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	<title>हिमाचल &#8211; Trends Topic</title>
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	<title>हिमाचल &#8211; Trends Topic</title>
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	<item>
		<title>एंट्री फीस पर बैक फुट पर हिमाचल सरकार, जानें आपको पहनी गाड़ी के लिए कितना देना होगा toll?</title>
		<link>https://trendstopic.in/himachal-government-on-back-foot-on-entry-fee-know-how-much-toll-you-will-have-to-pay-for-worn-out-vehicle/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Apr 2026 07:10:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिमाचल]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[news]]></category>
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					<description><![CDATA[<!-- wp:paragraph -->

हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए टोल और एंट्री टैक्स के ढांचे में बदलाव किया है. यह बदलाव राज्य सरकार ने हरियाणा और पंजाब के विरोध के बाद दिया है. सरकार ने मार्च में पहले जारी की गई दरों में संशोधन करते हुए, नीति को तर्कसंगत बनाने के बाद वाहनों की कई श्रेणियों को राहत दी है. सरकार ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है.

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

पिछले महीने राज्य सरकार ने वाहनों की सभी श्रेणियों के लिए टोल की दरें अधिक निर्धारित की गई थीं. इनमें यात्री वाहनों (12+1 क्षमता तक) के लिए 130 रुपये प्रतिदिन, हल्के वाणिज्यिक यात्री वाहनों के लिए 200 रुपये और बड़े आकार के मल्टी-एक्सल वाहनों के लिए 900 रुपये तक की दरें शामिल थीं.

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:heading {"level":3} -->
<h3 class="wp-block-heading">कितना कम किया गया टोल?</h3>
<!-- /wp:heading --> <!-- wp:paragraph -->

&nbsp;

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विरोध प्रदर्शनों और उसके बाद कैबिनेट द्वारा समीक्षा किए जाने के बाद, सरकार ने यात्री वाहनों के लिए टोल घटाकर 100 रुपये प्रतिदिन कर दिया है. यह संशोधित दर उन गैर-हिमाचल पंजीकृत वाहनों पर भी लागू होगी, जिनकी क्षमता 12 सीटों तक है. इन वाहनों को पहले 130 रुपये का भुगतान करना पड़ता था.

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

संशोधित नीति के तहत, सरकार ने हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत हल्के मोटर वाहनों के लिए दी जाने वाली छूट का दायरा भी बढ़ाया है. अब मोटर वाहन अधिनियम के तहत आने वाले निजी और वाणिज्यिक दोनों प्रकार के वाहनों (टैक्सी सहित) को इस छूट का लाभ मिलेगा.

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

टोल बैरियर के निकट रहने वाले निवासियों को भी अतिरिक्त राहत प्रदान की गई है. अब वह पांच किलोमीटर के दायरे में रियायती टोकन निःशुल्क प्राप्त करने के पात्र होंगे. हालांकि, इसके लिए उन्हें सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी किए गए निवास प्रमाण पत्र के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करानी होगी.

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:heading {"level":3} -->
<h3 class="wp-block-heading">पंजाब ने दी थी ये चेतावनी</h3>
<!-- /wp:heading --> <!-- wp:paragraph -->

&nbsp;

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

मार्च में हिमाचल सरकार ने जो टोल दरे निर्धारित की थी. उसका विरोध पंजाब और हरियाणा ने किया था. वहीं पंजाब के लोगों ने 31 मार्च की रात 12 बजे से हिमाचल के एंट्री पॉइंट बंद करने की भी चेतावनी दी थी. वहीं इसे लेकर विधानसभा के बाद बीजेपी विधायकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था.

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:heading {"level":3} -->
<h3 class="wp-block-heading">आज से ये चीजें हुई महंगी</h3>
<!-- /wp:heading --> <!-- wp:paragraph -->

&nbsp;

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

हिमाचल सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खेती से जुड़े उत्पादों के एमएसपी में बढ़ोतरी की है. गेहूं, मक्का व अन्य फसलों का एमएसपी बढ़ाया गया है. हल्दी का एमएसपी 150 रुपये प्रति किलो किया है. अदरक का एमएसपी 30 रुपये तय किया है. वहीं गाय का दूध 61 व भैंस का 71 रुपये प्रति किलो की दर से सरकार खरीद करेगी.

<!-- /wp:paragraph -->]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<!-- wp:paragraph -->

हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए टोल और एंट्री टैक्स के ढांचे में बदलाव किया है. यह बदलाव राज्य सरकार ने हरियाणा और पंजाब के विरोध के बाद दिया है. सरकार ने मार्च में पहले जारी की गई दरों में संशोधन करते हुए, नीति को तर्कसंगत बनाने के बाद वाहनों की कई श्रेणियों को राहत दी है. सरकार ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है.

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

पिछले महीने राज्य सरकार ने वाहनों की सभी श्रेणियों के लिए टोल की दरें अधिक निर्धारित की गई थीं. इनमें यात्री वाहनों (12+1 क्षमता तक) के लिए 130 रुपये प्रतिदिन, हल्के वाणिज्यिक यात्री वाहनों के लिए 200 रुपये और बड़े आकार के मल्टी-एक्सल वाहनों के लिए 900 रुपये तक की दरें शामिल थीं.

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<h3 class="wp-block-heading">कितना कम किया गया टोल?</h3>
<!-- /wp:heading --> <!-- wp:paragraph -->

&nbsp;

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विरोध प्रदर्शनों और उसके बाद कैबिनेट द्वारा समीक्षा किए जाने के बाद, सरकार ने यात्री वाहनों के लिए टोल घटाकर 100 रुपये प्रतिदिन कर दिया है. यह संशोधित दर उन गैर-हिमाचल पंजीकृत वाहनों पर भी लागू होगी, जिनकी क्षमता 12 सीटों तक है. इन वाहनों को पहले 130 रुपये का भुगतान करना पड़ता था.

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

संशोधित नीति के तहत, सरकार ने हिमाचल प्रदेश में पंजीकृत हल्के मोटर वाहनों के लिए दी जाने वाली छूट का दायरा भी बढ़ाया है. अब मोटर वाहन अधिनियम के तहत आने वाले निजी और वाणिज्यिक दोनों प्रकार के वाहनों (टैक्सी सहित) को इस छूट का लाभ मिलेगा.

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टोल बैरियर के निकट रहने वाले निवासियों को भी अतिरिक्त राहत प्रदान की गई है. अब वह पांच किलोमीटर के दायरे में रियायती टोकन निःशुल्क प्राप्त करने के पात्र होंगे. हालांकि, इसके लिए उन्हें सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी किए गए निवास प्रमाण पत्र के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करानी होगी.

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<h3 class="wp-block-heading">पंजाब ने दी थी ये चेतावनी</h3>
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&nbsp;

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मार्च में हिमाचल सरकार ने जो टोल दरे निर्धारित की थी. उसका विरोध पंजाब और हरियाणा ने किया था. वहीं पंजाब के लोगों ने 31 मार्च की रात 12 बजे से हिमाचल के एंट्री पॉइंट बंद करने की भी चेतावनी दी थी. वहीं इसे लेकर विधानसभा के बाद बीजेपी विधायकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था.

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<h3 class="wp-block-heading">आज से ये चीजें हुई महंगी</h3>
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&nbsp;

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हिमाचल सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खेती से जुड़े उत्पादों के एमएसपी में बढ़ोतरी की है. गेहूं, मक्का व अन्य फसलों का एमएसपी बढ़ाया गया है. हल्दी का एमएसपी 150 रुपये प्रति किलो किया है. अदरक का एमएसपी 30 रुपये तय किया है. वहीं गाय का दूध 61 व भैंस का 71 रुपये प्रति किलो की दर से सरकार खरीद करेगी.

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		<title>हिमाचल में भारी बर्फबारी की चेतावनी आज:Tourists को ऊंचे क्षेत्रों में नहीं जाने की Advisory</title>
		<link>https://trendstopic.in/warning-of-heavy-snowfall-in-himachal-today-advisory-to-tourists-not-to-go-to-higher-areas/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 06:12:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिमाचल]]></category>
		<category><![CDATA[HimachalPradesh]]></category>
		<category><![CDATA[news]]></category>
		<category><![CDATA[weather]]></category>
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					<description><![CDATA[<p class="">हिमाचल प्रदेश में अगले 24 घंटे तक भारी बर्फबारी की चेतावनी दी गई है। स्नोफॉल के साथ बर्फीले तूफान, शीतलहर और ओलावृष्टि का भी अलर्ट दिया गया है। इस दौरान- टूरिस्ट समेत लोकल लोगों को अधिक ऊंचे क्षेत्रों की यात्राएं टालने की सलाह दी गई है।</p>
<p class="">लाहौल स्पीति, चंबा, कुल्लू और किन्नौर जिला की अधिक ऊंची चोटियों पर एक दो स्पेल में भारी हिमपात हो सकता है। शिमला, मंडी, कांगड़ा, सिरमौर और सोलन जिला के अधिक ऊंचे भागों में भी बर्फ गिरने के आसार है। निचले व मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में इस दौरान तेज बारिश हो सकती है।</p>
<p class="">मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए DC कुल्लू तोरुल एस रवीश ने आज मनाली और बंजार सब डिवीजन के सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी का निर्णय लिया है।</p>

