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	<title>देश &#8211; Trends Topic</title>
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	<title>देश &#8211; Trends Topic</title>
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		<title>RBI ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट 5.25% पर रखा, ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Aug 2026 07:03:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया। RBI के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा कीमतों में अनिश्चितता और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत अब भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग से आर्थिक विकास को सहारा मिल रहा है और अप्रैल-जून तिमाही का प्रदर्शन RBI के अनुमान से बेहतर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए गवर्नर ने कहा कि सेवा क्षेत्र की मजबूती से शहरी खपत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और अल नीनो से जुड़े जोखिम अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से प्रमुख व्यापारिक मार्ग भी प्रभावित हो रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">संजय मल्होत्रा ने कहा कि कच्चे तेल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई बढ़ सकती है। उनका अनुमान है कि तीसरी तिमाही में महंगाई अपने उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे कम होगी। उन्होंने कहा कि महंगाई पर सबसे अधिक असर खाद्य और ईंधन की कीमतों का है।</p>
<p class="isSelectedEnd">RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। वहीं, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">गवर्नर ने बताया कि जून से बैंकिंग प्रणाली में औसत तरलता (Liquidity) 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि मजबूत बनी हुई है और पर्याप्त तरलता उपलब्ध है।</p>
<p class="isSelectedEnd">RBI ने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक व्यापार में सुस्ती, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता भारत के चालू खाते के घाटे पर दबाव डाल सकती है।</p>
इस बीच रुपया भी लगातार दबाव में है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95 से 96 रुपये प्रति डॉलर के बीच कारोबार कर रहा है। महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेश की निकासी, बढ़ता व्यापार घाटा और मजबूत होता डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक रुपया करीब 7 फीसदी कमजोर हो चुका है, जबकि ईरान के साथ तनाव शुरू होने के बाद इसमें लगभग 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया। RBI के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा कीमतों में अनिश्चितता और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत अब भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग से आर्थिक विकास को सहारा मिल रहा है और अप्रैल-जून तिमाही का प्रदर्शन RBI के अनुमान से बेहतर रहा है।</p>
<p class="isSelectedEnd">तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए गवर्नर ने कहा कि सेवा क्षेत्र की मजबूती से शहरी खपत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और अल नीनो से जुड़े जोखिम अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से प्रमुख व्यापारिक मार्ग भी प्रभावित हो रहे हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">संजय मल्होत्रा ने कहा कि कच्चे तेल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई बढ़ सकती है। उनका अनुमान है कि तीसरी तिमाही में महंगाई अपने उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे कम होगी। उन्होंने कहा कि महंगाई पर सबसे अधिक असर खाद्य और ईंधन की कीमतों का है।</p>
<p class="isSelectedEnd">RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। वहीं, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">गवर्नर ने बताया कि जून से बैंकिंग प्रणाली में औसत तरलता (Liquidity) 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि मजबूत बनी हुई है और पर्याप्त तरलता उपलब्ध है।</p>
<p class="isSelectedEnd">RBI ने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक व्यापार में सुस्ती, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता भारत के चालू खाते के घाटे पर दबाव डाल सकती है।</p>
इस बीच रुपया भी लगातार दबाव में है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95 से 96 रुपये प्रति डॉलर के बीच कारोबार कर रहा है। महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेश की निकासी, बढ़ता व्यापार घाटा और मजबूत होता डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक रुपया करीब 7 फीसदी कमजोर हो चुका है, जबकि ईरान के साथ तनाव शुरू होने के बाद इसमें लगभग 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।]]></content:encoded>
					
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		<title>ई-20 के विरोध में 100 लोगों के साथ पीएम से मिलने जा रहे केजरीवाल को पुलिस ने रोका</title>
		<link>https://trendstopic.in/police-stopped-kejriwal-who-was-going-to-meet-the-pm-with-100-people-in-opposition-to-e-20/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Aug 2026 06:22:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[AAPPunjab]]></category>
		<category><![CDATA[arvind kejriwal]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News]]></category>
		<category><![CDATA[TrendingNews]]></category>
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					<description><![CDATA[ई-20 पेट्रोल के विरोध में 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पैदल मार्च करते हुए उनके आवास जा रहे आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को दिल्ली पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। जिसके बाद अरविंद केजरीवाल लोगों से मिली 2.33 लाख से ज्यादा पीटिशन के साथ सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और पीएम से मिलाने की मांग करने लगे। पुलिस ने उन्हें बताया कि प्रधानमंत्री मिलना नहीं चाहते हैं और सारी पीटिशन लेकर धरना खत्म करा दिया। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी सरकार ट्रंप के दबाव में अमेरिका से इथेनॉल खरीदकर देश पर थोपना बंद करे। प्रधानमंत्री को हम पर अपनी ताकत दिखाने से क्या होगा, उन्हें यही हिम्मत ट्रंप को दिखानी चाहिए। ई-20 वापस नहीं होता है तो देश फिर एक बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएगा। इस दौरान वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, सांसद संजय सिंह समेत पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद रहे।

&nbsp;

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम लोग 2,33,238 पिटीशन लेकर प्रधानमंत्री को देने गए थे। हालांकि पुलिस ने हमें प्रधानमंत्री आवास तक जाने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि एक महीना पहले ई20 के मुद्दे पर प्रधानमंत्री से चर्चा करने के लिए समय मांगा था, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया। आज हम उन्हें पिटीशन देने के लिए निकले, तो उन्होंने जवाब दिया कि वे नहीं मिलेंगे। यह उनकी तानाशाही को दिखाता है। जिस तरह से उन्होंने नीट वाले पूरे एपिसोड में तानाशाही दिखाई, वैसे ही ई20 के मुद्दे पर भी वे अड़े हुए हैं। उनकी सरकार ने खुद संसद में माना है कि गाड़ियों की माइलेज कम होती है, लेकिन थोड़ी कम होती है। इंजन के पार्ट खराब होते हैं, लेकिन रबड़ वाले पार्ट खराब होते हैं। जब इंजन के पार्ट खराब होते हैं और गाड़ियों की माइलेज भी कम होती है, तो फिर सरकार ने यह जबरदस्ती क्यों कर रखी है?

&nbsp;

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि यह जबरदस्ती इसलिए कर रखी है क्योंकि ट्रंप मोदी जी के सिर पर बैठे हैं। ट्रंप उन पर इतना दबाव डाल रहे हैं कि मोदी जी की ट्रंप के सामने ना कहने की हिम्मत नहीं है। ट्रंप जबरदस्ती कर रहे हैं कि अमेरिका से एथेनॉल खरीदकर भारत में बेचा जाए, इसलिए यह पूरा ई20 लाया गया है। आज हम पिटीशन लेकर गए थे जो रस्सी से बांधी हुई थीं, लेकिन किसी वजह से वो रस्सियां खुल गईं और कई पिटीशन इधर-उधर हो गईं। अगर प्रधानमंत्री कार्यालय कहेगा तो हम सभी पिटीशन का एक फ्रेश सेट उन्हें भिजवा देंगे। अगर 2 लाख 33 हजार से ज्यादा लोगों ने इतनी जल्दी साइन कर दिए, तो जाहिर है कि पूरे देश के अंदर इसे लेकर बहुत बेचौनी है। हम प्रधानमंत्री से यही निवेदन करना चाहते हैं कि वे अमेरिका से एथेनॉल खरीदना बंद करें और ट्रंप का दबाव बर्दाश्त करना सीखें, क्योंकि इसकी वजह से पूरा देश कष्ट झेल रहा है।

&nbsp;

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि अभी पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया गया है कि ई20 को वापस लिया जाए। ई20 जनता के खिलाफ है और प्रधानमंत्री जी को ट्रंप का दबाव नहीं मानना चाहिए। गोवा में हमारे दो, गुजरात में पांच और जम्मू-कश्मीर में हमारा एक विधायक है। जम्मू-कश्मीर, गुजरात और गोवा में भी हमारे विधायक यह प्रस्ताव पेश करेंगे। हमें मालूम है कि वह पास होगा या नहीं, क्योंकि कम से कम गुजरात और गोवा में भाजपा की सरकारें हैं और वे इसे पास नहीं होने देंगे। लेकिन हम वहां भी ई20 वापस लेने का प्रस्ताव जरूर पेश करेंगे।

&nbsp;

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नीट वाले पूरे आंदोलन में मोदी जी को खुद निर्णय लेना था कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना है या नहीं। लेकिन यहां तो ट्रंप का दबाव है और ट्रंप के सामने मोदी जी भीगी बिल्ली बन जाते हैं। इसमें मोदी जी की चलती नहीं है और उनकी मजबूरियां हैं। अगर जनता को ई20 से छुटकारा चाहिए, तो उसे बड़े स्तर पर सड़कों पर उतरना पड़ेगा। यह आंदोलन जारी रहेगा। आगे कब और कौन सी एक्टिविटी होगी, जल्द ही विचार विमर्श करके अवगत कराएंगे।

&nbsp;

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज जो 100 पीड़ित लोग आए, उन्होंने बड़ी हिम्मत दिखाई, क्योंकि आज के दौर में हिम्मत करना बहुत मुश्किल है। जो सोशल मीडिया पर एक वीडियो डाल देता है, ये लोग उसकी ऐसी-तैसी कर देते हैं, एफआईआर कर देते हैं। इनके ट्रोल धमकाते हैं और इनके गुंडे घर पहुंच जाते हैं। इन्होंने बहुत गुंडागर्दी मचा रखी है, लेकिन यही गुंडागर्दी इनका अंत साबित होगी।

&nbsp;

इस दौरान, “आप” के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि ट्रंप के दबाव में आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश का स्वाभिमान, सम्मान और हिंदुस्तान की 30 करोड़ गाड़ियां ट्रंप के हाथों गिरवी रख दी हैं। ट्रंप की गुलामी के कारण प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका से 22 हजार करोड़ रुपए का कूड़ा खरीदने जा रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने एक महीने पहले प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर अनुरोध किया था कि हम इस मुद्दे पर उनसे मिलना और बातचीत करना चाहते हैं। इसके अलावा 2 लाख 33 हजार लोगों ने हस्ताक्षर करके दिया कि वे ई20 के खिलाफ हैं। लेकिन ट्रंप की गुलामी के कारण प्रधानमंत्री ने अरविंद केजरीवाल की बात नहीं सुनी।

&nbsp;

संजय सिंह ने कहा कि आज अरविंद केजरीवाल अपने उन 100 पीड़ित साथियों के साथ, जिनकी गाड़ियां ई20 पेट्रोल से खराब हुई हैं, ये 2 लाख 33 हजार पत्र प्रधानमंत्री को सौंपने जा रहे थे। लेकिन 100 लोगों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया और एक हजार पुलिस वाले लगा दिए गए। असल में यही मोदी का राज है। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में ई20 के खिलाफ यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी और हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्रंप की गुलामी और दलाली नहीं करने देंगे।

&nbsp;

‘‘आप’’ वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि ई-20 का मसला देश के 30 करोड़ लोगों की गाड़ियों में ज़बरदस्ती इथेनॉल डलवाने का मसला है। करोड़ों लोग बता रहे हैं कि इससे उनकी गाड़ियों का नुकसान हो रहा है, माइलेज कम हो रही है, इंजन ख़राब हो रहा है और सर्विस के ख़र्चे बढ़ गए हैं।

&nbsp;

मनीष सिसोदिया ने कहा कि जनता को इतना नुकसान हो रहा है, फिर भी मोदी जी इस पर अड़े क्यों हुए हैं? सिर्फ़ अमेरिका के दबाव में, ट्रंप के दबाव में। ट्रंप के पास सरप्लस इथेनॉल था, जिसे उन्होंने मोदी जी को झुकाकर भारत से ख़रीदवाने पर मजबूर कर दिया। आज इसी बारे में लाखों लोगों की पीटिशन लेकर हम प्रधानमंत्री जी को देने निकले थे, लेकिन प्रधानमंत्री जी ने मिलने से मना कर दिया। तब ये पीटिशन पुलिस के ज़रिए प्रधानमंत्री कार्यालय भिजवाई गईं।

&nbsp;

*लोगों ने प्रधानमंत्री के नाम यह याचिका की है साइन*

&nbsp;

याचिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा गया है कि देशभर में ई20 पेट्रोल थोपे जाने के खिलाफ भारी आक्रोश है। मुझे यह देखकर दुख होता है कि सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है और इसे थोपने पर आमादा है। सरकार के फैसलों को सही ठहराने के लिए न तो कोई तर्क है, न ही कोई विज्ञान, न इंजीनियरिंग और न ही अर्थशास्त्र। शायद इसके पीछे कोई राजनीति है, जो मेरी समझ से परे है और मैं इसे समझ नहीं पा रहा हूं।

&nbsp;

इस देश के एक नागरिक के रूप में, मैं आपसे आग्रह करता हूं किरू

&nbsp;

1) फ्यूल स्टेशनों पर हमें शुद्ध पेट्रोल और ई20 के बीच चयन करने का विकल्प प्रदान करें, ताकि हमें ऐसे ईंधन का उपयोग करने के लिए मजबूर न होना पड़े जो हमारे वाहनों को नुकसान पहुंचाता है।

&nbsp;

2) ई20 की कीमत कम करें ताकि यह इसके कम कैलोरी मान और इससे मिलने वाले कम माइलेज के अनुरूप हो, जिससे हमें गुणवत्ता से समझौता किए गए उत्पाद के लिए पूरी कीमत न चुकानी पड़े।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[ई-20 पेट्रोल के विरोध में 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पैदल मार्च करते हुए उनके आवास जा रहे आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को दिल्ली पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। जिसके बाद अरविंद केजरीवाल लोगों से मिली 2.33 लाख से ज्यादा पीटिशन के साथ सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और पीएम से मिलाने की मांग करने लगे। पुलिस ने उन्हें बताया कि प्रधानमंत्री मिलना नहीं चाहते हैं और सारी पीटिशन लेकर धरना खत्म करा दिया। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी सरकार ट्रंप के दबाव में अमेरिका से इथेनॉल खरीदकर देश पर थोपना बंद करे। प्रधानमंत्री को हम पर अपनी ताकत दिखाने से क्या होगा, उन्हें यही हिम्मत ट्रंप को दिखानी चाहिए। ई-20 वापस नहीं होता है तो देश फिर एक बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएगा। इस दौरान वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, सांसद संजय सिंह समेत पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद रहे।

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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम लोग 2,33,238 पिटीशन लेकर प्रधानमंत्री को देने गए थे। हालांकि पुलिस ने हमें प्रधानमंत्री आवास तक जाने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि एक महीना पहले ई20 के मुद्दे पर प्रधानमंत्री से चर्चा करने के लिए समय मांगा था, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया। आज हम उन्हें पिटीशन देने के लिए निकले, तो उन्होंने जवाब दिया कि वे नहीं मिलेंगे। यह उनकी तानाशाही को दिखाता है। जिस तरह से उन्होंने नीट वाले पूरे एपिसोड में तानाशाही दिखाई, वैसे ही ई20 के मुद्दे पर भी वे अड़े हुए हैं। उनकी सरकार ने खुद संसद में माना है कि गाड़ियों की माइलेज कम होती है, लेकिन थोड़ी कम होती है। इंजन के पार्ट खराब होते हैं, लेकिन रबड़ वाले पार्ट खराब होते हैं। जब इंजन के पार्ट खराब होते हैं और गाड़ियों की माइलेज भी कम होती है, तो फिर सरकार ने यह जबरदस्ती क्यों कर रखी है?

