग से यह भी कहा गया है कि वह साफ़-साफ़ बताए कि किन योजनाओं की financial approval पर असर पड़ सकता है।
चंडीगढ़ प्रशासन इस कदम से यह सुनिश्चित करना चाहता है कि किसी भी महत्वपूर्ण परियोजना में वित्तीय बाधा न आए और सभी योजनाएं समय पर पूरी हों। आने वाली बैठक में इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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