<div class="f3e032cb "><picture class="c62bd949  "><source srcset="https://images.bhaskarassets.com/webp/thumb/360x0/web2images/521/2026/01/26/gifs31_1769438031.gif" type="image/webp" media="(max-width: 768px)" /><source srcset="https://images.bhaskarassets.com/webp/thumb/512x0/web2images/521/2026/01/26/gifs31_1769438031.gif" type="image/webp" media="(min-width: 768px)" /><img class="f97587ba " src="https://images.bhaskarassets.com/web2images/521/2026/01/26/gifs31_1769438031.gif" alt="हिमाचल में आज भारी बर्फबारी की चेतावनी।" width="500" height="375" /></picture></div>
<div class="f46ba790">हिमाचल में आज भारी बर्फबारी की चेतावनी।</div>
<p class="">प्रदेश के ज्यादातर भागों में बीती रात से ही मौसम बदल गया है। लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी 10 जिलों में आज 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी-तूफान चलने का पूर्वानुमान है। इसी तरह, 10 जिलों में आज शीतलहर का भी यलो अलर्ट दिया गया है।</p>
<p class="">इससे तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आएगी। ऊना, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर जिला में कल ओलावृष्टि का भी पूर्वानुमान है।</p>
<p class=""><strong>31 जनवरी को फिर अच्छी बारिश-बर्फबारी</strong></p>
<p class="">कल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर पड़ेगा। इससे 28 व 29 जनवरी को ऊंचे क्षेत्रों में ही हल्की बारिश-बर्फबारी होगी। निचले इलाकों में मौसम साफ रहेगा। 30 जनवरी को मौसम पूरे प्रदेश में साफ हो जाएगा। 31 जनवरी को फिर से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। इससे एक फरवरी तक अच्छी बारिश-बर्फबारी के आसार बन रहे हैं।</p>

<div class="f3e032cb "><picture class="c62bd949  "><source srcset="https://images.bhaskarassets.com/webp/thumb/360x0/web2images/521/2026/01/26/gifs34_1769438118.gif" type="image/webp" media="(max-width: 768px)" /><source srcset="https://images.bhaskarassets.com/webp/thumb/512x0/web2images/521/2026/01/26/gifs34_1769438118.gif" type="image/webp" media="(min-width: 768px)" /><img class="f97587ba " src="https://images.bhaskarassets.com/web2images/521/2026/01/26/gifs34_1769438118.gif" alt="शिमला-ठियोग एनएच पर फिसलन कम करने के लिए मिट्‌टी डालते हुए PWD के मजदूर।" width="500" height="375" /></picture></div>
<div class="f46ba790">शिमला-ठियोग एनएच पर फिसलन कम करने के लिए मिट्‌टी डालते हुए PWD के मजदूर।</div>
<p class=""><strong>प्रदेश में 3 NH समेत 750 सड़कें</strong></p>
<p class="">प्रदेश में बीते शुक्रवार की भारी बारिश-बर्फबारी के कारण पहले ही 3 नेशनल हाईवे समेत 750 सड़कें, 1500 बिजली के ट्रांसफॉर्मर और 175 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी है। सड़कें बंद होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। आम जनता के साथ साथ टूरिस्ट भी परेशान है। ऐसे में फिर से बर्फबारी का अलर्ट लोगों की परेशानियां बढ़ाएगा।</p>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="">हिमाचल प्रदेश में अगले 24 घंटे तक भारी बर्फबारी की चेतावनी दी गई है। स्नोफॉल के साथ बर्फीले तूफान, शीतलहर और ओलावृष्टि का भी अलर्ट दिया गया है। इस दौरान- टूरिस्ट समेत लोकल लोगों को अधिक ऊंचे क्षेत्रों की यात्राएं टालने की सलाह दी गई है।</p>
<p class="">लाहौल स्पीति, चंबा, कुल्लू और किन्नौर जिला की अधिक ऊंची चोटियों पर एक दो स्पेल में भारी हिमपात हो सकता है। शिमला, मंडी, कांगड़ा, सिरमौर और सोलन जिला के अधिक ऊंचे भागों में भी बर्फ गिरने के आसार है। निचले व मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में इस दौरान तेज बारिश हो सकती है।</p>
<p class="">मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए DC कुल्लू तोरुल एस रवीश ने आज मनाली और बंजार सब डिवीजन के सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी का निर्णय लिया है।</p>

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<div class="f46ba790">हिमाचल में आज भारी बर्फबारी की चेतावनी।</div>
<p class="">प्रदेश के ज्यादातर भागों में बीती रात से ही मौसम बदल गया है। लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी 10 जिलों में आज 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी-तूफान चलने का पूर्वानुमान है। इसी तरह, 10 जिलों में आज शीतलहर का भी यलो अलर्ट दिया गया है।</p>
<p class="">इससे तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आएगी। ऊना, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर जिला में कल ओलावृष्टि का भी पूर्वानुमान है।</p>
<p class=""><strong>31 जनवरी को फिर अच्छी बारिश-बर्फबारी</strong></p>
<p class="">कल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर पड़ेगा। इससे 28 व 29 जनवरी को ऊंचे क्षेत्रों में ही हल्की बारिश-बर्फबारी होगी। निचले इलाकों में मौसम साफ रहेगा। 30 जनवरी को मौसम पूरे प्रदेश में साफ हो जाएगा। 31 जनवरी को फिर से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। इससे एक फरवरी तक अच्छी बारिश-बर्फबारी के आसार बन रहे हैं।</p>

<div class="f3e032cb "><picture class="c62bd949  "><source srcset="https://images.bhaskarassets.com/webp/thumb/360x0/web2images/521/2026/01/26/gifs34_1769438118.gif" type="image/webp" media="(max-width: 768px)" /><source srcset="https://images.bhaskarassets.com/webp/thumb/512x0/web2images/521/2026/01/26/gifs34_1769438118.gif" type="image/webp" media="(min-width: 768px)" /><img class="f97587ba " src="https://images.bhaskarassets.com/web2images/521/2026/01/26/gifs34_1769438118.gif" alt="शिमला-ठियोग एनएच पर फिसलन कम करने के लिए मिट्‌टी डालते हुए PWD के मजदूर।" width="500" height="375" /></picture></div>
<div class="f46ba790">शिमला-ठियोग एनएच पर फिसलन कम करने के लिए मिट्‌टी डालते हुए PWD के मजदूर।</div>
<p class=""><strong>प्रदेश में 3 NH समेत 750 सड़कें</strong></p>
<p class="">प्रदेश में बीते शुक्रवार की भारी बारिश-बर्फबारी के कारण पहले ही 3 नेशनल हाईवे समेत 750 सड़कें, 1500 बिजली के ट्रांसफॉर्मर और 175 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी है। सड़कें बंद होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। आम जनता के साथ साथ टूरिस्ट भी परेशान है। ऐसे में फिर से बर्फबारी का अलर्ट लोगों की परेशानियां बढ़ाएगा।</p>]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Manali में बर्फबारी से कई किलोमीटर लंबा जाम, कार से उतरकर पैदल चलने लगे पर्यटक</title>
		<link>https://trendstopic.in/several-kilometers-long-jam-due-to-snowfall-in-manali-tourists-got-down-from-the-car-and-started-walking-on-foot/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 24 Jan 2026 12:15:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिमाचल]]></category>
		<category><![CDATA[HeavyRainHimachal]]></category>
		<category><![CDATA[HimachalPradesh]]></category>
		<category><![CDATA[news]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://trendstopic.in/?p=28430</guid>

					<description><![CDATA[<!-- wp:paragraph -->

देशभर में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. दिल्ली-एनसीआर में जहां शुक्रवार सुबह से ही बारिश हो रही है, वहीं पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का नया दौर शुरू हो गया है. कश्मीर से लेकर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में जबरदस्त बर्फबारी देखने को मिल रही है. ताजा बर्फबारी जहां थोड़ी राहत लेकर आई तो इससे कुछ आफत भी आई. कई जगहों पर पर्यटक फंस गए हैं. बर्फबारी के बाद मनाली की सड़कों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया है. सैकड़ों की संख्या में पर्यटक घंटों से जाम में फंसे हुए हैं.

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

बताया जा रहा है कि हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को जमकर बर्फबारी हुई. इस बर्फबारी से कई लोगों की मुस्किलें बढ़ गईं. चंडीगढ़-मनाली हाइवे पूरी तरह से जाम हो गया है. कई किलोमीटर तक गाड़ियों का जाम लगा हुआ है.

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:image -->
<figure class="wp-block-image"><img title="Latest and Breaking News on NDTV" src="https://c.ndtvimg.com/2026-01/5s82d328_manali-snowfall_625x300_23_January_26.jpg?im=FaceCrop,algorithm=dnn,width=1200,height=738" alt="Latest and Breaking News on NDTV" /></figure>
<!-- /wp:image --> <!-- wp:paragraph -->

मनाली से 10 किलोमीटर पहले बराहन से मनाली की तरफ जाने वाली सड़क पर यातायात पूरी तरह से ठप पड़ गया है. लोग घंटों से बर्फबारी के बीच गाड़ियों में फंसे हुए हैं. मनाली से अटल टनल का रास्ता भी बंद हो गया है. कुछ तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पर्यटक पैदल ही अपना सामान लेकर मनाली से घर वापसी के लिए निकल रहे हैं.

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:image -->
<figure class="wp-block-image"><img title="Latest and Breaking News on NDTV" src="https://c.ndtvimg.com/2026-01/tps8gigg_manali-snowfall_625x300_23_January_26.jpg" alt="Latest and Breaking News on NDTV" /></figure>
<!-- /wp:image --> <!-- wp:paragraph -->

हिमाचल में लगातार हो रही बर्फबारी के चलते कई जगहों पर पर्यटक फंसे हुए हैं. बताया ये भी जा रहा है कि बर्फबारी के कारण कुल्लू में रात भर पर्यटक फंसे रहे. सुबह रेस्क्यू टीम ने उन्हें वहां से निकाला. अधिकारियों ने बताया कि पर्यटकों को निकालकर सुरक्षित जगह पर ले जाया जा रहा है.