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अरविंद केजरीवाल ने बताया कि यह जबरदस्ती इसलिए कर रखी है क्योंकि ट्रंप मोदी जी के सिर पर बैठे हैं। ट्रंप उन पर इतना दबाव डाल रहे हैं कि मोदी जी की ट्रंप के सामने ना कहने की हिम्मत नहीं है। ट्रंप जबरदस्ती कर रहे हैं कि अमेरिका से एथेनॉल खरीदकर भारत में बेचा जाए, इसलिए यह पूरा ई20 लाया गया है। आज हम पिटीशन लेकर गए थे जो रस्सी से बांधी हुई थीं, लेकिन किसी वजह से वो रस्सियां खुल गईं और कई पिटीशन इधर-उधर हो गईं। अगर प्रधानमंत्री कार्यालय कहेगा तो हम सभी पिटीशन का एक फ्रेश सेट उन्हें भिजवा देंगे। अगर 2 लाख 33 हजार से ज्यादा लोगों ने इतनी जल्दी साइन कर दिए, तो जाहिर है कि पूरे देश के अंदर इसे लेकर बहुत बेचौनी है। हम प्रधानमंत्री से यही निवेदन करना चाहते हैं कि वे अमेरिका से एथेनॉल खरीदना बंद करें और ट्रंप का दबाव बर्दाश्त करना सीखें, क्योंकि इसकी वजह से पूरा देश कष्ट झेल रहा है।

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अरविंद केजरीवाल ने बताया कि अभी पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया गया है कि ई20 को वापस लिया जाए। ई20 जनता के खिलाफ है और प्रधानमंत्री जी को ट्रंप का दबाव नहीं मानना चाहिए। गोवा में हमारे दो, गुजरात में पांच और जम्मू-कश्मीर में हमारा एक विधायक है। जम्मू-कश्मीर, गुजरात और गोवा में भी हमारे विधायक यह प्रस्ताव पेश करेंगे। हमें मालूम है कि वह पास होगा या नहीं, क्योंकि कम से कम गुजरात और गोवा में भाजपा की सरकारें हैं और वे इसे पास नहीं होने देंगे। लेकिन हम वहां भी ई20 वापस लेने का प्रस्ताव जरूर पेश करेंगे।

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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नीट वाले पूरे आंदोलन में मोदी जी को खुद निर्णय लेना था कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना है या नहीं। लेकिन यहां तो ट्रंप का दबाव है और ट्रंप के सामने मोदी जी भीगी बिल्ली बन जाते हैं। इसमें मोदी जी की चलती नहीं है और उनकी मजबूरियां हैं। अगर जनता को ई20 से छुटकारा चाहिए, तो उसे बड़े स्तर पर सड़कों पर उतरना पड़ेगा। यह आंदोलन जारी रहेगा। आगे कब और कौन सी एक्टिविटी होगी, जल्द ही विचार विमर्श करके अवगत कराएंगे।

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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज जो 100 पीड़ित लोग आए, उन्होंने बड़ी हिम्मत दिखाई, क्योंकि आज के दौर में हिम्मत करना बहुत मुश्किल है। जो सोशल मीडिया पर एक वीडियो डाल देता है, ये लोग उसकी ऐसी-तैसी कर देते हैं, एफआईआर कर देते हैं। इनके ट्रोल धमकाते हैं और इनके गुंडे घर पहुंच जाते हैं। इन्होंने बहुत गुंडागर्दी मचा रखी है, लेकिन यही गुंडागर्दी इनका अंत साबित होगी।

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इस दौरान, “आप” के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि ट्रंप के दबाव में आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश का स्वाभिमान, सम्मान और हिंदुस्तान की 30 करोड़ गाड़ियां ट्रंप के हाथों गिरवी रख दी हैं। ट्रंप की गुलामी के कारण प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका से 22 हजार करोड़ रुपए का कूड़ा खरीदने जा रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने एक महीने पहले प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर अनुरोध किया था कि हम इस मुद्दे पर उनसे मिलना और बातचीत करना चाहते हैं। इसके अलावा 2 लाख 33 हजार लोगों ने हस्ताक्षर करके दिया कि वे ई20 के खिलाफ हैं। लेकिन ट्रंप की गुलामी के कारण प्रधानमंत्री ने अरविंद केजरीवाल की बात नहीं सुनी।

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संजय सिंह ने कहा कि आज अरविंद केजरीवाल अपने उन 100 पीड़ित साथियों के साथ, जिनकी गाड़ियां ई20 पेट्रोल से खराब हुई हैं, ये 2 लाख 33 हजार पत्र प्रधानमंत्री को सौंपने जा रहे थे। लेकिन 100 लोगों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया और एक हजार पुलिस वाले लगा दिए गए। असल में यही मोदी का राज है। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में ई20 के खिलाफ यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी और हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्रंप की गुलामी और दलाली नहीं करने देंगे।

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‘‘आप’’ वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि ई-20 का मसला देश के 30 करोड़ लोगों की गाड़ियों में ज़बरदस्ती इथेनॉल डलवाने का मसला है। करोड़ों लोग बता रहे हैं कि इससे उनकी गाड़ियों का नुकसान हो रहा है, माइलेज कम हो रही है, इंजन ख़राब हो रहा है और सर्विस के ख़र्चे बढ़ गए हैं।

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मनीष सिसोदिया ने कहा कि जनता को इतना नुकसान हो रहा है, फिर भी मोदी जी इस पर अड़े क्यों हुए हैं? सिर्फ़ अमेरिका के दबाव में, ट्रंप के दबाव में। ट्रंप के पास सरप्लस इथेनॉल था, जिसे उन्होंने मोदी जी को झुकाकर भारत से ख़रीदवाने पर मजबूर कर दिया। आज इसी बारे में लाखों लोगों की पीटिशन लेकर हम प्रधानमंत्री जी को देने निकले थे, लेकिन प्रधानमंत्री जी ने मिलने से मना कर दिया। तब ये पीटिशन पुलिस के ज़रिए प्रधानमंत्री कार्यालय भिजवाई गईं।

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*लोगों ने प्रधानमंत्री के नाम यह याचिका की है साइन*

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याचिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा गया है कि देशभर में ई20 पेट्रोल थोपे जाने के खिलाफ भारी आक्रोश है। मुझे यह देखकर दुख होता है कि सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है और इसे थोपने पर आमादा है। सरकार के फैसलों को सही ठहराने के लिए न तो कोई तर्क है, न ही कोई विज्ञान, न इंजीनियरिंग और न ही अर्थशास्त्र। शायद इसके पीछे कोई राजनीति है, जो मेरी समझ से परे है और मैं इसे समझ नहीं पा रहा हूं।

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इस देश के एक नागरिक के रूप में, मैं आपसे आग्रह करता हूं किरू

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1) फ्यूल स्टेशनों पर हमें शुद्ध पेट्रोल और ई20 के बीच चयन करने का विकल्प प्रदान करें, ताकि हमें ऐसे ईंधन का उपयोग करने के लिए मजबूर न होना पड़े जो हमारे वाहनों को नुकसान पहुंचाता है।

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2) ई20 की कीमत कम करें ताकि यह इसके कम कैलोरी मान और इससे मिलने वाले कम माइलेज के अनुरूप हो, जिससे हमें गुणवत्ता से समझौता किए गए उत्पाद के लिए पूरी कीमत न चुकानी पड़े।]]></content:encoded>
					
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		<title>मंगलवार को ई-20 के विरोध में जनता के पत्रों के साथ PM आवास तक मार्च करेंगे- केजरीवाल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 03 Aug 2026 09:45:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ई-20 पेट्रोल के विरोध में जनता के पत्रों के साथ मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करेंगे। उन्होंने कहा कि वह दोपहर 12 बजे 100 लोगों के साथ ‘‘आप’’ मुख्यालय से पीएम आवास के लिए निकलेंगे। हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मिलेंगे और हमारी बात सुनेंगे। उन्होंने बताया कि मात्र कुछ दिनों में ही ई-20 के खिलाफ 2,33,238 लोगों ने ऑनलाइन प्रधानमंत्री के नाम याचिका साइन की है। मैंने पीएम से मिलने के लिए एक माह पहले समय भी मांगा था, लेकिन अब तक उनका जवाब नहीं मिला है। उन्होंने पीएम से पूछा कि क्या ट्रम्प के दबाव में जबरदस्ती देश पर इथेनॉल थोपा रहा है और अगले 5 साल में 20 बिलियम डॉलर का इथेनॉल खरीदेंगे।

&nbsp;

सोमवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एथेनॉल को लेकर देश की जनता बहुत ज्यादा परेशान है और केंद्र की मोदी सरकार जबरदस्ती लोगों पर एथेनॉल थोपे जा रही है। लोगों की माइलेज कम हो रही है और लोगों की गाड़ियां खराब हो रही हैं। इसके बावजूद बिना प्रश्नों के जवाब दिए और बिना कोई तर्क दिए सरकार इसे जबरदस्ती थोप रही है। इससे यह लगता है कि सरकार का कोई न कोई हिडन एजेंडा है।

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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक आरोप यह लगाया जा रहा है कि ट्रंप के दबाव में मोदी जी झुके हुए हैं। ट्रंप अपने देश का एथेनॉल जबरदस्ती भारत में आयात करवाना चाहते हैं। एक अनुमान के हिसाब से अगले 5 साल में मोदी जी 20 बिलियन डॉलर का एथेनॉल ट्रंप से खरीदेंगे, जो हमारे देश के ऊपर थोपा जाएगा। मोदी जी हमारे देश के लोगों की गाड़ियां खराब करना चाहते हैं।

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अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि शनिवार को हमने ई-20 के खिलाफ टाउन हॉल किया था, वह बेहद सफल रहा। हॉल के अंदर और बाहर बहुत सारे लोग थे और लगभग 7 लाख लोग कार्यक्रम को लाइव देख रहे थे। मुझे लगता है कि यह दुनिया का रिकॉर्ड है कि कोई भी लाइव कार्यक्रम 7 लाख लोग ऑनलाइन देख रहे हों। यह दिखाता है कि लोग ई-20 से कितने ज्यादा परेशान हैं और किस तरह से टॉउनहॉल के सपोर्ट में आए हैं। फिर भी लोगों को बुरी तरह से डराया-धमकाया जा रहा है। अगर कोई इन्फ्लुएंसर, कंटेंट क्रिएटर, पीड़ित व्यक्ति ई-20 के खिलाफ आवाज उठाए, तो उसे ट्रोल करके और उस पर एफआईआर दर्ज कर डराया-धमकाया जाता है। इस वजह से लोग बहुत डरे हुए हैं।

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अरविंद केजरीवाल ने बताया कि कुछ दिन पहले हमने प्रधानमंत्री के नाम ऑनलाइन पिटीशन साइन करवाई थी। मात्र कुछ दिनों के अंदर 2,33,238 लोगों ने यह पिटीशन साइन की है। मंगलवार को मैं प्रधानमंत्री को यह पिटीशन सौंपने के लिए 100 लोगों के साथ दोपहर 12 बजे आम आदमी पार्टी के कार्यालय से उनके घर की तरफ निकलूंगा। हम चाहते हैं कि व्यक्तिगत तौर पर उनको ये पिटीशन सौंप कर आएं और उनसे चर्चा करें कि कैसे एथेनॉल गलत है और लोग किस तरह से परेशान हैं। मैंने लगभग एक महीना पहले चिट्ठी लिखकर भी उनसे समय मांगा था, लेकिन उस पर उनका कोई जवाब नहीं आया। इसलिए अब मंगलवार को हम इसे व्यक्तिगत लेकर जाएंगे और हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मिलकर हमारी बात सुनेंगे।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ई-20 पेट्रोल के विरोध में जनता के पत्रों के साथ मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करेंगे। उन्होंने कहा कि वह दोपहर 12 बजे 100 लोगों के साथ ‘‘आप’’ मुख्यालय से पीएम आवास के लिए निकलेंगे। हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मिलेंगे और हमारी बात सुनेंगे। उन्होंने बताया कि मात्र कुछ दिनों में ही ई-20 के खिलाफ 2,33,238 लोगों ने ऑनलाइन प्रधानमंत्री के नाम याचिका साइन की है। मैंने पीएम से मिलने के लिए एक माह पहले समय भी मांगा था, लेकिन अब तक उनका जवाब नहीं मिला है। उन्होंने पीएम से पूछा कि क्या ट्रम्प के दबाव में जबरदस्ती देश पर इथेनॉल थोपा रहा है और अगले 5 साल में 20 बिलियम डॉलर का इथेनॉल खरीदेंगे।

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सोमवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एथेनॉल को लेकर देश की जनता बहुत ज्यादा परेशान है और केंद्र की मोदी सरकार जबरदस्ती लोगों पर एथेनॉल थोपे जा रही है। लोगों की माइलेज कम हो रही है और लोगों की गाड़ियां खराब हो रही हैं। इसके बावजूद बिना प्रश्नों के जवाब दिए और बिना कोई तर्क दिए सरकार इसे जबरदस्ती थोप रही है। इससे यह लगता है कि सरकार का कोई न कोई हिडन एजेंडा है।

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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक आरोप यह लगाया जा रहा है कि ट्रंप के दबाव में मोदी जी झुके हुए हैं। ट्रंप अपने देश का एथेनॉल जबरदस्ती भारत में आयात करवाना चाहते हैं। एक अनुमान के हिसाब से अगले 5 साल में मोदी जी 20 बिलियन डॉलर का एथेनॉल ट्रंप से खरीदेंगे, जो हमारे देश के ऊपर थोपा जाएगा। मोदी जी हमारे देश के लोगों की गाड़ियां खराब करना चाहते हैं।

