मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने योजनाबद्ध और टिकाऊ विकास के लिए ‘रणजीतगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी बिल, 2026’ को दी हरी झंडी – Trends Topic

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने योजनाबद्ध और टिकाऊ विकास के लिए ‘रणजीतगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी बिल, 2026’ को दी हरी झंडी

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने आज ‘रणजीतगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी (आर.डी.ए.) बिल, 2026’ को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया। इस संबंधी जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि ‘रणजीतगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी बिल, 2026’ रणजीत सागर बांध और शाहपुर कंडी बांध क्षेत्रों के योजनाबद्ध और टिकाऊ विकास के लिए ‘रणजीतगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी’ (आर.डी.ए.) की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करेगा।

 

आर.डी.ए. की स्थापना पर्यटन और सांस्कृतिक मामले विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन एक वैधानिक संस्था के रूप में की जाएगी। इसे एकीकृत विकास, भूमि प्रबंधन, परियोजनाओं को लागू करने और पर्यटन स्थलों के उचित प्रबंधन के लिए आवश्यक प्रशासनिक, वित्तीय और नियामक शक्तियां दी जाएंगी। इस अथॉरिटी के चेयरमैन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान होंगे, जबकि पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले मंत्री इसके वाइस-चेयरमैन होंगे। मुख्य सचिव के नेतृत्व वाली एक कार्यकारी समिति इसके दैनिक कामकाज और अंतर-विभागीय समन्वय की निगरानी करेगी।

 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पंजाब के कार्यालय में स्टाफ की भर्ती को हरी झंडी

मंत्रिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सी.ई.ओ.), पंजाब के कार्यालय में ड्राइवरों के नए पद सृजित करने को भी मंजूरी दे दी है। ये पद 19 स्थायी पदों में से सेवादारों के पदों तथा मुहर्रिर के एक स्थायी पद को सरेंडर करके बनाए गए हैं। इस कदम का उद्देश्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पंजाब के कार्यालय के कामकाज को और अधिक सुचारू बनाना है।

 

पंजाब नर्सिंग एजुकेशन सर्विस रूल्स (ग्रुप बी), 2016 में संशोधन को हरी झंडी

मंत्रिमंडल ने चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अधीन सरकारी नर्सिंग कॉलेज, पटियाला और अमृतसर में ट्यूटर के पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरने के लिए ‘पंजाब नर्सिंग एजुकेशन सर्विस रूल्स (ग्रुप बी), 2016’ के परिशिष्ट-बी में संशोधन को भी मंजूरी दे दी है।

ये पद निदेशक, अनुसंधान एवं चिकित्सा शिक्षा, पंजाब के नियंत्रण के अधीन नियमित आधार पर कार्यरत ऐसी स्टाफ नर्सों और नर्सिंग सिस्टर्स में से भरे जाएंगे, जिन्होंने संबंधित क्षेत्र में एम.एससी. (नर्सिंग) की हो। नर्सिंग शिक्षा में एक वर्ष का शिक्षण अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।

 

पिक्ट्स में गैर-शिक्षण स्टाफ की सेवाएं नियमित करने को मंजूरी

मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एजुकेशन सोसाइटी’ (पिक्ट्स) के अधीन कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत गैर-शिक्षण स्टाफ की सेवाओं को नियमित करने के लिए भी अपनी सहमति दे दी है। नियमित किए जाने वाले कर्मचारियों को पिक्ट्स के अधीन निर्धारित वेतनमान में सेवाएं नियमित करने का लाभ दिया जाएगा।

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