<!-- /wp:paragraph -->]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<!-- wp:paragraph -->

देशभर में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. दिल्ली-एनसीआर में जहां शुक्रवार सुबह से ही बारिश हो रही है, वहीं पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का नया दौर शुरू हो गया है. कश्मीर से लेकर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में जबरदस्त बर्फबारी देखने को मिल रही है. ताजा बर्फबारी जहां थोड़ी राहत लेकर आई तो इससे कुछ आफत भी आई. कई जगहों पर पर्यटक फंस गए हैं. बर्फबारी के बाद मनाली की सड़कों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया है. सैकड़ों की संख्या में पर्यटक घंटों से जाम में फंसे हुए हैं.

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

बताया जा रहा है कि हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को जमकर बर्फबारी हुई. इस बर्फबारी से कई लोगों की मुस्किलें बढ़ गईं. चंडीगढ़-मनाली हाइवे पूरी तरह से जाम हो गया है. कई किलोमीटर तक गाड़ियों का जाम लगा हुआ है.

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<figure class="wp-block-image"><img title="Latest and Breaking News on NDTV" src="https://c.ndtvimg.com/2026-01/5s82d328_manali-snowfall_625x300_23_January_26.jpg?im=FaceCrop,algorithm=dnn,width=1200,height=738" alt="Latest and Breaking News on NDTV" /></figure>
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मनाली से 10 किलोमीटर पहले बराहन से मनाली की तरफ जाने वाली सड़क पर यातायात पूरी तरह से ठप पड़ गया है. लोग घंटों से बर्फबारी के बीच गाड़ियों में फंसे हुए हैं. मनाली से अटल टनल का रास्ता भी बंद हो गया है. कुछ तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पर्यटक पैदल ही अपना सामान लेकर मनाली से घर वापसी के लिए निकल रहे हैं.

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<figure class="wp-block-image"><img title="Latest and Breaking News on NDTV" src="https://c.ndtvimg.com/2026-01/tps8gigg_manali-snowfall_625x300_23_January_26.jpg" alt="Latest and Breaking News on NDTV" /></figure>
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हिमाचल में लगातार हो रही बर्फबारी के चलते कई जगहों पर पर्यटक फंसे हुए हैं. बताया ये भी जा रहा है कि बर्फबारी के कारण कुल्लू में रात भर पर्यटक फंसे रहे. सुबह रेस्क्यू टीम ने उन्हें वहां से निकाला. अधिकारियों ने बताया कि पर्यटकों को निकालकर सुरक्षित जगह पर ले जाया जा रहा है.

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	</item>
		<item>
		<title>हिमाचल में यहां बसेगा नया शहर &#8216;हिम चंडीगढ़&#8217;, CM सुक्‍खू बोले- मिलेंगी वर्ल्ड क्लास सुविधाएं</title>
		<link>https://trendstopic.in/new-city-him-chandigarh-will-be-established-here-in-himachal-cm-sukhu-said-world-class-facilities-will-be-available/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 09 Jan 2026 10:28:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिमाचल]]></category>
		<category><![CDATA[CM Sukhu]]></category>
		<category><![CDATA[HimachalPradesh]]></category>
		<category><![CDATA[news]]></category>
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					<description><![CDATA[<!-- wp:paragraph -->

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने देश के बड़े फार्मा हब और औद्योगिक क्षेत्र बद्दी से सटे चंडीगढ़ सीमा पर नए शहर 'हिम चंडीगढ़' को बसाने का बड़ा ऐलान भी किया है. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने  शिमला के पीटर हॉफ में आयोजित 'स्वच्छ शहर–समृद्ध शहर' सिटीजन कनेक्ट प्रोग्राम-2 के दौरान घोषणा की. शिमला के पीटर हॉफ में आयोजित 'स्वच्छ शहर–समृद्ध शहर' सिटीजन कनेक्ट प्रोग्राम-2 के दौरान मुख्यमंत्री ने बद्दी औद्योगिक क्षेत्र और चंडीगढ़ सीमा से सटे इलाके में नया शहर 'हिम चंडीगढ़' बसाने की ऐतिहासिक घोषणा की.

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

सीएम ने कहा कि यह शहर विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस होगा और सरकार ने इसके लिए ठोस संकल्प लिया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 3400 बीघा जमीन हाउसिंग डिपार्टमेंट के नाम की जा चुकी है, जबकि करीब 3700 बीघा जमीन पहले से सरकार के पास मौजूद है.

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:heading {"level":3} -->
<h3 class="wp-block-heading">हिम सेवा सुविधा का शुभारंभ</h3>
<!-- /wp:heading --> <!-- wp:paragraph -->

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिम सेवा सुविधा का शुभारंभ किया.इस सुविधा के तहत शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विभिन्न सरकारी सेवाएं क्यूआर कोड और मोबाइल फोन के माध्यम से एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएंगी. कार्यक्रम शहरी विकास विभाग की देखरेख में आयोजित हुआ, जिसमें कई एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की गई.

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:heading {"level":3} -->
<h3 class="wp-block-heading">1 लाख रुपये तक के कर्ज माफ</h3>
<!-- /wp:heading --> <!-- wp:paragraph -->

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लघु कल्याण योजना की भी घोषणा की. योजना के तहत छोटे दुकानदारों को राहत देते हुए सरकार उनके एक लाख रुपए तक के कर्ज को माफ करेगी. सीएम ने बताया कि जिन दुकानदारों का एक लाख का कर्ज बढ़कर दो लाख हो गया है, उनमें से एक लाख रुपए सरकार भरेगी, जबकि शेष राशि दुकानदार को चुकानी होगी.

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

लगभग 10 हजार बीघा वन क्षेत्र को जंगल ही रहने दिया जाएगा. तीन पंचायतों की जमीन लैंड पूलिंग मॉडल के तहत ली जाएगी, जिसके लिए पंचायतें भी सहमत हैं. सीएम ने कहा कि अगले दो महीनों में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है और जल्द ही कंसल्टेंट नियुक्त कर मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा.
<!-- /wp:paragraph -->]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<!-- wp:paragraph -->

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने देश के बड़े फार्मा हब और औद्योगिक क्षेत्र बद्दी से सटे चंडीगढ़ सीमा पर नए शहर 'हिम चंडीगढ़' को बसाने का बड़ा ऐलान भी किया है. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने  शिमला के पीटर हॉफ में आयोजित 'स्वच्छ शहर–समृद्ध शहर' सिटीजन कनेक्ट प्रोग्राम-2 के दौरान घोषणा की. शिमला के पीटर हॉफ में आयोजित 'स्वच्छ शहर–समृद्ध शहर' सिटीजन कनेक्ट प्रोग्राम-2 के दौरान मुख्यमंत्री ने बद्दी औद्योगिक क्षेत्र और चंडीगढ़ सीमा से सटे इलाके में नया शहर 'हिम चंडीगढ़' बसाने की ऐतिहासिक घोषणा की.

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सीएम ने कहा कि यह शहर विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस होगा और सरकार ने इसके लिए ठोस संकल्प लिया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 3400 बीघा जमीन हाउसिंग डिपार्टमेंट के नाम की जा चुकी है, जबकि करीब 3700 बीघा जमीन पहले से सरकार के पास मौजूद है.

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<h3 class="wp-block-heading">हिम सेवा सुविधा का शुभारंभ</h3>
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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिम सेवा सुविधा का शुभारंभ किया.इस सुविधा के तहत शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विभिन्न सरकारी सेवाएं क्यूआर कोड और मोबाइल फोन के माध्यम से एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएंगी. कार्यक्रम शहरी विकास विभाग की देखरेख में आयोजित हुआ, जिसमें कई एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की गई.

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<h3 class="wp-block-heading">1 लाख रुपये तक के कर्ज माफ</h3>
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मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लघु कल्याण योजना की भी घोषणा की. योजना के तहत छोटे दुकानदारों को राहत देते हुए सरकार उनके एक लाख रुपए तक के कर्ज को माफ करेगी. सीएम ने बताया कि जिन दुकानदारों का एक लाख का कर्ज बढ़कर दो लाख हो गया है, उनमें से एक लाख रुपए सरकार भरेगी, जबकि शेष राशि दुकानदार को चुकानी होगी.