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अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि शनिवार को हमने ई-20 के खिलाफ टाउन हॉल किया था, वह बेहद सफल रहा। हॉल के अंदर और बाहर बहुत सारे लोग थे और लगभग 7 लाख लोग कार्यक्रम को लाइव देख रहे थे। मुझे लगता है कि यह दुनिया का रिकॉर्ड है कि कोई भी लाइव कार्यक्रम 7 लाख लोग ऑनलाइन देख रहे हों। यह दिखाता है कि लोग ई-20 से कितने ज्यादा परेशान हैं और किस तरह से टॉउनहॉल के सपोर्ट में आए हैं। फिर भी लोगों को बुरी तरह से डराया-धमकाया जा रहा है। अगर कोई इन्फ्लुएंसर, कंटेंट क्रिएटर, पीड़ित व्यक्ति ई-20 के खिलाफ आवाज उठाए, तो उसे ट्रोल करके और उस पर एफआईआर दर्ज कर डराया-धमकाया जाता है। इस वजह से लोग बहुत डरे हुए हैं।

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अरविंद केजरीवाल ने बताया कि कुछ दिन पहले हमने प्रधानमंत्री के नाम ऑनलाइन पिटीशन साइन करवाई थी। मात्र कुछ दिनों के अंदर 2,33,238 लोगों ने यह पिटीशन साइन की है। मंगलवार को मैं प्रधानमंत्री को यह पिटीशन सौंपने के लिए 100 लोगों के साथ दोपहर 12 बजे आम आदमी पार्टी के कार्यालय से उनके घर की तरफ निकलूंगा। हम चाहते हैं कि व्यक्तिगत तौर पर उनको ये पिटीशन सौंप कर आएं और उनसे चर्चा करें कि कैसे एथेनॉल गलत है और लोग किस तरह से परेशान हैं। मैंने लगभग एक महीना पहले चिट्ठी लिखकर भी उनसे समय मांगा था, लेकिन उस पर उनका कोई जवाब नहीं आया। इसलिए अब मंगलवार को हम इसे व्यक्तिगत लेकर जाएंगे और हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मिलकर हमारी बात सुनेंगे।]]></content:encoded>
					
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		<title>E-20 के खिलाफ टाउनहॉल में बोले केजरीवाल, ‘‘देश को पंपों पर शुद्ध पेट्रोल और ई-20 का विकल्प दे सरकार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 02 Aug 2026 05:36:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[news]]></category>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी की ओर से शनिवार को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन ब्लब में आयोजित नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट ई-20 को देश भर से जबरदस्त समर्थन मिला। कॉमेडियन श्याम रंगीला ने ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के सवालों का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंदाज में देकर ऑनलाइन और ऑफलाइन टाउनहॉल को देख रहे 7 लाख से अधिक लोगों को हंसने और जबरदस्ती ई-20 के थोपने के पीछे की वजह को समझने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने देशवासियों की तरफ से मोदी सरकार के सामने तीन मांगे रखी। पहला, पेट्रोल पंप पर ई-20 और शुद्ध पेट्रोल का विकल्प होना चाहिए। दूसरा, शुद्ध पेट्रोल से ई-20 सस्ता होना चाहिए और तीसरा, पेट्रोल का दाम 84 रुपए प्रति लीटर से कम होना चाहिए।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी, ट्रम्प को खुश करने के लिए हमारे देश के लोगों पर ज़बरदस्ती इथेनॉल थोप रहे हैं। अमेरिका इथेनॉल का उत्पादन करने वाला दुनिया का सबसे बड़ा देश है। पिछले साल भारत ने अमेरिका से 1 बिलियन लीटर इथेनॉल आयात किया था। इस साल ई-20 लागू होने के बाद, भारत पिछले साल की तुलना में अमेरिका से 5 गुना अधिक इथेनॉल इंपोर्ट करेगा। ट्रम्प को खुश करने के लिए मोदी जी देश की जनता को बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने देश के लोगों से अपील करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीज़ल की गाड़ियां खरीदना बंद कर दें। जब तक देश में ई-100 की गाड़ियां बननी शुरू न हो जाएं, गाड़ी न खरीदें। यह सरकार आपको बर्बाद कर देगी।

सरकार और उसके मंत्री बार-बार ई-20 को सुरक्षित और इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों को एंटी नेशनल बता रहे- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी ने ई-20 मिलावटी पेट्रोल हमारे देश के ऊपर थोपा है। इससे देश की जनता बहुत ज्यादा परेशान है। 7 लाख से ज्यादा लोग इस मुद्दे पर अपना समर्थन प्रकट करने के लिए जुड़े हैं। मुझे पूरा यकीन है कि केंद्र सरकार भी यह कार्यक्रम देख रही होगी। जब भी इनके मंत्री आते हैं, तब कहते हैं कि ई-20 सेफ है, ई-20 से कोई प्रॉब्लम नहीं है और ई-20 के खिलाफ आवाज उठाने वाले एंटी-नेशनल हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि आज हमने इतनी सारी टेस्टिमनीज उनके सामने रखीं और इतने सबूत रखे। लोकल सर्कल्स नाम की एक संस्था ने देशभर में गाड़ियां इस्तेमाल करने वाले 45 हजार लोगों का सर्वे किया। उसमें पता चला कि 67 फीसद लोगों की माइलेज कम हो गई और 45 फीसद लोगों के इंजन खराब हो गए। आज इतने लोगों ने अपनी व्यथा रखी, क्या ये सारे झूठे हैं और यह सारा गलत है? फिर भी इनके मंत्री आकर कहते हैं कि ई20 ठीक है।

अगर ई-20 पर सरकार की कोई रिपोर्ट या स्टडी है तो देश के सामने रखे- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार जवाब में कोई रिपोर्ट, कोई वैज्ञानिक स्टडी या कोई इंजीनियरिंग की बात तो रखे, लेकिन वे कुछ नहीं रखेंगे। वे कहते हैं कि उन्होंने स्टडी करा ली है। अगर स्टडी करा ली है तो उसकी कोई रिपोर्ट तो होगी, वे उस रिपोर्ट को दिखाएं। हम भी पढ़े-लिखे हैं और उनसे ज्यादा ही पढ़े-लिखे हैं। उनकी डिग्री तो नकली है, लेकिन हमारी डिग्री असली है। मेरी डिग्री लोगों ने आरटीआई के तहत मांग रखी है और मेरे इंस्टिट्यूट आईआईटी खड़गपुर ने वह दी हुई है। मैंने उनकी डिग्री मांग ली, तो मेरे खिलाफ क्रिमिनल केस कर दिया गया। गुजरात में मेरे खिलाफ ट्रायल चल रहा है कि मैंने उनकी डिग्री क्यों मांगी? अगर उनकी कोई रिपोर्ट है तो वे रिपोर्ट दिखाएं। देश के अंदर इस पर बातचीत तो होनी चाहिए।

लोग सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन खरीदें, यह सरकार डीजल में भी मिलावट करने की योजना बना रही- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि सरकार कह रही है कि ई-25, ई-30 या ई-40 अभी नहीं ला रहे, अभी स्टडी चल रही है। वे बस यह देख रहे हैं कि यह मुद्दा कितने दिन में ठंडा पड़ता है। जैसे ही मुद्दा शांत होगा वे ई-25, ई-30 और ई-40 ले आएंगे। वे कोई स्टडी नहीं कर रहे, गुंडागर्दी कर रहे हैं और देश के साथ जबरदस्ती कर रखी है। इसलिए मेरी अपील है कि पेट्रोल और डीजल की गाड़ियां खरीदना बंद कर दो। जैसे ई-10 वाली गाड़ियों में धक्का करके ई-20 ले आए और गाड़ियां खराब हो गईं। अगले साल ई-10 वाली गाड़ी में ई-25, ई-30 और ई-40 ले आएंगे और भट्ठा बैठ जाएगा। अभी ई-20 वाली गाड़ियां मार्केट में मिल रही हैं, कल उसमें ई-30 आ गया तो वो भी खराब हो जाएंगी। पहले सरकार को ई-100 ले आने दो, उसके बाद गाड़ी खरीदना। खरीदनी हो तो इलेक्ट्रिकल व्हीकल खरीदना, डीजल वाली भी मत खरीदना, क्योंकि ये लोग डीजल में भी मिलावट करने की प्लानिंग कर रहे हैं। जब तक भारत के अंदर ई-100 की गाड़ी बनना शुरू न हो जाए, कोई गाड़ी मत खरीदना। ये धोखा दे रहे हैं, ई-10 की गाड़ी में ई-20 डालेंगे, ई-20 की गाड़ी में ई-50 डालेंगे, 50 की गाड़ी में ई-100 डालेंगे। इन्होंने धक्का कर रखा है।

कई ऑटो निर्माता कंपनियां भी मान रहीं, 2023 से पहले की गाड़ियों में ई-20 सुरक्षित नहीं, पर मोदी सरकार के डर से लिखकर देने को तैयार नहीं- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैंने भारत में पेट्रोल से चलने वाले टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर बनाने वाली 29 कंपनियों को चिट्ठी लिखी। मैंने उनसे दो ही चीजें पूछीं कि 2023 से पहले बनी उनकी गाड़ियों में ई-20 इस्तेमाल हो सकता है क्या? अगर हो सकता है और किसी की गाड़ी खराब हो जाए या माइलेज कम आए, तो क्या वे लिखकर देंगे कि हर्जाना वे देंगे? किसी का लिखित जवाब नहीं आया, लेकिन नौ कंपनियों के अफसरों से मेरी डिटेल में बात हुई। वे बोले कि 2023 के पहले वाली गाड़ियां ई-10 थीं, उनमें ई-20 इस्तेमाल नहीं हो सकता। सरकार ने जबरदस्ती कर रखी है, ई-20 इस्तेमाल करने से गाड़ी और माइलेज दोनों खराब होगी। अफसरों ने बताया कि अगर वे लिखकर देंगे तो प्रधानमंत्री धमकी दे रहे हैं कि फैक्ट्री बंद करा दूंगा, इनकम टैक्स की रेड करा दूंगा, प्लांट बंद कर दूंगा और ईडी भेज दूंगा। कंपनियों का कहना है कि अगर उन्होंने सरकार के कहने पर लिखकर दे दिया कि ई-20 सही है, तो कंज्यूमर कोर्ट में जाकर लोग हर्जाना मांगेंगे। ना वे ये लिखकर दे सकते हैं और ना वो, क्योंकि सरकार ने जबरदस्ती कर रखी है।

पूरा देश ई-20 से परेशान है, लेकिन सरकार जबरदस्ती कहलवा रही है कि ई-20 ठीक है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक चुटकुला है कि रूस, अमेरिका और भारत की पुलिस के बीच शेर पकड़ने का कंपटीशन हुआ। रूस की पुलिस पांच दिन में और अमेरिका की पुलिस एक दिन में शेर पकड़ लाई। लेकिन मोदी जी की पुलिस ने तीन दिन बाद एक कुत्ते को पकड़कर मारना शुरू कर दिया कि बोल मैं शेर हूं। यही हाल सरकार ने हमारे साथ कर रखा है। इतने सारे लोग ई-20 से परेशान होकर सच बोल रहे हैं, लेकिन सरकार जबरदस्ती कहलवा रही है कि ई-20 ठीक है। अब तो जो भाजपा वाले इसे विपक्ष का एजेंडा या एंटी-नेशनल बता रहे थे, वे भी अब इन्हें गालियां दे रहे हैं।

पेट्रोल से इथेनॉल महंगा है, इससे न विदेशी मुद्रा बचती है और ना किसानों को ही फायदा है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इथेनॉल पेट्रोल से महंगा है। सारे टैक्स हटा दें तो पेट्रोल 50 रुपए और एथेनॉल 70 रुपए पड़ता है। कैलोरीफिक वैल्यू कम होने के कारण एथेनॉल की माइलेज भी कम है। सरकार कह रही थी कि एथेनॉल से फॉरेन एक्सचेंज बचती है, लेकिन कई कैलकुलेशन से साफ हो गया है कि इससे कोई फॉरेन एक्सचेंज नहीं बचती। एथेनॉल से किसान को भी कोई फायदा नहीं हो रहा है, बल्कि जहां इसके प्लांट लगे हैं वहां 20-20 किमी तक पानी और जमीन बर्बाद हो गई है, जिससे किसान दुखी है। अगर एथेनॉल से कोई फायदा नहीं है तो मोदी जी इसे पूरे देश में जबरदस्ती क्यों थोप रहे हैं?

