हरियाणा। Haryana में नए मेयरों के पद संभालने से पहले विधानसभा की एक कमेटी ने एक अहम खुलासा किया है। दरअसल, 10 नगर निगमों और 62 निकायों में करीब 1400 करोड़ रुपये के टेंपरेरी एडवांस में गड़बड़ी का मामला सामने आया है।
विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण लाल मिड्ढा की अध्यक्षता में बनी कमेटी के अनुसार, प्रदेश के 10 नगर निगमों में 1,395.98 करोड़ रुपये का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि इसमें कोई बड़ी गड़बड़ी हो सकती है। कमेटी की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस मामले में सबसे ज्यादा गड़बड़ी गुरुग्राम और फरीदाबाद में देखने को मिली है।
इस मामले की जांच के लिए नगर निगमों से जुड़े जिला नगर आयुक्तों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्हें टेंपरेरी एडवांस के एडजस्टमेंट के संबंध में कार्रवाई करने को कहा गया है। कमेटी ने यह भी बताया कि बड़ी संख्या में ऑडिट ऑब्जेक्शन पेंडिंग हैं, लेकिन अधिकारियों द्वारा उन्हें निपटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
प्रदेश के 62 निकायों में मिली गड़बड़ी
जानकारी के मुताबिक, टेंपरेरी एडवांस की राशि में गड़बड़ी का मामले प्रदेश के 10 नगर निगमों के अलावा 18 नगर परिषद और 34 नगर समितियां भी शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले गुरुग्राम और फरीदाबाद नगर निगम में हुए हैं। इनमें हिसार, सोनीपत, पंचकूला, पानीपत, यमुनानगर, रोहतक, करनाल और अंबाला नगर निगम शामिल हैं।
विधानसभा कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक, फरीदाबाद नगर निगम 781.75 करोड़ रुपये और गुरुग्राम नगर निगम में 403.86 करोड़ रुपये का बकाया है। इस मामले को लेकर विस्तृत जांच करवाने की मांग की जा रही है। फिलहाल कमेटी ऑडिट रिपोर्ट पर चर्चा कर रही है।