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लगभग 10 हजार बीघा वन क्षेत्र को जंगल ही रहने दिया जाएगा. तीन पंचायतों की जमीन लैंड पूलिंग मॉडल के तहत ली जाएगी, जिसके लिए पंचायतें भी सहमत हैं. सीएम ने कहा कि अगले दो महीनों में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है और जल्द ही कंसल्टेंट नियुक्त कर मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा.
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		<item>
		<title>हिमाचल में 5 दिन साफ रहेगा मौसम:28 दिसंबर को बर्फबारी के आसार, मंडी-बिलासपुर में घने कोहरे का अलर्ट</title>
		<link>https://trendstopic.in/weather-will-remain-clear-in-himachal-for-5-days-chances-of-snowfall-on-december-28-alert-of-dense-fog-in-mandi-bilaspur/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Dec 2025 08:52:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिमाचल]]></category>
		<category><![CDATA[HimachalPradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla]]></category>
		<category><![CDATA[weather]]></category>
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					<description><![CDATA[<!-- wp:paragraph -->

हिमाचल प्रदेश के अधिक ऊंचाई वाले भागों में 28 दिसंबर को फिर से बर्फबारी के आसार हैं। मगर अभी अगले पांच दिन तक मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। इस दौरान, ज्यादातर भागों में सामान्य से ज्यादा बना रहेगा। नाहन शहर को छोड़कर अन्य सभी जगह न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा बना हुआ है।

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.5 डिग्री ज्यादा हो गया है। कुछ शहरों का पारा सामान्य से 7 डिग्री ज्यादा हो गया है। मंडी का न्यूनतम तापमान सामान्य से 6.8 डिग्री ज्यादा के उछाल के साथ 6.6 डिग्री पहुंच गया है।

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

कल्पा का नॉर्मल से 6.1 डिग्री ज्यादा के साथ 3.6 डिग्री, शिमला का 5.3 ज्यादा के साथ 9.8 डिग्री, सोलन का 5.5 डिग्री ज्यादा के साथ 7.0 डिग्री सेल्सियस हो गया है। अन्य शहरों के न्यूनतम तापमान में भी उछाल रिकॉर्ड किया गया है।

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:image -->
<figure class="wp-block-image"><img src="https://images.bhaskarassets.com/web2images/521/2025/12/23/1001240736_1766458753.jpg" alt="सुजानपुर में सुबह के वक्त आग सेंकते हुए लोग।" /></figure>
<!-- /wp:image --> <!-- wp:paragraph -->

सुजानपुर में सुबह के वक्त आग सेंकते हुए लोग।

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

<strong>प्रदेश का अधिकतम तापमान भी सामान्य से 4.4 डिग्री ज्यादा</strong>

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

इसी तरह प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान में नॉर्मल से 4.4 डिग्री ज्यादा हो गया है। कल्पा के अधिकतम तापमान में सबसे ज्यादा 8.6 डिग्री का उछाल आने के बाद पारा 16.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है।

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

कुल्लू के भुंतर का तापमान 6.4 डिग्री के उछाल के साथ 23.8 डिग्री, शिमला का पारा भी 5 डिग्री के उछाल के साथ 18.6 डिग्री पहुंच गया है।

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

<strong>इन जिलों में कोहरे की चेतावनी</strong>

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज मंडी और बिलासपुर में घने कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है। इसी तरह कांगड़ा, सोलन, सिरमौर, ऊना और हमीरपुर जिला के निचले इलाकों में भी कोहरा पड़ेगा।

<!-- /wp:paragraph -->]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<!-- wp:paragraph -->

हिमाचल प्रदेश के अधिक ऊंचाई वाले भागों में 28 दिसंबर को फिर से बर्फबारी के आसार हैं। मगर अभी अगले पांच दिन तक मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। इस दौरान, ज्यादातर भागों में सामान्य से ज्यादा बना रहेगा। नाहन शहर को छोड़कर अन्य सभी जगह न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा बना हुआ है।

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प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.5 डिग्री ज्यादा हो गया है। कुछ शहरों का पारा सामान्य से 7 डिग्री ज्यादा हो गया है। मंडी का न्यूनतम तापमान सामान्य से 6.8 डिग्री ज्यादा के उछाल के साथ 6.6 डिग्री पहुंच गया है।

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

कल्पा का नॉर्मल से 6.1 डिग्री ज्यादा के साथ 3.6 डिग्री, शिमला का 5.3 ज्यादा के साथ 9.8 डिग्री, सोलन का 5.5 डिग्री ज्यादा के साथ 7.0 डिग्री सेल्सियस हो गया है। अन्य शहरों के न्यूनतम तापमान में भी उछाल रिकॉर्ड किया गया है।

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<figure class="wp-block-image"><img src="https://images.bhaskarassets.com/web2images/521/2025/12/23/1001240736_1766458753.jpg" alt="सुजानपुर में सुबह के वक्त आग सेंकते हुए लोग।" /></figure>
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सुजानपुर में सुबह के वक्त आग सेंकते हुए लोग।

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<strong>प्रदेश का अधिकतम तापमान भी सामान्य से 4.4 डिग्री ज्यादा</strong>

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इसी तरह प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान में नॉर्मल से 4.4 डिग्री ज्यादा हो गया है। कल्पा के अधिकतम तापमान में सबसे ज्यादा 8.6 डिग्री का उछाल आने के बाद पारा 16.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है।

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कुल्लू के भुंतर का तापमान 6.4 डिग्री के उछाल के साथ 23.8 डिग्री, शिमला का पारा भी 5 डिग्री के उछाल के साथ 18.6 डिग्री पहुंच गया है।

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<strong>इन जिलों में कोहरे की चेतावनी</strong>

<!-- /wp:paragraph --> <!-- wp:paragraph -->

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज मंडी और बिलासपुर में घने कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है। इसी तरह कांगड़ा, सोलन, सिरमौर, ऊना और हमीरपुर जिला के निचले इलाकों में भी कोहरा पड़ेगा।

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	</item>
		<item>
		<title>Punjab में सामान्य से 5 डिग्री कम तापमान, October में रिकॉर्ड तोड़ बारिश!</title>
		<link>https://trendstopic.in/punjab-records-record-breaking-rainfall-in-october-with-temperatures-5-degrees-below-normal/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Oct 2025 04:45:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[News]]></category>
		<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[मौसम]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[हिमाचल]]></category>
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		<category><![CDATA[weatherreport]]></category>
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					<description><![CDATA[पंजाब में मौसम ने इन दिनों अप्रत्याशित करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते हाल के दिनों में राज्य में तापमान में 5.3 डिग्री सेल्सियस तक उछाल जरूर दर्ज हुआ है, लेकिन इसके बावजूद अधिकतम तापमान अभी भी सामान्य से 5.1 डिग्री तक कम बना हुआ है। मौसम में आया यह बदलाव पिछले दिनों हुई व्यापक बारिश और उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी का परिणाम है। आमतौर पर सितंबर और अक्टूबर में पंजाब में बारिश बहुत कम होती है, लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल अलग रही।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, जहां अक्टूबर महीने में औसतन 2.7 मिमी बारिश होती है, वहीं इस बार राज्य में औसतन 29.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 988 फीसदी अधिक है। बीते 24 घंटों में ही पठानकोट में 0.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है, जिसका असर पंजाब के तापमान पर भी पड़ेगा। ऐसे में राज्य का तापमान सामान्य से थोड़ा नीचे बना रह सकता है और ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है।

ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब के विभिन्न जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहा। मोहाली का तापमान सबसे अधिक 31.8°C दर्ज किया गया, वहीं फरीदकोट में 31.2°C और पठानकोट में 30.3°C रहा। अन्य सभी शहरों का तापमान 30 डिग्री से कम दर्ज किया गया है, जो इस समय के औसत से काफी कम है।

<img class="alignnone  wp-image-25758" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/10/9c28d3d4-62ef-4a94-b7ff-3344b0d66976-1-300x169.jpg" alt="" width="797" height="449" />

&nbsp;

आज के मौसम की बात करें तो अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और मोहाली सहित अधिकतर शहरों में आसमान पूरी तरह साफ रहेगा और धूप खिली रहेगी। इन शहरों में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

मौसम में आ रहे इस बदलाव ने जहां एक ओर सर्दी की शुरुआत के संकेत दे दिए हैं, वहीं अक्टूबर में रिकॉर्ड स्तर पर हुई बारिश ने किसानों और आम जनता दोनों को चौंका दिया है। मौसम से जुड़ी ताज़ा अपडेट्स के लिए जुड़े रहें हमारी वेबसाइट के साथ।

&nbsp;

&nbsp;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[पंजाब में मौसम ने इन दिनों अप्रत्याशित करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते हाल के दिनों में राज्य में तापमान में 5.3 डिग्री सेल्सियस तक उछाल जरूर दर्ज हुआ है, लेकिन इसके बावजूद अधिकतम तापमान अभी भी सामान्य से 5.1 डिग्री तक कम बना हुआ है। मौसम में आया यह बदलाव पिछले दिनों हुई व्यापक बारिश और उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी का परिणाम है। आमतौर पर सितंबर और अक्टूबर में पंजाब में बारिश बहुत कम होती है, लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल अलग रही।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, जहां अक्टूबर महीने में औसतन 2.7 मिमी बारिश होती है, वहीं इस बार राज्य में औसतन 29.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 988 फीसदी अधिक है। बीते 24 घंटों में ही पठानकोट में 0.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है, जिसका असर पंजाब के तापमान पर भी पड़ेगा। ऐसे में राज्य का तापमान सामान्य से थोड़ा नीचे बना रह सकता है और ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है।

ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब के विभिन्न जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहा। मोहाली का तापमान सबसे अधिक 31.8°C दर्ज किया गया, वहीं फरीदकोट में 31.2°C और पठानकोट में 30.3°C रहा। अन्य सभी शहरों का तापमान 30 डिग्री से कम दर्ज किया गया है, जो इस समय के औसत से काफी कम है।

<img class="alignnone  wp-image-25758" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/10/9c28d3d4-62ef-4a94-b7ff-3344b0d66976-1-300x169.jpg" alt="" width="797" height="449" />

&nbsp;

आज के मौसम की बात करें तो अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और मोहाली सहित अधिकतर शहरों में आसमान पूरी तरह साफ रहेगा और धूप खिली रहेगी। इन शहरों में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

मौसम में आ रहे इस बदलाव ने जहां एक ओर सर्दी की शुरुआत के संकेत दे दिए हैं, वहीं अक्टूबर में रिकॉर्ड स्तर पर हुई बारिश ने किसानों और आम जनता दोनों को चौंका दिया है। मौसम से जुड़ी ताज़ा अपडेट्स के लिए जुड़े रहें हमारी वेबसाइट के साथ।

&nbsp;