इस साल भारत सरकार अमेरिका से 5 बिलियन लीटर एथेनॉल इंपोर्ट करेगी- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों की रिसर्च में सामने आया है कि भारत और अमेरिका के बीच एक ट्रेड डील साइन हुई है। उसमें लिखा है कि अगले 5 साल में भारत को अमेरिका से 100 बिलियन डॉलर का सामान खरीदना कंपलसरी है। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा एथेनॉल उत्पादक है लेकिन वहां इसकी खपत नहीं है। अमेरिका में ई-10 से भी कम का इस्तेमाल होता है और वहां भी पेट्रोल पंप पर ऑप्शन मिलती है। ई-20 लागू करने के बाद इस साल भारत, पिछले साल के मुकाबले पांच गुना ज्यादा एथेनॉल इंपोर्ट करेगा और यह सारा अमेरिका से आएगा। पिछले साल 1 बिलियन लीटर एथेनॉल अमेरिका से इंपोर्ट किया गया था। इस साल 5 बिलियन लीटर एथेनॉल इंपोर्ट किया जाएगा। ट्रंप को खुश करने के लिए भारत के ऊपर जबरदस्ती एथेनॉल थोपा जा रहा है।

मोदी जी की ट्रम्प के आगे झुकने की क्या मजबूरी है, ये नहीं पता, पर उन्होंने पूरा देश बेच दिया- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2018 में केंद्र सरकार ने ऐलान किया था कि 2030 तक देश के अंदर ई-20 लागू करेंगे, लेकिन ट्रंप के आने के बाद मोदी जी कह रहे हैं कि 2025-2026 में ही ई-20 लागू कर दिए। 5 बिलियन लीटर का मतलब हुआ लगभग ढाई बिलियन डॉलर। एक साल में ढाई बिलियन डॉलर का एथेनॉल भारत अमेरिका से खरीदेगा। 5 साल में 15 से 20 बिलियन डॉलर का एथेनॉल हम खरीदेंगे। 100 बिलियन डॉलर के सामान में से 20 बिलियन डॉलर का एथेनॉल हम अमेरिका से खरीदेंगे, जिसकी हमें कोई जरूरत नहीं है। मोदी जी की जो भी मजबूरी हो, कोई कहता है एपस्टीन फाइल है, कोई कहता है अडानी को बचाना है। मुझे नहीं पता उनकी ट्रंप के सामने क्या मजबूरी है, लेकिन उन्होंने पूरा देश बेच दिया, लोगों की गाड़ियां खराब कर दीं और देश का बेड़ा गर्क कर दिया।

जब जनता के अंदर डंडे का डर खत्म हो जाता है, तो सिंहासन डोलने लगता है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि युवाओं का आंदोलन अभी सफल हुआ और धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। उसका टर्निंग पॉइंट क्या था? मोदी जी को बड़ा गुरूर था कि इन बच्चों को तो वे देख लेंगे। एक दिन उन्होंने सोनम वांगचुक को जबरदस्ती वहां से उठा दिया। उनको लगा कि सोनम वांगचुक को उठा देंगे तो धरना खत्म हो जाएगा, लेकिन धरना और बढ़ गया। फिर 20 जुलाई को उनको लगा कि इनको डंडे मारो, आंसू गैस छोड़ो। उन्होंने अपने ही बच्चों के सर फोड़ दिए, टांगे तोड़ दीं और खूब मारा। उनको लगा कि मां-बाप और बच्चे डर जाएंगे। लोग डर भी जाते हैं, मां-बाप कहते हैं कि खबरदार जो गया। लेकिन कुछ तो चमत्कार हुआ। एक बार तो जंतर-मंतर खाली हो गया था, लेकिन रात होते-होते 20 जुलाई की रात को 4-5 हजार से लेकर 10 हजार लोग जंतर-मंतर पहुंच गए। जब जनता के बीच से डंडे का डर खत्म हो जाता है, तो सिंहासन डोलने लगता है। 20 जुलाई की रात ने ही तय कर दिया था और उसी दिन मैंने अपने दोस्तों को बोल दिया था कि अब तो धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ेगा।

लोग डरें नहीं, वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालें, मोदी जी कितनों को जेल भेजेंगे?- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन्होंने मुझे जेल में डाला। अगर मैंने कुछ गलत काम किया होता और मेरे मन में कन्विक्शन का डर होता, तो मैं भी भाजपा या एनडीए में चला जाता और उनसे दोस्ती कर लेता। मुझे पता था कि आज नहीं तो कल, न्याय तो मिलेगा ही। मैं जेल चला गया और अब मेरे मन से भी जेल का डर निकल गया है। मैं छह महीने रहकर आया हूं, छह साल भी रह लूंगा। जिस दिन जनता के मन से जेल और डंडे का डर खत्म हो जाता है, उस दिन जनता की जीत हो जाती है। कुछ लोग डरे हुए हैं, उन्हें वीडियो डालने में भी डर लगता है। एक बार मन से डर निकाल दो और सभी लोग वीडियो डालना चालू कर दो। देखते हैं मोदी जी कितने लोगों को जेल भेजेंगे। मोदी जी की ईडी, सीबीआई, पुलिस, इनकम टैक्स और सारी एजेंसियां छोटी पड़ जाएंगी।

मोदी सरकार डराकर हम पर शासन कर रही है, हमें अपने मन से डर निकालना पड़ेगा- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कई बार हम सोचते हैं कि अंग्रेज तो 80 हजार थे और उस समय देश की जनता 30 करोड़ थी, तो 80 हजार लोगों ने 30 करोड़ लोगों पर कैसे शासन कर लिया। आज भी वही बात है। मोदी जी की कितनी पुलिस और कितनी एजेंसियां हैं, जबकि हम 140 करोड़ लोग हैं। 140 करोड़ लोगों ने जब मिलकर अपनी आवाज उठा दी, तो मोदी जी को झुकना पड़ेगा। सब लोगों को अपने मन से डर निकालना पड़ेगा। सभी लोग खूब वीडियो बनाओ, अपने और दोस्तों के वीडियो सोशल मीडिया पर डालो। मुझे टैग करो और कोलैब रिक्वेस्ट भेजो, मैं सबके वीडियो शेयर करूंगा। मुझे इनसे डर नहीं लगता।

सरकार ने तेल कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए जबरदस्ती पेट्रोल महंगा कर रखा है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार के सामने देश की जनता की तरफ से तीन मांगें रखी। पहली, हर पेट्रोल पंप पर शुद्ध पेट्रोल और ई-20 का विकल्प मिलना चाहिए। लोग की मर्जी है कि वे प्योर पेट्रोल लें या ई-20। अगर सरकार यह ऑप्शन देगी और ई-20 बिका, तो इसका मतलब ई-20 सही है। यह मार्केट है, मार्केट को तय करने दें। जिसे ई-20 खरीदना हो वह ई-20 खरीदे और जिसे प्योर पेट्रोल खरीदना हो वह प्योर पेट्रोल खरीदे। दूसरी मांग यह है कि ई-20 प्योर पेट्रोल से सस्ता होना चाहिए। तीसरी मांग यह है कि आज जबरदस्ती तेल कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए पेट्रोल महंगा कर रखा है, इसलिए पेट्रोल 84 रुपए प्रति लीटर से कम होना चाहिए। लोग कैलकुलेट भी कर सकते हैं कि ई-20 की वजह से सालाना और 5 साल में उनके घर में कितने पैसे का नुकसान होगा।

जब टाउनहॉल में पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी...

ई-20 के खिलाफ आयोजित टाउनहॉल में बैठे लोगों के अंदर उस वक्त जोश भर गया, जब कॉमेडियन श्याम रंगीला मंच पर प्रधानमंत्री की मिमिक्री करने करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पीएम की आवाज में कहा कि आज अरविंद केजरीवाल ने मेरे लिए कुर्सी लगाई है, लेकिन मुझे वे इस कुर्सी पर भी बैठे हुए ठीक नहीं लग रहे हैं, यह देखकर मुझे थोड़ी पीड़ा होती है। हमने अच्छे दिनों का वादा किया था और आज जनता इकट्ठा होकर यही मांग कर रही है कि पिछले दिन वापस आने चाहिए। एक साल पहले जब पेट्रोल शुद्ध और सही रेट में मिलता था, तब लोगों को एहसास ही नहीं हुआ कि वे अच्छे दिन थे। अब जनता की आंखें खोलने के लिए ही हम ई-20 लेकर आए हैं और पेट्रोल का रेट बढ़ाया है, ताकि लोगों को अब वो अच्छे दिन नजर आने लगें। हम इसी प्रकार देश हित के लिए कार्य करते रहेंगे। इस दौरान उन्होंने अरविंद केजरीवाल और ई-20 का अनुभव साझा कर रहे लोगों के सवालों के जवाब भी प्रधानमंत्री की आवाज में देकर सबको खूब हंसाया।

7 लाख से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन देखा टाउनहॉल

कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित इस टाउन हॉल को ऑनलाइन भी रिकॉर्ड समर्थन मिला। जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किसी अन्य टॉउनहॉल को शायद ही इतना समर्थन मिला होगा। सुबह 11ः30 बजे से शुरू हुए टाउनहॉल से धीरे-धीरे लोग जुड़ते थे और हर मिनट हजारों की संख्या में लोग जुड़ते गए। कार्यक्रम खत्म होने से ठीक पहले तक 7 लाख से ज्यादा लोग ऑनलाइन टाउनहॉल को देख रहे थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों के अंदर ई-20 को लेकर कितनी नाराजगी और असंतोष है।

कांस्टीट्यूशन क्लब का हॉल खचाखच भरा, बाहर लगी स्क्रीन पर भी सैकड़ों लोगों ने देखा

इस टॉउन हॉल को लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला। अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने जैसी उम्मीद जताई जताई थी कि टाउनहॉल में बड़ी तादात में लोग हिस्सा लेंगे, वैसा ही हुआ। क्लब का जो हॉल बुक किया गया था, वह पूरी तरह खचाखच भरा हुआ था। यहां तक की बड़ी संख्या में लोग खड़े होकर भी कार्यक्रम देख रहे थे। इसके अलावा लोगों की सुविधा के लिए बाहर भी एलईडी स्क्रीन लगाई गई थी और वहां भी सैकड़ों लोगों ने पूरा कार्यक्रम देखा।

नाटक के जरिए भी ई-20 को लेकर केंद्र सरकार को दिखाया आइना

टाउनहाल कार्यक्रम की शुरूआत ही एक नाटक के जरिए की गई। यह नाटक कौन बनेगा करोड़पति से प्रेरित था। इसमें कुछ युवाओं ने ई-20 के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान और फायदे के बारे में बड़े तार्किक ढंग से समझाने की कोशिश की। नाटक के जरिए युवाओं ने देश की जनता को समझाने की कोशिश की कि ई-20 कहीं से भी पुरानी गाड़ियों के लिए सुरक्षित नहीं है और ना तो कोई फायदा है। अगर किसी को फायदा हो रहा है तो वह सिर्फ सरकार और तेल कंपनियों को हो रहा है।

<img class="alignnone  wp-image-33567" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2026/08/98d14912-bd3c-4f23-a0e9-58d4d33cf100-1-300x169.jpg" alt="" width="1124" height="633" />

लोगों ने टाउनहॉल में साझा किए ई-20 के अनुभव

ई-20 से सिर्फ रबर पार्ट्स ही नहीं, फ्यूल पंप भी खराब हो रहे- मनीष कश्यप, यू-ट्यूबर

टाउन हॉल में देश की जानी-मानी शख्सियत मनीष कश्यप ने कहा कि कम सेकम अरविंद केजरीवाल ने उन 30 करोड़ गाड़ियों की आवाज सुनी, जो खुद बोल नहीं सकतीं। चुनाव के बाद सिर्फ जनता के हित की बात होनी चाहिए। मैंने टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस हाइब्रिड गाड़ी ली थी। 12 हजार किमी चलने पर गाड़ी ने पिकअप लेना बंद कर दिया। देश के 1.03 लाख पेट्रोल पंपों में से मात्र पांच से सात हजार पेट्रोल पंप ही ई-20 के लायक हैं। सरकार 300 रुपए के रबर पार्ट बदलने की बात कहती है, लेकिन ई-20 से सबसे पहले 10 हजार से 1 लाख रुपए तक का फ्यूल पंप खराब होता है। मेरी गाड़ी खराब होने पर सर्विस सेंटर ने 7,960 रुपए का बिल बनाया, जिसमें 9 फीसद स्टेट और 9 फीसद सेंट्रल जीएसटी सरकार को गया। एक साल बाद गाड़ियों की सर्विसिंग कॉस्ट डेढ़ गुना हो जाएगी।

इथेनॉल बनाने के लिए नाइट्रोजन फर्टिलाइजर का इस्तेमाल होता है, जो कार्बन डाइऑक्साइड से 273 गुना ज्यादा खतरनाक है- डॉ. अनुपम सैनी, प्रोफेेसर

इस दौरान दिल्ली यूनिवर्सिटी के पर्यावरण अध्ययन के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनुपम सैनी ने कहा कि ई-20 के बारे में यह कड़वा सच छुपाया गया है कि इथेनॉल बनाने के लिए नाइट्रोजन फर्टिलाइजर का इस्तेमाल होता है, जो कार्बन डाइऑक्साइड से 273 गुना ज्यादा खतरनाक है। एक लीटर इथेनॉल बनाने में लगभग 40 से 50 फीसद कार्बन फुटप्रिंट जनरेट होता है। गाड़ियों के साइलेंसर से निकलने वाले धुएं की तुलना में खेतों से निकलने वाला यह जहरीला धुआं बहुत ज्यादा खतरनाक है। भारत में गन्ने से इथेनॉल बनाने के लिए औसतन 2500 से 3000 लीटर पानी का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि हमारा देश पानी के भारी संकट से जूझ रहा है। इसके अलावा देश में 70 फीसद बिजली अभी भी कोयले से बन रही है। एक लीटर पेट्रोल 10 से 20 यूनिट ऊर्जा देता है, जबकि इथेनॉल केवल डेढ़ से पांच यूनिट ऊर्जा पैदा करता है, जिससे गाड़ी की एफिशिएंसी काफी कम हो जाती है।

ई-20 पेट्रोल की वजह से मेरी नई बाइक का इंजन पूरी तरह खराब हो गया- नीरज झा, जोमैटो राइडर

वहीं, जोमैटो राइडर नीरज झा ने कहा कि मैं जोमैटो के लिए डिलीवरी राइडर का काम करता हूं। ई-20 पेट्रोल की वजह से मेरी नई बाइक का इंजन पूरी तरह से खराब हो गया है और मैं पिछले दो महीने से बेरोजगार बैठा हूं। पहले मैं 95 रुपए प्रति लीटर वाला पेट्रोल डलवाता था, लेकिन अब यह महंगा होकर 115 रुपए हो गया है। पहले मैं जोमैटो से काम करके महीने के 15 से 20 हजार रुपए आसानी से कमा लेता था, लेकिन अब काम बंद होने की वजह से मेरी कमाई पूरी तरह से रुक गई है। मेरी नई बाइक पहले बिल्कुल सही चल रही थी, लेकिन जब इंजन में दिक्कत आने पर मैंने उसे मैकेनिक से चेक कराया, तो उसने बताया कि इंजन में पानी चला गया है। जब मैंने खुद देखा तो सच में इंजन से पानी निकला। मुझे नहीं पता कि वह पानी इथेनॉल था या कुछ और था। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मेरी इस हालत के लिए असल में जिम्मेदार कौन है?

