आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष Pratap Singh Bajwa द्वारा कैबिनेट मंत्री Harbhajan Singh ETO के खिलाफ की गई कथित जातिवादी और अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में पूरे राज्य में व्यापक प्रदर्शन किए।
पार्टी का कहना है कि यह टिप्पणी केवल एक मंत्री का नहीं, बल्कि पूरे दलित समुदाय, मेहनतकश मजदूरों और इज्जत से अपनी रोजी-रोटी कमाने वाले कलाकारों का अपमान है।
पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन
राज्यभर में हुए प्रदर्शनों में ‘आप’ के मंत्रियों, विधायकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक माफी की मांग की और चेतावनी दी कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
मलेरकोटला और रूपनगर (रोपड़) सहित कई जिलों में बड़े स्तर पर प्रदर्शन आयोजित किए गए। इसके अलावा होशियारपुर, कपूरथला, एस.बी.एस. नगर, अमृतसर, पठानकोट, तरनतारन, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना, मोगा, पटियाला, संगरूर, बठिंडा, फाजिल्का, फिरोजपुर, मानसा, श्री मुक्तसर साहिब, बरनाला और एस.ए.एस. नगर समेत अन्य जिलों में भी रोष प्रदर्शन हुए।
कांग्रेस की मानसिकता पर सवाल
आप पंजाब के मीडिया प्रभारी Baltej Pannu ने आरोप लगाया कि इस बयान से कांग्रेस की दलित विरोधी मानसिकता उजागर हुई है।
उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य में किसी को भी दलितों या श्रमिक वर्ग का अपमान करने की अनुमति नहीं देगी। पन्नू ने कांग्रेस नेतृत्व से स्पष्ट करने की मांग की कि क्या यह बयान पार्टी की आधिकारिक सोच को दर्शाता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता इस टिप्पणी की सार्वजनिक निंदा करेंगे या फिर चुप्पी साधे रहेंगे।
मेहनतकश कलाकारों के सम्मान की बात
पन्नू ने कहा कि यह टिप्पणी बैंड-बाजा कलाकारों, दिहाड़ी मजदूरों और अन्य मेहनतकश लोगों का भी अपमान है, जो सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब समानता की धरती है, जो गुरु साहिबान की शिक्षाओं और B. R. Ambedkar की विचारधारा से प्रेरित है। राज्य के लोग किसी भी समुदाय के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
माफी तक जारी रहेगा संघर्ष
आप नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि जब तक बाजवा और कांग्रेस नेतृत्व बिना शर्त माफी नहीं मांगते, तब तक पार्टी का विरोध जारी रहेगा।
पार्टी का कहना है कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान और बराबरी से जुड़ा हुआ है।
Top Tags