&nbsp;]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Himachal में बना इतिहास: पहली बार Robotic Surgery की Facility Launched, Chief Minister ने किया Inaugurate</title>
		<link>https://trendstopic.in/historic-milestone-in-himachal-robotic-surgery-facility-launched-for-the-first-time-inaugurated-by-the-chief-minister/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 Aug 2025 06:46:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिमाचल]]></category>
		<category><![CDATA[AdvancedTreatment]]></category>
		<category><![CDATA[ChiefMinister]]></category>
		<category><![CDATA[Healthcare]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal]]></category>
		<category><![CDATA[Historic]]></category>
		<category><![CDATA[Hospital]]></category>
		<category><![CDATA[Innovation]]></category>
		<category><![CDATA[MedicalNews]]></category>
		<category><![CDATA[MedicalTechnology]]></category>
		<category><![CDATA[RoboticSurgery]]></category>
		<category><![CDATA[Shimla]]></category>
		<category><![CDATA[Surgery]]></category>
		<category><![CDATA[TechInMedicine]]></category>
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					<description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के Atal Institute of Medical Super Specialties (AIMSS), चमियाणा में आज पहली बार <strong>रोबोटिक-सहायता वाली सर्जरी</strong> का सफल उद्घाटन हुआ। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस नई सुविधा का उद्घाटन किया और खुद सर्जरी रूम में लगभग आधे घंटे तक रहकर पूरी प्रक्रिया देखी। यह प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल है, जहाँ अब AIIMS जैसी तकनीक से इलाज मिलना संभव हो गया है।

<strong>पहला ऑपरेशन: सटीक</strong><strong>, </strong><strong>तेज और दर्द-रहित</strong>

पहला मरीज है खलिनी निवासी 67 वर्षीय महेंद्र पाल, जिन्हें <strong>प्रोस्टेट संबंधी समस्या</strong> के लिए रोबोटिक सर्जरी की गई। ऑपरेशन करीब तीन घंटे चला, जिसमें <strong>रक्त-स्राव बिल्कुल नहीं हुआ</strong>, जबकि पारंपरिक सर्जरी में लगभग चार यूनिट ब्लड की जरूरत होती।

डॉक्टरों के मुताबिक, इस तकनीक से सर्जन को अधिक <strong>precision </strong><strong>एवं control</strong> मिलता है, और मरीज को कम दर्द, तेज रिकवरी और छोटी चीरा मिलता है। पारंपरिक सर्जरी में आमतौर पर 8–10 दिन अस्पताल में रहना पड़ता था, लेकिन रोबोटिक सर्जरी में डिस्चार्ज केवल 3–4 दिनों में हो सकता है।

<strong>अन्य ऑपरेशन और टीम</strong>

पहले दिन दो ऑपरेशन हो चुके हैं—पहला प्रोस्टेट और दूसरा किडनी ट्यूमर से पीड़ित शीला देवी का। सर्जिकल टीम में लखनऊ के संजय गांधी PGI के यूरोलॉजी प्रमुख <strong>डॉ. अनंत कुमार</strong>, <strong>डॉ. पंपोष रैना</strong>, और <strong>डॉ. पवन कौंडल</strong> शामिल थे, जिनकी ट्रेनिंग AIIMS जैसे संस्थानों में हुई है।

<strong>सरकार की बड़ी योजनाएँ: टेक्नोलॉजी के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर</strong>

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधारों की घोषणा भी की:
<ul>
 	<li>नए विभाग खोलना, तकनीशियन की भर्ती,</li>
 	<li><strong>₹11 </strong><strong>करोड़</strong> का हॉस्टल निर्माण,</li>
 	<li><strong>₹23 </strong><strong>करोड़</strong> का इन-हाउस ऑटोमेटेड लैब,</li>
 	<li><strong>3-Tesla MRI </strong><strong>मशीन</strong> भी जल्द ही इंस्टॉल की जाएगी।</li>
</ul>
राज्य भर के सरकारी मेडिकल कॉलेज—जैसे IGMC Shimla, Tanda, Hamirpur—में भी इसी तरह की रोबोटिक सुविधाएं चरणबद्ध तरीके से लाई जाएंगी। सरकार ₹3,000 करोड़ से अधिक खर्च कर रही है पुरानी मशीनें रिटायर करने और नई टेक्नोलॉजी लाने के लिए।

<strong>बदलाव क्यों जरूरी था</strong><strong>?</strong>

पहले हिमाचल के मरीज स्पेशलिटी इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख करते थे, जिससे समय और पैसा दोनों की बर्बादी होती थी। अब यह सुविधा शिमला में मिलने से मरीजों का जीवन आसान और treatment local हो गया है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के Atal Institute of Medical Super Specialties (AIMSS), चमियाणा में आज पहली बार <strong>रोबोटिक-सहायता वाली सर्जरी</strong> का सफल उद्घाटन हुआ। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस नई सुविधा का उद्घाटन किया और खुद सर्जरी रूम में लगभग आधे घंटे तक रहकर पूरी प्रक्रिया देखी। यह प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल है, जहाँ अब AIIMS जैसी तकनीक से इलाज मिलना संभव हो गया है।

<strong>पहला ऑपरेशन: सटीक</strong><strong>, </strong><strong>तेज और दर्द-रहित</strong>

पहला मरीज है खलिनी निवासी 67 वर्षीय महेंद्र पाल, जिन्हें <strong>प्रोस्टेट संबंधी समस्या</strong> के लिए रोबोटिक सर्जरी की गई। ऑपरेशन करीब तीन घंटे चला, जिसमें <strong>रक्त-स्राव बिल्कुल नहीं हुआ</strong>, जबकि पारंपरिक सर्जरी में लगभग चार यूनिट ब्लड की जरूरत होती।

डॉक्टरों के मुताबिक, इस तकनीक से सर्जन को अधिक <strong>precision </strong><strong>एवं control</strong> मिलता है, और मरीज को कम दर्द, तेज रिकवरी और छोटी चीरा मिलता है। पारंपरिक सर्जरी में आमतौर पर 8–10 दिन अस्पताल में रहना पड़ता था, लेकिन रोबोटिक सर्जरी में डिस्चार्ज केवल 3–4 दिनों में हो सकता है।

<strong>अन्य ऑपरेशन और टीम</strong>

पहले दिन दो ऑपरेशन हो चुके हैं—पहला प्रोस्टेट और दूसरा किडनी ट्यूमर से पीड़ित शीला देवी का। सर्जिकल टीम में लखनऊ के संजय गांधी PGI के यूरोलॉजी प्रमुख <strong>डॉ. अनंत कुमार</strong>, <strong>डॉ. पंपोष रैना</strong>, और <strong>डॉ. पवन कौंडल</strong> शामिल थे, जिनकी ट्रेनिंग AIIMS जैसे संस्थानों में हुई है।

<strong>सरकार की बड़ी योजनाएँ: टेक्नोलॉजी के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर</strong>

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधारों की घोषणा भी की:
<ul>
 	<li>नए विभाग खोलना, तकनीशियन की भर्ती,</li>
 	<li><strong>₹11 </strong><strong>करोड़</strong> का हॉस्टल निर्माण,</li>
 	<li><strong>₹23 </strong><strong>करोड़</strong> का इन-हाउस ऑटोमेटेड लैब,</li>
 	<li><strong>3-Tesla MRI </strong><strong>मशीन</strong> भी जल्द ही इंस्टॉल की जाएगी।</li>
</ul>
राज्य भर के सरकारी मेडिकल कॉलेज—जैसे IGMC Shimla, Tanda, Hamirpur—में भी इसी तरह की रोबोटिक सुविधाएं चरणबद्ध तरीके से लाई जाएंगी। सरकार ₹3,000 करोड़ से अधिक खर्च कर रही है पुरानी मशीनें रिटायर करने और नई टेक्नोलॉजी लाने के लिए।

<strong>बदलाव क्यों जरूरी था</strong><strong>?</strong>

पहले हिमाचल के मरीज स्पेशलिटी इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख करते थे, जिससे समय और पैसा दोनों की बर्बादी होती थी। अब यह सुविधा शिमला में मिलने से मरीजों का जीवन आसान और treatment local हो गया है।]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Himachal में Monsoon त्रासदी: लगातार बारिश, Landslides और भारी नुक़सान</title>
		<link>https://trendstopic.in/monsoon-tragedy-in-himachal-continuous-rain-landslides-and-heavy-losses/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 11 Aug 2025 03:56:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिमाचल]]></category>
		<category><![CDATA[Cloudburst]]></category>
		<category><![CDATA[DisasterUpdate]]></category>
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		<category><![CDATA[WeatherUpdate]]></category>
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					<description><![CDATA[<strong>बरसात और अलर्ट</strong>