ई-20 की वजह से पुरानी गाड़ियों के कार्बोरेटर में सबसे ज्यादा दिक्कतें आ रही- आमिर खान, मैकेनिक

उधर, मोटर मैकेनिक आमिर खान ने कहा कि मुझे टू-व्हीलर और पेट्रोल गाड़ियों की रिपेयरिंग का 12 साल का लंबा अनुभव है। ई-20 पेट्रोल की वजह से पुरानी बीएस4 और बीएस3 गाड़ियों के कार्बाेरेटर में बहुत ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं। अगर आप गाड़ी में ई-20 डलवाने के बाद उसे 15 से 20 दिन या एक महीने के लिए खड़ी कर देते हैं, तो कार्बाेरेटर के नीचे वाले हिस्से में जहां पेट्रोल इकट्ठा रहता है, वहां गाद और काई जम जाती है। वहां एक मीठा पदार्थ बन जाता है, जिससे कार्बाेरेटर पूरी तरह खराब हो जाता है और गाड़ी चलना बंद हो जाती है। यह दिक्कत पहले की गाड़ियों में नहीं आती थी। नई बीएस6 गाड़ियों में भी ई-20 डालने के बाद पिकअप और माइलेज बहुत ज्यादा ड्रॉप हो जाती है और रास्ते में चलते-चलते गाड़ी अचानक बंद हो जाती है। बीएस-6 बाइक के फ्यूल टैंक के अंदर एक फ्यूल पंप होता है जिसमें एक फिल्टर लगा होता है। ई-20 पेट्रोल की वजह से यह फिल्टर बहुत ही जल्दी चोक हो जाता है, जिसके कारण गाड़ियों की सर्विस कॉस्ट आज के समय में काफी ज्यादा बढ़ गई है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[आम आदमी पार्टी की ओर से शनिवार को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन ब्लब में आयोजित नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट ई-20 को देश भर से जबरदस्त समर्थन मिला। कॉमेडियन श्याम रंगीला ने ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के सवालों का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंदाज में देकर ऑनलाइन और ऑफलाइन टाउनहॉल को देख रहे 7 लाख से अधिक लोगों को हंसने और जबरदस्ती ई-20 के थोपने के पीछे की वजह को समझने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने देशवासियों की तरफ से मोदी सरकार के सामने तीन मांगे रखी। पहला, पेट्रोल पंप पर ई-20 और शुद्ध पेट्रोल का विकल्प होना चाहिए। दूसरा, शुद्ध पेट्रोल से ई-20 सस्ता होना चाहिए और तीसरा, पेट्रोल का दाम 84 रुपए प्रति लीटर से कम होना चाहिए।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी, ट्रम्प को खुश करने के लिए हमारे देश के लोगों पर ज़बरदस्ती इथेनॉल थोप रहे हैं। अमेरिका इथेनॉल का उत्पादन करने वाला दुनिया का सबसे बड़ा देश है। पिछले साल भारत ने अमेरिका से 1 बिलियन लीटर इथेनॉल आयात किया था। इस साल ई-20 लागू होने के बाद, भारत पिछले साल की तुलना में अमेरिका से 5 गुना अधिक इथेनॉल इंपोर्ट करेगा। ट्रम्प को खुश करने के लिए मोदी जी देश की जनता को बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने देश के लोगों से अपील करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीज़ल की गाड़ियां खरीदना बंद कर दें। जब तक देश में ई-100 की गाड़ियां बननी शुरू न हो जाएं, गाड़ी न खरीदें। यह सरकार आपको बर्बाद कर देगी।

सरकार और उसके मंत्री बार-बार ई-20 को सुरक्षित और इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों को एंटी नेशनल बता रहे- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी ने ई-20 मिलावटी पेट्रोल हमारे देश के ऊपर थोपा है। इससे देश की जनता बहुत ज्यादा परेशान है। 7 लाख से ज्यादा लोग इस मुद्दे पर अपना समर्थन प्रकट करने के लिए जुड़े हैं। मुझे पूरा यकीन है कि केंद्र सरकार भी यह कार्यक्रम देख रही होगी। जब भी इनके मंत्री आते हैं, तब कहते हैं कि ई-20 सेफ है, ई-20 से कोई प्रॉब्लम नहीं है और ई-20 के खिलाफ आवाज उठाने वाले एंटी-नेशनल हैं। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि आज हमने इतनी सारी टेस्टिमनीज उनके सामने रखीं और इतने सबूत रखे। लोकल सर्कल्स नाम की एक संस्था ने देशभर में गाड़ियां इस्तेमाल करने वाले 45 हजार लोगों का सर्वे किया। उसमें पता चला कि 67 फीसद लोगों की माइलेज कम हो गई और 45 फीसद लोगों के इंजन खराब हो गए। आज इतने लोगों ने अपनी व्यथा रखी, क्या ये सारे झूठे हैं और यह सारा गलत है? फिर भी इनके मंत्री आकर कहते हैं कि ई20 ठीक है।

अगर ई-20 पर सरकार की कोई रिपोर्ट या स्टडी है तो देश के सामने रखे- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार जवाब में कोई रिपोर्ट, कोई वैज्ञानिक स्टडी या कोई इंजीनियरिंग की बात तो रखे, लेकिन वे कुछ नहीं रखेंगे। वे कहते हैं कि उन्होंने स्टडी करा ली है। अगर स्टडी करा ली है तो उसकी कोई रिपोर्ट तो होगी, वे उस रिपोर्ट को दिखाएं। हम भी पढ़े-लिखे हैं और उनसे ज्यादा ही पढ़े-लिखे हैं। उनकी डिग्री तो नकली है, लेकिन हमारी डिग्री असली है। मेरी डिग्री लोगों ने आरटीआई के तहत मांग रखी है और मेरे इंस्टिट्यूट आईआईटी खड़गपुर ने वह दी हुई है। मैंने उनकी डिग्री मांग ली, तो मेरे खिलाफ क्रिमिनल केस कर दिया गया। गुजरात में मेरे खिलाफ ट्रायल चल रहा है कि मैंने उनकी डिग्री क्यों मांगी? अगर उनकी कोई रिपोर्ट है तो वे रिपोर्ट दिखाएं। देश के अंदर इस पर बातचीत तो होनी चाहिए।

लोग सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन खरीदें, यह सरकार डीजल में भी मिलावट करने की योजना बना रही- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि सरकार कह रही है कि ई-25, ई-30 या ई-40 अभी नहीं ला रहे, अभी स्टडी चल रही है। वे बस यह देख रहे हैं कि यह मुद्दा कितने दिन में ठंडा पड़ता है। जैसे ही मुद्दा शांत होगा वे ई-25, ई-30 और ई-40 ले आएंगे। वे कोई स्टडी नहीं कर रहे, गुंडागर्दी कर रहे हैं और देश के साथ जबरदस्ती कर रखी है। इसलिए मेरी अपील है कि पेट्रोल और डीजल की गाड़ियां खरीदना बंद कर दो। जैसे ई-10 वाली गाड़ियों में धक्का करके ई-20 ले आए और गाड़ियां खराब हो गईं। अगले साल ई-10 वाली गाड़ी में ई-25, ई-30 और ई-40 ले आएंगे और भट्ठा बैठ जाएगा। अभी ई-20 वाली गाड़ियां मार्केट में मिल रही हैं, कल उसमें ई-30 आ गया तो वो भी खराब हो जाएंगी। पहले सरकार को ई-100 ले आने दो, उसके बाद गाड़ी खरीदना। खरीदनी हो तो इलेक्ट्रिकल व्हीकल खरीदना, डीजल वाली भी मत खरीदना, क्योंकि ये लोग डीजल में भी मिलावट करने की प्लानिंग कर रहे हैं। जब तक भारत के अंदर ई-100 की गाड़ी बनना शुरू न हो जाए, कोई गाड़ी मत खरीदना। ये धोखा दे रहे हैं, ई-10 की गाड़ी में ई-20 डालेंगे, ई-20 की गाड़ी में ई-50 डालेंगे, 50 की गाड़ी में ई-100 डालेंगे। इन्होंने धक्का कर रखा है।

कई ऑटो निर्माता कंपनियां भी मान रहीं, 2023 से पहले की गाड़ियों में ई-20 सुरक्षित नहीं, पर मोदी सरकार के डर से लिखकर देने को तैयार नहीं- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैंने भारत में पेट्रोल से चलने वाले टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर बनाने वाली 29 कंपनियों को चिट्ठी लिखी। मैंने उनसे दो ही चीजें पूछीं कि 2023 से पहले बनी उनकी गाड़ियों में ई-20 इस्तेमाल हो सकता है क्या? अगर हो सकता है और किसी की गाड़ी खराब हो जाए या माइलेज कम आए, तो क्या वे लिखकर देंगे कि हर्जाना वे देंगे? किसी का लिखित जवाब नहीं आया, लेकिन नौ कंपनियों के अफसरों से मेरी डिटेल में बात हुई। वे बोले कि 2023 के पहले वाली गाड़ियां ई-10 थीं, उनमें ई-20 इस्तेमाल नहीं हो सकता। सरकार ने जबरदस्ती कर रखी है, ई-20 इस्तेमाल करने से गाड़ी और माइलेज दोनों खराब होगी। अफसरों ने बताया कि अगर वे लिखकर देंगे तो प्रधानमंत्री धमकी दे रहे हैं कि फैक्ट्री बंद करा दूंगा, इनकम टैक्स की रेड करा दूंगा, प्लांट बंद कर दूंगा और ईडी भेज दूंगा। कंपनियों का कहना है कि अगर उन्होंने सरकार के कहने पर लिखकर दे दिया कि ई-20 सही है, तो कंज्यूमर कोर्ट में जाकर लोग हर्जाना मांगेंगे। ना वे ये लिखकर दे सकते हैं और ना वो, क्योंकि सरकार ने जबरदस्ती कर रखी है।

पूरा देश ई-20 से परेशान है, लेकिन सरकार जबरदस्ती कहलवा रही है कि ई-20 ठीक है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक चुटकुला है कि रूस, अमेरिका और भारत की पुलिस के बीच शेर पकड़ने का कंपटीशन हुआ। रूस की पुलिस पांच दिन में और अमेरिका की पुलिस एक दिन में शेर पकड़ लाई। लेकिन मोदी जी की पुलिस ने तीन दिन बाद एक कुत्ते को पकड़कर मारना शुरू कर दिया कि बोल मैं शेर हूं। यही हाल सरकार ने हमारे साथ कर रखा है। इतने सारे लोग ई-20 से परेशान होकर सच बोल रहे हैं, लेकिन सरकार जबरदस्ती कहलवा रही है कि ई-20 ठीक है। अब तो जो भाजपा वाले इसे विपक्ष का एजेंडा या एंटी-नेशनल बता रहे थे, वे भी अब इन्हें गालियां दे रहे हैं।

पेट्रोल से इथेनॉल महंगा है, इससे न विदेशी मुद्रा बचती है और ना किसानों को ही फायदा है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इथेनॉल पेट्रोल से महंगा है। सारे टैक्स हटा दें तो पेट्रोल 50 रुपए और एथेनॉल 70 रुपए पड़ता है। कैलोरीफिक वैल्यू कम होने के कारण एथेनॉल की माइलेज भी कम है। सरकार कह रही थी कि एथेनॉल से फॉरेन एक्सचेंज बचती है, लेकिन कई कैलकुलेशन से साफ हो गया है कि इससे कोई फॉरेन एक्सचेंज नहीं बचती। एथेनॉल से किसान को भी कोई फायदा नहीं हो रहा है, बल्कि जहां इसके प्लांट लगे हैं वहां 20-20 किमी तक पानी और जमीन बर्बाद हो गई है, जिससे किसान दुखी है। अगर एथेनॉल से कोई फायदा नहीं है तो मोदी जी इसे पूरे देश में जबरदस्ती क्यों थोप रहे हैं?

इस साल भारत सरकार अमेरिका से 5 बिलियन लीटर एथेनॉल इंपोर्ट करेगी- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों की रिसर्च में सामने आया है कि भारत और अमेरिका के बीच एक ट्रेड डील साइन हुई है। उसमें लिखा है कि अगले 5 साल में भारत को अमेरिका से 100 बिलियन डॉलर का सामान खरीदना कंपलसरी है। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा एथेनॉल उत्पादक है लेकिन वहां इसकी खपत नहीं है। अमेरिका में ई-10 से भी कम का इस्तेमाल होता है और वहां भी पेट्रोल पंप पर ऑप्शन मिलती है। ई-20 लागू करने के बाद इस साल भारत, पिछले साल के मुकाबले पांच गुना ज्यादा एथेनॉल इंपोर्ट करेगा और यह सारा अमेरिका से आएगा। पिछले साल 1 बिलियन लीटर एथेनॉल अमेरिका से इंपोर्ट किया गया था। इस साल 5 बिलियन लीटर एथेनॉल इंपोर्ट किया जाएगा। ट्रंप को खुश करने के लिए भारत के ऊपर जबरदस्ती एथेनॉल थोपा जा रहा है।

मोदी जी की ट्रम्प के आगे झुकने की क्या मजबूरी है, ये नहीं पता, पर उन्होंने पूरा देश बेच दिया- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2018 में केंद्र सरकार ने ऐलान किया था कि 2030 तक देश के अंदर ई-20 लागू करेंगे, लेकिन ट्रंप के आने के बाद मोदी जी कह रहे हैं कि 2025-2026 में ही ई-20 लागू कर दिए। 5 बिलियन लीटर का मतलब हुआ लगभग ढाई बिलियन डॉलर। एक साल में ढाई बिलियन डॉलर का एथेनॉल भारत अमेरिका से खरीदेगा। 5 साल में 15 से 20 बिलियन डॉलर का एथेनॉल हम खरीदेंगे। 100 बिलियन डॉलर के सामान में से 20 बिलियन डॉलर का एथेनॉल हम अमेरिका से खरीदेंगे, जिसकी हमें कोई जरूरत नहीं है। मोदी जी की जो भी मजबूरी हो, कोई कहता है एपस्टीन फाइल है, कोई कहता है अडानी को बचाना है। मुझे नहीं पता उनकी ट्रंप के सामने क्या मजबूरी है, लेकिन उन्होंने पूरा देश बेच दिया, लोगों की गाड़ियां खराब कर दीं और देश का बेड़ा गर्क कर दिया।

जब जनता के अंदर डंडे का डर खत्म हो जाता है, तो सिंहासन डोलने लगता है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि युवाओं का आंदोलन अभी सफल हुआ और धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। उसका टर्निंग पॉइंट क्या था? मोदी जी को बड़ा गुरूर था कि इन बच्चों को तो वे देख लेंगे। एक दिन उन्होंने सोनम वांगचुक को जबरदस्ती वहां से उठा दिया। उनको लगा कि सोनम वांगचुक को उठा देंगे तो धरना खत्म हो जाएगा, लेकिन धरना और बढ़ गया। फिर 20 जुलाई को उनको लगा कि इनको डंडे मारो, आंसू गैस छोड़ो। उन्होंने अपने ही बच्चों के सर फोड़ दिए, टांगे तोड़ दीं और खूब मारा। उनको लगा कि मां-बाप और बच्चे डर जाएंगे। लोग डर भी जाते हैं, मां-बाप कहते हैं कि खबरदार जो गया। लेकिन कुछ तो चमत्कार हुआ। एक बार तो जंतर-मंतर खाली हो गया था, लेकिन रात होते-होते 20 जुलाई की रात को 4-5 हजार से लेकर 10 हजार लोग जंतर-मंतर पहुंच गए। जब जनता के बीच से डंडे का डर खत्म हो जाता है, तो सिंहासन डोलने लगता है। 20 जुलाई की रात ने ही तय कर दिया था और उसी दिन मैंने अपने दोस्तों को बोल दिया था कि अब तो धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ेगा।

लोग डरें नहीं, वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालें, मोदी जी कितनों को जेल भेजेंगे?- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन्होंने मुझे जेल में डाला। अगर मैंने कुछ गलत काम किया होता और मेरे मन में कन्विक्शन का डर होता, तो मैं भी भाजपा या एनडीए में चला जाता और उनसे दोस्ती कर लेता। मुझे पता था कि आज नहीं तो कल, न्याय तो मिलेगा ही। मैं जेल चला गया और अब मेरे मन से भी जेल का डर निकल गया है। मैं छह महीने रहकर आया हूं, छह साल भी रह लूंगा। जिस दिन जनता के मन से जेल और डंडे का डर खत्म हो जाता है, उस दिन जनता की जीत हो जाती है। कुछ लोग डरे हुए हैं, उन्हें वीडियो डालने में भी डर लगता है। एक बार मन से डर निकाल दो और सभी लोग वीडियो डालना चालू कर दो। देखते हैं मोदी जी कितने लोगों को जेल भेजेंगे। मोदी जी की ईडी, सीबीआई, पुलिस, इनकम टैक्स और सारी एजेंसियां छोटी पड़ जाएंगी।

मोदी सरकार डराकर हम पर शासन कर रही है, हमें अपने मन से डर निकालना पड़ेगा- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कई बार हम सोचते हैं कि अंग्रेज तो 80 हजार थे और उस समय देश की जनता 30 करोड़ थी, तो 80 हजार लोगों ने 30 करोड़ लोगों पर कैसे शासन कर लिया। आज भी वही बात है। मोदी जी की कितनी पुलिस और कितनी एजेंसियां हैं, जबकि हम 140 करोड़ लोग हैं। 140 करोड़ लोगों ने जब मिलकर अपनी आवाज उठा दी, तो मोदी जी को झुकना पड़ेगा। सब लोगों को अपने मन से डर निकालना पड़ेगा। सभी लोग खूब वीडियो बनाओ, अपने और दोस्तों के वीडियो सोशल मीडिया पर डालो। मुझे टैग करो और कोलैब रिक्वेस्ट भेजो, मैं सबके वीडियो शेयर करूंगा। मुझे इनसे डर नहीं लगता।

सरकार ने तेल कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए जबरदस्ती पेट्रोल महंगा कर रखा है- केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार के सामने देश की जनता की तरफ से तीन मांगें रखी। पहली, हर पेट्रोल पंप पर शुद्ध पेट्रोल और ई-20 का विकल्प मिलना चाहिए। लोग की मर्जी है कि वे प्योर पेट्रोल लें या ई-20। अगर सरकार यह ऑप्शन देगी और ई-20 बिका, तो इसका मतलब ई-20 सही है। यह मार्केट है, मार्केट को तय करने दें। जिसे ई-20 खरीदना हो वह ई-20 खरीदे और जिसे प्योर पेट्रोल खरीदना हो वह प्योर पेट्रोल खरीदे। दूसरी मांग यह है कि ई-20 प्योर पेट्रोल से सस्ता होना चाहिए। तीसरी मांग यह है कि आज जबरदस्ती तेल कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए पेट्रोल महंगा कर रखा है, इसलिए पेट्रोल 84 रुपए प्रति लीटर से कम होना चाहिए। लोग कैलकुलेट भी कर सकते हैं कि ई-20 की वजह से सालाना और 5 साल में उनके घर में कितने पैसे का नुकसान होगा।

जब टाउनहॉल में पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी...

ई-20 के खिलाफ आयोजित टाउनहॉल में बैठे लोगों के अंदर उस वक्त जोश भर गया, जब कॉमेडियन श्याम रंगीला मंच पर प्रधानमंत्री की मिमिक्री करने करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पीएम की आवाज में कहा कि आज अरविंद केजरीवाल ने मेरे लिए कुर्सी लगाई है, लेकिन मुझे वे इस कुर्सी पर भी बैठे हुए ठीक नहीं लग रहे हैं, यह देखकर मुझे थोड़ी पीड़ा होती है। हमने अच्छे दिनों का वादा किया था और आज जनता इकट्ठा होकर यही मांग कर रही है कि पिछले दिन वापस आने चाहिए। एक साल पहले जब पेट्रोल शुद्ध और सही रेट में मिलता था, तब लोगों को एहसास ही नहीं हुआ कि वे अच्छे दिन थे। अब जनता की आंखें खोलने के लिए ही हम ई-20 लेकर आए हैं और पेट्रोल का रेट बढ़ाया है, ताकि लोगों को अब वो अच्छे दिन नजर आने लगें। हम इसी प्रकार देश हित के लिए कार्य करते रहेंगे। इस दौरान उन्होंने अरविंद केजरीवाल और ई-20 का अनुभव साझा कर रहे लोगों के सवालों के जवाब भी प्रधानमंत्री की आवाज में देकर सबको खूब हंसाया।

7 लाख से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन देखा टाउनहॉल

कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित इस टाउन हॉल को ऑनलाइन भी रिकॉर्ड समर्थन मिला। जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किसी अन्य टॉउनहॉल को शायद ही इतना समर्थन मिला होगा। सुबह 11ः30 बजे से शुरू हुए टाउनहॉल से धीरे-धीरे लोग जुड़ते थे और हर मिनट हजारों की संख्या में लोग जुड़ते गए। कार्यक्रम खत्म होने से ठीक पहले तक 7 लाख से ज्यादा लोग ऑनलाइन टाउनहॉल को देख रहे थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों के अंदर ई-20 को लेकर कितनी नाराजगी और असंतोष है।

कांस्टीट्यूशन क्लब का हॉल खचाखच भरा, बाहर लगी स्क्रीन पर भी सैकड़ों लोगों ने देखा

इस टॉउन हॉल को लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला। अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने जैसी उम्मीद जताई जताई थी कि टाउनहॉल में बड़ी तादात में लोग हिस्सा लेंगे, वैसा ही हुआ। क्लब का जो हॉल बुक किया गया था, वह पूरी तरह खचाखच भरा हुआ था। यहां तक की बड़ी संख्या में लोग खड़े होकर भी कार्यक्रम देख रहे थे। इसके अलावा लोगों की सुविधा के लिए बाहर भी एलईडी स्क्रीन लगाई गई थी और वहां भी सैकड़ों लोगों ने पूरा कार्यक्रम देखा।

नाटक के जरिए भी ई-20 को लेकर केंद्र सरकार को दिखाया आइना

टाउनहाल कार्यक्रम की शुरूआत ही एक नाटक के जरिए की गई। यह नाटक कौन बनेगा करोड़पति से प्रेरित था। इसमें कुछ युवाओं ने ई-20 के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान और फायदे के बारे में बड़े तार्किक ढंग से समझाने की कोशिश की। नाटक के जरिए युवाओं ने देश की जनता को समझाने की कोशिश की कि ई-20 कहीं से भी पुरानी गाड़ियों के लिए सुरक्षित नहीं है और ना तो कोई फायदा है। अगर किसी को फायदा हो रहा है तो वह सिर्फ सरकार और तेल कंपनियों को हो रहा है।

<img class="alignnone  wp-image-33567" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2026/08/98d14912-bd3c-4f23-a0e9-58d4d33cf100-1-300x169.jpg" alt="" width="1124" height="633" />

लोगों ने टाउनहॉल में साझा किए ई-20 के अनुभव

ई-20 से सिर्फ रबर पार्ट्स ही नहीं, फ्यूल पंप भी खराब हो रहे- मनीष कश्यप, यू-ट्यूबर

टाउन हॉल में देश की जानी-मानी शख्सियत मनीष कश्यप ने कहा कि कम सेकम अरविंद केजरीवाल ने उन 30 करोड़ गाड़ियों की आवाज सुनी, जो खुद बोल नहीं सकतीं। चुनाव के बाद सिर्फ जनता के हित की बात होनी चाहिए। मैंने टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस हाइब्रिड गाड़ी ली थी। 12 हजार किमी चलने पर गाड़ी ने पिकअप लेना बंद कर दिया। देश के 1.03 लाख पेट्रोल पंपों में से मात्र पांच से सात हजार पेट्रोल पंप ही ई-20 के लायक हैं। सरकार 300 रुपए के रबर पार्ट बदलने की बात कहती है, लेकिन ई-20 से सबसे पहले 10 हजार से 1 लाख रुपए तक का फ्यूल पंप खराब होता है। मेरी गाड़ी खराब होने पर सर्विस सेंटर ने 7,960 रुपए का बिल बनाया, जिसमें 9 फीसद स्टेट और 9 फीसद सेंट्रल जीएसटी सरकार को गया। एक साल बाद गाड़ियों की सर्विसिंग कॉस्ट डेढ़ गुना हो जाएगी।

इथेनॉल बनाने के लिए नाइट्रोजन फर्टिलाइजर का इस्तेमाल होता है, जो कार्बन डाइऑक्साइड से 273 गुना ज्यादा खतरनाक है- डॉ. अनुपम सैनी, प्रोफेेसर

इस दौरान दिल्ली यूनिवर्सिटी के पर्यावरण अध्ययन के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनुपम सैनी ने कहा कि ई-20 के बारे में यह कड़वा सच छुपाया गया है कि इथेनॉल बनाने के लिए नाइट्रोजन फर्टिलाइजर का इस्तेमाल होता है, जो कार्बन डाइऑक्साइड से 273 गुना ज्यादा खतरनाक है। एक लीटर इथेनॉल बनाने में लगभग 40 से 50 फीसद कार्बन फुटप्रिंट जनरेट होता है। गाड़ियों के साइलेंसर से निकलने वाले धुएं की तुलना में खेतों से निकलने वाला यह जहरीला धुआं बहुत ज्यादा खतरनाक है। भारत में गन्ने से इथेनॉल बनाने के लिए औसतन 2500 से 3000 लीटर पानी का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि हमारा देश पानी के भारी संकट से जूझ रहा है। इसके अलावा देश में 70 फीसद बिजली अभी भी कोयले से बन रही है। एक लीटर पेट्रोल 10 से 20 यूनिट ऊर्जा देता है, जबकि इथेनॉल केवल डेढ़ से पांच यूनिट ऊर्जा पैदा करता है, जिससे गाड़ी की एफिशिएंसी काफी कम हो जाती है।

ई-20 पेट्रोल की वजह से मेरी नई बाइक का इंजन पूरी तरह खराब हो गया- नीरज झा, जोमैटो राइडर

वहीं, जोमैटो राइडर नीरज झा ने कहा कि मैं जोमैटो के लिए डिलीवरी राइडर का काम करता हूं। ई-20 पेट्रोल की वजह से मेरी नई बाइक का इंजन पूरी तरह से खराब हो गया है और मैं पिछले दो महीने से बेरोजगार बैठा हूं। पहले मैं 95 रुपए प्रति लीटर वाला पेट्रोल डलवाता था, लेकिन अब यह महंगा होकर 115 रुपए हो गया है। पहले मैं जोमैटो से काम करके महीने के 15 से 20 हजार रुपए आसानी से कमा लेता था, लेकिन अब काम बंद होने की वजह से मेरी कमाई पूरी तरह से रुक गई है। मेरी नई बाइक पहले बिल्कुल सही चल रही थी, लेकिन जब इंजन में दिक्कत आने पर मैंने उसे मैकेनिक से चेक कराया, तो उसने बताया कि इंजन में पानी चला गया है। जब मैंने खुद देखा तो सच में इंजन से पानी निकला। मुझे नहीं पता कि वह पानी इथेनॉल था या कुछ और था। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मेरी इस हालत के लिए असल में जिम्मेदार कौन है?

ई-20 की वजह से पुरानी गाड़ियों के कार्बोरेटर में सबसे ज्यादा दिक्कतें आ रही- आमिर खान, मैकेनिक

उधर, मोटर मैकेनिक आमिर खान ने कहा कि मुझे टू-व्हीलर और पेट्रोल गाड़ियों की रिपेयरिंग का 12 साल का लंबा अनुभव है। ई-20 पेट्रोल की वजह से पुरानी बीएस4 और बीएस3 गाड़ियों के कार्बाेरेटर में बहुत ज्यादा दिक्कतें आ रही हैं। अगर आप गाड़ी में ई-20 डलवाने के बाद उसे 15 से 20 दिन या एक महीने के लिए खड़ी कर देते हैं, तो कार्बाेरेटर के नीचे वाले हिस्से में जहां पेट्रोल इकट्ठा रहता है, वहां गाद और काई जम जाती है। वहां एक मीठा पदार्थ बन जाता है, जिससे कार्बाेरेटर पूरी तरह खराब हो जाता है और गाड़ी चलना बंद हो जाती है। यह दिक्कत पहले की गाड़ियों में नहीं आती थी। नई बीएस6 गाड़ियों में भी ई-20 डालने के बाद पिकअप और माइलेज बहुत ज्यादा ड्रॉप हो जाती है और रास्ते में चलते-चलते गाड़ी अचानक बंद हो जाती है। बीएस-6 बाइक के फ्यूल टैंक के अंदर एक फ्यूल पंप होता है जिसमें एक फिल्टर लगा होता है। ई-20 पेट्रोल की वजह से यह फिल्टर बहुत ही जल्दी चोक हो जाता है, जिसके कारण गाड़ियों की सर्विस कॉस्ट आज के समय में काफी ज्यादा बढ़ गई है।]]></content:encoded>
					