मॉनसून के चलते हिमाचल का मौसम इन दिनों लगातार बेकाबू है:
<ul>
 	<li>राजधानी शिमला और आसपास हल्की बूंदाबांदी के बीच, राज्य के कई हिस्सों में निरंतर बारिश हो रही है।</li>
 	<li>मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने <strong>11 </strong><strong>से 14 </strong><strong>अगस्त तक ‘</strong><strong>ऑरेंज अलर्ट’</strong> जारी किया है, और <strong>15–16 </strong><strong>अगस्त को येलो अलर्ट</strong> जारी रहेगा।</li>
</ul>
<strong>नुकसान और आंकड़े</strong>
<ul>
 	<li><strong>अब तक कुल 224 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है — जिनमें से 116 बारिश-जनित हादसों (जैसे भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, डूबने आदि) के कारण हुईं, और 108 सड़क हादसों में जान गंवाई।</li>
 	<li><strong>कुल लागत</strong> करीब <strong>₹1,98,923.75 </strong><strong>लाख</strong> या लगभग ₹1,989 करोड़ का आंका गया है।</li>
</ul>
<strong>ढांचा व अव्यवस्था</strong>
<ul>
 	<li><strong>359 </strong><strong>सड़कें और 1 </strong><strong>नेशनल हाईवे</strong> (NH-305) बंद हुए।</li>
 	<li><strong>132 </strong><strong>बिजली ट्रांसफार्मर और 520 </strong><strong>जल आपूर्ति स्कीमें</strong> ठप हैं।</li>
 	<li>कुल मिलाकर 400 से अधिक सड़कें अवरुद्ध हुईं, बिजली और पानी की बड़ी किल्लत हुई।</li>
</ul>
<strong>ज़िले कितना प्रभावित</strong><strong>?</strong>
<ul>
 	<li><strong>मंडी</strong> सबसे ज़्यादा प्रभावित—23 बारिश-जनित और 21 सड़क हादसों में मौतें; 214 सड़कें बंद; ट्रांसफार्मर और पानी की स्कीमें खूब प्रभावित।</li>
 	<li><strong>कांगड़ा</strong> में 25 बारिश से जुड़ी मौतें; <strong>कुल्लू</strong> में 10; <strong>चंबा</strong>, <strong>शिमला</strong> और अन्य जिलों में भी भारी प्रभाव रहा।</li>
</ul>
<strong>बढ़ते हादसे</strong><strong>, </strong><strong>ग्लोबल चैलेंज और तैयारी</strong>
<ul>
 	<li>मानसून ने पूरे हिमाचल को अपनी गिरफ़्त में लिया—रोज़ाना यातायात प्रभावित, बिजली–पानी बाधित, घर, खेती और बुनियादी ढांचे को भारी नुक़सान हुआ।</li>
 	<li><strong>NDMA</strong> ने हाल ही में हिमाचल व उत्तराखंड से देश में बढ़ते अत्यंत जलवायु-जनित हादसों की समीक्षा के लिए टीम भेजी है। इन हादसों के पीछे जलवायु परिवर्तन और अनियमित विकास के जोखिम को बताया गया।</li>
 	<li>विशेषज्ञों ने हिमाचल के विकास को रोकने योग्य सीमा से पार जाते देख <strong>चार लेन हाईवे निर्माण, </strong><strong>नए पॉवर प्रोजेक्ट्स, </strong><strong>अनियंत्रित टूरिज़्म पर कड़ाई</strong> की सलाह दी है।</li>
</ul>
<strong>अभी मौसम कैसा रहेगा</strong><strong>?</strong>

<strong>Weather for Shimla, Himachal Pradesh, India:</strong>

Current Conditions: Cloudy, 66°F (19°C)

Daily Forecast:
<ul>
 	<li>Monday, August 11: Low: 65°F (18°C), High: 73°F (23°C), Description: Mainly cloudy; a couple of morning showers followed by a little rain this afternoon</li>
 	<li>Tuesday, August 12: Low: 64°F (18°C), High: 71°F (22°C), Description: Considerable cloudiness with occasional rain</li>
 	<li>Wednesday, August 13: Low: 64°F (18°C), High: 72°F (22°C), Description: Cloudy and humid with occasional rain followed by a steadier rain</li>
 	<li>Thursday, August 14: Low: 64°F (18°C), High: 71°F (22°C), Description: Rain, heavy at times</li>
 	<li>Friday, August 15: Low: 63°F (17°C), High: 69°F (20°C), Description: Periods of rain</li>
 	<li>Saturday, August 16: Low: 60°F (16°C), High: 71°F (22°C), Description: Cloudy with occasional rain followed by a steadier rain</li>
 	<li>Sunday, August 17: Low: 65°F (18°C), High: 73°F (23°C), Description: Rain</li>
</ul>
(ऊपर दिख रहा विजेट आज से अगले 7 दिनों का मौसम दिखाता है—लंबे समय तक बारिश की संभावना बनी रही है।)

हालांकि विजेट में जानकारी उपलब्ध है, लेकिन सीधे कहें:
<ul>
 	<li>आगामी दिनों में <strong>हल्की से मध्यम बारिश</strong> के साथ <strong>स्थानीय तौर पर बहुत भारी बारिश</strong> का खतरा है।</li>
 	<li>खासकर <strong>13–14 </strong><strong>अगस्त को भारी बारिश की संभावना</strong>, जिसके चलते लोगों को सतर्क रहने की ज़रूरत है।</li>
</ul>
हिमाचल प्रदेश इस मानसून में गंभीर संकट से जूझ रहा है—बढ़ती बारिश, बड़े हादसे, सड़क-बिजली-पानी का टूटता सिस्टम और भारी आर्थिक नुकसान। प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है, लेकिन प्रकृति की इस चुनौती से निपटने के लिए ज़रूरत है:
<ul>
 	<li>सावधानी भरे <strong>यातायात नियम</strong>,</li>
 	<li><strong>जलवायु-सेंसिटिव इंफ्रास्ट्रक्चर</strong>,</li>
 	<li>और <strong>लॉन्ग-टर्म प्लानिंग</strong>।</li>
</ul>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<strong>बरसात और अलर्ट</strong>

मॉनसून के चलते हिमाचल का मौसम इन दिनों लगातार बेकाबू है:
<ul>
 	<li>राजधानी शिमला और आसपास हल्की बूंदाबांदी के बीच, राज्य के कई हिस्सों में निरंतर बारिश हो रही है।</li>
 	<li>मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने <strong>11 </strong><strong>से 14 </strong><strong>अगस्त तक ‘</strong><strong>ऑरेंज अलर्ट’</strong> जारी किया है, और <strong>15–16 </strong><strong>अगस्त को येलो अलर्ट</strong> जारी रहेगा।</li>
</ul>
<strong>नुकसान और आंकड़े</strong>
<ul>
 	<li><strong>अब तक कुल 224 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है — जिनमें से 116 बारिश-जनित हादसों (जैसे भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, डूबने आदि) के कारण हुईं, और 108 सड़क हादसों में जान गंवाई।</li>
 	<li><strong>कुल लागत</strong> करीब <strong>₹1,98,923.75 </strong><strong>लाख</strong> या लगभग ₹1,989 करोड़ का आंका गया है।</li>
</ul>
<strong>ढांचा व अव्यवस्था</strong>
<ul>
 	<li><strong>359 </strong><strong>सड़कें और 1 </strong><strong>नेशनल हाईवे</strong> (NH-305) बंद हुए।</li>
 	<li><strong>132 </strong><strong>बिजली ट्रांसफार्मर और 520 </strong><strong>जल आपूर्ति स्कीमें</strong> ठप हैं।</li>
 	<li>कुल मिलाकर 400 से अधिक सड़कें अवरुद्ध हुईं, बिजली और पानी की बड़ी किल्लत हुई।</li>
</ul>
<strong>ज़िले कितना प्रभावित</strong><strong>?</strong>
<ul>
 	<li><strong>मंडी</strong> सबसे ज़्यादा प्रभावित—23 बारिश-जनित और 21 सड़क हादसों में मौतें; 214 सड़कें बंद; ट्रांसफार्मर और पानी की स्कीमें खूब प्रभावित।</li>
 	<li><strong>कांगड़ा</strong> में 25 बारिश से जुड़ी मौतें; <strong>कुल्लू</strong> में 10; <strong>चंबा</strong>, <strong>शिमला</strong> और अन्य जिलों में भी भारी प्रभाव रहा।</li>
</ul>
<strong>बढ़ते हादसे</strong><strong>, </strong><strong>ग्लोबल चैलेंज और तैयारी</strong>
<ul>
 	<li>मानसून ने पूरे हिमाचल को अपनी गिरफ़्त में लिया—रोज़ाना यातायात प्रभावित, बिजली–पानी बाधित, घर, खेती और बुनियादी ढांचे को भारी नुक़सान हुआ।</li>
 	<li><strong>NDMA</strong> ने हाल ही में हिमाचल व उत्तराखंड से देश में बढ़ते अत्यंत जलवायु-जनित हादसों की समीक्षा के लिए टीम भेजी है। इन हादसों के पीछे जलवायु परिवर्तन और अनियमित विकास के जोखिम को बताया गया।</li>
 	<li>विशेषज्ञों ने हिमाचल के विकास को रोकने योग्य सीमा से पार जाते देख <strong>चार लेन हाईवे निर्माण, </strong><strong>नए पॉवर प्रोजेक्ट्स, </strong><strong>अनियंत्रित टूरिज़्म पर कड़ाई</strong> की सलाह दी है।</li>
</ul>
<strong>अभी मौसम कैसा रहेगा</strong><strong>?</strong>

<strong>Weather for Shimla, Himachal Pradesh, India:</strong>

Current Conditions: Cloudy, 66°F (19°C)

Daily Forecast:
<ul>
 	<li>Monday, August 11: Low: 65°F (18°C), High: 73°F (23°C), Description: Mainly cloudy; a couple of morning showers followed by a little rain this afternoon</li>
 	<li>Tuesday, August 12: Low: 64°F (18°C), High: 71°F (22°C), Description: Considerable cloudiness with occasional rain</li>
 	<li>Wednesday, August 13: Low: 64°F (18°C), High: 72°F (22°C), Description: Cloudy and humid with occasional rain followed by a steadier rain</li>
 	<li>Thursday, August 14: Low: 64°F (18°C), High: 71°F (22°C), Description: Rain, heavy at times</li>
 	<li>Friday, August 15: Low: 63°F (17°C), High: 69°F (20°C), Description: Periods of rain</li>
 	<li>Saturday, August 16: Low: 60°F (16°C), High: 71°F (22°C), Description: Cloudy with occasional rain followed by a steadier rain</li>
 	<li>Sunday, August 17: Low: 65°F (18°C), High: 73°F (23°C), Description: Rain</li>
</ul>
(ऊपर दिख रहा विजेट आज से अगले 7 दिनों का मौसम दिखाता है—लंबे समय तक बारिश की संभावना बनी रही है।)