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		<title>चार अगस्त को ई-20 के खिलाफ आई 2 लाख पीटिशन लेकर प्रधानमंत्री से मिलने जाऊंगा- केजरीवाल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 02 Aug 2026 05:23:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
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		<category><![CDATA[PunjabNews]]></category>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ई-20 पेट्रोल के मुद्दे पर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। शनिवार को उन्होंने एलान किया कि वह 4 अगस्त (मंगलवार) को ई-20 के खिलाफ देश के लोगों से ऑनलाइन मिली पीटिशन को लेकर प्रधानमंत्री से मिलने उनके घर जाएंगे। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री से मिलने के लिए निकलूंगा। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि मेरे साथ प्रधानमंत्री के घर वहीं लोग चलें, जिन्हें डंडे और जेल जाने से डर नहीं लगता है। साथ ही उम्मीद जताई कि नेता विपक्ष को जहां तक जाने दिया था, उन्हें भी वहां तक जाने दिया जाएगा।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ दिन पहले मैंने देश के लोगों से प्रधानमंत्री के नाम पिटीशन साइन करने को कहा था। अब तक 2 लाख से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन पिटीशन साइन की है। मैंने उनके प्रिंट आउट ले लिए हैं और मंगलवार, 4 अगस्त को दोपहर 12 बजे सारी पिटीशन लेकर मैं खुद व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री को देने उनके घर जाऊंगा। सब लोगों को आने की जरूरत नहीं है। मैं अपने साथ सिर्फ 100 ऐसे लोग लेकर जाऊंगा जिन्हें डंडे या जेल जाने से डर नहीं लगता। जो लोग जाना चाहते हैं, वे मुझे टैग करके लिख दें। हम 100 लोगों को साथ ले जाएंगे और प्रधानमंत्री के घर की तरफ कूच करेंगे, फिर देखते हैं उसके बाद क्या होता है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, वे उन पर एफआईआर करा देते हैं। ऐसे बहुत सारे लोग हैं, जिनकी नाक में इन्होंने दम कर रखा है। इसका मतलब कुछ तो गड़बड़ है और ई-20 में गड़बड़ है। अगर ई-20 सही होता तो वे आमने-सामने बैठकर बात करते। दो सबूत हम रखते और दो सबूत वे रखते। लेकिन जब वे धमकी देकर कुछ करा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि कुछ गड़बड़ है। एलान करके प्रधानमंत्री आवास जाने और सिक्योरिटी से जुड़े सवाल पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जैसे नेता विपक्ष को जहां तक जाने दिया था, मुझे उम्मीद है कि हमें भी वहां तक तो जाने ही देंगे।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, ट्रंप के सामने कमजोर पड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री की कुछ तो मजबूरियां हैं, जिसकी वजह से उन्होंने पूरे देश को ट्रंप के सामने गिरवी रख दिया है और देशवासी बहुत दुखी हैं। प्रधानमंत्री की जो भी मजबूरियां हों, हम उनसे निवेदन करते हैं कि अगर वे अपनी मजबूरियों को फेस नहीं कर सकते, तो इस्तीफा दे दें। वे किसी और को प्रधानमंत्री बनने दें, जो कम से कम ट्रंप की आंखों में आंखें डालकर मुकाबला कर सके, लेकिन पूरे देश को दुखी न करें।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ई-20 पेट्रोल के मुद्दे पर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। शनिवार को उन्होंने एलान किया कि वह 4 अगस्त (मंगलवार) को ई-20 के खिलाफ देश के लोगों से ऑनलाइन मिली पीटिशन को लेकर प्रधानमंत्री से मिलने उनके घर जाएंगे। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री से मिलने के लिए निकलूंगा। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि मेरे साथ प्रधानमंत्री के घर वहीं लोग चलें, जिन्हें डंडे और जेल जाने से डर नहीं लगता है। साथ ही उम्मीद जताई कि नेता विपक्ष को जहां तक जाने दिया था, उन्हें भी वहां तक जाने दिया जाएगा।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ दिन पहले मैंने देश के लोगों से प्रधानमंत्री के नाम पिटीशन साइन करने को कहा था। अब तक 2 लाख से ज्यादा लोगों ने ऑनलाइन पिटीशन साइन की है। मैंने उनके प्रिंट आउट ले लिए हैं और मंगलवार, 4 अगस्त को दोपहर 12 बजे सारी पिटीशन लेकर मैं खुद व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री को देने उनके घर जाऊंगा। सब लोगों को आने की जरूरत नहीं है। मैं अपने साथ सिर्फ 100 ऐसे लोग लेकर जाऊंगा जिन्हें डंडे या जेल जाने से डर नहीं लगता। जो लोग जाना चाहते हैं, वे मुझे टैग करके लिख दें। हम 100 लोगों को साथ ले जाएंगे और प्रधानमंत्री के घर की तरफ कूच करेंगे, फिर देखते हैं उसके बाद क्या होता है?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, वे उन पर एफआईआर करा देते हैं। ऐसे बहुत सारे लोग हैं, जिनकी नाक में इन्होंने दम कर रखा है। इसका मतलब कुछ तो गड़बड़ है और ई-20 में गड़बड़ है। अगर ई-20 सही होता तो वे आमने-सामने बैठकर बात करते। दो सबूत हम रखते और दो सबूत वे रखते। लेकिन जब वे धमकी देकर कुछ करा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि कुछ गड़बड़ है। एलान करके प्रधानमंत्री आवास जाने और सिक्योरिटी से जुड़े सवाल पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जैसे नेता विपक्ष को जहां तक जाने दिया था, मुझे उम्मीद है कि हमें भी वहां तक तो जाने ही देंगे।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, ट्रंप के सामने कमजोर पड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री की कुछ तो मजबूरियां हैं, जिसकी वजह से उन्होंने पूरे देश को ट्रंप के सामने गिरवी रख दिया है और देशवासी बहुत दुखी हैं। प्रधानमंत्री की जो भी मजबूरियां हों, हम उनसे निवेदन करते हैं कि अगर वे अपनी मजबूरियों को फेस नहीं कर सकते, तो इस्तीफा दे दें। वे किसी और को प्रधानमंत्री बनने दें, जो कम से कम ट्रंप की आंखों में आंखें डालकर मुकाबला कर सके, लेकिन पूरे देश को दुखी न करें।]]></content:encoded>
					
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		<title>कुलगाम में पहलगाम जैसी वारदात, नाम पूछकर दो मजदूरों को मारी गोली</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Aug 2026 10:45:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[AttackIncident]]></category>
		<category><![CDATA[JammuAndKashmir]]></category>
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					<description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार रात आतंकवादियों ने एक बार फिर कायराना हमला करते हुए ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों को गोली मार दी। इस हमले में दोनों मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर आतंकियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। लश्कर-ए-तैयबा के फ्रंट संगठन <strong>द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF)</strong> ने हमले की जिम्मेदारी ली है और आने वाले दिनों में ऐसे और हमले करने की धमकी भी दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 8:15 बजे दो हथियारबंद आतंकवादी कुलगाम के केलम इलाके में स्थित एक ईंट-भट्ठे पर पहुंचे और दो मजदूरों पर नजदीक से गोलियां चला दीं। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने पहले दोनों की पहचान पूछी और फिर उन्हें निशाना बनाया। दोनों मजदूर पास ही किराए के मकान में रहते थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">गोली लगने के बाद दोनों मजदूर जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद आतंकी मौके से फरार हो गए। आतंकियों के भागने के बाद साथी मजदूरों और स्थानीय लोगों ने घायलों को तुरंत अनंतनाग सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने 24 वर्षीय दीपक रात्रे को मृत घोषित कर दिया, जबकि 28 वर्षीय भूपेंद्र ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">डॉक्टरों के अनुसार, दीपक के सीने और भूपेंद्र के पेट में गोली लगी थी। भूपेंद्र को गंभीर हालत में श्रीनगर के <strong>SKIMS</strong> अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।</p>
गौरतलब है कि पिछले नौ दिनों में कश्मीर में यह दूसरा लक्षित आतंकी हमला है। इससे पहले 22 जुलाई को अनंतनाग के लाल चौक इलाके में श्री अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी की भी आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार रात आतंकवादियों ने एक बार फिर कायराना हमला करते हुए ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों को गोली मार दी। इस हमले में दोनों मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर आतंकियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। लश्कर-ए-तैयबा के फ्रंट संगठन <strong>द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF)</strong> ने हमले की जिम्मेदारी ली है और आने वाले दिनों में ऐसे और हमले करने की धमकी भी दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 8:15 बजे दो हथियारबंद आतंकवादी कुलगाम के केलम इलाके में स्थित एक ईंट-भट्ठे पर पहुंचे और दो मजदूरों पर नजदीक से गोलियां चला दीं। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने पहले दोनों की पहचान पूछी और फिर उन्हें निशाना बनाया। दोनों मजदूर पास ही किराए के मकान में रहते थे।</p>
<p class="isSelectedEnd">गोली लगने के बाद दोनों मजदूर जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद आतंकी मौके से फरार हो गए। आतंकियों के भागने के बाद साथी मजदूरों और स्थानीय लोगों ने घायलों को तुरंत अनंतनाग सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने 24 वर्षीय दीपक रात्रे को मृत घोषित कर दिया, जबकि 28 वर्षीय भूपेंद्र ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।</p>
<p class="isSelectedEnd">डॉक्टरों के अनुसार, दीपक के सीने और भूपेंद्र के पेट में गोली लगी थी। भूपेंद्र को गंभीर हालत में श्रीनगर के <strong>SKIMS</strong> अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।</p>
गौरतलब है कि पिछले नौ दिनों में कश्मीर में यह दूसरा लक्षित आतंकी हमला है। इससे पहले 22 जुलाई को अनंतनाग के लाल चौक इलाके में श्री अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी की भी आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।]]></content:encoded>
					
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		<title>‘‘आप’’ का नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट ई-20 शनिवार को, देश भर के लोग रखेंगे अपने विचार</title>
		<link>https://trendstopic.in/aaps-national-townhall-against-e-20-on-saturday-people-across-the-country-will-share-their-views/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Aug 2026 07:06:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[arvind kejriwal]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News]]></category>
		<category><![CDATA[TrendingNews]]></category>
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					<description><![CDATA[<span lang="HI">आम आदमी पार्टी की ओर से शनिवार को दिल्ली के कॉस्टीट्यूशन क्लब में नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट ई-</span>20<span lang="HI"> का आयोजन किया जाएगा। इस टाउनहॉल में ई-</span>20<span lang="HI"> से प्रभावित देश भर लोग ऑननलाइन या ऑफलाइन शामिल होकर अपने विचार रखेंगे। ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बताया कि नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट ई-</span>20<span lang="HI"> में लोगों की समस्याएं सुनने के लिए और ई-</span>20<span lang="HI"> पर “निर्णय” लेने के लिए मेरे साथ देश की एक जानी मानी शख्सियत मौजूद होगी। उन्होंने देश के लोगों से अपील की है कि आप भी अपनी बात रखने के लिए टाउनहॉल में ऑफलाइन या ऑनललाइन जरूर जुड़ें।</span>

&nbsp;

<span lang="HI">उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी ई-</span>20<span lang="HI"> पेट्रोल से गाड़ियों पर पड़ रहे असर के मुद्दे को लगातार उठा रही है। केंद्र सरकार ई-</span>20<span lang="HI"> को पुरानी गाड़ियों के लिए भी सुरक्षित बता रही है</span>, <span lang="HI">जबकि इसके इस्तेमाल से पुरानी गाड़ियां खराब हो रही हैं और माइलेज भी गिर रही है। इस बाबत ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश में स्थित </span>29 <span lang="HI">ऑटो निर्माता कंपनियों को पत्र लिखकर उन्हें लिखित में स्पष्ट करने की भी अपील की थी कि क्या ई-</span>20<span lang="HI"> पुरानी गाड़ियों के लिए सुरक्षित है</span>, <span lang="HI">क्या इसके इस्तेमाल से गाड़ियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। उन्होंने पूछा था कि अगर ई-</span>20<span lang="HI"> के इस्तेमाल से गाड़ियां खराब होती हैं तो उसका हर्जाना कौन देगा</span>? <span lang="HI">अरविंद केजरीवाल के इस पत्र का किसी भी ऑटो निर्माता कंपनी ने जवाब नहीं दिया है। हलांकि </span>9<span lang="HI"> कंपनियों ने अरविंद केजरीवाल के साथ हुई मीटिंग में मौखिक तौर पर बताया कि ई-</span>20<span lang="HI"> पुरानी गाड़ियों के लिए सुरक्षित नहीं है।</span>

&nbsp;

<span lang="HI">वहीं</span>, <span lang="HI">बीते सोमवार को अरविंद केजरीवाल ने प्रेसवार्ता कर ई-</span>20 <span lang="HI">के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा करने को लेकर नेशनल टाउन हॉल अगेंस्ट ई-</span>20 <span lang="HI">आयोजित करने का एलान किया था। इसमें ऑनलाइन और ऑफ लाइन दोनों तरह से लोग जुड़ सकते हैं। पार्टी ने ऑनलाइन जुड़ने के लिंक जारी किया था। हजारों लोगों ने टाउनहॉल से ऑनलाइन जुड़ने को लेकर दिलचस्पी दिखाई है</span>, <span lang="HI">जबकि दिल्ली और एनसीआर से बड़ी संख्या में लोग टाउनहॉल में फिजिकली शामिल होंगे।</span>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<span lang="HI">आम आदमी पार्टी की ओर से शनिवार को दिल्ली के कॉस्टीट्यूशन क्लब में नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट ई-</span>20<span lang="HI"> का आयोजन किया जाएगा। इस टाउनहॉल में ई-</span>20<span lang="HI"> से प्रभावित देश भर लोग ऑननलाइन या ऑफलाइन शामिल होकर अपने विचार रखेंगे। ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बताया कि नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट ई-</span>20<span lang="HI"> में लोगों की समस्याएं सुनने के लिए और ई-</span>20<span lang="HI"> पर “निर्णय” लेने के लिए मेरे साथ देश की एक जानी मानी शख्सियत मौजूद होगी। उन्होंने देश के लोगों से अपील की है कि आप भी अपनी बात रखने के लिए टाउनहॉल में ऑफलाइन या ऑनललाइन जरूर जुड़ें।</span>

&nbsp;

<span lang="HI">उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी ई-</span>20<span lang="HI"> पेट्रोल से गाड़ियों पर पड़ रहे असर के मुद्दे को लगातार उठा रही है। केंद्र सरकार ई-</span>20<span lang="HI"> को पुरानी गाड़ियों के लिए भी सुरक्षित बता रही है</span>, <span lang="HI">जबकि इसके इस्तेमाल से पुरानी गाड़ियां खराब हो रही हैं और माइलेज भी गिर रही है। इस बाबत ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश में स्थित </span>29 <span lang="HI">ऑटो निर्माता कंपनियों को पत्र लिखकर उन्हें लिखित में स्पष्ट करने की भी अपील की थी कि क्या ई-</span>20<span lang="HI"> पुरानी गाड़ियों के लिए सुरक्षित है</span>, <span lang="HI">क्या इसके इस्तेमाल से गाड़ियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। उन्होंने पूछा था कि अगर ई-</span>20<span lang="HI"> के इस्तेमाल से गाड़ियां खराब होती हैं तो उसका हर्जाना कौन देगा</span>? <span lang="HI">अरविंद केजरीवाल के इस पत्र का किसी भी ऑटो निर्माता कंपनी ने जवाब नहीं दिया है। हलांकि </span>9<span lang="HI"> कंपनियों ने अरविंद केजरीवाल के साथ हुई मीटिंग में मौखिक तौर पर बताया कि ई-</span>20<span lang="HI"> पुरानी गाड़ियों के लिए सुरक्षित नहीं है।</span>