हालांकि विजेट में जानकारी उपलब्ध है, लेकिन सीधे कहें:
<ul>
 	<li>आगामी दिनों में <strong>हल्की से मध्यम बारिश</strong> के साथ <strong>स्थानीय तौर पर बहुत भारी बारिश</strong> का खतरा है।</li>
 	<li>खासकर <strong>13–14 </strong><strong>अगस्त को भारी बारिश की संभावना</strong>, जिसके चलते लोगों को सतर्क रहने की ज़रूरत है।</li>
</ul>
हिमाचल प्रदेश इस मानसून में गंभीर संकट से जूझ रहा है—बढ़ती बारिश, बड़े हादसे, सड़क-बिजली-पानी का टूटता सिस्टम और भारी आर्थिक नुकसान। प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है, लेकिन प्रकृति की इस चुनौती से निपटने के लिए ज़रूरत है:
<ul>
 	<li>सावधानी भरे <strong>यातायात नियम</strong>,</li>
 	<li><strong>जलवायु-सेंसिटिव इंफ्रास्ट्रक्चर</strong>,</li>
 	<li>और <strong>लॉन्ग-टर्म प्लानिंग</strong>।</li>
</ul>]]></content:encoded>
					
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	</item>
		<item>
		<title>Himachal में बारिश का कहर: Malana में Flash Flood से Dam टूटा, Bridge और Heavy Vehicles बहे, Panic Among Locals</title>
		<link>https://trendstopic.in/rain-havoc-in-himachal-dam-breaks-in-malana-due-to-flash-flood-bridge-and-heavy-vehicles-swept-away-panic-among-locals/</link>
					<comments>https://trendstopic.in/rain-havoc-in-himachal-dam-breaks-in-malana-due-to-flash-flood-bridge-and-heavy-vehicles-swept-away-panic-among-locals/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 Aug 2025 05:50:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मौसम]]></category>
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					<description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश एक बार फिर भारी बारिश की मार झेल रहा है। शुक्रवार को कुल्लू जिले की <strong>मलाणा घाटी</strong> में मूसलधार बारिश के बाद <strong>फ्लैश फ्लड</strong> (अचानक आई बाढ़) से हालात बिगड़ गए। बारिश इतनी तेज़ हुई कि <strong>मलाणा-1 </strong><strong>हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट</strong> का <strong>कॉफर डैम</strong> आंशिक रूप से टूट गया। डैम टूटते ही तेज़ बहाव में एक <strong>हाइड्रा मशीन, </strong><strong>डंपर, </strong><strong>रॉक ब्रेकर, </strong><strong>कैंपर और कार</strong> बह गईं। राहत की बात ये है कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।

<strong>मलाणा घाटी का संपर्क टूटा</strong>

तेज़ बारिश और फ्लैश फ्लड से <strong>मलाणा गांव</strong> का मुख्य रास्ता टूट गया। गांव को जोड़ने वाला लकड़ी का पैदल पुल बह गया, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही रुक गई है। लोग प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि जल्द से जल्द वैकल्पिक पुल या अस्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि गांव का संपर्क फिर से बहाल हो सके।

<strong>हाईवे और सड़कें भी बंद</strong>
<ul>
 	<li><strong>चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे</strong> पर मंडी के पास पंडोह डैम से आगे और बगलामुखी रोपवे के पास भूस्खलन (landslide) हुआ। पहाड़ों से बड़ी चट्टानें और मलबा गिरने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई।</li>
 	<li><strong>मनाली-लेह हाईवे</strong> और <strong>चंबा-मनाली मार्ग</strong> के कई हिस्सों पर भी भूस्खलन और पानी का असर दिखा, जिससे ट्रैफिक रोकना पड़ा।</li>
 	<li>प्रशासन और <strong>NHAI </strong><strong>की टीमें</strong> मौके पर पहुंच चुकी हैं और मलबा हटाने का काम जारी है। लेकिन फिलहाल, इन रास्तों पर <strong>ट्रैफिक रोक दिया गया है।</strong></li>
</ul>
<strong>मौसम विभाग का अलर्ट</strong>
<ul>
 	<li>हिमाचल मौसम विभाग ने <strong>2 </strong><strong>से 5 </strong><strong>अगस्त तक येलो अलर्ट</strong> जारी किया है।</li>
 	<li>6–7 अगस्त को भी बारिश जारी रहने की संभावना है।</li>
 	<li>कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन जैसे जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।</li>
</ul>
<strong>भूस्खलन और बाढ़ का असर</strong>
<ul>
 	<li>पार्वती घाटी में कई <strong>अस्थायी पुल</strong> बह गए हैं।</li>
 	<li>कुछ जगहों पर सड़क का हिस्सा टूटकर बह गया है।</li>
 	<li>पार्वती नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है।</li>
 	<li>बिजली की <strong>314 </strong><strong>ट्रांसफॉर्मर यूनिट्स</strong> और <strong>221 </strong><strong>पानी की योजनाएं</strong> प्रभावित हुई हैं।</li>
 	<li>अब तक हिमाचल में मॉनसून से जुड़े हादसों में <strong>176 </strong><strong>लोगों की मौत हो चुकी है</strong> (सिर्फ कुल्लू में 18 मौतें)।</li>
</ul>
<strong>प्रशासन की अपील</strong>

जिला आपदा प्रबंधन (DDMA) ने लोगों से अपील की है कि:
<ul>
 	<li><strong>नदी-नालों से दूर रहें।</strong></li>
 	<li><strong>अनावश्यक यात्रा न करें।</strong></li>
 	<li>प्रशासन की सलाह को गंभीरता से लें।</li>
</ul>
<strong>NDRF, SDRF, </strong><strong>पुलिस और होम गार्ड की टीमें</strong> लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। स्थानीय लोग भी मदद कर रहे हैं और गांवों में खाने-पीने की चीजें पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

<strong>संक्षेप में:</strong>
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। मलाणा घाटी में डैम टूटने, पुल बहने और वाहनों के बह जाने से दहशत फैल गई है। कई हाईवे और सड़कें बंद हैं। प्रशासन राहत कार्य कर रहा है, लेकिन अगले कुछ दिनों तक खतरा टला नहीं है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[हिमाचल प्रदेश एक बार फिर भारी बारिश की मार झेल रहा है। शुक्रवार को कुल्लू जिले की <strong>मलाणा घाटी</strong> में मूसलधार बारिश के बाद <strong>फ्लैश फ्लड</strong> (अचानक आई बाढ़) से हालात बिगड़ गए। बारिश इतनी तेज़ हुई कि <strong>मलाणा-1 </strong><strong>हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट</strong> का <strong>कॉफर डैम</strong> आंशिक रूप से टूट गया। डैम टूटते ही तेज़ बहाव में एक <strong>हाइड्रा मशीन, </strong><strong>डंपर, </strong><strong>रॉक ब्रेकर, </strong><strong>कैंपर और कार</strong> बह गईं। राहत की बात ये है कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।

<strong>मलाणा घाटी का संपर्क टूटा</strong>

तेज़ बारिश और फ्लैश फ्लड से <strong>मलाणा गांव</strong> का मुख्य रास्ता टूट गया। गांव को जोड़ने वाला लकड़ी का पैदल पुल बह गया, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही रुक गई है। लोग प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि जल्द से जल्द वैकल्पिक पुल या अस्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि गांव का संपर्क फिर से बहाल हो सके।

<strong>हाईवे और सड़कें भी बंद</strong>
<ul>
 	<li><strong>चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे</strong> पर मंडी के पास पंडोह डैम से आगे और बगलामुखी रोपवे के पास भूस्खलन (landslide) हुआ। पहाड़ों से बड़ी चट्टानें और मलबा गिरने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई।</li>
 	<li><strong>मनाली-लेह हाईवे</strong> और <strong>चंबा-मनाली मार्ग</strong> के कई हिस्सों पर भी भूस्खलन और पानी का असर दिखा, जिससे ट्रैफिक रोकना पड़ा।</li>
 	<li>प्रशासन और <strong>NHAI </strong><strong>की टीमें</strong> मौके पर पहुंच चुकी हैं और मलबा हटाने का काम जारी है। लेकिन फिलहाल, इन रास्तों पर <strong>ट्रैफिक रोक दिया गया है।</strong></li>
</ul>
<strong>मौसम विभाग का अलर्ट</strong>
<ul>
 	<li>हिमाचल मौसम विभाग ने <strong>2 </strong><strong>से 5 </strong><strong>अगस्त तक येलो अलर्ट</strong> जारी किया है।</li>
 	<li>6–7 अगस्त को भी बारिश जारी रहने की संभावना है।</li>
 	<li>कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन जैसे जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।</li>
</ul>
<strong>भूस्खलन और बाढ़ का असर</strong>
<ul>
 	<li>पार्वती घाटी में कई <strong>अस्थायी पुल</strong> बह गए हैं।</li>
 	<li>कुछ जगहों पर सड़क का हिस्सा टूटकर बह गया है।</li>
 	<li>पार्वती नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है।</li>
 	<li>बिजली की <strong>314 </strong><strong>ट्रांसफॉर्मर यूनिट्स</strong> और <strong>221 </strong><strong>पानी की योजनाएं</strong> प्रभावित हुई हैं।</li>
 	<li>अब तक हिमाचल में मॉनसून से जुड़े हादसों में <strong>176 </strong><strong>लोगों की मौत हो चुकी है</strong> (सिर्फ कुल्लू में 18 मौतें)।</li>
</ul>
<strong>प्रशासन की अपील</strong>