&nbsp;

<span lang="HI">वहीं</span>, <span lang="HI">बीते सोमवार को अरविंद केजरीवाल ने प्रेसवार्ता कर ई-</span>20 <span lang="HI">के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा करने को लेकर नेशनल टाउन हॉल अगेंस्ट ई-</span>20 <span lang="HI">आयोजित करने का एलान किया था। इसमें ऑनलाइन और ऑफ लाइन दोनों तरह से लोग जुड़ सकते हैं। पार्टी ने ऑनलाइन जुड़ने के लिंक जारी किया था। हजारों लोगों ने टाउनहॉल से ऑनलाइन जुड़ने को लेकर दिलचस्पी दिखाई है</span>, <span lang="HI">जबकि दिल्ली और एनसीआर से बड़ी संख्या में लोग टाउनहॉल में फिजिकली शामिल होंगे।</span>]]></content:encoded>
					
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		<title>भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का बदला रंग, अब केसरिया जर्सी में नजर आएंगे खिलाड़ी</title>
		<link>https://trendstopic.in/indian-hockey-teams-jersey-color-changed-players-will-now-be-seen-in-saffron-jerseys/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Jul 2026 11:17:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[खेल]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[news]]></category>
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					<description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">15 अगस्त से शुरू होने जा रहे हॉकी विश्व कप 2026 से पहले हॉकी इंडिया ने भारतीय टीम की नई जर्सी लॉन्च कर दी है। बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम इस बार केसरिया (नारंगी) रंग की जर्सी पहनकर मैदान में उतरेगी। आमतौर पर क्रिकेट, हॉकी और फुटबॉल में भारतीय टीम की पहचान नीली जर्सी से रही है, ऐसे में रंग बदलने के इस फैसले ने खेल जगत में चर्चा छेड़ दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान वीरेन रसकिन्हा ने भी इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि हॉकी इंडिया ने भारतीय हॉकी के लिए कई अच्छे काम किए हैं, लेकिन जर्सी का रंग बदलना निराशाजनक है। उनके अनुसार, नीला रंग भारतीय हॉकी की पहचान और विरासत का प्रतीक रहा है तथा खिलाड़ियों और प्रशंसकों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने यह भी पूछा कि आखिर केसरिया रंग चुनने के पीछे क्या वजह है।</p>
<p class="isSelectedEnd">विवाद के बाद हॉकी इंडिया ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि जर्सी का रंग बदलने का फैसला कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद लिया गया है। संस्था के अनुसार, इसका मुख्य कारण तकनीकी है। अंतरराष्ट्रीय हॉकी में इस्तेमाल होने वाली नीली सिंथेटिक पिच पर नीली जर्सी कई बार पृष्ठभूमि में मिल जाती थी, जिससे खिलाड़ियों को मैदान पर अपने साथियों को स्पष्ट रूप से पहचानने में कठिनाई होती थी।</p>
हॉकी इंडिया ने बताया कि इसी कारण कोचों और खिलाड़ियों ने पीले और नारंगी जैसे रंगों पर विचार किया और विस्तृत चर्चा के बाद केसरिया (नारंगी) रंग को अंतिम रूप दिया गया। संस्था का कहना है कि यह रंग न केवल तकनीकी जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि भारत के राष्ट्रीय ध्वज के प्रमुख रंगों में से एक होने के कारण साहस, त्याग और राष्ट्रीय गौरव का भी प्रतीक है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">15 अगस्त से शुरू होने जा रहे हॉकी विश्व कप 2026 से पहले हॉकी इंडिया ने भारतीय टीम की नई जर्सी लॉन्च कर दी है। बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम इस बार केसरिया (नारंगी) रंग की जर्सी पहनकर मैदान में उतरेगी। आमतौर पर क्रिकेट, हॉकी और फुटबॉल में भारतीय टीम की पहचान नीली जर्सी से रही है, ऐसे में रंग बदलने के इस फैसले ने खेल जगत में चर्चा छेड़ दी है।</p>
<p class="isSelectedEnd">भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान वीरेन रसकिन्हा ने भी इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि हॉकी इंडिया ने भारतीय हॉकी के लिए कई अच्छे काम किए हैं, लेकिन जर्सी का रंग बदलना निराशाजनक है। उनके अनुसार, नीला रंग भारतीय हॉकी की पहचान और विरासत का प्रतीक रहा है तथा खिलाड़ियों और प्रशंसकों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने यह भी पूछा कि आखिर केसरिया रंग चुनने के पीछे क्या वजह है।</p>
<p class="isSelectedEnd">विवाद के बाद हॉकी इंडिया ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि जर्सी का रंग बदलने का फैसला कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद लिया गया है। संस्था के अनुसार, इसका मुख्य कारण तकनीकी है। अंतरराष्ट्रीय हॉकी में इस्तेमाल होने वाली नीली सिंथेटिक पिच पर नीली जर्सी कई बार पृष्ठभूमि में मिल जाती थी, जिससे खिलाड़ियों को मैदान पर अपने साथियों को स्पष्ट रूप से पहचानने में कठिनाई होती थी।</p>
हॉकी इंडिया ने बताया कि इसी कारण कोचों और खिलाड़ियों ने पीले और नारंगी जैसे रंगों पर विचार किया और विस्तृत चर्चा के बाद केसरिया (नारंगी) रंग को अंतिम रूप दिया गया। संस्था का कहना है कि यह रंग न केवल तकनीकी जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि भारत के राष्ट्रीय ध्वज के प्रमुख रंगों में से एक होने के कारण साहस, त्याग और राष्ट्रीय गौरव का भी प्रतीक है।]]></content:encoded>
					
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		<title>E-20 पेट्रोल पर नितिन गडकरी का बड़ा बयान, पुरानी गाड़ियों के कुछ पुर्जों पर पड़ सकता है असर</title>
		<link>https://trendstopic.in/nitin-gadkaris-major-statement-on-e-20-petrol-certain-parts-of-older-vehicles-could-be-affected/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Jul 2026 06:59:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[news]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://trendstopic.in/?p=33500</guid>

					<description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">केंद्र सरकार ने पहली बार स्वीकार किया है कि E-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कुछ पुरानी गाड़ियों के कुछ पुर्जों पर असर पड़ सकता है। यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब के दौरान दी।</p>
<p class="isSelectedEnd">नितिन गडकरी ने बताया कि BS-3 मानक वाली, विशेष रूप से वर्ष 2005 से 2016 के बीच निर्मित कुछ गाड़ियों में E-20 पेट्रोल के उपयोग से रबर के कुछ पुर्जों और गैस्केट को बदलने की आवश्यकता पड़ सकती है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि ये पुर्जे सामान्य सर्विसिंग के दौरान आसानी से बदले जा सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने यह भी कहा कि E-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों की कुल प्रदर्शन क्षमता (परफॉर्मेंस) या टिकाऊपन पर कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं देखा गया है और न ही इंजन में किसी प्रकार का बदलाव कराने की जरूरत है। इस मुद्दे पर नितिन गडकरी का यह पहला सार्वजनिक बयान माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने पुरानी गाड़ियों के कुछ पुर्जों पर संभावित प्रभाव का उल्लेख किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इंडियन ऑयल, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम, सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) और ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) द्वारा दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर E-20 ईंधन के प्रभाव को लेकर अध्ययन किया गया था।</p>
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी वाहन की माइलेज केवल ईंधन पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उसकी नियमित देखभाल, समय पर सर्विसिंग और अन्य तकनीकी कारकों का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि दुनिया के कई देशों में E-20 ईंधन का उपयोग एक सदी से भी अधिक समय से किया जा रहा है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="isSelectedEnd">केंद्र सरकार ने पहली बार स्वीकार किया है कि E-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कुछ पुरानी गाड़ियों के कुछ पुर्जों पर असर पड़ सकता है। यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब के दौरान दी।</p>
<p class="isSelectedEnd">नितिन गडकरी ने बताया कि BS-3 मानक वाली, विशेष रूप से वर्ष 2005 से 2016 के बीच निर्मित कुछ गाड़ियों में E-20 पेट्रोल के उपयोग से रबर के कुछ पुर्जों और गैस्केट को बदलने की आवश्यकता पड़ सकती है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि ये पुर्जे सामान्य सर्विसिंग के दौरान आसानी से बदले जा सकते हैं।</p>
<p class="isSelectedEnd">उन्होंने यह भी कहा कि E-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों की कुल प्रदर्शन क्षमता (परफॉर्मेंस) या टिकाऊपन पर कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव नहीं देखा गया है और न ही इंजन में किसी प्रकार का बदलाव कराने की जरूरत है। इस मुद्दे पर नितिन गडकरी का यह पहला सार्वजनिक बयान माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने पुरानी गाड़ियों के कुछ पुर्जों पर संभावित प्रभाव का उल्लेख किया है।</p>
<p class="isSelectedEnd">केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इंडियन ऑयल, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम, सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) और ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) द्वारा दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर E-20 ईंधन के प्रभाव को लेकर अध्ययन किया गया था।</p>
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी वाहन की माइलेज केवल ईंधन पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उसकी नियमित देखभाल, समय पर सर्विसिंग और अन्य तकनीकी कारकों का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि दुनिया के कई देशों में E-20 ईंधन का उपयोग एक सदी से भी अधिक समय से किया जा रहा है।]]></content:encoded>
					
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		<title>धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लोकतंत्र की सबसे बड़ी जीत, पूरे देश को बधाई- केजरीवाल</title>
		<link>https://trendstopic.in/dharmendra-pradhans-resignation-is-the-biggest-victory-for-democracy-congratulations-to-the-entire-nation-kejriwal/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Jul 2026 05:39:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[BreakingNews]]></category>
		<category><![CDATA[news]]></category>
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					<description><![CDATA[आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर देश के लोगों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लोकतंत्र की सबसे बड़ी जीत है। देश के युवाओं का संघर्ष रंग लाया और अंततः धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ा। उन्होंने कहा कि देश के लोगों का जनतंत्र से भरोसा उठा गया था। सरकारें लोगों की बात सुनती ही नहीं थीं। लेकिन अब सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि यह लोकतंत्र है और लोकतंत्र में सरकार को जनता की बात सुननी ही पड़ेगी। देश के लोगों को उम्मीद है कि सरकार परीक्षा सिस्टम में सुधार कर फिर कभी पेपर लीक नहीं होने देगी और हमारे बच्चों को कभी आत्महत्या नहीं करनी पड़ेगी।

&nbsp;

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे देश के युवाओं और जेन-जी को बहुत-बहुत बधाई। यह बहुत खुशी की बात है कि आप लोगों का संघर्ष रंग लाया और आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। यह पूरे लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है। हमारे देश में लोगों का जनतंत्र से भरोसा ही उठ गया था और लोगों को लगने लगा था कि सरकारें सुनती ही नहीं हैं। जनता सरकारों के सामने चिल्लाती, गिड़गिड़ाती रहती थी। हर बात के लिए हम सरकार के आगे हाथ जोड़ते रहते थे, पैर पकड़ते थे, लेकिन सरकारें कभी सुनती नहीं थीं।

&nbsp;

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इतना बड़ा संघर्ष हुआ और अंततः सरकार के अहंकार को जनता के सामने झुकना ही पड़ा। यह बहुत बड़ी जीत है, यह पूरे जनतंत्र और लोकतंत्र की जीत है। सरकार को भी अब समझ लेना चाहिए कि आपको जनता की बात सुननी ही पड़ेगी, क्योंकि यह लोकतंत्र है। लोकतंत्र जनता का, जनता द्वारा और जनता के लिए होता है। उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार अब नीट के पूरे सिस्टम को ठीक करेगी ताकि इस देश के अंदर आगे से पेपर लीक होना बंद हो जाए और हमारे बच्चों को फिर कभी आत्महत्या न करनी पड़े।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर देश के लोगों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लोकतंत्र की सबसे बड़ी जीत है। देश के युवाओं का संघर्ष रंग लाया और अंततः धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ा। उन्होंने कहा कि देश के लोगों का जनतंत्र से भरोसा उठा गया था। सरकारें लोगों की बात सुनती ही नहीं थीं। लेकिन अब सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि यह लोकतंत्र है और लोकतंत्र में सरकार को जनता की बात सुननी ही पड़ेगी। देश के लोगों को उम्मीद है कि सरकार परीक्षा सिस्टम में सुधार कर फिर कभी पेपर लीक नहीं होने देगी और हमारे बच्चों को कभी आत्महत्या नहीं करनी पड़ेगी।

&nbsp;

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे देश के युवाओं और जेन-जी को बहुत-बहुत बधाई। यह बहुत खुशी की बात है कि आप लोगों का संघर्ष रंग लाया और आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। यह पूरे लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है। हमारे देश में लोगों का जनतंत्र से भरोसा ही उठ गया था और लोगों को लगने लगा था कि सरकारें सुनती ही नहीं हैं। जनता सरकारों के सामने चिल्लाती, गिड़गिड़ाती रहती थी। हर बात के लिए हम सरकार के आगे हाथ जोड़ते रहते थे, पैर पकड़ते थे, लेकिन सरकारें कभी सुनती नहीं थीं।

&nbsp;

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इतना बड़ा संघर्ष हुआ और अंततः सरकार के अहंकार को जनता के सामने झुकना ही पड़ा। यह बहुत बड़ी जीत है, यह पूरे जनतंत्र और लोकतंत्र की जीत है। सरकार को भी अब समझ लेना चाहिए कि आपको जनता की बात सुननी ही पड़ेगी, क्योंकि यह लोकतंत्र है। लोकतंत्र जनता का, जनता द्वारा और जनता के लिए होता है। उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार अब नीट के पूरे सिस्टम को ठीक करेगी ताकि इस देश के अंदर आगे से पेपर लीक होना बंद हो जाए और हमारे बच्चों को फिर कभी आत्महत्या न करनी पड़े।]]></content:encoded>
					
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