जिला आपदा प्रबंधन (DDMA) ने लोगों से अपील की है कि:
<ul>
 	<li><strong>नदी-नालों से दूर रहें।</strong></li>
 	<li><strong>अनावश्यक यात्रा न करें।</strong></li>
 	<li>प्रशासन की सलाह को गंभीरता से लें।</li>
</ul>
<strong>NDRF, SDRF, </strong><strong>पुलिस और होम गार्ड की टीमें</strong> लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। स्थानीय लोग भी मदद कर रहे हैं और गांवों में खाने-पीने की चीजें पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

<strong>संक्षेप में:</strong>
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। मलाणा घाटी में डैम टूटने, पुल बहने और वाहनों के बह जाने से दहशत फैल गई है। कई हाईवे और सड़कें बंद हैं। प्रशासन राहत कार्य कर रहा है, लेकिन अगले कुछ दिनों तक खतरा टला नहीं है।]]></content:encoded>
					
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	</item>
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		<title>Himachal में Cloudburst से भारी Destruction: Mandi, Kullu, and Kangra में 8 Dead, 30 से ज्यादा लोग Missing</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Editor News]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 01 Jul 2025 05:51:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हिमाचल]]></category>
		<category><![CDATA[Cloudburst]]></category>
		<category><![CDATA[DisasterRelief]]></category>
		<category><![CDATA[HeavyRainHimachal]]></category>
		<category><![CDATA[Himachalnews]]></category>
		<category><![CDATA[HimachalRain]]></category>
		<category><![CDATA[KangraAlert]]></category>
		<category><![CDATA[KulluDisaster]]></category>
		<category><![CDATA[MandiFlood]]></category>
		<category><![CDATA[NaturalDisaster]]></category>
		<category><![CDATA[StaySafe]]></category>
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					<description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत के साथ ही कहर बरप गया है। मंडी, कुल्लू और कांगड़ा जिलों में हाल ही में बादल फटने की घटनाओं ने तबाही मचा दी है। तेज बारिश, लैंडस्लाइड और अचानक आई बाढ़ ने कई लोगों की जान ले ली और दर्जनों लोग अभी भी लापता हैं।

<strong>मंडी में बादल फटा</strong><strong>, </strong><strong>एक की मौत</strong>

मंडी जिले के करसोग और जंजैहली इलाके में बादल फटने से भारी तबाही हुई। सरपारा पंचायत में रात के समय बारिश इतनी तेज हुई कि मलबा कई घरों में घुस गया।
इस हादसे में <strong>एक व्यक्ति की मौत हो गई</strong>, जबकि कई लोगों के लापता होने की खबर है।

<strong>कीरतपुर-मनाली फोरलेन</strong> को भी नुकसान पहुंचा है जिससे ट्रैफिक पूरी तरह से बंद हो गया है। लोगों को आने-जाने में बहुत परेशानी हो रही है। कई गांवों का संपर्क भी शहर से टूट गया है।

<strong>कुल्लू में सबसे ज्यादा नुकसान</strong>

कुल्लू जिले की <strong>सैंज घाटी</strong>, <strong>रेहला बिहाल</strong> और <strong>गड़सा</strong> इलाके में <strong>24 </strong><strong>और </strong><strong>25 </strong><strong>जून को बादल फटा</strong>।
<ul>
 	<li>अब तक <strong>5 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है।</li>
 	<li><strong>कई घर और एक स्कूल पूरी तरह से तबाह हो गए</strong>।</li>
 	<li><strong>तीन लोग बहकर लापता</strong> हो गए, जिनकी तलाश जारी है।</li>
 	<li>तेज बहाव की वजह से <strong>सड़कें टूट गईं</strong>, और बिजली-पानी की सप्लाई बंद हो गई है।</li>
</ul>
NDRF और राज्य आपदा राहत दल लगातार राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं।

<strong>कांगड़ा में भी आफत</strong>

कांगड़ा जिले में भी तेज बारिश और बादल फटने की वजह से हालात बिगड़ गए हैं।
यहां <strong>2 </strong><strong>लोगों की जान गई</strong> और <strong>23 </strong><strong>से ज्यादा लोग लापता</strong> बताए जा रहे हैं।
घरों में पानी और मलबा भर गया है, जिससे लोग बेघर हो गए हैं।

<strong>मौसम विभाग का अलर्ट</strong>

मौसम विभाग (IMD) ने <strong>28 </strong><strong>जून तक रेड और ऑरेंज अलर्ट</strong> जारी किया था। ब्यास और सतलुज जैसी नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

लोगों को सलाह दी गई है कि वे पहाड़ी या नदी किनारे वाले इलाकों में जाने से बचें और अलर्ट पर रहें।

<strong>प्रशासन की तैयारियाँ</strong>
<ul>
 	<li><strong>राहत शिविर</strong> बनाए जा रहे हैं जहां लोगों को खाना, पानी और दवाइयाँ दी जा रही हैं।</li>
 	<li><strong>NDRF </strong><strong>और पुलिस</strong> की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।</li>
 	<li>जिन इलाकों में रास्ते बंद हैं, वहां <strong>हेलीकॉप्टर से जरूरी सामान भेजा जा रहा है</strong>।</li>
</ul>
<strong>वीडियो और तस्वीरों में तबाही</strong>

सोशल मीडिया पर आई तस्वीरों और वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे पानी का तेज बहाव घरों को बहा ले गया। कारें पलट गईं, सड़कें टूट गईं और पेड़ जड़ से उखड़ गए।

हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत ने लोगों को बड़ी मुसीबत में डाल दिया है। जान-माल का नुकसान लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशासन अलर्ट पर है लेकिन मौसम की मार से बचने के लिए <strong>लोगों को खुद भी सतर्क रहना जरूरी है</strong>।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत के साथ ही कहर बरप गया है। मंडी, कुल्लू और कांगड़ा जिलों में हाल ही में बादल फटने की घटनाओं ने तबाही मचा दी है। तेज बारिश, लैंडस्लाइड और अचानक आई बाढ़ ने कई लोगों की जान ले ली और दर्जनों लोग अभी भी लापता हैं।

<strong>मंडी में बादल फटा</strong><strong>, </strong><strong>एक की मौत</strong>

मंडी जिले के करसोग और जंजैहली इलाके में बादल फटने से भारी तबाही हुई। सरपारा पंचायत में रात के समय बारिश इतनी तेज हुई कि मलबा कई घरों में घुस गया।
इस हादसे में <strong>एक व्यक्ति की मौत हो गई</strong>, जबकि कई लोगों के लापता होने की खबर है।

<strong>कीरतपुर-मनाली फोरलेन</strong> को भी नुकसान पहुंचा है जिससे ट्रैफिक पूरी तरह से बंद हो गया है। लोगों को आने-जाने में बहुत परेशानी हो रही है। कई गांवों का संपर्क भी शहर से टूट गया है।

<strong>कुल्लू में सबसे ज्यादा नुकसान</strong>

कुल्लू जिले की <strong>सैंज घाटी</strong>, <strong>रेहला बिहाल</strong> और <strong>गड़सा</strong> इलाके में <strong>24 </strong><strong>और </strong><strong>25 </strong><strong>जून को बादल फटा</strong>।
<ul>
 	<li>अब तक <strong>5 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो चुकी है।</li>
 	<li><strong>कई घर और एक स्कूल पूरी तरह से तबाह हो गए</strong>।</li>
 	<li><strong>तीन लोग बहकर लापता</strong> हो गए, जिनकी तलाश जारी है।</li>
 	<li>तेज बहाव की वजह से <strong>सड़कें टूट गईं</strong>, और बिजली-पानी की सप्लाई बंद हो गई है।</li>
</ul>
NDRF और राज्य आपदा राहत दल लगातार राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं।

<strong>कांगड़ा में भी आफत</strong>

कांगड़ा जिले में भी तेज बारिश और बादल फटने की वजह से हालात बिगड़ गए हैं।
यहां <strong>2 </strong><strong>लोगों की जान गई</strong> और <strong>23 </strong><strong>से ज्यादा लोग लापता</strong> बताए जा रहे हैं।
घरों में पानी और मलबा भर गया है, जिससे लोग बेघर हो गए हैं।

<strong>मौसम विभाग का अलर्ट</strong>

मौसम विभाग (IMD) ने <strong>28 </strong><strong>जून तक रेड और ऑरेंज अलर्ट</strong> जारी किया था। ब्यास और सतलुज जैसी नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

लोगों को सलाह दी गई है कि वे पहाड़ी या नदी किनारे वाले इलाकों में जाने से बचें और अलर्ट पर रहें।

<strong>प्रशासन की तैयारियाँ</strong>
<ul>
 	<li><strong>राहत शिविर</strong> बनाए जा रहे हैं जहां लोगों को खाना, पानी और दवाइयाँ दी जा रही हैं।</li>
 	<li><strong>NDRF </strong><strong>और पुलिस</strong> की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।</li>
 	<li>जिन इलाकों में रास्ते बंद हैं, वहां <strong>हेलीकॉप्टर से जरूरी सामान भेजा जा रहा है</strong>।</li>
</ul>
<strong>वीडियो और तस्वीरों में तबाही</strong>

सोशल मीडिया पर आई तस्वीरों और वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे पानी का तेज बहाव घरों को बहा ले गया। कारें पलट गईं, सड़कें टूट गईं और पेड़ जड़ से उखड़ गए।

हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत ने लोगों को बड़ी मुसीबत में डाल दिया है। जान-माल का नुकसान लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशासन अलर्ट पर है लेकिन मौसम की मार से बचने के लिए <strong>लोगों को खुद भी सतर्क रहना जरूरी है</strong>।]]></content:encoded>
					
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